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नर्सों को हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराना अस्पतालों का कर्तव्य, अस्पतालों को होने वाले मुनाफों से कोई मतलब नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बेहतर मेडिकल सेवा देने के लिए नर्सों को हॉस्टल की सुविधा देना अस्पतालों का एक सकारात्मक कर्तव्य है। अदालत ने कुछ व्यापक सिद्धांत भी गिनाए हैं, ताकि इनके आधार पर यह निर्धारित किया जा सके कि कोई गतिविधि या लेनदेन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 2(1)(d) के तहत आते हैं। न्यायमूर्ति एमएम शांतनागौदर और अजय रस्तोगी की पीठ ने लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट बनाम मै. यूनीक शांति डेवलपर्स मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के ख़िलाफ़ एक अपील की सुनवाई करते हुए यह...
गुजरात हाईकोर्ट ने सिविल जजों की भर्ती में 10 प्रतिशत EWS कोटा न देने के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया
गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सिविल जजों की भर्ती के लिए जारी हालिया विज्ञापन को ''समानता के उल्लंघन'' के आधार पर चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है, क्योंकि इस विज्ञापन में 'आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानि EWSके लिए 10 प्रतिशत के आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया है। न्यायमूर्ति एन .वी अंजारिया ने राज्य के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, गुजरात राज्य लोक सेवा आयोग और हाईकोर्ट की भर्ती सेल के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर 10 जनवरी, 2020 तक उनका जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता दिलीपकुमार...
कानून छात्रा को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने बयानों की कॉपी देने के हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को शाहजहांपुर की कानून की छात्रा द्वारा दायर एक याचिका पर नोटिस जारी करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सात नवंबर के आदेश पर रोक लगा दी है। छात्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता चिन्मयानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न और बलात्कार के आरोप लगाए थे। याचिका में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सात नवंबर के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें चिन्मयानंद के उस आवेदन को मंजूरी दी थी जिसमें सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज पीड़िता के बयान की प्रमाणित प्रति मांगने की अनुमति मांगी गई...
एनआई अधिनियम धारा 138 : हलफनामे पर अभियुक्त को साक्ष्य प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी जा सकती : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने माना है कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (परक्राम्य लिखत अधिनियम) के प्रावधानों के तहत मुकदमे का सामना करने वाले आरोपी को हलफनामे (एफिडेविट) पर सबूत पेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति सुरिंदर गुप्ता ने कहा, ''याचिकाकर्ता एक अभियुक्त है, जो एनआई अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई शिकायत के मामले में मुकदमे का सामना कर रहा है| ऐसे में वह हलफनामे के माध्यम से अपने सबूत पेश करने के लिए सक्षम नहीं है। ट्रायल कोर्ट ने इस संबंध में याचिकाकर्ता को अनुमति न...
सिविल जज की परीक्षा में 41 उत्तर गलत, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिया रद्द करने का आदेश
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सिविल जज के लिए छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमिशन द्वारा आयोजित की गई प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने ये फैसला परीक्षा के लिए प्रकाशित उत्तर कुंजी में शामिल 100 प्रश्नों में 41 गलतियां पाए जाने के बाद दिया। जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल जज बेंच ने परीक्षा परिणाम के खिलाफ 10 याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर रिट पेटिशन्स की सुनवाई में कहा कि जिस प्रकार पूरी परीक्षा ली गई है, उसे जारी नहीं रखा जा सकता। "प्रश्नपत्रों में जिस मात्रा और प्रतिशत में...
हाइकोर्ट में 40% जजों के पद ख़ाली, सुप्रीम कोर्ट ने सभी स्तरों पर जजों की शीघ्र नियुक्ति के लिए एजी की मदद मांगी
यह बात सुप्रीम कोर्ट के नव नियुक्त मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसए बोबडे के इस दावे के विपरीत है कि केंद्र सरकार न्यायिक नियुक्तियों में कोई देरी नहीं करता। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और केएम जोसफ़ की पीठ ने लगभग 40% हाईकोर्ट जजों के पद रिक्त होने पर चिंता जताई। पीठ ने कहा कि अगर केंद्र सरकार समय पर नियुक्त होने वाले जजों के नामों पर कोई निर्णय नहीं लेती है तो नियुक्ति से छह महीने पहले जजों के नामों की सूची भेजने का कोई मतलब नहीं है। इस संदर्भ में, अटर्नी जनरल ने कहा कि वह इस मुद्दे को उचित...
विवाह को साबित करने के लिए एग्रीमेंट का मात्र पंजीकरण करवाना ही पर्याप्त नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि विवाह को साबित करने के लिए विवाह के समझौते का मात्र पंजीकरण ही पर्याप्त नहीं है। बटवारे के एक केस में वादी का दावा था कि वह प्रतिवादी के मृतक बेटे की पत्नी थी। ट्रायल कोर्ट ने माना कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 7 के संदर्भ में आवश्यक विवाह समारोह को साबित करने का कोई सबूत नहीं है, इसलिए विवाह को साबित करने के लिए विवाह का एक एग्रीमेंट (समझौता) पंजीकृत होना ही पर्याप्त नहीं है। प्रथम अपीलीय अदालत ने यह माना कि एग्रीमेंट विशेष विवाह अधिनियम 1954 के...
