मुख्य सुर्खियां
विशेष अनुमति याचिका पर फैसला होने तक दिल्ली में संशोधित न्यूनतम वेतन लागू होगा; सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित अधिसूचना 3 महीने में तैयार करने को कहा [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी में 37% की वृद्धि को अस्थायी रूप से बहाली का निर्देश दिया जो विशेष अनुमति याचिका पर फैसला होने तक के लिए है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोई बकाया भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी, वर्तमान मजदूरी अधिसूचना के अनुसार दी जाएगी होगी। अदालत ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 की धारा 5 (1) (ए) या 5 (1) (बी) के तहत न्यूनतम वेतन के...
निचली अदालत के फैसले को सही ठहराने वाले फैसले अपीलीय न्यायालय के फैसले के 12 साल के भीतर दायर की गई निष्पादन याचिका सीमाबद्धता से प्रतिबंधित नहीं होगी : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
‘विलय का सिद्धान्त अपीली प्राधिकरण द्वारा फैसले को बदलने, उसको संशोधित करने या फैसले की पुष्टि करने में किसी तरह का भेद नहीं करता”। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निचली अदालत के फैसले की पुष्टि करते हुए उच्च न्यायालय के फैसले के 12 वर्षों के भीतर दायर निष्पादन याचिका किसी सीमा से बंधा नहीं होगा।इस मामले में, मकान मालिक ने एक मुकदमा दायर किया जिसका फैसला किरायेदार के खिलाफ आया। जब 2003 में उच्च न्यायालय के इस फैसले की पुष्टि के बाद मकान मालिक ने 2006 में निष्पादन याचिका दायर की तो किरायेदार ने इस पर...
दूसरी शादी किसी व्यक्ति को बच्चों का संरक्षण प्राप्त करने के अधिकार से वंचित रखने का आधार नहीं हो सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ इसलिए कि किसी व्यक्ति ने दूसरी शादी कर ली है और वह अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहा रहा है, उसे इस आधार पर बच्चों का संरक्षण प्राप्त करने से नहीं रोका जा सकता।न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने एक बच्चे का संरक्षण प्राप्त करने के मामले की सुनवाई करते हुए यह बात कही। यह मामला एक डॉक्टर दंपति का है और दोनों ही सीआरपीएफ में काम करते हैं।पृष्ठभूमि इन दम्पतियों के दो बच्चे हैं और आपसी सहमति से दोनों दिसम्बर 2016 में अलग हो गए। कोर्ट के आदेश के...
अगर एक बच्चा को गोद दे दिया गया है तो भी उड़ीसा ग्राम पंचायत अधिनियम के तहत “दो से ज्यादा बच्चे” का अयोग्यता नियम लागू होगा : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
कुछ मलयालम समाचार पोर्टलों की खबर के बाद यह खबर सोशल मीडिया में वायरल हो गया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन लोगों के दो से अधिक बच्चे हैं वे पंचायत का चुनाव नहीं लड़ सकते। इन खबरों में यह कहा गया था कि यह फैसला केरल पर भी लागू होगा जहां इस तरह का कोई कानून नहीं है। पर क्या कोर्ट ने ऐसा कुछ कहा है जो केरल पर भी लागू होगा? नहीं, ऐसा नहीं है।सुप्रीम क्रोट ने मीनासिंह माझी बनाम कलक्टर, नुआपाड़ा ने उड़ीसा ग्रामपंचायत अधिनियम, 1965 के एक प्रावधान की सिर्फ व्याख्या की है। इसके तहत एक अगर किसी व्यक्ति...
आपराधिक न्यायालय जमानत देते हुए पासपोर्ट जमा कराने की शर्त नहीं रख सकते हैं : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि जमानत देने के दौरान, आपराधिक अदालत आरोपी पर अपना पासपोर्ट जमा कराने के लिए शर्त नहीं थोप सकता। न्यायमूर्ति दया चौधरी ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 104 में अदालत को उसके समक्ष पेश किए गए किसी भी दस्तावेज़ या वस्तु को जब्त करने की इजाजत दी गई है, लेकिन पासपोर्ट को पासपोर्ट अधिनियम की धारा 10(3) के तहत सिर्फ पासपोर्ट प्राधिकरण ही जब्त कर सकता है। अदालत ने कहा, “निचली अदालत पासपोर्ट नहीं जब्त कर सकती है। इसमें कोई संदेह नहीं कि...
