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मानसिक रूप से अस्वस्थ आरोपी के दोबारा न्यायालय में लाए जाने की प्रक्रिया: धारा 371, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
भारत की न्याय प्रणाली मानसिक रूप से अस्वस्थ (Unsound Mind) व्यक्तियों के लिए विशेष प्रावधान देती है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 - BNSS) की धारा 367, 368 और 369 मानसिक रूप से अस्वस्थ आरोपियों के लिए न्यायिक प्रक्रिया को स्पष्ट करती है।इन धाराओं के तहत यह तय किया जाता है कि आरोपी मानसिक रूप से स्वस्थ है या नहीं, मुकदमे को स्थगित (Postpone) किया जाता है, ज़मानत (Bail) दी जाती है, और इलाज की व्यवस्था की जाती है। धारा 371 इस पूरी प्रक्रिया का एक...
संपत्ति के विक्रय और पुनर्विक्रय की विभिन्न स्थितियों में लगने वाले स्टांप शुल्क की प्रक्रिया : भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 31
भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (Indian Stamp Act, 1899) भारत में कानूनी दस्तावेजों (Legal Documents) पर स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) लगाने से संबंधित एक महत्वपूर्ण कानून है।इस अधिनियम की धारा 31 (Section 31) उन व्यक्तियों को अधिकार देती है जो यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई दस्तावेज सही ढंग से स्टाम्प किया गया है या नहीं। यह प्रावधान किसी दस्तावेज़ को उपयोग में लाने से पहले उचित स्टाम्प शुल्क की जांच करने का एक तरीका प्रदान करता है ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी विवाद (Legal Dispute) या दंड...
सुप्रीम कोर्ट ने बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन के खिलाफ उम्र में गड़बड़ी के मामले में दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन की विशेष अनुमति याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें उन्होंने कम उम्र के बैडमिंटन टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए जन्म प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा करने के आरोप की जांच रद्द करने की उनकी याचिका खारिज करने के कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है।जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने नोटिस जारी किया और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी। नागराज एमजी द्वारा की गई निजी...
'फर्जी' मुठभेड़ों की जांच पर जनहित याचिका | जांच से अधिकारियों का मनोबल गिरेगा – असम पुलिस, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने असम में बड़े पैमाने पर "फर्जी" मुठभेड़ों के साथ-साथ पीयूसीएल बनाम महाराष्ट्र राज्य (पुलिस मुठभेड़ों की जांच से संबंधित) में जारी निर्देशों का राज्य के अधिकारियों द्वारा अनुपालन न करने का आरोप लगाने वाली याचिका पर आज आदेश सुरक्षित रखा।जस्टिस कांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। संक्षेप में कहें तो सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी, जिसके तहत याचिकाकर्ता की जनहित याचिका को खारिज कर दिया गया, क्योंकि हाईकोर्ट...
बेदखली की प्रक्रिया, शर्तें और किरायेदार का पुनर्स्थापन का अधिकार : हिमाचल प्रदेश किराया नियंत्रण अधिनियम की धारा 14 अंतिम भाग
यह लेख हिमाचल प्रदेश किराया नियंत्रण अधिनियम (Himachal Pradesh Rent Control Act) की धारा 14 के चौथे और अंतिम भाग पर आधारित है। पिछले भागों में हमने उन विभिन्न आधारों (Grounds) को समझाया, जिनके तहत मकान मालिक (Landlord) किरायेदार (Tenant) को बेदखल (Evict) कर सकता है।पहले भाग में किराया न चुकाने, बिना अनुमति के सबलेटिंग (Subletting) करने और संपत्ति के दुरुपयोग (Misuse) जैसे सामान्य कारणों को बताया गया। दूसरे भाग में मकान मालिक द्वारा अपने या अपने परिवार की व्यक्तिगत जरूरतों (Personal Needs) के लिए...
क्या संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है यदि धारा 432 और 433 के पात्र कैदियों को समय पर रिहा नहीं किया जाता?
