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सुप्रीम कोर्ट में आयुर्वेद कोर्स में एडमिशन के लिए योग्यता प्रतिशत कम करने की मांग को लेकर याचिका दायर
NEET 2021 में बैठने वाले आयुर्वेद कैंडिडेट या उम्मीदवार ने बड़ी संख्या में रिक्तियों को देखते हुए आयुर्वेद कोर्स में एडमिशन के लिए योग्यता प्रतिशत में कमी की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ के समक्ष याचिका का शुक्रवार को सूचीबद्ध किया गया था। इसके लिए पीठ ने उक्त याचिका उस याचिका के साथ सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था, जिसमें बीडीएस कोर्स के लिए प्रतिशत को कम नहीं करने के केंद्र के फैसले को चुनौती दी गई है।उल्लेखनीय है कि...
हमें एक समाज के रूप में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे को मिलकर सुलझाना होगा: जस्टिस रवींद्र भट
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस. रवींद्र भट ने राजद्रोह के मामलों को स्थगित रखने के सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर कोई टिप्पणी करने से परहेज करते हुए कहा कि बड़े अर्थ में फ्रीडम ऑफ स्पीच के मुद्दों को एक समाज के रूप में सामूहिक तौर से सुलझाया जाना चाहिए।जस्टिस भट ने यह देखते हुए कि मामला विचाराधीन है और इस विषय पर टिप्पणी के राजनीतिक प्रभाव हैं, कहा,"कानून की कई ब्रांच हैं जिनका दुरुपयोग करने की प्रवृत्ति है। मानहानि का तटस्थ उदाहरण लेते हैं। हालांकि, इन्हें एक समाज के रूप में साथ मिलकर निपटाया जाना...
ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे सांप्रदायिक सौहार्द और शांति को बिगाड़ने का प्रयास और उपासना स्थल अधिनियम का उल्लंघन : मस्जिद समिति ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
अंजुमन इंतेज़ामिया मासाजिद प्रबंधन समिति ने कुछ हिंदू भक्तों की याचिका पर ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वाराणसी की एक अदालत द्वारा दिए गए सर्वेक्षण आदेश को चुनौती देते हुए इसे " सांप्रदायिक सौहार्द और शांति को बिगाड़ने का प्रयास और उपासना स्थल अधिनियम का उल्लंघन" बताया है। ज्ञानवापी मस्जिद- काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में सर्वेक्षण कार्य जारी रखने के वाराणसी कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया आदेश को चुनौती देते हुए वर्तमान विशेष अनुमति याचिका दायर की...
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की ट्रायल कोर्ट द्वारा गलत व्याख्या के कारण आरोपी ने दो साल और जेल में गुजारे, सुप्रीम कोर्ट ने जज पर कार्रवाई की इच्छा जताई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (9 मई) को चिंता व्यक्त की कि आंध्र प्रदेश में एक ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश द्वारा उसके आदेश की गलत व्याख्या के परिणामस्वरूप सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत हासिल करने के बाद भी आरोपी हिरासत में रहा।इस तथ्य से परेशान होकर कि वर्तमान मामले में, जहां 9 साल की हिरासत उसे जमानत पर रिहा करने के लिए पर्याप्त पाई गई, आरोपी को दो अतिरिक्त वर्षों (11 वर्ष) के लिए हिरासत में लिया गया था। जस्टिस यू यू ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट, पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने माना...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (9 मई 2022 से 13 मई 2022 तक ) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा पारित किसी आदेश को हाईकोर्ट के समक्ष संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत रिट याचिका में चुनौती दी जा सकती है : सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने माना है कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 58 (1) (ए) (iii) के तहत अपील में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (National...
'जाओ बड़ी मछलियां पकड़ो, जो करोड़ों की लूट करते हैं' : सुप्रीम कोर्ट ने किसान के खिलाफ बैंक का केस खारिज किया
सुप्रीम कोर्ट ने बैंक से लोन लेने वाले एक किसान के ओटीएस (एकमुश्त निपटान) प्रस्ताव को स्वीकार करने के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए शुक्रवार को बैंक ऑफ महाराष्ट्र की खिंचाई की। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बैंक को किसान का ओटीएस प्रस्ताव स्वीकार करने का निर्देश दिया था, जिसके खिलाफ बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 21 फरवरी, 2022 के आदेश का विरोध करने वाली याचिका खारिज करते हुए कहा , "बड़ी मछली के पीछे...
'उस पर कैसे भरोसा किया जा सकता है?': सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मामले को छुपाने के लिए पुलिस कांस्टेबल पद के लिए उम्मीदवारी को खारिज किया
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति की पुलिस कांस्टेबल पद के लिए उम्मीदवारी की अस्वीकृति को मंजूरी दे दी। उस व्यक्ति पर एक आपराधिक मामले की पेंडेंसी को दबाने का आरोप है।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की खंडपीठ राजस्थान राज्य द्वारा राजस्थान हाईकोर्ट की एकल पीठ और खंडपीठ के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर विचार कर रही थी, जिसने उम्मीदवारी को स्वीकार करने का निर्देश दिया था। (राजस्थान राज्य और अन्य बनाम चेतन जेफ)। हाईकोर्ट ने कहा था कि आवेदन स्वीकार किया जा सकता है क्योंकि अपराध तुच्छ...
