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पत्नी से बात न करना क्रूरता नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी की आत्महत्या के मामले में पति की धारा 498A के तहत सज़ा रद्द की
'पत्नी से बात न करना क्रूरता नहीं': सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी की आत्महत्या के मामले में पति की धारा 498A के तहत सज़ा रद्द की

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि पति ने 13 दिनों तक अपनी पत्नी से बात करने से इनकार किया, इसे किसी भी तरह से क्रूरता नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक जीवन में मतभेद होना आम बात है और ऐसे मतभेदों के कारण बातचीत बंद हो सकती है।इसके बाद जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A (पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता) के तहत पति की सज़ा और दोषसिद्धि रद्द की। कोर्ट ने उसका पासपोर्ट उसे वापस करने का आदेश भी दिया।कोर्ट ने...

सुप्रीम कोर्ट ने कस्टडी विवादों में बच्चों के मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए सिद्धांत तय किए
सुप्रीम कोर्ट ने कस्टडी विवादों में बच्चों के मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए सिद्धांत तय किए

सुप्रीम कोर्ट ने आज कस्टडी, मुलाक़ात और माता-पिता के संपर्क से जुड़े विवादों में बच्चों के मनोवैज्ञानिक या मनोरोग संबंधी मूल्यांकन के अनुरोधों से निपटने वाली अदालतों के लिए कुछ व्यापक सिद्धांत तय किए। कोर्ट ने कहा कि बच्चे की ज़िंदगी में "कम-से-कम दखल" ही नियम होना चाहिए और अदालतों को दोबारा सदमा लगने (री-ट्रॉमेटाइज़ेशन) के जोखिम के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कस्टडी विवाद से जुड़े मामले में ये बातें कहीं, जिसमें बच्चा कथित तौर पर यौन शोषण...

POCSO पीड़ित बच्चों की मनोवैज्ञानिक जांच केवल जरूरत पड़ने पर हो: सुप्रीम कोर्ट
POCSO पीड़ित बच्चों की मनोवैज्ञानिक जांच केवल जरूरत पड़ने पर हो: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अभिरक्षा (कस्टडी), मुलाकात और माता-पिता के पहुंच अधिकार से जुड़े मामलों में बच्चों की मनोवैज्ञानिक जांच केवल आवश्यकता पड़ने पर ही कराई जानी चाहिए। विशेष रूप से यौन शोषण के कथित पीड़ित बच्चों के मामलों में उनके जीवन में न्यूनतम हस्तक्षेप ही सामान्य नियम होना चाहिए।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने यह टिप्पणी बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश में संशोधन करते हुए की, जिसमें एक नाबालिग बच्ची की मनोवैज्ञानिक जांच के लिए विशेषज्ञों के पैनल के गठन का निर्देश...

बेटे की चाहत वाली पितृसत्तात्मक सोच अभी भी जारी: सुप्रीम कोर्ट ने सेक्स-सेलेक्शन पर रोक लगाने वाले कानूनों को सख्ती से लागू करने को कहा
'बेटे की चाहत वाली पितृसत्तात्मक सोच अभी भी जारी': सुप्रीम कोर्ट ने सेक्स-सेलेक्शन पर रोक लगाने वाले कानूनों को सख्ती से लागू करने को कहा

भारत में सेक्स-सेलेक्शन (लिंग-चयन) की प्रथाओं के अभी भी जारी रहने पर ध्यान देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज ज़ोर दिया कि 'प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स (लिंग-चयन पर रोक) एक्ट, 1994' (PCPNDT Act) जैसे कल्याणकारी कानूनों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।कोर्ट ने कहा,"यह सच है कि आम तौर पर लिंगानुपात (sex ratio) की गिरती स्थिति में काफी सुधार हुआ है, लेकिन कानून के प्रावधानों को कमजोर करना या उनके उल्लंघन को नजरअंदाज करना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।" जस्टिस संजय करोल और जस्टिस...

यूपी के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
यूपी के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा की गई प्रतिकूल टिप्पणियों और उनकी भविष्य की नियुक्तियों के लिए उपयुक्तता का आकलन कराने संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगाई।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की पीठ ने संजय प्रसाद द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के प्रभाव पर रोक लगाने का निर्देश दिया।गौरतलब है कि 3 जून को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस विनोद दिवाकर ने एक कड़ा आदेश पारित करते हुए...

