मुख्य सुर्खियां
जीवन के संध्याकाल में माँ-बाप का उत्पीड़न होने देना क्रूरता है; बॉम्बे हाईकोर्ट ने बहू को घर छोड़ने को कहा [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक वरिष्ठ दंपति के पक्ष में फैसला दिया जो अपने बेटे और उसकी पत्नी के साथ खार, मुंबई के एक फ्लैट में रह रहे हैं।न्यायमूर्ति शलिनी फनसालकर जोशी ने वरिष्ठ दंपति की बहू सिमरन को उस फ्लैट से निकल जाने का आदेश दिया। जज ने कहा की उम्र के संध्याकाल में वह बूढ़े दंपति के उत्पीड़न की इजाजत नहीं दे सकतीं और बहू को आदेश दिया की वह अपने लिए कोई वैकल्पिक आवास ढूंढ ले।पृष्ठभूमिइससे पहले निचली अदालत ने उनके बेटे को 19 जुलाई 2018 को इस फ्लैट को छह माह के भीतर खाली करने का आदेश दिया था...
आरोपी के अधिकार आज भी पीड़ित के अधिकारों से ज्यादा वजनदार हैं; दोनों के बीच संतुलन की जरूरत ताकि सुनवाई दोनों के लिए न्यायपूर्ण हो : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
यह कहते हुए कि ‘पीड़ित’ बिना अनुमति लिए अपील कर सकता है, सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ितों के अधिकारों के बारे में बहुत ही महत्त्वपूर्ण बातें कही हैं।न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर ने अपने फैसले में कहा कि आज भी कई अर्थों में आरोपी के अधिकार पीड़ित के अधिकार से कहीं ज्यादा वजनदार हैं और उनके अधिकारों को संतुलित करने की जरूरत है ताकि आपराधिक सुनवाई दोनों के लिए न्यायोचित हो।न्यायाधीश ने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि हम आरोपी को सजा सुनाते हुए गंभीरता से पीड़ितों की बात सुनना शुरू करें। उन्होने कहा कि पीड़ित पर पड़ने...
अपनी पत्नी के प्रेमी की हत्या करनेवाले व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सही : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक व्यक्ति को निचली अदालत से मिली आजीवन कारावास की सजा को सही ठहराया जिसने अपनी पत्नी के प्रेमी की हत्या कर दी थी। हाईकोर्ट ने कहा की अभियोजन पक्ष हत्या के पीछे इरादे के होने को साबित कर पाया। कोर्ट ने इस बारे में उन दो लोगों की गवाही को उद्धृत किया जिन्होंने कहा कि मृतक ने उन्हें कहा था कि आरोपी की पत्नी के साथ उसके अवैध संबंध हैं।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आईएस मेहता की पीठ ने कहा, “वीरेंदर (आरोपी) ने अपनी पत्नी को मृतक के साथ समर्पण की स्थिति में...
न्यायिक सेवा में नियुक्ति नहीं देने के लिए नैतिक भ्रष्टता की यांत्रिक या शब्दाडंबरपूर्ण दुहाई नहीं दी जा सकती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि वह न्यायिक सेवा में जाने की ख़्वाहिश रखने वाले उस सफल उम्मीदवार को नियुक्ति देने पर एक बार फिर विचार करे जिसे ‘नैतिक भ्रष्टता” के आधार पर नियुक्ति नहीं दी गई है।न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ,न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने कहा कि नैतिक भ्रष्टता की दुहाई देकर किसी को नियुक्ति के लिए चुनकर उसे नियुक्ति देने से इनकार नहीं किया जा सकता।मोहम्मद इमरान को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने 14 अक्तूबर 2009 को नियुक्ति के लिए चुना...
जब मामले की सुनवाई स्थगित हो, तो पक्षकारों को अदालत में मौजूद होने की जरूरत नहीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि जब निचली अदालत की सुनवाई स्थगित है, तो जब तक यह स्थगन समाप्त नहीं हो जाता तब तक पक्षकारों के अदालत में मौजूद होने की जरूरत नहीं है।पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर भी शामिल हैं, ने कहा कि ट्रांसफर के एक मामले में एक वकील ने उससे कहा कि अदालत द्वारा स्थगन का आदेश देने के बावजूद पंजाब की निचली अदालत पक्षकारों के अदालत में मौजूद रहने पर ज़ोर डालती है।“हमें यह समझ नहीं आता कि अगर वकील ने जो कहा है वह सही है, तो इस तरह की...
