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सुप्रीम कोर्ट ने COVID 19 संक्रमित छात्र को अलग केंद्र पर CLAT 2020 परीक्षा देने के अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने COVID 19 संक्रमित छात्र को अलग केंद्र पर CLAT 2020 परीक्षा देने के अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक COVID 19 संक्रमित एक आवेदक को CLAT 2020 प्रवेश परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दे दी।जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि केवल इच्छुक अभ्यर्थी को, जिसने उक्त तत्काल आवेदन के जर‌िए अदालत से संपर्क किया है, सुविधा का लाभ उठाने और परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। अदालत ने कहा कि आवेदक अधिकारियों को आदेश की एक प्रति देगा ताकि उसे परीक्षा देने दिया जाए।जस्टिस भूषण ने कहा, "समय बहुत कम है। हम निर्देश देंगे कि आपको परीक्षा देने की...

SC ने ऋण स्थगन मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर तक टाली, SG ने कहा उच्चतम स्तर पर चल रहा विचार, उन्नत स्तर पर है मामला
SC ने ऋण स्थगन मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर तक टाली, SG ने कहा उच्चतम स्तर पर चल रहा विचार, उन्नत स्तर पर है मामला

सुप्रीम कोर्ट ने COVID -19 के चलते ऋण स्थगन और ब्याज की माफी के विस्तार की मांग वाली याचिका पर सुनवाई को अगले सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। पिछली सुनवाई में केंद्र ने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि अधिस्थगन के मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए उच्चतम स्तर की एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है , जिसमें अधिस्थगन के दौरान ब्याज, ब्याज पर ब्याज और अन्य संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई है।"मैं एक माफी के साथ शुरू करना चाहूंगा। मुझे नहीं पता था कि आज अदालत केवल इस मामले के लिए बैठी हैं, या स्थगन पत्र...

National Uniform Public Holiday Policy
"गंभीर अपराधों में चार्जशीट किए गए लोगों को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाए": सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें उन व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है जिनके खिलाफ गंभीर अपराधों के तहत आरोप तय किए गए हैं। अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर की गई याचिका में शीर्ष अदालत द्वारा केंद्र और चुनाव आयोग को गंभीर अपराधों में चार्जशीट किए गए व्यक्तियों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। इसमें कई वर्षों में समितियों द्वारा सुझाए गए विभिन्न सुधारों पर प्रकाश डाला गया है जैसे कि 1974 में जयप्रकाश नारायण...

[एयरफेयर रिफंड] SC ने COVID-19 लॉकडाउन के दौरान बुकिंग करने वाले फ्लाइट टिकट के रिफंड की मांग करने वाली याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
[एयरफेयर रिफंड] SC ने COVID-19 लॉकडाउन के दौरान बुकिंग करने वाले फ्लाइट टिकट के रिफंड की मांग करने वाली याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को COVID-19 लॉकडाउन के दौरान टिकट बुकिंग के लिए हवाई किराए की वापसी से संबंधित याचिकाओं पर आदेश को सुरक्षित रख लिया। जस्टिस अशोक भूषण, सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी और कहा कि वह सभी हितधारकों द्वारा विचार प्रस्तुत करेगा।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि लॉकडाउन के दौरान टिकट बुक करने वाले ट्रैवल एजेंटों द्वारा क्रेडिट शेल सुविधा का लाभ नहीं उठाया जा सकता है।एसजी ने कहा,"आखिरी मौके पर, माई लॉर्ड्स की एक चिंता यह थी कि अगर...

सुप्रीम कोर्ट ने धर्म के आधार पर COVID-19 का डेटा या सूचना के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने धर्म के आधार पर COVID-19 का डेटा या सूचना के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को धर्म, जाति, समुदाय और धार्मिक पहचान या धार्मिक समूह व सांप्रदायिक वर्गीकरण के आधार पर सूचना या डेटा के प्रसार पर प्रतिबंध या निषेध के निर्देश जारी करने के लिए दाखिल याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने अधिवक्ता मो इरशाद हनीफ की याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने कहा कि ये याचिका सभी की गरिमा और सम्मान के अधिकार के बारे में है। "बीमारी का कोई धर्म नहीं होता है। मुस्लिम तपेदिक या...

