ताज़ा खबरे
घातक रेल दुर्घटना के बाद मृतक के पास टिकट न होना मुआवजे के दावे को गलत नहीं ठहरा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दोहराया है कि घातक घटना के बाद मृत व्यक्ति को ट्रेन यात्रा टिकट की अनुपस्थिति, मुआवजे के दावे की वैधता को नकार नहीं सकती है।जस्टिस धर्मेश शर्मा ने कहा कि दावे की वैधता को खारिज नहीं किया जा सकता है, खासकर तब जब यात्रा से पहले टिकट खरीद के विश्वसनीय साक्ष्य मौजूद हों। अदालत ने रेलवे दावा न्यायाधिकरण, प्रधान पीठ, दिल्ली द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती देने वाले एक परिवार को राहत दी, जिसमें उनके बेटे की मौत के कारण वैधानिक मुआवजे के लिए उनके दावे को खारिज कर दिया गया था। उनका...
मुकदमा खारिज होने पर अपील में अस्थायी रोक का आदेश नहीं दिया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि निषेधाज्ञा आदेश की मांग करने के लिए एक निर्वाह वाद होना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि एक निषेधाज्ञा आदेश वाद की अस्वीकृति पर अपनी वैधता खो देता है और केवल तभी संचालन में वापस आएगा जब वाद को बहाल/पुनर्जीवित किया जाएगा।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एससी शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की, जहां प्रतिवादी ने CPC के आदेश VII नियम 11 के तहत वाद की अस्वीकृति के खिलाफ अपील के साथ, अपीलकर्ता के खिलाफ अस्थायी निषेधाज्ञा की मांग करते हुए एक आवेदन भी दायर किया था। हालांकि...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (26 मई, 2025 से 30 मई, 2025) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।अग्रिम जमानत देने पर प्रतिबंध लगाने वाला 'CrPC (UP Amendment) Act 2018' BNSS द्वारा निरस्त: इलाहाबाद हाईकोर्टइलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के अधिनियमित होने के साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता (यूपी संशोधन) अधिनियम, 2018 (CrPC (UP Amendment) Act 2018) 'निहित रूप से निरस्त'...
फाज़िल और कामिल मदरसा छात्रों को डिग्री देने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और उत्तर प्रदेश राज्य से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें लखनऊ के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय को मान्यता प्राप्त मदरसों के कामिल (ग्रेजुएट) और फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएट) छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करने, परिणाम घोषित करने और डिग्री देने की अनुमति देने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एजी मसीह और जस्टिस एएस चंदुकर की खंडपीठ ने टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया और हाजी दीवान साहेब जामा की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें...
आर्थिक अपराधों में जेल अनिवार्य नहीं, गंभीर आरोप न होने पर ज़मानत देने पर रोक नहीं: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
यह देखते हुए कि सभी आर्थिक अपराधों में जेल आदर्श नहीं होना चाहिए, खासकर जब आरोप गंभीर प्रकृति के नहीं हैं, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कर चोरी के एक मामले में राहत दी।जस्टिस मनीषा बत्रा ने कहा, 'सभी आर्थिक अपराधों को एक समूह में वर्गीकृत करना और उस आधार पर जमानत से इनकार करना उचित नहीं है. जमानत प्रदान करने के प्रश्न पर विचार करते समय, अपराधों की गंभीरता एक पहलू है जिस पर विचार किया जाना अपेक्षित है। प्रत्येक मामले में उत्पन्न तथ्यों और परिस्थितियों से गंभीरता को इकट्ठा किया जाना...
स्त्रीधन की वापसी का निर्णय हिंदू विवाह अधिनियम की कार्यवाही में ही होना चाहिए, अलग आवेदन पर नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्णय दिया कि पति-पत्नी की संपत्तियों के वितरण, जिसमें 'स्त्रीधन' की वापसी भी शामिल है, उसका निर्धारण हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की कार्यवाही के अंतर्गत ही किया जाना चाहिए, न कि धारा 27 के तहत अलग से दिए गए आवेदन पर।जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस अवनीश सक्सेना की खंडपीठ ने कहा,'स्त्रीधन' की वापसी एक मुद्दा होना चाहिए, जिसे अधिनियम के तहत चल रही कार्यवाही के ट्रायल में तय किया जाए, न कि धारा 27 के तहत स्वतंत्र रूप से दिए गए आवेदन पर।"फैमिली कोर्ट ने अपीलकर्ता-पति को निर्देश...
