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COVID-19 : UK में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
COVID-19 : UK में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को COVID-19 महामारी के मद्देनज़र लॉकडाउन और यात्रा में व्यवधान के कारण यूनाइटेड किंगडम में फंसे भारतीय छात्रों की तत्काल निकासी के संबंध में याचिका पर केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा है।भारत के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की एक पीठ ने नोटिस जारी किया और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से तत्काल निर्देश लेने का अनुरोध किया। याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व वकील सुनील फर्नांडिस ने किया था। मामले को 13 अप्रैल को सूचीबद्ध किया गया है।वकील मधुरिमा...

COVID-19 : सुप्रीम कोर्ट ने 50 साल से अधिक उम्र, बीमार कैदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार किया, सरकार के पास जाने को कहा
COVID-19 : सुप्रीम कोर्ट ने 50 साल से अधिक उम्र, बीमार कैदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार किया, सरकार के पास जाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें COVID-19 के चलते जेल से उन कैदियों की रिहाई के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी जो कैदी 50 साल की उम्र से ज्यादा हैं या फिर पहले से ही बीमारियों से पीड़ित हैं।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की पीठ ने कहा कि ये केस टू केस के आधार पर होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, " हमें नहीं पता कि सरकार इस बारे में क्या सोचती है, लेकिन हमें लगता है कि यह मामला केसों के आधार पर होना चाहिए। हम सभी मामलों के लिए एक ही आदेश पारित नहीं करेंगे।आप...

प्रवासी श्रमिकों को और राहत देने की याचिका पर दो सप्ताह बाद विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट
प्रवासी श्रमिकों को और राहत देने की याचिका पर दो सप्ताह बाद विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट उस याचिका पर दो सप्ताह बाद विचार करेगा जिसमें प्रवासी मजदूरों को लेकर और भी दिशा- निर्देश मांगे गए हैं। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने मंगलवार को याचिकाकर्ता को कहा कि वो इस संबंध में UNHCR की रिपोर्ट पर भी विचार करेंगे। दरअसल याचिकाकर्ता वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने पीठ को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के प्रवासी मजदूरों को लेकर जारी दिशा- निर्देशों को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने भी सराहा है। पीठ को इस संबंध में और भी दिशा- निर्देश जारी करने...

 हमारी सरकार की बुद्धिमता को अपने विवेक से दबाने की कोई योजना नहीं : सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों को सहायता पर कहा
" हमारी सरकार की बुद्धिमता को अपने विवेक से दबाने की कोई योजना नहीं" : सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों को सहायता पर कहा

 सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन के बीच असंगठित क्षेत्र से जुड़े प्रवासी श्रमिकों को मजदूरी के भुगतान के लिए सरकार से दिशा-निर्देश मांगने वाली जनहित याचिका की सुनवाई 13 अप्रैल तक स्थगित कर दी। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने उक्त मुद्दे पर केंद्र की स्टेटस रिपोर्ट पर ध्यान दिया और 13 अप्रैल, 2020 को मामले को सूचीबद्ध किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने आग्रह किया कि अदालत को निर्देश पारित करना चाहिए ताकि प्रवासी श्रमिकों को...

कर्नाटक और केरल राज्यों के बीच सीमा नाकाबंदी का विवाद सुलझा : सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद की
कर्नाटक और केरल राज्यों के बीच सीमा नाकाबंदी का विवाद सुलझा : सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद की

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक और केरल राज्यों के बीच चल रहे सीमा नाकाबंदी विवाद पर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई को बंद कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अगुवाई वाली पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों के बाद सुनवाई बंद की जिसमें बताया गया कि केंद्रीय गृह सचिव की दोनो राज्यों से बातचीत के बाद मामले को सुलझा लिया गया है और दोनों के बीच कोई विवाद नहीं है। दरअसल  कर्नाटक राज्य ने केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था जिसमें कर्नाटक के अस्पतालों...

