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Hindu Succession Act | बिना बंटवारे के भी S14(1) के तहत विधवा का सीमित अधिकार पूर्ण अधिकार बन जाता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक हिंदू विधवा, जिसे 'हिंदू महिला संपत्ति अधिकार अधिनियम, 1937' के तहत अपने मृत पति की संपत्ति में अधिकार मिला है, वह 'हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956' की धारा 14(1) के तहत उस अधिकार की पूर्ण मालिक बन सकती है, भले ही संपत्ति का कोई बंटवारा न हुआ हो।कोर्ट ने कहा कि भले ही संपत्ति का बंटवारा न हुआ हो, लेकिन 1956 से पहले पति की मृत्यु पर विरासत में मिली संपत्ति में विधवा का सीमित अधिकार सिर्फ़ इसलिए खत्म नहीं हो जाता कि उसने औपचारिक बंटवारे की मांग नहीं की या उसे हासिल नहीं...

'सरकारी स्कीम के तहत अस्पतालों को रीइम्बर्समेंट मिलने के बावजूद, मरीज़ों से दवाइयों के लिए ज़्यादा कीमत वसूलना टैक्सपेयर्स पर बोझ': सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि मरीज़ों से दवाइयों के लिए ऐसी कीमत वसूलना जो मैन्युफैक्चरर द्वारा बेची जाने वाली कीमत से कहीं ज़्यादा हो, "साफ़ तौर पर धोखाधड़ी का मामला" है, खासकर तब जब अस्पताल बाद में सरकारी हेल्थ स्कीम से रीइम्बर्समेंट (खर्च की भरपाई) लेते हैं।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह टिप्पणी उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की, जिनमें दवाइयों की कीमतों को रेगुलेट करने और मैन्युफैक्चरर द्वारा रिटेलर्स को बेची जाने वाली कीमत और उन पर छपी MRP के बीच बड़े अंतर पर...

धोखाधड़ी के मामले में असली डीड पेश न कर पाना आरोपी को बरी करने का आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (22 सितंबर) को कहा कि प्री-ट्रायल स्टेज पर धोखाधड़ी के आरोप को साबित करने के लिए जाली दस्तावेज़ पेश न कर पाना अभियोजन पक्ष (Prosecution) का मामला रद्द करने का कारण नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट जमा करने के बाद भी, ऐसा कोई दस्तावेज़ जो चार्जशीट के साथ जमा नहीं किया गया, उसे बाद में पेश किया जा सकता है।कोर्ट ने कहा,"...धोखाधड़ी का आरोप साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष जिस असली दस्तावेज़ पर निर्भर है, उसका न होना ट्रायल के दौरान विचार करने का विषय होगा और केवल उसके न...

'कैंसर की दवा ₹27,000 में बेची गई, वास्तिवक कीमत ₹2,700': सुप्रीम कोर्ट ने दवा की कीमतों पर कंट्रोल में कमियों की ओर इशारा किया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मैन्युफैक्चरर से रिटेलर को बेची जाने वाली दवाओं की कीमत और उन पर छपी मैक्सिमम रिटेल प्राइस (MRP) के बीच भारी अंतर पर सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि ₹2,700 में खरीदी गई दवा को ₹27,000 की MRP पर बेचना "लूट" (extortion) के बराबर है।दवाओं की कीमतों को रेगुलेट करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप मेहता ने कहा,"अगर यह लूट नहीं है तो और क्या है? लोग दवाएं खरीदने के लिए अपने घर और गहने बेच देते हैं।" जस्टिस मेहता ने कहा,"कैंसर की कुछ ज़रूरी दवाएं ऐसी हैं...

