इलाहाबाद हाईकोट

तत्काल इनाम या प्रमोशन नहीं, घायल को अनिवार्य इलाज और FIR जरूरी: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने एनकाउंटर संस्कृति पर कसी नकेल
तत्काल इनाम या प्रमोशन नहीं, घायल को अनिवार्य इलाज और FIR जरूरी: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने एनकाउंटर संस्कृति पर कसी नकेल

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती पुलिस FIR संस्कृति पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए। हाइकोर्ट ने कहा कि किसी भी पुलिस एनकाउंटर के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों को न तो आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया जाएगा और न ही वीरता पुरस्कार।साथ ही एनकाउंटर की हर घटना में अलग से FIR दर्ज करना, घायल को तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराना और मजिस्ट्रेट या मेडिकल अधिकारी द्वारा घायल का बयान दर्ज कराना अनिवार्य होगा।यह महत्वपूर्ण आदेश जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ द्वारा पारित किया गया। 11...

यूपी पुलिस तारीफ़ पाने के लिए हाफ एनकाउंटर कर रही है: हाईकोर्ट ने SP/SSP को एसी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने पर अवमानना ​​की चेतावनी दी
यूपी पुलिस तारीफ़ पाने के लिए 'हाफ एनकाउंटर' कर रही है: हाईकोर्ट ने SP/SSP को एसी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने पर अवमानना ​​की चेतावनी दी

पूर्ववर्ती जारी किए गए महत्वपूर्ण आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस एनकाउंटर में आरोपी को गंभीर चोट लगने के मामलों में पुलिस अधिकारियों द्वारा पालन किए जाने वाले सख्त 6-पॉइंट गाइडलाइंस जारी किए।जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की बेंच ने यह भी साफ किया कि डिस्ट्रिक्ट पुलिस चीफ, जिसमें पुलिस अधीक्षक (SP), सीनियर पुलिस अधीक्षक (SSP) और कमिश्नर शामिल हैं, अगर उनके अधिकार क्षेत्र में एनकाउंटर के संबंध में PUCL बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन नहीं किया जाता है तो...

1991 विधानसभा हंगामा मामले को हाईकोर्ट ने किया रद्द, यूपी सरकार को पुराने मुकदमों पर नीति बनाने का निर्देश
1991 विधानसभा हंगामा मामले को हाईकोर्ट ने किया रद्द, यूपी सरकार को पुराने मुकदमों पर नीति बनाने का निर्देश

न्यायपालिका के सीमित संसाधनों और लंबित मामलों के बढ़ते बोझ पर गंभीर टिप्पणी करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में कथित हंगामे से जुड़े 34 वर्ष पुराने आपराधिक मुकदमे को रद्द कर दिया। अदालत ने ऐसे पुराने और निष्प्रभावी मुकदमों को “निरर्थक (futile) अभ्यास” करार देते हुए राज्य सरकार से कहा कि वह विभिन्न अदालतों में लंबित ऐसे मामलों के “डेडवुड को काटे”।जस्टिस पंकज भाटिया की पीठ ने धारा 482 दंप्रसं के तहत दायर याचिकाओं को स्वीकार करते हुए 1991 में विधानसभा के गेट...

UP STF IG पर रिश्वत लेकर अपराधी छोड़ने के आरोप वाली खबर मामले में न्यूज़18 के पत्रकारों को हाइकोर्ट से राहत नहीं
UP STF IG पर रिश्वत लेकर अपराधी छोड़ने के आरोप वाली खबर मामले में न्यूज़18 के पत्रकारों को हाइकोर्ट से राहत नहीं

इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच ने न्यूज़18 चैनल के एग्जीक्यूटिव एडिटर और अन्य पत्रकारों द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें उनके खिलाफ जारी समन आदेश को चुनौती दी गई थी। यह समन सीनियर आईपीएस अधिकारी अमिताभ यश द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में जारी किया गया।जस्टिस ब्रिज राज सिंह की पीठ ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 482 के तहत दाखिल याचिका पर सुनवाई करते समय हाइकोर्ट “मिनी ट्रायल” नहीं कर सकता और न ही इस स्तर पर पत्रकारों की निर्दोषता से संबंधित साक्ष्यों का मूल्यांकन किया जा...

