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आधार कार्ड की जिद पर अकाउंट खोलने में देरी नहीं कर सकता बैंक: बॉम्बे हाईकोर्ट का 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश
आधार कार्ड की जिद पर अकाउंट खोलने में देरी नहीं कर सकता बैंक: बॉम्बे हाईकोर्ट का 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2018) फैसले के बाद किसी बैंक को खाता खोलने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बताने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने यस बैंक द्वारा आधार कार्ड की मांग पर खाता खोलने में देरी करने के कारण माइक्रोफाइबर्स प्राइवेट लिमिटेड को 50,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने कहा कि सितंबर 2018 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बैंक को आधार कार्ड के बिना भी खाता खोलना चाहिए था। कोर्ट ने पाया कि जनवरी...

म्यूजिक राइट्स का असाइनमेंट केवल फिजिकल मीडियम तक सीमित नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुराने बॉलीवुड गीतों पर कॉपीराइट उल्लंघन का दावा किया खारिज
म्यूजिक राइट्स का असाइनमेंट केवल फिजिकल मीडियम तक सीमित नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुराने बॉलीवुड गीतों पर कॉपीराइट उल्लंघन का दावा किया खारिज

बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिवंगत बॉलीवुड निर्माता ओ.पी. रहलन की बेटी रुपाली पी. शाह द्वारा दायर कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ओ.पी. रहलन द्वारा किए गए असाइनमेंट एग्रीमेंट्स के तहत उनके गानों के अधिकार स्थायी रूप से और व्यापक रूप से असाइन किए गए और वे किसी विशेष माध्यम, जैसे कि फिजिकल रिकॉर्ड्स तक सीमित नहीं थे।जस्टिस मनीष पिटले ने यह निर्णय सुनाते हुए कहा कि असाइनमेंट एग्रीमेंट्स में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि गानों का उपयोग किसी भी और हर प्रकार के माध्यम से किया जा सकता...

स्वास्थ्य का अधिकार: राजस्थान हाईकोर्ट ने नागरिकों, विशेषकर बच्चों में कुपोषण/मोटापे का स्वतः संज्ञान लिया
स्वास्थ्य का अधिकार: राजस्थान हाईकोर्ट ने नागरिकों, विशेषकर बच्चों में कुपोषण/मोटापे का स्वतः संज्ञान लिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने बच्चों में कुपोषण, अस्वस्थ खान-पान की आदतों के कारण मोटापे तथा मोबाइल फोन के अत्यधिक और बढ़ते उपयोग को गंभीरता से लेते हुए इन मुद्दों का उचित समाधान खोजने के लिए स्वतः संज्ञान लिया।अदालत ने मामले को 'स्वतः संज्ञान: नाबालिग बच्चों, महिलाओं और नागरिकों को कुपोषण या मोटापे से बचाने के संबंध में दर्ज किया, जो उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।स्थिति पर दुख व्यक्त करते हुए, न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 और खाद्य सुरक्षा और मानक...

डिज़ाइन एक्ट के तहत रजिस्टर्ड उत्पाद पर भी पासिंग ऑफ का दावा बनता है: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रॉक्स की बाटा, लिबर्टी, रिलैक्सो पर दायर याचिकाएं बहाल की
डिज़ाइन एक्ट के तहत रजिस्टर्ड उत्पाद पर भी पासिंग ऑफ का दावा बनता है: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रॉक्स की बाटा, लिबर्टी, रिलैक्सो पर दायर याचिकाएं बहाल की

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रॉक्स USA द्वारा भारतीय फुटवियर कंपनियों लिबर्टी, बाटा, रिलैक्सो, एक्वालाइट और अन्य के खिलाफ उनके विशेष क्लॉग डिज़ाइन की नकल करने पर दायर मुकदमों को बहाल कर दिया।पहले सिंगल जज ने यह कहते हुए मुकदमे खारिज कर दिए थे कि पासिंग ऑफ का दावा उस ट्रेड ड्रेस पर नहीं किया जा सकता, जो डिज़ाइन एक्ट के तहत रजिस्टर्ड हो।लेकिन डिवीजन बेंच ने (जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस अजय दीगपाल) कहा कि केवल यह आधार कि पासिंग ऑफ की कार्रवाई का विषयवस्तु रजिस्टर्ड डिज़ाइन है, मुकदमे को खारिज करने का...