जब टेंडर मंज़ूर करना साफ़ तौर पर NIT की शर्तों के ख़िलाफ़ हो तो कोर्ट दखल दे सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (21 सितंबर) को कहा कि हालांकि कोर्ट को आम तौर पर टेंडर देने वाली अथॉरिटी की कमर्शियल समझ का सम्मान करना चाहिए, लेकिन यह सम्मान टेंडर की शर्तों की ऐसी व्याख्या तक नहीं बढ़ सकता, जो 'नोटिस इनवाइटिंग टेंडर' (NIT) के ख़िलाफ़ हो या साफ़ तौर पर मनमानी हो।जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने एक मामले की सुनवाई की, जिसमें 16 करोड़ रुपये से ज़्यादा के कॉन्ट्रैक्ट के तहत 12 महीनों में मंडी परिसर में आने वाले बड़ी संख्या में वाहनों से यूज़र चार्ज वसूलने का काम...

सेल्स टैक्स पर सरचार्ज/एडिशनल टैक्स लगाने की राज्यों की शक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संविधान पीठ ने उस लंबे समय से लंबित मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें राज्य विधानसभाओं की उस विधायी क्षमता पर सवाल उठाया गया था, जिसके तहत वे सही तरीके से लगाए गए सेल्स या परचेज टैक्स के आधार पर सरचार्ज, एडिशनल टैक्स, लेवी या सेस लगा सकती हैं।संविधान पीठ - जिसमें चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस के.वी. विश्वनाथन, जस्टिस एस.वी. भट्टी, जस्टिस जॉयमाल्य बागची, जस्टिस एन.वी. अंजारिया और जस्टिस वी. मोहना शामिल हैं - 1999 में 'अर्जुन फ्लोर मिल्स बनाम ओडिशा राज्य'...

Lakhimpur Kheri Case | पीड़ितों ने ट्रायल जज पर सवाल उठाए, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से जांच करने को कहा
आशीष मिश्रा से जुड़े लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज ट्रायल जज पर आरोप लगाने वाली एक अर्ज़ी उचित कार्रवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट को भेज दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता द्वारा दायर उस अर्ज़ी को आगे भेजे जिसमें पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (PP) के बदलने और ट्रायल जज के व्यवहार को लेकर चिंता जताई गई। बेंच ने मौखिक रूप से यूपी सरकार (जिसका प्रतिनिधित्व वकील रुचिका गोयल कर रही थीं) से...

अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी | बिना इजाज़त पैसे हटाने के 105 मामले मिले: SIT ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
अयोध्या राम मंदिर में दान की कथित चोरी और हेराफेरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसे मंदिर के काउंटिंग रूम से बिना इजाज़त पैसे हटाने या छिपाने के 105 मामले मिले हैं।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा,"यह भी बताया गया कि PFC बिल्डिंग में बने काउंटिंग रूम के CCTV फुटेज और दूसरे ज़रूरी डिजिटल डेटा को सुरक्षित कर लिया गया और उनकी बारीकी से जांच की गई। जांच में काउंटिंग रूम से बिना इजाज़त पैसे हटाने या छिपाने के 105 मामले सामने आए हैं, जिनमें काउंटिंग...

सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST Act में कड़े प्रावधानों को फिर से लागू करने के प्रावधानों के खिलाफ याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) में 2018 के संशोधन को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) खारिज की। इस संशोधन ने अग्रिम जमानत पर रोक को फिर से लागू किया और FIR से पहले शुरुआती जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पूर्व मंजूरी की आवश्यकता को खत्म कर दिया था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने बृजभूषण सैनी द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 'पृथ्वी राज चौहान बनाम भारत...

Muttil Tree Felling Case : सुप्रीम कोर्ट ने ऑगस्टीन भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला फॉरेस्ट कोर्ट में ट्रांसफर किया
सुप्रीम कोर्ट ने केरल के बिजनेसमैन एंटो ऑगस्टीन, रोजी ऑगस्टीन वगैरह के खिलाफ मुट्टिल पेड़ कटाई मामले से जुड़े धोखाधड़ी के केस को स्पेशल फॉरेस्ट कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। यह कोर्ट केरल फॉरेस्ट एक्ट के तहत अपराधों की सुनवाई कर रही है।कोर्ट ने वायनाड में मुट्टिल पेड़ कटाई मामले में केरल फॉरेस्ट एक्ट, 1961 और इंडियन पीनल कोड, 1860 की धारा 420 (IPC, अब भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318) के तहत अपराधों के बीच संबंध पर निर्देश जारी किए। साथ ही धोखाधड़ी के केस को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास...

