इलाहाबाद हाईकोट

इलाहाबाद हाईकोर्ट राज्य में सीनियर सिटिज़न्स की सुरक्षा के लिए गाइडलाइंस पर कर रहा विचार, राज्य सरकार से एक्शन प्लान का स्टेटस मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट राज्य में सीनियर सिटिज़न्स की सुरक्षा के लिए गाइडलाइंस पर कर रहा विचार, राज्य सरकार से 'एक्शन प्लान' का स्टेटस मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटिज़न्स एक्ट, 2007 को और असरदार बनाने के लिए कुछ गाइडलाइंस बनाने का इरादा जताया।एक 80 साल की महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की बेंच ने उत्तर प्रदेश के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (होम) को एक पर्सनल एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया, जिसमें यह साफ किया जाए कि क्या राज्य सरकार ने 2007 के कानून के मुताबिक सीनियर सिटिज़न्स की जान और प्रॉपर्टी की सुरक्षा के लिए "कॉम्प्रिहेंसिव...

क्या राज्य में शैक्षणिक संस्थानों पर लागू है मातृत्व लाभ अधिनियम? इलाहाबाद हाइकोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब
क्या राज्य में शैक्षणिक संस्थानों पर लागू है मातृत्व लाभ अधिनियम? इलाहाबाद हाइकोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से अहम सवाल करते हुए पूछा कि क्या राज्य में शैक्षणिक संस्थानों पर मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 (2017 के संशोधन सहित) को लागू करने संबंधी कोई अधिसूचना आधिकारिक गजट में जारी की गई है या नहीं।कोर्ट ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ वाराणसी स्थित सनबीम वूमेन्स कॉलेज की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसके जरिए...

गलत पहचान पर गिरफ्तारी अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: निर्दोषों को पकड़ने पर यूपी पुलिस को इलाहाबाद हाइकोर्ट की कड़ी फटकार
गलत पहचान पर गिरफ्तारी अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: निर्दोषों को पकड़ने पर यूपी पुलिस को इलाहाबाद हाइकोर्ट की कड़ी फटकार

इलाहाबाद हाइकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने गलत पहचान के आधार पर दो निर्दोष व्यक्तियों की गिरफ्तारी के मामले में यूपी पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। हाइकोर्ट ने साफ कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना उसकी स्वतंत्रता छीनना कानूनन अस्वीकार्य है और यह सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार पर आघात करता है।जस्टिस तेज प्रताप तिवारी की एकल पीठ ने सोमवार को दोनों मामलों में पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द की। साथ ही पुलिस की गंभीर लापरवाही को देखते हुए लखनऊ के पुलिस...

यूपी में लापता लोगों पर स्वत:संज्ञान जनहित याचिका | हाईकोर्ट ने DGP, होम सेक्रेटरी को कमज़ोर कोशिशों पर तलब किया
यूपी में लापता लोगों पर स्वत:संज्ञान जनहित याचिका | हाईकोर्ट ने DGP, होम सेक्रेटरी को 'कमज़ोर' कोशिशों पर तलब किया

राज्य में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने और राज्य पुलिस की निष्क्रियता पर पिछले महीने एक डिवीजन बेंच के आदेश के बाद स्वत:संज्ञान जनहित याचिका (PIL) दर्ज की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, होम और डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस को तलब किया।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस की बेंच ने उन्हें अपने एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया, जिसमें राज्य भर के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों पर दर्ज लापता लोगों के बारे में पूरा डेटा और ऐसे लापता लोगों को ट्रेस करने के लिए...