मोटर वाहन अधिनियम मुआवजा : कर्मचारी परिवार लाभ योजना के तहत मिली राशि को आय में हुई क्षति की राशि से घटाया नहीं जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कर्मचारी परिवार लाभ (ईएफबी) योजना के तहत दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिवार को जो राशि मिलती है उसे मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजे की राशि से घटाया नहीं जा सकता।न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर,न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने सेबेस्टियानी बनाम नेशनल इंश्योरेंश कंपनी लिमिटेडमामले में बीमा कंपनी की इस दलील पर गौर कर रहा था की चूंकि दावेदार को ईएफबी योजना के तहत 50,082 की राशि मिल रही है, उस राशि को अदालत द्वारा निर्धारित की जाने वाली मुआवजे की...
हरियाणा में परिवार के सात सदस्यों की हत्या की सजायाफ्ता महिला की मौत की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई, 16 अक्तूबर को होनी थी फांसी
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा में 2009 में अपने ही परिवार के सात सदस्यों की हत्या में सजायाफ्ता महिला सोनम को 16 अक्तूबर को दी जाने वाली मौत की सजा पर रोक लगा दी। सात सदस्यों में चार बच्चे भी शामिल थे।इससे पहले महिला के प्रेमी नवीन कुमार की मौत की सजा पर भी सुप्रीम कोर्ट रोक लगा चुका है।मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस नवीन सिन्हा की पीठ ने इस अपील को भी नवीन की याचिका के साथ टैग कर दिया है।इस वर्ष जून में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 27 वर्षीय महिला और उसके 28 वर्षीय...
आरोपी को बरी किए जाने के खिलाफ पीड़ित बिना अनुमति लिए अपील दाखिल कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि किसी आरोपी को बरी किए जाने की स्थिति में पीड़ित को उसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील के लिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर ने बहुमत के इस फैसले में कहा, “कानून की सरल भाषा और कई हाईकोर्टों की इस बारे में व्याख्या और फिर संयुक्त राष्ट्र की महासभा के प्रस्ताव द्वारा दिये गए फैसले के आधार पर यह काफी स्पष्ट है कि सीआरपीसी की धारा 2 में जिसे पीड़ित कहा गया है, उसे उस कोर्ट में अपील का अधिकार होगा जिस कोर्ट में साधारणतया सजा के खिलाफ...
बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने पत्रकार को अवमानना का दोषी पाया, तीन महीने के लिए जेल भेजा [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने एक पत्रकार केतन तिरोदकर को तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। तिरोदकर पर दो हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है क्योंकि कोर्ट ने उन्हें आपराधिक अवमानना का दोषी पाया है।न्यायमूर्ति एएस ओका, न्यायमूर्ति एससी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति आरएम सावंत की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने तिरोदकर के फेसबुक पोस्ट पर स्वतः संज्ञान लिया था जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट के वर्तमान और पूर्व जजों पर घूस लेकर फैसले देने का आरोप लगाया था।कोर्ट ने तिरोदकर के आरोपों के...
तीन साल की लड़की से बलात्कार का मामला : पटना हाईकोर्ट ने आरोपी की कम उम्र और आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं होने के कारण उसकी मौत की सजा को बदल दिया [निर्णय पढ़ें]
पटना हाईकोर्ट ने तीन साल की एक लड़की के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के आरोपी की मौत की सजा को बदल दिया है। कोर्ट ने ऐसा आरोपी के कम उम्र और किसी तरह का आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं होने के कारण किया है।निचली अदालत ने रोहण बिन्द नामक इस व्यक्ति को एक लड़की के साथ बलात्कार और उसकी हत्या का दोषी माना। अभियोजन ने कहा कि वह बच्चे को बिस्कुट का लालच देकर अपने साथ ले गया और गाँव के बाहर खेत में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर दी। उसकी नग्न लाश एक गड्ढे में मिली थी।न्यायमूर्ति राकेश कुमार...
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय : प्रतिभाशाली दिव्यांग छात्र को गैर कानूनी तरीके से एमबीबीएस में प्रवेश नहीं लेने दिया,उसे अगले वर्ष प्रवेश दिया जाए [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्देश दिया कि जिस अशक्त छात्र को मेधावी होने के बावजूद इस वर्ष एमबीबीएस में प्रवेश देने से मना कर दिया गया उसे अगले साल किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिया जाए। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ ने निर्देश दिया कि इस वर्ष विकलांग छात्रों के लिए आरक्षित सीट को सामान्य श्रेणी को दे दिया गया इसलिए इस श्रेणी के सीटों की संख्या वर्ष 2019-2010 के अकादमिक वर्ष में कम कर दी जाए।शारीरिक रूप से अशक्त बहुत सारे लोगों को इस वर्ष एमबीबीएस कोर्स में...
