SC के ताज़ा फैसले
S. 38 BNSS | आरोपी का वकील पुलिस पूछताछ के दौरान हर समय मौजूद नहीं रह सकता: सुप्रीम कोर्ट
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 38 के दायरे को स्पष्ट करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (27 जुलाई) को कहा कि यह प्रावधान गिरफ्तार व्यक्ति को पूछताछ के दौरान अपनी पसंद के वकील से मिलने का अधिकार तो देता है, लेकिन पूछताछ के पूरे समय वकील की लगातार शारीरिक मौजूदगी की बात नहीं करता है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा,"इस प्रावधान को पढ़ने से साफ पता चलता है कि इसके तहत मिलने वाला अधिकार पूछताछ के दौरान अपनी पसंद के वकील से मिलने का अधिकार है। इसका मतलब किसी भी...
MHADA री-डेवलप की जा रही बिल्डिंग में रहने वालों के पुनर्वास के लिए डेवलपर के वादे को लागू करवा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) के पास यह अधिकार है कि वह री-डेवलपमेंट के दौर से गुज़र रही 'सेस्ड' बिल्डिंग (जिन पर सेस या टैक्स लगता है) में रहने वालों को स्थायी वैकल्पिक आवास देने की डेवलपर की ज़िम्मेदारी को लागू करवाए। कोर्ट ने मुंबई के एक डेवलपर को निर्देश दिया कि वह 'स्थायी वैकल्पिक आवास समझौता' (PAAA) करे और दो महीने के भीतर एक निवासी के कानूनी उत्तराधिकारियों को तीन फ्लैटों का कब्ज़ा सौंपे।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की...
पार्टियों के बीच हुए और लागू हो चुके समझौते को बदलने के लिए आर्टिकल 142 का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 142 के तहत अपनी खास शक्तियों (Inherent Jurisdiction) का इस्तेमाल पार्टियों के बीच आपसी सहमति से हुए समझौतों की शर्तों को बदलने या उनमें संशोधन करने के लिए नहीं किया जा सकता।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने एक पत्नी की याचिका खारिज की। पत्नी ने अपने और अपने पति के बीच हुए तलाक के समझौते को फिर से तय करने के लिए संविधान के आर्टिकल 142 का इस्तेमाल करने की मांग की। कोर्ट ने अपील करने वाली पत्नी की उस मांग को मानने से इनकार किया,...
NDPS Act की धारा 50 सिर्फ़ व्यक्ति की तलाशी पर लागू होती है, न कि तब जब आरोपी के पास मौजूद सामान से कोई चीज़ बरामद हो: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (21 जुलाई) को कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (NDPS Act) की धारा 50 के तहत मिलने वाली सुरक्षा - यानी किसी गजेटेड ऑफिसर या मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी - सिर्फ़ आरोपी की व्यक्तिगत तलाशी के दौरान ही मिलेगी। यह सुरक्षा तब लागू नहीं होती जब आरोपी के पास कोई बैग, कंटेनर या कोई अन्य चीज़ हो।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने एक व्यक्ति की सज़ा बरकरार रखते हुए कहा,"धारा 50 के तहत सुरक्षा उन मामलों तक ही सीमित है, जहां...
न्यायिक नियुक्तियों के लिए वाइवा-वोस में न्यूनतम कट-ऑफ तय करना उचित: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में न्यायिक पद के उम्मीदवार की सिविल अपील खारिज की। उम्मीदवार ने राजस्थान न्यायिक सेवा नियम, 2010 के नियम 41 के एक प्रावधान को चुनौती दी थी, जबकि उसने बिना किसी आपत्ति के पूरी प्रक्रिया में भाग लिया था। इस प्रावधान में एडवोकेट कोटे से एडिशनल जिला जजों की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू में कम-से-कम 25% अंक लाना ज़रूरी था, जिसे बाद में 2017 में राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से हटा दिया था।कोर्ट ने उच्च न्यायिक सेवा में नियुक्तियों के लिए वाइवा-वोस (मौखिक परीक्षा) में न्यूनतम योग्यता...
