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 सिविल सर्विस परीक्षा स्थगित नहीं हो सकती : सुप्रीम कोर्ट ने UPSC को अंतिम प्रयास वाले परीक्षार्थियों को अतिरिक्त मौका देने पर विचार करने को कहा
" सिविल सर्विस परीक्षा स्थगित नहीं हो सकती" : सुप्रीम कोर्ट ने UPSC को अंतिम प्रयास वाले परीक्षार्थियों को अतिरिक्त मौका देने पर विचार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 महामारी के मद्देनज़र संघ लोक सेवा परीक्षा (UPSC) 2020 को स्थगित करने की याचिका खारिज कर दी है। परीक्षा 4 अक्टूबर, 2020 के लिए निर्धारित है।जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने परीक्षा को स्थगित करने से इनकार कर दिया और UPSC और साथ ही केंद्र को निर्देश जारी किया कि वे विचार करें कि जो उम्मीदवार अपने अंतिम प्रयास में हैं, उन्हें एक और मौका, ऊपरी आयु-सीमा का विस्तार किए बिना दिया जाएगा।अदालत ने आगे उल्लेख किया कि जैसा कि हाल ही में...

बीसीआई ने जिला बार एसोसिएशन के साथ पंजीकृत सभी अधिवक्ताओं के विवरण देने की समय सीमा 15 नवंबर तक बढ़ाई
बीसीआई ने जिला बार एसोसिएशन के साथ पंजीकृत सभी अधिवक्ताओं के विवरण देने की समय सीमा 15 नवंबर तक बढ़ाई

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सभी संबंध‌ित बार एसोसीएशनों के सदस्य सभी अभ्‍यासरत अधिवक्ताओं की जानकारियां देने की समय सीमा 15 नवंबर, 2020 तक बढ़ा दी है। उक्त जानाकरियों को सुप्रीम कोर्ट की ई-समिति को अवलोकन के लिए दिया जाना है।विभिन्न बार एसोसिएशन और स्टेट बार काउंसिल सहित विभिन्न क्षेत्रों से विस्तार के लिए अनुरोध प्राप्त करने के बाद, बीसीआई की सामान्य परिषद ने उक्त फैसला किया है,"विचार के बाद, अंतिम अवसर के रूप में बार काउंसिल ऑफ इंडिया की जनरल काउंसिल ने सुप्रीम कोर्ट की ई-समिति की आवश्यकता के...

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग (एनसीडीआरसी) के गैर-न्यायिक सदस्य प्रेम नारायण का कार्यकाल दो महीने के लिए बढ़ाया
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग (एनसीडीआरसी) के गैर-न्यायिक सदस्य प्रेम नारायण का कार्यकाल दो महीने के लिए बढ़ाया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग (एनसीडीआरसी) के गैर-न्यायिक सदस्य प्रेम नारायण का कार्यकाल दो महीने के लिए बढ़ा दिया। यह आदेश मंगलवार न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति एस. रविन्द्र भट की एक खंडपीठ ने पारित किया। बैंच ने न्यायाधिकरणों को नियुक्तियों से संबंधित याचिकाओं के एक बैच पर विचार कर रही थी।"आवेदक का कार्यकाल - प्रेम नारायण, जो राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का सदस्य हैं, उनका कार्यकाल 28.08.2020 तक एक महीने के लिए...

सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अभियुक्त से परिस्थितियों के बारे में न पूछने को उसी के खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अभियुक्त से परिस्थितियों के बारे में न पूछने को उसी के खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 313 के तहत बयान के समय घटना की परिस्थितियों के बारे में न पूछे जाने को उसी के खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और उन पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति रोहिंगटन फली नरीमन की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय खंडपीठ ने बलात्कार के आरोपी को बरी करते हुए आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत आरोपी के समक्ष सभी प्रासंगिक सवालों को रखे जाने की महत्ता पर फिर से जोर दिया।ट्रायल कोर्ट ने रामेश्वर टिग्गा नामक अभियुक्त को शादी...

केंद्र सरकार ने भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी चिकित्सा की केंद्रीय परिषदों को अधिस्थान देने के लिए अधिनियमों को अधिसूचित किया
केंद्र सरकार ने भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी चिकित्सा की केंद्रीय परिषदों को अधिस्थान देने के लिए अधिनियमों को अधिसूचित किया

केंद्र सरकार ने सोमवार को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा प्रमुख अधिनियमों के तहत गठित केंद्रीय परिषदों को अधिस्थान देने के लिए दो भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद (संशोधन) अधिनियम, 2020 और होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) अधिनियम, 2020 को अधिसूचित किया, जिसका गठन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। दोनों अधिनियमों को संसद ने 21 सितंबर, 2020 को मंजूरी दे दी। पृष्ठभूमिइंडियन मेडिसिन सेंट्रल काउंसिल एक्ट, 1970 और होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल एक्ट, 1973 में भारतीय चिकित्सा प्रणाली और होम्योपैथिक चिकित्सा में...

