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दिल्ली में प्रवेश करने वाले कॉमर्शियल वाहनों के लिए पर्यावरण मुआवज़ा शुल्क में हुई बढ़ोतरी, अब इतना देना होगा चार्ज
दिल्ली में प्रवेश करने वाले कॉमर्शियल वाहनों के लिए पर्यावरण मुआवज़ा शुल्क में हुई बढ़ोतरी, अब इतना देना होगा चार्ज

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रवेश करने वाले कमर्शियल वाहनों पर पर्यावरण मुआवज़ा शुल्क (ECC) बढ़ाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। साथ ही प्रदूषण के खिलाफ इसके निवारक प्रभाव को बनाए रखने के लिए इसमें 5% सालाना बढ़ोतरी अनिवार्य की।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने 12/03/2026 को पारित किया था। शुक्रवार को अपलोड किए गए आदेश के ज़रिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा 1 अप्रैल, 2026 से ECC दरों में संशोधन के लिए प्रस्तुत सिफारिशों को...

मकान मालिक की वास्तविक ज़रूरत का आकलन बेदखली याचिका दायर करने की तारीख के आधार पर किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
मकान मालिक की वास्तविक ज़रूरत का आकलन बेदखली याचिका दायर करने की तारीख के आधार पर किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि बेदखली याचिकाओं में, मकान मालिक की वास्तविक ज़रूरत का फैसला आम तौर पर उस तारीख के आधार पर किया जाना चाहिए, जिस तारीख को बेदखली का मुकदमा दायर किया गया; बशर्ते कि बाद में हुई किसी घटना से राहत के आधार में कोई बड़ा बदलाव न आ जाए। इसी सिद्धांत को लागू करते हुए कोर्ट ने 31 साल पुराने बेदखली के एक विवाद को नए सिरे से विचार करने के लिए ट्रायल कोर्ट के पास वापस भेज दिया।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें...

चंबल में अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: माइनिंग माफिया पर सख्त कार्रवाई और नजरबंदी के निर्देश
चंबल में अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: माइनिंग माफिया पर सख्त कार्रवाई और नजरबंदी के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन को लेकर स्वत: संज्ञान मामले में सख्त रुख अपनाते हुए मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों को तत्काल प्रभाव से प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकारें अवैध खनन पर रोक लगाने में विफल रहती हैं, तो अदालत पूर्ण प्रतिबंध, भारी जुर्माना और अर्धसैनिक बलों की तैनाती जैसे कड़े कदम उठा सकती है।कोर्ट ने राज्यों की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए कहा...

दक्षिण भारत में महिलाएं आस्था के तहत मासिक धर्म के दौरान मंदिर जाने से बचती हैं: सीनियर एडवोकेट एम.आर. वेंकटेश
दक्षिण भारत में महिलाएं आस्था के तहत मासिक धर्म के दौरान मंदिर जाने से बचती हैं: सीनियर एडवोकेट एम.आर. वेंकटेश

सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला मामले की सुनवाई के पांचवें दिन महिलाओं के मंदिर प्रवेश और धार्मिक प्रथाओं को लेकर अहम बहस हुई। आत्मन ट्रस्ट की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट एम.आर. वेंकटेश ने दलील दी कि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं का मंदिर या पूजा कक्ष में प्रवेश न करना भेदभाव नहीं, बल्कि स्वेच्छा से अपनाया गया धार्मिक अनुशासन और आस्था है।उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है, जहां महिलाएं स्वयं इस नियम का पालन करती हैं। “यह कोई लिखित नियम नहीं है, बल्कि विश्वास और अनुशासन का...

BREAKING | कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांजिट अग्रिम ज़मानत बढ़ाने से किया इनकार
BREAKING | कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांजिट अग्रिम ज़मानत बढ़ाने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (17 अप्रैल) को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की उस अर्ज़ी को ठुकरा दिया, जिसमें उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा उन्हें दी गई ट्रांजिट अग्रिम ज़मानत पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को हटाने की मांग की थी। यह मामला असम पुलिस द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा के खिलाफ दर्ज जालसाज़ी और आपराधिक साज़िश के केस से जुड़ा है।कोर्ट ने खेड़ा की उस अर्ज़ी को भी नामंज़ूर किया, जिसमें उन्होंने ट्रांजिट ज़मानत को अगले मंगलवार तक बढ़ाने की मांग की...

सुप्रीम कोर्ट ने COFEPOSA कानून के तहत कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव की नजरबंदी रखी बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने COFEPOSA कानून के तहत कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव की नजरबंदी रखी बरकरार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव उर्फ हर्षवर्धिनी रान्या के खिलाफ सेंट्रल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो (CEIB) द्वारा जारी निवारक नजरबंदी आदेश को बरकरार रखा। कोर्ट ने उनके सहयोगी साहिल सरकारिया जैन की नजरबंदी को भी COFEPOSA कानून के तहत सही ठहराया।जस्टिस एम.एम. सुंदरश और जस्टिस नोंगमीकापम कोटिस्वर सिंह की बेंच ने 22 अप्रैल 2025 के नजरबंदी आदेशों को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिकाएं खारिज कर दीं। इन आदेशों को पहले कर्नाटक हाईकोर्ट भी सही ठहरा चुका था।पृष्ठभूमि:अधिकारियों...