क्या संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है यदि धारा 432 और 433 के पात्र कैदियों को समय पर रिहा नहीं किया जाता? सुप्रीम कोर्ट ने रशीदुल जाफर @ छोटा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य (2022) मामले में यह स्पष्ट किया कि जिन कैदियों को रिहाई (Remission) का पात्र (Eligible) माना जाता है, उनकी रिहाई के लिए आवेदन (Application) देने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।इस फैसले ने संविधान के समानता (Equality) और स्वतंत्रता (Liberty) के अधिकार को मजबूत किया है, ताकि कैदियों को उनकी रिहाई से अनुचित रूप से वंचित...
Senior Designation System | सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा जयसिंह के फैसलों पर पुनर्विचार के मुद्दे पर सभी हाईकोर्ट को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट 19 मार्च को इंदिरा जयसिंह के 2017 और 2023 के फैसलों पर पुनर्विचार के मुद्दे पर सुनवाई करेगा, जो वकील को सीनियर ए़डवोकेट का दर्जा देने की प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं।जस्टिस अभय ओक, जस्टिस उज्जल भुयान और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने मामले पर विचार करते हुए सभी हाईकोर्ट और अन्य हितधारकों को नोटिस जारी किया, जिसमें पिछले सप्ताह दो जजों वाली पीठ (जितेंद्र @ कल्ला बनाम राज्य (सरकार) एनसीटी ऑफ दिल्ली और अन्य) ने इंदिरा जयसिंह मामलों में दो निर्णयों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के बारे...
Sec.219 CrPC: समेकित डिमांड नोटिस देने पर अनादरित चेक मामलों में शुल्क लागू नहीं – जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा कि यदि समेकित लीगल नोटिस जारी किया गया हो और कार्रवाई का कारण एक ही लेनदेन से उत्पन्न होता है तो कई अनादरित चेकों के लिए एक ही शिकायत सुनवाई योग्य है।अदालत ने माना कि मांग की सूचना की सेवा की तारीख से पंद्रह दिनों की समाप्ति पर याचिकाकर्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए प्रतिवादी के पक्ष में सभी चार चेकों के लिए कार्रवाई का एक ही कारण उत्पन्न हुआ। अदालत ने कहा कि चेक जारी करने के समय या उसके अनादर पर कार्रवाई का कारण उत्पन्न नहीं होता है। अदालत ने कहा कि कार्रवाई...
पुलिस बल चुनाव ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण हत्या के आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले जा सकी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UP Govt की इस बात पर आलोचना की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार द्वारा हत्या के आरोपी (अंडरट्रायल कैदी) को इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले जाने पर कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों के कारण पुलिस बल उपलब्ध नहीं है।अप्रैल 2024 में एडिशनल सेशन जज ने देवरिया जिला जेल के जेल अधीक्षक को आरोपी आवेदक (कयामुद्दीन) को इलाज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। हालांकि, जेल अधीक्षक ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण उपलब्ध बल की कमी का हवाला देते हुए इलाज उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यक बल...
महाराष्ट्र, हरियाणा की मतदाता सूची के लिए Congress नेता की याचिका पर तीन महीने के भीतर फैसला होगा: ECI ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस (Congress) सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा दायर याचिका का निपटारा किया, जिसमें उन्होंने 2009 से 2024 तक महाराष्ट्र और हरियाणा राज्यों में आयोजित लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए मतदाता सूची की आपूर्ति की मांग करने वाले उनके अभ्यावेदन पर निर्णय लेने के लिए भारत के चुनाव आयोग (ECI) को निर्देश देने की मांग की थी।जस्टिस ज्योति सिंह ने ECI के वकील की दलीलों को रिकॉर्ड पर लिया कि 27 दिसंबर को सुरजेवाला के अभ्यावेदन पर कानून के अनुसार और तीन महीने से अधिक समय...