J&K हाईकोर्ट ने FCI को परिवहन ठेकेदार को लगभग 8 लाख रुपये वापस करने का निर्देश दिया, कहा- संशोधित मार्ग के आधार पर पूर्वव्यापी वसूली अवैध
J&K हाईकोर्ट ने FCI को परिवहन ठेकेदार को लगभग 8 लाख रुपये वापस करने का निर्देश दिया, कहा- संशोधित मार्ग के आधार पर पूर्वव्यापी वसूली अवैध

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने सोमवार को भारतीय खाद्य निगम (FCI) को एक परिवहन ठेकेदार मेसर्स दुर्गा एंटरप्राइजेज को 7,93,456 रुपये की राशि वापस करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह माना कि संशोधित मार्ग दूरी के आधार पर पूर्वव्यापी रूप से की गई वसूली अवैध थी और अनुबंध की शर्तों और नीति दिशानिर्देशों के विपरीत थी। अनुबंध शर्तों की बाध्यकारी प्रकृति, एकतरफा पूर्वव्यापी वित्तीय अधिरोपण की अस्वीकार्यता और सार्वजनिक खरीद अनुबंधों में प्रशासनिक विवेक की सीमाओं को रेखांकित करते हुए, जस्टिस मोक्ष...

मानहानि मामले में हाईकोर्ट ने दिखाई अनिच्छा, राजदीप सरदेसाई ने शाजिया इल्मी के खिलाफ अपील ली वापस
मानहानि मामले में हाईकोर्ट ने दिखाई अनिच्छा, राजदीप सरदेसाई ने शाजिया इल्मी के खिलाफ अपील ली वापस

पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने बुधवार (2 जुलाई) को दिल्ली हाईकोर्ट से अपनी अपील वापस ली, जो एकल जज के फैसले के खिलाफ दायर की गई थी। एकल जज ने उक्त आदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता शाजिया इल्मी को उनके मानहानि मामले में आंशिक राहत दी गई थी।बता दें, शाजिया इल्मी ने 'X' पर सरदेसाई द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो को लेकर यह आरोप लगाया था कि उन्होंने एक टेलीविजन बहस के दौरान इंडिया टुडे के वीडियो पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया था। एकल जज ने पिछले साल अगस्त में पारित अंतरिम आदेश की पुष्टि की थी, जिसमें...

समय से पहले रिहाई का फैसला करने के लिए दोषी का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन महत्वपूर्ण: दिल्ली हाईकोर्ट ने मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की भागीदारी का आह्वान किया
समय से पहले रिहाई का फैसला करने के लिए दोषी का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन महत्वपूर्ण: दिल्ली हाईकोर्ट ने मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की भागीदारी का आह्वान किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और कारागार विभाग को दोषियों की समय से पहले रिहाई प्रक्रिया में मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की भागीदारी को संस्थागत बनाने के लिए शीघ्र कदम उठाने की सिफारिश की।जस्टिस संजीव नरूला ने यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न दिशा-निर्देश जारी किए कि सजा समीक्षा बोर्ड (SRB) के निर्णय समय से पहले रिहाई नीति के उद्देश्यों के अनुरूप हों और निष्पक्षता, मनमानी न करने और तर्कसंगत निर्णय लेने की संवैधानिक अनिवार्यताओं के अनुसार संचालित किए जाएं।यह देखते हुए कि भविष्य के SRB निर्धारण न...

दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए स्पेशल कोर्स की मांग वाली पर सुनवाई से किया इनकार, कहा- नीतिगत निर्णय
दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए स्पेशल कोर्स की मांग वाली पर सुनवाई से किया इनकार, कहा- नीतिगत निर्णय

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए स्पेशल कोर्स की मांग करने वाली जनहित याचिका बंद कर दी। कोर्ट ने उक्त याचिका बंद करते हुए कहा कि यह एक नीतिगत निर्णय है, जिसे संबंधित अधिकारियों द्वारा लिया जाना है।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता अनीश शर्मा से कहा कि वह केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, सीबीएसई, शिक्षा बोर्ड और अन्य संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष उचित प्रतिनिधित्व दायर करें।न्यायालय ने कहा,"ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए शिक्षा...

संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में दो आरोपियों को मिली जमानत, इंटरव्यू और सोशल मीडिया पर रोक
संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में दो आरोपियों को मिली जमानत, इंटरव्यू और सोशल मीडिया पर रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को 13 दिसंबर, 2023 को संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में आरोपी नीलम आज़ाद और महेश कुमावत को जमानत दी। जस्टिस सुब्रमोनियम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया।कोर्ट ने दोनों को 50,000 रुपये के जमानती बांड और इतनी ही राशि की दो जमानतें देने की शर्त पर रिहाई का आदेश दिया। साथ ही कोर्ट ने दोनों को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने इंटरव्यू देने और सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ी कोई भी पोस्ट करने पर रोक लगा दी।कोर्ट ने उन्हें हर सोमवार बुधवार...

Bengaluru Stampede: IPS अधिकारी का निलंबन रद्द करने के CAT के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची कर्नाटक सरकार
Bengaluru Stampede: IPS अधिकारी का निलंबन रद्द करने के CAT के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची कर्नाटक सरकार

कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) द्वारा पारित आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। CAT ने अपने आदेश में RCB टीम के IPL आईपीएल जीत के जश्न से पहले चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ को लेकर IPS अधिकारी विकास कुमार विकास का निलंबन रद्द कर दिया था।इस दुर्घटना में 11 लोगों की जान गई, जबकि 33 लोग घायल हुए।अधिकारी के साथ-साथ कर्नाटक पुलिस विभाग के चार अधिकारियों को कथित लापरवाही और भीड़ को नियंत्रित करने में विफलता के लिए निलंबित कर दिया गया।हालांकि CAT...

राजस्थान हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: बच्चों में मोबाइल की लत और जंक फूड पर लगे रोक, शिक्षा बोर्ड तैयार करें नया सिलेबस
राजस्थान हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: बच्चों में मोबाइल की लत और जंक फूड पर लगे रोक, शिक्षा बोर्ड तैयार करें नया सिलेबस

राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार (1 जुलाई) को केंद्र और राज्य सरकार को सुझाव दिया कि सभी माध्यमिक शिक्षा बोर्डों को निर्देश दिए जाएं कि वे ऐसा पाठ्यक्रम तैयार करें, जो बच्चों में जंक फूड खाने की आदत को हतोत्साहित करे और मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग पर समय-सीमा निर्धारित करने का प्रावधान करे।जस्टिस अनुप कुमार ढांड ने कहा कि मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग 1 से 21 वर्ष तक की उम्र के बच्चों की शारीरिक और मानसिक सेहत पर गंभीर असर डाल रहा है। कोर्ट ने कहा कि अब सरकार, शिक्षा विभाग और अभिभावकों को जागने और...

गैंगस्टर एक्ट के दुरुपयोग से इलाहाबाद हाईकोर्ट नाराज़; मुख्य सचिव को निर्देश- SC और HC के दिशा-निर्देशों से DM को अवगत कराएं; जरूत पड़े तो नए सिरे से प्रशिक्षण आयोजित करें
गैंगस्टर एक्ट के दुरुपयोग से इलाहाबाद हाईकोर्ट नाराज़; मुख्य सचिव को निर्देश- SC और HC के दिशा-निर्देशों से DM को अवगत कराएं; जरूत पड़े तो नए सिरे से प्रशिक्षण आयोजित करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स और असामाजिक क्रियाकलाप (रोकथाम) अधिनियम, 1986 के तहत गैंग चार्ट तैयार करने के संबंध में न्यायिक दिशा-निर्देशों और निर्देशों का लगातार पालन न किए जाने की जांच करें। जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने कहा कि राज्य के सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में हाईकोर्ट और सर्वोच्च सुप्रीम कोर्टद्वारा जारी निर्देशों से अवगत कराया जाना चाहिए और यदि...

चंडीगढ़ DRT के पूर्व पीठासीन अधिकारी को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने निलंबन अवधि रखी बरकरार
चंडीगढ़ DRT के पूर्व पीठासीन अधिकारी को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने निलंबन अवधि रखी बरकरार

दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटायर न्यायिक अधिकारी और चंडीगढ़ के ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) के पूर्व पीठासीन अधिकारी एम.एम. ढोंचक के निलंबन की अवधि बरकरार रखने वाला एकल जज के फैसला बरकरार रखा।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रेणु भटनागर की खंडपीठ ने निलंबन की अवधि बढ़ाने के दूसरे आदेश के खिलाफ उनकी याचिका खारिज करने वाले एकल जज के 3 मार्च के आदेश के खिलाफ ढोंचक की अपील खारिज की।व्यक्तिगत रूप से पेश हुए ढोंचक ने कहा कि उन्हें अपना काम लगन और पेशेवर तरीके से करने के लिए दंडित किया जा रहा है। चूंकि वे वकीलों को...

