SC के ताज़ा फैसले

हाईकोर्ट को आमतौर पर जाति के दावों पर जांच समिति के निष्कर्षों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जब तक कि निष्कर्ष विकृत न हों: सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट को आमतौर पर जाति के दावों पर जांच समिति के निष्कर्षों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जब तक कि निष्कर्ष विकृत न हों: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आज (04 अप्रैल को) अपने द्वारा सुनाए गए महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि ऐसे मामलों में जहां जांच समिति ने जाति के दावे की वैधता का फैसला किया, अदालतों को तब तक हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए, जब तक कि समिति का निर्णय किसी विकृति से ग्रस्त न हो।अदालत ने आगे कहा,“यह अच्छी तरह से स्थापित है कि हाईकोर्ट के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट को भी अपीलीय निकाय की तरह तथ्यात्मक मुद्दों की गहन जांच से खुद को दूर रखना चाहिए, जब तक कि संबंधित प्राधिकारी द्वारा किए गए निष्कर्ष प्रत्यक्ष तौर पर विकृत न हों या...

Breaking: सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो मामले में 11 आरोपियों की सजा माफी का आदेश रद्द किया
Breaking: सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो मामले में 11 आरोपियों की सजा माफी का आदेश रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने बहुप्रतीक्षित फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (8 जनवरी) को गुजरात में 2002 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान बिलकिस बानो सहित कई हत्याओं और सामूहिक बलात्कार के लिए आजीवन कारावास की सजा पाए 11 दोषियों की सजा में छूट रद्द कर दी। इन दोषियों को अगस्त 2022 में स्वतंत्रता दिवस पर रिहा कर दिया गया, जिससे व्यापक विवाद खड़ा हो गया और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष संवैधानिक चुनौतियां पैदा हुईं।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने अगस्त में शुरू हुई 11 दिनों की लंबी सुनवाई के...

Supreme Court Tractor Rally Of Farmers
"आप कानून के तहत सभी शक्तियों का आह्वान करने के लिए स्वतंत्र हैं" : सुप्रीम कोर्ट ने ट्रैक्टर रैली पर रोक लगाने की अर्जी पर केंद्र को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली पुलिस से कहा कि यह तय करके लिए वही 'पहला प्राधिकरण है कि प्रदर्शनकारी किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश दिया जा सकता है या नहीं। दिल्ली पुलिस द्वारा गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन करने के लिए प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के खिलाफ निषेधाज्ञा की मांग के लिए दायर एक आवेदन पर सुनवाई करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा ये अवलोकन किया गया।दिल्ली में प्रवेश का सवाल कानून और व्यवस्था की स्थिति है जिसे पुलिस...

त्योहारों से महत्वपूर्ण है जीवन की सुरक्षा: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में पटाखों की बिक्री पर रोक के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश की पुष्टि की
'त्योहारों से महत्वपूर्ण है जीवन की सुरक्षा': सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में पटाखों की बिक्री पर रोक के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश की पुष्टि की

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में दिवाली, छठ पूजा, काली पूजा, आदि त्योहारों पर पटाखों बेचने और फोड़ने पर प्रतिबंध संबंध‌ित कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश की पुष्टि की। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और इंदिरा बनर्जी की अवकाश पीठ ने 5 नवंबर को पारित हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति अवकाश याचिका को खारिज कर दिया।सोमवार को हुई संक्षिप्त सुनवाई में, जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि त्योहार मनाने से ज्यादा महत्वपूर्ण COVID-19 से जिंदगी बचाना है। उन्होंने याचिकाकर्ता गौतम रॉय के वकील सीनियर एडवोकेट...