टाउन पंचायत के नॉमिनेटेड सदस्य लेजिस्लेटिव काउंसिल चुनाव में वोट नहीं डाल सकते: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टाउन पंचायतों के नॉमिनेटेड सदस्य कर्नाटक लेजिस्लेटिव काउंसिल के लिए लोकल अथॉरिटीज़ निर्वाचन क्षेत्रों से होने वाले चुनावों में वोट नहीं डाल सकते। कोर्ट ने कहा कि वोटर लिस्ट में उन्हें शामिल करना संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती देने वाली कई अपीलों को खारिज किया। हाईकोर्ट ने कहा था कि नॉमिनेटेड सदस्य चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकते...
SIR | वोटर लिस्ट से नाम हटने का मतलब नागरिकता जाना नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फिर से कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रोसेस के बाद वोटर लिस्ट से नाम हटने का मतलब अपने आप नागरिकता का दर्जा खोना नहीं है।कोर्ट ने बताया कि उसने बिहार SIR फैसले में यह साफ कर दिया था कि नागरिकता तय करने का आखिरी अधिकार भारत के चुनाव आयोग (ECI) के पास नहीं है, और वोटर लिस्ट से नाम हटने से ही किसी की नागरिकता नहीं छीनी जा सकती।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच प्रसेनजीत बोस की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस...
अपीलीय अदालतों को स्वतंत्र कारण बताने होंगे, वे सिर्फ़ ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले को गलत बताकर उसे पलट नहीं सकतीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहली अपीलीय अदालत, सबूतों का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन किए बिना और अपने कारण दर्ज किए बिना, केवल ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले को गलत बताकर उसे पलट नहीं सकती। तथ्यों से जुड़े निष्कर्षों को बदलते समय अपीलीय अदालतों की ज़िम्मेदारी पर ज़ोर देते हुए कोर्ट ने कहा कि उन्हें निचली अदालतों के प्रति "दोस्त, दार्शनिक और मार्गदर्शक" की तरह काम करना चाहिए, न कि केवल गलतियाँ बताने वाला वरिष्ठ अधिकारी जैसा रवैया अपनाना चाहिए।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने केरल हाईकोर्ट...
Land Acquisition Act | जो ज़मीन मालिक सुनवाई का मौका नहीं ले पाए, वे बाद में सुनवाई न मिलने का आरोप नहीं लगा सकते: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 जुलाई) को जयपुर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन अधिग्रहण की कार्यवाही को चुनौती देने वाली ज़मीन मालिकों की अपील खारिज की। कोर्ट ने कहा कि ज़मीन मालिकों ने ज़मीन अधिग्रहण अधिकारी (LAO) के सामने पेश न होकर और उसके बाद चुप रहकर ज़मीन अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा 5A के तहत सुनवाई का अपना अधिकार छोड़ दिया था।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कहा,"9 अप्रैल, 2012 को अपीलकर्ताओं (ज़मीन मालिकों) की अनुपस्थिति और उसके बाद उनकी चुप्पी से LAO को यह...
Arbitration | आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल द्वारा धारा 16 के तहत आवेदन खारिज करने को चुनौती देने के लिए अनुच्छेद 227 का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (14 जुलाई) को कहा कि हाईकोर्ट के लिए अपने सुपरवाइजरी अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के उस फैसले में दखल देना सही नहीं है, जिसमें ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देने वाले आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन एक्ट की धारा 16 के तहत आवेदन को खारिज कर दिया गया।जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा,"...हमारा मानना है कि संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत चुनौती पर विचार करना और आर्बिट्रेशन की कार्यवाही पर रोक लगाना हाईकोर्ट के लिए...
