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पंजाब नगर निकाय चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की
पंजाब नगर निकाय चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब नगर निकाय चुनावों में बैलेट पेपर की जगह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से मतदान कराने की मांग वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि चुनाव अगले दिन होने हैं और सभी व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी हैं, इसलिए इस चरण पर हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पांचोली की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट नचिकेता जोशी ने दलील दी कि हाल के वर्षों में पहली बार बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जा...

BREAKING | सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की रेबीज़ वाले कुत्तों की इच्छामृत्यु के खिलाफ NGO की याचिका
BREAKING | सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की रेबीज़ वाले कुत्तों की 'इच्छामृत्यु' के खिलाफ NGO की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने NGO द्वारा दायर उस याचिका को सुनने से इनकार किया, जिसमें यह स्पष्टीकरण मांगा गया था कि कोर्ट का हालिया निर्देश, जिसमें कुछ खास परिस्थितियों में कुत्तों को मारने की अनुमति दी गई, उसे आवारा कुत्तों को अंधाधुंध मारने का आदेश नहीं माना जाना चाहिए।यह याचिका NGO 'एनिमल्स आर पीपल टू' ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान दायर की है। NGO ने चिंता जताई है कि कोर्ट के निर्देश की अधिकारी गलत व्याख्या कर रहे हैं, ताकि कुत्तों को गैर-कानूनी तरीके से मारने या हटाने को सही ठहराया जा...

सुप्रीम कोर्ट में याचिका: कॉकरोच जनता पार्टी और फर्जी वकीलों के खिलाफ CBI जांच की मांग
सुप्रीम कोर्ट में याचिका: 'कॉकरोच जनता पार्टी' और फर्जी वकीलों के खिलाफ CBI जांच की मांग

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें "कॉकरोच जनता पार्टी" से जुड़ी गतिविधियों की सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से जांच कराने की मांग की गई। यह एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान है, जो सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान हाल ही में की गई कुछ टिप्पणियों के बाद शुरू हुआ था।याचिका में नकली वकीलों और फर्जी कानून डिग्रियों की भी जांच की मांग की गई। इसमें दावा किया गया कि ये मुद्दे कानूनी व्यवस्था के भीतर पेशेवर मानकों में आई गहरी गिरावट को दर्शाते हैं।राजा चौधरी द्वारा दायर इस याचिका में उन...

इच्छामृत्यु के नाम पर आवारा कुत्तों को अंधाधुंध मारने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा NGO, कहा- कोर्ट के निर्देश को गलत समझा जा रहा है
'इच्छामृत्यु' के नाम पर 'आवारा कुत्तों को अंधाधुंध मारने' के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा NGO, कहा- कोर्ट के निर्देश को गलत समझा जा रहा है

एक NGO ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर यह स्पष्टीकरण मांगा कि कुत्तों को कुछ खास परिस्थितियों में 'इच्छामृत्यु' (Euthanasia) देने की अनुमति देने वाले उसके हालिया निर्देश को आवारा कुत्तों को अंधाधुंध मारने का आदेश नहीं माना जा सकता।यह अर्जी NGO 'एनिमल्स आर पीपल टू' (Animals Are People Too) ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही लंबित कार्यवाही के दौरान दाखिल की। NGO ने इस बात पर चिंता जताई कि कोर्ट के निर्देश की अधिकारी गलत व्याख्या कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल कुत्तों को गैर-कानूनी तरीके से मारने या...

आंशिक कार्य दिवसों के दौरान 7,300 से ज़्यादा मामलों की सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट; ज़मानत की अर्ज़ियों समेत नए मामले भी सुने जाएंगे
आंशिक कार्य दिवसों के दौरान 7,300 से ज़्यादा मामलों की सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट; ज़मानत की अर्ज़ियों समेत नए मामले भी सुने जाएंगे

सुप्रीम कोर्ट ने सूचित किया कि 2026 के "आंशिक कार्य दिवसों" के दौरान 7,300 से ज़्यादा मामलों की सुनवाई की जाएगी, जिसमें ज़मानत के मामलों समेत नए मामले भी छुट्टियों के दौरान ही सुनवाई के लिए लिस्ट किए जाते रहेंगे।21 मई को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा जारी एक नोटिस के अनुसार, कोर्ट ने बताया कि शुरुआत में आंशिक कार्य दिवसों के दौरान सुनवाई के लिए 13,565 विविध मामले और 10,567 नियमित सुनवाई वाले मामले (संबंधित मामलों सहित) लिस्ट किए गए।इनमें से लगभग 3,102 विविध मामले और 4,232 नियमित सुनवाई वाले...