जस्टिस गौतम पटेल के परिवार की सुरक्षा को लेकर सक्रिय हुए CJI, लंदन में भारतीय उच्चायुक्त से की मुलाकात
जस्टिस गौतम पटेल के परिवार की सुरक्षा को लेकर सक्रिय हुए CJI, लंदन में भारतीय उच्चायुक्त से की मुलाकात

बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस गौतम पटेल और उनके परिवार को मिल रही धमकियों तथा लंदन में उनकी बेटी पर हुए हमले के बाद चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने मामले में हस्तक्षेप किया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान चीफ जस्टिस ने लंदन में भारतीय उच्चायुक्त पी. कुमारन से मुलाकात कर जस्टिस पटेल की बेटी और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।बॉम्बे हाईकोर्ट प्रशासन से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि CJI के हस्तक्षेप के बाद भारतीय उच्चायोग...

BREAKING| मीनाक्षी नटराजन की राज्यसभा उम्मीदवारी रद्द करने के खिलाफ याचिका पर कल सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
BREAKING| मीनाक्षी नटराजन की राज्यसभा उम्मीदवारी रद्द करने के खिलाफ याचिका पर कल सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस सदस्य मीनाक्षी नटराजन की उस रिट याचिका कल (शुक्रवार) सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई, जिसमें मध्य प्रदेश से उनकी राज्यसभा उम्मीदवारी रद्द किए जाने को चुनौती दी गई।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी के तत्काल सुनवाई के मौखिक अनुरोध के बाद मामले को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की।सिंघवी ने आज या कल (शुक्रवार) तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि नामांकन वापस लेने का आज आखिरी दिन है। सिंघवी ने आग्रह किया...

फोरम नॉन कन्वेनियंस का सिद्धांत आर्टिकल 226(1) के तहत रिट अधिकार क्षेत्र को अस्वीकार करने का शायद ही कभी आधार बनता है: सुप्रीम कोर्ट
'फोरम नॉन कन्वेनियंस' का सिद्धांत आर्टिकल 226(1) के तहत रिट अधिकार क्षेत्र को अस्वीकार करने का शायद ही कभी आधार बनता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'फोरम नॉन कन्वेनियंस' का सिद्धांत आमतौर पर तब लागू नहीं होगा, जब कोई वादी संविधान के आर्टिकल 226(1) के तहत हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करता है। यह आर्टिकल उस हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अधिकारियों के खिलाफ रिट याचिका दायर करने की अनुमति देता है।'फोरम नॉन कन्वेनियंस' का सिद्धांत किसी ऐसी अदालत को, जिसके पास विवाद पर सुनवाई का अधिकार क्षेत्र है, मामले की सुनवाई से इनकार करने की अनुमति देता है यदि किसी अन्य अदालत को मामले के निपटारे के लिए अधिक उपयुक्त...

BREAKING| होममेकर देश निर्माता हैं: सुप्रीम कोर्ट ने होममेकर के योगदान को ₹30,000 प्रति माह आंका
BREAKING| 'होममेकर देश निर्माता हैं': सुप्रीम कोर्ट ने होममेकर के योगदान को ₹30,000 प्रति माह आंका

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मोटर दुर्घटना के दावों में होममेकर (घर संभालने वाली महिला) द्वारा दी जाने वाली घरेलू देखभाल का नुकसान हर्जाने का एक अलग और मुआवजा-योग्य आधार है। कोर्ट ने ऐसी घरेलू सेवाओं का मूल्य कम-से-कम ₹30,000 प्रति माह तय किया।मोटर दुर्घटना के दावों से जुड़ी अपील पर फैसला सुनाते हुए जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने कहा कि होममेकर का योगदान घर से कहीं आगे तक जाता है और देश-निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवज़ा...

BREAKING| राज्यसभा उम्मीदवारी रद्द होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस सदस्य मीनाक्षी नटराजन
BREAKING| राज्यसभा उम्मीदवारी रद्द होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस सदस्य मीनाक्षी नटराजन

इंडियन नेशनल कांग्रेस (Congress) की मीनाक्षी नटराजन ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन रद्द किए जाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।इस मामले को आज (गुरुवार) सुबह तत्काल सुनवाई के लिए पेश किए जाने की संभावना है।खबरों के अनुसार, रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने नटराजन का आवेदन इसलिए खारिज किया था, क्योंकि उन पर आरोप है कि उन्होंने नामांकन पत्रों में तेलंगाना में अपने खिलाफ लंबित एक आपराधिक मामले की जानकारी "छिपाई"।यह मामला तेलंगाना की पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ता...