बिना प्रिस्क्रिप्शन के केमिस्टों द्वारा प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री न हो, इसके लिए बेतरतीब छापेमारी करें: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने NCB और CBI को निर्देश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को निर्देश दिया है कि वे उन मेडिकल स्टोर/केमिस्ट पर अचानक छापेमारी करें जो बिना किसी योग्य चिकित्सक के वैध पर्चे के प्रतिबंधित दवाएं बेच रहे हैं। जस्टिस दीपक सिब्बल और जस्टिस हरप्रीत कौर जीवन ने कहा, "हम सीबीआई/एनसीबी को प्रभावी कदम उठाने/यादृच्छिक छापेमारी करने का निर्देश देते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी दवा, जो कानून के अनुसार, खुदरा विक्रेताओं/केमिस्टों द्वारा बिना किसी योग्य...
S.15A SC/ST Act| शिकायतकर्ता को SMS, व्हाट्सएप के जरिए जमानत की सुनवाई के बारे में बताया जा सकता है: राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस को सबूत/स्क्रीनशॉट पेश करने का निर्देश दिया
हाईकोर्ट ने कहा कि SC/ST एक्ट की धारा 15ए का अनुपालन, जिसके तहत SC/ST Act के तहत आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले शिकायतकर्ता को सूचना भेजना जरूरी है, तब भी पूरा होता है, जब ऐसी सूचना SMS व्हाट्सएप के जरिए मोबाइल पर भेजी गई हो।उन्होंने पुलिस महानिदेशक और राज्य के प्रमुख सचिव को सभी जांच अधिकारियों/सभी पुलिस स्टेशनों के स्टेशन हाउस अधिकारियों को निर्देश देने का निर्देश दिया कि SC/ST Act के तहत अपराधों के लिए दायर जमानत याचिकाओं के लिए जब भी कोर्ट सरकारी वकील को शिकायतकर्ता/पीड़ित/पीड़ित...
सांसदों को लोकसभा सत्र में भाग लेने से छूट देने के लिए समिति गठित की गई: केंद्र ने अमृतपाल की याचिका में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में बताया
केंद्र सरकार ने मंगलवार (25 फरवरी) को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को सूचित किया कि सांसदों को सदन के सत्र में भाग लेने से छूट देने के लिए समिति गठित की गई, जिसमें 14 सदस्य हैं।यह दलील राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिए गए सांसद अमृतपाल सिंह की याचिका में दी गई, जिसमें उन्होंने लोकसभा सत्र में भाग लेने की मांग की है। अमृतपाल ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि वह केंद्र, पंजाब सरकार और अन्य प्रतिवादियों को निर्देश दे कि वे उन्हें लोकसभा महासचिव द्वारा जारी समन का पालन करते हुए संसदीय...
डीमैट एकाउंट के लिए पैन-आधार लिंकेज संवैधानिक रूप से वैध, उड़ीसा हाईकोर्ट ने आधार के अनिवार्य उपयोग के खिलाफ पूर्व सांसद की याचिका खारिज की
उड़ीसा हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद तथागत सतपथी की ओर से दायर एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने डीमैट एकाउंट के संचालन के उद्देश्य से आधार को परामनेंट एकाउंट नंबर (PAN) से अनिवार्य रूप से जोड़ने की आवश्यकता को चुनौती दी थी। उपर्युक्त आवश्यकता को संवैधानिक और 'निजता के अधिकार' पर एक उचित प्रतिबंध मानते हुए डॉ जस्टिस संजीव कुमार पाणिग्रही की एकल पीठ ने कहा -“आयकर अधिनियम की धारा 139AA के तहत पैन और डीमैट खातों के साथ आधार को अनिवार्य रूप से जोड़ना पुट्टस्वामी में निर्धारित संवैधानिक...
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को गुमराह करने के लिए तथ्यों को छिपाने के लिए अनिवार्य रूप से रिटायर SBI कर्मचारी पर 25 हजार का जुर्माना लगाया
अनिवार्य रूप से रिटायर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कर्मचारी द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज करते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने न्यायालय को उसके क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र के बारे में धोखा देने के इरादे से महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने के लिए 25,000 का जुर्माना लगाया।उनकी याचिका खारिज करते हुए जस्टिस वसीम सादिक नरगल ने न केवल याचिकाकर्ता को राहत देने से इनकार किया, बल्कि कानूनी कार्यवाही में पारदर्शिता और ईमानदारी के सिद्धांतों को मजबूत करते हुए साफ-सुथरे हाथों से न्यायालय का दरवाजा खटखटाने...