एविडेंस एक्ट की धारा 68- रजिस्टर्ड सेल डीड के लिए गवाहों के सर्टिफिकेशन (अटेस्टेशन) के सबूत की ज़रूरत नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (14 जुलाई) को फैसला सुनाया कि इंडियन एविडेंस एक्ट, 1872 की धारा 68 का प्रोविज़ो (शर्त) रजिस्टर्ड सेल डीड पर लागू नहीं होता है, क्योंकि कानून के तहत सेल डीड के लिए गवाहों से सर्टिफिकेशन ज़रूरी नहीं है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने केरल हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द करते हुए यह बात कही, जिसमें सेल डीड ट्रांज़ैक्शन पर धारा 68 के प्रोविज़ो को गलत तरीके से लागू किया गया।बेंच ने कहा, "धारा 68 का प्रोविज़ो कहता है कि किसी भी डॉक्यूमेंट (वसीयत को...
Hindu Succession Act | धारा 22 के तहत क्लास-I उत्तराधिकारियों का प्राथमिकता वाला अधिकार कृषि भूमि पर भी लागू होती है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (14 जुलाई) को फैसला सुनाया कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 22, जो क्लास-I उत्तराधिकारियों को किसी अन्य सह-उत्तराधिकारी द्वारा ट्रांसफर की जाने वाली संपत्ति को खरीदने का प्राथमिकता वाला अधिकार देता है, कृषि भूमि पर भी समान रूप से लागू होती है।हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 22 के कृषि भूमि पर लागू होने को चुनौती देने वाली अपील खारिज करते हुए जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा।...
MMDR Act | लीज़ डीड में रॉयल्टी में बदलाव के बारे में कुछ न कहे जाने के बावजूद सरकार रॉयल्टी की दर बदल सकती है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 जुलाई) को कहा कि माइनिंग लीज़ डीड में खनिजों की माइनिंग पर रॉयल्टी में बदलाव के बारे में कुछ न कहे जाने का मतलब यह नहीं है कि सरकार 'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957' के तहत समय-समय पर रॉयल्टी की दर बदलने की अपनी शक्ति खो देगी।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा,"माइनिंग लीज़ एक कानूनी ग्रांट है, जबकि रॉयल्टी कानूनी लेवी (शुल्क) है। समय-समय पर रॉयल्टी में बदलाव करने की शक्ति MMDR Act की धारा 15 और उसके तहत बने नियमों...
2016 से पहले जारी DRT रिकवरी सर्टिफिकेट के आधार पर 'प्रेसिडेंसी टाउन्स इनसॉल्वेंसी एक्ट' के तहत दिवालियापन का नोटिस नहीं दिया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 जुलाई) को कहा कि 'रिकवरी ऑफ़ डेट्स एंड बैंकरप्सी एक्ट' (RDB Act) में 2016 के संशोधन से पहले 'डेट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल' (DRT) द्वारा जारी रिकवरी सर्टिफिकेट को 'प्रेसिडेंसी टाउन्स इनसॉल्वेंसी एक्ट, 1909' की धारा 9(2) के तहत दिवालियापन की कार्यवाही शुरू करने के लिए "डिक्री या आदेश" नहीं माना जा सकता।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने HDFC बैंक की अपील खारिज करते हुए कहा,"जिस तारीख को वादी कोर्ट पहुंचा, उस तारीख को जो दावा मान्य नहीं, वह केवल इसलिए...
प्रमोशन के लिए उपयुक्तता तय करने का काम डोमेन एक्सपर्ट्स पर छोड़ देना चाहिए, कोर्ट नई प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फिर से कहा कि जब कानून में किसी उम्मीदवार के प्रमोशन के लिए उपयुक्तता तय करने का खास तरीका बताया गया हो तो कोर्ट के लिए अपनी राय से कोई अलग तरीका अपनाना या कानून में ऐसे शब्द जोड़ना सही नहीं है जो उसमें पहले से नहीं हैं।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने कर्नाटक हाईकोर्ट और सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) के फैसलों को रद्द किया। इन फैसलों में रेस्पोंडेंट-साइंटिस्ट को सीनियर साइंटिस्ट के पद पर प्रमोट किया गया था, जबकि इसके लिए जो तरीका अपनाया गया, वह CSIR...