जिला न्यायपालिका में अभी भी 22% पद खाली हैं, इन रिक्तियों को भरने के लिए फौरन कदम उठाना आवश्यक : सीजेआई एनवी रमना
भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट में शनिवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि जिला न्यायपालिका में खाली पड़े पदों के बारे में बात की और इनमें नियुक्ति करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। सीजेआई ने कहा,"जिला न्यायपालिका में अभी भी 22% पद खाली पड़े हैं। इस अंतर को भरने के लिए तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए।"सीजेआई एक कार्यक्रम में बोल रहे थे जहां उन्हें श्रीनगर में नई हाईकोर्ट बिल्डिंग परिसर की आधारशिला रखने के लिए आमंत्रित किया गया था।सीजेआई ने कहा कि...
पत्नी के डाईंग डिक्लेयरेशन का इस्तेमाल क्रूरता साबित करने के लिए किया जा सकता है, भले ही पति उसकी मौत से संबंधित आरोपों से बरी हो जाए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि साक्ष्य अधिनियम की धारा 32 के तहत क्रूरता के मामले में मृतक पत्नी का साक्ष्य आईपीसी की धारा 498ए के तहत आरोप के लिए एक मुकदमे में स्वीकार्य हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के कुछ फैसलों को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।शीर्ष न्यायालय ने कहा, हालांकि यह दो पूर्वशर्तों की संतुष्टि के अधीन है (1) मामले में उसकी मृत्यु का कारण प्रश्न में आना चाहिए (2) अभियोजन पक्ष को यह दिखाना होगा कि आईपीसी की धारा 498ए के संबंध में स्वीकार किए जाने के लिए जो सबूत मांगे गए हैं, वे...
अपराध परीक्षण' और 'आपराधिक परीक्षण' उचित तरीके से लागू नहीं किया गया -सुप्रीम कोर्ट ने 8 साल की बच्ची से रेप और हत्या के दोषी का मौत की सजा कम की
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस आरोपी की मौत की सजा को कम कर दिया, जिसे 8 साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या का दोषी करार दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस तथ्य को ध्यान में रखा कि निचली अदालतों ने मौत की सजा देने और पुष्टि करते समय 'अपराध परीक्षण' और 'आपराधिक परीक्षण' पर आवश्यक ध्यान नहीं दिया था।कोर्ट ने कहा,"... हमारा सुविचारित विचार है कि मौत की सजा देने से पहले 'अपराध परीक्षण' और 'आपराधिक परीक्षण' का पालन करने की आवश्यकता है, जिस पर ट्रायल कोर्ट के साथ-साथ हाईकोर्ट का भी आवश्यक ध्यान आकर्षित...
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा पारित किसी आदेश को हाईकोर्ट के समक्ष संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत रिट याचिका में चुनौती दी जा सकती है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 58 (1) (ए) (iii) के तहत अपील में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (National Consumer Disputes Redressal Commission) (NCDRC) द्वारा पारित किसी आदेश को हाईकोर्ट के समक्ष संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत दायर एक रिट याचिका में चुनौती दी जा सकती है।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि एनसीआरडीसी अनुच्छेद 227 के तहत आने वाला एक "ट्रिब्यूनल" है। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रश्न मेंदिल्ली हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश...
आईपीसी की धारा 376DB : सुप्रीम कोर्ट नाबालिग लड़की के साथ गैंग रेप के लिए मृत्यु तक आजीवन कारावास की न्यूनतम सजा की वैधता की जांच करने के लिए सहमत
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को आईपीसी, 1860 की धारा 376DB की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका में नोटिस जारी किया, जिसमें यह प्राकृतिक मृत्यु तक आजीवन कारावास की न्यूनतम अनिवार्य सजा निर्धारित करता है।वर्ष 2018 में पेश की गई धारा 376DB में प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति 12 साल से कम उम्र की नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार का दोषी पाया जाता है, तो अदालत के पास उपरोक्त सजा या उससे अधिक मौत की सजा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस...
धारा 53ए सीआरपीसी- सिर्फ डीएनए प्रोफाइलिंग में चूक या खामी को ही बलात्कार के साथ हत्या के मामलों में घातक नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केवल डीएनए प्रोफाइलिंग में चूक या खामी को ही बलात्कार के साथ हत्या के मामलों में घातक नहीं माना जा सकता।जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सी टी रविकुमार की पीठ ने कहा,"डीएनए प्रोफाइलिंग करने के लिए चूक या खामी (उद्देश्यपूर्ण या अन्यथा) को बलात्कार के अपराध के ट्रायल के भाग्य का फैसला करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, खासकर जब इसे हत्या के अपराध के गठन के साथ जोड़ा जाता है, क्योंकि बरी होने की स्थिति में केवल इस तरह के दोष या जांच में खामी के कारण...
