मुख्य सुर्खियां
लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर्स को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के माध्यम से अलग नहीं कर सकते; केरल हाईकोर्ट ने 18 साल के लड़के और 19 साल की लड़की को एक साथ रहने की अनुमति दी [निर्णय पढ़ें]
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 18 साल के एक लड़के और 19 साल की एक लड़की को एक साथ रहने की इजाजत दे दी और इस बारे में लड़की के पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया।न्यायमूर्ति वी चितम्बरेश और न्यायमूर्ति केपी ज्योतिन्द्रनाथ की पीठ ने कहा कि कोर्ट बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका द्वारा एक साथ रह रहे दो लोगों (लिव -इन पार्टनर्स) को अलग नहीं कर सकता बशर्ते की दोनों ही वयस्क हो गए हों।कोर्ट ने कहा, “हम इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि लिव-इन रिलेशनशिप का हमारे समाज में चलन हो गया है...
वाहन दुर्घटना दावा : परमिट का नहीं होना कानून का मौलिक उल्लंघन, ऐसे में बीमा कंपनी की कोई देनदारी नहीं- सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बिना परमिट के सार्वजनिक स्थलों पर वाहनों का परिचालन वैधानिक नीति का उल्लंघन है और ऐसे में अगर दुर्घटना होती है तो बीमा कंपनियां देनदारी से मुक्त होंगी।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की पीठ ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की एक अपील पर यह फैसला दिया। यह अपील एक ट्रक मालिक ने दायर की थी जिसकी दुर्घटना हो गयी थी। मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण ने पाया कि यह ट्रक बिना किसी परमिट के चलाया जा रहा था और कहा कि इस वजह से क़ानून का उल्लंघन हुआ...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को मिले पांच नए जज; कर्नाटक हाईकोर्ट में दो अतिरिक्त जजों की नियुक्ति [अधिसूचना पढ़ें]
शुक्रवार को जारी एक अधिसूचना के तहत केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए पांच जजों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। ये जज हैं - न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी न्यायमूर्ति अखिल कुमार श्रीवास्तव न्यायमूर्ति ब्रिज किशोर श्रीवास्तव न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव न्यायमूर्ति मुहम्मद फहीम अनवरइसके अलावा दो अतिरिक्त जजों - न्यायमूर्ति मोहम्मद नवाज़ आर न्यायमूर्ति हरेकोप्पा थिम्मन्ना गौड़ा नरेन्द्र प्रसाद की कर्नाटक हाईकोर्ट में नियुक्त की अधिसूचना भी जारी की गई है।एक अन्य...
पीड़ित मुआवजे कोष में यौन उत्पीड़न के पुरुष बाल पीड़ितों को शामिल करें: WCD मंत्री मेनका गांधी ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखा
लंबे समय से लंबित मांग और बलात्कार विरोधी कानूनों को लिंग तटस्थ बनाने की आवश्यकता के जवाब में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपने पीड़ित मुआवजा योजनाओं और कोष में यौन शोषण के पुरुष बाल पीड़ितों को शामिल करने का आग्रह किया है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को संबोधित एक पत्र में मेनकागांधी ने उनसे यह भी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि समय पर पीड़ितों को अंतिम और अंतरिम मुआवजे का भुगतान किया जाए।एक पीआईबी...
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पहली दया याचिका का निपटारा याचिका को खारिज कर किया
दया याचिका के अपने पहले फैसले में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सितंबर 2013 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपील को खारिज करने के बाद मौत की सजायाफ्ता एक व्यक्ति की दया याचिका खारिज कर दी है।पिछले साल जुलाई में गृह मंत्रालय से राष्ट्रपति सचिवालय में इस संबंध में एक सिफारिश प्राप्त हुई थी। राष्ट्रपति ने 23 अप्रैल 2018 को याचिका का निपटारा किया। जगत राय, अपीलकर्ता और दो अन्य लोगों पर एक आदमी, उसकी पत्नी और उनके पांच नाबालिग बच्चों की हत्या का आरोप लगाया गया था जब वे अपने घर में सो रहे थे। अभियोजन पक्ष के...
‘इस अदालत ने याचिका का अंतिम निपटारा नहीं किया था‘ सुप्रीम कोर्ट की आलोचना के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक लाइन के आदेश पर खुद का किया बचाव [आर्डर पढ़े]
उच्च न्यायालय ने कहा कि इस अदालत ने उपरोक्त संशोधन याचिका पर अंततः एक पंक्ति आदेश से फैसला नहीं किया था।इस साल की शुरुआत में पारित आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश को पूर्ण करके एक पंक्ति में एक संशोधन याचिका का निपटारा करने के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की आलोचना की थी।जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने हाईकोर्ट में इस मामले को फिर से भेजते हुए कहा था कु हमें उच्च न्यायालय को याद दिलाने की जरूरत नहीं है कि कई निर्णयों में यह कहा गया है कि इस तरह का निर्णय अनुमति योग्य नहीं...