'साबित करें कि कोई खतरा नहीं': सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर के पीथमपुर में भोपाल गैस त्रासदी स्थल से रासायनिक अपशिष्ट के निपटान पर मध्य प्रदेश के अधिकारियों से कहा
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के अधिकारियों से कहा कि वे सामग्री के आधार पर यह दिखाएं कि क्या पीथमपुर में भोपाल गैस त्रासदी स्थल से रासायनिक अपशिष्ट के निपटान के संबंध में वादी द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं में कोई तथ्य है। क्या अधिकारियों ने आसपास के नागरिकों के लिए खतरे की आशंकाओं को दूर करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए।कोर्ट ने कहा,जब तक उठाई गई आशंकाएं वास्तविक नहीं पाई जातीं, हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे।जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेखित किया गया, जो भोपाल गैस...
1984 Anti Sikh Riots: पूर्व Congress MP सज्जन कुमार को हत्या के मामले में मिली आजीवन कारावास की सजा
दिल्ली कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान पश्चिमी दिल्ली इलाके में रहने वाले व्यक्ति और उसके बेटे की हत्या के मामले में पूर्व Congress MP सज्जन कुमार को मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने यह आदेश पारित किया। कुमार को 12 फरवरी को इस मामले में दोषी ठहराया गया था।कुमार के खिलाफ हत्या के मामले में 2021 में आरोप तय किए गए। दंगों के संबंध में कुमार को यह दूसरी बार दोषी ठहराया गया।अदालत ने मामले में कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा...
आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम को मिली जमानत, 17 महीने बाद आए जेल से बाहर
समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान के बेट अब्दुल्ला आजम को कोर्ट से मिलने के बाद वह जेल से रिहा हो गए। अब्दुल्ला आजम ने करीब 17 महीने जेल में बिताए। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व SP MLA अब्दुल्ला आजम को जमानत दी थी, जिसके बाद उनके जेल से बाहर आने की चर्चा शुरू हो गई थी।बता दें, पूर्व MLA अब्दुल्ला आजम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। हालांकि, रामपुर कोर्ट में शत्रु संपत्ति का केस चलने के कारण उनको रिहा नहीं किया गया था। रामपुर पुलिस ने अब्दुल्ला आजम के खिलाफ 2 नई...
NDPS Act | बिना आरोप-पत्र के 60 दिनों से अधिक न्यायिक हिरासत गैरकानूनी: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि NDPS के आरोपी को बिना आरोप-पत्र दाखिल किए न्यायिक हिरासत में रखने की अवधि FSL रिपोर्ट के निष्कर्षों पर निर्भर करती है, राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने पुलिस महानिदेशक जयपुर को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि NDPS मामलों में FSL रिपोर्ट प्राथमिकता के आधार पर 60 दिनों के भीतर प्राप्त की जाए।जस्टिस अनिल कुमार उपमन NDPS आरोपी द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसे मार्च 2024 में गिरफ्तार किया गया। अभियोजन पक्ष के मामले के...
सुप्रीम कोर्ट ने टीडीपी कार्यालय और नायडू के आवास पर हमले के मामले में YSRCP नेताओं को अग्रिम जमानत दी
सुप्रीम कोर्ट ने आज (25 फरवरी) को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के विजयवाड़ा पूर्व समन्वयक देवीनेनी अविनाश को अग्रिम जमानत दे दी। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2021 में वाईएसआरसीपी शासन के दौरान मंगलगिरी में तेलुगु देशम पार्टी के केंद्रीय कार्यालय एनटीआर भवन में कथित रूप से तोड़फोड़ करने के लिए उनकी अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी। अविनाश पिछले साल सितंबर से अंतरिम संरक्षण पर हैं। याचिकाकर्ता पर भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 147, 148, 452, 427, 323, 506, 324 के साथ 149 और धारा 326, 307, 450,...




