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजनाओं का सख्ती से पालन करना होगा; इस तरह की योजनाओं में अन्य योजनाओं के हिस्सों को शामिल नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
“नियोक्ता जो पेशकश करता है वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की योजनाओं का एक पैकेज है, और सिर्फ उसी पर गौर किया जा सकता है”।सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजनाओं का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए और अगर दूसरी योजनाओं की बातों को इस योजना में शामिल किया गया तो इस योजना का जो उद्देश्य है वह पूरा नहीं होगा।न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने बीमा कंपनियों के कर्मचारियों के संगठनों की अपीलों पर विचार के क्रम में यह बात काही। इन कर्मचारियों ने जनरल...
दिल्ली हाईकोर्ट ने की महिला की दरियादिली की प्रशंसा; पत्नी के माफ कर देने पर अलग हुए पति को जाने दिया [निर्णय पढ़ें]
अलग हुई पत्नी के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाकर दोस्ती बनाने वाले अपने पूर्व पति को माफ कर देने वाली महिला की दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रशंसा की। कोर्ट ने इस महिला की दरियादिली की तारीफ करते हुए इस व्यक्ति के खिलाफ दायर एफआईआर को निरस्त कर दिया पर इस व्यक्ति को मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपए की राशि देने का आदेश दिया।न्यायमूर्ति संजीव सचदेव ने यह आदेश साराय रोहिल्ला थाने में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत इस व्यक्ति के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग संबंधी याचिका पर निर्णय लेते...
सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ते के लिए दायर किए गए मुकदमे की प्रक्रिया के लिए शादी का पुख्ता सबूत जरूरी नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
‘उच्च न्यायालय ने यह ध्यान नहीं दिया कि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत कार्यवाही में, विवाह का पुख्ता प्रमाण आवश्यक नहीं है’।सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसके तहत उसने गुजारा भत्ते से संबंधित एक मामले को शादी का पुख्ता सबूत नहीं होने के कारण निरस्त कर दिया था। कोर्ट ने दुहराया है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत पुख्ता प्रमाण आवश्यक नहीं है।कमला बनाम एमआर मोहन कुमार मामले में फ़ैमिली कोर्ट ने इस मामले पर गौर करने के बाद पाया कि दोनों पक्षों में...
सेवा नियमों का उल्लंघन कर अधिकारी को ‘ऊंची छलांग’ वाली पदोन्नति की अनुमति देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया [निर्णय पढ़ें]
“जो हुआ उसे ‘नियमसम्मत’ नहीं कहा जा सकता है। यह स्पष्ट रूप से पक्षपात का मामला था। 'सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को असम के पूर्व मुख्यमंत्री के साथ काम करने वाले एक अधिकारी को ‘ऊंची छलांग’ वाले प्रोमोशन की अनुमति देने को सेवा शर्तों का उल्लंघन बताया।न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने गौहाटी उच्च न्यायालय के एकल पीठ के फैसले को बहाल कर दिया जिसे पहले खंडपीठ ने देरी के आधार पर निरस्त कर दिया था। खंडपीठ ने यह भी स्वीकार किया था कि 13 रिक्तियों का कोई अस्तित्व नहीं था और देबजीत दास...
सुप्रीम कोर्ट ने बताया, कब लागू हो सकता है सह-प्रतिवादियों के बीच Res Judicata का सिद्धान्त [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि सह-प्रतिवादियों के बीच Res Judicata (पूर्व न्याय) के सिद्धांत को लागू करने के पूर्व निम्नलिखित चार शर्तों को संतुष्ट करने की आवश्यकता है : संबंधित प्रतिवादियों के हित टकराते हों; अभियोगी को दावों राहत देने के लिए हितों के टकराव का निर्णय करना आवश्यक है; प्रतिवादियों के बीच सवालों को अंततः तय किया जाना चाहिए; तथा पूर्व में दायर मामले में दोनों ही सह-प्रतिवादियों का पक्षकार होना जरूरी है।इस मामले में (गोविन्दम्मल बनाम वैद्यनाथन), अभियुक्त के पिता और प्रतिवादी के...
घर का कब्जा लेने में खुद देरी करने वालों को लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने जोर देकर कहा कि “खरीदार को कब्जा लेने में खुद देरी करने का लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए”। घर खरीदने वाले एक असंतुष्ट व्यक्ति को मुआवजा दिये जाने का फैसला देते हुए न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा की पीठ ने यह कहते हुए दावे की राशि की गणना के लिए समय की अवधि को कम कर दिया कि खरीदार ने घर का कब्जा लेने में खुद देरी की। अदालत ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 23 के तहत दायर अपील की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। इस अपील...