ज्ञानवापी मस्जिद सर्वेक्षण का मामला जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ज्ञानवापी मस्जिद में वाराणसी की एक अदालत द्वारा किए गए सर्वेक्षण के खिलाफ दायर याचिका को जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने वाराणसी कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका में निर्देश जारी किया है जिसमें ज्ञानवापी मस्जिद-काशिविश्वनाथ मंदिर परिसर में सर्वेक्षण कार्य जारी रखने का निर्देश दिया गया था।इस मुद्दे का उल्लेख किए जाने के बाद निर्देश...
'एडवोकेट यह क्या फाइल कर रहे हैं?': सुप्रीम कोर्ट ने जहांगीरपुरी विध्वंस को चुनौती देने वाली वकीलों की जनहित याचिका पर नोटिस जारी करने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपनी रजिस्ट्री को उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा जारी अधिसूचना रद्द करने की मांग करने वाली याचिका सूचीबद्ध करने के लिए कहा, जिसमें दंगा प्रभावित जहांगीरपुरी में विध्वंस अभियान की अधिसूचना जारी की गई थी। वकीलो की इस याचिका में उक्त अधिसूचना रद्द करने की मांग करने के साथ साथ इस प्रक्रिया में हुए नुकसान से प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे की भी मांग की। इस याचिका को इस संबंध में लंबित अन्य याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध करने को कहा गया। हालांकि कोर्ट ने इस पर नोटिस जारी करने से...
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू और कश्मीर में परिसीमन अभ्यास को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार, जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश और चुनाव आयोग से उस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा जिसमें अन्य बातों के साथ केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में 2020, 2021 और 2022 अधिसूचनाओं के अनुसार परिसीमन अभ्यास को चुनौती दी गई है।"... सभी प्रतिवादियों का हमारे सामने प्रतिनिधित्व किया जा रहा है, इसकी जांच करने के लिए हलफनामे पर प्रतिवादी के रुख का होना आवश्यक है। हलफनामे 6 सप्ताह के भीतर दायर किए जाएं।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम एम...
सुप्रीम कोर्ट ने रेप केस में अन्नाद्रमुक नेता एम. मणिकंदन को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली याचिका में नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बलात्कार के एक मामले में पूर्व मंत्री और अन्नाद्रमुक नेता एम. मणिकंदन को सशर्त जमानत देने के मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।सीजेआई एनवी रमाना, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ ने शिकायतकर्ता लड़की द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका में निर्देश जारी किया।पूर्व मंत्री पर शादी का झांसा देकर बलात्कार का आरोप लगाया गया था और उन्हें पिछले साल 7 जुलाई को जमानत मिलने तक 26 जून, 2021 को गिरफ्तार किया गया था।आदेश के...
अराजकता और अनिश्चितता पैदा करेगा" : सुप्रीम कोर्ट ने नीट-पीजी 2022 को टालने की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यह कहते हुए 21 मई के लिए निर्धारित नीट-पीजी 2022 को स्थगित करने की याचिका खारिज कर दी कि परीक्षा टालना अराजकता और अनिश्चितता पैदा करेगा और रोगी देखभाल को प्रभावित करेगा। साथ ही तैयारी करने वाले 2 लाख से अधिक छात्रों के लिए पूर्वाग्रह पैदा करेगा।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ डॉक्टरों द्वारा दायर उस याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें नीट पीजी 2021 के लिए चल रही काउंसलिंग के साथ टकराव का हवाला देते हुए 21 मई को होने वाली पोस्टग्रेजुएट (नीट-पीजी) 2022...
"यह तरीका नहीं है": सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा सीईओ रितु माहेश्वरी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट के गैर-जमानती वारंट की आलोचना की
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रितु माहेश्वरी द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में पेश होने में विफल रहने के बाद माहेश्वरी खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमाना की अगुवाई वाली पीठ ने निर्देश दिया कि उसके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर रोक लगाने का उसका पिछला आदेश अगले आदेश तक जारी रहेगा।पीठ ने...
सुप्रीम कोर्ट ने महिला को यूपी संगठित विकास योजना के तहत आवंटित प्लॉट को डिफॉल्ट किश्तों के मुआवजे पर सौंपने की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा संगठित विकास योजना, फेज III, पिलखुवा जिला - गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में एक महिला को मध्यम आय वर्ग की श्रेणी के तहत आवंटित एक भूखंड के लिए पारित आवंटन आदेश को रद्द कर दिया। इस आश्वासन पर कि वह किश्तों के विलंबित भुगतान की क्षतिपूर्ति के लिए 2 लाख रुपये का भुगतान करेगी।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ का विचार था कि महिला द्वारा देरी के लिए मुआवजे के रूप में 2 लाख रुपये की राशि का भुगतान करने की पेशकश उचित है। ...


















