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क्या सरकार और राजस्व मंडल को राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 261 के अंतर्गत नियम बनाने का अधिकार है?
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 एक विस्तृत अधिनियम है जो राज्य के राजस्व प्रशासन को नियंत्रित करता है। इसकी धारा 261 यह स्पष्ट रूप से निर्धारित करती है कि किन विषयों पर और किस स्तर की सरकार या अधिकारी को नियम बनाने (Rule Making) का अधिकार है। यह धारा राज्य शासन और राजस्व मंडल (Board of Revenue) को अधिनियम के उद्देश्य को पूर्ण करने हेतु नियम बनाने की शक्तियाँ प्रदान करती है।धारा 261(1) – राजस्व मंडल द्वारा नियम बनाना (Rules by the Board with Prior Sanction of the State Government) इस उपधारा के...
Indian Partnership Act, 1932 की धारा 25-28 : तीसरे पक्ष के प्रति भागीदारों और फर्म की देनदारियां
फर्म के कार्यों के लिए भागीदार की देनदारी (Liability of a Partner for Acts of the Firm)भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 (Indian Partnership Act, 1932) की धारा 25 (Section 25) भागीदारों की देनदारी को स्पष्ट करती है। इसके अनुसार, प्रत्येक भागीदार फर्म के सभी कार्यों के लिए, जो उसके भागीदार रहते हुए किए गए थे, अन्य सभी भागीदारों के साथ संयुक्त रूप से (Jointly) और व्यक्तिगत रूप से (Severally) भी उत्तरदायी (Liable) होता है। इसका मतलब है कि यदि फर्म पर कोई कर्ज है, तो लेनदार (Creditor) या तो सभी...
एडवोकेट और क्लाईंट का संबंध अनुबंधात्मक, फीस वसूली के लिए रिट याचिका स्वीकार्य नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत एक वकील द्वारा दायर एक रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2017 से लंबित अपने पेशेवर बिलों की मंजूरी के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी।याचिकाकर्ता राज्य कृषि विपणन बोर्ड और मंडी समिति की ओर से विभिन्न याचिकाओं में वकील के रूप में पेश हुआ था और दावा किया था कि बार-बार याद दिलाने के बावजूद, प्रतिवादी विशेष रूप से महामारी अवधि के दौरान उसका भुगतान जारी करने में विफल रहे। जस्टिस प्रणय वर्मा की बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के...
क्या POCSO मामलों में सपोर्ट पर्सन की नियुक्ति कानूनी अधिकार है या सिर्फ एक सलाह?
POCSO कानून के तहत बाल संरक्षण की व्यवस्था (Child Protection Framework under POCSO)POCSO अधिनियम, 2012 (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012) बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया एक विशेष कानून है। इसका उद्देश्य बच्चों के लिए संवेदनशील और सुरक्षित कानूनी प्रक्रिया (Child-Friendly Legal Framework) सुनिश्चित करना है। इस कानून में न केवल विशेष न्यायालय (Special Courts) की व्यवस्था की गई है बल्कि पीड़ित बच्चों को न्याय प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए सपोर्ट...
पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण देने में असमर्थ होने पर पति पर अधिक कमाने की जिम्मेदारी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि पति रखरखाव राशि अर्जित करने में सक्षम नहीं है, तो पत्नी और बच्चों को रखरखाव राशि का भुगतान करने के लिए अधिक कमाना उसका कर्तव्य है।अदालत ने अपनी पत्नी और दो नाबालिग बच्चों के लिए 24,700 रुपये के फैमिली कोर्ट के रखरखाव आदेश को चुनौती देने वाली पति की याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया कि उसकी अन्य देनदारियां थीं, जिसके कारण वह इसे वहन करने में असमर्थ था। जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने कहा, "यदि याचिकाकर्ता उपरोक्त राशि अर्जित करने में सक्षम नहीं है, तो...
रैगिंग | यूजीसी के नियम पर्याप्त नहीं; कठोर दंड के साथ कठोर कानून की जरूरत: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा था कि राज्य को शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के लिए कठोर दंड के साथ कठोर रैगिंग विरोधी कानून बनाना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि यद्यपि यूजीसी विनियम कठोर हैं, लेकिन वे रैगिंग की प्रथा को पूरी तरह से रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।जस्टिस डीके सिंह ने दो रिट याचिकाओं का निपटारा करते हुए यह टिप्पणी की, जो केरल पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (केवीएएसयू) के पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान महाविद्यालय के डीन और केवीएएसयू के पुरुष छात्रावास के सहायक वार्डन द्वारा दायर...
प्रत्यर्पण अधिनियम | विदेश में कथित अपराध के लिए गिरफ्तारी की आशंका वाले भारतीय नागरिक को अग्रिम जमानत उपलब्ध: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि CrPC की धारा 438 के तहत अग्रिम जमानत का संरक्षण प्रत्यर्पण अधिनियम, 1962 के तहत कार्यवाही का सामना कर रहे 'भगोड़े अपराधी' द्वारा लागू किया जा सकता है। जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि विदेश में किए गए कथित अपराध के लिए भारत में गिरफ्तारी की आशंका वाले भारतीय नागरिक को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत सुरक्षा से वंचित नहीं किया जाता है।न्यायालय ने कहा,"CrPC की धारा 438 केवल एक वैधानिक उपाय नहीं है, यह एक प्रक्रियात्मक सुरक्षा है जो संवैधानिक आदेश से...