2012 के धर्मस्थल रेप-मर्डर केस में आरोपी बरी, सुप्रीम कोर्ट ने दिया नई जांच का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (21 सितंबर) को कर्नाटक के धर्मस्थल में 17 साल की लड़की के रेप और मर्डर केस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से नई जांच का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि जिस तरह से लोकल पुलिस, CID और CBI ने जांच की, वह "कोर्ट की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला" है।कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को एक SIT बनाने का निर्देश दिया, जिसमें आधुनिक जांच तकनीक की जानकारी रखने वाले कुशल जांच अधिकारी हों और जिसकी अगुवाई राज्य पुलिस का कोई सीनियर अधिकारी करे। खास बात यह है कि बेल्थंगडी पुलिस, कर्नाटक CID या CBI की...

Delhi SIR | 'लगता है ECI ने बिना सोचे-समझे नोटिस जारी कर दिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारत के चुनाव आयोग (ECI) से कहा कि दिल्ली की वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) के दौरान वोटरों को भेजे गए नोटिस "लगभग बिना सोचे-समझे" (यांत्रिक रूप से) जारी किए गए लगते हैं। साथ ही "लॉजिकल डिसक्रेपेंसी" (तार्किक विसंगति) की पहचान करने के आधार के बारे में साफ़ जानकारी की ज़रूरत है।चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच एक याचिका पर सुनवाई कर रही है। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि भारत का चुनाव आयोग (ECI)...

आग हादसा नहीं लगती, बीमा कंपनी का 2.4 करोड़ का दावा खारिज करना सही: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 2.4 करोड़ रुपये के अग्नि बीमा दावे के मामले में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) का आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि बीमा कंपनी ने दावा खारिज करने में उचित कार्रवाई की, क्योंकि बीमित कंपनी ने अपने दावे के समर्थन में गलत घोषणाएं की थीं और पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन किया।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की खंडपीठ ने बीमा कंपनी की अपील मंजूर करते हुए कहा कि मामले के तथ्यों से बीमित कंपनी का दावा...

केंद्र सरकार किसी भी अधिकारी को कंपनीज़ एक्ट के तहत धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने के लिए अधिकृत कर सकती है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार की वह समीक्षा याचिका खारिज की, जिसमें आर्थिक अपराधों के लिए बनी स्पेशल कोर्ट द्वारा कंपनीज़ एक्ट, 2013 के तहत धोखाधड़ी से जुड़े अपराधों का संज्ञान निजी शिकायत के आधार पर न लेने के फैसले को चुनौती दी गई थी।हालांकि, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जॉयमाल्य बागची की बेंच ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) के डायरेक्टर के अलावा, कंपनीज़ एक्ट की धारा 212(6) के दूसरे प्रावधान के तहत किसी...

क्या कमर्शियल कोर्ट के तौर पर नोटिफ़ाई किए गए सिविल जज ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुक़दमे सुन सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने मामला बड़ी बेंच को भेजा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (21 सितंबर) को एक बड़ी बेंच को यह सवाल भेजा कि क्या कमर्शियल कोर्ट्स एक्ट, 2015 के तहत कमर्शियल कोर्ट के तौर पर नोटिफ़ाई किया गया सिविल जज (सीनियर डिवीज़न) ट्रेडमार्क उल्लंघन का मुक़दमा सुन सकता है, जबकि ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 134 साफ़ तौर पर ज़िला अदालत से निचली अदालत में ऐसे मुक़दमे दायर करने पर रोक लगाती है।ट्रेड मार्क्स एक्ट की धारा 134 में यह प्रावधान है कि रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क के उल्लंघन या कुछ अन्य खास राहतों से जुड़ा मुक़दमा ज़िला अदालत से निचली अदालत...