लॉकडाउन के बाद प्रवासी मज़दूरों के पुनर्वास के लिए किए जाएं उपाय, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
लॉकडाउन के बाद प्रवासी मज़दूरों के पुनर्वास के लिए किए जाएं उपाय, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दायर कर मांग की है कि देशव्यापी लॉकडाउन खत्म होने के बाद प्रवासी मज़दूरों के लिए प्रभावी पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए जाएं।श्रीवास्तव ने पहले से ही एक जनहित याचिका दायर कर रखी है। यह आवेदन उसी जनहित याचिका के साथ दायर किया गया है, जिसमें प्रवासियों श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की गई है। इस आवेदन में प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन, पानी, आश्रय और चिकित्सा सहायता जैसी बुनियादी सुविधाएं...

जमीयत उलमा-ए-हिंद ने निज़ामुद्दीन मरकज़ का सांप्रदायिकरण करने पर मीडिया पर कार्यवाही को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की 
जमीयत उलमा-ए-हिंद ने निज़ामुद्दीन मरकज़ का सांप्रदायिकरण करने पर मीडिया पर कार्यवाही को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की 

इस्लामिक विद्वानों के संगठन, जमीयत उलमा-ए-हिंद ने दिल्ली के निज़ामुद्दीन में तब्लीगी जमात की बैठक के सांप्रदायिकरण करने के लिए मीडिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।दलीलों में कहा गया है कि मीडिया के कुछ वर्ग "सांप्रदायिक सुर्खियों" और " कट्टर बयानों" का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि पूरे देश में जानबूझकर कोरोना वायरस फैलाने के लिए पूरे मुस्लिम समुदाय को दोषी ठहराया जा सके, जिससे मुसलमानों के जीवन को खतरा है। याचिका में कहा गया है,"वर्तमान याचिका...

कर्नाटक का सीमा की नाकाबंदी कर लोगों को चिकित्सा सहायता लेने से रोकना अनुच्छेद 19 और 21 का उल्लंघन : केरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया 
कर्नाटक का सीमा की नाकाबंदी कर लोगों को चिकित्सा सहायता लेने से रोकना अनुच्छेद 19 और 21 का उल्लंघन : केरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया 

केरल राज्य ने उस मामले में जवाबी हलफनामा दायर किया है जिसमें कर्नाटक राज्य ने सुप्रीम कोर्ट में केरल उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी है जिसमें केंद्र सरकार को निर्देश दिया गया है कि मरीजों को तत्काल चिकित्सा उपचार के लिए केरल और कर्नाटक के बीच की सीमा एंबुलेंस को जाने दें। जवाबी हलफनामे में कहा गया है कि याचिका की सुनवाई ना की जाए और कर्नाटक राज्य द्वारा शुरू की गई नाकाबंदी से न केवल उन व्यक्तियों की आवाजाही को रोका गया है, जिन्हें चिकित्सा उपचार / आवश्यकताओं की सख्त जरूरत है,...

COVID-19: सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों मेंं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की रूपरेखा तय की कहा, तकनीकी यहीं रहने वाली है
COVID-19: सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों मेंं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की रूपरेखा तय की कहा, तकनीकी यहीं रहने वाली है

 सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को COVID-19 लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालतों के कामकाज के लिएस्वत: संज्ञान लेकर शुरु किए मामले में विभिन्न दिशा-निर्देश पारित किए।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ ने निर्देश दिया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के तौर-तरीकों को स्थापित करने के लिए राज्य उच्च न्यायालयों के साथ संपर्क करने और सहयोग करने के लिए NIC और राज्य के अधिकारियों को नियुक्त किया जाए। पीठ ने टेकनालॉजी...

लॉकडाउन समाप्त होने के बाद भी वीडियो कॉन्फ्रेंस सुनवाई जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट नियम में बदलाव करें, SCBA के पूर्व अध्यक्ष ने मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र
लॉकडाउन समाप्त होने के बाद भी वीडियो कॉन्फ्रेंस सुनवाई जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट नियम में बदलाव करें, SCBA के पूर्व अध्यक्ष ने मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र

वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे को एक पत्र लिखा है जिसमें भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सामने आ रही अल्पकालिक और दीर्घकालिक समस्याओं से निपटने के लिए विभिन्न सुझाव दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के वरिष्ठ सदस्य और एससीबीए के पूर्व अध्यक्ष के रूप में अपने अधिकार में वरिष्ठ अधिवक्ता सिंह ने COVID19 के प्रकोप के कारण शीर्ष अदालत को पेश आ रही समस्याओं के बारे में अपनी चिंताओं को आवाज दी है। उन्होंने उससे निपटने के लिए सुझाव दिए हैं जिसमें उन्होंने...

