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सिर्फ नजरिये में अंतर आने से ही आयकर अधिनियम की धारा 147 के तहत दुबारा आकलन नहीं किया जा सकता : मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने दुबारा असेसमेंट के खिलाफ एक अपील को स्वीकार करते हुए कहा कि सिर्फ नजरिये में अंतर दुबारा असेसमेंट का कोई आधार नहीं बनता. सिटी यूनियन बैंक लिमिटेड बनाम असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ इनकम टैक्स एवं अन्य मामले में मदुरै पीठ के न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन ने यह आदेश दिया. असेसमेंट दुबारा करने का कारण यह बताया गया कि आयकर अधिनियम की धारा 14A के तहत अनुमति नहीं देने के दावे की गणना आयकर नियम 1961 के तहत नहीं की गई थी. इस सन्दर्भ में अदालत ने आयकर अधिकारी वार्ड नंबर 16 बनाम टेकस्पान इंडिया...
एलएलएम एडमिशन के वक्त एलएलबी की डिग्री जमा न कर सके कैंडिडेट को दिल्ली हाईकोर्ट ने दी राहत
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि जब तक इन्फार्मेशन बुलेटिन / प्रोस्पेक्टस यह स्पष्ट नहीं है कि पूरक परीक्षा का परिणाम मुख्य परीक्षा से संबंधित नहीं होगा, तब तक संशय का लाभ उम्मीदवार को दिया जाएगा मौजूदा याचिका एक उम्मीदवार ने दायर की है, जो एलएलएम के लिए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली में प्रवेश की मांग कर रहा था। एनएलयूडी ने 2019 में एलएलएम पाठ्यक्रम के लिए जो पात्रता मानदंड रखा है, उसके अनुसार उम्मीदवार को एलएलबी अथवा किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से एलएलबी के समकक्ष डिग्री में कम से कम 55%...
LLM छात्रा से रेप : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी चिन्मयानंद की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद द्वारा दायर जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया है। उन पर कानून की छात्रा के साथ बलात्कार का आरोप लगाया गया है। दरअसल चिन्मयानंद को एसआईटी ने 20 सितंबर को गिरफ्तार किया था जब पीड़िता ने अपने आरोपों का समर्थन करने के लिए एसआईटी को एक पेन ड्राइव दिया था और तब से वो हिरासत में है। शाहजहांपुर के सत्र न्यायालय ने 30 सितंबर को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।16 नवंबर ...
हरेन पंड्या हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की पुनर्विचार याचिका खारिज की, सजा बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने 2003 में गुजरात के तत्कालीन गृह मंत्री हरेन पंड्या की हत्या के मामले में दस दोषियों की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस विनीत सरन की पीठ ने आदेश में कहा कि पुनर्विचार याचिकाओं पर गौर करने के बाद ये पाया है कि पुराने फैसले में कोई त्रुटि नहीं है और इसलिए उस पर फिर से विचार करने की कोई आवश्यकता नहीं है।सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया था दरअसल पांच जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को पलटते...
सेवानिवृति के दो दिनों बाद ही पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने सरकारी बंगला खाली किया
हाल ही में सेवानिवृत हुए देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने दो दिनों के भीतर अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया है। इतनी जल्दी सरकारी बंगला खाली करने वाले शायद वो पहले मुख्य न्यायाधीश हैं।गौरतलब है कि 20 नवंबर को पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने अपना 5, कृष्ण मेनन मार्ग स्थित बंगले को खाली कर दिया। इसके बाद वो गुवाहाटी स्थित अपने आवास पर चले गए हैं।आमतौर पर मुख्य न्यायाधीश को सेवानिवृति के बाद सरकारी बंगला खाली करने के लिए एक महीने से ज्यादा का समय मिलता है लेकिन जस्टिस गोगोई ने पहले ही...
चिट फंड (संशोधन) विधेयक लोकसभा में पास, पढ़िए क्या हैं इसके प्रावधान
लोकसभा ने गुरुवार को चिट फंड (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित किया, ताकि चिट फंड क्षेत्र की क्रमबद्ध वृद्धि हो सके और लोगों को अधिक वित्तीय पहुंच प्रदान की जा सके। इस विधेयक को 5 अगस्त, 2019 को संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया गया था और इसे ध्वनि मत से पारित किया गया था। उल्लेखनीय रूप से बिल को पिछली लोकसभा में भी पेश किया गया था, लेकिन फिर इसे वित्त संबंधी स्थायी समिति को भेज दिया गया जिसने अगस्त 2018 में अपनी सिफारिशें दीं। इस विधेयक से चिट फंड अधिनियम 1982 में संशोधन करने का...