मुख्य न्यायाधीश गोगोई के विदाई समारोह में ना मंच सजा, ना हुई भाषणबाजी, वीडियो कांफ्रेसिंग से जरिए देशभर के जजों से की बात
देश के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने परंपरा के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित विदाई समारोह में हिस्सा तो लिया लेकिन इस दौरान भी वो शांत रहे। सुप्रीम कोर्ट लॉन में आयोजित समारोह में ना कोई मंच बनाया गया और ना ही कोई भाषण बाजी हुई। हालांकि इस दौरान मुख्य न्यायाधीश गोगोई का एक नोट पढ़ा गया जिसमें कहा गया था, 'भले ही मैं शारीरिक रूप से यहां मौजूद ना रहूं लेकिन मेरा एक हिस्सा हमेशा सुप्रीम कोर्ट में रहेगा।' जस्टिस गोगोई ने अपने साथी जजों और सभी सहयोगी अधिकारियों के साथ SCBA का भी...
ऑड-ईवन योजना भी प्रदूषण पर काबू पाने में नाकाम, यूपी, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली विफल : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हरियाणा, पंजाब, यूपी और दिल्ली की सरकारों को भारी फटकार लगाते हुए कहा कि वो प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने में विफल रही हैं। जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने 29 नवंबर को इन सरकारों के मुख्य सचिवों को तलब किया है। कोर्ट ने पहले उन्हें 6 नवंबर को भी तलब किया था। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से कहा गया है कि वह 3 पहिया वाहनों को औचक तरीके से जांचें जो प्रदूषणकारी ईंधन पर चल रहे हैं और 7 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। डीडीए,...
मधु कोड़ा नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एक साल और अयोग्य रहिए
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि वो आगामी विेधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। हालांकि अयोग्यता को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को कोड़ा की ओर से पेश वकील ने जस्टिस एन वी रमना की पीठ को बताया कि अयोग्यता को दो साल हो चुके हैं लिहाजा अब उन्हें झारखंड विधानसभा चुनाव लड़ने की अनुमति दी जानी चाहिए। लेकिन पीठ ने कहा कि दो साल हो चुके हैं और एक साल बचा है। ये एक साल भी गुजारा...
मुख्य न्यायाधीश ने मीडिया इंटरव्यू पर जारी किया बयान, कहा कड़वा सच यादों में रहे
मीडिया के साथ साक्षात्कार के लिए इनकार करते हुए देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने असमर्थता जताते हुए एक बयान जारी किया है। इन बयानों में मुख्य न्यायाधीश ने कहा है कि कई पत्रकारों से एक से एक साक्षात्कार अनुरोध प्राप्त किए हैं। बेंच और जजों को अपनी आजादी का प्रयोग चुप्पी बनाए रखने के लिए करना चाहिए। न्यायाधीश कार्यात्मक आवश्यकता से बाहर बात कर सकते हैं।कड़वा सच स्मृति में रहना चाहिए। प्रेस की दरियादिली का आइडिया कभी भी मेरी संस्था के हित में पसंद नहीं आया। उन्होंने कहा कि...
महाराष्ट्र में शिवसेना, NCP, कांग्रेस के गठबंधन के खिलाफ याचिका : सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार किया
महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के बीच एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट पहुंची है जिसमें अदालत से अनुरोध किया गया है कि अदालत शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( NCP) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनने पर रोक लगाए। याचिकाकर्ता अखिल भारत हिन्दू महासभा के नेता प्रमोद जोशी की ओर से मामले की जल्द सुनवाई के लिए शुक्रवार को जस्टिस एन वी रमना से अनुरोध किया गया लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। जस्टिस रमना ने कहा कि ये केस तय सूची के तहत ही सुनवाई के लिए आएगा। दरअसल इस याचिका में प्रमोद जोशी ने सुप्रीम कोर्ट...
..और आखिरी कार्य दिवस में मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने कहा, 1-10 नोटिस, स्टे और थैंक यू
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई अपने आखिरी कार्यदिवस के दिन अगले मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे के साथ कोर्ट में बैठे और पांच मिनट में उठकर चले गए। इस बीच सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश खन्ना ने उनको धन्यवाद दिया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही कहा कि उन्होंने हमेशा संस्थान और बार के लिए कार्य किया है। CJI गोगोई ने उन्हें धन्यवाद दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई मेंशनिंग नहीं होगी। साथ ही जो दस केस लिस्ट हुए थे, कहा, " 1-10 केस नोटिस, स्टे और शुक्रिया।" दरअसल वो...