दिल्ली हाईकोर्ट ने मजनू का टीला स्थित पाकिस्तानी-हिंदू शरणार्थी शिविर को ध्वस्त करने के खिलाफ याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है कि वह शहर के मजनू का टीला में पाकिस्तानी-हिंदू शरणार्थी शिविर को तब तक न तोड़े और न ही वहां के निवासियों को कोई वैकल्पिक भूमि आवंटित कर दे। जस्टिस धर्मेश शर्मा ने रवि रंजन सिंह नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें और इसी तरह के अन्य शरणार्थियों को "विवादित क्षेत्र में कब्जा जारी रखने का कोई अधिकार नहीं है"।दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'लैंड फॉर जॉब्स' घोटाले में लालू प्रसाद यादव की ट्रायल स्थगन याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव द्वारा दाखिल याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने 'लैंड फॉर जॉब्स' घोटाले में सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी।यह मामला 2 जून को राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश के समक्ष आरोप तय करने के लिए सूचीबद्ध है।जस्टिस रवींद्र दुजेडा ने कहा कि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कारण नहीं है। हालांकि कोर्ट ने यादव की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने CBI की FIR, तीन चार्जशीट्स और...
गैर-योग्य विषय पढ़ाने के लिए शिक्षक को मजबूर करना बच्चों के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक ग्रेड III शिक्षक (सामाजिक विज्ञान) का तबादला रद्द कर दिया जिनका विषय बदलकर अंग्रेजी कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि यदि किसी शिक्षक को ऐसा विषय पढ़ाने के लिए मजबूर किया जाए, जिसमें वह योग्य नहीं है तो उसे विभागीय कार्रवाई जैसे प्रतिकूल नागरिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस सनीप शाह की खंडपीठ ने यह भी कहा कि शिक्षक का यह तबादला छात्रों को एक योग्य शिक्षक से पढ़ने के अधिकार से वंचित कर देगा, जो संविधान के अनुच्छेद 21-ए के तहत उनके शिक्षा के...
S.12 POSH Act | गुजरात हाईकोर्ट ने जांच पूरी होने के बावजूद शिकायतकर्ता को आरोपी के बगल में बैठने से बचाने के लिए एक सप्ताह की छुट्टी दी
गुजरात हाईकोर्ट ने एक सरकारी महिला कर्मचारी को एक सप्ताह के लिए छुट्टी पर रहने की अनुमति दी है, जिसने POSH अधिनियम के तहत अपने सहकर्मी के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने संबंधित प्राधिकरण के समक्ष दिए अपने प्रतिनिधित्व में स्थानांतरण की मांग की है, ताकि उसे यौन उत्पीड़न के आरोपी सहकर्मी के बगल में न बैठना पड़े।महिला को एक हफ्ते की छुट्टी प्रदान करते हुए न्यायालय ने कहा कि POSH अधिनियम की धारा 12 के अनुसार शिकायतकर्ता को अधिनियम के तहत जांच लंबित रहने तक एक सप्ताह की छुट्टी...
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 141 से 141-एफ : अधिसूचित आबादी क्षेत्र का सर्वेक्षण
भारत में राजस्व कानून व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भूमि संबंधी विवादों, स्वामित्व के अधिकारों और रिकॉर्ड की स्पष्टता को सुनिश्चित किया जाए। इसी उद्देश्य से अनेक प्रावधान बनाए गए हैं जिनके अंतर्गत "आबादी क्षेत्र" (Abadi Area) का सर्वेक्षण (Survey) किया जाता है।सर्वेक्षण से यह सुनिश्चित होता है कि प्रत्येक भूमि या भवन के स्वामी, उसका सीमांकन और अन्य विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज हों, जिससे आगे कोई विवाद न उत्पन्न हो। यहां हम सरल भाषा में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धाराओं 141 से 141-एफ तक...
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 487 से 490 तक: जमानत और जमानतदारों से संबंधित प्रावधान
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 487 से 490 तक उन परिस्थितियों से संबंधित हैं, जब अभियुक्त को जमानत पर रिहा किया जाता है, और उसे जेल से छोड़ा जाता है, या जब जमानतदार अपर्याप्त पाए जाते हैं, या वे स्वयं बंधपत्र समाप्त करना चाहते हैं। ये धाराएं न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और संतुलन सुनिश्चित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस लेख में हम इन चारों धाराओं की सरल व्याख्या और उनके व्यावहारिक उदाहरणों सहित विस्तृत चर्चा करेंगे।धारा 487: हिरासत से रिहाई (Discharge from...
दिल्ली में 'Services' पर असली अधिकार किसका है: केंद्र सरकार या चुनी हुई सरकार?
सुप्रीम कोर्ट ने Government of NCT of Delhi v. Union of India (2023) के फैसले में एक अहम संवैधानिक (Constitutional) सवाल का हल किया—क्या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (National Capital Territory of Delhi - NCTD) में 'services' (सेवाओं) पर नियंत्रण चुनी हुई दिल्ली सरकार का होगा या केंद्र सरकार का?अनुच्छेद 239AA की समझ (Understanding Article 239AA: The Constitutional Foundation) अनुच्छेद 239AA को 1991 में संविधान के 69वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया था। यह दिल्ली को अन्य केंद्र शासित प्रदेशों...