आपराधिक मामलों में बरी किये जाने के आधार पर क्या न्यायिक अधिकारी के रूप में किसी की नियुक्ति निरस्त की जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट करेगा इस मामले की जांच [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के एक फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस फैसले में हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति के एक उम्मीदवार आकाशदीप मौर्य को सिविल जज और न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर नियुक्त करने का आदेश दिया था और उसके खिलाफ विगत में चार आपराधिक मामले दर्ज होने के कारण उसको अयोग्य घोषित करने के आदेश को निरस्त कर दिया क्योंकि इन सभी मामलों में मौर्य बरी हो गया था।हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ एक विशेष अनुमति याचिका दाखिल की जिसमें उसे इस पद पर नियुक्ति के अयोग्य ठहराने वाले आदेश को...
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्टों से कहा, वर्चुअल करेंसी के प्रचलन पर रोक संबंधी आरबीआई के सर्कुलर के बारे में कोई याचिका स्वीकार नहीं करें
सुप्रीम कोर्ट ने देश के हाईकोर्टों से कहा है कि वे वर्चुअल करेंसी के कारोबार पर प्रतिबंध के बारे में रिज़र्व बैंक के सर्कुलर के संबंध में कोई याचिका स्वीकार नहीं करें।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली और कलकत्ता हाईकोर्ट में इस बारे में आगे की कार्यवाही रोकने का आदेश देते हुए यह निर्देश जारी किया।कोर्ट सिद्धार्थ डालमिया द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। डालमिया ने अपनी याचिका में दिल्ली और कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित मामलों को ट्रांसफर...
जुर्माने का प्रावधान आवश्यक नहीं; सूचना चाहनेवाले आरटीआई अधिनियम के तहत जुर्माने की प्रक्रिया का सहारा नहीं ले सकते : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
जुर्माने का मामला आयोग और गफलत करने वाले सूचना अधिकारी के बीच का है और इसमें याचिकाकर्ता/सूचना प्राप्तकर्ता को कोई अधिकार नहीं है, कोर्ट ने कहा। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि सूचना का अधिकार के तहत दंड का प्रावधान विवेकाधीन है और यह मामला सूचना आयोग और गफलत करने वाले उसके अधिकारी के बीच का है। कोर्ट ने कहा कि सूचना प्राप्त करनेवाले दंड की कार्यवाही में सुनवाई की मांग अधिकारतः नहीं कर सकते। वर्तमान मामले में, सूचना आयोग ने एक अधिकारी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया क्योंकि सूचना देने में...
नारी निकेतन, बाल संरक्षण केंद्रों में संदेहास्पद मौत, बलात्कार, कुपोषण और स्वच्छता नहीं होने से उत्तराखंड हाईकोर्ट हैरान; जारी किए कई निर्देश [निर्णय पढ़ें]
नारी निकेतन और बाल गृहों की दयनीय स्थिति से हैरान उत्तराखंड हाईकोर्ट ने इनकी स्थिति में सुधार के लिए अनेक निर्देश जारी किये हैं। इन स्थानों पर रहने वाले कई बच्चे जिनमें सुनने और बोलने में असमर्थ एक लड़की भी शामिल थी, के साथ बलात्कार हुआ और उसका जबरन गर्भपात भी कराया गया। कोर्ट ने इस तरह के संस्थानों का नियमित निरीक्षण, सामान्य और मानसिक रूप से बीमार कैदियों को अलग रखने और बच्चों से नशीली पदार्थों को बेचने और भीख मांगने का धंधा कराने वालों या बच्चों को शारीरिक दंड देने वालों को कड़ी सजा दिलाने जैसे...
जिस अकेली शिक्षित माँ पर छोटे बच्चे को संभालने की जिम्मेदारी है उससे खुद कमाने की उम्मीद नहीं की जा सकती : कर्नाटक हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
यह एक काल्पनिक आदर्श है कि हर शिक्षित और अकेली रहने वाली महिला काम कर सकती है, अपनी और अपने बच्चे की जरूरत के लिए आवश्यक पैसे कमा सकती है, कोर्ट ने कहा।कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 में “अपना भरण-पोषण नहीं कर सकने” की बात का जो जिक्र है उसका अर्थ यह नहीं लगाया जाना चाहिए कि ऐसी महिला “गरीब या शारीरिक रूप से इतनी अशक्त होगी कि वह अपनी आजीविका नहीं चला सकती या अपने जीवन-यापन के लिए कुछ भी नहीं कमा सकती है और किसी व्यक्ति की धनार्जन की क्षमता उसके जीवन के तथ्यों और उसकी...