सीआरपीसी की धारा 161 के तहत घायल व्यक्ति के बयान को उसकी मौत के बाद मृत्युकाल का बयान माना जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने बुधवार को कहा कि अगर कोई घायल व्यक्ति सीआरपीसी की धारा 161 के तहत कोई बयान देता है तो उसके मरने के बाद इस बयान को मरने के समय दिया गया उसका बयान माना जा सकता है और साक्ष्य अधिनियम की धारा 32 के तहत इसे साक्ष्य माना जा सकता है।न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने उड़ीसा हाईकोर्ट के 25 जनवरी 2017 के फैसले के खिलाफ अपील की सुनवाई कर रहे थे। इस मामले में आईपीसी की धारा 304 के तहत पाँच साल के सश्रम कारावास की सजा निचली अदालत ने सुनाई थी जिसके...
नकली नोट या नकली मुद्रा का उपयोग भर करना कोई अपराध नहीं है : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महिला के खिलाफ सुनाए गई सजा को निरस्त कर दिया है जिसके पास से कुछ नकली मुद्रा बरामद की गई थी और नोटबंदी के दौरान वह इसे बैंक में जमा कराने लाई थी।न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और भारती एच डांगरे की पीठ ने कहा की नकली मुद्रा या बैंक नोट का उपयोग-मात्र अपराध नहीं है और इसके लिए उसे धारा 489B के तहत सजा नहीं दी जा सकती क्योंकि इसमें अपराध करने की मंशा नहीं होती।यह महिला जो नोट जमा कराने आई थी उसमें हजार रुपए के तीन नोट और 500 के दो नोट, कुल 4000 रुपए नकली थे और बैंक ने इस महिला...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी और बेटी की हत्या करनेवाले व्यक्ति की मौत की सजा को जायज ठहराया [आर्डर पढ़े]
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति की मौत की सजा को सही ठहराया है। इस व्यक्ति को अपनी पत्नी और 12 वर्षीय बेटी की हत्या का दोषी पाया गया है।सोवरन सिंह नामक इस व्यक्ति को निचली अदालत ने पत्नी ममता और नाबालिग बेटी सपना की हत्या का दोषी माना। उसकी दूसरी बेटी इस हत्या की प्रत्यक्ष गवाह थी।इस मामले में अभियोजन ने कहा था की इस घटना के समय सिंह शराब के नशे में था और शराब के लिए पैसे नहीं देने पर उसने पत्नी की हत्या कर दी।उसकी सजा को सही बताते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और ओम प्रकाश की पीठ ने कहा कि...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने की कानून के छात्र की मदद, सीईटी से 22 वर्षीय छात्र को एलएलबी कोर्स में प्रवेश देने को कहा [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने उच्चतर शिक्षा निदेशक, आम प्रवेश परीक्षा (सीईटी), महाराष्ट्र को निर्देश दिया है कि वह 22 वर्षीय उस छात्र को एलएलबी के तीन वर्षीय पाठ्यक्रम में प्रवेश दे जिसे पहले इससे मना कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि प्रवेश नहीं देने का कोई ‘तर्कसंगत औचित्य’ नहीं था।न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और भारती डांगरे की पीठ ने 22 विवेक वेदक नामक छत्र को यह राहत दिलाई। वेदक को एलएलबी में अस्थाई प्रवेश की अनुमति दी गई थी पर उसके स्नातक के अंतिम वर्ष के परिणाम के आधार पर प्रवेश देने से मना कर दिया...
हाईकोर्ट ऑर्डर शीट में कही गई बातों का उल्लंघन नहीं हो सकता; सुप्रीम कोर्ट ने कहा – मुकदमादार एक ही मुकदमे में परस्पर विरोधी रुख अख़्तियार नहीं कर सकता [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के एक आदेश को खारिज करते हुए कहा कि हाईकोर्ट में क्या हुआ इस बारे में अदालत के ऑर्डर शीट में जो बातें कही गई होती हैं वे पवित्र होती हैं और उसका उल्लंघन नहीं हो सकता।सुज़ुकी परसरामपुरिया सूटिंग्स प्राइवेट लिमिटेड ने कंपनी जज के समक्ष एक आवेदन देकर एमपीएल के सुरक्षित ऋणदाता के रूप में आईएफसीआई के बदले किसी और को नियुक्त करने की मांग की। पर कंपनी जज ने यह कहते हुए यह आवेदन अस्वीकार कर दिया कि कंपनी न तो बैंक है, न बैंकिंग कंपनी, न कोई वित्तीय कंपनी या फिर...
