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बाबाजी, प्लीज़ हाईकोर्ट जाइए: सुप्रीम कोर्ट ने गंगा को सीवेज से बचाने की मांग पर 'बाबा खतरनाक' से कहा
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में गंगा नदी और मणिकर्णिका घाट के आसपास सीवेज वेस्ट डिस्पोजल पर रोक लगाने के लिए निर्देश मांगने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अधिकारियों या हाई कोर्ट से संपर्क करने की अनुमति दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच 'बाबा खतरनाक' नाम के साधु की रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो खुद पेश हुए।याचिकाकर्ता की मुख्य शिकायत बिना ट्रीटमेंट वाले कच्चे इंसानी मल और सीवेज के रियल-टाइम...
क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी ने DV Act और भरण-पोषण मामला कोलकाता से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की
सुप्रीम कोर्ट ने आज भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां द्वारा दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी किया, जिनमें घरेलू हिंसा अधिनियम और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत दायर मामलों को कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की गई है। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया।हसीन जहां ने बताया कि उनकी शादी 7 अप्रैल 2014 को इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार मोहम्मद शमी से हुई थी और 17 जुलाई 2015 को उनकी एक बेटी का जन्म हुआ। वर्ष 2018 में उन्होंने घरेलू...
दिल्ली दंगों की साज़िश का मामला: सुप्रीम कोर्ट खालिद सैफी की ज़मानत याचिका पर करेगा सुनवाई, सह-आरोपी को मिली ज़मानत की बराबरी का दावा किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के सदस्य खालिद सैफी की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में 2020 के दिल्ली दंगों में एक बड़ी साज़िश के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा ज़मानत न दिए जाने को चुनौती दी गई, जिसमें इंडियन पैनल कोड (IPC) और UAPA के तहत आरोप शामिल रहैं।हालांकि, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने मौखिक रूप से कहा कि सैफी सुप्रीम कोर्ट के जनवरी के फैसले के साथ बराबरी का दावा नहीं कर सकते, जिसमें पांच सह-आरोपियों को ज़मानत दी गई।सैफी ने दिल्ली हाईकोर्ट के 2...
Interest Act | अगर कॉन्ट्रैक्ट में पेमेंट में रुकावट है तो देरी से पेमेंट पर ब्याज का दावा नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब कॉन्ट्रैक्ट में देरी से पेमेंट पर ब्याज देने का नियम नहीं होता है तो कोई पार्टी इसका हकदार नहीं है।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने केरल हाईकोर्ट का फैसला खारिज किया, जिसमें रेस्पोंडेंट के पक्ष में देरी से पेमेंट पर ब्याज देने के फैसले को बरकरार रखा गया।यह मामला अप्रैल, 2013 में केरल वाटर अथॉरिटी और रेस्पोंडेंट-कॉन्ट्रैक्टर के बीच गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कालीकट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए हुए कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है। काम जुलाई 2014...
छत्तीसगढ़ में आदिवासी ईसाइयों के शव कब्र से निकालकर गांव से बाहर पुनः दफनाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
सुप्रीम कोर्ट ने आज छत्तीसगढ़ में आदिवासी ईसाइयों के मृतकों के शवों को जबरन कब्र से निकालकर गांव से बाहर स्थानांतरित किए जाने की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया कि “इस बीच दफनाए गए शवों को आगे नहीं निकाला जाएगा।” याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट कॉलिन गोंसाल्विस ने आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन शवों को हटाने की कार्रवाई का समर्थन कर रहा है, जिसके बाद अदालत ने यह अंतरिम...
भाई-भतीजावाद लोकतंत्र के लिए घातक: हरियाणा अधिकारियों को दिए गए डीलक्स फ्लैटों का आवंटन सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से जुड़ी एक हाउसिंग सोसाइटी में फ्लैट आवंटन में भाई-भतीजावाद (नेपोटिज़्म) पाए जाने पर आवंटन रद्द कर दिया। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने कहा कि सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी के सदस्यों ने अपने पद का दुरुपयोग कर स्वयं और अपने अधीनस्थों को लाभ पहुंचाया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिसमें आवंटन प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार किया गया था।मामला HUDA,...
अरुणाचल सीएम के रिश्तेदारों को ₹1270 करोड़ के ठेके देने का आरोप; जांच याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के रिश्तेदारों से जुड़ी कंपनियों को सरकारी ठेके दिए जाने के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग वाली जनहित याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने एडवोकेट प्रशांत भूषण की संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा।याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि राज्य के कई सरकारी ठेके मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी, माता और भतीजे से जुड़ी कंपनियों को दिए गए। भूषण ने अदालत...
