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सुप्रीम कोर्ट ने लिफ़्ट की खराबी से RAW अफ़सर की मौत के लिए OTIS को ज़िम्मेदार ठहराया, कहा- लिफ़्ट बनाने वालों की सावधानी बरतने की ज़िम्मेदारी ज़्यादा होती है
सुप्रीम कोर्ट ने लिफ़्ट की खराबी से RAW अफ़सर की मौत के लिए OTIS को ज़िम्मेदार ठहराया, कहा- लिफ़्ट बनाने वालों की सावधानी बरतने की ज़िम्मेदारी ज़्यादा होती है

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (29 जुलाई) को OTIS एलिवेटर कंपनी (इंडिया) लिमिटेड की ज़िम्मेदारी बरकरार रखा, जो 2003 में नई दिल्ली में RAW हेडक्वार्टर में लिफ़्ट की खराबी के कारण कुचलकर मारे गए रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के एक अफ़सर की मौत के मामले में तय की गई थी।नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) के आदेश के ख़िलाफ़ OTIS की अपील खारिज करते हुए जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने OTIS को - जो निर्माता और व्यापक रखरखाव ठेकेदार दोनों थी - वोल्टेज में...

कर्मचारी की गलती के बिना ACR न होने पर सर्विस से जुड़े फ़ायदे देने से इनकार नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
कर्मचारी की गलती के बिना ACR न होने पर सर्विस से जुड़े फ़ायदे देने से इनकार नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस न्यायिक अधिकारी को गलत तरीके से नौकरी से हटाया गया, उसे सिर्फ़ इसलिए 'सिलेक्शन स्केल' और 'सुपर टाइम स्केल' देने से मना नहीं किया जा सकता, क्योंकि उस समय की 'एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट्स' (ACR) उपलब्ध नहीं थीं, जब वह गलत तरीके से नौकरी से बाहर था। कोर्ट ने कहा कि नियोक्ता (employer) अपनी ही गलती का फ़ायदा नहीं उठा सकता। कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि अगर ACR न होने के लिए नियोक्ता ज़िम्मेदार है तो अधिकारी के हक़ का आकलन बाकी बची हुई सही ACR के आधार पर किया जाना चाहिए।कोर्ट...

O VII 7 CPC | कम राहत का आदेश दिया जा सकता है, लेकिन पूरी तरह से अलग दावा नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने टाइटल सूट में बंटवारे की अनुमति देने से इनकार किया
O VII 7 CPC | कम राहत का आदेश दिया जा सकता है, लेकिन पूरी तरह से अलग दावा नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने टाइटल सूट में बंटवारे की अनुमति देने से इनकार किया

टाइटल (मालिकाना हक) घोषित करने के मुकदमे में बंटवारे की राहत देने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हालांकि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) का ऑर्डर VII नियम 7 पहले से बताए गए और साबित तथ्यों के आधार पर कम या वैकल्पिक राहत देने की अनुमति देता है, लेकिन इसका इस्तेमाल बंटवारे जैसी राहत देने के लिए नहीं किया जा सकता, जो एक अलग 'कॉज़ ऑफ़ एक्शन' (मुकदमे का आधार) पर आधारित होती है और जिसके लिए अलग तथ्यात्मक आधार की आवश्यकता होती है।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने...

NEET-UG 2026 : सुप्रीम कोर्ट ने री-एग्जाम के 6 जवाबों को चुनौती देने वाली उम्मीदवार की याचिका खारिज की
NEET-UG 2026 : सुप्रीम कोर्ट ने री-एग्जाम के 6 जवाबों को चुनौती देने वाली उम्मीदवार की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में गायत्री अरुण नाम की एक उम्मीदवार की रिट याचिका खारिज की। इस याचिका में 21 जून को हुए NEET-UG 2026 री-एग्जाम के छह सवालों के जवाबों को चुनौती दी गई।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने नतीजों में दखल देने से इनकार करते हुए यह आदेश दिया।बेंच ने कहा:"याचिकाकर्ता के वकील की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों को ध्यान से देखने के बाद हम संविधान के आर्टिकल 32 के तहत इस याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं।" संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता ने नेशनल...

