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घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत कार्यवाही में गवाह की चीफ एक्जाम हलफनामे के माध्यम से की जा सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम (Domestic Violence Act) के तहत कार्यवाही में गवाह की चीफ एक्जाम हलफनामे के माध्यम से की जा सकती है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि एक्ट के तहत दी गई राहतें अनिवार्य रूप से दीवानी प्रकृति की हैं। इसलिए हलफनामे के माध्यम से मुख्य परीक्षा दर्ज करने की प्रक्रिया में कोई गलती नहीं की जा सकती।न्यायालय ने कहा कि आपराधिकता अनिवार्य रूप से उन मामलों में शुरू होती है, जिनमें दी गई राहतों के उपायों का उल्लंघन होता है।न्यायालय ने महिला न्यायालय के उस आदेश को...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने रेड रोड पर हनुमान जयंती आयोजित करने की अनुमति देने से किया इनकार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 12 अप्रैल (कल) को रेड रोड पर आयोजित होने वाले हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार किया। याचिकाकर्ता ने पुलिस अधिकारियों से कोई जवाब न मिलने के बाद लगभग 3000 प्रतिभागियों के साथ कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।बाद में पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम की अनुमति दे दी, लेकिन लोगों की असुविधा को रोकने के लिए इसे अलग स्थान पर आयोजित किया गया।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि 31 मार्च को उसी स्थान पर दूसरे समुदाय को कार्यक्रम आयोजित करने की...
पुलिस अधीक्षक को तथ्यों का अधूरा खुलासा CrPC की धारा 154 का सख्त अनुपालन नहीं: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने माना कि पुलिस अधीक्षक को तथ्यात्मक जानकारी न देना या मौखिक शिकायत करने वाले व्यक्ति का विधिवत शपथ-पत्र संलग्न न करना, धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत न्यायालय के अधिकार क्षेत्र का उपयोग करने के उद्देश्य से धारा 154 सीआरपीसी का कड़ाई से अनुपालन प्रदर्शित नहीं करता है। याचिकाकर्ता ने सत्र न्यायालय द्वारा धारा 156(3) के तहत एफआईआर दर्ज करने के आदेश को इस आधार पर चुनौती दी थी कि यह आदेश धारा 154 सीआरपीसी के तहत आदेश का कड़ाई से पालन किए बिना पारित किया गया था।जस्टिस संजय...
दिल्ली कोचिंग सेंटर में मौतें: हाईकोर्ट ने कोचिंग सेंटर के मालिक को राहत दी, CBI से संबंधित आदेश बरकरार रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने राऊ के IAS कोचिंग सेंटर के मालिक को राहत दी, जहां पिछले साल जुलाई में संस्थान के बेसमेंट में बारिश का पानी भर जाने के बाद तीन सिविल सेवा उम्मीदवारों की डूबने से मौत हो गई थी।जस्टिस अमित महाजन ने ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसमें मालिक को कुछ वित्तीय दस्तावेजों की फोटोकॉपी प्राप्त करने की अनुमति दी गई, जिन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उसके कार्यालय से जब्त किया था।कोर्ट ने मृतक के पिता द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी, जिसमें ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई। इसमें...
अगर कार्यवाही दुर्भावनापूर्ण नहीं है तो आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने का औचित्य यह नहीं हो सकता कि शिकायतकर्ता के पास सिविल उपचार मौजूद हैः जेएंडके हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि जब तक शिकायत में लगाए गए आरोप अपराध का खुलासा करने में विफल हों या कार्यवाही दुर्भावनापूर्ण न पाई जाए, आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने का औचित्य यह नहीं हो सकता कि शिकायतकर्ता के पास सिविल उपचार मौजूद है।जस्टिस संजय धर ने कहा,“.. केवल यह तथ्य कि शिकायत किसी वाणिज्यिक लेनदेन या अनुबंध के उल्लंघन से संबंधित है, जिसके लिए सिविल उपाय उपलब्ध है, अपने आप में आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने का आधार नहीं है। यह केवल तभी रद्द किया जा सकता है जब...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लंबित मामलों में अंतरिम आदेशों के विरुद्ध गलत अपील दायर करने की प्रवृत्ति की निंदा की, 50 हजार का जुर्माना लगाया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लंबित मामलों में निर्दोष आदेशों के विरुद्ध गलत लेटर्स पेटेंट अपील (LPA) दायर करने को हतोत्साहित करने के लिए एक वादी पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।यह देखते हुए कि वर्तमान मामले में रिट पहले से ही लंबित है, जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मीनाक्षी आई. मेहता ने कहा,"यह ध्यान देने योग्य है कि वर्तमान अपील कानून की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है। तदनुसार इसे 50,000 रुपये के जुर्माने के साथ खारिज किया जाता है, जिसे अपीलकर्ताओं द्वारा हाईकोर्ट विधिक सेवा प्राधिकरण के...