कथित अपराध की जानकारी प्रेस को देना आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दायरे में नहीं : MP हाईकोर्ट ने मानहानि के लिए पुलिस अधिकारी के अभियोजन की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]
अदालत ने कहा कि पुलिस के एक DySP को न तो किसी भी समाचार पत्र या मीडिया कर्मियों को कथित अपराध के बारे में सूचित करने की जरूरत है या ना उम्मीद की जाती है जो उसके संज्ञान में आता है।मानहानि के लिए एक पुलिस अधिकारी के अभियोजन पक्ष को अनुमति देते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा है कि किसी पुलिस अधिकारी को न तो किसी भी समाचार पत्र या मीडिया कर्मियों को किसी कथित अपराध के बारे में सूचित करने की जरूरत या उम्मीद नहीं है जो उसके संज्ञान में आता है।पुलिस अधिकारी, एक संपादक और अख़बार के प्रकाशक के...
राजस्थान हाईकोर्ट ने टेप रिकॉर्ड की गई बातचीत से मिलान के लिए आरोपियों की आवाज का नमूना लेने की इजाजत दी [निर्णय पढ़ें]
" जब अपराधी अपराध करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं तो पुलिस या जांच एजेंसी पर इस बात का जोर देना उचित नहीं है कि वैज्ञानिक तरीकों या आधुनिक तकनीक की सहायता से इसका सामना नहीं किया जा सकता क्योंकि किसी भी कानून के तहत इस प्रभाव का कोई प्रावधान नहीं है। " आरोपी को अपनी आवाज का नमूना देने के लिए निर्देशित करते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय ने कहा है कि पुलिस को अपराध में शामिल होने के का पता लगाने के लिए आरोपी की आवाज के नमूने लेने से इस कारण से रोका नहीं जा सकता क्योंकि कानून के तहत...
पंजीकरण प्राधिकरण पहले से पंजीकृत सेल डीड को रद्द नहीं कर सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
‘ एक बार सेल डीड पंजीकृत होने के बाद, पंजीकरण प्राधिकारी के पास पंजीकरण रद्द करने के लिए अधिनियम, 1908 के तहत कोई शक्ति या प्राधिकरण नहीं है, भले ही कोई प्रतिरूपण / धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया हो’' कुसुम लता बनाम यूपी राज्य में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की पूर्ण बेंच ने कहा है कि एक पंजीकृत सेल डीड को प्रशासनिक शक्तियों का आह्वान करके पंजीकरण प्राधिकरण या किसी किसी भी अन्य प्राधिकारी द्वारा रद्द नहीं किया जा सकता भले ही पंजीकरण पर प्रतिरूपण/ धोखे से किए जाने पर सवाल उठाया गया हो।न्यायमूर्ति गोविंद...
पीएमएनआरएम में पैसा देने वालों का नाम उजागर करे या नहीं, इस पर दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दिया विभाजित फैसला [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) में पैसा देने वाले लोगों के नाम सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत उजागर करने के मामले को लेकर विभाजित फैसला दिया है।न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति सुनील गौर की पीठ ने कार्यवाहक न्यायाधीश गीता मित्तल को इस मामले को रेफ़र किया था और पूछा था कि -“क्या सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 2(h)(d) के तहत प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) सार्वजनिक प्राधिकरण है कि नहीं और कोष के कामकाज को लेकर विभिन्न...
सीसीआई डीजी के बुलाने पर पक्षकारों को अपने वकील के साथ आने के अधिकार पर साक्ष्य संग्रहण के दौरान गवाहों से मशविरा नहीं कर सकते : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
डीजी यह सुनिश्चित करेगा कि वकील गवाहों के सामने नहीं बैठें; वे इतनी दूर बैठें ताकि गवाह उनसे बात नहीं कर सकें, या उनसे संपर्क नहीं कर सकें, पीठ ने कहा। दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम के तहत महानिदेशक (डीजी) द्वारा जांच के लिए बुलाये जाने पर पक्षकारों को अपने वकीलों के साथ आने के अधिकार को सही ठहराया है। पर उसने डीजी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि वकील गवाहों के सामने नहीं बैठें; उनसे कुछ दूरी पर रहें और गवाह उनसे बातचीत या परामर्श नहीं करें। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई)...