ऐसे मामले अत्यंत जरूरी मामलों की श्रेणी में नहीं आ सकते, जिनसे लॉकडाउन का उल्‍लंघन हो, कई और जानों को जोखिम डालना पड़ेः बॉम्‍बे हाईकोर्ट
ऐसे मामले अत्यंत जरूरी मामलों की श्रेणी में नहीं आ सकते, जिनसे लॉकडाउन का उल्‍लंघन हो, कई और जानों को जोखिम डालना पड़ेः बॉम्‍बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार दो जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि किसी अभियुक्त या दोषी को रिहा करना का ऐसा मामला, जिससे 'लॉकडाउन ऑर्डर का उल्लंघन' हो और कई दूसरी जानें जोख‌िम में पड़ जाएं, 'अत्यंत जरूरी मामलों' की श्रेणी में नहीं आता। जस्टिस एएम बदर ने सोपान लांजेकर की अर्जी पर सुनवाई की, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 409 के तहत आरोपी है और गणेश पठारे की अर्जी पर सुनवाई की, जो कि नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट की धारा 8 (सी) और 22 के तहत आरोपी है। पठारे ने अपनी...

हाईकोर्ट अपने क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल उसी राज्य में कर सकता है जिसका वो हाईकोर्ट है : सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट अपने क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल उसी राज्य में कर सकता है जिसका वो हाईकोर्ट है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार उस राज्य के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र तक सीमित है, जिसका वह उच्च न्यायालय है। जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ भारत संघ द्वारा दायर अपील पर विचार कर रही थी, जिसमें उसने (सेवा के एक मामले में) एक निर्देश जारी किया था, जिसका प्रभाव देशभर में होना खा। उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने एक NDRF कर्मचारी द्वारा दायर रिट याचिका की अनुमति देते हुए न केवल प्रतिनियुक्ति भत्ता दिया, बल्कि प्रतिवादी...

अरुणा रॉय और निखिल डे ने  सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर MNREGA कर्मियों को भुगतान, प्रवासी श्रमिकों के लिए अस्थाई जॉब कार्ड की मांग की
अरुणा रॉय और निखिल डे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर MNREGA कर्मियों को भुगतान, प्रवासी श्रमिकों के लिए अस्थाई जॉब कार्ड की मांग की

 एक्टिविस्ट अरुणा रॉय और निखिल डे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को एक समान दिशा-निर्देश जारी करन का अनुरोध किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मनरेगा अधिनियम के तहत सभी सक्रिय और पंजीकृत जॉब कार्ड धारकों को कार्य पर मौजूद समझा जाए और जल्द से जल्द पूरी उन्हें मज़दूरी का भुगतान किया जाए। एक्टिविस्ट की ओर से वकील प्रशांत भूषण द्वारा दायर याचिका में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (MGNREGA Act) के 7.6 करोड़ से अधिक सक्रिय...

निज़ामुद्दीन में धार्मिक मण्डली में भाग  लेकर राज्य में आने वालों की पहचान हो : कर्नाटक हाईकोर्ट
निज़ामुद्दीन में धार्मिक मण्डली में भाग लेकर राज्य में आने वालों की पहचान हो : कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि कोरोनावायरस के प्रसार से बचने के लिए 21 दिनों की लॉकडाउन अवधि के दौरान राज्य सरकार को तुरंत कार्रवाई करना होगी और किसानों की मदद करनी होगी। राज्य सरकार को निज़ामुद्दीन में धार्मिक मण्डली में भाग लेने के बाद राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों का तुरंत पता लगाने और और उन्हें क्वारंटीन करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई की,...