कोयला ब्लॉक आवंटन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को भेजा समन आदेश रद्द किया, CBI की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की
कोयला ब्लॉक आवंटन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को भेजा समन आदेश रद्द किया, CBI की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की

सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में वर्ष 2015 में विशेष CBI कोर्ट द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को समन जारी करने का आदेश रद्द किया।अदालत ने कहा कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर उनके खिलाफ संज्ञान लेने का कोई उचित आधार नहीं है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ ने डॉ. मनमोहन सिंह की अपील स्वीकार करते हुए CBI की क्लोजर रिपोर्ट को मान्यता दी और उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त की।हालांकि डॉ. मनमोहन सिंह का दिसंबर 2024 में...

12 साल से जेल में बंद UAPA आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, कहा- धीमी सुनवाई से अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हो रहा उल्लंघन
12 साल से जेल में बंद UAPA आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, कहा- धीमी सुनवाई से अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हो रहा उल्लंघन

सुप्रीम कोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार दो आरोपियों मोहम्मद साकिब अंसारी और वकार अज़हर को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि लगभग 12 वर्षों से जेल में बंद रहने और मुकदमे के जल्द समाप्त होने की कोई संभावना न होने के कारण उनकी निरंतर हिरासत संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा दर्ज FIR संख्या 54/2011 से जुड़े मामले में दोनों...

क्या हम कह दें कि हिंदू देवी-देवताओं पर कोई फिल्म नहीं बन सकती? : सुप्रीम कोर्ट ने महाप्रभु जगन्नाथ फिल्म पर रोक लगाने से किया इनकार
'क्या हम कह दें कि हिंदू देवी-देवताओं पर कोई फिल्म नहीं बन सकती?' : सुप्रीम कोर्ट ने 'महाप्रभु जगन्नाथ' फिल्म पर रोक लगाने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एनिमेटेड फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग वाली याचिकाएं खारिज कर दीं। जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने 17 जुलाई के अपने आदेश में संशोधन से इनकार करते हुए फिल्म की रिलीज की अनुमति बरकरार रखी।सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि यदि कुछ लोगों की धार्मिक संवेदनाओं के आधार पर कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर रोक लगाई जाने लगे, तो फिर रामायण, महाभारत और हिंदू देवी-देवताओं पर कोई फिल्म, टीवी शो, चित्रकला या मूर्तिकला भी नहीं...

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग फैसला नहीं सुना सकता, उसकी भूमिका केवल सलाह देने तक: सुप्रीम कोर्ट
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग फैसला नहीं सुना सकता, उसकी भूमिका केवल सलाह देने तक: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के पास सेवा विवादों में फैसला सुनाने का अधिकार नहीं है। आयोग केवल जांच कर सकता है और सरकार को सिफारिश या सलाह दे सकता है, लेकिन बाध्यकारी आदेश जारी नहीं कर सकता।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसमें सेवा विवाद से जुड़े मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का आदेश बरकरार रखा गया।अदालत ने कहा,"राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को दिए गए अधिकार सीमित हैं। यह संविधान के...

Sambhal Mosque Dispute | दिसंबर 2024 के आदेश के कारण हाईकोर्ट सर्वे के आदेश को सही नहीं ठहरा सकता: सुप्रीम कोर्ट में अहमदी की दलील
Sambhal Mosque Dispute | दिसंबर 2024 के आदेश के कारण हाईकोर्ट सर्वे के आदेश को सही नहीं ठहरा सकता: सुप्रीम कोर्ट में अहमदी की दलील

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को संभल की जामा मस्जिद की मैनेजमेंट कमिटी की उस चुनौती पर सुनवाई की, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसने मस्जिद का सर्वे करने के लिए ट्रायल कोर्ट द्वारा एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति को सही ठहराया था। मस्जिद कमिटी का तर्क था कि हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के 12 दिसंबर, 2024 के उस आदेश को नज़रअंदाज़ किया, जिसमें अदालतों को पूजा स्थलों से जुड़े विवादों में प्रभावी अंतरिम आदेश पारित करने से रोका गया।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने...

छात्र प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्र जांच का दिया आदेश, बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले सभी छात्रों की रिहाई का निर्देश
छात्र प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्र जांच का दिया आदेश, बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले सभी छात्रों की रिहाई का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में छात्र प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने के आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए संकेत दिया कि वह इस मामले की जांच के लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) गठित कर सकता है। कोर्ट ने इस संबंध में केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा केरल सरकारों से जवाब मांगा है।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने...

सुप्रीम कोर्ट ने रेगुलर समय के बाद भी ज़रूरी मामलों की सुनवाई के लिए सिस्टम बनाने की मांग वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने रेगुलर समय के बाद भी ज़रूरी मामलों की सुनवाई के लिए सिस्टम बनाने की मांग वाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक ऐसी याचिका पर विचार करने से इनकार किया, जिसमें जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामलों की तत्काल सुनवाई (रेगुलर कोर्ट के समय के बाहर) के लिए एक संस्थागत सिस्टम बनाने की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि संवैधानिक अदालतों तक पहुंच को नियंत्रित करने वाले मौजूदा संस्थागत और प्रक्रियात्मक ढांचे को देखते हुए याचिकाकर्ता की शिकायत का पर्याप्त रूप से समाधान हो गया।हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता...

Evidence Act | सिर्फ़ धारा 27 के तहत बरामदगी के आधार पर सज़ा नहीं दी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट ने 1988 के मर्डर केस में बरी करने का फ़ैसला बहाल किया
Evidence Act | सिर्फ़ धारा 27 के तहत बरामदगी के आधार पर सज़ा नहीं दी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट ने 1988 के मर्डर केस में बरी करने का फ़ैसला बहाल किया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (28 जुलाई) को 1988 के एक मर्डर केस में छह लोगों को बरी करने का फ़ैसला बहाल किया। कोर्ट ने कहा कि इंडियन एविडेंस एक्ट, 1872 (अब BSA की धारा 23) की धारा 27 के तहत की गई बरामदगी, अकेले सज़ा का आधार नहीं बन सकती, जब तक कि बरामद चीज़ें स्वतंत्र सबूतों के ज़रिए अपराध से साफ़ तौर पर जुड़ी न हों।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। इसमें प्रॉसिक्यूशन ने आरोपी नंबर 4 के कहने पर हथियार की बरामदगी और आरोपी नंबर 2 के कपड़े ज़ब्त करने पर...

सुप्रीम कोर्ट ने मोटर दुर्घटना और लेबर कोर्ट के बिना दावे वाली रकम के लिए डैशबोर्ड बनाने पर 5 हाई कोर्ट से रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने मोटर दुर्घटना और लेबर कोर्ट के बिना दावे वाली रकम के लिए डैशबोर्ड बनाने पर 5 हाई कोर्ट से रिपोर्ट मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, इलाहाबाद, मद्रास, मेघालय और तेलंगाना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को आदेश दिया कि वह मोटर क्लेम या लेबर कोर्ट के मुआवज़े के तौर पर जमा रकम के बारे में लाइव अपडेट दिखाने वाले डैशबोर्ड बनाने के संबंध में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करें।बता दें, अप्रैल 2025 में जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच ने कई निर्देश जारी किए। यह कदम तब उठाया गया, जब रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज बीबी पाठक ने कोर्ट को पत्र लिखकर चिंता जताई थी कि कोर्ट के पास मुआवज़े की भारी रकम बिना दावे के पड़ी...

एयर इंडिया क्रैश: AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को बताया- रिपोर्ट अक्टूबर तक आएगी; पायलट फ़ेडरेशन ने अमेरिकी फ़र्म की जांच के नतीजों पर विचार करने की मांग की
एयर इंडिया क्रैश: AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को बताया- रिपोर्ट अक्टूबर तक आएगी; पायलट फ़ेडरेशन ने अमेरिकी फ़र्म की जांच के नतीजों पर विचार करने की मांग की

अहमदाबाद प्लेन क्रैश मामले में सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की चल रही जांच के तहत सिमुलेशन टेस्ट किए गए और एजेंसी की फ़ाइनल रिपोर्ट अक्टूबर तक तैयार हो जाएगी।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच को इस घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। बेंच उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें एयर इंडिया फ़्लाइट के क्रैश की स्वतंत्र और कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई। यह...

इंडियाबुल्स वित्तीय अनियमितता मामला: सुप्रीम कोर्ट ने CBI और दिल्ली पुलिस EOW को लगाई फटकार, कहा- जनवरी से जुलाई तक किया क्या?
इंडियाबुल्स वित्तीय अनियमितता मामला: सुप्रीम कोर्ट ने CBI और दिल्ली पुलिस EOW को लगाई फटकार, कहा- जनवरी से जुलाई तक किया क्या?

सुप्रीम कोर्ट ने इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (अब सम्मान कैपिटल लिमिटेड) से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच में प्रगति नहीं होने पर CBI और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जनवरी में हलफनामा दाखिल होने के बाद से अब तक जांच एजेंसियों ने अदालत को कोई ताज़ा स्थिति रिपोर्ट नहीं दी।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कंपनी के प्रमोटरों पर फंड की हेराफेरी, राउंड-ट्रिपिंग,...

ट्रांसजेंडर अधिकार कानून में संशोधन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, केंद्र सरकार से मांगा जवाब
ट्रांसजेंडर अधिकार कानून में संशोधन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, केंद्र सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2026 की एक विवादित व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।याचिका में संशोधित कानून की उस व्यवस्था को असंवैधानिक बताया गया, जिसके तहत स्वयं की लैंगिक पहचान के आधार पर ट्रांसजेंडर की परिभाषा से कुछ व्यक्तियों को बाहर रखा गया। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा।अदालत ने इस याचिका को वर्ष 2026 के संशोधन अधिनियम...

जंतर-मंतर प्रदर्शन में चेहरे की पहचान और जैविक निगरानी के इस्तेमाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सांसद
जंतर-मंतर प्रदर्शन में चेहरे की पहचान और जैविक निगरानी के इस्तेमाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सांसद

राज्यसभा सांसद ए. ए. रहीम ने जंतर-मंतर पर हाल में हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा चेहरे की पहचान तकनीक और अन्य जैविक निगरानी प्रणालियों के कथित इस्तेमाल को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद रहीम ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में मांग की कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान बिना किसी स्पष्ट कानूनी आधार के इस तरह की व्यापक जैविक निगरानी को असंवैधानिक घोषित किया जाए। साथ ही, संसद द्वारा इस...

छात्र आंदोलन में खाना खिलाने वाले मुहम्मद जुनैद पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, पुलिस पर लगाया परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप
छात्र आंदोलन में खाना खिलाने वाले मुहम्मद जुनैद पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, पुलिस पर लगाया परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप

हालिया छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए खाना उपलब्ध कराने वाले वॉलिंटियर जुनैद मलिक ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया, धमकाया और उनके परिवार के सदस्यों के साथ भी बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए उत्पीड़न किया।जुनैद मलिक ने अपनी अर्जी में कहा कि 24 जुलाई की आधी रात वह रेबीज का टीका लगवाकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल से लौट रहे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों ने उन्हें रास्ते से उठा लिया और करीब पांच से छह घंटे तक एक वाहन...

S.457 CrPC | ज़ब्त गाड़ियों को अंतरिम तौर पर वापस पाने के लिए सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट ही एकमात्र आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
S.457 CrPC | ज़ब्त गाड़ियों को अंतरिम तौर पर वापस पाने के लिए सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट ही एकमात्र आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (27 जुलाई) को कहा कि CrPC की धारा 451 और 457 के तहत गाड़ियों की अंतरिम कस्टडी (अस्थायी कब्ज़े) के अधिकार का फ़ैसला करने के लिए सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट ही एकमात्र आधार नहीं है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा,"रजिस्ट्रेशन एक अहम बात है, लेकिन यह अंतरिम कब्ज़े के अधिकार का पक्का सबूत नहीं है।" बेंच ने एक कंपनी के डायरेक्टर की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। डायरेक्टर ने रेस्पॉन्डेंट्स (प्रतिवादियों) के पक्ष में गाड़ियों की अंतरिम रिहाई...