बार-बार होने वाले इत्तेफ़ाक: हाईकोर्ट ने CCTV खराब होने पर यूपी पुलिस की काल्पनिक कहानियों की आलोचना की, दिया जेम्स बॉन्ड का हवाला
बार-बार होने वाले इत्तेफ़ाक: हाईकोर्ट ने CCTV खराब होने पर यूपी पुलिस की 'काल्पनिक कहानियों' की आलोचना की, दिया जेम्स बॉन्ड का हवाला

पिछले हफ़्ते कड़े शब्दों में दिए गए एक आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने यूपी के चीफ सेक्रेटरी को राज्य के पुलिस स्टेशनों में लगे CCTV कैमरों में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों की खुद जांच करने का निर्देश दिया।पुलिस स्टेशनों में लगे CCTV कैमरों के खराब होने से जुड़े 'बार-बार होने वाले इत्तेफ़ाक' के लिए यूपी पुलिस की आलोचना करते हुए जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस बबीता रानी की बेंच ने साफ़ किया कि ऐसे मामलों में टॉप पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी होगी।कोर्ट ने कहा,"अब समय आ गया कि...

चिल्ड्रन होम के रिकॉर्ड में जाति, धर्म का ज़िक्र | हाईकोर्ट के एक्शन के बाद यूपी सरकार ने केंद्र से JJ Act में बदलाव करने की अपील की
चिल्ड्रन होम के रिकॉर्ड में जाति, धर्म का ज़िक्र | हाईकोर्ट के एक्शन के बाद यूपी सरकार ने केंद्र से JJ Act में बदलाव करने की अपील की

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि उसने भारत सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय के सेक्रेटरी को जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और सुरक्षा) एक्ट, 2015 (JJ Act) और जुवेनाइल जस्टिस रूल्स, 2016 (JJ Rules) के संबंधित प्रोविज़न में बदलाव के लिए सुझाव लिखे हैं।यूपी सरकार ने यह प्रपोज़ल तब दिया, जब कुछ दिन पहले हाई कोर्ट ने राजकीय बालगृह/चिल्ड्रन होम में रखे गए नाबालिग बच्चों की जाति और धर्म के ज़िक्र को लेकर गंभीर चिंता जताई।बता दें, एक नाबालिग लड़की की हेबियस कॉर्पस...

संभल हिंसा मामला | हाइकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR के CJM आदेश पर रोक लगाई, शिकायतकर्ता को जवाब दाखिल करने के लिए 2 हफ्ते
संभल हिंसा मामला | हाइकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR के CJM आदेश पर रोक लगाई, शिकायतकर्ता को जवाब दाखिल करने के लिए 2 हफ्ते

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने नवंबर 2024 की संभल हिंसा से जुड़े मामले में बड़ा अंतरिम आदेश पारित करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), संभल द्वारा पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश पर फिलहाल रोक लगाई।अदालत ने शिकायतकर्ता को इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 14 दिन का समय दिया। तब तक CJM के आदेश का संचालन स्थगित रहेगा।यह आदेश जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ ने पूर्व संभल सर्किल ऑफिसर अनुज चौधरी और पूर्व संभल कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर द्वारा दाखिल याचिका पर पारित किया। अनुज चौधरी...

उकसावे का कोई तत्व नहीं: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने नकल के आरोप में फटकार के बाद स्टूडेंट की आत्महत्या मामले में स्कूल अधिकारी के खिलाफ केस रद्द किया
उकसावे का कोई तत्व नहीं: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने नकल के आरोप में फटकार के बाद स्टूडेंट की आत्महत्या मामले में स्कूल अधिकारी के खिलाफ केस रद्द किया

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने रायबरेली स्थित सेंट पीटर्स स्कूल के सहायक प्रधानाचार्य के खिलाफ दर्ज आत्महत्या के लिए उकसाने (IPC की धारा 306) के आपराधिक मुकदमा रद्द किया।बता दें यह मामला छह साल के एक स्टूडेंट की आत्महत्या से जुड़ा था जिसे परीक्षा में नकल करते हुए पकड़ा गया था।जस्टिस पंकज भाटिया ने स्पष्ट कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई भी ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं है जिससे यह साबित हो कि याचिकाकर्ता ने स्टूडेंट को आत्महत्या के लिए उकसाया साजिश रची या जानबूझकर ऐसी कोई मदद की, जो सीधे तौर पर आत्महत्या का कारण बनी...