[झूठा घोषणा पत्र] सुप्रीम कोर्ट ने उसे गुमराह करने के लिए गोरखपुर की सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी किया
[झूठा घोषणा पत्र] सुप्रीम कोर्ट ने उसे गुमराह करने के लिए गोरखपुर की सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी किया

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की तीन-सदस्यीय खंडपीठ ने मनीषा वास्कले को नोटिस जारी करके उससे पूछा है कि "इस कोर्ट को गुमराह करने और परिणामस्वरूप दो सितम्बर 2019 को बेंच से अंतरिम आदेश हासिल कर लेने के लिए उनके खिलाफ क्यों नहीं कोई उचित कार्रवाई शुरू की जाये?" गौरतलब है कि प्रतिवादियों के लिए पेश हो रहे वकीलों ने कहा कि पेज-एन पर पूर्व की विशेष अनुमति याचिका (सिविल) डायरी नंबर 42226/2018 के मामले में 10 दिसम्बर 2018 को दिये गये कथित आदेश का...

[आईपीसी की धारा 120 बी] असम्बद्ध तथ्यों या अलग-अलग स्थानों तथा समयों पर किये गये आचार-व्यवहार के तार्किक लिंक के बिना साजिश की बात नहीं मानी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
[आईपीसी की धारा 120 बी] असम्बद्ध तथ्यों या अलग-अलग स्थानों तथा समयों पर किये गये आचार-व्यवहार के तार्किक लिंक के बिना साजिश की बात नहीं मानी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक आरोपी को जमानत पर रिहा करते हुए कहा है कि असम्बद्ध तथ्यों या अलग-अलग स्थानों तथा समयों पर किये गये आचार-व्यवहार के तार्किक लिंक के बिना साजिश की बात नहीं मानी जा सकती। इस मामले में मोहन नामक अभियुक्त के खिलाफ आरोप था कि वह अपहरण की साजिश में शामिल था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, याचिकाकर्ता मोहन ने एक अन्य अभियुक्त के अनुरोध पर सिम कार्ड खरीद कर दिया था। दूसरे अभियुक्त ने उस सिम का इस्तेमाल अपहरण की घटना को अंजाम देने में किया था। ट्रायल कोर्ट ने मोहन को दोषी ठहराया था, जिसे...

[विमान किराया वापसी] केवल यात्राओं के लिए टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए क्रेडिट शेल सुविधा, ट्रैवल एजेंटों के लिए नहीं: केंद्र ने SC को बताया
[विमान किराया वापसी] केवल यात्राओं के लिए टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए क्रेडिट शेल सुविधा, ट्रैवल एजेंटों के लिए नहीं: केंद्र ने SC को बताया

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने शीर्ष न्यायालय के समक्ष स्पष्ट किया है कि क्रेडिट शेल योजना केवल यात्रियों को दी जाएगी और ट्रैवल एजेंटों को नहीं। लॉकडाउन के दौरान बुक की गई उड़ानों के लिए एयरफ़ेयर रिफंड से संबंधित चल रहे मामले में केंद्र ने कोर्ट से यह भी कहा है कि एयरफ़ेयर रिफंड केवल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सीमा दोनों में ही भारत में होने वाली उड़ानों के लिए लागू होगा।राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय वाहकों की परवाह किए बिना भारत से बाहर जाने वाली उड़ानों के लिए कोई किराया वापसी नहीं हो सकती...

