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सुप्रीम कोर्ट ने ज़मीन घोटाले के मामले में हज़ारीबाग़ के पूर्व डिप्टी कमिश्नर विनय कुमार चौबे को ज़मानत दी

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में हज़ारीबाग़ (झारखंड) में रेवेन्यू रिकॉर्ड में कथित तौर पर गैर-कानूनी म्यूटेशन और सरकारी व वन भूमि पर कब्ज़े से जुड़े धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में हज़ारीबाग़ के पूर्व डिप्टी कमिश्नर और सस्पेंड किए गए IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे को रेगुलर ज़मानत दी।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने 31 जुलाई को चौबे की उस अपील को मंज़ूरी दी, जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसने उनकी ज़मानत अर्ज़ी खारिज की थी, और उन्हें स्थायी ज़मानत...

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ तीनों आरोप साबित, सरकारी आवास में मिली भारी नकदी का नहीं मिला संतोषजनक स्पष्टीकरण: लोकसभा समिति

लोकसभा में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच करने वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट में उनके खिलाफ लगाए गए तीनों आरोपों को साबित माना है।समिति ने कहा कि उनके सरकारी आवास के स्टोर रूम में बड़ी मात्रा में ऐसी नकदी मिली थी जिसका कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।समिति ने यह भी माना कि नकदी मिलने के बाद उससे जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित नहीं रखा गया और जस्टिस वर्मा की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण “टालमटोल वाले, अधूरे और प्रभावी रूप से भ्रामक” है।जस्टिस वर्मा इलाहाबाद और दिल्ली हाईकोर्ट के...

अवैध निर्माण गिराने से पहले आश्रय के अधिकार का भी ध्यान जरूरी, नीति बनाने के लिए सरकारों से संपर्क कर सकता है NGO: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अवैध निर्माणों को गिराने की कार्रवाई से जुड़े जनहित याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता गैर-सरकारी संगठन (NGO) को केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों के समक्ष अपनी मांग रखने की स्वतंत्रता दी।याचिका में ऐसी संतुलित नीति बनाने की मांग की गई थी जिससे नगर नियोजन और भवन कानूनों के पालन के साथ लोगों के आश्रय, आजीविका और गरिमा के अधिकारों की भी रक्षा हो सके।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि यह...

कृष्ण जन्मभूमि विवाद: सभी भक्तों का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, मामला हाईकोर्ट भेजने के संकेत सुप्रीम कोर्ट ने दिए

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से संकेत दिया कि वह मामले को वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज सकता है। विवाद इस सवाल से जुड़ा है कि भगवान श्रीकृष्ण के सभी भक्तों का प्रतिनिधित्व कौन करेगा।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ सुप्रीम कोर्ट में दायर उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसे वाद संख्या 1 के वादी पक्ष ने दाखिल किया। अपील में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें वाद संख्या 17 के वादियों को भगवान श्रीकृष्ण के सभी भक्तों की ओर से...

प्रदर्शनों से जरूरी सेवाएं बाधित होने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जंतर-मंतर याचिका से जोड़ा गया

प्रदर्शनों और रैलियों के कारण जरूरी सेवाओं में होने वाली बाधा और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होने के मुद्दे पर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई के लिए तैयार हो गया। कोर्ट ने याचिका को राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग वाली लंबित याचिका के साथ जोड़ने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट वी. इलनचेजियन ने दलील दी कि प्रदर्शन और रैलियों...

आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने पर कर्मचारी की बर्खास्तगी अपने आप नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कर्मचारी के आपराधिक रिकॉर्ड का खुलासा होने मात्र से उसकी नौकरी खत्म नहीं की जा सकती। बर्खास्तगी से पहले नियोक्ता को यह जांचना होगा कि कर्मचारी ने जानबूझकर जानकारी छिपाई थी या नहीं और क्या उसकी सेवा जारी रखना वास्तव में संभव नहीं है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने कहा कि बर्खास्तगी के लिए दो स्तर की जांच जरूरी है। पहले यह तय करना होगा कि कर्मचारी को आपराधिक मामले की जानकारी थी और उसने उसे छिपाया या गलत जानकारी दी। इसके बाद अपराध की प्रकृति,...

