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वकील की सुप्रीम कोर्ट में शिकायत: हिरासत में लिए गए छात्र प्रदर्शनकारियों से मिलने के दौरान दिल्ली पुलिस ने मेरे साथ मारपीट की
वकील की सुप्रीम कोर्ट में शिकायत: हिरासत में लिए गए छात्र प्रदर्शनकारियों से मिलने के दौरान दिल्ली पुलिस ने मेरे साथ मारपीट की

एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में शिकायत की कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की। यह घटना 23 जुलाई की है, जब वे निज़ामुद्दीन पुलिस स्टेशन गए। वह जंतर-मंतर पर परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई के लिए वहां गए।शिकायतकर्ता वकील माणिक गुप्ता हैं, जो दिल्ली की विभिन्न अदालतों, जिनमें सुप्रीम कोर्ट भी शामिल है, उसमें प्रैक्टिस करते हैं। गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित उस रिट याचिका में दखल देने की मांग की, जिसमें...

प्रदर्शनकारियों का आरोप, उन्हें पैलेट गन से चोटें आईं: पैलेट गन पर रोक की मांग पहुंची सुप्रीम कोर्ट
प्रदर्शनकारियों का आरोप, उन्हें पैलेट गन से चोटें आईं: पैलेट गन पर रोक की मांग पहुंची सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई। इसमें मांग की गई कि कानून लागू करने वाली एजेंसियां ​​आम लोगों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पैलेट गन (प्रोजेक्टाइल एक्शन गन) का इस्तेमाल बंद करें।यह याचिका आर्टिकल 32 के तहत पूर्व IPS अधिकारी यशोवर्धन आज़ाद और दो अन्य लोगों, प्रशांत कुमार सिंह और शेख इरशाद मंसूरी ने दायर की है। सिंह और मंसूरी का दावा है कि 20 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' की ओर से परीक्षा के पेपर लीक होने के मुद्दे पर आयोजित 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) द्वारा...

नए क्रिमिनल लॉ के तहत शुरुआती 15 दिनों के बाद भी पुलिस कस्टडी मिल सकती है: सुप्रीम कोर्ट ने BNSS की धारा 187(2) समझाई
नए क्रिमिनल लॉ के तहत शुरुआती 15 दिनों के बाद भी पुलिस कस्टडी मिल सकती है: सुप्रीम कोर्ट ने BNSS की धारा 187(2) समझाई

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (27 जुलाई) को कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत पुलिस कस्टडी सिर्फ़ रिमांड के शुरुआती 15 दिनों तक सीमित नहीं है और इसे कानूनी समय-सीमा के भीतर अलग-अलग हिस्सों में भी मांगा जा सकता है। कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की उस शर्त को रद्द किया, जिसमें आरोपी की पुलिस कस्टडी को रिमांड के शुरुआती 15 दिनों से आगे बढ़ाने पर रोक लगाई गई।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा,"BNSS की धारा 187(2) और (3), पुराने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC), 1973...

Kasol Rave Parties : सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के अधिकारियों के खिलाफ FIR के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई, ट्रांसफर बरकरार रखा
Kasol Rave Parties : सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के अधिकारियों के खिलाफ FIR के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई, ट्रांसफर बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें कुल्लू के डिप्टी कमिश्नर और सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के खिलाफ FIR दर्ज करने और विभागीय कार्यवाही के लिए SIT बनाने का निर्देश दिया गया। यह आदेश प्रशासन द्वारा 'मौन सहमति' से रेव पार्टियां आयोजित करने देने के मामले में दिया गया।हालांकि, कोर्ट ने दोनों अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश बरकरार रखा और कहा कि ट्रांसफर के आदेश को तुरंत लागू किया जाए। कोर्ट ने माना कि मामले को उनसे दूर रखने के लिए ट्रांसफर जरूरी है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया...

Art. 311(2) | पक्की नौकरी वाले सरकारी कर्मचारी को बिना जांच के गैर-कानूनी नियुक्ति के आरोप पर नौकरी से नहीं निकाला जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
Art. 311(2) | पक्की नौकरी वाले सरकारी कर्मचारी को बिना जांच के गैर-कानूनी नियुक्ति के आरोप पर नौकरी से नहीं निकाला जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि जिस सरकारी कर्मचारी की नौकरी पक्की (कन्फर्म) हो चुकी है, उसे सिर्फ़ इसलिए नौकरी से नहीं निकाला जा सकता कि उसकी नियुक्ति में कथित तौर पर कोई गड़बड़ी थी। कोर्ट ने कहा कि विभागीय जांच किए बिना नौकरी से निकालना संविधान के अनुच्छेद 311(2) का उल्लंघन होगा।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा,"नौकरी पक्की होना कोई मामूली प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह कर्मचारी को एक ठोस दर्जा देता है, जिससे उसे नौकरी की बेहतर सुरक्षा और सिविल सेवक को मिलने वाले...