वित्तीय सेवा प्रदाता इंसोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी एक्ट के अधिकार क्षेत्र केबाहर : एनसीएलएटी [निर्णय पढ़ें]
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने कहा है कि वित्तीय सेवा प्रदाता जैसी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ इंसोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी एक्ट (आई एंड बी) कोड के दायरे से बाहर हैं। न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय (अध्यक्ष) और न्यायमूर्ति बंसी लाल भट (न्यायिक सदस्य) ने इस बारे में आदेश जारी किया। मामलारणधीरज ठाकुर, निदेशक, मेफेयर कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड बनाम निदेशक, जिंदल सक्सेना फाइनेंशियल सर्विसेज और मेफेयर कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित है। पीठ ने कहा, “यदि आई एंड बी संहिता की पूरी योजना...
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा, बाल अश्लीलता से निपटने के लिए 15 नवंबर तक एसओपी को अंतिम रूप दें
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र को 15 नवंबर तक बाल अश्लीलता से जुड़े शिकायतों से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने जोर देकर कहा, "हम इस समय सीमा को निर्धारित करने के लिए बाध्य हैं क्योंकि भारत सरकार के पास पिछले दो माह से मानक संचालन प्रणाली और इसके पोर्टल पर काम करने का अनुभव हो चुका है और इस प्रक्रिया के बारे में कोई अंतिम निर्णय होना चाहिए”।वर्ष 2015 में बाल तस्करी के खिलाफ काम करने...
एनसीएलटी को सदस्यों के रजिस्टर में शेयर पूंजी आवंटन, परिवर्तन और उसमें संशोधन करने का अधिकार दिया: दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) को किसी कंपनी के सदस्यों के रजिस्टर में शेयर पूंजी आवंटन, परिवर्तन और उसमें संधोधान का अधिकार है और इस बारे में कोई सिविल मुकदमा हाईकोर्ट में नहीं सुना जाएगा।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह एसएएस होस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े एक मुकदमे की सुनवाई कर रही थीं। इस मामले में यह घोषणा करने की मांग की गई कि कुछ प्रतिवादियों को आवंटित शेयर को अवैध घोषित किया जाए। प्रतिवादी ने दलील दी थी कि कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 430 और धारा...
मामले को किसी अन्य अदालत को भेजने के बावजूद निचली अदालत ने दिया फैसला, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने दिया जांच के आदेश [आर्डर पढ़े]
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने उस जज के खिलाफ जांच के आदेश दिये हैं जिसने मामले को किसी अन्य अदालत को भेजने के बाद भी इस मामले में आदेश जारी किया। न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी ने जांच को तीन महीने के भीतर समाप्त करने का आदेश दिया, जिसके बाद मामले के हस्तांतरण के उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने के दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू किए जाने की बात कही। अदालत ने 19 अगस्त, 2015 को पारित आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत दायर...
जीएसटी अधिनियमों के तहत लॉटरी पर कर लगाया जा सकता है: कलकत्ता हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा है कि केंद्रीय और राज्य वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम (जीएसटी) के तहत लॉटरी पर कर लगाया जा सकता है।न्यायमूर्ति देबांग्शु बसाक ने इस बारे में एक रिट याचिका खारिज कर दी जिसमें कोर्ट से यह घोषित करने का अनुरोध किया गया था की लॉटरी पर केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 72 और राज्य वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017की धारा 72 के तहत कर नहीं लगाया जा सकता।यह तर्क दिया गया था कि लॉटरी टिकट की बिक्री किसी 'माल' या यहां तक कि किसी चल संपत्ति में लाभकारी ब्याज का...
आरटीई अधिनियम के तहत शिक्षा का अधिकार छात्रों को शिक्षित करने के लिए है न की शिक्षकों के संरक्षण के लिए [निर्णय पढ़ें]
'अतिथि शिक्षकों' की याचिका पर विचार करते हुए, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षा का अधिकार का उद्देश्य शिक्षकों की रक्षा करना नहीं बल्कि छात्रों को शिक्षा देना है।मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला की पीठ अतिथि शिक्षकों की याचिका याचिकाओं पर विचार कर रहा था जो सरकार की स्थानांतरण नीति से पीड़ित हैं और जहां अतिथि शिक्षकों की जगह दूसरे अतिथि शिक्षकों के एक अन्य समूह की नियुक्ति की जा रही है।राज्य नीति के खिलाफ उनके मंतव्यों को...