नाबालिग के स्तन पकड़ना, पायजामे की डोरी खोलना दुष्कर्म का प्रयास नहीं—हाईकोर्ट का फैसला गलत : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि नाबालिग लड़की के स्तन पकड़ने और उसके पायजामे की डोरी खोलने की कोशिश करना दुष्कर्म का प्रयास नहीं, बल्कि केवल “तैयारी” (preparation) है। चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की तीन-जजों की खंडपीठ ने माना कि हाईकोर्ट ने आपराधिक कानून के स्थापित सिद्धांतों का स्पष्ट रूप से गलत अनुप्रयोग किया। अदालत ने विशेष न्यायाधीश (POCSO), कासगंज द्वारा जारी मूल समन आदेश बहाल कर दिया,...
“ED को हथियार बनाया गया” बनाम “ED को आतंकित किया गया” : ममता बनर्जी मामले में सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस
I-PAC कार्यालय में तलाशी के दौरान कथित बाधा को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर मामले में एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसे “हथियार” नहीं बनाया गया, बल्कि “आतंकित” किया गया है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने यह टिप्पणी सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा की उस दलील के जवाब में की, जिसमें उन्होंने एजेंसी के “weaponization” (राजनीतिक उपयोग) का आरोप लगाया था।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने...
जघन्य अपराधों में जमानत के सिद्धांत गंभीर आर्थिक अपराधों पर भी लागू : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जघन्य अपराधों में जमानत के लिए लागू सिद्धांत गंभीर आर्थिक अपराधों पर भी समान रूप से लागू होते हैं, क्योंकि ऐसे अपराध नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करते हैं। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक आदतन आर्थिक अपराधी को जमानत दे दी गई थी। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने केवल सह-अभियुक्त के साथ समानता (parity) के आधार पर जमानत दी, जबकि आरोपी की सक्रिय भूमिका,...
गंभीर अपराधों में पीड़ित को मुआवज़ा सज़ा का विकल्प नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कुछ हाईकोर्ट के उस ट्रेंड की आलोचना की, जिसमें गंभीर अपराधों में पीड़ित को दिए जाने वाले मुआवज़े की रकम बढ़ाकर जेल की सज़ा कम कर दी जाती है।कोर्ट ने कहा कि इस तरह के तरीके से यह गलत मैसेज जाएगा कि आरोपी पैसे का मुआवज़ा देकर सज़ा से बच सकता है।कोर्ट ने कहा,"पीड़ित को दिया जाने वाला मुआवज़ा सिर्फ़ मुआवज़े के तौर पर है। इसे सज़ा के बराबर या उसका विकल्प नहीं माना जा सकता।" कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें हत्या की कोशिश के दो दोषियों की सज़ा घटाकर दो महीने कर दी...
'विदेशी कॉन्सेप्ट उधार न लें': सुप्रीम कोर्ट ने सेक्सुअल ऑफेंस के मामलों में जजों को सेंसिटिव बनाने के लिए भारतीय सामाजिक ताने-बाने से जुड़ी गाइडलाइंस बनाने की मांग की
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी को सेक्सुअल ऑफेंस के मामलों को कोर्ट में संभालने में सेंसिटिविटी और दया पैदा करने के लिए पूरी ड्राफ्ट गाइडलाइंस बनाने का निर्देश दिया। साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे नियम भारत के सामाजिक ताने-बाने को दिखाने चाहिए और विदेशी अधिकार क्षेत्रों से उधार नहीं लिए जाने चाहिए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच इलाहाबाद हाईकोर्ट के विवादित आदेश पर 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए गए स्वप्रेरणा मामले की...
अगर फ़ैसले में देरी हो तो क्या मुकदमा चलाने के लिए 'डीम्ड सैंक्शन' है? सुप्रीम कोर्ट ने मामला बड़ी बेंच को भेजा
सुप्रीम कोर्ट ने यह सवाल बड़ी बेंच को भेजा कि क्या किसी सरकारी कर्मचारी पर मुकदमा चलाने की मंज़ूरी को "डीम्ड" माना जा सकता है अगर सक्षम अधिकारी तय समय में फ़ैसला लेने में नाकाम रहता है। कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस निर्देश पर रोक लगा दी जिसमें ऐसी डीम्ड सैंक्शन का प्रावधान था।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच तमिलनाडु राज्य की तरफ से दायर स्पेशल लीव पिटीशन पर सुनवाई कर रही थी। यह पिटीशन मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच के 22 नवंबर, 2024 के ऑर्डर के खिलाफ थी।डीम्ड सैंक्शन पर...
आपसी सुसाइड पैक्ट में जिंदा पार्टनर उकसाने के लिए जिम्मेदार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि सुसाइड पैक्ट में जिंदा पार्टनर को सुसाइड के लिए उकसाने का दोषी ठहराया जा सकता है। साथ ही कोर्ट ने फैसला सुनाया कि साथ मरने का आपसी वादा IPC की धारा 306 और 107 के तहत जिम्मेदारी लाने के लिए जरूरी साइकोलॉजिकल प्रेरणा देता है।जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने 2002 में मशहूर तमिल/तेलुगु एक्ट्रेस प्रत्यूषा को सुसाइड के लिए उकसाने के लिए गुडिपल्ली सिद्धार्थ रेड्डी की सजा बरकरार रखी।यह मामला 2002 में एक्ट्रेस प्रत्यूषा की मौत से जुड़ा है, जिनकी मौत आरोपी के साथ...