DGP सर्कुलर से अनभिज्ञता कोई बहाना नहीं: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध ठहराया, कहा- गिरफ्तारी के आधार न बताना कानून का उल्लंघन
DGP सर्कुलर से अनभिज्ञता कोई बहाना नहीं: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध ठहराया, कहा- गिरफ्तारी के आधार न बताना कानून का उल्लंघन

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि DGP द्वारा जारी सर्कुलर से अनभिज्ञता कानून के उल्लंघन का कोई वैध बहाना नहीं हो सकती।इसके साथ ही कोर्ट ने गिरफ्तारी के आधार बताए बिना दो व्यक्तियों को हिरासत में लिए जाने को अदालत ने अवैध करार देते हुए उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने मैनपुरी के दो याचिकाकर्ताओं अनूप कुमार और एक अन्य द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका स्वीकार करते हुए न केवल उनकी...

सम्मानित सांस्कृतिक संगठन को बदनाम किया गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जबरदस्ती वसूली का मामला रद्द किया, शिकायतकर्ता द्वारा RSS सदस्यता के दुरुपयोग की निंदा की
'सम्मानित सांस्कृतिक संगठन को बदनाम किया गया': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जबरदस्ती वसूली का मामला रद्द किया, शिकायतकर्ता द्वारा RSS सदस्यता के 'दुरुपयोग' की निंदा की

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने लखनऊ की एक सोसाइटी के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का सदस्य होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति की शिकायत पर शुरू किया गया।जस्टिस पंकज भाटिया की बेंच ने कहा,"RSS जैसे एक बहुत ही अनुशासित और सम्मानित सांस्कृतिक संगठन" को उसके सदस्य (शिकायतकर्ता) ने बदनाम किया, जिसने एक निजी पार्किंग विवाद को सुलझाने के लिए अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया, जो कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग था। ...

संभल हिंसा मामला: यूपी सरकार व ASP ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR के आदेश को दी हाईकोर्ट में चुनौती
संभल हिंसा मामला: यूपी सरकार व ASP ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR के आदेश को दी हाईकोर्ट में चुनौती

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार और संभल के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुज चौधरी द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई की।इन याचिकाओं में संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) द्वारा एएसपी चौधरी एवं अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश को चुनौती दी गई यह आदेश नवंबर 2024 की संभल हिंसा से संबंधित है।उक्त आदेश पिछले माह CJM विभांशु सुधीर द्वारा यामीन नामक व्यक्ति की अर्जी पर पारित किया गया। यामीन हिंसा में घायल युवक का पिता है और उसने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उसके...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना संदर्भ के रामचरितमानस चौपाई का हवाला देने वाले वकील को उसका मतलब समझाया, देरी से दायर याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना संदर्भ के 'रामचरितमानस चौपाई' का हवाला देने वाले वकील को उसका मतलब समझाया, देरी से दायर याचिका खारिज की

हाल ही में दिए गए दिलचस्प आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने एक वकील के लिए 16वीं सदी के भारतीय कवि गोस्वामी तुलसीदास की अवधी भाषा में लिखी महाकाव्य 'श्री रामचरितमानस' की एक चौपाई का मतलब समझाया।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने उस वकील को भी कड़ी फटकार लगाई, जिसने चौपाई के असली संदर्भ को समझे बिना उस पर भरोसा करने की कोशिश की थी।संक्षेप में मामलाअवनींद्र कुमार गुप्ता नाम के एक व्यक्ति ने रिट याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने राज्य सूचना आयोग (SIC) द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी,...