पति द्वारा वित्तीय सहायता में देरी पत्नी और बच्चे की गरिमा का अपमान: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जब पति अपनी निर्भर पत्नी और बच्चे को वित्तीय सहायता देने में देरी करता है तो उनकी गरिमा का हनन होता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि भरण-पोषण का उद्देश्य तभी पूरा होता है जब यह समय पर दिया जाए, क्योंकि एक दिन की देरी भी इस अधिकार को व्यर्थ कर देती है।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा,"वित्तीय सहायता में देरी का मतलब है गरिमा से इनकार। यह कोर्ट इस सच्चाई से अवगत है कि समय पर भरण-पोषण न केवल जीविका बल्कि उन लोगों की बुनियादी गरिमा की रक्षा के लिए अनिवार्य है जो इसके कानूनी रूप से...
RTI सूचना मांगे गए तरीके से दे सरकार, सुरक्षा उपाय भी हो पुख्ता : दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) के तहत मांगी गई सूचना उस तरीके से प्रदान करने के लिए नियम बनाए या दिशा-निर्देश जारी करे, जिस तरीके से सूचना चाही गई है, साथ ही उसमें उचित सुरक्षा उपाय भी सुनिश्चित किए जाएं।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के सक्षम प्राधिकारी को तीन महीने के भीतर इस पर निर्णय लेने को कहा।यह आदेश आदित्य चौहान और अन्य व्यक्ति द्वारा दायर जनहित याचिका पर दिया गया।...
Ad-Interim Maintenance विशेष आवेदन दाखिल किए बिना भी दिया जा सकता है, यह आदेश की तारीख से देय: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में अंतरिम भरण-पोषण (Interim Maintenance) और अस्थायी भरण-पोषण (Ad-Interim Maintenance) के बीच अंतर किया। कोर्ट ने माना कि Ad-Interim Maintenance संबंधित पक्ष की ओर से किसी विशिष्ट आवेदन दाखिल किए बिना दिया जा सकता है। साथ ही ऐसे भरण-पोषण न्यायालय की ओर से पारित आदेश की तिथि से देय है, न कि भरण-पोषण आवेदन या याचिका दाखिल करने की तिथि से। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि न्यायालय Interim Maintenance के अनुदान और उसकी मात्रा के निर्धारण पर निर्णय लंबित रहने तक दावेदार...
'ऑपरेशन सिंदूर' पर आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट को लेकर गिरफ्तार कांग्रेस नेता को हाईकोर्ट से राहत, दंडात्मक कदम न उठाने का दिया निर्देश
गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया कि वह कांग्रेस नेता राजेश सोनी के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम न उठाए। राजेश पर कथित तौर पर फेसबुक पर पोस्ट करने के लिए FIR दर्ज की गई, जिसमें कहा गया कि उन्होंने "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान "भारतीय सेना की विश्वसनीयता" पर सवाल उठाया था।हालांकि, न्यायालय ने कहा कि जांच जारी रहेगी और सोनी को इसमें सहयोग करने का निर्देश दिया।अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी कर रहे साइबर क्राइम सेल के पुलिस इंस्पेक्टर को "राजेश सोनी - डेलिगेट...
हाईकोर्ट ने खंडवा जिला अस्पताल में धार्मिक स्थलों तक पहुंचने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (02 जुलाई) को खंडवा के सरकारी जिला अस्पताल को हजरत सैयद चांद शाह वली मजाद और शिव मंदिर में आम जनता के लिए प्रवेश की अनुमति देने के निर्देश देने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी, जो अस्पताल परिसर में स्थित हैं।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने कहा कि केवल एक गेट बंद किया गया और आम जनता अस्पताल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करके धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए स्वतंत्र थी।खंडपीठ ने कहा,"दूसरे रास्ते से आओ।...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पतंग उड़ाने के लिए 'चीनी डोर' के इस्तेमाल के खिलाफ जनहित याचिका बंद की
यह देखते हुए कि पंजाब सरकार के अधिकारियों ने प्रतिबंधित चीनी डोर के इस्तेमाल से होने वाली मौतों की सूचना देने वालों के लिए दंड और अवार्ड सहित पहले ही कदम उठाए हैं, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इस खतरे पर लगाम लगाने के लिए दायर दूसरी जनहित याचिका का निपटारा कर दिया।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमित गोयल की खंडपीठ ने कहा,"यह स्पष्ट है कि संबंधित अधिकारियों ने चीनी डोर के इस्तेमाल से होने वाली चोट या मौत की घटना की सूचना देने वाले शिकायतकर्ता के लिए दंड निर्धारित करने के साथ-साथ 25,000/- रुपये...