घर खरीदाने वाले घर विलंब से मिलने पर अनुबंध में निर्दिष्ट टोकन राशि से उच्च मुआवजे की मांग कर सकते हैं : एनसीडीआरसी [आर्डर पढ़े]
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने फैसला दिया है कि भवन निर्माता खरीदारों के साथ हुए समझौते के उस क्लॉज़ की आड़ नहीं ले सकते जिसमें कहा गया है कि अगर मकान सौंपने में विलंब हो रहा है तो विलंब की पूरी अवधि के लिए वे प्रति माह पाँच रुपए प्रति वर्ग फुट के हिसाब से मुआवजा देकर बच सकते हैं। आयोग ने कहा है कि खरीदार को मकान का कब्जा लेने के बाद ज्यादा मुआवजा मांगने का विकल्प है और वह चाहे तो चुकाई गई राशि को वापस करने की मांग भी कर सकता है। डॉ. एसएम कानितकर और दिनेश सिंह की खंडपीठ ने...
सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदला [निर्णय पढ़ें]
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी की मौत की सजा को बदल दिया है।निचली अदालत ने 46 दिनों के भीतर मुकदमा पूरा कर लिया था और 7 जुलाई 2018 को अपने फैसले में अभियुक्त को मौत की सजा सुनाई थी। पिछले हफ्ते, मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला समेत उच्च न्यायालय की पहली खंडपीठ ने हालांकि उसको दोषी माना पर मृत्युदंड की उसकी सजा को कम कर दिया।सात साल की इस बच्ची के साथ बलात्कार इस साल 21 मई को मंदिर परिसर में हुआ था। वहां प्रत्यक्ष गवाह थे...
यौन उत्पीड़न के बारे में बोलने के लिए काफी हिम्मत चाहिए : दिल्ली हाईकोर्ट ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को संवेदनहीन और मानवीय समझ नहीं होने की बात कही [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाईकोर्ट ने 11 साल की एक लड़की के साथ बलात्कार के लिए बुधवार को 21 साल के एक युवक को दोषी ठहराया। कोर्ट ने इस मामले में संवेदनशीलता और मानवीय समझ नहीं दिखाने के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) को आड़े हाथों लिया। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और आईएस मेहता की पीठ ने कहा, “यौन अपराध पीड़ित और उसके परिवार के सदस्यों के लिए लज्जा, और शर्मिंदगी की बात समझी जाती है। इस अपराध के बारे में बोलना आसान नहीं है और इसके लिए काफी हिम्मत चाहिए। अगर पीड़ित छोटे बच्चे हैं और उन्हें गंभीर परिणाम होने की धमकी दी...

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![निचली अदालत के फैसले को सही ठहराने वाले फैसले अपीलीय न्यायालय के फैसले के 12 साल के भीतर दायर की गई निष्पादन याचिका सीमाबद्धता से प्रतिबंधित नहीं होगी : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] निचली अदालत के फैसले को सही ठहराने वाले फैसले अपीलीय न्यायालय के फैसले के 12 साल के भीतर दायर की गई निष्पादन याचिका सीमाबद्धता से प्रतिबंधित नहीं होगी : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/JUSTICE-NV-RAMANA-JUSTICE-MOHAN-M-SHANTANAGOUDAR.jpg)
![दूसरी शादी किसी व्यक्ति को बच्चों का संरक्षण प्राप्त करने के अधिकार से वंचित रखने का आधार नहीं हो सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] दूसरी शादी किसी व्यक्ति को बच्चों का संरक्षण प्राप्त करने के अधिकार से वंचित रखने का आधार नहीं हो सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Justice-Kurian-Joseph-and-Justice-Sanjay-Kishan-Kaul.jpg)
![अगर एक बच्चा को गोद दे दिया गया है तो भी उड़ीसा ग्राम पंचायत अधिनियम के तहत “दो से ज्यादा बच्चे” का अयोग्यता नियम लागू होगा : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े] अगर एक बच्चा को गोद दे दिया गया है तो भी उड़ीसा ग्राम पंचायत अधिनियम के तहत “दो से ज्यादा बच्चे” का अयोग्यता नियम लागू होगा : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Ranjan-gogoi-SK-Kaul-KM-Joseph-and-sc.jpg)
![आपराधिक न्यायालय जमानत देते हुए पासपोर्ट जमा कराने की शर्त नहीं रख सकते हैं : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े] आपराधिक न्यायालय जमानत देते हुए पासपोर्ट जमा कराने की शर्त नहीं रख सकते हैं : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Punjab-and-Haryana-High-court.jpg)
![स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजनाओं का सख्ती से पालन करना होगा; इस तरह की योजनाओं में अन्य योजनाओं के हिस्सों को शामिल नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजनाओं का सख्ती से पालन करना होगा; इस तरह की योजनाओं में अन्य योजनाओं के हिस्सों को शामिल नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/07/Kurian-Joseph-and-Sanjay-Kishan-Kaul.jpg)
