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''देश को बदनाम किया जा रहा है और प्रधानमंत्री की छवि धूमिल की जा रही है'', बॉम्बे हाईकोर्ट में TikTok पर बैन लगाने के लिए याचिका
मुंबई की रहने वाली हिना दरवेश ने बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें लोकप्रिय मोबाइल ऐप TikTok पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। जनहित याचिका में दावा किया गया है कि चानइनीज एप्लिकेशन TikTok, जिसके दुनिया भर में 200 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं हैं, देश के युवाओं को प्रभावित कर रही है, क्योंकि यह नशे की लत की तरह है जिससे मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। TikTok के कारण दुर्घटनाएं? 11 नवंबर को दायर जनहित याचिका के अनुसार, टिक्टॉक के कारण असंख्य मौतें और...
दिल्ली हाईकोर्ट ने अदालतों में पुलिस को हटाकर अन्य सुरक्षा बल तैनात करने की याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को दो वकीलों की उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें तीस हजारी में वकीलों और पुलिस के बीच झड़प के मद्देनज़र अदालतों में दिल्ली पुलिस की बजाए किसी अन्य सुरक्षा बल की तैनाती करने की मांग की गई थी।मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने मामले की सुनवाई से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वकीलों और पुलिस के बीच स्थिति को सुलझाया जाना चाहिए और इस तरह की याचिकाएं इसमें मदद नहीं करेंगी। पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील अनिल सोनी से कहा कि...
'ऐक्ट ऑनली पॉलिसी' के संदर्भ में क्या पीछे बैठने वाला बीमा का दावा कर सकता है? सुप्रीम कोर्ट करेगा जांच
अगर कोई पॉलिसी 'ऐक्ट ऑनली' है तो क्या किसी डपहिये पर पीछे बैठा व्यक्ति बीमा का दावा कर सकता है या नहीं इस बारे में सुप्रीम कोर्ट जांंच करेगा। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हरिशिकेश रॉय की पीठ ने विशेष अनुमति याचिका के तहत एक नोटिस जारी किया है। यह याचिका एक बीमा कंपनी ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर किया है। ब्रांच मैनेजर लीगल, नैशनल इंस्योरेंस कंपनी लिमिटेड बनाम पिंटू मामले में बीमा कंपनी ने दलील दी कि चूँकि बीमा पॉलिसी 'ऐक्ट ऑनली पॉलिसी' था न कि...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम के ज़मानत आदेश में कट पेस्ट नहीं था
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को स्पष्ट किया कि पी चिदंबरम की जमानत खारिज करने के आदेश में रोहित टंडन के मामले में फैसले से कोई 'कट-पेस्ट' नहीं था। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने 17 नवंबर को "द हिंदू" द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट पर सू मोटो नोटिस लेने के बाद यह स्पष्टीकरण जारी किया। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि चिदंबरम के मामले में 15 नवंबर को दिए गए आदेश में रोहित टंडन के मामले के कुछ तथ्यों को कॉपी किया था। न्यायमूर्ति कैत ने स्पष्ट किया कि रोहित टंडन बनाम प्रवर्तन निदेशालय मामले में जमानत...
महज़ कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए रिट याचिका पर ग़ौर नहीं किया जाना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि रिट याचिका पर सिर्फ़ इसलिए ग़ौर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि कारण बताओ नोटिस जारी किया जाना है। न्यायमूर्ति यूयू ललित और विनीत सरन की पीठ केंद्रीय उत्पाद अधिनियम, 1944 के तहत दायर एक अपील पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। पीठ ने कहा कि वर्तमान मामले में हाईकोर्ट ने एक रिट याचिका को स्वीकार कर लिया और उसने संबंधित विभाग को यह बताने का निर्देश दिया कि वह प्रथम दृष्ट्या इस बात पर ग़ौर करे कि इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त मटीरीयल है कि नहीं। ...
INX मीडिया केस : चिदंबरम ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका, मंगलवार या बुधवार को हो सकती है सुनवाई
INX मीडिया केस में पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया था। सोमवार को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष याचिका पर जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया। उन्होंने पीठ को बताया कि पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम करीब 90 दिनों से जेल में हैं और उनकी जमानत याचिका पर मंगलवार या बुधवार को सुनवाई होनी चाहिए। पीठ ने सिब्बल से कहा कि हम...