IFS अधिकारी संजीव चतुर्वेदी के CAT सदस्य के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई से अलग हुए ACJM
IFS अधिकारी संजीव चतुर्वेदी के CAT सदस्य के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई से अलग हुए ACJM

नैनीताल की एडिशनल चीफ न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) नेहा कुशवाह ने हाल ही में भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी द्वारा केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT), मुख्य पीठ, नई दिल्ली के सदस्य (न्यायिक) मनीष गर्ग के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि शिकायत की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।नैनीताल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को संबोधित पत्र में ACJM कुशवाह ने कहा कि हालांकि मामला उन्हें सौंपा गया है, लेकिन उनके लिए इस पर सुनवाई करना उचित नहीं होगा, क्योंकि न्यायिक सदस्य के साथ उनके पारिवारिक संबंध हैं...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने उठाए सवाल: बालिग होते ही लड़कियों को ऑब्जर्वेशन होम से बाहर क्यों भेजना? कहा- शिक्षा और भविष्य पर न पड़े असर
बॉम्बे हाईकोर्ट ने उठाए सवाल: बालिग होते ही लड़कियों को ऑब्जर्वेशन होम से बाहर क्यों भेजना? कहा- शिक्षा और भविष्य पर न पड़े असर

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने हाल ही में स्वत: संज्ञान लेते हुए उस समस्या पर विचार किया, जिसमें अवलोकन गृह (ऑब्जर्वेशन होम) में रहने वाली बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद अन्य जिलों में स्थानांतरित कर दिया जाता है।जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस संजय देशमुख की खंडपीठ ने कहा कि यद्यपि यह तय करना बाल कल्याण समिति (CWC) का कार्य है कि कोई बच्चा देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता में है या नहीं, परंतु बालिग होने पर लड़कियों की शिक्षा अन्य जिलों में स्थानांतरण के कारण प्रभावित नहीं होनी...

पीड़िता के कपड़े उतारना लेकिन विरोध के कारण संभोग न कर पाना बलात्कार के प्रयास की श्रेणी में आता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
पीड़िता के कपड़े उतारना लेकिन विरोध के कारण संभोग न कर पाना बलात्कार के प्रयास की श्रेणी में आता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी महिला के कपड़े उतारना लेकिन उसके विरोध के चलते संभोग न कर पाना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 सहपठित धारा 511 के तहत बलात्कार के प्रयास की श्रेणी में आता है।जस्टिस रजनीश कुमार की एकल पीठ ने आरोपी प्रदीप कुमार @ पप्पू @ भूरिया की सजा बरकरार रखी। उक्त आरोपी को नाबालिग पीड़िता (आयु लगभग 16-18 वर्ष) के अपहरण और उसके साथ बलात्कार का प्रयास करने के लिए 10 वर्ष की सजा दी गई थी।यह घटना वर्ष 2004 की है, जब आरोपी ने पीड़िता को अगवा कर लगभग 20 दिन तक एक घर में बंधक...

राज्य उपभोक्ता आयोग ने भारी भुगतान लेने के बावजूद मोबाइल ऐप नहीं बनाने पर डेवलपर को जिम्मेदार ठहराया
राज्य उपभोक्ता आयोग ने भारी भुगतान लेने के बावजूद मोबाइल ऐप नहीं बनाने पर डेवलपर को जिम्मेदार ठहराया

दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की पीठासीन सदस्य बिमला कुमारी की पीठ ने मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपर कंपनी मोबुलस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को सभी भुगतान लेने के बावजूद शिकायतकर्ता को मोबाइल ऐप के अंतिम संस्करण को वितरित करने में विफलता के लिए सेवा में कमी के लिए उत्तरदायी ठहराया है।पूरा मामला: शिकायतकर्ता ने शिकायतकर्ता के लिए मोबाइल ऐप बनाने के लिए मोबुलस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ('कंपनी') नामक एक मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपर कंपनी के साथ एक मास्टर समझौता किया। शिकायतकर्ता द्वारा...