![दिल्ली हाईकोर्ट ने की महिला की दरियादिली की प्रशंसा; पत्नी के माफ कर देने पर अलग हुए पति को जाने दिया [निर्णय पढ़ें] दिल्ली हाईकोर्ट ने की महिला की दरियादिली की प्रशंसा; पत्नी के माफ कर देने पर अलग हुए पति को जाने दिया [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Delhi-HC-and-Sanjeev-Sachdeva.jpg)
![सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ते के लिए दायर किए गए मुकदमे की प्रक्रिया के लिए शादी का पुख्ता सबूत जरूरी नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ते के लिए दायर किए गए मुकदमे की प्रक्रिया के लिए शादी का पुख्ता सबूत जरूरी नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Justice-R-Banumathi-Justice-Indira-Banerjee.jpg)
![सेवा नियमों का उल्लंघन कर अधिकारी को ‘ऊंची छलांग’ वाली पदोन्नति की अनुमति देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया [निर्णय पढ़ें] सेवा नियमों का उल्लंघन कर अधिकारी को ‘ऊंची छलांग’ वाली पदोन्नति की अनुमति देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/AK-Sikri-and-Ashok-Bhushan-new.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट ने बताया, कब लागू हो सकता है सह-प्रतिवादियों के बीच Res Judicata का सिद्धान्त [निर्णय पढ़ें] सुप्रीम कोर्ट ने बताया, कब लागू हो सकता है सह-प्रतिवादियों के बीच Res Judicata का सिद्धान्त [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/08/NV-Ramanna-M-Shantanagoudar-1.jpg)
![घर का कब्जा लेने में खुद देरी करने वालों को लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] घर का कब्जा लेने में खुद देरी करने वालों को लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/AM-SAPRE-indu-malhotra.jpg)
![वित्तीय सेवा प्रदाता इंसोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी एक्ट के अधिकार क्षेत्र केबाहर : एनसीएलएटी [निर्णय पढ़ें] वित्तीय सेवा प्रदाता इंसोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी एक्ट के अधिकार क्षेत्र केबाहर : एनसीएलएटी [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/nclat.jpg)

![एनसीएलटी को सदस्यों के रजिस्टर में शेयर पूंजी आवंटन, परिवर्तन और उसमें संशोधन करने का अधिकार दिया: दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] एनसीएलटी को सदस्यों के रजिस्टर में शेयर पूंजी आवंटन, परिवर्तन और उसमें संशोधन करने का अधिकार दिया: दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/05/Delhi-High-Court.jpg)
![मामले को किसी अन्य अदालत को भेजने के बावजूद निचली अदालत ने दिया फैसला, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने दिया जांच के आदेश [आर्डर पढ़े] मामले को किसी अन्य अदालत को भेजने के बावजूद निचली अदालत ने दिया फैसला, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने दिया जांच के आदेश [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/03/Madhya-Pradesh-High-Court-min.jpg)
![जीएसटी अधिनियमों के तहत लॉटरी पर कर लगाया जा सकता है: कलकत्ता हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] जीएसटी अधिनियमों के तहत लॉटरी पर कर लगाया जा सकता है: कलकत्ता हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/04/Calcutta-High-Court.jpg)
![आरटीई अधिनियम के तहत शिक्षा का अधिकार छात्रों को शिक्षित करने के लिए है न की शिक्षकों के संरक्षण के लिए [निर्णय पढ़ें] आरटीई अधिनियम के तहत शिक्षा का अधिकार छात्रों को शिक्षित करने के लिए है न की शिक्षकों के संरक्षण के लिए [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/23244007_2005417013075772_6514921900151073317_n-1.jpg)
![घर खरीदाने वाले घर विलंब से मिलने पर अनुबंध में निर्दिष्ट टोकन राशि से उच्च मुआवजे की मांग कर सकते हैं : एनसीडीआरसी [आर्डर पढ़े] घर खरीदाने वाले घर विलंब से मिलने पर अनुबंध में निर्दिष्ट टोकन राशि से उच्च मुआवजे की मांग कर सकते हैं : एनसीडीआरसी [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Flats.jpg)
![सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदला [निर्णय पढ़ें] सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदला [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Death-Penalty.jpg)