सीमावधि पर मुद्दा न उठने पर भी वाद को समय-वर्जित मानकर खारिज किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक अदालत एक मुकदमे को समय-वर्जित के रूप में खारिज कर सकती है, भले ही सीमा के बारे में कोई विशिष्ट मुद्दा तैयार नहीं किया गया हो।यह परिसीमा अधिनियम (Limitation Act) की धारा 3 के जनादेश के कारण है, जिसके अनुसार एक न्यायालय को किसी भी मुकदमे, अपील या आवेदन को खारिज करना चाहिए जो समय-वर्जित है, भले ही प्रतिवादी ने विशेष रूप से दलीलों में इस मुद्दे को नहीं उठाया हो। कोर्ट ने कहा, "किसी मुद्दे को तैयार करने का उद्देश्य निर्णय के उद्देश्य से पार्टियों के बीच विवादों के भौतिक...
क्या मजिस्ट्रेट के CrPC की धारा 156(3) के तहत जांच का आदेश दिए जाने पर PC Act की धारा 17ए के तहत मंजूरी की आवश्यकता है? सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (PC Act) के तहत एक मामले में फैसला सुरक्षित रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कानून के कुछ सवालों की पहचान की, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या मजिस्ट्रेट द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 156(3) के तहत जांच का आदेश दिए जाने के बाद PC Act की धारा 17ए के तहत सरकार की पूर्व मंजूरी की आवश्यकता होगी।पिछली कुछ सुनवाई में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की खंडपीठ ने सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा सहित...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील को सुनाई 6 महीने की जेल की सजा, बहस के दौरान जज को 'गुंडा 'कहने का है आरोप
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ के वकील अशोक पांडे को 2021 में ओपन कोर्ट में हाईकोर्ट जजों के खिलाफ़ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और उन्हें 'गुंडा' कहने के लिए छह महीने के साधारण कारावास की सज़ा सुनाई।वकील पांडे को जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस बृज राज सिंह की खंडपीठ ने न्यायालय की आपराधिक अवमानना करने का दोषी पाया, क्योंकि पीठ ने निष्कर्ष निकाला कि पांडे के आचरण से पता चलता है कि वह न्यायिक प्रक्रिया के साथ "पूरी तरह से तिरस्कार" करते हैं और दंड से बचकर संस्था की गरिमा और अखंडता को कमज़ोर करते...
NI Act में किसी इंस्ट्रूमेंट की पार्टी का अपनी जिम्मेदारी से डिस्चार्ज होना
कुछ कंडीशन ऐसी हैं जिनमे किसी भी इंस्ट्रूमेंट के पक्षकार अपनी ज़िम्मेदारी से डिस्चार्ज हो जाते हैं फिर उन पर इंस्ट्रूमेंट की जिम्मेदारी नहीं होती है।(क) रचयिता एवं प्रतिग्रहीता-जहाँ धारक वचन पत्र के या विनिमय पत्र प्रतिग्रहीता को दायित्व से निर्मुक्त करता है, वहाँ इंस्ट्रूमेंट स्वयं में डिस्चार्ज हो जाता है, क्योंकि इंस्ट्रूमेंट में ये मुख्य ऋणी होते हैं।(ख) पृष्ठांकक/पृष्ठांककों को-जहाँ धारक किसी पृष्ठांकक या पृष्ठांककों ने नाम को निर्मुक्त करता है वहाँ ऐसे धारक के अधीन हक व्युत्पन्न करने वाले...
