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प्रीति राठी एसिड अटैक और हत्या मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनुशासन का हवाला देते हुए दोषी की खुली जेल में स्थानांतरण की याचिका खारिज की
प्रीति राठी एसिड अटैक और हत्या मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनुशासन का हवाला देते हुए दोषी की 'खुली जेल' में स्थानांतरण की याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कुख्यात प्रीति राठी एसिड अटैक मामले में दोषी अंकुर पंवार की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि हर कैदी को नियमों और विनियमों का पालन करना चाहिए, खास तौर पर 'व्यवहार' से संबंधित नियमों और विनियमों का और किसी भी कैदी को जेल में प्रतिबंधित वस्तुएं लाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पंवार ने मोबाइल बैटरी के साथ पाए जाने के बाद 'ओपन जेल' से नियमित जेल में अपने ट्रासंफर को चुनौती दी थी।जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस संजय देशमुख की खंडपीठ ने पंवार के तर्क को स्वीकार करने से...

पतंजलि फूड्स ने अतिक्रमण हटाने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की
पतंजलि फूड्स ने अतिक्रमण हटाने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की

बाबा रामदेव की पतंजलि फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है और महाराष्ट्र सरकार तथा उसके अधिकारियों को रायगढ़ जिले के खालापुर क्षेत्र (जो नवी मुंबई के पास स्थित है) में उसकी कई जमीनों पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाने का निर्देश देने की मांग की है।एडवोकेट अपूर्व श्रीवास्तव के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी पतंजलि फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की जमीनों को अवैध अतिक्रमणकारियों से सुरक्षित रखने में विफल रहे हैं, जिन्होंने इन जमीनों पर दुकानें खोल दी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने रिलायंस के स्वामित्व वाली कंपनी की याचिका पर समरी जजमेंट देने से मना किया, मामले में संपत्ति विवाद पर DDA से 459 करोड़ रुपये की मांग की गई है
दिल्ली हाईकोर्ट ने रिलायंस के स्वामित्व वाली कंपनी की याचिका पर समरी जजमेंट देने से मना किया, मामले में संपत्ति विवाद पर DDA से 459 करोड़ रुपये की मांग की गई है

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में रिलायंस एमिनेंट ट्रेडिंग एंड कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड की ओर से डीडीए के खिलाफ दायर मुकदमे में समरी जजमेंट पारित करने से इनकार कर दिया, जिसमें नीलामी की गई संपत्ति पर 4,59,73,61,098/- रुपये के साथ-साथ पेंडेंट लाइट (pendente lite) और भविष्य के ब्याज की मांग की गई थी। जस्टिस विकास महाजन ने कहा कि चूंकि उक्त संपत्ति के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही न्यायिक आदेश द्वारा 'व्यपगत' घोषित की गई थी, इसलिए कंपनी को पहले यह दिखाना चाहिए था कि सही मालिक के पास पहले से ही...

सुप्रीम कोर्ट ने ठग लाइफ फिल्म पर न्यायेतर प्रतिबंधों के खिलाफ याचिका पर कर्नाटक सरकार से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने 'ठग लाइफ' फिल्म पर न्यायेतर प्रतिबंधों के खिलाफ याचिका पर कर्नाटक सरकार से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (13 जून) को कर्नाटक में कमल हासन अभिनीत और मणिरत्नम निर्देशित तमिल फीचर फिल्म ठग लाइफ की स्क्रीनिंग पर "न्यायिकेतर प्रतिबंध" के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर कर्नाटक राज्य को नोटिस जारी किया। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने महेश रेड्डी नामक व्यक्ति की ओर से दायर याचिका पर अगले मंगलवार को सुनवाई की तारीख तय की।याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि कर्नाटक राज्य ने उन चरमपंथी तत्वों के सामने पूरी तरह से "आत्मसमर्पण" कर दिया है जो भाषाई अल्पसंख्यकों पर हमला...

पैनलिस्ट के बयान पर एंकर को क्यों गिरफ्तार किया गया?: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस से पूछा, दिया पत्रकार कोम्मिनेनी श्रीनिवास राव की रिहाई का आदेश
पैनलिस्ट के बयान पर एंकर को क्यों गिरफ्तार किया गया?: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस से पूछा, दिया पत्रकार कोम्मिनेनी श्रीनिवास राव की रिहाई का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तेलुगु पत्रकार कोम्मिनेनी श्रीनिवास राव (KSR) को जमानत दी, जिन्हें टेलीविजन शो में पैनलिस्ट द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयान के सिलसिले में आंध्र प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने यह आदेश पत्रकार द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया, जिसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती दी थी।राव को 9 जून को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया और उन्हें साक्षी टीवी पर प्रसारित शो में एअतिथि द्वारा दिए गए...