BREAKING| कानून का घोर दुरुपयोग: विदेशी फंडिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ रद्द की FIR और ED केस
BREAKING| 'कानून का घोर दुरुपयोग': विदेशी फंडिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ रद्द की FIR और ED केस

दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेशी फंडिंग के आरोपों पर न्यूज़ पोर्टल NewsClick और उसके एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ EOW की FIR और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ECIR रद्द की।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि अगर FIR में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह मान भी लिया जाए तो भी IPC की धारा 406 और 420 के तहत अपराध के ज़रूरी तत्व नहीं बनते हैं।कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी FIR को जारी रखना कानून की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है, इसलिए EOW की FIR और ED द्वारा दर्ज ECIR रद्द कर दिया गया।जज ने फैसला सुनाया,"यह माना गया...

क्या बंटे हुए फ़ैसले के बाद आपराधिक अपील की सुनवाई करने वाले तीसरे जज पिछली बेंच की राय मानने के लिए बाध्य हैं? सुप्रीम कोर्ट ने मामला बड़ी बेंच को भेजा
क्या बंटे हुए फ़ैसले के बाद आपराधिक अपील की सुनवाई करने वाले तीसरे जज पिछली बेंच की राय मानने के लिए बाध्य हैं? सुप्रीम कोर्ट ने मामला बड़ी बेंच को भेजा

सुप्रीम कोर्ट ने 'सज्जन सिंह बनाम मध्य प्रदेश राज्य (1999) 1 SCC 315' मामले में अपने पहले के फ़ैसले की सही होने पर संदेह जताते हुए एक अहम सवाल बड़ी बेंच को भेजा है। यह सवाल 'कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर, 1973' की धारा 392 के तहत आपराधिक अपील की सुनवाई करने वाले तीसरे जज की शक्तियों से जुड़ा है।कोर्ट ने बड़ी बेंच को यह सवाल भेजा है कि क्या 'कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर, 1973' की धारा 392 के तहत आपराधिक अपील की सुनवाई करने वाला तीसरा जज उन निष्कर्षों को पलट सकता है, जिन पर डिवीज़न बेंच के दो जजों ने...

सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामलों में आरोप तय करने से पहले मंज़ूरी देने वाले अधिकारी की जांच करने का निर्देश रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामलों में आरोप तय करने से पहले मंज़ूरी देने वाले अधिकारी की जांच करने का निर्देश रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस निर्देश को रद्द किया, जिसमें ट्रायल कोर्ट को 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' (PC Act) के तहत मामलों में आरोप तय करने से पहले CrPC की धारा 311 के तहत मंज़ूरी देने वाले अधिकारियों की जांच करने के लिए कहा गया था। कोर्ट ने कहा कि अदालतें आपराधिक कानून में शामिल न की गई कोई नई प्रक्रियात्मक स्टेज नहीं बना सकतीं।जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस अतुल चंदुरकर की बेंच ने कहा कि CrPC आपराधिक मुकदमों के संचालन के लिए एक पूरी प्रक्रिया तय करती है और अदालतें न्यायिक...

पति-पत्नी की तरह साथ रहने की आज़ादी: दोषी और पीड़िता की शादी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने POCSO Act के तहत मिली सज़ा रद्द की
'पति-पत्नी की तरह साथ रहने की आज़ादी': दोषी और पीड़िता की शादी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने POCSO Act के तहत मिली सज़ा रद्द की

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम' (POCSO Act), 2012 के तहत मिली सज़ा रद्द की। यह फ़ैसला तब लिया गया, जब आरोपी और पीड़िता ने शादी करके समझौता कर लिया और आरोपी ने पीड़िता को मुआवज़ा देने की पेशकश की।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंडुरकर की बेंच ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सज़ा रद्द की। कोर्ट ने मामले की खास परिस्थितियों पर ध्यान दिया कि पीड़िता के बालिग होने के बाद आरोपी और पीड़िता ने शादी कर ली थी।...