NI Act की धारा 82 के प्रावधान
इस एक्ट की यह धारा इंस्ट्रूमेंट की पार्टियों के डिस्चार्ज के संबंध में बात करती है। परक्राम्य लिखतों के सम्बन्ध में उन्मुक्ति दो तरह से प्रयुक्त की जाती है-इंस्ट्रूमेंट की स्वयं में उन्मुक्तिइंस्ट्रूमेंट के कुछ पक्षकारों की उन्मुक्तिजब तब परक्राम्य इंस्ट्रूमेंट अस्तित्व में एवं विधिमान्य होता है इससे कतिपय कार्यवाही के अधिकार होते हैं, परन्तु जब इन अधिकारों की समाप्ति हो जाती है तो इंस्ट्रूमेंट उन्मुक्त हो जाता है।परक्राम्य लिखतें अर्थात वचन पत्र, विनिमय पत्र एवं चेक उन्मुक्त हो जाते हैं, जब...
BREAKING | मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को 18 दिनों की NIA कस्टडी में भेजा गया
दिल्ली कोर्ट ने गुरुवार को मुंबई 26/11 आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को 18 दिनों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत में भेज दिया।राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद भारी सुरक्षा के बीच पटियाला हाउस कोर्ट में स्पेशल NIA जज चंदर जीत सिंह के समक्ष देर रात करीब 10:45 बजे पेश किया गया।NIA ने राणा के लिए 20 दिनों की हिरासत मांगी थी। यह आदेश आधी रात के बाद करीब 2:15 बजे सुनाया गया।केंद्र सरकार ने मामले की सुनवाई के लिए विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र मान को नियुक्त किया। NIA का...
'वक्फ विधेयक पर JPC ने संसदीय प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया': महुआ मोइत्रा की सुप्रीम कोर्ट में याचिका
लोकसभा में कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को इस आधार पर चुनौती दी कि कानून बनाने की प्रक्रिया के दौरान संसदीय नियमों और प्रथाओं का उल्लंघन किया गया, जिससे 2025 अधिनियम की असंवैधानिकता में योगदान मिला।अब तक दायर की गई कई याचिकाओं में से यह पहली याचिका है, जिसमें यह तर्क दिया गया कि संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष ने विधेयक पर JPC की मसौदा रिपोर्ट पर विचार और उसे अपनाने के चरण में और संसद के समक्ष उक्त रिपोर्ट पेश करने के चरण में संसदीय नियमों और प्रथाओं का...
केरल में POCSO कोर्ट ने मदरसा टीचर को सुनाई 187 साल की सजा, यह था मामला
केरल में तलिपरम्बा फास्ट-ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने मदरसा टीचर को COVID-19 महामारी लॉकडाउन के दौरान 14 वर्षीय स्टूडेंट का दो साल से अधिक समय तक यौन शोषण करने के आरोप में 187 साल जेल की सजा सुनाई।स्पेशल कोर्ट जज आर राजेश ने अलाकोडे पंचायत के उदयगिरी के मूल निवासी 41 वर्षीय मोहम्मद रफी को POCSO Act और भारतीय दंड संहिता (IPC) आईपीसी की धाराओं के तहत नाबालिग लड़की पर बार-बार हमला करने का दोषी पाया। अदालत ने दोषी पर 9.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।स्पेशल कोर्ट ने रफी को POCSO Act की धारा 5 (टी)...
S.197 CrPC | पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उनके अधिकार से परे जाकर किए गए कार्यों के लिए भी मुकदमा चलाने के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि CrPC की धारा 197 और कर्नाटक पुलिस अधिनियम की धारा 170 के तहत पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उनके अधिकार से परे जाकर किए गए कार्यों के लिए भी मुकदमा चलाने के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता है, बशर्ते कि उनके आधिकारिक कर्तव्यों के साथ उचित संबंध मौजूद हों।कर्नाटक पुलिस अधिनियम की धारा 170 पुलिस अधिकारियों सहित कुछ सार्वजनिक अधिकारियों के खिलाफ सरकारी कर्तव्य के नाम पर या उससे परे जाकर किए गए कार्यों के लिए मुकदमा चलाने या मुकदमा चलाने पर रोक लगाती है, जब तक कि सरकार...