कब तक हिरासत चलती रहेगी : SC ने एसजी से महबूबा मुफ्ती की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर निर्देश लाने को कहा
"कब तक हिरासत चलती रहेगी" : SC ने एसजी से महबूबा मुफ्ती की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर निर्देश लाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सॉलिसिटर जनरल को जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री, महबूबा मुफ्ती की बेटी, इल्तिजा द्वारा दायर याचिका पर निर्देश प्राप्त करने के लिए कहा, जिन्हें सार्वजनिक सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लेने को चुनौती दी गई है। जस्टिस एसके कौल और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ मुफ्ती की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में मांगी गई प्रार्थनाओं में संशोधन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो वर्तमान में लंबित है।"आवेदन में, उन्होंने (याचिकाकर्ता) कहा है कि वे आवेदन दाखिल कर रहे हैं क्योंकि कोई...

रेप : शादी करने के वादे से पैदा होने वाली गलतफहमी घटना के समय के करीब होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
रेप : शादी करने के वादे से पैदा होने वाली गलतफहमी घटना के समय के करीब होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में शादी के बहाने एक महिला से बलात्कार के आरोपी शख्स को बरी करते हुए कहा कि शादी करने के वादे से पैदा होने वाली गलतफहमी घटना के समय के करीब होती है और इसे समय की एक सचेत सकारात्मक कार्रवाई के साथ विरोध ना करने के लिए लंबे समय तक नहीं फैलाया जा सकता। इस मामले में अभियोजक द्वारा आरोप लगाया गया था कि आरोपी महेश्वर तिग्गा उससे शादी करने का वादा करता रहा और इस बहाने पति और पत्नी के रूप में उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करता रहा। यह भी आरोप लगाया गया कि वह पंद्रह दिनों के...

[ झीरम घाटी नक्सली हमला] सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार की न्यायिक आयोग को अतिरिक्त गवाहों की जांच के आदेश की अर्जी खारिज की
[ झीरम घाटी नक्सली हमला] सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार की न्यायिक आयोग को अतिरिक्त गवाहों की जांच के आदेश की अर्जी खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले में अतिरिक्त गवाहों की जांच करने के लिए विशेष न्यायिक जांच आयोग को निर्देश देने की याचिका खारिज कर दी गई थी। इस हमले में 29 लोग मारे गए थे।जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने राज्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ अभिषेक मनु सिंघवी की याचिका पर विचार करने के बाद याचिका खारिज कर दी।आज, डॉ सिंघवी ने प्रस्तुत किया कि...

[भूमि अधिग्रहण धारा 24] संविधान पीठ का फैसला भ्रामक, अगर कब्जा लिया गया और मुआवजा नहीं दिया तो? सीजेआई ने उठाए सवाल
[भूमि अधिग्रहण धारा 24] "संविधान पीठ का फैसला भ्रामक, अगर कब्जा लिया गया और मुआवजा नहीं दिया तो?" सीजेआई ने उठाए सवाल

यह कहते हुए कि "यह हमारा निर्णय है" और यह कि "सभी विनम्रता के साथ, हम इसे इस तरह नहीं छोड़ सकते हैं", मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने सोमवार को कानून का सवाल उठाया, जिस पर उन्होंने टिप्पणी की, वह स्पष्ट रूप से पांच न्यायाधीशों की पीठ द्वारा 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 24 पर निर्णय है जो 6 मार्च को दिया गया और उसमें उत्तर नहीं दिया गया। "संविधान पीठ के फैसले से भ्रम पैदा होता है, कुछ है जो छोड़ दिया गया ... जहां कोई संपत्ति है जो अधिग्रहित की गई है, लेकिन सरकार ने न तो कब्जा लिया है और...

पराली जलाने पर प्रतिबंध सुनि़श्चित करने के लिए SC में याचिका, किसानों को पराली हटाने वाली मशीनों पर किए खर्च को वापस करने की मांग
पराली जलाने पर प्रतिबंध सुनि़श्चित करने के लिए SC में याचिका, किसानों को पराली हटाने वाली मशीनों पर किए खर्च को वापस करने की मांग

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें पंजाब और हरियाणा की राज्य सरकारों पर उनके संबंधित राज्यों में पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। जैसा कि पराली जलाने का सीज़न (सितंबर से जनवरी तक) आ चुका है, याचिकाकर्ता- 3 तीसरे साल के लॉ स्टूडेंट, अमन बांका और बारहवीं कक्षा के छात्र, आदित्य दुबे ने वकील निखिल जैन के माध्यम से, इस बात पर प्रकाश डाला कि पराली जलाने का दिल्ली में वायु प्रदूषण में लगभग 40-45% तक योगदान होता है।इसलिए वे...