वयस्क अविवाहित बेटी, यदि किसी शारीरिक या मानसिक असमानता से पीड़ित नहीं है, तो धारा 125 सीआरपीसी के तहत पिता से भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती : सुप्रीम कोर्ट
वयस्क अविवाहित बेटी, यदि किसी शारीरिक या मानसिक असमानता से पीड़ित नहीं है, तो धारा 125 सीआरपीसी के तहत पिता से भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि वयस्क हो चुकी अव‌िवाहित बेटी, यदि वह किसी शारीरिक या मानसिक असामान्यता/चोट से पीड़ित नहीं है तो धारा 125 सीआरपीसी की कार्यवाही के तहत, अपने पिता से भरण-पोषण का दावा करने की हकदार नहीं है।तीन जजों की बेंच, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस अशोक भूषण ने की, ने कहा कि हिंदू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 20 (3) पर भरोसा करें तो एक अविवाहित हिंदू बेटी अपने पिता से भरण-पोषण का दावा कर सकती है, बशर्ते कि वह यह साबित करे कि वह अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ है, जिस अधिकार के...

सुप्रीम कोर्ट COVID-19 महामारी के बीच रजिस्ट्री अधिकारियों, वकीलों और वादियों के लिए मेंटल अवेयरनेस वर्कशॉप आयोजित करेगा
सुप्रीम कोर्ट COVID-19 महामारी के बीच रजिस्ट्री अधिकारियों, वकीलों और वादियों के लिए 'मेंटल अवेयरनेस' वर्कशॉप आयोजित करेगा

सर्वोच्च न्यायालय ने एक प्रेस नोट जारी किया है जिसमें संकेत दिया गया है कि कोरोना महामारी के बीच एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अधिकारियों, रजिस्ट्री अधिकारियों और वकीलों का समग्र कल्याण सुनिश्चित करने और उनमें अपने काम के प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ उन्हें काम के दौरान होने वाले तनाव, भय और चिंताओं से निपटने में सक्षण बनाया जा सके। सुप्रीम कोर्ट के जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया है,"... एक संवादात्मक कार्यशाला 'MIND MATTERS' का आयोजन निदेशक, मानव...

 हम रेखा कहां खींचे : सुप्रीम कोर्ट ने कट-ऑफ तारीख के बाद 14 साल की सेवा पूरी करने वाली सेना की महिला अफसरों को स्थायी कमीशन के विस्तार की याचिका खारिज की
" हम रेखा कहां खींचे" : सुप्रीम कोर्ट ने कट-ऑफ तारीख के बाद 14 साल की सेवा पूरी करने वाली सेना की महिला अफसरों को स्थायी कमीशन के विस्तार की याचिका खारिज की

 सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 17 फरवरी को दिए फैसले में लागू की गई कट-ऑफ की तारीख के बाद 14 साल की सेवा पूरी करने वाली महिला अधिकारियों की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि सेना में महिलाओं को उनकी सेवा की परवाह किए बिना सभी दस धाराओं में स्थायी कमीशन दिया जाना चाहिए। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा ​​की पीठ ने कहा कि स्थायी कमीशन का लाभ उठाने के लिए पात्रता हासिल करने के लिए मार्च 2020 में 14 साल पूरा कर चुकी अधिकारियों के एक बैच के लिए राहत...

जुड़वा बच्चों के साथ गर्भवती महिला की एक भ्रूण का गर्भपात करने की याचिका : सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड में भ्रूण विशेषज्ञ शामिल कर रिपोर्ट देने को कहा
जुड़वा बच्चों के साथ गर्भवती महिला की एक भ्रूण का गर्भपात करने की याचिका : सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड में भ्रूण विशेषज्ञ शामिल कर रिपोर्ट देने को कहा

जुड़वा बच्चों के साथ गर्भवती होने वाली महिला को कुछ राहत देते हुए एक भ्रूण को समाप्त‌ करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सर जेजे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के डीन द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड में एक अतिरिक्त सदस्य जोड़ने का निर्देश दिया है, जो अच्छी तरह से योग्य और सक्षम भ्रूण विशेषज्ञ हो और रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है कि क्या एक भ्रूण का गर्भपात दूसरे भ्रूण के जीवन और मां के जीवन को प्रभावित करेगा। न्यायमूर्ति आर बानुमति, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा ​​और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने 33...