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 37 और 38 : डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र का निलंबन और निरस्तीकरण
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000) भारत में इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस, डिजिटल संचार और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कानूनी ढांचा प्रदान करता है। इस अधिनियम के अध्याय VII में डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (Digital Signature Certificate) से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।धारा 35 और 36 में यह बताया गया है कि डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र कैसे जारी किया जाता है और उसकी क्या वैधता होती है, वहीं धारा 37 और 38 में यह स्पष्ट किया गया है कि किसी डिजिटल हस्ताक्षर...
किसी विशेष दस्तावेज की आपूर्ति न करने के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई को तब तक चुनौती नहीं दी जा सकती जब तक कि गंभीर पूर्वाग्रह न दिखाया गया हो: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि किसी विशेष दस्तावेज की आपूर्ति न किए जाने के कारण प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन के आधार पर अनुशासनात्मक कार्यवाही को तब तक चुनौती नहीं दी जा सकती, जब तक कि यह न दर्शाया जाए कि कर्मचारी को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है।इस मामले में, कर्मचारी ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की आपूर्ति न किए जाने के आधार पर बर्खास्तगी को चुनौती दी। न्यायालय ने यह कहते हुए तर्क को खारिज कर दिया कि कोई गंभीर नुकसान पहुँचाया जाना नहीं दर्शाया गया है।जस्टिस ए.एस. ओक और जस्टिस...
हर संकट में राष्ट्र को एकजुट रखने का श्रेय संविधान को जाता है: सीजेआई बीआर गवई
प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट के एडवोकेट्स चैंबर ब्लॉक और मल्टीलेवल पार्किंग के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा कि राष्ट्र हर संकट में एकजुट रहा है और इसका श्रेय भारत के संविधान को जाता है।सीजेआई ने इस संदर्भ में डॉ. बीआर अंबेडकर की उस आलोचना का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि संविधान या तो बहुत संघीय है या बहुत एकात्मक।सीजेआई ने अंबेडकर के शब्दों को याद किया:"संविधान न तो पूरी तरह संघीय है और न ही पूरी तरह एकात्मक। लेकिन एक बात मैं आपको आश्वस्त कर...
POSH Act : राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने LCC, जिला अधिकारी आदि के गठन के निर्देशों के अनुपालन के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया
कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (POSH Act) के प्रभावी अनुपालन के लिए 3 दिसंबर, 2024 को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की मांग करने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की एक श्रृंखला के अनुसरण में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अनुपालन का अपना हलफनामा दाखिल कर दिया।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ इस मामले में आदेश पारित कर रही है।जिला अधिकारियों की नियुक्तिएमिक्स क्यूरी और एडवोकेट पद्मप्रिया द्वारा दायर नवीनतम स्टेटस रिपोर्ट के...
बायजू का दिवालियापन: सुप्रीम कोर्ट ने CIRP वापसी के लिए COC की मंजूरी अनिवार्य करने के NCLAT के खिलाफ रिजू रविंद्रन की याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के फैसले को चुनौती देने वाली अपील पर नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड (व्यापारिक नाम बायजू) के कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) को वापस लेने के आवेदन को लेनदारों की समिति के 90 प्रतिशत सदस्यों की मंजूरी की आवश्यकता है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजय कुमार की खंडपीठ ने कहा कि अंतरिम राहत के लिए प्रार्थना पर सुनवाई की अगली तारीख 21 जुलाई 2025 को विचार किया जाएगा। यह अपील थिंक एंड लर्न...
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी गैंगस्टर एक्ट पर राज्य के दिशा-निर्देशों को किया स्वीकार
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक क्रियाकलाप (रोकथाम) अधिनियम, 1986 (UP Gangster Act) के लागू होने के संबंध में यूपी राज्य द्वारा तैयार दिशा-निर्देशों को अपनाया।गोरख नाथ मिश्रा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश के बाद राज्य द्वारा ये दिशा-निर्देश तैयार किए गए।SHUATS यूनिवर्सिटी के निदेशक विनोद बिहारी लाल से संबंधित एक अन्य मामले पर विचार करते हुए न्यायालय ने इन दिशा-निर्देशों को लागू करने का निर्णय लिया।न्यायालय ने कहा,"पूर्वगामी के आलोक में हम...
हेट स्पीच मामले में मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को दो साल की सजा
उत्तर प्रदेश के मऊ जिला कोर्ट ने 'हिसाब-किताब' अभद्र भाषा मामले में मऊ सदर विधायक अब्बास अंसारी को दोषी ठहराया। उन्हें दो साल जेल की सजा सुनाई गई, जिसका मतलब है कि उनकी विधान सभा सदस्यता खोने की संभावना है।अंसारी के खिलाफ मामला उनके एक बयान से संबंधित है, जिसमें उन्होंने मार्च 2022 में मऊ जिले में चुनावी रैली में सरकारी अधिकारियों को धमकी दी थी कि अगर राज्य में एसपी-एसबीएसपी गठबंधन ने सरकार बनाई तो इसका बदला लिया जाएगा।उन्होंने कथित तौर पर कहा था- "सपा मुखिया अखिलेश यादव से गठबंधन करने आया हूं,...




