दिल्ली हाईकोर्ट ने पब्लिक टॉयलेट के रखरखाव के मामले में 'पूर्ण उदासीनता और असंवेदनशीलता' के लिए नगर निकायों की खिंचाई की
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में शौचालयों और सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव के मुद्दे पर “पूर्ण उदासीनता और असंवेदनशीलता” के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD), नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की खिंचाई की।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि आम जनता को पर्याप्त और उचित शौचालय और सुविधाएं प्रदान करने से संबंधित मुद्दे पर विचार करना दुर्भाग्यपूर्ण है।न्यायालय शहर में स्वच्छ पानी और बिजली की आपूर्ति के साथ स्वच्छ सार्वजनिक...
हाईकोर्ट ने पहलगाम हमले के बाद निर्वासित 63 वर्षीय पाकिस्तानी मूल की महिला को वापस भेजने के आदेश पर लगाई रोक
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने एकल जज की पीठ द्वारा पारित प्रत्यावर्तन आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी, जिसने केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) को पहलगाम हमले के बाद निर्वासित 63 वर्षीय पाकिस्तानी मूल की महिला को वापस भेजने का निर्देश दिया था।केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और गृह मंत्रालय द्वारा भारत संघ बनाम रक्षंदा राशिद थ. फलक जहूर, 2025 टाइटल से लेटर्स पेटेंट अपील (एलपीए) दायर की गई थी, जिसमें एकल जज के 6 जून के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश में निर्वासन को उचित प्रक्रिया की कमी और...
NEET-UG 2025: पावर कट से प्रभावित स्टूडेंट की री-एग्जाम पर रोक, MP हाईकोर्ट डिवीजन बेंच का बड़ा फैसला
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मंगलवार (1 जुलाई) को सिंगल जज द्वारा दिए गए उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को इंदौर और उज्जैन के परीक्षा केंद्रों पर पावर कट से प्रभावित NEET-UG 2025 के अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का निर्देश दिया गया था।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की बेंच NTA की ओर से दाखिल रिट अपील पर सुनवाई कर रही थी। NTA ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में सिंगल जज के फैसले के खिलाफ और कई अपीलें दाखिल होने की संभावना है, जिन्हें...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी को अलग रह रही पत्नी और बेटी के लिए हर महीने 4 लाख रुपये गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी से कहा है कि वह अपनी अलग हो चुकी पत्नी हसीन जहां के खिलाफ जारी कानूनी विवाद में उन्हें और बेटी को 4 लाख रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण के रूप में दें। जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी ने कहा,"...अधीन न्यायालय द्वारा निर्धारित अंतरिम मौद्रिक राहत में संशोधन की आवश्यकता है। विपक्षी/पति की आय, वित्तीय प्रकटीकरण और आय से यह स्थापित होता है कि वह अधिक राशि का भुगतान करने की स्थिति में है। याचिकाकर्ता पत्नी जो अविवाहित है और बच्चे के साथ स्वतंत्र रूप से रह रही है, वह...
लंबित अपील वाले करदाता 2020 समाधान योजना के तहत 50% राहत के पात्र: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि लंबित अपील वाले करदाता 2020 समाधान योजना (मध्य प्रदेश करधन अधिनियम की पुरानी बकाया राशि का समाधान अध्यादेश, 2020) के तहत 50% राहत के पात्र हैं। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी ने कहा कि करदाता का मामला अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष लंबित है, और विभाग ने अध्यादेश की धारा 4(1) की श्रेणी 1 के तहत करदाता के मामले पर गलत तरीके से विचार किया, जो वैधानिक प्रमाण पत्र/घोषणा से संबंधित राशि से संबंधित है।करदाता/याचिकाकर्ता मशीनरी प्रकार के उपकरणों के निर्माण...
दिल्ली हाईकोर्ट ने वजन घटाने वाली दवाओं की मंजूरी से संबंधित याचिका पर DCGI को दिया यह आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को वजन घटाने के उपचार के लिए बाजार में बेची जाने वाली दवा संयोजनों की मंजूरी के मुद्दे पर दायर याचिका पर भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) को हस्तक्षेप करने का आदेश दिया।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने DCGI को इस मुद्दे पर विशेषज्ञों और हितधारकों, जिनमें दवाओं के निर्माता भी शामिल हैं, उससे परामर्श करने का निर्देश दिया।न्यायालय ने जितेंद्र चौकसे द्वारा दायर जनहित याचिका का निपटारा कर दिया, जिन्होंने तर्क दिया था कि विचाराधीन दवाओं के उपयोग...
"कहानी 2" फिल्म की स्क्रिप्ट पर कॉपीराइट उल्लंघन मामले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे डायरेक्टर सुजॉय घोष
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (2 जुलाई) को नेशनल अवार्ड विजेता पटकथा लेखक और निर्देशक सुजॉय घोष द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कॉपीराइट एक्ट, 1957 की धारा 63 के तहत दायर आपराधिक मामला खारिज करने की मांग की गई थी। इस मामले में आरोप लगाया गया कि उनकी फिल्म "कहानी 2: दुर्गा रानी सिंह" चोरी की गई स्क्रिप्ट पर आधारित है।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने झारखंड राज्य और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी करते हुए घोष को कार्यवाही में मजिस्ट्रेट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित...




