.. जब CJI बोबडे के पहले दिन सुप्रीम कोर्ट में गवाह बने दो विदेशी जज
मुख्य न्यायाधीश का पद संभालने के बाद जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने जब सुप्रीम कोर्ट में पहले दिन का कामकाज संभाला और कोर्ट शुरू की तो कोर्टरूम में दो खास विदेशी मेहमान भी इस कार्रवाही का हिस्सा बने।दरअसल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में जमैका के मुख्य न्यायाधीश ब्रायन सैकस और भूटान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज कुएनेल शेरिंग को भी आमंत्रित किया गया और वो दोनों कोर्ट में आए। दोनों जजों के डॉयस पर रखी की कुर्सियों पर बैठे और कोर्ट कार्रवाही को देखा। मुख्य न्यायाधीश बोबडे के साथ पहले दिन जस्टिस बी आर गवई और...
जस्टिस कॉनरैड स्टानिलॉस डायस ने केरल हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली
जस्टिस कॉनरैड स्टानिलॉस डायस ने सोमवार को केरल के उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। भारत के राष्ट्रपति ने 13 नवंबर को उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया था। अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति दो साल की अवधि के लिए है। उनके नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 25 मार्च 2019 को की थी। जस्टिस कॉनरैड स्टानिलॉस डायस एंग्लो-इंडियन समुदाय के पहले व्यक्ति हैं, जिन्होंने भारत में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण किया है। उनकी नियुक्ति के साथ, केरल...
सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह, जानिए वीकली राउंड अप
सुप्रीम कोर्ट में पिछला सप्ताह (11 नवंबर से 15 नवंबर 2019 तक) काफी हलचल वाला रहा। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई रिटायर्ड हुए, लेकिन इससे पहले उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय सुनाए। इन खास मुद्दों में मुख्य न्यायाधीश का कार्यालय RTI के दायरे में, सबरीमाला, राफेल, राहुल गांधी अवमानना जैसे मामले थे। आइए एक नज़र में देखते है कि सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह। मुख्य न्यायाधीश का कार्यालय RTI के दायरे में, सुप्रीम कोर्ट ने दिया ऐतिहासिक फैसला एक ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम...
जस्टिस एस ए बोबडे बने देश के 47 वें मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ
जस्टिस एस ए बोबडे ने देश के 47 वें देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाल लिया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में पद की शपथ दिलाई। वो 23 अप्रैल, 2021 को सेवानिवृत्त होंगे। जस्टिस बोबडे आठवें मुख्य न्यायाधीश हैं जो महाराष्ट्र से हैं। वो 9 नवंबर को आए अयोध्या रामजन्मभूमि- बाबरी मस्जिद भूमि के ऐतिहासिक फैसले में पांच जजों की पीठ में शामिल थे। पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जस्टिस बोबडे ने 1978 में नागपुर...
एक संस्थान के रूप में जो संभव था उससे ज़्यादा हमने देने की कोशिश की है : सीजेआई गोगोई ने जजों से कहा
"एक संस्थान के रूप में हमें निगरानी कार्यों पर ज़्यादा ध्यान देना है ताकि हम ऐसे स्थानीय प्रभावों से अपने अदालत परिसरों, अपनी न्यायिक प्रक्रियाओं, अपने जजों और कर्मचारियों को ऐसे स्थानीय प्रभावों से सुरक्षित रख सकें जिनका हमारे सस्थान के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है पर जो हमारी प्रक्रिया का प्रयोग अपने घृणात्मक षड्यंत्र को अंजाम देते हैं"। अपने कार्यकाल के अंतिम दिन सीजेआईए रंजन गोगोई ने 650 से अधिक हाईकोर्ट जजों और न्यायिक अधिकारियों को विडीओ कंफ्रेंसिंग से बातचीत के दौरान यह सब कहा। ...
AIMPLB ने अयोध्या में मस्जिद बनाने के लिए आवंटित 5 एकड़ भूमि स्वीकार करने से किया इनकार
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने अयोध्या में मस्जिद बनाने के लिए आवंटित 5 एकड़ भूमि स्वीकार करने से मना कर दिया है। एआईएमपीएलबी के एक बयान में कहा कि, "मस्जिद मुसलमानों के धार्मिक कार्यों के लिए आवश्यक है। इस तरह की स्थितियों में किसी अन्य जगह पर उसी तरह की मस्जिद का निर्माण करना भी इस्मामिक नियमों के अनुसार स्वीकार्य नहीं है।" सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने 9 नवंबर को एक सर्वसम्मत निर्णय में कहा था कि अयोध्या में विवादित भूमि हिंदू देवता राम लला की है।...
जस्टिस आर बानुमथी : 13 साल बाद सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम में कोई महिला जज आईं
एक दशक से अधिक समय, लगभग 13 साल के बाद सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम में किसी महिला जज को स्थान मिला है। जस्टिस रंजन गोगोई के रिटायरमेंट के साथ जस्टिस आर बानुमथी अब सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष पांच वरिष्ठ न्यायाधीशों में से एक हो गई हैं। जस्टिस बानुमथी तमिलनाडु से हैं और 2014 में सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में पदोन्नत हुई थीं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जिला और सत्र न्यायाधीश के रूप में की थी। बाद में उन्हें मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। वह झारखंड उच्च न्यायालय की...