हर जज जानता है कि दिल्ली दंगा साजिश और भीमा कोरेगांव मामलों के आरोप खोखले, अंततः ढह जाएंगे: सीनियर एडवोकेट चंदर उदय सिंह
हर जज जानता है कि 'दिल्ली दंगा साजिश और भीमा कोरेगांव मामलों के आरोप खोखले, अंततः ढह जाएंगे': सीनियर एडवोकेट चंदर उदय सिंह

सीनियर एडवोकेट चंदर उदय सिंह ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जमानत को लेकर हाल के सुप्रीम कोर्ट के कुछ फैसलों की आलोचना करते हुए कहा कि दिल्ली दंगा साजिश और भीमा कोरेगांव जैसे मामलों में लगाए गए आरोप अंततः टिक नहीं पाएंगे।लाइव लॉ को दिए एक इंटरव्यू में सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज इन मामलों की वास्तविकता से भली-भांति परिचित हैं।उन्होंने कहा,"मैं यह बात स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं। मुझे नहीं लगता कि भारत के सुप्रीम कोर्ट का कोई भी जज दिल पर हाथ रखकर यह कह सकता है कि...

दुष्कर्म मामले में बरी होने से पितृत्व का सवाल खत्म नहीं होता, DNA जांच जरूरी हो सकती है: सुप्रीम कोर्ट
दुष्कर्म मामले में बरी होने से पितृत्व का सवाल खत्म नहीं होता, DNA जांच जरूरी हो सकती है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का दुष्कर्म के आपराधिक मामले में बरी हो जाना पितृत्व संबंधी विवाद के निपटारे में बाधा नहीं बन सकता।अदालत ने स्पष्ट किया कि जब जैविक पिता की पहचान का प्रश्न अन्य साक्ष्यों से निर्णायक रूप से हल नहीं हो सकता, तब DNA जांच आवश्यक और अपरिहार्य हो जाती है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेकापम कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने एक व्यक्ति की अपील खारिज करते हुए उसे DNA जांच कराने का निर्देश दिया।यह विवाद एक 27 वर्षीय युवक द्वारा दायर दीवानी...

स्पष्ट और बिना शर्त स्वीकारोक्ति के नहीं दिया जा सकता फैसला, मुकदमे की सुनवाई का अधिकार नहीं छीना जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
स्पष्ट और बिना शर्त स्वीकारोक्ति के नहीं दिया जा सकता फैसला, मुकदमे की सुनवाई का अधिकार नहीं छीना जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि दीवानी प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 12 नियम 6 के तहत केवल तभी स्वीकारोक्ति के आधार पर डिक्री पारित की जा सकती है, जब स्वीकारोक्ति स्पष्ट, निर्विवाद, बिना शर्त और असंदिग्ध हो।अदालत ने कहा कि बयानों में कथित विरोधाभास या किसी तथ्य का सामान्य उल्लेख अपने आप में स्वीकारोक्ति नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब मामले में विवादित तथ्य मौजूद हों और उनके लिए विधिवत सुनवाई आवश्यक हो।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ हिंदू परिवार से...

41 साल तक लंबित रही अपील पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, 72 वर्षीय दोषी को मिली जमानत
41 साल तक लंबित रही अपील पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, 72 वर्षीय दोषी को मिली जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में 41 वर्षों तक लंबित रही आपराधिक अपील पर गंभीर चिंता जताते हुए 72 वर्षीय विजय सिंह को जमानत दी। विजय सिंह की हत्या के मामले में दोषसिद्धि को हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल चंद्राकर की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई की।अदालत ने विजय सिंह को जमानत देने के साथ ही ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड भी तलब किया।विजय सिंह को वर्ष 1985...

CAPF कर्मी सर्विस से जुड़े विवादों के लिए दिल्ली हाईकोर्ट जा सकते हैं, भले ही मामला दिल्ली के बाहर का हो: सुप्रीम कोर्ट
CAPF कर्मी सर्विस से जुड़े विवादों के लिए दिल्ली हाईकोर्ट जा सकते हैं, भले ही मामला दिल्ली के बाहर का हो: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) - जिसमें बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) भी शामिल है - के सदस्य सर्विस से जुड़े मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट के रिट अधिकार क्षेत्र (writ jurisdiction) का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा तब भी किया जा सकता है, जब मामले की वजह दिल्ली के बाहर पैदा हुई हो, क्योंकि भारत सरकार और संबंधित फोर्स के हेडक्वार्टर राष्ट्रीय राजधानी में स्थित हैं।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने BSF कॉन्स्टेबल बख्शीश अहमद की अपील को मंज़ूरी देते हुए यह...