मुख्य सुर्खियां
पोस्टिंग को चुनौती वाली याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सभी सैनिक शपथ के तहत वहाँ अपनी सेवा देने के लिए बाध्य जहां उनको भेजा जाता है [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने नॉन-ऑपरेशनल आर्मी सर्विसेज कोर (एएससी) के तीन सैनिकों की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया जिसमें उन्होंने नॉन-ऑपरेशनल यूनिट से ऑपरेशनल यूनिट में अपने स्थानांतरण को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा की उनको दिए गए आदेश में मौलिक अधिकारों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। कोर्ट ने कहा की सभी सैनिक सेवा में आने से पहले जो शपथ लेते हैं उसके हिसाब से वह कहीं भी सेवा देने के लिए बाध्य हैं भले ही उनकी नियुक्ति किसी भी सेवा में क्यों न हुई हो।न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन की पीठ ने...
जांच दल ने सरकारी मदद से चलने वाले स्कूल को असुरक्षित पाया; दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे गिराने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोट ने गुरूवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पूर्णतया सरकारी मदद से चलने वाले एक स्कूल के भवन को गिराने का आदेश दिया है। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस स्कूल का भवन काफी बदहाल स्थिति में है और यह असुरक्षित है। रिपोर्ट में इस स्कूल के बच्चों को दूसरे किसी उपयुक्त स्कूल में भेजे जाने की बात कही गई है। न्यायमूर्ति राजेन्द्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव की पीठ ने दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के उप निदेशक के रिपोर्ट पर गौर करने के बाद करावल नगर के आलोक पुंज माध्यमिक...
धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला : पीठ के किस जज ने क्या कहा [निर्णय पढ़ें]
वृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 377 को समाप्त करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया। इस मामले में पांच-सदस्यीय संविधान पीठ के जजों के विचार इस तरह से थे - मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और एएम खानविलकरइन दोनों ही न्यायाधीशों ने मानवाधिकार और संवैधानिक गारंटी के बीच संबंध को रेखांकित करने के लिए नालसा (एनएएलएसए) के फैसले पर भरोसा किया। पहचान की महत्ता पर जिस तरह से नालसा मामले में प्रकाश डाला गया है उससे वह मानवाधिकार और गरिमापूर्ण जीवन और स्वतन्त्रता के अधिकार को भी जोड़ता है। इसी भावना को...
वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा के दौरान राज्य प्रायोजित कोई समारोह नहीं होनी चाहिए : राजस्थान हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधार को वसुंधरा राजे सरकार को निर्देश दिया कि गौरव यात्रा के दौरान राज्य प्रायोजित कोई भी समारोह आयोजित नहीं किये जाएं। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग और जीआर मूलचंदानी ने अपने आदेश में कहा, “...हम घोषित करते हैं की राजस्थान में भाजपा द्वारा चालाई जा रही गौरव यात्रा के दौरान राज्य प्रायोजित या राज्य की वित्तीय मदद से कोई भी समारोह आयोजित नहीं होंगे। इसका अर्थ यह हुआ, की गौरव यात्रा के दिन किसी भी तरह के सरकारी कार्यक्रम उस रास्ते में आयोजित नहीं होंगे जिस रास्ते में भाजपा...
सुप्रीम कोर्ट का ‘Democratic Policing’ की परिकल्पना को विकसित करने पर जोर; कहा, हिरासत में मौत के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की सजा बढाई [निर्णय पढ़ें]
“यह बताना सन्दर्भ के बाहर नहीं होगा कि महाराष्ट्र पुलिस का उद्देश्य “सद्रक्षणाय खलनिग्रहणाय” और इसका आदर जरूरी है। जिन लोगों पर आपराधिक क़ानून लागू करने की जिम्मेदारी है, उन्हें यह अवश्य ही ध्यान रखना चाहिए कि सिर्फ उनके सामने जो अपराधी एक व्यक्ति के रूप में मौजूद है उसी के प्रति उनकी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि राज्य और समुदाय के प्रति भी वे जिम्मेदार हैं।”हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के लिए जिम्मेदार कुछ पुलिस अधिकारियों को सुनाई गई सजा को सही ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट नेdemocratic policing की...