अभियोजन पक्ष की सहायता के लिए नियुक्त निजी वकील जिरह और गवाहों का परीक्षण नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हालांकि, पीड़ित व्यक्ति अभियोजन पक्ष की सहायता के लिए एक निजी वकील को मामले में शामिल कर सकता है, लेकिन ऐसे वकील को मौखिक रूप से दलील देने या गवाहों का परीक्षण करने और जिरह करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता। न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनगौदर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखते हुए एक आपराधिक मामले में पीड़िता द्वारा दिए गए आवेदन को खारिज कर दिया। इस आवेदन में लोक अभियोजक के बाद उसके वकील को गवाह का क्रॉस एक्ज़ामिन करने के लिए...
आईपीसी 376R/w 511 : भले ही आरोपी ने खुद के कपड़े न उतारे हों, बलात्कार के प्रयास का अपराध तब भी माना जाएगा : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला के बलात्कार के प्रयास के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 376, धारा 511 के साथ पढ़ें, के तहत एक आरोपी को दोषी ठहराया। अपील में अभियुक्त की ओर से यह दलील दी गई कि, क्योंकि उसने कोई स्पष्ट कृत्य जैसा कोई काम नहीं किया था, कथित कृत्य (बलात्कार) करने के लिए खुद कपड़े उतारने का भी कोई प्रयास नहीं किया था, इसलिए उसका कृत्य आईपीसी की धारा 511 धारा 376 के साथ पढ़ें, के तहत अपराध का गठन नहीं करता। इस मामले [चैतू लाल बनाम उत्तराखंड राज्य] में यह साबित हो गया था कि आरोपी ने...
चुनाव के अंतिम परिणाम की घोषणा से पहले आंकड़ों का वास्तविक और सटीक सामंजस्य स्थापित हो, सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर चुनाव आयोग (ECI) को किसी भी चुनाव के अंतिम परिणाम की घोषणा से पहले मतदान और मतगणना के डेटा का वास्तविक और सटीक सामंजस्य स्थापित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और कॉमन कॉज द्वारा दायर जनहित याचिका में कोर्ट से कहा गया कि वो 17 वीं लोकसभा चुनाव परिणामों में चुनाव के आंकड़ों में विसंगतियों की जांच करने के लिए ECI को निर्देश दें और भविष्य के सभी चुनावों की जांच के लिए एक मजबूत प्रक्रिया तैयार करें।याचिका में...
सबरीमला मंदिर : सुप्रीम कोर्ट अयप्पा मंदिर के प्रबंधन और रखरखाव के लिए विशिष्ट कानून बनाने के निर्देश दिए
केरल के सबरीमला अय्यपप्पा मंदिर में बेहतर प्रबंधन और रखरखाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को निर्देश दिया है कि वो गुरुवायुर जैसे कुछ अन्य मन्दिरों की तर्ज पर एक नया कानून बनाए।जस्टिस एनवी रमना की अगुवाई वाली पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि राज्य सरकार जनवरी के तीसरे सप्ताह तक इस कानून को तैयार करे।पीठ ने कहा कि कोर्ट ने पहले के फैसले में 27 अगस्त तक ये कानून बनाने के लिए निर्देश दिया था लेकिन केरल सरकार ने त्रावणकोर कोचीन हिन्दू धार्मिक संस्थान कानून में संशोधन का ड्राफ्ट...
'सुपर 30' के आनंद कुमार को गुवाहाटी हाईकोर्ट में पेश होने का निर्देश, छात्रों ने लगाई PIL
'सुपर 30' फेम गणितज्ञ आनंद कुमार को 26 नवंबर को कुछ छात्रों द्वारा जनहित याचिका पर अपना पक्ष रखने के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश अजय लांबा और न्यायमूर्ति अचिंत्य मल्ला बुजोर बरुआ की पीठ को आदेश दिया, "हम निर्देश देते हैं कि उत्तरदाता नंबर 8 (आनंद कुमार) को मामले की सुनवाई की अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित रहना होगा। यदि उत्तरदाता नंबर 8 सुनवाई की अगली तारीख को उपस्थित नहीं होता है, तो हम कोर्ट में पेश होने के लिए उनके नाम...