पीड़ित के मौलिक अधिकारों का हनन : अगर विधायिका निष्क्रिय है तो क्या कोर्ट हाथ जोड़कर बैठा रहे : सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस विनीत सरन, जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस एम आर शाह और जस्टिस एस रवीन्द्र भट की संविधान पीठ ने कौशल किशोर बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में दलीलें सुनीं। इस मामले में यह सवाल शामिल है कि क्या भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत सार्वजनिक कार्यालयों को संभालने वाले लोगों के लिए बोलने की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार पर अधिक प्रतिबंध है। जस्टिस मिश्रा ने सुनवाई शुरू होते ही निम्नलिखित का जवाब मांगा: "कुछ ख़ामियों के लिए ज़िम्मेदार मंत्री को हम किस...
राजस्थान हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने की समय सीमा 90 दिन तय की
राजस्थान हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने फैमिली कोर्ट अधिनियम, 1984 की धारा 19 और हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 28 के तहत निहित प्रावधानों के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए कहा है कि परिवारिक या फैमिली कोर्ट के एक फैसले में अपील दायर करने की सीमा या मियाद या परिसीमन की अवधि 90 दिन मानी जाएगी। यह आदेश दो प्रावधानों के बाद से बनी हुई भ्रम की स्थिति को संबोधित करते हुए दिया गया है। हिंदू विवाह अधिनियम के तहत अपील ,आदेश की तारीख के 90 दिन के अंदर दायर करना निर्धारित किया गया है, जबकि...
सेवानिवृत्त लोक सेवक के खिलाफ केस चलाने के लिए स्वीकृति की आवश्यकता नहीं-इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि भ्रष्टाचार निवारण या निरोधक अधिनियम, 1988 के तहत एक लोक सेवक या सरकारी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के बाद उसके खिलाफ केस चलाने के लिए किसी भी अनुमोदन या स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने याचिकाकर्ता, एक सरकारी इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, श्याम बिहारी तिवारी द्वारा उठाए उन तर्कों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वह लोक सेवक की परिभाषा के अंतर्गत आते हैं, इसलिए अभियोजन के लिए स्वीकृति आवश्यक थी। कोर्ट...
दिल्ली हाईकोर्ट का केंद्र को निर्देश, पूर्व सांसद और विधायक के नाम बताएं जो अब भी सरकारी बंगलों में रह रहे हैं
दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को एक सप्ताह के भीतर सभी पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों और अन्य सरकारी अधिकारियों के नाम और पते बताते हुए एक हलफनामा दायर करने का नोटिस दिया है, जो अनधिकृत तरीके से सरकारी बंगलों पर कब्जा कर रह रहे हैं। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस हरि शंकर की डिवीजन बेंच ने सरकार से उन बकाया राशियों का उल्लेख करने को भी कहा है, जिन्हें सरकारी बंगलों में अनधिकृत तरीके से रहने वाले अधिकारियों से वसूल करना है। एंटी करप्शन काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा दायर एक जनहित याचिका में...
बेंगलुरू सिविल कोर्ट का सर्कुलर, कर्मचारी काम के दौरान सभ्य कपड़े पहनें
बेंगलुरू सिविल कोर्ट में कर्मचारियों को काम के दौरान सभ्य कपड़े चाहिए। महिलाओं को साड़ी / चूड़ीदार पहनना चाहिए, पुरुषों को कुर्ता / पायजामा या शर्ट / पतलून पहनना चाहिए। सिटी सिविल कोर्ट बेंगलुरू ने एक सर्कुलर जारी कर कर्मचारियों को ड्यूटी पर रहते हुए एक सभ्य ड्रेस कोड का पालन करने के लिए कहा है। इसमें कहा गया कि यह सुझाव दिया जाता है कि पुरुष अधिकारी और कर्मचारी पायजामा / कुर्ता या शर्ट / पतलून जैसे कपड़े पहनें। जबकि महिला कर्मचारियों को सभ्य कपड़े जैसे 'साड़ी' या 'चूड़ीदार' पहनना चाहिए। ...
इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर को मिले अंतरिम संरक्षण पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार
विदेशों से मिले चंदे के दुरुपयोग के मामले में वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर को बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली राहत के खिलाफ सीबीआई की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए अंतरिम संरक्षण पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इंकार कर दिया, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ताओं को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने एनजीओ लायर्स कलेक्टिव और उसके संस्थापक वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर को बॉम्बे हाईकोर्ट...
"चौकीदार चोर है" टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना का मामला किया बंद
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 'चौकीदार चोर है' टिप्पणी के लिए अवमानना का मामला बंद कर दिया। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एस के कौल और के एम जोसेफ की पीठ ने भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राहुल गांधी द्वारा व्यक्त किए गए खेद के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई बंद कर दी। न्यायालय ने हालांकि "सावधानी" शब्द जोड़ते हुए कहा कि राहुल गांधी को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी। न्यायमूर्ति कौल ने कहा, "कोर्ट को...



