किराए में संशोधन से जुड़ी परिस्थितियाँ – राजस्थान किराया नियंत्रण अधिनियम की धारा 22-D
राजस्थान किराया नियंत्रण अधिनियम, 2001 (Rajasthan Rent Control Act, 2001) को 2017 में हुए संशोधन (Amendment) के बाद अधिक व्यावहारिक और संतुलित बनाया गया है, ताकि मकान मालिक (Landlord) और किरायेदार (Tenant) दोनों के अधिकारों और कर्तव्यों के बीच संतुलन बना रहे। इन संशोधनों के तहत कई नयी धाराएं जोड़ी गईं, जिनमें से एक महत्वपूर्ण धारा है – धारा 22-D, जो कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में किराए के पुनर्निरीक्षण (Revision) से संबंधित है।इस धारा को पूरी तरह समझने के लिए हमें इससे पहले की कुछ धाराओं पर भी...
अगर हम जनता को भाईचारे के महत्व के बारे में शिक्षित करेंगे तो नफरत फैलाने वाले भाषण कम होंगे: जस्टिस अभय एस ओक
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय ओक ने एक वेबिनार में नफरत फैलाने वाले भाषण को रोकने में भाईचारे के संवैधानिक मूल्य के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि नागरिकों को भाईचारे के मूल्य के बारे में शिक्षित किया जाता है, तो स्वाभाविक रूप से अभद्र भाषा का प्रसार कम हो जाएगा।और सबसे महत्वपूर्ण बात, हमारे संविधान की प्रस्तावना में, भारत के नागरिकों ने खुद को स्वतंत्रता, बंधुत्व के अलावा विभिन्न स्वतंत्रताओं का आश्वासन दिया है। बंधुत्व संविधान की हमारी प्रस्तावना का एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक...
क्या Criminal Case लंबित होने पर Appellate Court Dismissal को टाल सकता है?
Eastern Coalfields Limited बनाम Rabindra Kumar Bharti [2022 LiveLaw (SC) 374] में सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि जब एक कर्मचारी के खिलाफ एक ही समय पर Departmental Inquiry (विभागीय जांच) और Criminal Trial (आपराधिक मुकदमा) चल रहा हो, तो क्या Appellate Court (अपील अदालत) उसके Dismissal (निलंबन/बर्खास्तगी) को Criminal Case की समाप्ति तक टाल सकती है।इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन प्रमुख कानूनी सिद्धांतों को दोहराया जो यह बताते हैं कि Departmental Proceedings (विभागीय कार्यवाही) और Criminal...
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 415: सजा के खिलाफ अपील का अधिकार
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bhartiya Nagarik Suraksha Sanhita - BNSS) के तहत भारत की आपराधिक न्याय व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस संहिता का अध्याय 31 (Chapter XXXI) "अपीलें" (Appeals) से संबंधित है। इसी अध्याय की धारा 415 (Section 415) में यह बताया गया है कि सजा पाए व्यक्ति को किन परिस्थितियों में और किस न्यायालय में अपील करने का अधिकार है।अपील (Appeal) कानून में एक बहुत ज़रूरी उपाय (Remedy) है, जो किसी दोषसिद्ध व्यक्ति (Convicted Person) को अदालत के फैसले के खिलाफ अपनी...
चल संपत्ति से संबंधित वादों में न्यायालय शुल्क की गणना : धारा 23 राजस्थान न्यायालय शुल्क मूल्यांकन अधिनियम
राजस्थान न्यायालय शुल्क और वाद मूल्यांकन अधिनियम के अंतर्गत धारा 23 एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो यह स्पष्ट करती है कि जब कोई वादी (Plaintiff) चल संपत्ति (Movable Property) से संबंधित वाद दायर करता है, तो उस वाद में न्यायालय शुल्क (Court Fee) किस प्रकार से निर्धारित किया जाएगा। इस धारा में दो प्रमुख प्रकार के वादों की बात की गई है – पहला, सामान्य चल संपत्ति के लिए, और दूसरा, टाइटल दस्तावेज़ (Documents of Title) के लिए।धारा 23 को समझना इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह सुनिश्चित होता...




