लापरवाह और निराधार आरोप: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने वकील के कहने पर NBW जारी होने के दावे पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
लापरवाह और निराधार आरोप: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने वकील के कहने पर NBW जारी होने के दावे पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने ट्रायल जज पर बेहद गंभीर और निराधार आरोप लगाने वाले दो अभियुक्तों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनकी ट्रांसफर याचिका खारिज की। साथ ही उन पर 1 लाख रुपये का भारी जुर्माना (कॉस्ट) लगाया। हाइकोर्ट ने कहा कि यह दावा पूरी तरह लापरवाह, आधारहीन और न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है।जस्टिस समीत गोपाल की एकल पीठ ने यह आदेश उन अभियुक्तों के खिलाफ पारित किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि ट्रायल कोर्ट ने शिकायतकर्ता के भाई जो कि एक वकील है, उनके कहने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती...

पूरी तरह से गलत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल जजों द्वारा आदेशों में सुप्रीम कोर्ट के जजों के नाम लिखने की प्रथा की निंदा की
'पूरी तरह से गलत': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल जजों द्वारा आदेशों में सुप्रीम कोर्ट के जजों के नाम लिखने की प्रथा की निंदा की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते ट्रायल कोर्ट के जजों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के किसी फैसले का हवाला देते समय अपने आदेशों में सुप्रीम कोर्ट के जजों के नाम लिखने की प्रथा की निंदा की।कोर्ट ने इस सिस्टम को "पूरी तरह से गलत" बताया और कहा कि इसकी सराहना नहीं की जा सकती। इसने न्यायिक अधिकारियों को याद दिलाया कि उनके आदेशों में केवल हवाला, केस नंबर और संबंधित टेक्स्ट ही उद्धृत किया जाना चाहिए।जस्टिस समित गोपाल की बेंच ने अपने आदेश में कहा,"यह याद दिलाया जाता है कि फैसले का हवाला देते समय केवल उसका हवाला...

हाईकोर्ट ने टेक्नीशियन पद के लिए BMRD डिग्री को शामिल न करने पर यूपी एक्स-रे नियमों की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी की
हाईकोर्ट ने टेक्नीशियन पद के लिए BMRD डिग्री को शामिल न करने पर 'यूपी एक्स-रे नियमों' की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी की

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने पिछले हफ्ते एडवोकेट जनरल को याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उत्तर प्रदेश एक्स-रे टेक्नीशियन सेवा नियम, 1986 की वैधता को चुनौती दी गई, जो वर्तमान में डिग्री धारकों को एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर नियुक्ति से बाहर रखता है।मामले पर विचार के लिए पहली नज़र में मामला पाते हुए जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की बेंच ने मामले को 27 फरवरी के लिए सूचीबद्ध किया।संक्षेप में मामलायह रिट याचिका 4 उम्मीदवारों द्वारा दायर की गई, जिनके पास बैचलर ऑफ मेडिकल...

सिंगल जज ने स्टूडेंट को लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करूंगा का पोस्टर दिखाने का दिया आदेश, हाईकोर्ट ने किया रद्द
सिंगल जज ने स्टूडेंट को 'लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करूंगा' का पोस्टर दिखाने का दिया आदेश, हाईकोर्ट ने किया रद्द

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को एक सिंगल जज का निर्देश रद्द किया, जिसमें यूनिवर्सिटी से निकाले गए एक स्टूडेंट को 30 मिनट (30 दिनों के लिए) यूनिवर्सिटी गेट पर एक पोस्टर लेकर खड़े होने के लिए कहा गया, जिस पर लिखा था कि वह "कभी किसी लड़की के साथ दुर्व्यवहार नहीं करेगा"।इस निर्देश को अनुचित और अपमानजनक बताते हुए चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की बेंच ने कहा कि ऐसी सज़ा छात्र के चरित्र पर "स्थायी दाग" छोड़ देगी।संक्षेप में मामलाबेंच स्टूडेंट द्वारा दायर रिट याचिका में अक्टूबर में...