सुप्रीम कोर्ट ने हाथ से मैला ढोने के काम में हो रही मौतों पर चिंता जताई, 5 राज्यों के मुख्य सचिवों को अवमानना ​​का नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने हाथ से मैला ढोने के काम में हो रही मौतों पर चिंता जताई, 5 राज्यों के मुख्य सचिवों को अवमानना ​​का नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने पांच राज्यों के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा कि हाथ से मैला ढोने के काम में होने वाली मौतों को रोकने में नाकाम रहने पर उनके खिलाफ अदालत की अवमानना ​​की कार्रवाई क्यों न की जाए।सीवर की सफाई और हाथ से मैला ढोने के काम को रोकने के लिए डॉ. बलराम की ओर से दायर एक लंबे समय से चल रही जनहित याचिका (PIL) पर सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2023 में इस समस्या को खत्म करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सीवर की सफाई के दौरान होने वाली मौतों के मामलों में मुआवज़े की रकम बढ़ाकर 30 लाख...

राम मंदिर चंदा गबन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने SIT में फॉरेंसिक ऑडिटर जोड़ने का दिया निर्देश, मांगी स्टेटस रिपोर्ट
राम मंदिर चंदा गबन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने SIT में फॉरेंसिक ऑडिटर जोड़ने का दिया निर्देश, मांगी स्टेटस रिपोर्ट

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को मिले चंदे के कथित गबन के आरोपों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में एक फॉरेंसिक ऑडिटर को शामिल करने का निर्देश दिया। साथ ही, अदालत ने SIT से जांच की प्रगति पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ राम मंदिर को मिले चंदे के कथित गबन की CBI जांच और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन के ऑडिट की...

NEET प्रदर्शन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- प्रदर्शन ड्यूटी पर तैनात पुलिस को हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरण क्यों नहीं दिए जाते?
NEET प्रदर्शन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- प्रदर्शन ड्यूटी पर तैनात पुलिस को हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरण क्यों नहीं दिए जाते?

NEET प्रश्नपत्र लीक और कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को संकेत दिया कि वह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से पूछ सकता है कि बड़े प्रदर्शनों के दौरान ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को हेलमेट जैसे पर्याप्त सुरक्षा उपकरण क्यों उपलब्ध नहीं कराए जाते।जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ ने मामले को मंगलवार के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा कि यदि पुलिस या...

BREAKING| नतीजों के बाद बार काउंसिल की सीटें बढ़ाने के BCI के फैसले पर चुनाव निगरानी समिति ने लगाई रोक
BREAKING| नतीजों के बाद बार काउंसिल की सीटें बढ़ाने के BCI के फैसले पर चुनाव निगरानी समिति ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई हाई-पावर्ड चुनाव निगरानी समिति ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के उस प्रस्ताव को लागू करने पर रोक लगाई, जिसमें मौजूदा बार काउंसिल चुनावों के दौरान स्टेट बार काउंसिल में चुने गए सदस्यों की संख्या बढ़ाने की बात कही गई। समिति ने माना कि यह कदम कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ था।सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति - जिसमें पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा और सीनियर एडवोकेट वी. गिरी...

दलबदल को विलय के तौर पर मंजूरी देने की 10वीं अनुसूची की व्याख्या को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट कपिल सिब्बल की याचिका पर जारी किया नोटिस
दलबदल को विलय के तौर पर मंजूरी देने की 10वीं अनुसूची की व्याख्या को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट कपिल सिब्बल की याचिका पर जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक रिट याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने खुद (party-in-person) दायर की। इसमें संविधान की 10वीं अनुसूची की उस व्याख्या को चुनौती दी गई, जो विधायकों को राजनीतिक दलों के विलय का रास्ता अपनाकर दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य होने से बचने की इजाज़त देती है।नोटिस जारी करने से पहले जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने सिब्बल की बात संक्षेप में सुनी। शुरुआत में ही जस्टिस नरसिम्हा ने सवाल किया कि अनुच्छेद 32 का रास्ता...

NEET परीक्षा में CBT लागू करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, सुधारों पर अन्य याचिकाओं के साथ होगी सुनवाई
NEET परीक्षा में CBT लागू करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, सुधारों पर अन्य याचिकाओं के साथ होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि नीट (NEET-UG) परीक्षा को पारंपरिक पेन-पेपर प्रणाली से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में बदलने का मुद्दा गंभीर विचार का विषय है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस व्यापक प्रश्न पर अन्य लंबित याचिकाओं के साथ एक साथ सुनवाई की जाएगी।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ ने यह टिप्पणी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान की।इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय परीक्षा...

सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका: तीसरे जज के अलग होने के बाद कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से दूसरी पीठ के समक्ष सुनवाई की मांग की
सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका: तीसरे जज के अलग होने के बाद कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से दूसरी पीठ के समक्ष सुनवाई की मांग की

सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि वकील एवं सोशल एक्टिविस्ट सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका को किसी दूसरी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। यह अनुरोध जस्टिस श्री चंद्रशेखर के मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग करने के बाद किया गया।मामले का उल्लेख चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष किया गया।सिब्बल ने अदालत को बताया कि हाल ही में भीमा कोरेगांव मामले में गाडलिंग को जमानत मिली और इसी दौरान इस मामले की...