यदि समझौते के चरण में पूरी परियोजना का खुलासा कर दिया जाए तो प्रमोटर को अतिरिक्त निर्माण के लिए सहमति लेने की आवश्यकता नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
यदि समझौते के चरण में पूरी परियोजना का खुलासा कर दिया जाए तो प्रमोटर को अतिरिक्त निर्माण के लिए सहमति लेने की आवश्यकता नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि यदि समझौते के चरण में पूरी परियोजना का खुलासा किया जाता है तो प्रमोटर को अतिरिक्त निर्माण के लिए सहमति लेने की आवश्यकता नहीं है। पीठ ने कहा,"जब समझौते के समय पूरी परियोजना फ्लैट लेने वालों के सामने रखी जाती है, तो प्रमोटर को फ्लैट लेने वालों की पूर्व सहमति प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होती है, जब तक कि बिल्डर लेआउट प्लान, बिल्डिंग नियमों और विकास नियंत्रण विनियमों के अनुसार अतिरिक्त निर्माण करता है।" जस्टिस गौरी गोडसे की पीठ ने कहा कि लेआउट प्लान के अनुसार बिल्डिंग...

जम्मू-कश्मीर सरकार ने न्यायिक भर्ती नियमों में किया संशोधन, नए पाठ्यक्रम में भारतीय न्याय संहिता और अन्य सुधारित कानून शामिल
जम्मू-कश्मीर सरकार ने न्यायिक भर्ती नियमों में किया संशोधन, नए पाठ्यक्रम में 'भारतीय न्याय संहिता' और अन्य सुधारित कानून शामिल

न्यायिक भर्ती ढांचे में एक बड़े बदलाव के तहत जम्मू और कश्मीर सरकार ने जम्मू और कश्मीर सिविल सेवा (न्यायिक) भर्ती नियम, 1967 में संशोधन किया, लगभग छह दशकों के बाद।यह संशोधन अनुच्छेद 234 के तहत उपराज्यपाल द्वारा, जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट तथा जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग से परामर्श के बाद किए गए, जैसा कि विधि, न्याय और संसदीय कार्य विभाग द्वारा जारी वैधानिक आदेश में बताया गया।संशोधनों की मुख्य बातें:न्यायिक सेवा (मुख्य) परीक्षा का पाठ्यक्रम अब व्यापक रूप से बदला गया और हाल ही में अधिनियमित...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने NDPS मामले में आरोपी को कानूनी सहायता प्रदान करने में विफल रहने के लिए न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने NDPS मामले में आरोपी को कानूनी सहायता प्रदान करने में विफल रहने के लिए न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने दो न्यायिक अधिकारियों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और जिला एवं सत्र न्यायाधीश (NDPS) के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया, क्योंकि वे NDPS के एक आरोपी को कानूनी सहायता वकील प्रदान करने में विफल रहे, जिसका न्यायालय के समक्ष कार्यवाही में कोई प्रतिनिधित्व नहीं था।आरोपी को जमानत देते हुए जस्टिस कृष्ण राव ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तारी के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और सत्र न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया था लेकिन किसी भी न्यायिक अधिकारी ने उसे कानूनी प्रतिनिधित्व प्रदान नहीं किया।पीठ...

अहमदाबाद विमान दुर्घटना: पीड़ितों की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए गुजरात हाईकोर्ट शुक्रवार को 2 मिनट का मौन रखा
अहमदाबाद विमान दुर्घटना: पीड़ितों की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए गुजरात हाईकोर्ट शुक्रवार को 2 मिनट का मौन रखा

गुजरात हाईकोर्ट शुक्रवार सुबह अहमदाबाद में गुरुवार दोपहर को हुई एयर इंडिया विमान दुर्घटना के पीड़ितों की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए 2 मिनट का मौन रखा।रजिस्ट्रार जनरल द्वारा गुरुवार को जारी एक सर्कुलर में कहा गया कि गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट यूनियन की प्रबंध समिति ने इस दुखद घटना पर 2 मिनट का मौन रखने का अनुरोध किया और चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया।सर्कुलर में कहा गया,"माननीय चीफ जस्टिस ने उक्त अनुरोध को स्वीकार करते हुए यह सूचित करने का निर्देश दिया कि माननीय जज,...