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अगर मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस हिरासत दी गई है तो बंदी प्रत्यक्षीकरण का आदेश जारी नहीं किया जा सकता [निर्णय पढ़ें]
“यह गैर-कानूनी रूप से लगातार हिरासत में रखने का मामला नहीं था बल्कि संबंधित व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में रखा गया था और उसी दौरान आपराधिक जांच के क्रम में उसे पुलिस हिरासत में सौंपा गया था।”सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि अगर किसी व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के आदेश पर आपराधिक मामले की जांच के क्रम में पुलिस हिरासत में भेजा गया है तो उस स्थिति में बंदी प्रत्यक्षीकरण का आदेश जारी नहीं किया जा सकता।महाराष्ट्र ने हाईकोर्ट के उस आदेश की आलोचना की थी जिसमें एक महिला की याचिका को...
बेस्ट बेकरी मामला : सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से घायल हुए एक व्यक्ति को 3 लाख रुपए देने को कहा; मुकर गए गवाहियों को मुआवजा नहीं [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को बेस्ट बेकरी विस्फोट में घायल हुए नसीबुल्ला हबीबुल्ला को 3 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि राज्य सरकार यह राशि से छह सप्ताह के भीतर उसे दे दे। “इस मामले के प्रतिवादी नंबर 12 (जो कि विस्फोट में घायल हो गया था) - नसीबुल्ला हबीबुल्ला को, छह सप्ताह के भीतर 3 लाख रुपए मुआवजा देना उचित रहेगा”। इसके साथ ही, न्यायमूर्ति आर बनुमती और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ ने बेस्ट बेकरी मामले में एक गवाह यास्मीन नफीतुल्ला हबीबुल्ला शेख को दिए गए...
सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों को याद दिलाया, कब्जे की वापसी के लिए दिए गए आदेश के खिलाफ अपील की अनुमति धारा 6 के मामलों में नहीं [आर्डर पढ़े]
“यह आश्चर्य की बात है की धारा 6 के मामले के तहत मेरिट के आधार पर अपील दायर किए गए हैं और उनकी सुनवाई भी हुई है। इससे भी ज्यादा आश्चर्यजनक बात यह है कि जब एक अपील खारिज कर दी गई तो दूसरी अपील भी दायर की गई और उसे भी खारिज कर दिया गया।”सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हुए अदालतों को याद दिलाया की धारा 6 के मामले संक्षिप्त प्रकृति के होते हैं और उनके खिलाफ अपील दायर नहीं की जा सकती।विशिष्ट राहत अधिनियम की धारा 6 के तहत मामला उस व्यक्ति द्वारा दायर किया जाता है जिसको बेदखल कर दिया...
काम नहीं तो वेतन नहीं : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा, राज्य सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी गैर-कानूनी हड़ताल में भाग नहीं ले सकते [निर्णय पढ़ें]
राज्य में मनमाने हड़ताल के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, परिवहन सेवाएं, सार्वजनिक कार्य विभाग, सिंचाई और राजस्व में हड़ताल को रोके।कोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया कि वह ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ के सिद्धांत पर काम करे।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की खंडपीठ ने एक पत्र पर स्वतः संज्ञान लेते हुए यह निर्देश जारी किया। इस पत्र में कहा गया कि राज्य के कर्मचारी बिना किसी...
उपभोक्ता संरक्षण अधिनयम हंगामा खड़ा करने के लिए नहीं है; एनसीडीआरसी ने रोजगार एक्सचेंज से 87 करोड़ हर्जाने की मांग करने वाले बेरोजगार युवक को जुर्माने के रूप में 100 रुपए दान में देने का आदेश दिया
अपने तरह के एक अनोखे मामले में मैट्रिक पास एक युवक ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग में एक मामला दायर कर रोजगार एक्सचेंज से 87 करोड़ रुपए का हर्जाना माँगा। इस युवक का आरोप था की एक्सचेंज ने उसे आरटीआई अधिनियम के तहत बेरोजगारी भत्ते के बारे में जानकारी नहीं दी। पर यह मामला उसके लिए उलटा पड़ गया। पीठासीन सदस्य डॉ. एसएम कानितकर और सदस्य दिनेश सिंह ने इस युवक का समीक्षा आवेदन खारिज कर दिया और यह समझकर कि युवक बेरोजगार और कम पढ़ा लिखा है, उस पर भारी जुर्माना नहीं लगाया। उसे सिर्फ 100 रुपए चुकाने...
सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी के खिलाफ पति के धोखाधड़ी के मामले को खारिज किया; कहा, बदला लेने के लिए पति ने दायर किया था यह मामला [आर्डर पढ़े]
यह पति द्वारा पत्नी से बदला लेने का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है क्योंकि वह गुजारा भत्ता के लिए मामला दायर करने के पत्नी के कदम से दुखी था, सुप्रीम कोर्ट ने पति की याचिका को खारिज करते हुए यह बात कही। पति ने पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए मामला दायर किया था।यह इस बात का भी उत्कृष्ट उदाहरण है कि अदालतें आपराधिक शिकायतों से किस तरह से निपटती हैं। आश्चर्य की बात यह है कि हाईकोर्ट ने भी इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया।शादी के चार साल के बाद पति ने पत्नी के खिलाफ ‘धोखा देने’ का मामला दर्ज...
बेचे जाने वाले सभी नए वाहनों का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जरूरी, कारों के लिए यह तीन साल और दुपहिया वाहनों के लिए पांच साल के लिए होगा [अधिसूचना पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतिम समय सीमा को और आगे बढ़ाने से मना करने के बाद 1 सितंबर 2018 से बिकने वाले सभी नए वाहनों का आवश्यक रूप से तीसरे पक्ष का बीमा होगा।इस मामले के बारे में कोयम्बटूर के गंगा अस्पताल के अध्यक्ष और हड्डी विभाग के प्रमुख एस राजशेखरन की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने 20 जुलाई को आदेश दिया था कि 1 सितंबर से बेचे जाने वाले सभी वाहनों के लिए तीसरे पक्ष का बीमा कराना आवश्यक होगा। इसमें कारों...
मोटर वाहन अधिनियम के तहत नो क्लेम पेटीशन की अनुमति तभी जब दुर्घटना उससे होती है जो वाहन का मालिक और ड्राईवर दोनों है और दुर्घटना में कोई और वाहन शामिल नहीं है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात को दुहराया है कि जब किसी वाहन का मालिक-सह-चालक खुद दुर्घटना के लिए जिम्मेदार है जिसमें कोई अन्य वाहन शामिल नहीं हैं तो उस स्थिति में मोटर वाहन अधिनियम के तहत नो क्लेम आवेदन को स्वीकार किया जाएगा।वर्तमान मामले (नेशनल इंस्योरेंश कंपनी लिमिटेड बनाम आशालता भौमिक) में त्रिपुरा हाई कोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, पश्चिम त्रिपुरा द्वारा दिए गए फैसले को सही ठहराया था। अधिकरण ने 10,57,800 रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया था और कहा था कि यह मुआवजा इस तथ्य के बावजूद दिया जा रहा...
फर्जी हलफनामा दायर करने वाले अधिवक्ता पर दो लाख जुर्माना लगाने के उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित किया [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस फैसले को स्थगित कर दिया है जिसके तहत उसने एक अधिवक्ता पर फर्जी हलफनामा दायर करने के लिए दो लाख का जुर्माना किया था। न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने अधिवक्ता चन्द्र शेखर करगेती की याचिका पर यह फैसला दिया। इस मामले पर अब छह सप्ताह के बाद सुनवाई होगी।करगेती ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस फैसले को निरस्त करने की मांग की थी और यह भी कहा था कि उसके खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज...
उत्तराखंड में फतवा सुनाने वाले सभी धार्मिक संस्थाओं पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लगाया प्रतिबन्ध [आर्डर पढ़े]
रुड़की के ग्रामीणों ने बलात्कार की शिकार नाबालिग के परिवार को गाँव से निकल जाने का सुनाया है फतवाहाईकोर्ट ने फतवा सुनाने वालों के खिलाफ आपराधिक अभियोजन का दिया आदेशउत्तराखंड के रुड़की स्थित लस्कर गाँव में बलात्कार की शिकार एक नाबालिग के परिवार को गाँव से निकले जाने का फतवा सुनाने को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गैरकानूनी करार देते हुए राज्य में फतवा सुनाने वाले सभी धार्मिक संस्थाओं पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। कोर्ट ने पुलिस को निदेश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि लड़की के परिवार वालों को कोई गाँव से नहीं...
इलाहबाद हाईकोर्ट ने जिला न्यायपालिका में रिक्त पदों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर राज्य की खिंचाई की; सचिवों को अगली सुनवाई में कोर्ट में मौजूद रहने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने सोमवार को प्रधान सचिव, विधि, प्रधान सचिव वित्त या पीडब्ल्यूडी को कोर्ट में उपस्थिर रहने का निर्देश दिया ताकि वे राज्य में जिला स्तर की न्यायपालिका को पेश आ रही मुश्किलों को सुलझाने के बारे में समय सीमा बता सकें। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीबी भोसले, गोविन्द माथुर और यशवंत वर्मा की पीठ ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव से उपरोक्त मुद्दे पर समय सीमा निर्धारित किये जाने पर उनका पक्ष जानना चाहा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव को भी निर्देश दिया गया है कि वह निचली...
पश्चिम बंगाल में 1993 के पंचायत चुनाव के बाद हुई हिंसा की समीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कुछ अतिशयोक्ति, सुधार और साज सज्जा करने के कारण अभियोजन पक्ष की पूरी कहानी को नकारा नहीं जा सकता [निर्णय पढ़ें]
‘ऐसी जगह जहां कुछ थोड़े से लोगों को मारने-पीटने के लिए बहुत सारे लोग जमा हो गए हों और अगर इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई हो और 24 घायल हो गई हो तो इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयानों में थोड़ा अंतर होना लाजिमी है।”पश्चिम बंगाल में 1993 के पंचायत चुनावों के बाद हुई हिंसा के बारे में दायर आपराधिक मामले की समीक्षा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ इस वजह से कि अभियोजन ने कुछ मामलों को बढ़ा-चढ़ा कर कहा है, इसमें कुछ सुधार किया है और इसकी कुछ साज-सज्जा की है, उसकी पूरी कहानी को संदेह...
सुप्रीम कोर्ट ने बीमा पॉलिसी में आनुवंशिक गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को आंशिक रूप से स्थगित किया [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले को आंशिक रूप से स्थगित कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्वास्थ्य बीमा में आनुवंशिक गड़बड़ियों वाले लोगों के साथ होने वाले भेदभाव को असंवैधानिक बताया था, विशेषकर उस स्थिति में जब लोगों में आनुवंशिक गड़बड़ियों की जांच की उचित व्यवस्था नहीं है। न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति केएम जोसफ की पीठ ने निर्देश दिया है कि बीमा विनियमन और विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) को इस मामले में एक पक्षकार बनाया जाए। यह अपील यूनाइटेड...
‘स्तंभित’ सुप्रीम कोर्ट ने मामले को हल्के में लेने के कारण आयकर विभाग पर लगाया 10 लाख का जुर्माना [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले को गंभीरता से नहीं लेने के कारण सोमवार को आयकर विभाग पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माने का यह आदेश न्यायमूर्ति एमबी लोकुर, न्यायमूर्ति अब्दुल नज़ीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने सुनाया। इस बारे में याचिका आयकर आयुक्त (सीआईटी), गाज़ियाबाद ने दायर किया था जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के अगस्त 2016 के फैसले को चुनौती दी गई थी। शुरू में कोर्ट ने कहा कि यह याचिका को दायर करने में 596 दिनों की देरी हुई है और इसके लिए जो स्पष्टीकरण दिया गया है वह अपर्याप्त है। कोर्ट...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने "Stressed Asset" का मामला सुलझाने के लिए आरबीआई के संशोधित फ्रेमवर्क से निजी बिजली परियोजनाओं को राहत देने से मना किया [निर्णय पढ़ें]
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को निजी बिजली परियोजनाओं को आरबीआई के सर्कुलर के तहत कोई भी राहत देने से मना कर दिया। आरबीआई ने यह सर्कुलर जारी कर ऋण लेने वालों को इसे लौटाने के लिए 180 दिनों का वक़्त दिया था जो सोमवार को समाप्त हो गया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने अपने फैसले में कहा, “।।।मैं समझता हूँ कि बैंकिंग क्षेत्र की जो हालत है ।।।उसको देखते हुए याचिकाकर्ता अंतरिम राहत के लायक है।” कोर्ट ने अब केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह आरबीआई अधिनियम...

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![धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला : पीठ के किस जज ने क्या कहा [निर्णय पढ़ें] धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला : पीठ के किस जज ने क्या कहा [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Constitution-Bench-section-377.jpg)
![वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा के दौरान राज्य प्रायोजित कोई समारोह नहीं होनी चाहिए : राजस्थान हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा के दौरान राज्य प्रायोजित कोई समारोह नहीं होनी चाहिए : राजस्थान हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Gaurav-Yatra.jpg)
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![बेस्ट बेकरी मामला : सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से घायल हुए एक व्यक्ति को 3 लाख रुपए देने को कहा; मुकर गए गवाहियों को मुआवजा नहीं [आर्डर पढ़े] बेस्ट बेकरी मामला : सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से घायल हुए एक व्यक्ति को 3 लाख रुपए देने को कहा; मुकर गए गवाहियों को मुआवजा नहीं [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/best-bakery-case.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों को याद दिलाया, कब्जे की वापसी के लिए दिए गए आदेश के खिलाफ अपील की अनुमति धारा 6 के मामलों में नहीं [आर्डर पढ़े] सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों को याद दिलाया, कब्जे की वापसी के लिए दिए गए आदेश के खिलाफ अपील की अनुमति धारा 6 के मामलों में नहीं [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/07/Justice-Nariman-Indu-Malhotra.jpg)
![काम नहीं तो वेतन नहीं : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा, राज्य सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी गैर-कानूनी हड़ताल में भाग नहीं ले सकते [निर्णय पढ़ें] काम नहीं तो वेतन नहीं : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा, राज्य सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी गैर-कानूनी हड़ताल में भाग नहीं ले सकते [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Uttarakhand-HC-1.jpg)

![सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी के खिलाफ पति के धोखाधड़ी के मामले को खारिज किया; कहा, बदला लेने के लिए पति ने दायर किया था यह मामला [आर्डर पढ़े] सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी के खिलाफ पति के धोखाधड़ी के मामले को खारिज किया; कहा, बदला लेने के लिए पति ने दायर किया था यह मामला [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Supreme-Court-of-India.jpg)
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![मोटर वाहन अधिनियम के तहत नो क्लेम पेटीशन की अनुमति तभी जब दुर्घटना उससे होती है जो वाहन का मालिक और ड्राईवर दोनों है और दुर्घटना में कोई और वाहन शामिल नहीं है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] मोटर वाहन अधिनियम के तहत नो क्लेम पेटीशन की अनुमति तभी जब दुर्घटना उससे होती है जो वाहन का मालिक और ड्राईवर दोनों है और दुर्घटना में कोई और वाहन शामिल नहीं है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/nv-ramana-abdul-nazeer.jpg)
![फर्जी हलफनामा दायर करने वाले अधिवक्ता पर दो लाख जुर्माना लगाने के उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित किया [आर्डर पढ़े] फर्जी हलफनामा दायर करने वाले अधिवक्ता पर दो लाख जुर्माना लगाने के उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित किया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Justice-AK-Sikri-Justice-Ashok-Bhushan.jpg)
![उत्तराखंड में फतवा सुनाने वाले सभी धार्मिक संस्थाओं पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लगाया प्रतिबन्ध [आर्डर पढ़े] उत्तराखंड में फतवा सुनाने वाले सभी धार्मिक संस्थाओं पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लगाया प्रतिबन्ध [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/08/No-Entry.jpg)

![पश्चिम बंगाल में 1993 के पंचायत चुनाव के बाद हुई हिंसा की समीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कुछ अतिशयोक्ति, सुधार और साज सज्जा करने के कारण अभियोजन पक्ष की पूरी कहानी को नकारा नहीं जा सकता [निर्णय पढ़ें] पश्चिम बंगाल में 1993 के पंचायत चुनाव के बाद हुई हिंसा की समीक्षा पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कुछ अतिशयोक्ति, सुधार और साज सज्जा करने के कारण अभियोजन पक्ष की पूरी कहानी को नकारा नहीं जा सकता [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/08/NV-Ramanna-M-Shantanagoudar-1.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट ने बीमा पॉलिसी में आनुवंशिक गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को आंशिक रूप से स्थगित किया [आर्डर पढ़े] सुप्रीम कोर्ट ने बीमा पॉलिसी में आनुवंशिक गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को आंशिक रूप से स्थगित किया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/08/Justice-Ranjan-Gogoi-Justice-Navin-sinha-Justice-KM-Joseph-1.jpg)
![‘स्तंभित’ सुप्रीम कोर्ट ने मामले को हल्के में लेने के कारण आयकर विभाग पर लगाया 10 लाख का जुर्माना [निर्णय पढ़ें] ‘स्तंभित’ सुप्रीम कोर्ट ने मामले को हल्के में लेने के कारण आयकर विभाग पर लगाया 10 लाख का जुर्माना [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/08/Supreme-court.jpg)