अबू सलेम की समयपूर्व रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, एक सप्ताह में लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश
अबू सलेम की समयपूर्व रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, एक सप्ताह में लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले के दोषी अबू सलेम की समयपूर्व रिहाई संबंधी याचिका पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने दोनों पक्षों को एक सप्ताह के भीतर अपनी लिखित दलीलें और संबंधित न्यायिक फैसले दाखिल करने का निर्देश दिया।अबू सलेम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषि मल्होत्रा ने दलील दी कि जेल में अच्छे आचरण के आधार पर मिली रिमिशन (सजा में छूट) और विचाराधीन कैदी (Undertrial) के रूप में बिताई गई अवधि को भी 25 वर्ष...

जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का संवैधानिक अधिकार
जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: 'शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का संवैधानिक अधिकार'

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि शांतिपूर्ण और कानूनसम्मत प्रदर्शन करना संविधान द्वारा संरक्षित अधिकार है और केवल प्रदर्शन होने के आधार पर पुलिस लाठीचार्ज नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि यदि कहीं पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग हुआ है तो उसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।चीफ़ सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।सुनवाई के दौरान CJI ने...

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा बिहार पुलिस फायरिंग मामला: राज्यसभा सांसद मनोज झा ने दोषी अधिकारियों पर FIR और SIT जांच की मांग की
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा बिहार पुलिस फायरिंग मामला: राज्यसभा सांसद मनोज झा ने दोषी अधिकारियों पर FIR और SIT जांच की मांग की

बिहार में NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और फायरिंग के मामले में राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में 20 जुलाई से देशभर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस ज्यादती की जांच, दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की गई।यह मामला सोमवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष उल्लेखित किया गया। सीनियर...

शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज नहीं हो सकता: NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज नहीं हो सकता': NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) द्वारा कथित बल प्रयोग के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन संविधान द्वारा संरक्षित अधिकार है और केवल प्रदर्शन होने के आधार पर लाठीचार्ज को उचित नहीं ठहराया जा सकता।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इस मामले में दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।...

जिन राज्यों में 1,000 से कम कंज्यूमर केस, वे कुछ डिस्ट्रिक्ट कमीशन खत्म कर सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट
जिन राज्यों में 1,000 से कम कंज्यूमर केस, वे कुछ डिस्ट्रिक्ट कमीशन खत्म कर सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में साफ़ किया कि जिन राज्यों में कंज्यूमर केस की कुल पेंडेंसी (लंबित मामले) 1,000 से कम है, वे कुछ डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन (जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग) को खत्म कर सकते हैं और उनका काम मौजूदा ज्यूडिशियल अधिकारियों को सौंप सकते हैं, बशर्ते संबंधित हाई कोर्ट की पहले से मंज़ूरी ली गई हो।यह निर्देश कोर्ट के 11 फरवरी, 2026 के आदेश के क्रम में जारी किया गया, जिसमें बहुत कम कंज्यूमर केस पेंडेंसी वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पूरी तरह से...

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने बताया: NIA मुकदमों के लिए देश भर में 14 और NDPS के लिए 113 खास कोर्ट बनाए गए, 4 हफ़्तों में और कोर्ट बनेंगे
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने बताया: NIA मुकदमों के लिए देश भर में 14 और NDPS के लिए 113 खास कोर्ट बनाए गए, 4 हफ़्तों में और कोर्ट बनेंगे

UAPA जैसे खास कानूनों के तहत मामलों से निपटने के लिए खास कोर्ट बनाने से जुड़े स्वतः संज्ञान (suo motu) वाले मामले में केंद्र ने 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि NIA मामलों की सुनवाई के लिए देश भर में कुल 14 खास कोर्ट बनाए गए।एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच को इस घटनाक्रम के बारे में बताया। ASG ने कहा कि ज़रूरी नोटिफिकेशन इसी हफ़्ते जारी कर दिए जाएंगे।दी गई जानकारी के अनुसार, ये 14 खास कोर्ट इन...

सुप्रीम कोर्ट में PIL: छात्र प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के लिए दिल्ली पुलिस और CAPF अधिकारियों के खिलाफ FIR की मांग
सुप्रीम कोर्ट में PIL: छात्र प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के लिए दिल्ली पुलिस और CAPF अधिकारियों के खिलाफ FIR की मांग

सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई। इसमें दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई। आरोप है कि इन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बुलावे पर 20 जुलाई से दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ज़रूरत से ज़्यादा बल का इस्तेमाल किया।याचिका में इन घटनाओं की स्वतंत्र जांच, CCTV फुटेज, बॉडी-कैमरा रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ घायल...