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X से पत्रकार की कौन-सी जानकारी मांग रही UP Police? सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में Twitter) से किस तरह की जानकारी मांगी गई है और वह जानकारी किस FIR की जांच के लिए आवश्यक है।यह मामला उपाध्याय के खिलाफ दर्ज एक रोड-रेज FIR से जुड़ा है। उन्होंने गाजियाबाद पुलिस की FIR को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इसी मामले में उन्होंने हाल ही में UP Police द्वारा 'X' को भेजे गए नोटिस को भी चुनौती दी थी, जिसमें...

चीन जाने की अनुमति के लिए वीवो अधिकारी को दूतावास से वापसी की गारंटी लाने का निर्देश, सुप्रीम कोर्ट ने दिया एक महीने का समय

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वीवो मोबाइल कम्युनिकेशंस के अधिकारी गुआंगवेन कुआंग को अपने 82 वर्षीय बीमार पिता से मिलने चीन जाने की अनुमति के मामले में चीनी दूतावास से भारत लौटकर मुकदमे का सामना करने की गारंटी लेने के लिए एक महीने का समय दिया। कुआंग के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन चल रहा है।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। कुआंग की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह केवल कंपनी के कर्मचारी हैं।इस पर जस्टिस संजय कुमार ने कहा कि अदालत यात्रा की अनुमति...

हटाने की कार्रवाई से बचने के लिए इस्तीफा देने वाले संवैधानिक पदाधिकारियों को सुविधाएं क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने उन संवैधानिक पदाधिकारियों जिसमें जज भी शामिल हैं, उनको इस्तीफे के बाद मिलने वाली सुविधाओं और अन्य लाभों पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।याचिका में मांग की गई कि जो संवैधानिक पदाधिकारी हटाने की कार्रवाई से बचने के लिए कार्यकाल के बीच में इस्तीफा देते हैं, उन्हें कोई विशेष सुविधा, भत्ता, आवास या अन्य लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी...

पहली बार नाबालिग होने का दावा करने वाले मामलों से पुलिस और ट्रायल कोर्ट द्वारा JJ Act को लागू करने में बड़ी कमी का पता चलता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या पर ध्यान दिलाया, जिनमें पहली बार उसके सामने नाबालिग होने का दावा किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि यह ट्रेंड पुलिस और अदालतों द्वारा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJA) को समझने और लागू करने में एक गंभीर कमी की ओर इशारा करता है।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच ने बुधवार (2 सितंबर, 2026) को सुनाए गए एक फैसले में एक व्यक्ति की 21 साल पुरानी सज़ा रद्द की, क्योंकि अपराध के समय वह नाबालिग पाया गया। कोर्ट ने कहा कि एक बार जब जुवेनाइल जस्टिस...

संगठित अपराध और जबरन वसूली का मामला: पूर्व RJD MLA रितुलाल यादव की ज़मानत याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (3 सितंबर) संगठित अपराध और जबरन वसूली के आरोपों के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व विधायक रितलाल यादव की ज़मानत याचिका खारिज करने वाले पटना हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार किया। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि अगर एक साल के भीतर उनके मुकदमे में कोई खास प्रगति नहीं होती है तो वह पटना हाईकोर्ट के सामने ज़मानत के लिए फिर से अर्ज़ी दे सकते हैं, बशर्ते वह मुकदमे में सहयोग करें।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने यादव की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल...

सुप्रीम कोर्ट ने DLF कंस्ट्रक्शन की CBI जांच का दिया आदेश, कहा- हाउसिंग प्रोजेक्ट वैसा ही बनना चाहिए जैसा खरीदार को ब्रोशर में दिखाया गया

सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को गुरुग्राम में DLF प्राइमस प्रोजेक्ट के निर्माण से जुड़े मुद्दों, खासकर प्रोजेक्ट प्लान और घर खरीदारों को दिखाए गए ब्रोशर से कथित तौर पर अलग हटकर किए गए निर्माण की शुरुआती जांच (PE) करने का निर्देश दिया।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि हाउसिंग प्रोजेक्ट वैसा ही होना चाहिए जैसा ब्रोशर और प्लान के ज़रिए संभावित खरीदारों से वादा किया गया। कोर्ट ने पाया कि DLF प्राइमस प्रोजेक्ट के बीच से गुजरती हुई दिखाई...

सुप्रीम कोर्ट ने 2025 के फैसले के बावजूद CAPF में IPS अधिकारियों को डेप्युटेशन पर भेजने के मामले में केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय से 46 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों को पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में डेप्युटेशन पर भेजने के बारे में विस्तृत जवाब मांगा। कोर्ट ने पहले निर्देश दिया था कि CAPF कैडर में डेप्युटेशन वाले पदों को धीरे-धीरे कम किया जाए।जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने 2 सितंबर को यह आदेश दिया। बेंच 'संजय प्रकाश और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य' मामले में 23 मई, 2025 के कोर्ट के फैसले का पालन न करने के आरोप में गृह मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन के...

सुप्रीम कोर्ट में शुरू होगी कानून, न्याय और कानूनी शिक्षा पर मंथली लेक्चर सीरीज़, CJI ने टीचर्स डे पर बताई योजना

सुप्रीम कोर्ट कानून, न्याय और कानूनी शिक्षा पर एक मंथली लेक्चर सीरीज़ शुरू करने जा रहा है। यह कानूनी सिस्टम और समाज से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर चर्चा के लिए एक रेगुलर मंच बनाएगा।इस पहल की घोषणा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने शनिवार को टीचर्स डे के मौके पर की। यह सीरीज़ "एक ज़रूरी विचार। हर महीने।" (One important idea. Every month.) थीम पर आधारित होगी।हर सेशन में किसी जाने-माने कानून विशेषज्ञ, स्कॉलर, कानूनी शिक्षाविद या अपने क्षेत्र के एक्सपर्ट का खास लेक्चर होगा। लेक्चर के बाद 'आइडियाज़ डायलॉग'...

