कानून की छात्रा ने आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने के बाद केरल हाईकोर्ट में दायर की याचिका

  • कानून की छात्रा ने आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने के बाद केरल हाईकोर्ट में दायर की याचिका

    केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया एक छात्रा ने, जिसे आवारा कुत्ते ने काटा।

    छात्रा ने आरोप लगाया कि इलाके में कई बार आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं होने के बावजूद नेदुमनगड नगरपालिका के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

    यह मामला जस्टिस सी. एस. डायस के समक्ष लाया गया, जिन्होंने राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।

    याचिकाकर्ता के अनुसार, जब वह नेदुमनगड नगरपालिका कार्यालय से इंटर्नशिप करके लौट रही थी, तभी पांच आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। उनमें से एक कुत्ते ने उसे काटा। उसने बताया कि वह पास के एक घर में भागकर गेट बंद कर ली, जिससे वह और अधिक चोट से बच गई। उसके चीखने की आवाज सुनकर जब स्थानीय लोग वहां पहुंचे, तो कुत्ते भाग गए।

    घटना के बाद, छात्रा ने नगरपालिका सचिव को नसबंदी, टीकाकरण और अन्य मानवीय उपायों की मांग करते हुए पत्र लिखा, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला।

    छात्रा ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि वह Animal Birth Control (Dogs) Rule, 2001 के नियम 4 के तहत एक समिति गठित करने का निर्देश दे, जो आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास का कार्य करे।

    इस मामले की अगली सुनवाई 17 जून को तय की गई है।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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