NI Act की धारा 138 के तहत शिकायत केवल पेयी या होल्डर इन ड्यू कोर्स ही कर सकता है: इलाहाबाद हाइकोर्ट
NI Act की धारा 138 के तहत शिकायत केवल पेयी या होल्डर इन ड्यू कोर्स ही कर सकता है: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (NI Act) की धारा 138 के तहत चेक बाउंस से संबंधित शिकायत कोई तीसरा व्यक्ति दाखिल नहीं कर सकता, भले ही उस लेन-देन से वह अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्यों न हो।हाइकोर्ट ने कहा कि ऐसी शिकायत केवल चेक के पेयी या होल्डर इन ड्यू कोर्स द्वारा ही दायर की जा सकती है।जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि पेयी या होल्डर इन ड्यू कोर्स का अधिकृत प्रतिनिधि, जैसे पावर ऑफ अटॉर्नी धारक या कंपनी का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता, शिकायत दाखिल...

Cyber Crime Cases | बिना वजह बैंक अकाउंट फ्रीज़ नहीं कर सकते, 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट को बताएं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए प्रोटोकॉल
Cyber Crime Cases | 'बिना वजह बैंक अकाउंट फ्रीज़ नहीं कर सकते, 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट को बताएं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए प्रोटोकॉल

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि पुलिस द्वारा किसी खास अकाउंट को फ्रीज़ करने के लिए बैंक को दिया गया बिना वजह का नोटिस, जिसमें रकम (जिस पर रोक लगाई जा रही है) का ज़िक्र न हो, गैर-कानूनी और मनमाना होगा।जस्टिस शेखर बी सर्राफ और जस्टिस मनजीव शुक्ला की बेंच ने कहा कि इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर को 24 घंटे के अंदर इस बारे में संबंधित मजिस्ट्रेट को बताना होगा।कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित IO को बैंकों को उस केस नंबर के बारे में भी बताना होगा जिसके आधार पर यह रोक/फ्रीज़िंग की जा रही है।हाईकोर्ट खालसा मेडिकल...

झांसी मेडिकल कॉलेज आग्निकांड | 1 साल से ज़्यादा समय से जांच पेंडिंग: हाईकोर्ट ने पूर्व चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट का सस्पेंशन रोका
झांसी मेडिकल कॉलेज आग्निकांड | 1 साल से ज़्यादा समय से जांच पेंडिंग: हाईकोर्ट ने पूर्व चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट का सस्पेंशन रोका

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने हाल ही में झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की पूर्व चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट (CMS) डॉ. सुनीता राठौर के खिलाफ जारी सस्पेंशन ऑर्डर पर रोक लगाई।यह अंतरिम राहत कॉलेज के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में लगी दुर्भाग्यपूर्ण आग के एक साल से ज़्यादा समय बाद मिली है, जिसमें 10 बच्चों की जान चली गई थी। बचाए गए 39 बच्चों में से 8 अन्य की बाद में बीमारी के कारण मौत हो गई।जस्टिस श्री प्रकाश सिंह की बेंच ने यह आदेश दिया, जिसमें कहा गया कि जांच शुरू हुए एक साल से...