गलत और भरमाने वाली स्थिति रिपोर्ट पेश करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया [आर्डर पढ़े]
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया जिसने कोर्ट में गलत और भरमाने वाली स्थिति रिपोर्ट पेश की। यह निर्देश न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने जारी किया और कहा कि यह मामला 9 अक्तूबर को खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए अधिसूचित किया जाए। इस बारे में याचिका माला ने दायर किया था जिसने फेसबुक पर अपने और अपने समुदाय के खिलाफ लिखे गए अपमानजनक टिप्पणियों को हटाने की मांग की थी। इस मामले पर इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा, एसएचओ, मयूर विहार थाना, ने कोर्ट...
शराब का व्यवसाय जारी रखना मौलिक अधिकार नहीं, लेकिन राज्य योग्य शराब आपूर्तिकर्ताओं में भेद न करे : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि नागरिकों का शराब का कारोबार या व्यापार जारी रखना कोई मौलिक अधिकार नहीं है क्योंकि शराब के कारोबार को निजी अधिकार नहीं माना जा सकता।हालांकि, न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल ने कहा कि अगर राज्य शराब के व्यापार और कारोबार की अनुमति देता है, तो वह इस व्यवसाय में लगे योग्य आपूर्तिकर्ताओं में भेदभाव नहीं कर सकता।विदेशी शराब के दो उत्पादक/विक्रेता ने हाईकोर्ट में राज्य की शराब खरीद नीति का विरोध किया यह कहते हुए कि यह नीति मनमानी, अपारदर्शी और अधिकारियों को बेलगाम...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, माँ-बाप कानूनी वारिस को पैतृक संपत्ति से बेदखल करने का अनुरोध कर सकते हैं; गाली गलौज करने वाले बच्चों को बेदखल करने के लिए गुजारे भत्ते का दावा जरूरी नहीं [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष परेशान करने वाले कानूनी वारिसों को संपत्ति से बेदखल करने संबंधी कुछ याचिकाओं पर सुनवाई करणे वाली पीठ के समक्ष दो प्रश्न थे।पहला यह कि क्या कानून के तहत गाली गलौज करने वाले वयस्क बच्चों को बेदखल करने का प्रावधान है कि नहीं।दूसरा, 2007 के अधिनियम की धारा 23 के तहत मुआवजा अधिकरण के पास बेदखली के लिए अपील की जा सकती है या नहीं और वह भी गुजारा भत्ते के दावे के बिना। इन प्रश्नों के उत्तर में हाईकोर्ट ने कहा, “धारा 23 के तहत राहत पाने के लिए कोई पूर्व शर्त नहीं है। अगर किसी...
सीधे भर्ती हुए लोगों की वरिष्ठता तय करने में भर्ती होने की तिथि का कोई मतलब नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब न्यायिक अधिकारियों की वरिष्ठता सूची को बदला [निर्णय पढ़ें]
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों की वरिष्ठता सूची को बदल दिया है।यह अपील पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ की गई थी जिसने प्रशासनिक पक्ष में हाईकोर्ट की वरिष्ठता सूची में हस्तक्षेप किया था।इन न्यायिक अधिकारियों की तीन तरह से भर्ती हुई थी - 1) योग्यता-सह-वरिष्ठता आधार पर 50 प्रतिशत प्रोमोशन कोटा के आधार पर 2) 25% की प्रत्यक्ष भर्ती और 3) 25% की प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा में उनकी सफलता के आधार पर भर्ती।वरिष्ठता का निर्धारण 2008 में...