जानकारी देकर भेजे गए सामान पर डिलीवरी के बाद भी रेलवे जुर्माना लगा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
जानकारी देकर भेजे गए सामान पर डिलीवरी के बाद भी रेलवे जुर्माना लगा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह निर्णय दिया कि रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 66 के तहत, माल/सामान की डिलीवरी के बाद भी यदि उसमें गलत जानकारी दी गई हो, तो रेलवे जुर्माना लगा सकता है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस पी.के. मिश्रा की खंडपीठ ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के उस निर्णय को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि डिलीवरी के बाद पेनल चार्ज नहीं लगाए जा सकते। सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि धारा 66 में शुल्क लगाने के लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई गई है, इसलिए इसे किसी भी चरण में लागू किया जा सकता है।यह...

पंजाब पुलिस नियम | भ्रष्टाचार के मामलों में पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए डीएम की सहमति अनिवार्य नहीं: हाईकोर्ट
पंजाब पुलिस नियम | भ्रष्टाचार के मामलों में पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए डीएम की सहमति अनिवार्य नहीं: हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस नियमावली (Punjab Police Rules - PPR) के तहत भ्रष्टाचार के मामलों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) की सहमति आवश्यक नहीं है।जस्टिस जगमोहन बंसल ने नियम 16.40 का हवाला देते हुए कहा,“प्राधिकरणों को प्रत्येक मामले की परिस्थितियों के अनुसार न्यायिक अभियोजन या विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करनी होती है। नियम 16.40 के तहत जिला मजिस्ट्रेट की सहमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। अतः प्रतिवादी द्वारा विभागीय...

कानून की छात्रा ने आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने के बाद केरल हाईकोर्ट में दायर की याचिका
कानून की छात्रा ने आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने के बाद केरल हाईकोर्ट में दायर की याचिका

केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया एक छात्रा ने, जिसे आवारा कुत्ते ने काटा।छात्रा ने आरोप लगाया कि इलाके में कई बार आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं होने के बावजूद नेदुमनगड नगरपालिका के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।यह मामला जस्टिस सी. एस. डायस के समक्ष लाया गया, जिन्होंने राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता के अनुसार, जब वह नेदुमनगड नगरपालिका कार्यालय से इंटर्नशिप करके लौट रही थी, तभी पांच आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। उनमें से एक कुत्ते ने उसे काटा। उसने बताया कि वह...

सावरकर मानहानि मामला: वादी ने भाषण देते समय राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल की गई पुस्तक की प्रति मांगी
सावरकर मानहानि मामला: वादी ने भाषण देते समय राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल की गई पुस्तक की प्रति मांगी

पुणे स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सत्यकी सावरकर द्वारा दायर आवेदन का जवाब देने के लिए समय दिया, जिन्होंने हिंदू महासभा के नेता विनायक सावरकर के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक भाषण देते समय उनके (गांधी) द्वारा इस्तेमाल की गई पुस्तक की प्रति मांगी।स्पेशल जज अमोल शिंदे ने गांधी को आवेदन पर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए 3 जुलाई तक का समय दिया।इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए मामले में गांधी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील मिलिंद पवार ने कहा,"हमने चार पृष्ठों का...

सपने में भी नहीं सोचाा था कि सम्‍मान हो ठेस पहुंचाऊंगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट को कानूनी प्रावधान की याद दिलाने पर आलोचना के बाद डीएम ने मांगी माफ़ी
'सपने में भी नहीं सोचाा था कि सम्‍मान हो ठेस पहुंचाऊंगी': इलाहाबाद हाईकोर्ट को कानूनी प्रावधान की 'याद दिलाने' पर आलोचना के बाद डीएम ने मांगी माफ़ी

‌बिजनौर में जिला मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात आईएएस अधिकारी जसजीत कौर ने हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट से 'बिना शर्त' माफ़ी मांगी। दरअसल हाईकोर्ट ने उनकी ओर से दायर एक हलफ़नामे पर कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसे कानून के बारे में हाईकोर्ट की समझ का "अपमान करने का प्रयास" माना गया था। यह मुद्दा तब उठा जब डीएम ने अपने हलफ़नामे में यूपी-राजस्व संहिता नियम, 2016 के तहत एक प्रावधान का उल्लेख किया, जिसे न्यायालय ने कानूनी प्रावधान को अनावश्यक और अनुचित रूप से याद दिलाने के रूप में व्याख्या की।मुख्यतः जस्टिस...