Sambhal Violence : पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR का आदेश दिए जाने के कुछ दिनों बाद पुलिस पर गोली मारने का आरोप लगाने वाले व्यक्ति को मिली जमानत
Sambhal Violence : पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR का आदेश दिए जाने के कुछ दिनों बाद पुलिस पर गोली मारने का आरोप लगाने वाले व्यक्ति को मिली जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोहम्मद आलम नाम के युवक को अंतरिम अग्रिम जमानत दी, जिसके पिता की याचिका पर संभल की एक CJM कोर्ट ने हाल ही में नवंबर, 2024 की हिंसा के दौरान कथित तौर पर उस पर गोली चलाने के आरोप में कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था।हालांकि, आवेदक के पिता ने CJM कोर्ट में तर्क दिया था कि उनका बेटा बिना किसी उकसावे के पुलिस फायरिंग का शिकार हुआ था, लेकिन राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में तर्क दिया कि आलम को पुलिसकर्मियों की गोली से कोई चोट नहीं लगी थी।हालांकि, जस्टिस...

महाकुंभ भगदड़ | हाईकोर्ट ने पीड़ितों के परिजनों को मुआवज़ा देने के लिए 30 दिन की समय-सीमा तय की, गंभीर रुख अपनाने की चेतावनी दी
महाकुंभ भगदड़ | हाईकोर्ट ने पीड़ितों के परिजनों को मुआवज़ा देने के लिए 30 दिन की समय-सीमा तय की, गंभीर रुख अपनाने की चेतावनी दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य के जांच आयोग की फाइनल रिपोर्ट आने तक कुंभ मेले की भगदड़ के एक पीड़ित के मुआवज़े के दावे में और देरी करने से इनकार किया।एक सख्त आदेश में हाईकोर्ट ने मेला प्राधिकरण और आयोग को भगदड़ में घायल होने के बाद जान गंवाने वाली मृतक महिला के पति द्वारा दायर मामले को 30 दिनों के भीतर अंतिम रूप देने का आदेश दिया।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपामा चतुर्वेदी की बेंच ने चेतावनी दी कि आदेश का पालन न करने पर कोर्ट इस मामले को गंभीरता से लेगा।गौरतलब है कि यह भगदड़ 29 जनवरी,...

डिस्चार्ज अर्जी खारिज होने पर आरोप तय करने में देरी न करें, जब तक स्थगन न हो: इलाहाबाद हाइकोर्ट
डिस्चार्ज अर्जी खारिज होने पर आरोप तय करने में देरी न करें, जब तक स्थगन न हो: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने उत्तर प्रदेश भर की ट्रायल अदालतों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी अभियुक्त की डिस्चार्ज अर्जी खारिज हो जाने के बाद केवल इस आधार पर आरोप तय करने की प्रक्रिया को टाला नहीं जा सकता कि उस आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण या अपील दायर की गई। हाइकोर्ट ने कहा कि जब तक उच्च अदालत द्वारा डिस्चार्ज अर्जी खारिज करने के आदेश पर स्पष्ट रूप से रोक नहीं लगाई जाती, तब तक ट्रायल अदालतें आरोप तय करने के लिए बाध्य हैं।जस्टिस चवन प्रकाश की पीठ ने अपने हालिया आदेश में कहा कि यदि डिस्चार्ज की मांग अस्वीकार...

पश्चिमी विचारों के प्रभाव से लिव-इन में रह रहे युवा, रिश्ते टूटने पर रेप की FIR दर्ज होती हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा रद्द की
पश्चिमी विचारों के प्रभाव से लिव-इन में रह रहे युवा, रिश्ते टूटने पर रेप की FIR दर्ज होती हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा रद्द की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पश्चिमी विचारों और लिव-इन के कॉन्सेप्ट के प्रभाव में युवाओं में बिना शादी के साथ रहने का चलन बढ़ रहा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब ऐसे रिश्ते टूटते हैं तो FIR दर्ज की जाती हैं।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस प्रशांत मिश्रा-I की बेंच ने कहा कि क्योंकि कानून महिलाओं के पक्ष में हैं, इसलिए पुरुषों को उन कानूनों के आधार पर दोषी ठहराया जाता है, जो तब बनाए गए, जब लिव-इन का कॉन्सेप्ट कहीं भी मौजूद नहीं था।बेंच ने ये बातें महाराजगंज की स्पेशल जज, एक्सक्लूसिव कोर्ट (POCSO...

