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जस्टिस संदीप मेहता के आरोपों पर राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस का जवाब, कहा- नाराज़गी में लगाए गए आरोप
राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने केस लिस्टिंग में हेरफेर और प्रशासनिक शक्तियों के गलत इस्तेमाल के आरोपों से जुड़े विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया।ये आरोप सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत को भेजे गए पत्रों में लगाए। जस्टिस मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के तौर पर जस्टिस शर्मा को हटाने और किसी दूसरे राज्य के चीफ जस्टिस को राजस्थान हाई कोर्ट में नियुक्त...

NEET-SS की खाली सीटें तमिलनाडु को लौटाएगा केंद्र, कट ऑफ घटाने पर मंगलवार तक बताएगा फैसला
सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल कोर्सेज में दाखिले से जुड़े मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि तमिलनाडु की सभी खाली सुपर स्पेशियलिटी सीटें राज्य को वापस लौटा दी जाएंगी। हालांकि पात्रता के लिए निर्धारित प्रतिशत में कितनी कमी की जाएगी इस पर सरकार मंगलवार तक कोर्ट को लिखित जानकारी देगी।जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के समक्ष गुरुवार को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने केंद्र का रुख बताया। उन्होंने कहा कि सरकार तमिलनाडु की जितनी सीटें खाली रह गई हैं, वे सभी राज्य...

₹460 करोड़ की प्रतिभूतियों का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने PCM के पक्ष में दिया फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (2 सितंबर) को कहा कि Futures & Options (F&O) सेगमेंट में हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए निवेशक Professional Clearing Members (PCMs) को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि PCM की भूमिका मुख्य रूप से ट्रेड्स की क्लियरिंग और सेटलमेंट तक सीमित है।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने कहा कि निवेशक का सीधा संविदात्मक संबंध Trading Member (TM) के साथ होता है, जबकि PCM के लिए TM ही क्लाइंट होता है। इसलिए व्यक्तिगत निवेशकों और...

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: SCBA चुनाव नतीजों पर शिकायतों की जांच करे चुनाव समिति
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के हाल ही में हुए चुनावों की मतगणना और नतीजों को लेकर उठाई गई शिकायतों की जांच चुनाव समिति से कराने को कहा। इसके साथ ही कोर्ट ने चुनाव परिणामों को चुनौती देने वाले छह उम्मीदवारों की अर्जियों पर न्यायिक स्तर पर विचार करने से इनकार किया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और चुनाव परिणामों से जुड़ी शिकायतें पांच सीनियर एडवोकेट्स वाली चुनाव समिति के समक्ष उठाई जा सकती हैं। इस...

BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग कर रहे वकीलों से मारपीट का आरोप, CBI जांच से SC का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने 21 अगस्त को BCI परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे वकीलों से कथित मारपीट की घटना की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता दे दी।मामले का उल्लेख एडवोकेट प्रशांत भूषण ने CJI जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष किया। उन्होंने बताया कि BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे और सुधारों की मांग को लेकर वकील प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके बाद कुछ लोगों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि घटना BCI परिसर...

NDPS Act | ड्रग डिस्पोज़ल कमिटी ट्रायल कोर्ट के आदेश के बिना ज़ब्त गाड़ी को डिस्पोज़ नहीं कर सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि NDPS एक्ट, 1985 के तहत किसी मामले में ज़ब्त गाड़ी को ज़ब्त करने का अधिकार सिर्फ़ उस कोर्ट के पास है, जो एक्ट की धारा 63 के तहत अपराध की सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि NDPS Act की धारा 52A के तहत बनी ड्रग डिस्पोज़ल कमिटी (DDC) कोर्ट के आदेश के बिना ज़ब्त गाड़ी को डिस्पोज़ करने की प्रक्रिया खुद शुरू नहीं कर सकती।कोर्ट ने कहा,"कानूनी तौर पर ज़ब्ती का अधिकार उस कोर्ट के पास है जो अपराध की सुनवाई कर रही है।" इसे लागू करते हुए जस्टिस जेबी पारदीवाला और...

ज्यूडिशियरी पर 'तानाशाही' टिप्पणी: सुप्रीम कोर्ट का YouTuber गुलशन पाहुजा को तत्काल रिहाई करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने आज, 3 सितंबर 2026, YouTuber गुलशन पाहुजा को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा आपराधिक अवमानना के मामले में सुनाई गई छह महीने की साधारण कैद की सजा पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अपील पर नोटिस जारी करते हुए उन्हें तत्काल जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने अधिवक्ता मनीष की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।दिल्ली HC ने लगाया था 6 महीने का कारावासगुलशन पाहुजा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते...

सरकारी स्कूलों में पत्रकारों, YouTubers की एंट्री पर पाबंदी के खिलाफ PIL, सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार
सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों, पत्रकारों, YouTubers, सोशल मीडिया यूजर्स और सिविल सोसाइटी प्रतिनिधियों के प्रवेश तथा फोटो-वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइवस्ट्रीमिंग पर लगाए गए प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने प्रिय मिश्रा की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर इस रिट याचिका को सुनने के इच्छुक नहीं हैं।राजस्थान और उत्तर...

कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम के तहत रिविज़न पर लिमिटेशन एक्ट लागू नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (2 सितंबर) को कहा कि कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम में दी गई समय-सीमा (लिमिटेशन पीरियड) को खत्म करने के लिए लिमिटेशन एक्ट, 1963 के प्रावधानों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने एक मामले की सुनवाई की, जिसमें कर्नाटक सरकार के भूमि रिकॉर्ड प्राधिकरण ने अपनी रिविज़न शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए बेंगलुरु के येदियुर झील इलाके में भूमि सर्वेक्षण नंबरों की नई जांच का आदेश दिया। यह आदेश कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम, 1964 ("अधिनियम") के...

'क्लाइंट को कानून के सुंदर फैसले की परवाह नहीं, वकील का ध्यान राहत सुनिश्चित करने पर होना चाहिए': जस्टिस बीवी नागरत्ना
सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने बुधवार को कहा कि वकील का प्राथमिक उद्देश्य किसी कानूनी मुद्दे पर "सुंदर निर्णय" देने के बजाय ग्राहक के लिए राहत सुनिश्चित करना होना चाहिए।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने कहा,"देखें वकील का रवैया रखरखाव पर एक सुंदर निर्णय पाने के बजाय पार्टी के लिए राहत पाने का होना चाहिए। यह कानून, वह कानून, यह सिद्धांत, वह सिद्धांत - यह सब आपके (वकीलों) और हमारे (जजों) के लिए है, लेकिन ग्राहक कह रहा होगा कि 'मेरे लिए क्या है?' जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की...

'कई गायब कड़ियां': सुप्रीम कोर्ट ने बाल हत्या मामले के दोषी को 16 साल की कैद के बाद बरी किया
सुप्रीम कोर्ट ने 2007 में छह साल के बच्चे की मौत से जुड़े हत्या के मामले में दोषी को यह मानते हुए बरी किया कि अभियोजन पक्ष उचित संदेह से परे उसके अपराध को स्थापित करने में विफल रहा है और परिस्थितिजन्य साक्ष्य की श्रृंखला में कई महत्वपूर्ण लिंक गायब हैं।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की खंडपीठ ने अपील की अनुमति दी और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट और अंबाला सेशन कोर्ट के फैसलों को रद्द किया, जिसमें अपीलकर्ता साहब सिंह को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302, 201 और 377 के तहत दोषी ठहराया...

सुप्रीम कोर्ट की मनन कुमार मिश्रा से दो टुक: आप लोकतांत्रिक रूप से चुने गए चेयरमैन नहीं, बल्कि BCI के प्रो-टेम चेयरमैन हैं
सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को याद दिलाया कि वह केवल प्रो-टेम (अस्थायी) चेयरमैन हैं, न कि लोकतांत्रिक रूप से चुने गए पदाधिकारी। इसलिए वह केवल BCI के रोज़मर्रा के कामकाज को ही संभाल सकते हैं।कोर्ट ने कहा कि कोई भी बड़ा नीतिगत निर्णय लेने से पहले BCI को अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को शामिल करना होगा, जो BCI के स्थायी पदेन (ex-officio) सदस्य होते हैं।ये टिप्पणियां उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की गईं, जिनमें BCI नियमों के तहत निर्धारित कार्यकाल से...

बैंक उन NBFC से लिए गए लोन के लिए SARFAESI Act का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक्ट के दायरे में नहीं आते: सुप्रीम कोर्ट
एक अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (2 सितंबर) को कहा कि बैंक NBFC से मिले लोन की वसूली के लिए SARFAESI Act, 2002 का इस्तेमाल कर सकते हैं, भले ही लोन लेते समय वे NBFC एक्ट के दायरे में न आते हों।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने कहा,"...जब कोई संस्था (बैंक) ऐसी हो जिस पर SARFAESI Act पहले से लागू होता हो, और वह ऐसी संस्था से कोई नॉन-परफॉर्मिंग सिक्योर्ड लोन अकाउंट (NPA) हासिल करती है, जो SARFAESI Act के दायरे में नहीं आती, तो उस लोन अकाउंट को तुरंत SARFAESI Act के...

गुजरात प्रोहिबिशन एक्ट के तहत ज़ब्त गाड़ियों को अंतरिम तौर पर छोड़ने पर कोई पूरी तरह रोक नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (02.09.2026) को ट्रायल कोर्ट, सेशंस कोर्ट और गुजरात हाईकोर्ट के उन आदेशों को रद्द किया, जिनमें भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) की बड़ी खेप ले जाते समय ज़ब्त किए गए ट्रक की अंतरिम कस्टडी देने से इनकार कर दिया गया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि सिक्योरिटी जमा करने पर गाड़ी उसके मालिक को सौंप दी जाए। आदेशों को रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा कि गुजरात प्रोहिबिशन एक्ट, 1949 की धारा 98(2) ट्रायल के दौरान ज़ब्त गाड़ी को उसके मालिक को सौंपने पर पूरी तरह रोक नहीं लगाती है, भले ही बरामद...

