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दिल्ली हाईकोर्ट ने 'ऑपरेशन 136: भाग II' जारी करने से कोबरापोस्ट को रोका जिसमें पेड न्यूज के तहत सांप्रदायिक समाचार प्रकाशित करने का दावा [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
25 May 2018 2:00 PM GMT
दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑपरेशन 136: भाग II जारी करने से कोबरापोस्ट को रोका जिसमें पेड न्यूज के तहत सांप्रदायिक समाचार प्रकाशित करने का दावा [आर्डर पढ़े]
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने दैनिक भास्कर की याचिका पर कोबरापोस्ट को अपने वृत्तचित्र "ऑपरेशन 136: भाग II" जारी करने से रोक दिया है,  जो कि मीडिया हाउसों में पेड न्यूज में सांप्रदायिक एजेंडा, ध्रुवीकरण और अवैध काले धन की स्वीकृति का खुलासा है।

 न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेहता ने दैनिक भास्कर कॉर्प द्वारा दिए गए आवेदन पर पूर्व-पक्षीय आदेश दिया, जो वृत्तचित्र में शामिल है और इसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का डर है।

गुरुवार को एक दिन पहले ही ये आदेश पारित किया गया जब कोबरा पोस्ट  को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में शुक्रवार 3 बजे आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी वृत्तचित्र जारी करना था।

 "... अदालत द्वारा तय किए जाने तक अगले आदेश तक, 25 मई को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी भी तरह से सार्वजनिक डोमेन में वृत्तचित्र 'ऑपरेशन 136: भाग II' को जारी करने से प्रतिवादी को रोक दिया जाता है।  प्रतिवादी को सार्वजनिक डोमेन में किसी भी तरह से 10 मई और अन्य संबंधित दूरसंचार ई-मेल जारी करने से रोक दिया जाता है, "न्यायमूर्ति मेहता ने आदेश दिया।

आदेश के बाद  कोबरापोस्ट ने कहा, "जनता की पहुंच में पूरी सच्चाई के हित में, हम इस आदेश को रोकने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन क्या हम 25 मई 2018 को 3 बजे से पहले इसे हासिल करने में सक्षम होंगे, यह देखना होगा। "

कोबरापोस्ट ने एक कहानी 'ऑपरेशन 136: पार्ट I’ ब्रेक की थी , 17 मीडिया हाउसों और उनकी बीमार प्रथाओं को उजागर किया, जिसमें पेड न्यूज, सांप्रदायिक एजेंडा, बड़े पैमाने पर ध्रुवीकरण और अवैध काले धन की स्वीकृति शामिल है। कहानी का हिस्सा 26 मार्च को जारी किया गया था। वृत्तचित्र ने कोबरापोस्ट रिपोर्टर को एक धार्मिक कार्यकर्ता के रूप में प्रस्तुत किया जो मीडिया के माध्यम से हिंदुत्व को बढ़ावा देकर 2019 के चुनावों में बीजेपी की मदद करने के लिए काम कर रहा था।

 इसने कई मीडिया हाउसों को दिखाया कि वो पैसे के बदले सांप्रदायिक रूप से प्रेरित समाचार चलाने के अंडरकवर संवाददाता के प्रस्ताव से सहमत हैं। डॉक्यूमेंटरी का दूसरा भाग शुक्रवार 3 बजे जारी किया जाना था, जो पूर्व-आदेश से रोक दिया गया।

 मई 10 ई-मेल, जिसे हाईकोर्ट आदेश द्वारा भी कवर किया गया है, में कोबरापोस्ट ने दैनिक भास्कर के वरिष्ठ अधिकारियों से वेब पोर्टल के गुप्त संवाददाता को दिए गए बयानों पर उनका टिप्पणी मांगी थी।

इस बीच  गुरुवार को सुनवाई के दौरान भास्कर कॉर्प  के लिए उपस्थित वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल ने तर्क दिया कि प्रतिवादी (कोबरापोस्ट) की पूरी विषयवस्तु दैनिक भास्कर समूह की प्रतिष्ठा को नष्ट करने वाली है।   उन्होंने यह भी तर्क दिया कि 10 मई के ई-मेल जो बचाव पक्ष द्वारा याची को भेजी गई थी, उसमें अवैध लाभ के लिए प्रतिवादी के प्रयास की तीव्रता / गंध आ रही है।

उन्होंने कहा कि यदि वृत्तचित्र "ऑपरेशन 136: भाग II" जारी होने की अनुमति दी जाती है तो यह  याची के लिए अपरिवर्तनीय हानि का कारण बन जाएगा और दैनिक भास्कर के किसी भी कर्मचारी द्वारा किसी भी वार्तालाप को कंपनी की विचारधारा के तहत नहीं रखा जा सकता।

 

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