सबरीमाला मामले पर फ़ैसले के बाद बोधगया मंदिर एक्ट को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

बोधगया मंदिर एक्ट, 1949 से जुड़े मामले को टालते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि सबरीमाला मामले पर 9 जजों की बेंच का फ़ैसला इस साल 6 अक्टूबर तक आ सकता है।बोधगया मंदिर एक्ट के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं का एक समूह चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने लिस्ट किया गया।हालांकि, एक अधूरे मामले (शिवसेना केस) के कारण इस मामले पर सुनवाई होने की संभावना कम थी, इसलिए कुछ वकीलों ने बोधगया मामले का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसे तब तक के लिए...

BCI ने सभी स्टेट बार काउंसिल को निर्देश: 16 अगस्त को बैठक करके को-ऑप्शन के लिए 4 महिला सदस्यों का पैनल करें तैयार

बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) ने सभी स्टेट बार काउंसिल के चुने हुए सदस्यों से कहा कि वे 16 अगस्त को महिला सदस्यों के प्रस्तावित को-ऑप्शन पर चर्चा करने और चार योग्य महिला वकीलों के पैनल की सामूहिक रूप से सिफारिश करने के लिए बैठकें करें।BCI के प्रधान सचिव श्रीमंतो सेन द्वारा जारी सूचना में सुप्रीम कोर्ट के 4 अगस्त के उस आदेश का ज़िक्र है, जिसमें हाईकोर्ट के चीफ जस्टिसों को संबंधित स्टेट बार काउंसिल में दो महिला सदस्यों को नॉमिनेट करने का अधिकार दिया गया था। ये सदस्य या तो पूर्व हाई कोर्ट जज हो सकते...

गैर-कानूनी AI-जनरेटेड कंटेंट को ब्लॉक करने के लिए सिस्टम बनाने की मांग: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से विचार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया। इस याचिका में भारत में ऐसे कंटेंट की तुरंत रिपोर्टिंग और URL-स्पेसिफिक एक्सेस बंद करने के लिए सिस्टम बनाने की मांग की गई, जिसमें शारीरिक हिंसा की धमकी, डॉक्सिंग, निजी जानकारी का बिना अनुमति खुलासा और बिना सहमति के AI-जनरेटेड कंटेंट शामिल हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी द्वारा दायर PIL (जनहित याचिका) पर यह आदेश पारित किया। उन्होंने...

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट नियम का बचाव किया, कहा- इससे मेडिकल सेवाओं की बहुत ज़्यादा कीमतों पर रोक लगती है

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के सामने क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स (केंद्र सरकार) नियम, 2012 के नियम 9(ii) की वैधता का बचाव किया। उनका तर्क है कि दरों की एक रेंज तय करने से सभी क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट में चार्ज एक जैसे हो जाएंगे। इससे अलग-अलग और बहुत ज़्यादा कीमतें वसूलने, मनमानी बढ़ोतरी और मरीजों के शोषण जैसी चीज़ों को रोका जा सकेगा।नियम 9(ii) के तहत क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट को हर तरह की प्रक्रिया और सेवा के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों के साथ मिलकर तय की गई दरों की रेंज के अंदर ही चार्ज करना...

अगर किसी व्यक्ति के पास गोपनीय जानकारी है और वह ट्रेडिंग करता है तो इसे इनसाइडर ट्रेडिंग माना जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (11 अगस्त) को कहा कि SEBI (इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक) रेगुलेशन, 2015 के तहत इनसाइडर ट्रेडिंग का अनुमान लगाने के लिए सिर्फ़ 'अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन' (UPSI) का पास होना और उस दौरान सिक्योरिटीज़ में ट्रेडिंग करना ही काफ़ी है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) के आदेश को रद्द करते हुए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की अपील को मंज़ूरी दी। इसके साथ ही कोर्ट ने तारा ज्वेल्स लिमिटेड (TJL) के...