National Uniform Public Holiday Policy
दुर्घटना मुआवजाः सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कर्मचारी की आय का निर्धारण, भत्तों की कटौती के बिना, उसकी एन्टाइटल्मन्ट से हो

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 2010 मंगलौर एयर क्रैश से संबंधित एक व्यक्तिगत मामले में 7,64,29,437 का मुआवजा दिया। त्रिवेणी कोडकनी बनाम एयर इंडिया लिमिटेड व अन्य के फैसले में राष्ट्रीय बीमा कंपनी लिमिटेड बनाम प्रणय सेठी में निर्धारित मुआवजे की गणना से संबंधित सिद्धांतों की चर्चा की गई और लागू किया गया। मामले के तथ्य जीटीएल ओवरसीज के मध्य पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक के रूप में कार्यरत एक प्रवासी की 22 मई, 2010 को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। एयर इंडिया एक्सप्रेस की वह उड़ान दुबई...

सुप्रीम कोर्ट ने J&K में 4G बहाली का आदेश देने से इनकार किया, विशेष समिति का गठन कर याचिकाकर्ताओं के उठाए मुद्दों की जांच करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने J&K में 4G बहाली का आदेश देने से इनकार किया, विशेष समिति का गठन कर याचिकाकर्ताओं के उठाए मुद्दों की जांच करने को कहा

जम्मू और कश्मीर में 4 जी स्पीड इंटरनेट सेवाओं की बहाली के लिए किसी भी सकारात्मक दिशा-निर्देश को पारित करने से परहेज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच के लिए एक "विशेष समिति" का गठन करे। ये समिति केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में होनी चाहिए पीठ ने आदेश के भाग को निम्नानुसार पढ़ा: "इस अदालत को राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों के बीच संतुलन को सुनिश्चित करना है। हम यह स्वीकार करते हैं कि UT संकट में...

कांग्रेस नेता जयराम रमेश की सभी के लिए भोजन सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार
कांग्रेस नेता जयराम रमेश की सभी के लिए भोजन सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को COVID-19 महामारी के दौरान सभी के लिए खाद्य सुरक्षा के सार्वभौमिक कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश देने की मांग करने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारियों के समक्ष इस मुद्दे को उठाया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता ने अदालत से निर्देश देने की मांग की थी कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीए) में राशन की आपूर्ति के लिए राशन कार्ड की आवश्यकता को COVID -19 के मद्देनजर कुछ अवधि तक विराम दिया जाए ताकि भोजन की...

लॉकडाउन उल्लंघन के लिए IPC 188 के तहत दर्ज FIR रद्द करने की UP के पूर्व DGP की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की 
लॉकडाउन उल्लंघन के लिए IPC 188 के तहत दर्ज FIR रद्द करने की UP के पूर्व DGP की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की 

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ विक्रम सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें लॉकडाउन दिशानिर्देशों के कथित उल्लंघन के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट के पंजीकरण को अवैध बताते हुए रद्द करने की मांग की गई थी। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने कहा कि उन्हें हैरानी है कि सुप्रीम कोर्ट में कैसी- कैसी याचिकाएं दाखिल की जा रही हैं। पीठ ने कहा कि अगर FIR दर्ज नहीं की जाएंगी तो लॉकडाउन का...

COVID-19 :  मकान मालिकों द्वारा छात्र / श्रमिक वर्ग के किरायेदारों से किराया मांगने से रोकने की MHA की एडवाइजरी लागू करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की 
COVID-19 :  मकान मालिकों द्वारा छात्र / श्रमिक वर्ग के किरायेदारों से किराया मांगने से रोकने की MHA की एडवाइजरी लागू करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की 

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को COVID ​​-19 लॉकडाउन के दौरान मकान मालिकों को परिसर खाली करने और एक महीने के लिए किराया मांगने से रोकने के लिए गृह मंत्रालय के आदेश को लागू करने के लिए केंद्र को निर्देश देने से इनकार कर दिया।जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एस के कौल और जस्टिस बी आर गवई की पीठ ने यह कहते हुए वकील-याचिकाकर्ताओं पवन प्रकाश पाठक और ए के पाण्डेय की याचिका को खारिज कर दिया कि शीर्ष अदालत सरकार के आदेशों को लागू नहीं कर सकती है।जस्टिस कौल ने कहा, "ये मुश्किल समय हैं और सामान्यीकृत...