शिक्षण में एडहॉक पद्धति का प्रचलन कब तक जारी रहेगा? यदि शिक्षकों के पास नौकरी की सुरक्षा नहीं है, तो वे छात्रों को शिक्षित करने के कर्तव्य का निर्वहन कैसे करेंगे?: सुप्रीम कोर्ट
"शिक्षण में एडहॉक पद्धति का प्रचलन कब तक जारी रहेगा? यदि शिक्षकों के पास नौकरी की सुरक्षा नहीं है, तो वे छात्रों को शिक्षित करने के कर्तव्य का निर्वहन कैसे करेंगे?": सुप्रीम कोर्ट

"शिक्षण संकाय के संबंध में एडहॉक पद्धति का प्रचलन कब तक जारी रहेगा? यदि शिक्षकों के पास नौकरी की सुरक्षा नहीं है, तो वे छात्रों को शिक्षित करने के अपने कर्तव्य का निर्वहन कैसे करेंगे, विशेष रूप से ऐसे (मुश्किल) क्षेत्रों में? " गुरुवार को न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी ने पूछा।दरअसल न्यायमूर्ति यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के 14 अगस्त के फैसले के खिलाफ एक एसएलपी पर सुनवाई कर रही थी, जहां अदालत ने स्कूल प्रबंधन समिति ( SMC) के माध्यम से शामिल किए गए शिक्षकों की नियुक्ति...

[ वाहन दुर्घटना मुआवजा] बीमा कंपनी उत्तरदायी नहीं, जब तक कि मालिक ये साबित ना कर दे कि उसने ड्राइवर के लाइसेंस की जांच की या उसे समय पर नवीनीकृत करवाने को कहा था : सुप्रीम कोर्ट
[ वाहन दुर्घटना मुआवजा] बीमा कंपनी उत्तरदायी नहीं, जब तक कि मालिक ये साबित ना कर दे कि उसने ड्राइवर के लाइसेंस की जांच की या उसे समय पर नवीनीकृत करवाने को कहा था : सुप्रीम कोर्ट

जब एक नियोक्ता किसी चालक को नियुक्त करता है, तो उसे यह ध्यान रखना होगा कि उसका कर्मचारी समय के भीतर अपने लाइसेंस को नवीनीकृत करवाए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि अगर चालक ने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया, तो बीमा कर्मचारी को तब तक उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता जब तक कि मालिक ये साबित नहीं कर दे कि उसने ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की या उसे निर्देश दिए थे कि ड्राइवर अपने ड्राइविंग लाइसेंस को समाप्ति...

टीवी एंकर, सरकार के बयानों को बढ़ावा देने के लिए हेट स्पीच को फैलाना पसंद करते हैं: डॉ कोटा नीलिमा और संगीता त्यागी ने सुदर्शन टीवी मामले में हस्तक्षेप की मांग की
"टीवी एंकर, सरकार के बयानों को बढ़ावा देने के लिए हेट स्पीच को फैलाना पसंद करते हैं": डॉ कोटा नीलिमा और संगीता त्यागी ने सुदर्शन टीवी मामले में हस्तक्षेप की मांग की

प्रसिद्ध लेखिका और शोधकर्ता डॉ कोटा नीलिमा और स्वर्गीय श्री राजीव त्यागी (कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता) की पत्नी संगीता त्यागी ने सुप्रीम कोर्ट में सुदर्शन टीवी के शो के प्रसारण के खिलाफ चल रहे मामले में हस्तक्षेप किया है। एडवोकेट सुनील फर्नांडीस द्वारा दायर अर्जी में कहा गया है कि सुदर्शन टीवी का शो, चैनल के मुख्य संपादक सुरेश चव्हाणके जिसके एंकर हैं, "वृहत्तर छल और दुर्भावना का प्रतीक" हैं, जिसने देश में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के टीवी एंकरों के संक्रमित कर दिया है, जैसे कि वो "प्राइम टाइम" में...

National Uniform Public Holiday Policy
सुप्रीम कोर्ट को Vidyo App से माइग्रेट करना चाहिए, ई-फाइलिंग सिस्टम थकाने वाला हैः वर्चुअल सिस्टम पर हुए सर्वे में वकीलों ने दी अपनी राय

वर्चुअल कोर्ट हियरिंग पर किए गए एक सर्वे में भाग लेने वाले सुप्रीम कोर्ट के अधिकांश वकीलों ने कहा है कि Vidyo App को अधिक प्रभावी तरीके से बदलने की आवश्यकता है,जैसे कि Cisco Webex।अधिवक्ताओं ने कहा है कि वे नियमित रूप से या तो लॉग इन करने में असमर्थ रहे हैं या कोर्ट की कार्यवाही के दौरान स्वचालित रूप से लॉग आउट हो जाते थे। इसके अलावा, Vidyo App एक प्रभावी स्क्रीन शेयरिंग की सुविधा भी नहीं दे पा रही है, जिसके कारण वह खंडपीठ को कुछ दस्तावेज या निर्णयों की काॅपी नहीं दिखा पाते हैं, जबकि आमतौर पर...

