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तीन साल की लड़की से बलात्कार का मामला : पटना हाईकोर्ट ने आरोपी की कम उम्र और आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं होने के कारण उसकी मौत की सजा को बदल दिया [निर्णय पढ़ें]
तीन साल की लड़की से बलात्कार का मामला : पटना हाईकोर्ट ने आरोपी की कम उम्र और आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं होने के कारण उसकी मौत की सजा को बदल दिया [निर्णय पढ़ें]

पटना हाईकोर्ट ने तीन साल की एक लड़की के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के आरोपी की मौत की सजा को बदल दिया है। कोर्ट ने ऐसा आरोपी के कम उम्र और किसी तरह का आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं होने के कारण किया है।निचली अदालत ने रोहण बिन्द नामक इस व्यक्ति को एक लड़की के साथ बलात्कार और उसकी हत्या का दोषी माना। अभियोजन ने कहा कि वह बच्चे को बिस्कुट का लालच देकर अपने साथ ले गया और गाँव के बाहर खेत में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर दी। उसकी नग्न लाश एक गड्ढे में मिली थी।न्यायमूर्ति राकेश कुमार...

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय : प्रतिभाशाली दिव्यांग छात्र को गैर कानूनी तरीके से एमबीबीएस में प्रवेश नहीं लेने दिया,उसे अगले वर्ष प्रवेश दिया जाए [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय : प्रतिभाशाली दिव्यांग छात्र को गैर कानूनी तरीके से एमबीबीएस में प्रवेश नहीं लेने दिया,उसे अगले वर्ष प्रवेश दिया जाए [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्देश दिया कि जिस अशक्त छात्र को मेधावी होने के बावजूद इस वर्ष एमबीबीएस में प्रवेश देने से मना कर दिया गया उसे अगले साल किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिया जाए। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ ने निर्देश दिया कि इस वर्ष विकलांग छात्रों के लिए आरक्षित सीट को सामान्य श्रेणी को दे दिया गया इसलिए इस श्रेणी के सीटों की संख्या वर्ष 2019-2010 के अकादमिक वर्ष में कम कर दी जाए।शारीरिक रूप से अशक्त बहुत सारे लोगों को इस वर्ष एमबीबीएस कोर्स में...

सीआरपीसी की धारा 161 के तहत घायल व्यक्ति के बयान को उसकी मौत के बाद मृत्युकाल का बयान माना जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट
सीआरपीसी की धारा 161 के तहत घायल व्यक्ति के बयान को उसकी मौत के बाद मृत्युकाल का बयान माना जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने बुधवार को कहा कि अगर कोई घायल व्यक्ति सीआरपीसी की धारा 161 के तहत कोई बयान देता है तो उसके मरने के बाद इस बयान को मरने के समय दिया गया उसका बयान माना जा सकता है और साक्ष्य अधिनियम की धारा 32 के तहत इसे साक्ष्य माना जा सकता है।न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने उड़ीसा हाईकोर्ट के 25 जनवरी 2017 के फैसले के खिलाफ अपील की सुनवाई कर रहे थे। इस मामले में आईपीसी की धारा 304 के तहत पाँच साल के सश्रम कारावास की सजा निचली अदालत ने सुनाई थी जिसके...

नकली नोट या नकली मुद्रा का उपयोग भर करना कोई अपराध नहीं है : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
नकली नोट या नकली मुद्रा का उपयोग भर करना कोई अपराध नहीं है : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महिला के खिलाफ सुनाए गई सजा को निरस्त कर दिया है जिसके पास से कुछ नकली मुद्रा बरामद की गई थी और नोटबंदी के दौरान वह इसे बैंक में जमा कराने लाई थी।न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और भारती एच डांगरे की पीठ ने कहा की नकली मुद्रा या बैंक नोट का उपयोग-मात्र अपराध नहीं है और इसके लिए उसे धारा 489B के तहत सजा नहीं दी जा सकती क्योंकि इसमें अपराध करने की मंशा नहीं होती।यह महिला जो नोट जमा कराने आई थी उसमें हजार रुपए के तीन नोट और 500 के दो नोट, कुल 4000 रुपए नकली थे और बैंक ने इस महिला...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी और बेटी की हत्या करनेवाले व्यक्ति की मौत की सजा को जायज ठहराया [आर्डर पढ़े]
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी और बेटी की हत्या करनेवाले व्यक्ति की मौत की सजा को जायज ठहराया [आर्डर पढ़े]