मेमो में गिरफ्तारी के खास आधार न बताना ड्यूटी में लापरवाही, गलती करने वाले पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
मेमो में गिरफ्तारी के खास 'आधार' न बताना ड्यूटी में लापरवाही, गलती करने वाले पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

गुरुवार को दिए गए एक अहम आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि राज्य में कोई भी पुलिस अधिकारी जो अरेस्ट मेमो में गिरफ्तारी के खास 'आधार' (Ground) बताने में नाकाम रहता है, उसे सस्पेंड करने के बाद उसके खिलाफ डिपार्टमेंटल कार्रवाई की जाएगी।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की बेंच ने कहा कि बिना किसी ठोस आधार के सिर्फ़ फॉर्म भरकर कानून का "खोखला पालन" करना ड्यूटी में लापरवाही है।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा,"यह सही समय है कि उन पुलिस अधिकारियों के साथ सख्ती से निपटा जाए, जो अरेस्ट...

कस्टडी विवाद के बीच बच्चे को जबरन बोर्डिंग स्कूल नहीं भेजा जा सकता, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन आवश्यक: इलाहाबाद हाईकोर्ट
कस्टडी विवाद के बीच बच्चे को जबरन बोर्डिंग स्कूल नहीं भेजा जा सकता, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन आवश्यक: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि माता-पिता के बीच चल रहे कस्टडी विवाद के दौरान किसी बच्चे को बोर्डिंग स्कूल भेजने का निर्देश देने से पहले उस बच्चे का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन (Psychological Evaluation) किया जाना आवश्यक है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि वह उस अभिभावक से अलग रहने के मानसिक और भावनात्मक प्रभाव को सहन कर पाएगा या नहीं, जिसके साथ वह अब तक रह रहा है।चीफ़ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने नाबालिग बेटे की कस्टडी और विज़िटेशन को लेकर चल रहे विवाद में यह टिप्पणी की।खंडपीठ...

कोई प्रभावी सुनवाई नहीं हो रही: हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से वक्फ ट्रिब्यूनल में खाली पद भरने को कहा
'कोई प्रभावी सुनवाई नहीं हो रही': हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से वक्फ ट्रिब्यूनल में खाली पद भरने को कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने उत्तर प्रदेश सरकार से वक्फ ट्रिब्यूनल में खाली पद को जल्द से जल्द भरने का अनुरोध किया, क्योंकि कोर्ट ने पाया कि मौजूदा खाली पदों के कारण कोई प्रभावी सुनवाई नहीं हो रही है।जस्टिस शेखर बी सर्राफ और जस्टिस मनजीव शुक्ला की बेंच ने सोमवार को फैसल खान द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।हालांकि, बेंच ने याचिका में की गई प्रार्थनाओं पर विचार करने से इनकार किया, क्योंकि याचिकाकर्ता को पहले ही एक सिंगल जज द्वारा अपनी शिकायतों के संबंध में अपील करने...

अगर पत्नी के अपने कामों से पति कमाने में असमर्थ हो जाए तो वह भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
अगर पत्नी के अपने कामों से पति कमाने में असमर्थ हो जाए तो वह भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई पत्नी अपने कामों या गलतियों से अपने पति की कमाने की क्षमता को खत्म करती है या उसमें योगदान देती है तो उसे ऐसी स्थिति का फायदा उठाने और मेंटेनेंस का दावा करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।जस्टिस लक्ष्मी कांत शुक्ला की बेंच ने फैसला सुनाया कि ऐसे मामले में मेंटेनेंस देना "गंभीर अन्याय" होगा, खासकर जब पति की कमाने की क्षमता पत्नी के परिवार के आपराधिक कामों से खत्म हो गई हो।कोर्ट ने आगे कहा कि भारतीय समाज में यह माना जाता है कि एक पति से, भले ही उसके पास रेगुलर नौकरी...