आपके पास मेरिट पर एक अच्छा मामला है: SC ने सुधा भारद्वाज को मेडिकल आधार पर दाखिल अंतरिम जमानत याचिका वापस लेने की अनुमति दी
"आपके पास मेरिट पर एक अच्छा मामला है": SC ने सुधा भारद्वाज को मेडिकल आधार पर दाखिल अंतरिम जमानत याचिका वापस लेने की अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक्टिविस्ट, वकील सुधा भारद्वाज की अंतरिम जमानत के लिए याचिका को खारिज कर दिया और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता दे दी। "मैं 2 साल से हिरासत में हूं। यहां तक ​​कि आरोप भी तय नहीं किए गए हैं। मैं 58 साल की हूं और मैं चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत की मांग कर रही हूं...", याचिकाकर्ता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने प्रस्तुत किया।जस्टिस यू यू ललित और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने भारद्वाज की 21 अगस्त की अंतिम मेडिकल रिपोर्ट का उल्लेख किया,...

तब्लीगी जमात के सदस्य ऐसी गतिविध‌ियों में शामिल थे, जिससे COVID-19 फैलने की आशंका हो, यह साबित करने के लिए कोई सामग्री नहीं हैः बॉम्‍बे हाईकोर्ट
तब्लीगी जमात के सदस्य ऐसी गतिविध‌ियों में शामिल थे, जिससे COVID-19 फैलने की आशंका हो, यह साबित करने के लिए कोई सामग्री नहीं हैः बॉम्‍बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट (नागपुर बेंच) ने सोमवार (21 सितंबर) को 8 म्यांमार नागरिकों, जिनके खिलाफ तब्लीगी गतिविधियों के लिए एफआईआर दर्ज हुई थी, के खिलाफ दायर एफआईआर और चार्जशीट को रद्द कर दिया और कहा कि "अभियोजन को जारी रखने की अनुमति देने से कुछ भी नहीं होगा बल्‍कि न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा, विशेष रूप से विदेशियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में साक्ष्यों की कमी के कारण।"ज‌स्टिस वीएम देशपांडे और ज‌स्टिस अमित बी बोरकर की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, "यह भी विवादित नहीं है कि उन्हें डॉ...

सुप्रीम कोर्ट ने  सिविल सेवा परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर UPSC और केंद्र को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने सिविल सेवा परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर UPSC और केंद्र को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आगामी सिविल सेवा परीक्षा, 2020 को स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर संघ लोक सेवा आयोग और भारत सरकार को नोटिस जारी किया है। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने मामले को 28 सितंबर, 2020 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2020 के आयोजन के खिलाफ एडवोकेट अलख आलोक श्रीवास्तव के माध्यम से UPSC के 20 उम्मीदवारों द्वारा यह याचिका 4 अक्टूबर को दायर की गई है। उन्होंने कहा है कि यह 7 घंटे लंबी ऑफ़लाइन परीक्षा है, जो लगभग छह लाख...

एकत्र किए गए साक्ष्यों से यह स्पष्ट है कि सुशांत ड्रग्स का एकमात्र उपभोक्ता थे : रिया चक्रवर्ती ने ज़मानत याचिका में कहा
एकत्र किए गए साक्ष्यों से यह स्पष्ट है कि सुशांत ड्रग्स का एकमात्र उपभोक्ता थे : रिया चक्रवर्ती ने ज़मानत याचिका में कहा

अपने खिलाफ एनडीपीएस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष ज़मानत मांगते हुए अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के सदस्यों पर नए आरोप लगाए हैं और कहा है कि जांच एजेंसियों द्वारा एकत्र किए गए सबूतों से यह साफ है कि वह (सुशांत सिंह राजपूत) ड्रग्स के इकलौते उपभोक्ता थे और उन्होंने अपने आसपास के अन्य लोगों का इस्तेमाल अपनी ड्रग्स की आदत को सुगम बनाने के लिए किया। मंगलवार को दूसरी बार न्यायिक हिरासत में भेजे गए 28 वर्षीय अभिनेत्री ने रिमांड आवेदन और अभियोजन पक्ष द्वारा दायर जवाबों...