कस्टम्स अथॉरिटी ने AI से बने केस लॉ का किया इस्तेमाल: सुप्रीम कोर्ट ने ₹425 करोड़ का जुर्माना रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक हीरा व्यापारी पर लगाए गए ₹425.27 करोड़ के कस्टम्स जुर्माना रद्द किया। कोर्ट ने पाया कि फैसला करने वाली अथॉरिटी ने ऐसे न्यायिक उदाहरणों (Judicial Precedents) पर भरोसा किया, जो या तो मौजूद ही नहीं थे या गलत तरीके से बताए गए। ऐसा लग रहा था कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने बनाया या 'हैलुसिनेट' (गलत जानकारी बनाना) किया।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने विजय घनश्याम गडिया की सिविल अपील को मंज़ूरी दी और गुजरात हाई कोर्ट के आदेश और कस्टम्स के मूल...

Shiv Sena Row | वास्तविक पार्टी तय करने के लिए 'विधायी बहुमत टेस्ट' को एससी के फ़ैसले ने खारिज नहीं किया: शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
शिवसेना मामले में एकनाथ शिंदे गुट ने सुप्रीम कोर्ट के सामने तर्क दिया कि सुभाष देसाई मामले में संविधान पीठ के फ़ैसले ने दो विरोधी गुटों में से कौन सा गुट बहुमत में है, यह तय करने के लिए 'विधायी बहुमत टेस्ट' को पूरी तरह से खारिज नहीं किया।एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की ओर से सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने अपनी बात रखी। वह उद्धव ठाकरे की उस अपील का जवाब दे रहे थे, जिसमें भारत के चुनाव आयोग...

OBC क्रीमी लेयर स्टेटस फैसले पर स्पष्टीकरण के लिए केंद्र की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 11 मार्च के उस फ़ैसले को लागू करने के बारे में स्पष्टीकरण मांगा, जिसमें कहा गया कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवार का क्रीमी लेयर स्टेटस सिर्फ़ माता-पिता की सैलरी इनकम के आधार पर तय नहीं किया जा सकता, बल्कि उनके पद की श्रेणी पर भी विचार किया जाना चाहिए।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने केंद्र की स्पष्टीकरण याचिका पर नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई 17 सितंबर, 2026 के लिए तय की।केंद्र ने फ़ैसले को पिछली तारीख से लागू करने के...

सिर्फ़ इसलिए दोषी नहीं माना जा सकता कि जांच अधिकारी पर मिलीभगत के आरोप हैं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (1 सितंबर) को कहा कि हालांकि खराब जांच का फ़ायदा आरोपी को नहीं मिल सकता, लेकिन अदालतें सिर्फ़ इसलिए आरोपी को दोषी नहीं मान सकतीं कि जांच अधिकारी (IO) असहयोगी था या उस पर मिलीभगत के आरोप हैं, खासकर तब जब अभियोजन पक्ष आरोपी का दोष साबित करने के लिए भरोसेमंद सबूत पेश करने में नाकाम रहा हो।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा,"खराब जांच का फ़ायदा आरोपी को नहीं मिल सकता, लेकिन जब कोई भरोसेमंद सबूत न हो, तो सिर्फ़ इसलिए कि IO असहयोगी था या उसके...

BCI-PEARL FIRST Trust में स्थायी ट्रस्टी बने रहने पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल: “क्या निर्वाचित निकाय ऐसा Perpetual Trust बना सकता है?”
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा समेत मौजूदा पदाधिकारियों के BCI का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी BCI-PEARL FIRST Trust के स्थायी ट्रस्टी बने रहने से जुड़े प्रावधानों पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं।CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ BCI चेयरमैन के लंबे समय तक जारी रहने को चुनौती देने वाली याचिकाओं और BCI-PEARL FIRST Trust के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई कर रही थी।“क्या निर्वाचित निकाय स्थायी ट्रस्ट बना सकता है?”याचिकाकर्ताओं की ओर...

सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी V-कोर्ट्स पोर्टल पर बिना जुर्म कबूल किए ट्रैफिक अपराधों के निपटारे की अनुमति देने वाली याचिका पर करेगी विचार
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपनी ई-कमेटी को एक याचिका भेजी। इस याचिका में कमेटी द्वारा मैनेज किए जाने वाले V-कोर्ट्स पोर्टल में बदलाव की मांग की गई ताकि नागरिकों को ट्रैफिक अपराधों का निपटारा करते समय जुर्म कबूल करने (प्ली ऑफ गिल्ट) की ज़रूरत न पड़े।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह (याचिकाकर्ता प्रभजोत सिंह ढिल्लों की ओर से) की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। आदेश में कहा गया कि उठाया गया मुद्दा...