पटना हाईकोर्ट ने सत्र न्यायाधीशों, वकीलों को अग्रिम जमानत का कानून समझाया [आर्डर पढ़े]
मुझे यह रिकॉर्ड करना होगा कि यह चौंकाने वाला है कि सत्र न्यायाधीश भी कानूनी स्थिति की सराहना करने में विफल रहे और याचिकाकर्ता की प्रार्थना को "अपराध की गंभीरता और याचिकाकर्ता की अपराध में भागीदारी" के आधार पर गलती से खारिज कर दिया, अदालत ने कहा। कुछ जमानती अपराध के आरोपी एक व्यक्ति ने बिहार के शेखपुरा जिले में सत्र न्यायालय के सामने अग्रिम जमानत मांगने के लिए याचिका दायर की। सत्र न्यायालय ने उसकी याचिका खारिज कर दी, इसलिए नहीं क्योंकि वह सुनवाई योग्य नहीं थी, बल्कि "अपराध की गंभीरता और...
पत्नी को पति के वेतन की जानकारी का हक, MP हाईकोर्ट ने CIC के आदेश को बरकरार रखा [आर्डर पढ़े]
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने केन्द्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा है कि एक पत्नी को यह जानने का हक है कि उसके पति को क्या पारिश्रमिक मिल रहा है।इस मामले में पत्नी ने अपने पति से रखरखाव की मांग करने के लिए याचिका दायर की थी जिसमें उसने आरोप लगाया था कि, दूरसंचार विभाग (बीएसएनएल) में एक उच्च अधिकारी के रूप में, उसका पति प्रति माह 2,25,000 रुपये से अधिक वेतन ले रहा है।उसने आरटीआई के माध्यम से बीएसएनएल से इस जानकारी की मांग की, जिसे अस्वीकार कर दिया गया था। मुकदमेबाजी के...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक दशक से ज्यादा वक्त जेल में बिताने पर‘ दुर्भावनापूर्ण फंसाए गए पीड़ितों को मुआवजा देने के आदेश दिए [निर्णय पढ़ें]
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुकदमा चलाने या अपील के बाद झूठे / दुर्भावनापूर्ण फंसाए गए शिकार को क्षतिपूर्ति करने के लिए कानून के तहत कोई प्रावधान नहीं है। ट्रायल और अपील की कार्यवाही लंबित रहने के दौरान एक दशक से अधिक समय जेल में बिताने वाले दो व्यक्तियों को बरी करते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य को ‘ दुर्भावनापूर्ण फंसाने’ के लिए तीन-तीन लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। संतोष, भूरे और श्रीपाल को वर्ष 2004 में अपहरण के मामले में ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराया था। तीनों ने उसी वर्ष उच्च...
अनैतिक देह व्यापार (रोकथाम) अधिनियम के तहत छापे के लिए दो 'सम्माननीय' व्यक्तियों को बुलाना अनिवार्य नहीं है: राजस्थान हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
यह अदालतों द्वारा निर्धारित किया जाना चाहिए कि क्या अधिकारियों के लिए दो व्यक्तियों को इलाके से या तत्काल आवश्यकता के लिए बुलाया गया था या आपातकालीन, लेकि। इस प्रावधान का पालन नहीं किया जा सकता राजस्थान उच्च न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि अनैतिक देह व्यापार (रोकथाम) अधिनियम की धारा 15 (2) का उल्लंघन तलाशी कार्यवाही को खराब नहीं करेगा। अधिनियम की धारा 15 (2) कहती है कि वारंट के बिना तलाशी लेने से पहले विशेष पुलिस अधिकारी या पुलिस अधिकारी, दो या दो से अधिक सम्मानित निवासियों (जिनमें से कम से कम...

![लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर्स को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के माध्यम से अलग नहीं कर सकते; केरल हाईकोर्ट ने 18 साल के लड़के और 19 साल की लड़की को एक साथ रहने की अनुमति दी [निर्णय पढ़ें] लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर्स को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के माध्यम से अलग नहीं कर सकते; केरल हाईकोर्ट ने 18 साल के लड़के और 19 साल की लड़की को एक साथ रहने की अनुमति दी [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/06/Justice-Chidambaresh-and-Justice-K.-P.-Jyothindranath.png)
![वाहन दुर्घटना दावा : परमिट का नहीं होना कानून का मौलिक उल्लंघन, ऐसे में बीमा कंपनी की कोई देनदारी नहीं- सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] वाहन दुर्घटना दावा : परमिट का नहीं होना कानून का मौलिक उल्लंघन, ऐसे में बीमा कंपनी की कोई देनदारी नहीं- सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/supreme-court-of-india-1.jpg)
![मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को मिले पांच नए जज; कर्नाटक हाईकोर्ट में दो अतिरिक्त जजों की नियुक्ति [अधिसूचना पढ़ें] मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को मिले पांच नए जज; कर्नाटक हाईकोर्ट में दो अतिरिक्त जजों की नियुक्ति [अधिसूचना पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/06/Karnataka-and-Madhya-Pradesh-HC.jpg)


![‘इस अदालत ने याचिका का अंतिम निपटारा नहीं किया था‘ सुप्रीम कोर्ट की आलोचना के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक लाइन के आदेश पर खुद का किया बचाव [आर्डर पढ़े] ‘इस अदालत ने याचिका का अंतिम निपटारा नहीं किया था‘ सुप्रीम कोर्ट की आलोचना के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक लाइन के आदेश पर खुद का किया बचाव [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Supreme-Court-of-India.jpg)
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![जुर्माने का प्रावधान आवश्यक नहीं; सूचना चाहनेवाले आरटीआई अधिनियम के तहत जुर्माने की प्रक्रिया का सहारा नहीं ले सकते : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े] जुर्माने का प्रावधान आवश्यक नहीं; सूचना चाहनेवाले आरटीआई अधिनियम के तहत जुर्माने की प्रक्रिया का सहारा नहीं ले सकते : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/07/RTI-min.jpg)
![नारी निकेतन, बाल संरक्षण केंद्रों में संदेहास्पद मौत, बलात्कार, कुपोषण और स्वच्छता नहीं होने से उत्तराखंड हाईकोर्ट हैरान; जारी किए कई निर्देश [निर्णय पढ़ें] नारी निकेतन, बाल संरक्षण केंद्रों में संदेहास्पद मौत, बलात्कार, कुपोषण और स्वच्छता नहीं होने से उत्तराखंड हाईकोर्ट हैरान; जारी किए कई निर्देश [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Uttarakhand-HC-1.jpg)
![जिस अकेली शिक्षित माँ पर छोटे बच्चे को संभालने की जिम्मेदारी है उससे खुद कमाने की उम्मीद नहीं की जा सकती : कर्नाटक हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े] जिस अकेली शिक्षित माँ पर छोटे बच्चे को संभालने की जिम्मेदारी है उससे खुद कमाने की उम्मीद नहीं की जा सकती : कर्नाटक हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/05/mother.jpg)
![कथित अपराध की जानकारी प्रेस को देना आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दायरे में नहीं : MP हाईकोर्ट ने मानहानि के लिए पुलिस अधिकारी के अभियोजन की अनुमति दी [आर्डर पढ़े] कथित अपराध की जानकारी प्रेस को देना आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दायरे में नहीं : MP हाईकोर्ट ने मानहानि के लिए पुलिस अधिकारी के अभियोजन की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/23244007_2005417013075772_6514921900151073317_n-1.jpg)
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![सीसीआई डीजी के बुलाने पर पक्षकारों को अपने वकील के साथ आने के अधिकार पर साक्ष्य संग्रहण के दौरान गवाहों से मशविरा नहीं कर सकते : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] सीसीआई डीजी के बुलाने पर पक्षकारों को अपने वकील के साथ आने के अधिकार पर साक्ष्य संग्रहण के दौरान गवाहों से मशविरा नहीं कर सकते : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/05/33540528_1787794591267538_4033056904639938560_n.png)
![पटना हाईकोर्ट ने सत्र न्यायाधीशों, वकीलों को अग्रिम जमानत का कानून समझाया [आर्डर पढ़े] पटना हाईकोर्ट ने सत्र न्यायाधीशों, वकीलों को अग्रिम जमानत का कानून समझाया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/05/Patna-High-Court.jpg)
![पत्नी को पति के वेतन की जानकारी का हक, MP हाईकोर्ट ने CIC के आदेश को बरकरार रखा [आर्डर पढ़े] पत्नी को पति के वेतन की जानकारी का हक, MP हाईकोर्ट ने CIC के आदेश को बरकरार रखा [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/05/salary-money-notes.png)
![मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक दशक से ज्यादा वक्त जेल में बिताने पर‘ दुर्भावनापूर्ण फंसाए गए पीड़ितों को मुआवजा देने के आदेश दिए [निर्णय पढ़ें] मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक दशक से ज्यादा वक्त जेल में बिताने पर‘ दुर्भावनापूर्ण फंसाए गए पीड़ितों को मुआवजा देने के आदेश दिए [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/03/Madhya-Pradesh-High-Court-min.jpg)