पूरे उत्तर प्रदेश में कोई जुवेनाइल रिहैब इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- JJ Act बेकार, स्कूलों, शिक्षकों की भूमिका पर विचार किया
पूरे उत्तर प्रदेश में कोई जुवेनाइल रिहैब इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- JJ Act 'बेकार', स्कूलों, शिक्षकों की भूमिका पर विचार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में स्थिति पर गहरी चिंता जताई, जब राज्य सरकार ने उसके सामने यह माना कि पूरे राज्य में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, (JJ Act) 2015 को लागू करने में इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी कमियां हैं।असल में उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि पूरे राज्य में JJ Act, 2015 और JJ रूल्स, 2016 के तहत बताए गए मान्यता प्राप्त संस्थानों, जैसे "फिट पर्सन," "ग्रुप फॉस्टर केयर संस्थान," "ग्रुप फॉस्टर केयर देने वाले," और "केस वर्कर" की उपलब्धता के बारे में कोई जानकारी नहीं है।बता दें, ये...

पुलिस कागजात की आपूर्ति निष्पक्ष सुनवाई का मूल तत्व: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने BNSS की धारा 230 के उल्लंघन पर आरोप निरस्त किए
पुलिस कागजात की आपूर्ति निष्पक्ष सुनवाई का मूल तत्व: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने BNSS की धारा 230 के उल्लंघन पर आरोप निरस्त किए

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने यह कहते हुए एक आरोपी के खिलाफ तय किए गए आरोपों को रद्द कर दिया है कि आरोपी को पुलिस रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि निष्पक्ष सुनवाई का मूल तत्व है।अदालत ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 230 का पालन किए बिना की गई कार्यवाही निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई के सिद्धांत के विरुद्ध है।जस्टिस अवनीश सक्सेना की पीठ ने BNSS की धारा 528 के तहत दायर याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि BNSS की धारा 230 का अनुपालन अनिवार्य है। इसके...

हाईकोर्ट ने मिर्जापुर में 60 से ज़्यादा लोगों के गैर-कानूनी धर्मांतरण के आरोपी को दी जमानत
हाईकोर्ट ने मिर्जापुर में 60 से ज़्यादा लोगों के गैर-कानूनी धर्मांतरण के आरोपी को दी जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते मिर्जापुर में कथित गैर-कानूनी धार्मिक धर्मांतरण के एक मामले में तमिलनाडु के रहने वाले एक व्यक्ति (देव सहायम डेनियल राज) को जमानत दी।यूपी पुलिस ने दावा किया कि डेनियल उस गैंग का लीडर है, जो लोगों को धर्मांतरण के लिए लालच देता है और उसके गैंग ने अब तक 70 लोगों का धर्मांतरण कराया है। पिछले साल सितंबर में गिरफ्तारी से पहले 500 और लोगों का धर्मांतरण कराने की योजना बना रहा था।जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की बेंच ने आरोपों की प्रकृति, दोषी पाए जाने पर सजा की गंभीरता, सहायक...

अनुच्छेद 21 के तहत महिला की गरिमा का उल्लंघन: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता की चरित्र हत्या करने पर वकील को फटकारा
'अनुच्छेद 21 के तहत महिला की गरिमा का उल्लंघन': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता की चरित्र हत्या करने पर वकील को फटकारा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते एक वकील को रेप पीड़िता को "आसान चरित्र वाली महिला" के तौर पर पेश करने की कोशिश करने के लिए फटकारा और उसे कोर्ट के सामने दलीलें पेश करते समय सावधानी और संयम बरतने की चेतावनी दी।जस्टिस अनिल कुमार-X की बेंच ने कहा कि ऐसी दलीलें दाखिल करना, जिनमें किसी महिला के चरित्र और गरिमा पर सवाल उठाने वाले अपमानजनक आरोप हों, भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत महिला के सम्मान और निजता के अधिकार का उल्लंघन है।बेंच ने टिप्पणी की,"...यह कोर्ट अपीलकर्ता के वकील के आचरण की निंदा...