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को POCSO मामलों की जांच के लिए अतिरिक्त फोर्स का गठन करने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट (POCSO) अपराधों की जांच के लिए अतिरिक्त फोर्स का गठन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि POCSO अपराध की जांच के सभी चरणों और कोर्ट ट्रायल को अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। "यह इन मामलों में चौंकाने वाली स्थिति है", सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्रार सुरिंदर एस राठी की रिपोर्ट पर पीठ ने टिप्पणी की। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि POCSO मामलों के 20% मामलों में,...
चेक बाउंस मामले में यदि दीवानी अदालत में ऋण साबित किया जाता है तो बकाया राशि के दावे को साबित करने की आवश्यकता नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चेक बाउंस मामले में एक शिकायतकर्ता को 'देय राशि' साबित करने की आवश्यकता नहीं है, यदि उसे दीवानी अदालत के समक्ष ऋण साबित किया जाता है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि अभियुक्त ने उससे सेब की फसल खरीदी थी तथा उसके और अभियुक्त के अधिकृत अभिकर्ता (एजेंट) के बीच अंतिम राशि का निर्धारण हुआ था, जिसके तहत शेष 5,38,856 रुपये उससे लेने थे। जब चेक बाउंस हुआ तो ट्रायल कोर्ट के समक्ष एक शिकायत दायर की गयी थी। निचली अदालत ने शिकायत निरस्त की थी निचली अदालत ने शिकायत इस आधार पर...
असहमत ऋणदाता के साथ भेदभाव न किये जाने के एनसीएलएटी के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने किया निरस्त
उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के उस आदेश को शुक्रवार को निरस्त कर दिया, जिसमें उसने व्यवस्था दी थी कि असंतुष्ट वित्तीय ऋणदाताओं के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता । न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति रवीन्द्र भट की पीठ ने रावे स्कैन प्राइवेट लिमिटेड की दिवालिया प्रक्रिया समाधान आवेदन से संबंधित राहुल जैन की अपील मंजूर कर ली। अपीलकर्ता असंतुष्ट वित्तीय ऋणदाता हीरो फिनकॉर्प के दावे को बढ़ाने संबंधी स्वीकृत समाधान योजना में संशोधन के एनसीएएलटी के...
संभागीय आयुक्त को आंगनवाड़ी सेविका की नियुक्ति को रद्द करने का अधिकार नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की एक पूर्ण पीठ ने माना है कि संभागीय आयुक्त (डिविजनल कमीश्नर) के पास महाराष्ट्र जिला परिषदों और पंचायत समितियों अधिनियम 1961 की धारा 267 ए के तहत यह अधिकार क्षेत्र नहीं है, कि वह एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के तहत गठित चयन समिति की सिफारिश पर नियुक्त की गई आंगनबाड़ी सेविका की नियुक्ति को रद्द कर दे। औरंगाबाद पीठ के जस्टिस एस.वी गंगापुरवाला, जस्टिस आ.रवी घुगे और और जस्टिस ए.एस. किलोर की पीठ ने एकल पीठ द्वारा 20 जनवरी, 2012 के एक फैसले में फ्रेम किए गए उक्त मुद्दे का...
कोई व्यक्ति या संस्था कितना भी शक्तिशाली हो, उसे न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती : सुप्रीम कोर्ट
कोई भी व्यक्ति या संस्था कितने भी शक्तिशाली हो, उसे न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऑस्कर इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (ओआईएल) और आरएचसी होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ एक अवमानना याचिका पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की। अदालत ने कहा, निदेशक ने जानबूझकर और संयोग से न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की और संबंधित सामग्री को दबाया। उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय को आश्वासन दिया था कि उनके द्वारा किए गए किसी भी सौदे से याचिकाकर्ताओं के...
जस्टिस कुरैशी ने त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला
शपथ ग्रहण समारोह के बाद न्यायमूर्ति अकिल अब्दुल हमीद कुरैशी ने शनिवार को त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला। वह मुख्य न्यायाधीश संजय करोल की जगह लेंगे, जिन्हें हाल ही में पटना उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया गया है। केंद्र ने न्यायमूर्ति कुरैशी की नियुक्ति की अधिसूचना 30 अक्टूबर को उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिश के आधार पर 30 अधिसूचित की थी। जस्टिस कुरैशी को 10 मई को मध्य प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के के लिए...




