हाईकोर्ट को ज़िला न्यायपालिका के संरक्षक के तौर पर काम करना चाहिए, आदेशों में जजों की आलोचना नहीं करनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट को ज़िला न्यायपालिका के संरक्षक के तौर पर काम करना चाहिए, आदेशों में जजों की आलोचना नहीं करनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि हाल के दिनों में यह एक चलन बन गया है कि हाई कोर्ट अपनी निगरानी, ​​अपील या पुनरीक्षण अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए न्यायिक अधिकारियों की आलोचना करते हैं और उनके खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणियां या कड़ी फटकार लगाते हैं। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसा रवैया हाई कोर्ट की संस्थागत भूमिका के अनुरूप नहीं है, क्योंकि उन्हें ज़िला न्यायपालिका का संरक्षक माना जाता है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि जब न्यायिक अधिकारियों द्वारा पारित...

पति के खिलाफ दहेज लेने की शिकायत के आधार पर पत्नी और उसके परिवार पर दहेज देने के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
पति के खिलाफ दहेज लेने की शिकायत के आधार पर पत्नी और उसके परिवार पर 'दहेज देने' के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (16 अप्रैल) को फैसला सुनाया कि किसी महिला या उसके परिवार के सदस्यों पर 'दहेज लेने वालों' के खिलाफ अपनी शिकायत में किए गए दावों के आधार पर 'दहेज देने' के लिए दहेज निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई नहीं की जा सकती।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने एक पति द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपनी पत्नी और उसके परिवार के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की थी।पति ने तर्क दिया कि चूंकि उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ अपनी ही कानूनी शिकायत में दहेज देने की...

30 करोड़ रुपये का समझौता फेल होने के बाद रेप का केस दर्ज: सुप्रीम कोर्ट ने IT उद्यमी को अग्रिम ज़मानत दी
'30 करोड़ रुपये का समझौता फेल होने के बाद रेप का केस दर्ज': सुप्रीम कोर्ट ने IT उद्यमी को अग्रिम ज़मानत दी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (16 अप्रैल) को रेप और यौन उत्पीड़न के आरोपी एक कारोबारी को अग्रिम ज़मानत दी। कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि उसके खिलाफ शिकायत दोनों पक्षकारों के बीच 30 करोड़ रुपये के प्रस्तावित वित्तीय समझौते के फेल होने के बाद दर्ज की गई लगती है।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने केरल के IT उद्यमी वेणु गोपालकृष्णन की अपील मंज़ूर की। बेंच ने केरल हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें एर्नाकुलम के इन्फोपार्क पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के सिलसिले में उन्हें अग्रिम ज़मानत...

BREAKING| West Bengal SIR : 21/27 अप्रैल से पहले अपील मंजूर हो जाने पर बाहर किए गए लोगों को वोट देने की इजाज़त- सुप्रीम कोर्ट
BREAKING| West Bengal SIR : 21/27 अप्रैल से पहले अपील मंजूर हो जाने पर बाहर किए गए लोगों को वोट देने की इजाज़त- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को निर्देश दिया कि वह एक सप्लीमेंट्री संशोधित वोटर लिस्ट जारी करे, जिसमें उन वोटरों को शामिल किया जाए जिनकी अपीलें, उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने के खिलाफ, तय कट-ऑफ तारीखों से पहले अपीलीय ट्रिब्यूनल द्वारा मंज़ूर कर ली जाती हैं, ताकि वे पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव के आने वाले चरणों में अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल कर सकें।कोर्ट ने निर्देश दिया कि जिन अपीलकर्ताओं की अपीलें, वोटर लिस्ट से बाहर किए जाने के खिलाफ 21 अप्रैल (पहले चरण के लिए) या 27...

NEET PG 2025 | सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी काउंसलिंग राउंड की मांग वाली याचिका खारिज की
NEET PG 2025 | सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी काउंसलिंग राउंड की मांग वाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने वह रिट याचिका खारिज की, जिसमें NEET-PG 2025 काउंसलिंग के लिए 5वां राउंड या स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित करने के निर्देश देने और नेशनल मेडिकल कमीशन के ऐसे किसी राउंड को आयोजित न करने के फैसले को चुनौती देने की मांग की गई थी।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया।एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड रवि भारुका के माध्यम से दायर इस याचिका में अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई कि वे स्ट्रे वैकेंसी राउंड पूरा होने के बाद NEET-PG...

BREAKING | मुस्लिम विरासत कानून महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब
BREAKING | मुस्लिम विरासत कानून महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (16 अप्रैल) को केंद्र सरकार को रिट याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ के प्रावधानों को महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण बताया गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका वकील पौलोमी पावनी शुक्ला और 'न्याय नारी फाउंडेशन' नामक संगठन ने दायर की थी, जिसका प्रतिनिधित्व आयशा जावेद कर रही थीं।10 मार्च को, जब इस याचिका पर पहले सुनवाई हुई...