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![आरोपी के अधिकार आज भी पीड़ित के अधिकारों से ज्यादा वजनदार हैं; दोनों के बीच संतुलन की जरूरत ताकि सुनवाई दोनों के लिए न्यायपूर्ण हो : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] आरोपी के अधिकार आज भी पीड़ित के अधिकारों से ज्यादा वजनदार हैं; दोनों के बीच संतुलन की जरूरत ताकि सुनवाई दोनों के लिए न्यायपूर्ण हो : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Madan-B-Lokur-Deepak-Gupta-Abdul-Nazeer.jpg)
![अपनी पत्नी के प्रेमी की हत्या करनेवाले व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सही : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] अपनी पत्नी के प्रेमी की हत्या करनेवाले व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सही : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/05/Delhi-High-Court-2.jpg)
![न्यायिक सेवा में नियुक्ति नहीं देने के लिए नैतिक भ्रष्टता की यांत्रिक या शब्दाडंबरपूर्ण दुहाई नहीं दी जा सकती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] न्यायिक सेवा में नियुक्ति नहीं देने के लिए नैतिक भ्रष्टता की यांत्रिक या शब्दाडंबरपूर्ण दुहाई नहीं दी जा सकती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Supreme-Court-of-India-1.jpg)
![जब मामले की सुनवाई स्थगित हो, तो पक्षकारों को अदालत में मौजूद होने की जरूरत नहीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े] जब मामले की सुनवाई स्थगित हो, तो पक्षकारों को अदालत में मौजूद होने की जरूरत नहीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/KURIAN-JOSEPH-ABDUL-NAZEER.jpg)

![बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने पत्रकार को अवमानना का दोषी पाया, तीन महीने के लिए जेल भेजा [निर्णय पढ़ें] बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने पत्रकार को अवमानना का दोषी पाया, तीन महीने के लिए जेल भेजा [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Ketan-Tirodkar.jpg)
![तीन साल की लड़की से बलात्कार का मामला : पटना हाईकोर्ट ने आरोपी की कम उम्र और आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं होने के कारण उसकी मौत की सजा को बदल दिया [निर्णय पढ़ें] तीन साल की लड़की से बलात्कार का मामला : पटना हाईकोर्ट ने आरोपी की कम उम्र और आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं होने के कारण उसकी मौत की सजा को बदल दिया [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Death-Penalty.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट का निर्णय : प्रतिभाशाली दिव्यांग छात्र को गैर कानूनी तरीके से एमबीबीएस में प्रवेश नहीं लेने दिया,उसे अगले वर्ष प्रवेश दिया जाए [आर्डर पढ़े] सुप्रीम कोर्ट का निर्णय : प्रतिभाशाली दिव्यांग छात्र को गैर कानूनी तरीके से एमबीबीएस में प्रवेश नहीं लेने दिया,उसे अगले वर्ष प्रवेश दिया जाए [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Arun-Mishra-Vineet-saran.jpg)

![नकली नोट या नकली मुद्रा का उपयोग भर करना कोई अपराध नहीं है : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] नकली नोट या नकली मुद्रा का उपयोग भर करना कोई अपराध नहीं है : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/bombay-hc.png)
![इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी और बेटी की हत्या करनेवाले व्यक्ति की मौत की सजा को जायज ठहराया [आर्डर पढ़े] इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी और बेटी की हत्या करनेवाले व्यक्ति की मौत की सजा को जायज ठहराया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Death-Penalty-1.jpg)
![हाईकोर्ट ऑर्डर शीट में कही गई बातों का उल्लंघन नहीं हो सकता; सुप्रीम कोर्ट ने कहा – मुकदमादार एक ही मुकदमे में परस्पर विरोधी रुख अख़्तियार नहीं कर सकता [निर्णय पढ़ें] हाईकोर्ट ऑर्डर शीट में कही गई बातों का उल्लंघन नहीं हो सकता; सुप्रीम कोर्ट ने कहा – मुकदमादार एक ही मुकदमे में परस्पर विरोधी रुख अख़्तियार नहीं कर सकता [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Ranjan-gogoi-Navin-sinha-KM-Joseph-1.jpg)
![गलत और भरमाने वाली स्थिति रिपोर्ट पेश करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया [आर्डर पढ़े] गलत और भरमाने वाली स्थिति रिपोर्ट पेश करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/05/Delhi-High-Court.jpg)
![शराब का व्यवसाय जारी रखना मौलिक अधिकार नहीं, लेकिन राज्य योग्य शराब आपूर्तिकर्ताओं में भेद न करे : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े] शराब का व्यवसाय जारी रखना मौलिक अधिकार नहीं, लेकिन राज्य योग्य शराब आपूर्तिकर्ताओं में भेद न करे : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/07/liquor.jpg)
![दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, माँ-बाप कानूनी वारिस को पैतृक संपत्ति से बेदखल करने का अनुरोध कर सकते हैं; गाली गलौज करने वाले बच्चों को बेदखल करने के लिए गुजारे भत्ते का दावा जरूरी नहीं [निर्णय पढ़ें] दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, माँ-बाप कानूनी वारिस को पैतृक संपत्ति से बेदखल करने का अनुरोध कर सकते हैं; गाली गलौज करने वाले बच्चों को बेदखल करने के लिए गुजारे भत्ते का दावा जरूरी नहीं [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Chief-Justice-Rajendra-Menon-and-Justice-VK-Rao.jpg)