मुख्य सुर्खियां
मरकज़ के कार्यक्रम में भाग लेने वाले विदेशियों के COVID 19 टेस्ट नकारात्मक होने के बाद उन्हें छोड़े जाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट में निज़ामुद्दीन मरकज़ के कार्यक्रम में शिरकत करने आए लोगों में से 576 विदेशी नागरिकों लोगों को दिल्ली पुलिस को सौंपने के दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग के निर्णय के ख़िलाफ़ याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, ये विदेशी नागरिक एक महीने से अधिक समय से संस्थागत क्वारंटीन हैं। 9 मई 2020 को दिल्ली सरकार के आदेश के अनुसार यह पता चलने पर कि ये लोग संक्रमित नहीं हैं, इन्हें दिल्ली पुलिस को सौंपने का निर्णय किया गया है। यह याचिका एडवोकेट अशिमा मंडला के माध्यम से दायर की गई...
वकीलों की वित्तीय सहायता के लिए जितनी जल्दी हो फंड जारी करें, मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य बार काउंसिल से कहा
मणिपुर हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ़ मणिपुर से कहा है कि वह COVID 19 महामारी के कारण संकट में फंसे एडवोकेटों को वित्तीय मदद देने के लिए ₹2,08,932 शीघ्र जारी करे। न्यायमूर्ति लनुसुंग्कुम ज़मीर और न्यायमूर्ति केएच नोबिन सिंह की खंडपीठ ने ऑल मणिपुर बार एसोसिएशन और दो एडवोकेटों की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इस याचिका में राज्य सरकार, बार काउंसिल ऑफ़ मणिपुर से संकट में फंसे एडवोकेटों की सहायता देने को कहा गया है। राज्य अथॉरिटीज़ ने भी एक हलफ़नामा दायर किया और कहा कि...
मेडिकल इमरजेंसी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलने का बहाना नहीं हो सकती : तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि मेडिकल इमरजेंसी के नाम पर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती जो उन्हें संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दिया गया है। COVID 19 की जांच सिर्फ़ उन्हें चिह्नित सरकारी अस्पतालों से ही कराने के सरकारी आदेश को न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव और न्यायमूर्ति के लक्ष्मण की खंडपीठ ने ख़ारिज कर दिया। यह आदेश लोगों को जांच के लिए निजी अस्पतालों में जाने की इजाज़त नहीं देता, जबकि इन अस्पताओं को आईसीएमआर को जांच करने की अनुमति मिली है। अदालत ने...
संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत कल्याणकारी क़दमों के बिना श्रम 'बंधुआ मज़दूरी' है; श्रम क़ानूनों को कमज़ोर करने के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर श्रम क़ानूनों के कतिपय प्रावधानों को समाप्त किए जाने के कई राज्यों के क़दमों को चुनौती दी गई है, जिन क़ानूनों को समाप्त किया गया है वे श्रमिकों के काम करने के घंटे, वेतन, स्वास्थ्य, और सुरक्षा स्थितियों के बारे में हैं। यह जनहित याचिका क़ानून के छात्र नंदिनी प्रवीण ने एडवोकेट निशे राजेन शोनकर के माध्यम से दायर किया है। इसमें राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गोवा और असम राजयों ने श्रम क़ानूनों में जो...
स्वतंत्र पत्रकारों को वार्षिक पास नहीं जारी करना, बोलने की आज़ादी का उल्लंघन है या नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्यसभा की मीडिया परामर्श समिति से पूछा
दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्यसभा की मीडिया परामर्श समिति से पूछा है कि स्वतंत्र पत्रकारों को वार्षिक पास नहीं जारी करना संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत उनके बोलने की आज़ादी का उल्लंघन है कि नहीं। इस याचिका को निपटाते हुए न्यायमूर्ति नवीन चावला की एकल पीठ ने कहा कि यहाँ पर दो परस्पर विरोधी हितों में संतुलन बनाए जाने और सामानुपातिकता के सिद्धांत के आधार पर इसकी जाँच की ज़रूरत है। वर्तमान रिट याचिका में राज्य सभा की मीडिया परामर्श समिति के 06/07/17 के आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें...