'नेशनल सिक्योरिटी सबसे ज़रूरी': सुप्रीम कोर्ट ने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर मवेशियों की तस्करी के लिए BSF ऑफिसर की बर्खास्तगी सही ठहराई
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के सब-इंस्पेक्टर की बर्खास्तगी में दखल देने से इनकार किया, जिसे जनरल सिक्योरिटी फोर्स कोर्ट ने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर गैर-कानूनी मवेशियों की तस्करी में मदद करने के लिए दोषी ठहराया।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने कहा कि जब नेशनल सिक्योरिटी सबसे ज़रूरी है तो बॉर्डर पर तैनात ऑफिसर्स द्वारा की गई गलतियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।कोर्ट ने कहा,"जब नेशनल सिक्योरिटी सबसे ज़रूरी है तो बॉर्डर पर तैनात ऑफिसर्स या...
S. 27 Evidence Act | पुलिस कस्टडी के बाहर दिए गए डिस्क्लोजर स्टेटमेंट मान्य नहीं होंगे: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (17 फरवरी) को अपनी छह साल की सौतेली बेटी की हत्या के दोषी को बरी किया। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि सबूतों की रिकवरी के लिए दिया गया डिस्क्लोजर स्टेटमेंट इंडियन एविडेंस एक्ट की धारा 27 के तहत तभी मान्य होगा, जब आरोपी बयान देते समय पुलिस कस्टडी में था।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि आरोपी के डिस्क्लोजर स्टेटमेंट के आधार पर मृतक की हड्डियों के बचे हुए हिस्से की खोज को सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि ऐसे डिस्क्लोजर स्टेटमेंट देते...
सुप्रीम कोर्ट ने सेकेंडरी क्लास के स्पेशल एजुकेटर्स के लिए TET की ज़रूरत पर यूनियन से एफिडेविट मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने यूनियन ऑफ़ इंडिया से सेकेंडरी क्लास (क्लास 9 से 12) के स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए स्पेशल एजुकेटर के लिए टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करने की ज़रूरत पर एफिडेविट फाइल करने को कहा।कोर्ट ने आगे सभी राज्यों/यूनियन टेरिटरीज़ से कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले टीचर्स की पे पैरिटी और सर्विस कंडीशंस के बारे में अपने पहले के निर्देशों का 1 महीने के अंदर पालन पक्का करने को कहा।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी, एमिक्स...
ज़मानत के बाद का व्यवहार ज़मानत दिए जाने के खिलाफ अपील में सही विचार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ज़मानत दिए जाने के बाद किसी आरोपी का व्यवहार ज़मानत दिए जाने के खिलाफ अपील पर फैसला करते समय सही विचार नहीं हो सकता।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का आदेश खारिज करते हुए कहा, जिसमें एक फरार आरोपी को अग्रिम ज़मानत दी गई।हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ शिकायतकर्ता सुप्रीम कोर्ट गया।शिकायतकर्ता की अपील का विरोध करते हुए प्रतिवादी नंबर 2-आरोपी ने कहा कि ज़मानत के बाद उसका व्यवहार अग्रिम ज़मानत दिए जाने के खिलाफ अपील को खारिज करने के लिए...
AI से तैयार फर्जी केस साइटेशन पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने आज वकीलों द्वारा AI की मदद से तैयार याचिकाओं में फर्जी केस संदर्भ (साइटेशन) शामिल किए जाने पर गंभीर चिंता जताई। चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की खंडपीठ के समक्ष यह मुद्दा उठा।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कुछ वकील अब याचिकाएँ तैयार करने के लिए एआई का उपयोग कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है। जस्टिस नागरत्ना ने बताया कि हाल ही में उन्हें “Mercy v. Mankind” नामक एक ऐसे निर्णय का हवाला मिला, जो अस्तित्व में ही नहीं है। सीजेआई ने भी जस्टीस...
हेट स्पीच ऑडियो से वॉयस मिलान के लिए UP DIG को हैदराबाद फॉरेंसिक लैब में पेश होने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में तेलंगाना फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (TGFSL) को निर्देश दिया कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस के एक अधिकारी पर कथित तौर पर मुस्लिम-विरोधी टिप्पणी करने वाले ऑडियो क्लिप और उसके वॉयस सैंपल की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीआईजी संजीव त्यागी (जो संबंधित समय में बिजनौर के पुलिस अधीक्षक थे) को 9 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे हैदराबाद स्थित TGFSL के निदेशक के समक्ष उपस्थित होकर अपना वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया। साथ ही,...




