BREAKING| तमिलनाडु में जारी रहेगी गो-हत्या: सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें बकरीद या किसी भी अन्य दिन तमिलनाडु राज्य में कहीं भी गाय या बछड़े की हत्या पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने तमिलनाडु राज्य द्वारा दायर स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) पर नोटिस जारी करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया। राज्य ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें राज्य में गायों और बछड़ों की हत्या पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई।बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का आखिरी पैराग्राफ...
ओरांव जनजाति की परंपरा के तहत चाचा-ससुर अपनी भतीजी के पति को 'घर-दामाद' के तौर पर नहीं अपना सकते: सुप्रीम कोर्ट
ओरांव आदिवासी समुदाय में विरासत से जुड़ी पारंपरिक प्रथाओं के मामले में अहम घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (9 जुलाई) को कहा कि मान्यता प्राप्त पारंपरिक कानून के तहत कोई चाचा-ससुर अपनी भतीजी के पति को 'घर-दामाद' (घर में रहने वाला दामाद) के तौर पर शामिल नहीं कर सकता।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा,"प्रचलित पारंपरिक कानून में ऐसी कोई बात साबित नहीं हुई है कि कोई चाचा-ससुर अपनी भतीजी के पति को अपना घर-दामाद बना सके।" बेंच ने ट्रायल कोर्ट, पहली अपीलीय अदालत...
नगर निकाय चुनावों पर 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' लागू नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' (RPA) के तहत सज़ा वाले प्रावधान नगर निकाय चुनावों पर लागू नहीं होते। कोर्ट ने साफ़ किया कि अगर स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवार झूठा हलफ़नामा (affidavit) दाखिल करने के आरोपी हैं, तो उन पर 'भारतीय दंड संहिता' (IPC) के तहत मुक़दमा चलाया जा सकता है, बशर्ते संबंधित नगर निकाय क़ानून में सज़ा का कोई प्रावधान न हो।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने चंद्रिकाबेन किशोर डाफडा की अपील पर फ़ैसला सुनाते हुए यह बात कही।...
S. 187(3) BNSS | आरोपी को चार्जशीट न देना डिफ़ॉल्ट ज़मानत का आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (1 जुलाई) को कहा कि आरोपी को चार्जशीट की कॉपी न देना, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 187(3) के तहत डिफ़ॉल्ट ज़मानत का आधार नहीं हो सकता।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को सही ठहराया, जिसमें आरोपी की डिफ़ॉल्ट ज़मानत की अर्ज़ी को इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि उसे चार्जशीट की कॉपी नहीं दी गई।अपील करने वाले आरोपी को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा दर्ज मामले में गिरफ़्तार किया गया।...
पता बदलने की जानकारी न देने वाला कर्मचारी 'शो-कॉज़ नोटिस' न मिलने का तर्क नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने लेबर कोर्ट का वह आदेश रद्द किया, जिसमें एक कर्मचारी को बकाया वेतन के साथ नौकरी पर वापस रखने (Reinstatement) को कहा गया था। कोर्ट ने कहा कि जो कर्मचारी बिना इजाज़त के अनुपस्थित रहा और ड्यूटी पर वापस लौटने से रोके जाने के अपने दावों को साबित नहीं कर पाया, वह बिना पुष्टि वाले बयानों के आधार पर राहत नहीं मांग सकता।कर्मचारी का तर्क था कि नोटिस उसे कभी नहीं मिला क्योंकि इसे गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश में उसके रहने की जगह के बजाय बिहार में उसके स्थायी पते पर भेजा गया। उसने दावा किया...



