केंद्र और दिल्ली सरकार मरीज़ों की ज़रूरतों के अनुपात में स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी सुनिश्चित करे : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली की सरकार को निर्देश दिया है कि वे COVID 19 के मामलों में आ रही वृद्धि पर नज़र रखें (पिछले 48 घंटों में इसमें काफ़ी वृद्धि हुई है) और इनके अनुरूप ही अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में मरीज़ों की सुविधाओं को देखते हुए उपलब्ध सुविधाओं को बढ़ाएं। न्यायमूर्ति हिम कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमोनियम प्रसाद की खंडपीठ ने यह निर्देश दिल्ली में COVID 19 के मरीज़ों के इलाज के लिए निजी क्षेत्र में ज़्यादा अस्पताल खोलने का निर्देश देने के लिए जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए...
सीटीसी मॉडल में पीएफ में नियोक्ताओं के योगदान में कमी का लाभ कर्मचारियों को मिलेगा: सरकार ने स्पष्ट किया
कॉस्ट तो कम्पनी मॉडल (सीटीसी) में पीएफ में नियोक्ता के योगदान में 2% की कटौती का लाभ कर्मचारी को दिया जाएगा। यह बात सरकार ने एक विज्ञप्ति में कही है। सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्पष्टीकरण से अब यह भ्रम दूर हो जाना चाहिए कि नियोक्ता के योगदान में कमी से सीटीसी मॉडल में कर्मचारियों का वेतन कम हो जाएगा। सभी प्रतिष्ठानों के लिए मई, जून और जुलाई 2020 के लिए नियोक्ता के योगदान को 12% से 10% करने की घोषणा 13 मई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने की थी जो कि आत्मनिर्भर पैकेज का हिस्सा है।...
गुजरात हाईकोर्ट ने निजी अस्पतालों से कहा, सरकारी दर स्वीकार करें नहीं तो लाइसेंस होगा रद्द
गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि अहमदाबाद और उसके बाहरी हिस्से में स्थित सभी निजी अस्पताल फ़ीस के बारे में कोई प्रक्रिया निर्धारित करें। पीठ ने कहा, "किसी भी क़ीमत पर निजी अस्पतालों को COVID 19 के इलाज के लिए भारी राशि वसूलने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए। यह मुश्किल भरा समय है न कि व्यवसाय से मुनाफ़ा कमाने का। अभी जिस तरह के समय है उसमें चिकित्सा सेवा सर्वाधिक आवश्यक सेवा है और निजी अस्पताल मरीज़ों से लाखों रुपए नहीं वसूल सकते।" पीठ ने कहा कि...
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 25 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी, भ्रूण में थीं असामान्यताएं
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को रोपड़, पंजाब की एक 32 वर्षीय महिला की याचिका पर, उसे लगभग 25 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति दे दी। यह अनुमति, एक पीजीआईएमईआर मेडिकल बोर्ड की सिफारिश के बाद दी गयी।जस्टिस एच. एस. मदान की पीठ ने 32 वर्षीय महिला की गर्भावस्था को समाप्त करने की उसकी याचिका को अनुमति देते हुए कहा कि "पीजीआईएमईआर के मेडिकल बोर्ड द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के मद्देनजर, यह उचित होगा कि वर्तमान रिट याचिका को अनुमति दी जाए।"उल्लेखनीय है कि जैसा 'गर्भ का चिकित्सीय समापन...
बॉम्बे हाईकोर्ट की सभी बेंचों के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने वाले वकीलों को काला कोट और गाउन पहनने से मिली छूट
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक नोटिस जारी किया जिसमें सभी अधिवक्ताओं को बॉम्बे हाईकोर्ट प्रिंसिपल बेंच और हाईकोर्ट के अन्य बेंचों के समक्ष पेश होने के दौरान काले कोट और अधिवक्ताओं के गाउन पहनने से छूट दी गई। मुख्य न्यायाधीश ने इसके बजाय उन्हें वर्चुअल कोर्ट के समक्ष 'उचित सज्जा' सुनिश्चित करते हुए पेश होने के लिए एक टाई या एक सफेद बैंड पहनने की अनुमति दी है।इसी तरह, 13 मई के एक सर्कुलर में COVID -19 के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती उपाय के रूप में, सुप्रीम कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग...