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति की मौत की सजा को सही ठहराया है। इस व्यक्ति को अपनी पत्नी और 12 वर्षीय बेटी की हत्या का दोषी पाया गया है।सोवरन सिंह नामक इस व्यक्ति को निचली अदालत ने पत्नी ममता और नाबालिग बेटी सपना की हत्या का दोषी माना। उसकी दूसरी बेटी इस हत्या की प्रत्यक्ष गवाह थी।इस मामले में अभियोजन ने कहा था की इस घटना के समय सिंह शराब के नशे में था और शराब के लिए पैसे नहीं देने पर उसने पत्नी की हत्या कर दी।उसकी सजा को सही बताते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और ओम प्रकाश की पीठ ने कहा कि...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने की कानून के छात्र की मदद, सीईटी से 22 वर्षीय छात्र को एलएलबी कोर्स में प्रवेश देने को कहा [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने की कानून के छात्र की मदद, सीईटी से 22 वर्षीय छात्र को एलएलबी कोर्स में प्रवेश देने को कहा [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने उच्चतर शिक्षा निदेशक, आम प्रवेश परीक्षा (सीईटी), महाराष्ट्र को निर्देश दिया है कि वह 22 वर्षीय उस छात्र को एलएलबी के तीन वर्षीय पाठ्यक्रम में प्रवेश दे जिसे पहले इससे मना कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि प्रवेश नहीं देने का कोई ‘तर्कसंगत औचित्य’ नहीं था।न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और भारती डांगरे की पीठ ने 22 विवेक वेदक नामक छत्र को यह राहत दिलाई। वेदक को एलएलबी में अस्थाई प्रवेश की अनुमति दी गई थी पर उसके स्नातक के अंतिम वर्ष के परिणाम के आधार पर प्रवेश देने से मना कर दिया...

हाईकोर्ट ऑर्डर शीट में कही गई बातों का उल्लंघन नहीं हो सकता; सुप्रीम कोर्ट ने कहा – मुकदमादार एक ही मुकदमे में परस्पर विरोधी रुख अख़्तियार नहीं कर सकता [निर्णय पढ़ें]
हाईकोर्ट ऑर्डर शीट में कही गई बातों का उल्लंघन नहीं हो सकता; सुप्रीम कोर्ट ने कहा – मुकदमादार एक ही मुकदमे में परस्पर विरोधी रुख अख़्तियार नहीं कर सकता [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के एक आदेश को खारिज करते हुए कहा कि हाईकोर्ट में क्या हुआ इस बारे में अदालत के ऑर्डर शीट में जो बातें कही गई होती हैं वे पवित्र होती हैं और उसका उल्लंघन नहीं हो सकता।सुज़ुकी परसरामपुरिया सूटिंग्स प्राइवेट लिमिटेड ने कंपनी जज के समक्ष एक आवेदन देकर एमपीएल के सुरक्षित ऋणदाता के रूप में आईएफसीआई के बदले किसी और को नियुक्त करने की मांग की। पर कंपनी जज ने यह कहते हुए यह आवेदन अस्वीकार कर दिया कि कंपनी न तो बैंक है, न बैंकिंग कंपनी, न कोई वित्तीय कंपनी या फिर...

गलत और भरमाने वाली स्थिति रिपोर्ट पेश करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया [आर्डर पढ़े]
गलत और भरमाने वाली स्थिति रिपोर्ट पेश करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया जिसने कोर्ट में गलत और भरमाने वाली स्थिति रिपोर्ट पेश की। यह निर्देश न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने जारी किया और कहा कि यह मामला 9 अक्तूबर को खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए अधिसूचित किया जाए। इस बारे में याचिका माला ने दायर किया था जिसने फेसबुक पर अपने और अपने समुदाय के खिलाफ लिखे गए अपमानजनक टिप्पणियों को हटाने की मांग की थी। इस मामले पर इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा, एसएचओ, मयूर विहार थाना, ने कोर्ट...

शराब का व्यवसाय जारी रखना मौलिक अधिकार नहीं, लेकिन राज्य योग्य शराब आपूर्तिकर्ताओं में भेद न करे : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
शराब का व्यवसाय जारी रखना मौलिक अधिकार नहीं, लेकिन राज्य योग्य शराब आपूर्तिकर्ताओं में भेद न करे : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि नागरिकों का शराब का कारोबार या व्यापार जारी रखना कोई मौलिक अधिकार नहीं है क्योंकि शराब के कारोबार को निजी अधिकार नहीं माना जा सकता।हालांकि, न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल ने कहा कि अगर राज्य शराब के व्यापार और कारोबार की अनुमति देता है, तो वह इस व्यवसाय में लगे योग्य आपूर्तिकर्ताओं में भेदभाव नहीं कर सकता।विदेशी शराब के दो उत्पादक/विक्रेता ने हाईकोर्ट में राज्य की शराब खरीद नीति का विरोध किया यह कहते हुए कि यह नीति मनमानी, अपारदर्शी और अधिकारियों को बेलगाम...

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, माँ-बाप कानूनी वारिस को पैतृक संपत्ति से बेदखल करने का अनुरोध कर सकते हैं; गाली गलौज करने वाले बच्चों को बेदखल करने के लिए गुजारे भत्ते का दावा जरूरी नहीं [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, माँ-बाप कानूनी वारिस को पैतृक संपत्ति से बेदखल करने का अनुरोध कर सकते हैं; गाली गलौज करने वाले बच्चों को बेदखल करने के लिए गुजारे भत्ते का दावा जरूरी नहीं [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष परेशान करने वाले कानूनी वारिसों को संपत्ति से बेदखल करने संबंधी कुछ याचिकाओं पर सुनवाई करणे वाली पीठ के समक्ष दो प्रश्न थे।पहला यह कि क्या कानून के तहत गाली गलौज करने वाले वयस्क बच्चों को बेदखल करने का प्रावधान है कि नहीं।दूसरा, 2007 के अधिनियम की धारा 23 के तहत मुआवजा अधिकरण के पास बेदखली के लिए अपील की जा सकती है या नहीं और वह भी गुजारा भत्ते के दावे के बिना। इन प्रश्नों के उत्तर में हाईकोर्ट ने कहा, “धारा 23 के तहत राहत पाने के लिए कोई पूर्व शर्त नहीं है। अगर किसी...

सीधे भर्ती हुए लोगों की वरिष्ठता तय करने में भर्ती होने की तिथि का कोई मतलब नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब न्यायिक अधिकारियों की वरिष्ठता सूची को बदला [निर्णय पढ़ें]
सीधे भर्ती हुए लोगों की वरिष्ठता तय करने में भर्ती होने की तिथि का कोई मतलब नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब न्यायिक अधिकारियों की वरिष्ठता सूची को बदला [निर्णय पढ़ें]

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों की वरिष्ठता सूची को बदल दिया है।यह अपील पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ की गई थी जिसने प्रशासनिक पक्ष में हाईकोर्ट की वरिष्ठता सूची में हस्तक्षेप किया था।इन न्यायिक अधिकारियों की तीन तरह से भर्ती हुई थी - 1) योग्यता-सह-वरिष्ठता आधार पर 50 प्रतिशत प्रोमोशन कोटा के आधार पर 2) 25% की प्रत्यक्ष भर्ती और 3) 25% की प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा में उनकी सफलता के आधार पर भर्ती।वरिष्ठता का निर्धारण 2008 में...

बैंक को 38 हजार का चूना लगाने वाले चपरासी को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी माना; फैसले आने में लग गए 24 साल [निर्णय पढ़ें]
बैंक को 38 हजार का चूना लगाने वाले चपरासी को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी माना; फैसले आने में लग गए 24 साल [निर्णय पढ़ें]

न्यायमूर्ति आर बानुमती और इंदिरा बनर्जी की पीठ ने बुधवार को उस चपरासी की सजा को जायज ठहराया है जिसने बैंक को 38500 रुपए का चूना लगाया था। पर इस फैसले के आने में 24 अदद साल लग गए। पर सुप्रीम कोर्ट ने इसकी सजा को पाँच साल से घटाकर तीन साल कर दिया। पीठ ने कहा कि इस दलील में दम नहीं है कि चूंकि उसको क्लर्क का काम करने के लिए आधिकारिक रूप से अधिकृत नहीं किया गया था फिर उसको इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। पीठ ने कहा कि उसको क्लर्क का काम करने के लिए कोई कार्यालयीय आदेश जारी नहीं किया गया था...

हर मामले में गैर-न्यायिक कबूलनामे की पुष्टि की जरूरत नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
हर मामले में गैर-न्यायिक कबूलनामे की पुष्टि की जरूरत नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने बैंक के एक चपरासी को मिली सजा को सही ठहराते हुए कहा कि आरोपी के गैर न्यायिक कबूलनामे को हर मामले में अलग से स्वतंत्र रूप से सत्यापित करने की जरूरत नहीं है।“अगर कोर्ट इस बारे में आश्वस्त है कि कबूलनामा स्वैच्छिक है, तो इस आधार पर सजा सुनाई जा सकती है। विवेक यह नहीं कहता कि कबूलनामे में जिन परिस्थितियों की चर्चा की गई है उनमें से सभी का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जाए,” न्यायमूर्ति आर बानुमती और इन्दिरा बनर्जी की पीठ ने राम लाल बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य मामले में यह बात कही।इस...

एनजीटी ने तेल कंपनियों को सभी पेट्रोल पंपों पर 31 अक्तूबर तक वाष्प रिकवरी प्रणाली लगाने को कहा [आर्डर पढ़े]
एनजीटी ने तेल कंपनियों को सभी पेट्रोल पंपों पर 31 अक्तूबर तक वाष्प रिकवरी प्रणाली लगाने को कहा [आर्डर पढ़े]

राष्ट्रिय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने देश की सभी तेल कंपनियों से कहा है कि वे पेट्रोल पंपों पर वाष्प रिकवरी प्रणाली (वीआरएस) 31 अक्तूबर तक लगा दें ताकि बेन्जीन को वायुमंडल में मिलने से रोका जा सके। कोर्ट ने कहा कि अगर वे ऐसा करने में विफल रहती हैं तो तेल कंपनियों के अध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई होगी।एनजीटी के अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल, एसपी वांगड़ी और डॉ. नागिन नंदा ने आदित्य एन प्रसाद और वल्लारी शील की याचिका पर यह आदेश सुनाया। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा, “जो पेट्रोल पंप 300 केएल तेल प्रति माह बेचते...

सुप्रीम कोर्ट ने जीएसटी अधिनियम 2017 की संवैधानिक वैधता को जायज ठहराया [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने जीएसटी अधिनियम 2017 की संवैधानिक वैधता को जायज ठहराया [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को वस्तु एवं सेवा कर (राज्यों को मुआवजा) अधिनयम 2017 को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया। इसके अलावा कोर्ट ने वस्तु एवं सेवा कर मुआवजा शुल्क नियम, 2017 को भी वैध ठहराया जिसे इस अधिनियम के तहत बनाया गया है।न्यामूर्ति एके सिकरी और अशोक भूषण की पीठ ने यह फैसला सुनाया।याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि यद्यपि इस अधिनियम को राज्यों को हुए राजस्व की हानि के लिए मुआवजा देने के लिए बनाया गया है, वास्तव में यह कर लगाने का काम कर रहा है जिसे वह शुल्क कह रहा है और इसलिए यह उसके पास वे सारे...