ग्रेच्युटी कानून की धारा 4 (5) तभी लागू होती है, जब कर्मचारी पास कानून और अनुबंध के तहत विकल्प हों: सुप्रीम कोर्ट
ग्रेच्युटी कानून की धारा 4 (5) तभी लागू होती है, जब कर्मचारी पास कानून और अनुबंध के तहत विकल्प हों: सुप्रीम कोर्ट

ग्रेच्युटी कानून के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय निर्णय देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 की धारा 4 (5) तभी लागू होगी, जब कानून के तहत कर्मचारी के लिए विकल्प हो और अनुबंध की शर्तों के तहत कर्मचारी के साथ हो। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी किसी भी पैकेज को पूरा ले और दोनों विकल्पों के तहत शर्तों का 'समुच्‍चय' नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पाण‌ियां बीसीएच इलेक्ट्रिक लिमिटेड बनाम प्रदीप मेहरा के मामले में की है, जस्टिस यूयू ललित और संजीव खन्ना की खंडपीठ ने क्‍लेम...

National Uniform Public Holiday Policy
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‌जिन माता-पिता के पास मुलाकात का हक, लॉकडाउन की अवधि में प्रत्यक्ष मुलाकात के बजाय वीडियो कॉल से करें बच्‍चों से मुलाकात

राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण तलाक के मामलों में माता या पिता की मुलाकात अपने बच्चों से नहीं हो पा रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में इलेक्ट्रॉनिक साधनों का सहारा लिया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुलाक़ात का अधिकार पा चुके सभी माता-पिता लॉकडाउन की अवधि में प्रत्यक्ष मुलाकातों के बजाय वीडियो कॉल आदि का प्रयोग अप्रत्यक्ष मुलाकातों का लाभ उठा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ तनुज धवन की...

(यौन शोषण) समय पर जांच से इनकार करना पीड़‌ित के मौलिक अधिकारों का उल्‍लंघन, सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार को पूर्व रॉ कर्मचारी को मुआवजा देने को कहा
(यौन शोषण) समय पर जांच से इनकार करना पीड़‌ित के मौलिक अधिकारों का उल्‍लंघन, सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार को पूर्व रॉ कर्मचारी को मुआवजा देने को कहा

रॉ की एक पूर्व कर्मचारी की यौन उत्पीड़न की शिकायत को 'उचित तरीके से हैंडल' नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्त‌ि जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकारों का हनन होने के कारण एक लाख रुपए का 'संवैधानिक मुआवजा' देने का निर्देश दिया है। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को यौन उत्पीड़न की श‌िकायत के बाद "असंवेदनशील और अनिच्छुक परिस्थितियों" का सामना करना पड़ा। संगठन ने विसाखा और अन्य बनाम राजस्थान राज्य और अन्य में निर्धारित...

National Uniform Public Holiday Policy
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की दिल्ली हाईकोर्ट के पदोन्नति मानदंडों के खिलाफ दायर याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उन प्रस्तावों और नियमों की संवैधानिक वैधता को दी गई चुनौती को खारिज कर दिया, जिनके तहत न्यायिक अधिकारी को जिला और सत्र न्यायाधीश के पद पर नियुक्त किए जाने के मानदंडों को रेखांकित किया गया था। जस्टिस एएम खानविलकर और दिनेश माहेश्वरी की खंडपीठ ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजाता कोहली की याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में कहा गया था कि पदोन्नति के लिए उन पर न्यायपूर्ण और उचित तरीके से विचार नहीं किया गया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि...