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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच CJI सूर्यकांत ने कहा: हर वकील को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का अधिकार

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि हर वकील को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग लेने का अधिकार है। वह दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान वकीलों की हिरासत और कथित पुलिस ज्यादतियों से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहे हैं।सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने CJI की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने यह मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान वकीलों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई और BNSS की...

CEC के खिलाफ़ प्रदर्शनों के बीच CJI ने कहा: वकीलों और कोर्ट के स्टाफ़ की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत ने सोमवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शनों की वजह से राजधानी में लगी पाबंदियों के बीच वकीलों, मुक़दमेबाज़ों और कोर्ट के स्टाफ़ की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।CJI ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इन मुद्दों में नहीं घसीटा जाना चाहिए।CJI ने यह बात तब कही जब सीनियर वकील आत्माराम नाडकर्णी और प्रदीप राय ने वकीलों की हिरासत से जुड़ी याचिकाओं का ज़िक्र किया। जहां नाडकर्णी ने एक वकील द्वारा दायर याचिका का ज़िक्र किया,...

CEC विरोध-प्रदर्शन के दौरान वकीलों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा SCAORA

सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर स्वतंत्र, निष्पक्ष और समय-सीमा के भीतर जांच की मांग की। यह मांग 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञान कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ विरोध मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा वकीलों को कथित रूप से गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में की गई।याचिका में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के पास शांतिपूर्ण मार्च में भाग लेने वाले वकीलों - जिनमें...

बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिए जाने पर सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी का सवाल, पूछा- क्या अघोषित इमरजेंसी लगी है?

CEC के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के मामले की सुनवाई के दौरान, सीनियर वकील मेनका गुरुस्वामी ने आज पुलिस अधिकारियों पर कई मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया और सवाल किया कि क्या सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से अघोषित इमरजेंसी लागू कर दी है।सीनियर वकील ने कोर्ट को दशकों पुराने ADM जबलपुर फैसले की याद दिलाई और दूसरे न्यायिक फैसलों का हवाला दिया, जिनमें कहा गया था कि आर्टिकल 19 के तहत मिलने वाले अधिकारों (जैसे बोलने और अपनी बात रखने की आज़ादी) पर सिर्फ़ इमरजेंसी के दौरान ही रोक लगाई जा सकती है।गुरुस्वामी...

CEC Protest: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिरासत में न लिया जाए; मेट्रो, ट्रेन और इंटरनेट सेवाएं बिना रुकावट जारी रहें

रविवार को एक विशेष सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति को कानून द्वारा तय प्रक्रिया के बिना हिरासत में नहीं लिया जाएगा। यह निर्देश खासकर उन शांतिपूर्ण और निहत्थे लोगों के जमावड़े के संबंध में है, जो उन इलाकों से बाहर हैं जहाँ निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) लागू है।जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे सुप्रीम कोर्ट के आसपास के इलाके में BNSS की धारा 163 लागू करने से संबंधित बोर्ड को हटा दें (यदि पहले से नहीं हटाया...

यूपी में फार्महाउस में चल रहा फर्जी मेडिकल कॉलेज, चेयरमैन अनपढ़ चाय वाला: सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में कथित फ़र्ज़ी मेडिकल कॉलेज का संज्ञान लिया। यह कॉलेज एक जर्जर फ़ार्महाउस से चल रहा है, जहां एक अनपढ़ चाय वाले को संस्थान का चेयरमैन दिखाया गया। उसने माना कि वह कॉलेज चलाने वाले व्यक्ति द्वारा दिए गए दस्तावेज़ों पर नियमित रूप से हस्ताक्षर करता है।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) और सभी रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ को निर्देश दिया कि वे लोगों को चेतावनी देने के लिए पब्लिक एडवाइज़री जारी करें। इसमें लोगों से...

विरोध-प्रदर्शन के दौरान पाबंदियों के बीच वकीलों, पत्रकारों और दूसरे प्रोफेशनल्स को अपना काम करने से नहीं रोका जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने CEC विरोध-प्रदर्शन मामले की सुनवाई के दौरान साफ ​​तौर पर कहा कि वकीलों, पत्रकारों और दूसरे प्रोफेशनल्स को उनके पेशेवर काम करने से नहीं रोका जाना चाहिए।दिल्ली पुलिस पर वकीलों और पत्रकारों को उनके पेशेवर काम करने से रोकने के आरोप लगने के बाद जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता से कहा कि इन प्रोफेशनल्स को उनके काम में बाधा नहीं डाली जानी चाहिए।कोर्ट ने अपने आदेश में SG के इस भरोसे (निर्देशों के आधार पर) को दर्ज किया कि वकीलों,...

बच्चे जब कानून तोड़े तो कानून को बच्चे को नहीं तोड़ना चाहिए: जस्टिस बीवी नागरत्ना

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि कानून के साथ टकराव वाले बच्चे (यानी कानून तोड़ने वाले बच्चे) के साथ वयस्क जैसा व्यवहार करना आपराधिक न्याय प्रणाली के सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक है। इसमें कई विरोधाभासी बातों के बीच संतुलन बनाना होता है, जैसे अपराध और बचपन के प्रति संवैधानिक प्रतिबद्धता, जनता का गुस्सा और कानूनी सीमाएं, और सजा देने की इच्छा और सुधार की सोच।उन्होंने कहा कि हालांकि किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015, (JJ Act) कथित अपराध की प्रकृति को कानूनी कार्रवाई तय करने...