गिरफ्तारी के लिखित आधार नहीं बताए तो पुलिस अधिकारी पर होगी विभागीय जांच: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी ने यदि गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में उपलब्ध नहीं कराए हैं तो उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जानी चाहिए।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में और आरोपी की समझ वाली भाषा में देना अनिवार्य है। इसका पालन नहीं होने पर गिरफ्तारी गैरकानूनी मानी जाएगी। जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस अतुल एस. चंद्रकुर की खंडपीठ ने कहा कि गिरफ्तारी के आधार...

'कोई भी प्राइवेट यूनिवर्सिटी मुनाफ़ा कमाने वाली संस्था के तौर पर नहीं चल सकती': सुप्रीम कोर्ट ने सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ से वित्तीय जानकारी मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ को मुनाफ़ा कमाने वाली संस्थाओं के तौर पर काम करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने देश भर की प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ को निर्देश दिया कि वे अपने पिछले पांच सालों के ऑडिटेड वित्तीय रिकॉर्ड, फंड के इस्तेमाल, फ़ीस स्ट्रक्चर, सरप्लस इन्वेस्टमेंट और उन लोगों को किए गए भुगतान की जानकारी दें, जो सीधे तौर पर शैक्षणिक कार्यों से जुड़े नहीं हैं।केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया गया कि वे संबंधित यूनिवर्सिटीज़ और कॉलेजों से...

West Bengal SIR | 38 लाख अपीलों में से 22 लाख अपीलें उन वोटरों ने कीं, जिनके नाम लिस्ट से हटा दिए गए थे: ECI ने सुप्रीम कोर्ट में बताया
पश्चिम बंगाल में SIR मामले में भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया। इसमें कहा गया कि अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने 22 लाख से ज़्यादा अपीलें उन लोगों ने दायर की थीं, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए।हलफनामे में बताया गया कि ट्रिब्यूनल के सामने दायर कुल 38,31,429 अपीलों में से 22,21,118 अपीलें उन वोटरों ने की हैं, जिनके नाम हटा दिए गए। इसके विपरीत, 16,10,311 अपीलें वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने को चुनौती देते हुए दायर की गईं।ECI के हलफनामे में अपीलीय ट्रिब्यूनल की संख्या...

एक बार सभी मुद्दों पर ट्रायल शुरू होने के बाद किसी मुद्दे पर शुरुआती सुनवाई नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट ने CPC के ऑर्डर XIV नियम 2(2) की व्याख्या की
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक बार जब सिविल कोर्ट सभी मुद्दों पर एक साथ सुनवाई शुरू कर देता है तो वह 'कोड ऑफ़ सिविल प्रोसीजर, 1908' (CPC) के ऑर्डर XIV नियम 2(2) के तहत किसी मुद्दे पर शुरुआती सुनवाई का निर्देश नहीं दे सकता।जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पल्ली की बेंच ने ट्रायल कोर्ट, पहली अपीलीय अदालत और केरल हाईकोर्ट के आदेशों को रद्द किया। ट्रायल कोर्ट ने शुरुआती मुद्दे पर केस को 'टाइम-बार्ड' (समय सीमा खत्म होने के कारण अमान्य) मानकर खारिज कर दिया था, जबकि वादी (Plaintiff) अपने सबूत पेश कर...

पुलिस का यह कहना कि 'चार्जशीट दाखिल करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है', इसका मतलब यह नहीं कि डिफ़ॉल्ट ज़मानत दी जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (21 सितंबर) को कहा कि जांच एजेंसी का जांच की अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन में सिर्फ़ यह कहना कि चार्जशीट दाखिल करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है, इसे जांच पूरी होने के तौर पर नहीं देखा जा सकता।दूसरे शब्दों में, कोर्ट ने कहा कि जब कोई जांच एजेंसी समय बढ़ाने की मांग करते हुए यह कहती है कि चार्जशीट दाखिल करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है, लेकिन उसे उपलब्ध सामग्री - जिसमें गवाहों के बयान, बैंक रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और जांच से जुड़ी अन्य जानकारी शामिल है - का विश्लेषण...