कट्टर नक्सली, गुलदस्ते से स्वागत नहीं हो सकता: सुप्रीम कोर्ट ने मुठभेड़ में मारे गए माओवादी की मौत की जांच की मांग वाली याचिका खारिज की
'कट्टर नक्सली, गुलदस्ते से स्वागत नहीं हो सकता': सुप्रीम कोर्ट ने मुठभेड़ में मारे गए माओवादी की मौत की जांच की मांग वाली याचिका खारिज की

22 मई को सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर याचिका खारिज की, जिसमें हाईकोर्ट ने कथा रामचंद्र रेड्डी की मौत की दोबारा पोस्टमॉर्टम और जांच का आदेश देने से इनकार किया था। कथा रामचंद्र रेड्डी एक माओवादी कमांडर थे, जो पिछले साल सितंबर में छत्तीसगढ़ में एक कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्रन शर्मा की बेंच ने माओवादी नेता के बेटे द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई की। यह याचिका हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई, जिसमें...

पंचनामा रिपोर्ट में नाम न होना आरोपी की बेगुनाही का प्रमाण नहीं: सुप्रीम कोर्ट
पंचनामा रिपोर्ट में नाम न होना आरोपी की बेगुनाही का प्रमाण नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल पंचनामा रिपोर्ट में आरोपी का नाम दर्ज न होने के आधार पर उसे जमानत नहीं दी जा सकती, यदि जांच में अन्य ऐसे साक्ष्य मौजूद हों, जो प्रथम दृष्टया उसके अपराध में शामिल होने की ओर संकेत करते हों।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेकापम कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें हत्या के आरोपी को इस आधार पर जमानत दी गई थी कि पंचनामा कार्यवाही के दौरान उसका नाम सामने नहीं आया।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गंभीर अपराधों में अदालतों को जमानत देते समय...

केवल धोखाधड़ी का आरोप काफी नहीं, GPA को लोन सुरक्षा बताने का सबूत देना होगा: सुप्रीम कोर्ट
केवल धोखाधड़ी का आरोप काफी नहीं, GPA को लोन सुरक्षा बताने का सबूत देना होगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति यह दावा करता है कि जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) के जरिए किए गए संपत्ति लेनदेन वास्तव में बिक्री नहीं बल्कि केवल लोन की सुरक्षा के लिए थे, तो इसे साबित करने की जिम्मेदारी उसी पर होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल धोखाधड़ी या विश्वास के दुरुपयोग के आरोप पर्याप्त नहीं माने जा सकते।जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ ने तमिलनाडु के एक संपत्ति विवाद में अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें...

आरोपी का खुद को बेकसूर बताने वाला और सह-आरोपी को फंसाने वाला बयान भरोसे लायक नहीं: सुप्रीम कोर्ट
आरोपी का खुद को बेकसूर बताने वाला और सह-आरोपी को फंसाने वाला बयान भरोसे लायक नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (22 मई) को हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने का फैसला रद्द किया। कोर्ट ने पाया कि किसी आरोपी का अदालत के बाहर दिए गए बयान (Extra-Judicial Confession) के ज़रिए दूसरे सह-आरोपियों को फंसाना और उन्हें बयान देने वाले से जिरह करने का मौका न देना, अभियोजन पक्ष के मामले के लिए घातक होगा। साथ ही किसी को दोषी ठहराने के लिए ऐसे बयान भरोसे लायक नहीं माने जा सकते।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कलकत्ता हाईकोर्ट का वह फैसला पलट दिया, जिसमें ट्रायल कोर्ट के उस...

सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड हाईकोर्ट सीजे और जजों की पेंशन पर 2025 के फैसले को स्पष्ट किया, अक्टूबर 2016 से होगा लागू
सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड हाईकोर्ट सीजे और जजों की पेंशन पर 2025 के फैसले को स्पष्ट किया, अक्टूबर 2016 से होगा लागू

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रिटायर्ड चीफ जस्टिस और हाईकोर्ट के जजों के लिए क्रमशः 15 लाख रुपये और 13.5 लाख रुपये की संशोधित पूरी पेंशन के संबंध में उसके 2025 के निर्देश 9 अक्टूबर, 2016 से लागू होंगे।कोर्ट ने कहा,"पैरा 76 (i), (ii) को इस हद तक स्पष्ट किया जाता है कि [उसमें] उल्लिखित संशोधित पूरी पेंशन 09.10.2016 से स्वीकार्य होगी। बकाया राशि की गणना तदनुसार की जाएगी। यदि कोई जज इस तारीख से पहले रिटायर्ड हो गया है तो ऐसी बकाया राशि की गणना रिटायर्ड चीफ जस्टिस/जज (जैसा भी मामला हो) के लिए...