जिन अधिवक्ताओं की पहले से कोई आय नहीं है, महामारी उन्हें वित्तीय सहायता दिलाने का वरदान नहीं बन सकती है: सीजेआई एसए बोबडे
जिन अधिवक्ताओं की पहले से कोई आय नहीं है, महामारी उन्हें वित्तीय सहायता दिलाने का वरदान नहीं बन सकती है: सीजेआई एसए बोबडे

"सभी बार एसोसिएशन यह कहते हुए प्रतीत होती हैं कि हमने बीसीआई को अधिकृत किया है। और यह कह रही हैं कि यह राज्य बार काउंसिल हैं, जिन पर राज्यों का उत्तरदाय‌ित्व है, ... संविधान के तहत आकस्मिकता निधि से भुगतान करने और ऋण देने के लिए प्रार्थना भी है.... वे चाहते हैं कि भारत संघ भुगतान करे ...", भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने एसजी तुषार मेहता से शुरु में यह बात कही। सभी हाईकोर्ट बार एसोसिएशनों की ओर से अपील करते हुए, वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार सिन्हा ने वैधानिक संभावनाओं पर प्रस्तुतियां करने की...

परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित मामले में मकसद साबित न कर पाना आरोपी के पक्ष में पलड़ा भारी करने वाला कारक : सुप्रीम कोर्ट
परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित मामले में 'मकसद' साबित न कर पाना आरोपी के पक्ष में पलड़ा भारी करने वाला कारक : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित मामले में 'मकसद' साबित न कर पाना आरोपी के पक्ष में पलड़ा भारी करने वाला कारक है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम. आर. शाह की खंडपीठ ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा दो आरोपियों- अनवर अली एवं शरीफ मोहम्मद को दोषी ठहराये जाने के फैसले को निरस्त करते हुए उन्हें बरी करने का ट्रायल कोर्ट का निर्णय बरकरार रखा। दोनों दीपक नामक व्यक्ति की हत्या के अभियुक्त थे।सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपील में...

सुप्रीम कोर्ट ने COVID 19 संक्रमित छात्र को अलग केंद्र पर CLAT 2020 परीक्षा देने के अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने COVID 19 संक्रमित छात्र को अलग केंद्र पर CLAT 2020 परीक्षा देने के अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक COVID 19 संक्रमित एक आवेदक को CLAT 2020 प्रवेश परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दे दी।जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि केवल इच्छुक अभ्यर्थी को, जिसने उक्त तत्काल आवेदन के जर‌िए अदालत से संपर्क किया है, सुविधा का लाभ उठाने और परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। अदालत ने कहा कि आवेदक अधिकारियों को आदेश की एक प्रति देगा ताकि उसे परीक्षा देने दिया जाए।जस्टिस भूषण ने कहा, "समय बहुत कम है। हम निर्देश देंगे कि आपको परीक्षा देने की...

SC ने ऋण स्थगन मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर तक टाली, SG ने कहा उच्चतम स्तर पर चल रहा विचार, उन्नत स्तर पर है मामला
SC ने ऋण स्थगन मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर तक टाली, SG ने कहा उच्चतम स्तर पर चल रहा विचार, उन्नत स्तर पर है मामला

सुप्रीम कोर्ट ने COVID -19 के चलते ऋण स्थगन और ब्याज की माफी के विस्तार की मांग वाली याचिका पर सुनवाई को अगले सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। पिछली सुनवाई में केंद्र ने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि अधिस्थगन के मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए उच्चतम स्तर की एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है , जिसमें अधिस्थगन के दौरान ब्याज, ब्याज पर ब्याज और अन्य संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई है।"मैं एक माफी के साथ शुरू करना चाहूंगा। मुझे नहीं पता था कि आज अदालत केवल इस मामले के लिए बैठी हैं, या स्थगन पत्र...

National Uniform Public Holiday Policy
"गंभीर अपराधों में चार्जशीट किए गए लोगों को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाए": सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें उन व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है जिनके खिलाफ गंभीर अपराधों के तहत आरोप तय किए गए हैं। अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर की गई याचिका में शीर्ष अदालत द्वारा केंद्र और चुनाव आयोग को गंभीर अपराधों में चार्जशीट किए गए व्यक्तियों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। इसमें कई वर्षों में समितियों द्वारा सुझाए गए विभिन्न सुधारों पर प्रकाश डाला गया है जैसे कि 1974 में जयप्रकाश नारायण...