लॉकडाउन में चिकन मीट ले जाने वाले पांच आरोपियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज़मानत दी
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए चिकन मीट ले जाने के पाचं आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। आरोपी मो असजद गाज़ी, इरशाद रज़ा, निहालुद्दीन, मो अकील और मो शाहिद को लॉकडाउन के नियमों और शर्तों का उल्लंघन करते हुए 13 अप्रैल को एक चौपहिया लोडर में 3 क्विंटल चिकन मीट ले जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। तदनुसार, आरोपियों पर आईपीसी की धारा 188, 268, 269, 270, 467, 468, 420, 471, महामारी रोग अधिनियम, 1897 की धारा 3 और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 के तहत...
राशन नहीं मिलने पर दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की जनहित याचिका कहा, ई-कूपन सिस्टम के बावजूद नहीं मिला राशन
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत ई-कूपन मिलने के बावजूद हज़ारों लोगों को राशन नहीं मिल रहा है। लॉकडाउन की घोषणा के तुरंत बाद दिल्ली सरकार ने घोषणा की थी कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनको भी राशन दिया जाएगा और इसके लिए योजना की घोषणा की थी। इसके लिए ई-कूपन जारी किए गए और कई स्थानों पर उन केंद्रों की पहचान की गई जहां से राशन प्राप्त किए जा सकते थे। याचिकाकर्ता क़ानून का छात्र है और वह दिल्ली के सुल्तानपुरी...
पुलिस द्वारा लगाए गए जंज़ीरों वाले बैरिकेड के कारण बाइक सवार गिरकर हुआ था बुरी तरह घायल, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया 75 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश
दिल्ली हाइकोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए जंजीरों वालेेे बैरिकेड्स की वजह से हुए हादसे के कारण दिमाग पर चोट आने के बाद भारी डिसेबिलिटी झेल रहे एक व्यक्ति को 75 लाख रुपये का मुआवजा अवार्ड किया है।न्यायमूर्ति नवीन चावला की एकल पीठ ने 26 वर्षीय पीड़ित व्यक्ति को मुआवजा देते समय कहा कि, " हालांकि सुरक्षा के वैध कारणों के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे, लेकिन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना था कि इसके रखरखाव न करने से ये दुर्घटनाओं का कारण न बनें।"यह था मामला दिसंबर 2015 में, याचिकाकर्ता अपनी...
राज्य को मानहानि के मामलों में साधारण नागरिक की तरह आवेगात्मक नहीं होना चाहिएः मद्रास हाईकोर्ट ने रद्द किए एन राम और अन्य के खिलाफ दायर मानहानि के मामले
प्रेस की स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसले में मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को संपादक-पत्रकार एन राम,एडिटर-इन-चीफ, दि हिंदू, सिद्धार्थ वरदराजन, नक्कीरन गोपाल आदि के खिलाफ दायर आपराधिक शिकायतों को खारिज कर दिया। इन सभी के खिलाफ 2012 में तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता के खिलाफ कुछ रिपोर्टों के मामले में "राज्य के खिलाफ आपराधिक मानहानि" का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि रिपोर्ट राज्य सरकार के एक पदाधिकारी की मानहानि के बराबर है।...
मध्यप्रदेश में वकील की पिटाई करने के बाद पुलिस ने बनाया दबाव कहा, मामला वापस ले लो, मुस्लिम होने की गलतफहमी के कारण चलाई थी लाठी
मध्यप्रदेश के बैतूल में पुलिस की ज़्यादतियों का शिकार स्थानीय अधिवक्ता दीपक बुंदेले पर पुलिस मामला वापस लेने का दबाव बना रही है।अधिवक्ता दीपक बुंदेले की पुलिस ने 23 मार्च को निर्ममता से सरे आम पिटाई की थी, जिसके बाद उन्होंने विभिन्न फोरम पर इसकी शिकायत की थी। अब पुलिस मामला वापस लेने के लिए दबाव बना रही है।पुलिस ने मौखिक रूप से माफी मांगी जिसमें उसने बुंदेले से कहा कि उसकी दाढ़ी देख उसे मुस्लिम समुदाय का समझकर पीटा गया। यह थी घटनाअधिवक्ता दीपक बुंदेले 23 मार्च 2020 को नगर के लल्ली चौक पर...