सुप्रीम कोर्ट ने शादीशुदा जोड़े को दोस्त के रूप में एक दूसरे से अलग होने की अनुमति दी; अलग होने के लिए Cooling Off अवधि की अनिवार्यता समाप्त की [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने शादीशुदा जोड़े को दोस्त के रूप में एक दूसरे से अलग होने की अनुमति दी; अलग होने के लिए Cooling Off अवधि की अनिवार्यता समाप्त की [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने एक जोड़े को तलाक देने के लिए आवश्यक अनिवार्य अंतराल की अवधि की जरूरत को माफ कर दिया और एक मित्र के रूप में अलग होने की उन्हें अनुमति दे दी।न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने कहा, “पति और पत्नी दोनों हमारे सामने उपस्थित हैं, जो कि पर्याप्त रूप से शिक्षित हैं। हमने उनके साथ लंबी बात की है। हम इस बारे में आश्वस्त हैं कि इन्होंने एक दोस्त के रूप में अलग होने का निर्णय समझ बूझकर लिया है”।कोर्ट ने तलाक के लिए पहले आवेदन और दूसरे आवेदन के बीच के समय की...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पावर ऑफ एटॉर्नी का चेक के बाउंस होने की शिकायत दर्ज करना कानून के तहत जायज [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पावर ऑफ एटॉर्नी का चेक के बाउंस होने की शिकायत दर्ज करना कानून के तहत जायज [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई पावर ऑफ एटॉर्नी चेक के बिना भुगतान के वापस होने की शिकायत करता है तो यह शिकायत कानून के तहत जायज माना जाएगा और इस पर सुनवाई हो सकती है।एसके तमिसुद्दीन बनाम जॉय जोसफ क्रीडो मामले में न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, नवीन सिन्हा और केएम जोसफ ने एसी नारायणन बनाम महाराष्ट्र राज्य में भी इस फैसले को दुहराया।इस मामले में विशेष पावर ऑफ एटॉर्नी ने साइराबी की ओर से चेक के बाउन्स होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले के लंबित रहने के दौरान साइराबी की मौत हो गई। पावर ऑफ एटॉर्नी द्वारा...

पित्त की थैली को निकालने के लिए लैप्रोस्कोपिक नहीं परंपरागत ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को सुप्रीम कोर्ट की राहत [निर्णय पढ़ें]
पित्त की थैली को निकालने के लिए लैप्रोस्कोपिक नहीं परंपरागत ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को सुप्रीम कोर्ट की राहत [निर्णय पढ़ें]

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक सर्जन के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के आदेश को निरस्त कर दिया। एनसीडीआरसी ने इस सर्जन को लापरवाह पाया और आरोप लगाया की पित्त की थैली को निकालने के लिए लैप्रोस्कोपिक की बजाय उसने परंपरागत ऑपरेशन किया और इसके बारे में मरीज ने कोई स्पष्ट इच्छा व्यक्त नहीं की थी।मरीज ने उपभोक्ता अदालत में शिकायत की थी कि उसकी इच्छा के बिना उस पर यह ऑपरेशन किया गया जबकि उसने सिर्फ लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की अनुमति दी थी। उसने शिकायत की थी कि परंपरागत सर्जरी की...

पटना हाईकोर्ट ने बिहार स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई का निर्देश दिया [आर्डर पढ़े]
पटना हाईकोर्ट ने बिहार स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई का निर्देश दिया [आर्डर पढ़े]

पटना हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार स्कूल शिक्षा बोर्ड (बीएसईबी) के अध्यक्ष आनंद किशोर के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई का निर्देश दिया है।  किशोर पर एक स्कूल को मान्यता देने के कोर्ट के आदेश के बावजूद ऐसा नहीं किया गया। यह आदेश न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह ने जारी किया। श्री राम चंद्र उच्च माध्यमिक स्कूल ने कोर्ट में आवेदन देकर बीएसईबी द्वारा स्कूल की मान्यता रद्द करने के फैसले को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह स्वीकार किया गया कि स्कूल की मान्यता रद्द करने का निर्णय...

अगर सबूत है तो बलात्कार के आरोपी को सिर्फ इसलिए बरी नहीं किया जा सकता क्योंकि गवाह मुकर गया और कठघड़े में पीड़िता ने उसकी पहचान नहीं की : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अगर सबूत है तो बलात्कार के आरोपी को सिर्फ इसलिए बरी नहीं किया जा सकता क्योंकि गवाह मुकर गया और कठघड़े में पीड़िता ने उसकी पहचान नहीं की : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बलात्कार के एक आरोपी को सुनाई गई सजा को सही बताया जबकि बलात्कार पीड़िता आरोपी की अदालत में पहचान करने में विफल रही थी. न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, नवीन सिन्हा और केएम जोसफ की पीठ ने अपराध होने के समय पीड़िता की उम्र और घटना के समय तथा अन्य तथ्यों के बारे में गलत जानकारी देने के के लिए हालांकि पीड़िता को सजा नहीं सुनाई.पृष्ठभूमिहेमुदन ननभा गढ़वी को 9 की एक का यौन उत्पीडन किया. इस लडकी ने पहचान परेड में आरोपी की पहचान की पर सुनवाई के दौरान इस बात से इनकार किया की उसका यौन...