12 वीं कम्पार्टमेंट परीक्षा देने वाले छात्रों का परिणाम 10 अक्टूबर या उससे पहले आएगा : CBSE ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
12 वीं कम्पार्टमेंट परीक्षा देने वाले छात्रों का परिणाम 10 अक्टूबर या उससे पहले आएगा : CBSE ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा ब्यूरो (CBSE) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह कक्षा 12 के उन छात्रों के परिणाम 10 अक्टूबर को या उससे पहले घोषित करेगा जिन्होंने कम्पार्टमेंट परीक्षा दी है। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने इस पर ध्यान दिया और कहा कि इस सबमिशन के प्रकाश में, अधिकारियों द्वारा शिकायतों से निपटा गया है।यह नोट करना उचित है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने CBSE द्वारा कक्षा XII कम्पार्टमेंट परीक्षा आयोजित करने...

ई- गजट प्रकाशित होने का सही समय सूचनाओं की प्रवर्तनीयता निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण : सुप्रीम कोर्ट
ई- गजट प्रकाशित होने का सही समय सूचनाओं की प्रवर्तनीयता निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक मोड में गजट प्रकाशित होने का सही समय सूचनाओं की प्रवर्तनीयता निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण है। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा ​​की पीठ ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखते हुए ये कहते हुए विभिन्न आयातकों द्वारा दायर रिट याचिकाओं को अनुमति दी। दरअसल पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को हुए आतंकी हमले के बाद, भारत सरकार ने सीमा शुल्क अधिनियम, 1975 की धारा 8A (1) के तहत शक्तियों के प्रयोग में...

[CBSE कम्पार्टमेंट परीक्षा ] नए दिशा-निर्देशों में जहां आवश्यक है, वहां प्रोविजनल दाखिले की व्यवस्था : UGC ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
[CBSE कम्पार्टमेंट परीक्षा ] नए दिशा-निर्देशों में जहां आवश्यक है, वहां प्रोविजनल दाखिले की व्यवस्था : UGC ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने CBSE द्वारा कक्षा XII कम्पार्टमेंट परीक्षा आयोजित करने में देरी को ध्यान में रखते हुए, वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के दौरान प्रवेश के लिए दिशानिर्देशों को पहले ही अंतिम रूप दे दिया है। अधिवक्ता अपूर करूप के माध्यम से दायर एक जवाबी हलफनामे में, यह सूचित किया गया है कि कॉलेजों के अंडर-ग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों के प्रथम वर्ष के लिए सत्र 2020-21 के लिए शैक्षणिक कैलेंडर पर दिशानिर्देशों में COVID-19 महामारी के मद्देनज़र...

[सुदर्शन टीवी  यूपीएससी जिहाद शो] केंद्र सरकार ने चैनल को नोटिस जारी किया, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाली
[सुदर्शन टीवी '' यूपीएससी जिहाद "शो] केंद्र सरकार ने चैनल को नोटिस जारी किया, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाली

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुदर्शन टीवी मामले में सुनवाई को 5 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया, ताकि चैनल केंद्र सरकार द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब दे सके।शुरुआत में, एडवोकेट कालीश्वरम राज ने हस्तक्षेपकर्ता, एशियानेट के संस्थापक शशि कुमार की ओर से प्रस्तुतियां करने के लिए समय मांगा, जिन्हें उन्होंने "पहले सैटेलाइट चैनल का संस्थापक, एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म का प्रिंसिपल" बताया।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, "अच्छी प्रस्तुतियां सुनने में समय नष्ट नहीं होता है। लेकिन सभी अच्छी चीजों खत्म भी...