ट्रायल से पहले बचाव पक्ष के सबूतों के आधार पर आपराधिक केस रद्द किया जा सकता है या नहीं, इसे परखने के 4 तरीके: सुप्रीम कोर्ट ने समझाया

सुप्रीम कोर्ट ने फिर से कहा कि खास मामलों में, बचाव पक्ष के सबूतों या सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर ट्रायल शुरू होने से पहले ही आपराधिक कार्यवाही रद्द की जा सकती है। ऐसा तब किया जा सकता है जब वे सबूत पूरी तरह भरोसेमंद हों और उनसे यह साबित हो कि केस को आगे बढ़ाना कोर्ट की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होगा।राहुल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में 11 अगस्त, 2026 को दिए गए फैसले में जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने राजीव थापर बनाम मदन लाल कपूर (2013) मामले में तय किए गए चार-चरणीय...

Alibi को सिर्फ़ ट्रायल के दौरान ही साबित किया जा सकता है, ऐसा कोई सख़्त नियम नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने BSF जवान के ख़िलाफ़ IPC की धारा 498A का केस रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (11 अगस्त) को कहा कि दस्तावेज़ी सबूत - जिसमें आरोपी के घटनास्थल पर मौजूद न होने को साबित करने वाले आधिकारिक सर्विस रिकॉर्ड भी शामिल हैं - ऐसे ठोस सबूत हैं जिन पर आपराधिक केस को रद्द करने के लिए शुरुआती चरण में ही विचार किया जा सकता है।कोर्ट ने कहा कि यह नियम कि आरोपी को आमतौर पर ट्रायल के दौरान ही 'Alibi' साबित करना चाहिए, कोई सख़्त नियम नहीं है। इसे ऐसे नहीं समझा जा सकता कि ट्रायल से पहले के चरण में 'Alibi' साबित करने वाले भरोसेमंद और निर्विवाद दस्तावेज़ी सबूतों पर...

दिल्ली हाईकोर्ट का सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जजों को निर्देश- ज्यूडिशियल अलाउंस पर टैक्स लगने के विवाद के बीच अपनी PAN डिटेल्स शेयर करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के उन जजों के प्राइवेट सेक्रेटरी को निर्देश दिया, जिन्होंने नई टैक्स व्यवस्था के तहत अपने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किए। यह निर्देश ज्यूडिशियल अलाउंस पर टैक्स लगने के मामले में कोर्ट के पहले के अंतरिम आदेश के तहत दिया गया। उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को अपनी PAN और रिटर्न की डिटेल्स देनी होंगी।जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता की डिवीजन बेंच ने यह निर्देश इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया। डिपार्टमेंट ने कोर्ट के 22...

TMC के फ्रीज बैंक अकाउंट के इस्तेमाल पर हाईकोर्ट की पाबंदियों में दखल से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- व्यवस्था संतुलित

सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा फ्रीज किए गए तृणमूल कांग्रेस के बैंक अकाउंट के संचालन को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से लगाई गई पाबंदियों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।अदालत ने हाईकोर्ट की अंतरिम व्यवस्था को “संतुलित” बताते हुए दोनों याचिकाओं का निपटारा किया।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ तृणमूल कांग्रेस की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें 20 जुलाई के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी।हाईकोर्ट ने तीन HDFC बैंक अकाउंट को सामान्य रूप से संचालित...

पत्रकार नीलांजना बोउमिक के खिलाफ मानहानि केस: सुप्रीम कोर्ट ने रवि नायर की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने एक्टिविस्ट रवि नायर की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने पत्रकार नीलांजना बोउमिक के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही रद्द करने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।मामला Time पत्रिका में प्रकाशित एक लेख से जुड़ा था, जिसमें भारत के गैर-लाभकारी संगठनों के कामकाज और कथित अनियमितताओं पर चर्चा की गई थी। नायर का आरोप था कि लेख में...