अगर प्रथम दृष्टया मामला बनने का आधार है तो सीआरपीसी 228 के तहत विस्तृत आदेश की ज़रूरत नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली उच्च न्यायालय ने माना है कि आरोप पर ट्रायल कोर्ट के आदेश को लंबा या विस्तृत होना जरूरी नहीं है। इस तरह के आदेश से संकेत मिलना चाहिए कि ट्रायल कोर्ट की राय में एक प्रथम दृष्टया मामला बनता है। अदालत ने धारा 397, सीआरपीसी की धारा 401 के साथ पढ़ा जाए, के तहत दायर एक पुनरीक्षण याचिका को निपटाने के दौरान यह अवलोकन किया, जिसमें याचिकाकर्ता ने अपने खिलाफ आरोप तय करने पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता की दलीलयाचिकाकर्ता ने प्रस्तुत किया था कि ट्रायल कोर्ट...
INX मीडिया केस : चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ED को नोटिस जारी कर जवाब मांगा, 26 को सुनवाई
INX मीडिया केस में पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय ( ED) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट अब 26 नवंबर को मामले की सुनवाई करेगा। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान चिदंबरम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने जस्टिस आर बानुमति, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस ह्रषिकेश रॉय की पीठ के सामने दलील दी कि उन्हें जेल में 91 दिन हो चुके हैं। ट्रिपल टेस्ट परीक्षण में भी वो पास हो चुके हैं। इसके अलावा किसी अन्य केस...
देश में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, दो बच्चों की नीति समेत कई कदम उठाने की मांग
देश की बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए दो बच्चों की पॉलिसी सहित कुछ कदमों को लागू करने की मांग करने वाली जनहित याचिका को खारिज करने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर अपील में 3 सितंबर के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें कहा गया था कि यह कानून बनाने का काम संसद और राज्य विधानसभाओं का है ना कि अदालत का। याचिका में दिए गए तर्क शीर्ष अदालत में दायर याचिका में...
वरिष्ठता तब से आंकी नहीं जा सकती, जब तक कोई सेवा में पदस्थ ना हुआ हो : सुप्रीम कोर्ट
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि सेवा न्यायशास्त्र के तहत वरिष्ठता का दावा उस तिथि से नहीं किया जा सकता जब कोई कैडर में पदस्थ ना हुआ हो। न्यायमूर्ति आर बानुमति, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ मणिपुर पुलिस सेवा ग्रेड II अधिकारी संवर्ग में अंतर-वरिष्ठता विवाद से संबंधित मामलों में मणिपुर उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील पर विचार कर रही थी। भारत संघ और अन्य बनाम एन आर परमार (2012) 13 SCC 340, में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर निर्भर इस मामले में अपीलकर्ताओं ने तर्क...
जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंध : सरकार के वकीलों के पेश न होने से सुप्रीम कोर्ट हुआ नाराज, याचिकाकर्ताओं ने कहा, जीने के अधिकार का उल्लंघन
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने के बाद इंटरनेट, संचार माध्यमों व अन्य प्रतिबंध लगाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की ओर से वकीलों के पेश ना होने पर नाराज़गी जताई। मंगलवार को जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस बीआर गवई ने अनुराधा भसीन, गुलाम नबी आजाद और अन्य लोगों द्वारा दाखिल जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कहा, " ऐसा लगता है कि सरकार के वकील इस मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं। किसी को जिम्मेदारी लेनी पडे़गी, मामले में...
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की वैधता पर 22 जनवरी को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग की श्रेणी (SEBC) के तहत महाराष्ट्र सरकार द्वारा मराठा समुदाय को दिए गए आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 22 जनवरी को सुनवाई करेगा। मंगलवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस सूर्य कांत की पीठ ने कहा कि इस मामले में कई याचिकाएं हैं जिन पर विस्तार से सुनवाई होनी है । सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण पर रोक लगाने से कर दिया था इनकारगौरतलब है कि 12 जुलाई को...
बलात्कार एक गंभीर अपराध, आरोपी और पीड़ित के बीच समझौते से इसे समाप्त नहीं किया जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें बलात्कार के एक मामले पर रोक लगाने के लिए आईपीसी की धारा 376 के तहत मुकदमा दायर किया गया था, जिसमें पीड़ित और आरोपी के बीच समझौता किया गया था। सीआरपीसी की धारा 482 के तहत निहित शक्ति का उपयोग करने से इनकार करते हुए न्यायमूर्ति बृजेश सेठी ने कहा कि बलात्कार न केवल एक महिला के शरीर पर गंभीर चोट का कारण बनता है, बल्कि उसके सम्मान पर चोट भी है, इसलिए, भले ही अपराधी और पीड़ित द्वारा इस तरह के अपराध में समझौता हो गया हो, लेकिन इस अपराध...




