पुलिस का प्रदर्शनकारियों पर हमला करना गंभीर चिंता का विषय: जस्टिस उज्ज्वल भुयान, कहा- बेहद दुखद

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुयान ने हाल ही में कहा कि हालिया छात्र प्रदर्शनों में पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों पर हमला करते देखना "दुखद" है।उन्होंने कहा:"हम सभी को निराशा होती है, जब हम इंडियन पुलिस सर्विस के युवा अधिकारियों को खुद जाकर प्रदर्शनकारियों पर हमला करते हुए देखते हैं। यह देखना बहुत ही दुखद है।" PTI के अनुसार, जस्टिस भुयान ने ये बातें रिटायर्ड IPS अधिकारी यशोवर्धन आज़ाद की किताब 'पुलिसिंग द रिपब्लिक' के विमोचन के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पुलिस...

25 साल की सर्विस के बाद फर्जी पाया गया ST सर्टिफिकेट, सुप्रीम कोर्ट ने दी रिटायरमेंट के फायदे देने को मंज़ूरी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (3 सितंबर) को संविधान के आर्टिकल 142 के तहत अपनी खास शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए रिटायर्ड कर्मचारी के रिटायरमेंट और पेंशन से जुड़े फायदों को सुरक्षित रखा। इस कर्मचारी का कम्युनिटी सर्टिफिकेट 25 साल से ज़्यादा की सर्विस के बाद अमान्य पाया गया।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने जूनियर इंजीनियर (सिविल) की अपील पर सुनवाई की। उन्हें 1994 में 'टोकरे कोली' अनुसूचित जनजाति (ST) के कम्युनिटी सर्टिफिकेट के आधार पर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ़ ग्रेटर मुंबई में...

खारिज करने के लिए हेडिंग के तहत केस लिस्ट करना गलत: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की आलोचना की

सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा 'खारिज करने के लिए' (For Dismissal) हेडिंग के तहत कॉज़-लिस्ट में एक केस को लिस्ट करने पर आपत्ति जताई।जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस अतुल एस. चंडुरकर की बेंच ने कहा कि ऐसा करना गलत है क्योंकि इससे पता चलता है कि कोर्ट ने सुनवाई से पहले ही मामले पर फैसला कर लिया था।कोर्ट ने कहा,"हमने पाया कि हाईकोर्ट ने संबंधित क्रिमिनल रिविज़न केस को 'खारिज करने के लिए' हेडिंग के तहत लिस्ट किया और बाद में रिविज़न याचिका खारिज की, जबकि मामले की सुनवाई 21.11.2025 को...

मोटर दुर्घटना का दावा | सिर्फ़ इसलिए कि पीड़ित को खास भूमिका में बनाए रखा गया, फंक्शनल डिसेबिलिटी को कम नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मोटर दुर्घटना मुआवज़े के मामलों में फंक्शनल डिसेबिलिटी का आकलन करते समय इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि पीड़ित खुली और प्रतिस्पर्धी लेबर मार्केट में कितना कमा सकता है, न कि इस बात पर कि वह व्यक्ति किसी ऐसी जगह काम कर रहा है, जहां उसे बहुत ज़्यादा सुविधाएं दी गईं।कोर्ट ने कहा,"फंक्शनल डिसेबिलिटी की गणना इस आधार पर की जाती है कि पीड़ित की खुली और प्रतिस्पर्धी बाज़ार में कमाने की क्षमता क्या है, न कि इस आधार पर कि उसे किसी खास, बहुत ज़्यादा सुविधा वाली भूमिका में बनाए रखा...

सुप्रीम कोर्ट ने NGO एनर्जी वॉचडॉग को बिजली के कथित अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही में शामिल होने की इजाज़त दी

सुप्रीम कोर्ट ने NGO 'एनर्जी वॉचडॉग' को झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) द्वारा दो कंपनियों के खिलाफ बिजली की कथित अनधिकृत सप्लाई और इस्तेमाल को लेकर शुरू की गई कार्यवाही में शामिल होने की इजाज़त दी।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने झारखंड हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश में दखल देने से इनकार किया, जिसमें NGO को कार्यवाही में शामिल होने की इजाज़त दी गई ताकि ज़रूरी जानकारी इकट्ठा करने और उस पर विचार करने में आसानी हो। कोर्ट हाईकोर्ट की इस राय से सहमत था कि बिजली की...

अब नागरिकों के घर तक पहुंचेंगी ई-कोर्ट सेवाएं, सुप्रीम कोर्ट ने 26 मोबाइल ई-सेवा वैन को दिखाई हरी झंडी

सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी ने नेशनल लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी (NALSA) और न्याय विभाग के साथ मिलकर शुक्रवार को 26 मोबाइल ई-सेवा वैन को हरी झंडी दिखाई। इनका मकसद दूर-दराज और कम सुविधा वाले इलाकों में रहने वाले नागरिकों तक सीधे ई-कोर्ट सेवाएं, कानूनी मदद और विवाद सुलझाने की सुविधाएं पहुंचाना है।इन वैन को नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में हरी झंडी दिखाई गई। ये 73 मोबाइल ई-सेवा वैन के बेड़े का पहला हिस्सा हैं, जिन्हें धीरे-धीरे तय हाई कोर्ट और ज़िला अदालतों के अधिकार...