CEC Protest: एससी आदेश के बावजूद मेट्रो, ट्रेन पर रोक को लेकर केंद्र और दिल्ली पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​याचिका पर नोटिस जारी

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना ​​याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में मेट्रो सेवाएं काफी हद तक बंद रहीं, जबकि कोर्ट का पहले का आदेश था कि राजधानी में मेट्रो और रेल सेवाओं को रेगुलेट तो किया जा सकता है, लेकिन रोका नहीं जा सकता।जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने रविवार को एक विशेष सुनवाई में वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की अवमानना ​​याचिका पर विचार किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि कोर्ट के शुक्रवार के...

सुप्रीम कोर्ट में वकीलों के संगठन की याचिका, कहा- विरोध-प्रदर्शनों से दिल्ली ठप नहीं होनी चाहिए, न ही वकीलों की आजीविका पर असर पड़ना चाहिए

वकीलों के एक संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के लगातार विरोध-प्रदर्शनों का मकसद मीडिया का ध्यान खींचना है और इससे वकीलों की आजीविका और कामकाज में बाधा आ रही है।यह याचिका 'लॉयर्स वॉयस' ने दायर की है। वे CJP के विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी अवमानना ​​की कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति मांग रहे हैं।अवमानना ​​याचिका में आरोप लगाया गया कि 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में मेट्रो सेवाएं काफी हद तक बंद रहीं, जबकि कोर्ट का पहले आदेश था कि...

सुप्रीम कोर्ट में PIL: CEC के विरोध-प्रदर्शन के दौरान सेंट्रल दिल्ली में इंटरनेट शटडाउन की जांच की मांग

चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के दौरान 9 और 10 अक्टूबर को सेंट्रल दिल्ली में जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सर्विस बंद करने के मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई।एडवोकेट नरेंद्र कुमार गोस्वामी द्वारा दायर इस याचिका में सर्विस बंद करने के अधिकृत मूल आदेश (जिसमें कारण बताए गए हों), पाबंदी को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री, आदेश के प्रकाशन से जुड़े रिकॉर्ड और कानूनी...

CEC प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, मनोज झा ने दायर की याचिका

RJD सांसद मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने ज़रूरत से ज़्यादा बल का इस्तेमाल किया।झा का आरोप है कि पुलिस ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों, छात्र नेताओं, वकीलों, राजनेताओं और आम नागरिकों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया, उनका अपहरण किया या उन्हें नज़रबंद किया, साथ ही "महिला प्रदर्शनकारियों का यौन उत्पीड़न" भी किया।उन्होंने बताया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने आज, यानी 11...

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस हिंसा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, पुलिस कमिश्नर के खिलाफ अवमानना याचिका

दिल्ली में 10 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा कथित रूप से अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। याचिका में दिल्ली पुलिस कमिश्नर आईपीएस अनुराग कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसा की और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का उल्लंघन किया।एडवोकेट अमन प्रसाद द्वारा दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने कई निहत्थे...

दिल्ली प्रदर्शन में हिरासत का मामला: CJP सदस्य ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की Habeas Corpus याचिका, याचिकाकर्ता ने अब वापस लेने की मांग की

दिल्ली में 10 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर प्रस्तावित प्रदर्शन के संबंध में कथित तौर पर हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के पदाधिकारियों और अन्य लोगों की रिहाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका दाखिल की गई। हालांकि, 11 अक्टूबर को रात 1:01 बजे के अपडेट के अनुसार, याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह याचिका कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से दाखिल नहीं...

BREAKING| दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद करने और ट्रेन रद्द करने को लेकर अवमानना ​​याचिका पर रविवार को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट कल (रविवार) विशेष सुनवाई करेगा। यह सुनवाई उस अवमानना ​​याचिका पर होगी, जिसमें आरोप लगाया गया कि अधिकारियों ने कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश का उल्लंघन करते हुए दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद रखे और ट्रेन सेवाएं रद्द कीं। कोर्ट ने आदेश दिया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ CJP और विपक्षी दलों द्वारा घोषित 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन से निपटने के लिए परिवहन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जानी चाहिए।जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी।यह याचिका वकील...

BREAKING| विरोध प्रदर्शनों के दौरान नेताओं की हिरासत के खिलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका, कल होगी सुनवाई

सीनियर वकील और राज्यसभा में TMC सांसद मेनका गुरुस्वामी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ़ दिल्ली में शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान राजनीतिक नेताओं की हिरासत के मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।गुरुस्वामी ने 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) की राहत के लिए आर्टिकल 32 के तहत रिट याचिका दायर की।इस याचिका पर रविवार को जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की स्पेशल बेंच सुनवाई करेगी। अपनी याचिका में उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व...