यूपी सरकार ने रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों के फायदों के लिए आंध्र मॉडल अपनाया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पर जवाब मांगा
यूपी सरकार ने रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों के फायदों के लिए 'आंध्र मॉडल' अपनाया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पर जवाब मांगा

उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि उसने एक सरकारी आदेश जारी किया, जिसमें रिटायर्ड जजों के रिटायरमेंट के बाद के फायदों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का काफी हद तक पालन सुनिश्चित किया गया।इस बात पर ध्यान देते हुए जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपामा चतुर्वेदी की बेंच ने एडिशनल एडवोकेट जनरल से रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों के लिए बनाए गए संबंधित सुरक्षा नियमों, यदि कोई हों, को रिकॉर्ड पर रखने को कहा।बता दें, याचिकाकर्ता (रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जजों का...

यूपी पुनर्गठन अधिनियम को चुनौती: हाईकोर्ट ने राष्ट्रपति को पक्षकार बनाने से किया इनकार, उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री के खिलाफ़ याचिका खारिज
'यूपी पुनर्गठन अधिनियम' को चुनौती: हाईकोर्ट ने राष्ट्रपति को पक्षकार बनाने से किया इनकार, उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री के खिलाफ़ याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने पिछले हफ़्ते एक रिट याचिका (2000 में दायर की गई) में भारत के राष्ट्रपति को पक्षकार बनाने की याचिका खारिज की। यह याचिका उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के लागू होने/अधिसूचना को चुनौती देती थी।जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की बेंच ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता कानून से परेशान है तो राष्ट्रपति के बजाय उस विभाग के उचित प्रमुख को पक्षकार बनाया जाना चाहिए, जो विवादित कानून को लाने और पास करने के लिए ज़िम्मेदार है।यह टिप्पणी तब आई, जब कोर्ट 26 साल...

वायु प्रदूषण मामले में लार्सन एंड टूब्रो के निदेशकों के खिलाफ जारी समन इलाहाबाद हाइकोर्ट ने रद्द किए
वायु प्रदूषण मामले में लार्सन एंड टूब्रो के निदेशकों के खिलाफ जारी समन इलाहाबाद हाइकोर्ट ने रद्द किए

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत दर्ज एक आपराधिक मामले में लार्सन एंड टूब्रो कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ जारी समन रद्द किया।कोर्ट ने कहा कि समन जारी करते समय संबंधित मजिस्ट्रेट ने रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों पर समुचित रूप से विचार नहीं किया और बिना सही तथ्यात्मक आधार के आदेश पारित कर दिया।यह आदेश जस्टिस बृज राज सिंह द्वारा पारित किया गया।मामले का पूरा विवरणइस मामले में लार्सन एंड टूब्रो के पूर्णकालिक निदेशक एवं वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष, पूर्णकालिक...

वकील मुवक्किल का केवल मुखपत्र नहीं, निरर्थक मामलों से बचना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
वकील मुवक्किल का केवल मुखपत्र नहीं, निरर्थक मामलों से बचना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई भी वकील अपने मुवक्किल का केवल मुखपत्र नहीं होता और उसे ऐसे निरर्थक मामलों को स्वीकार करने से बचना चाहिए, जिनसे न्यायालय का कीमती समय बर्बाद होता है।हालांकि, कोर्ट ने एक युवा वकील पर लागत (कॉस्ट) लगाने से परहेज किया, क्योंकि उनका नामांकन हाल ही में वर्ष 2024 में हुआ था।यह टिप्पणी जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने की।जस्टिस विद्यार्थी ने कहा,“वकील को यह समझना चाहिए कि वह भले ही अपने मुवक्किल का प्रतिनिधित्व करता हो, लेकिन वह उसका मात्र मुखपत्र नहीं है।...