अनिश्चित काल के लिए फैसला सुरक्षित नहीं रखा जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने बेदखली के डर से किरायेदार की याचिका पर अपीलीय किराया न्यायाधिकरण से कहा
अनिश्चित काल के लिए फैसला सुरक्षित नहीं रखा जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने बेदखली के डर से किरायेदार की याचिका पर अपीलीय किराया न्यायाधिकरण से कहा

राजस्थान हाईकोर्ट ने निर्णय दिया है कि अपीलीय किराया न्यायाधिकरण से अनिश्चित काल के लिए निर्णय सुरक्षित रखने की अपेक्षा नहीं की जाती है, विशेषकर तब जब उसके समक्ष किसी मामले में बहस महीनों पहले सुनी और समाप्त हो चुकी हो। जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि राजस्थान किराया नियंत्रण अधिनियम, 2001 की धारा 19(8) के अनुसार न्यायाधिकरण को अपील का नोटिस प्रतिवादियों को दिए जाने की तिथि से एक सौ अस्सी दिन की अवधि के भीतर निपटारा करना चाहिए।प्रतिवादियों ने किराए के परिसर से बेदखल करने के लिए...

सीजेआई और सुप्रीम कोर्ट जजों ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर व्यक्त किया शोक
सीजेआई और सुप्रीम कोर्ट जजों ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर व्यक्त किया शोक

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों ने रजिस्ट्री अधिकारियों के साथ मिलकर आज यानी गुरुवार को अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।सीजेआई ने बीजे मेडिकल कॉलेज और सिविल अस्पताल के मरीजों के लिए भी चिंता व्यक्त की, जिनके लिए लंदन जाने वाला विमान अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।सीजेआई ने कहा,"इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके साथ हैं। उन्हें...

जब तक अभियोजन पक्ष प्रथम दृष्टया मामला स्थापित नहीं कर देता, तब तक लास्ट-सीन-थ्योरी लागू नहीं की जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट ने मौत की सजा पाए दोषियों को बरी किया
जब तक अभियोजन पक्ष प्रथम दृष्टया मामला स्थापित नहीं कर देता, तब तक लास्ट-सीन-थ्योरी लागू नहीं की जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट ने मौत की सजा पाए दोषियों को बरी किया

राजस्‍थान हाईकोर्ट ने मृत्युदंड को खारिज करते हुए तथा 4 बच्चों सहित 6 लोगों के परिवार की हत्या के आरोपी अपीलकर्ताओं को बरी करते हुए कहा कि आपराधिक मुकदमे में अंतिम बार साथ देखे जाने के साक्ष्य के महत्व को "अत्यधिक महत्व" नहीं दिया जा सकता, क्योंकि यह अपने आप में किसी आरोपी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं है। जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 के क्रियान्वयन द्वारा आरोपी पर दायित्व स्थानांतरित किए जाने से पहले, यह माना जाना...

कैदियों की समयपूर्व रिहाई: दिल्ली हाईकोर्ट ने सजा समीक्षा बोर्ड की संरचना, निर्णय लेने की प्रक्रिया के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
कैदियों की समयपूर्व रिहाई: दिल्ली हाईकोर्ट ने सजा समीक्षा बोर्ड की संरचना, निर्णय लेने की प्रक्रिया के लिए दिशा-निर्देश जारी किए

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (11 जून) को सजा समीक्षा बोर्ड (SRB) के सदस्यों द्वारा अपनी आधिकारिक क्षमता में नियुक्त किए जाने के बाद SRB की बैठकों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न होने और इसके बजाय अपने प्रतिनिधियों को भेजने की प्रथा पर आपत्ति जताई।SRB का गठन कैदियों को दी गई सजा की समीक्षा करने और उचित मामलों में समयपूर्व रिहाई की सिफारिश करने के लिए किया जाता है।जस्टिस गिरीश कथपाली आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी के मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसकी समयपूर्व रिहाई के लिए लगातार आवेदन SRB द्वारा...

राजस्थान किराया नियंत्रण अधिनियम की धारा 15| जवाब के साथ हलफनामा/दस्तावेज़ प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं, निर्देशात्मक प्रकृति का: हाईकोर्ट ने दोहराया
राजस्थान किराया नियंत्रण अधिनियम की धारा 15| जवाब के साथ हलफनामा/दस्तावेज़ प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं, निर्देशात्मक प्रकृति का: हाईकोर्ट ने दोहराया

राजस्थान हाईकोर्ट ने रमेश कुमार बनाम चंदू लाल व अन्य मामले में डिवीजन बेंच के निर्णय पर भरोसा जताते हुए एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि राजस्थान किराया नियंत्रण अधिनियम, 2001 की धारा 15 अनिवार्य नहीं बल्कि निर्देशात्मक (Directory) प्रकृति की है।अधिनियम की धारा 15 के अनुसार पक्षकार को अपने जवाब के साथ हलफनामे और दस्तावेज़ दाखिल करने होते हैं।जस्टिस अनूप कुमार धंड की एकल पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें किराया न्यायाधिकरण (Rent Tribunal) के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता का...