सुप्रीम कोर्ट ने अनैतिकता के अर्थ का विस्तार किया, कहा - महिला के नहाते हुए वीडियो लीक करने की धमकी देना दंडनीय अपराध
सुप्रीम कोर्ट ने 'अनैतिकता' के अर्थ का विस्तार किया, कहा - महिला के नहाते हुए वीडियो लीक करने की धमकी देना दंडनीय अपराध

महिलाओं की गरिमा, निजता और यौन स्वायत्तता पर महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपराधिक कानून के तहत "अनैतिकता" की अवधारणा को आधुनिक संवैधानिक मूल्यों की रोशनी में समझा जाना चाहिए, न कि पुराने नैतिक ढांचों के आधार पर।कोर्ट ने यह टिप्पणी एक व्यक्ति की सज़ा को बरकरार रखते हुए की। उस व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 506 के भाग II के तहत दोषी ठहराया गया, क्योंकि उसने एक महिला के नहाते हुए निजी वीडियो को Facebook पर अपलोड करने की धमकी दी थी। कोर्ट ने कहा कि ऐसा आचरण उस प्रावधान के...

BREAKING| NCERT मामले में 3 शिक्षाविदों को ब्लैकलिस्ट करने वाला आदेश वापस, सुप्रीम कोर्ट ने हटाईं प्रतिकूल टिप्पणियां
BREAKING| NCERT मामले में 3 शिक्षाविदों को ब्लैकलिस्ट करने वाला आदेश वापस, सुप्रीम कोर्ट ने हटाईं प्रतिकूल टिप्पणियां

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपना पिछला आदेश वापस ले लिया। इस आदेश में उन तीन शिक्षाविदों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया, जो न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर आधारित NCERT की कक्षा 8 के विवादित चैप्टर को तैयार करने में शामिल थे। उन्हें केंद्रीय या राज्य विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों के शैक्षणिक प्रोजेक्ट्स से बाहर कर दिया गया।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकारें इन शिक्षाविदों को शैक्षणिक प्रोजेक्ट्स में शामिल करने के संबंध में स्वतंत्र निर्णय ले सकती हैं।कोर्ट ने 11 मार्च के...

सुप्रीम कोर्ट ने पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की कमी पर चिंता जताई, कहा - इससे ट्रायल में देरी होती है
सुप्रीम कोर्ट ने पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की कमी पर चिंता जताई, कहा - इससे ट्रायल में देरी होती है

सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (सरकारी वकील) की कमी को आपराधिक मामलों के ट्रायल में देरी का एक बड़ा कारण बताया, और राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे सेशन कोर्ट के हर कोर्टरूम में कम से कम एक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करें।उन्होंने कहा,"देखिए, कम-से-कम प्रॉसिक्यूटर तो नियुक्त कीजिए। हर ज़िला और सेशन कोर्ट हॉल के लिए - कोर्ट नहीं, कोर्ट हॉल के लिए। हर पीठासीन अधिकारी के पास एक खास प्रॉसिक्यूटर होना चाहिए। अब वह प्रॉसिक्यूटर किसी दूसरे ज़िले से सिर्फ़ कुछ खास दिनों पर ही न आए, और...

अगर माता-पिता दोनों IAS अधिकारी हैं तो बच्चों को आरक्षण क्यों मिलना चाहिए? : सुप्रीम कोर्ट
'अगर माता-पिता दोनों IAS अधिकारी हैं तो बच्चों को आरक्षण क्यों मिलना चाहिए?' : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यह सवाल उठाया कि क्या उन परिवारों के बच्चों को OBC आरक्षण का लाभ मिलता रहना चाहिए, जिन्होंने आरक्षण के ज़रिए शैक्षिक और आर्थिक तरक्की हासिल कर ली है? कोर्ट ने कहा कि ऐसी तरक्की से सामाजिक गतिशीलता (social mobility) भी आती है।जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा,“अगर माता-पिता दोनों IAS अधिकारी हैं तो उन्हें आरक्षण क्यों मिलना चाहिए? शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक गतिशीलता भी आती है। ऐसे में अगर बच्चों के लिए फिर से आरक्षण मांगा जाए तो हम कभी भी इस चक्र से बाहर...