मद्रास हाईकोर्ट ने कहा, प्रवासी श्रमिक रेलवे स्टेशनों तक पहुंचने के लिए परेशान, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं कर रहे; राज्य सरकार को SOP पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा
मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा, "प्रवासी मजदूर सड़कों पर परेशान हैं। वे न सामाजिक / शारीरिक दूरी बरत रहे हैं और न उनके पास पर्याप्त सुरक्षात्मक उपाय हैं, इसलिए, राज्य सरकार उन्हें तत्काल आश्रय घरों / चिन्हित स्थानों में रखने की व्यवस्था करे।" हाईकोर्ट ने कहा है कि उपरोक्त तथ्यों का जूडिशल नोटिस लिया जा सकता है, इसलिए आज ही अपेक्षित जानकारियों को "सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाए"। जस्टिस एम सत्यनारायणन और डॉ अनीता सुमंत की डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया कि "गैर-सरकारी संगठन ...समान...
दिल्ली हाईकोर्ट की सभी बेंच अब सभी कार्य दिवस में करेंगी सुनवाई, सभी तरह के अर्जेंट मामलों पर होगी सुनवाई
दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने सभी डिवीजन और सिंगल बेंचों के साथ सभी कार्य दिवसों में सुनवाई करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय 22 मई से लागू होगा, सभी बेंचें अदालत के निलंबित कामकाज के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रकार के तत्काल मामलों को सुनेंगी। अब तक, 2 डिवीजन बेंच और 10 सिंगल बेंच द्वारा तत्काल मामलों को सुना जा रहा था। रोस्टर बेंच उन मामलों को भी सुनेगी जो अंतिम दलीलों के चरण में हैं और जिसमें दोनों पक्षों से सहमति प्राप्त हुई है और केवल लिखित प्रस्तुतियाँ के आधार पर मामले...
वित्तीय सहायता लेने के लिए 22 हज़ार वकीलों ने आवेदन किया, BCI ने राशि वितरित करने की अनुमति देने के पत्र का जवाब नहीं दिया: पश्चिम बंगाल बार काउंसिल ने HC में कहा
पश्चिम बंगाल बार काउंसिल ने कलकत्ता हाईकोर्ट को मंगलवार को सूचित किया कि लॉकडाउन के बीच, अधिवक्ताओं से वित्तीय सहायता के लिए लगभग 22000 आवेदन प्राप्त हुए हैं और उसी पर कार्यवाही की जा रही है। मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व वाली पीठ को बताया गया कि राज्य बार काउंसिल को अधिवक्ताओं को इस तरह की वित्तीय सहायता के संवितरण शुरू करने से पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया से अनुमति लेने की आवश्यकता है। वेस्ट बंगाल बार काउंसिल ने कहा, "बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा बार काउंसिल ऑफ वेस्ट बंगाल को इस तरह की अनुमति के...
ईद की नमाज अदा करने के लिए मस्जिद/ईदगाह खोलने की मांग वाली याचिका का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया निपटारा कहा, राज्य सरकार से संपर्क करें
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मंगलवार को ईद की नमाज अदा करने हेतु मस्जिद/ईदगाह खोलने की मांग को लेकर दायर याचिका को यह कहते हुए निपटा दिया कि इस मांग के लिए याचिकाकर्ता को पहले सरकार से संपर्क करना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति गोविन्द माथुर एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की पीठ ने यह आदेश, उस जनहित याचिका पर दिया, जिसमे अदालत से यह अनुरोध किया गया था कि ईद की नमाज अदा करने के मद्देनजर, उत्तर प्रदेश में मस्जिदों व ईदगाहों को एक घंटे के लिए खोलने के निर्देश राज्य सरकार को दिए जाएँ। ...
'प्रवासी मजदूरों सहित अन्य लोगों को उत्तराखंड लौटने का हक है, बॉर्डर पर हो रैपिड एंटीबाडी टेस्ट', उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य-सरकार को दिए निर्देश
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुधवार (20-मई-2020) को प्रवासियों की दुर्दशा और अन्य जरूरतमंद लोगों द्वारा लॉकडाउन में सहे जा रहे कष्ट को लेकर दाखिल जनहित याचिकाओं के सम्बन्ध में यह आदेश दिया कि राज्य सरकार, उत्तराखंड राज्य की सीमाओं पर कार्यात्मक करन्तीन (Quarantine) केंद्रों को स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैथानी एवं न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने यह आदेश जारी करते हुए यह भी कहा कि इन क्वारन्टीन केंद्रों में मौजूद व्यक्तियों में से, जिनमे आईसीएमआर के दिशानिर्देशों...


















