ताज़ा खबरे
Sales of Goods Act, 1930 की धारा 38-40 : एक या अधिक किस्तों के उल्लंघन का प्रभाव
माल विक्रय अधिनियम (Sales of Goods Act), 1930 का अध्याय IV अनुबंध के प्रदर्शन (Performance of the Contract) के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालता है, जिसमें सुपुर्दगी के तरीके और संबंधित जोखिम शामिल हैं। ये धाराएँ जटिल सुपुर्दगी परिदृश्यों (Complex Delivery Scenarios) में विक्रेता (Seller) और खरीदार (Buyer) के अधिकारों और कर्तव्यों को स्पष्ट करती हैं।किस्त सुपुर्दगी (Instalment Deliveries) धारा 38 किस्त सुपुर्दगी से संबंधित नियमों को निर्धारित करती है: 1. किस्त सुपुर्दगी स्वीकार करने की बाध्यता...
Indian Partnership Act, 1932 की धारा 28 – 29 : तीसरे पक्ष के प्रति भागीदारों की देनदारी और भागीदार के हित के हस्तांतरिती के अधिकार
'होल्डिंग आउट' द्वारा देनदारी (Holding Out)भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 (Indian Partnership Act, 1932) की धारा 28 (Section 28) 'होल्डिंग आउट' (Holding Out) के सिद्धांत को परिभाषित करती है, जिसे 'प्रदर्शन द्वारा भागीदारी' (Partnership by Estoppel) भी कहा जाता है। यह सिद्धांत तीसरे पक्ष के हितों की रक्षा करता है जो किसी व्यक्ति की भागीदारी की स्थिति पर विश्वास करते हुए फर्म के साथ लेनदेन करते हैं: 1. स्वयं को भागीदार के रूप में प्रस्तुत करना (Representing Oneself as a Partner): कोई भी व्यक्ति जो...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने ट्रायल जज से जुड़े रिश्वत मामले में FIR रद्द करने की एम3एम निदेशक की याचिका से खुद को अलग किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू ने ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश को रिश्वत देने की कथित साजिश के लिए 2023 में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की एम3एम निदेशक की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। रूप बंसल पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7,8,11,13 और आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप हैं।सीजे नागू ने पहले (23 मई) एकल न्यायाधीश से मामला वापस ले लिया था, जिन्होंने कुछ शिकायतों के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीजे ने मामले को वापस लेने के अनुरोध को भी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने घरेलू सहायिका को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पूर्व जज और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी पर लगाई रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को रिटायर हाईकोर्ट जज (जस्टिस अनिल कुमार) और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। जस्टिस अनिल और उनकी पत्नी का नाम उनकी घरेलू सहायिका को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दर्ज FIR में दर्ज किया गया है।जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस प्रकाश सिंह की खंडपीठ ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (IPC की धारा 306) के तहत दर्ज FIR रद्द करने और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग वाली एक आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश पारित किया।याचिकाकर्ताओं ने तर्क...
हलफनामा (Affidavit) का अर्थ, कानूनी प्रावधान, प्रक्रिया और सजा
एक हलफनामा एक ऐसा लिखित बयान होता है जिसमें कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से कुछ बातें सच बताकर उन्हें शपथ या सत्य प्रतिज्ञान के साथ लिखता है। भारत में इसे कानूनी और सरकारी कामों में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। यह बयान उस व्यक्ति द्वारा दिया जाता है जिसे अभिपत्रक या प्रतिवादी कहते हैं। जब यह हलफनामा किसी अधिकृत अधिकारी (जैसे नोटरी या मजिस्ट्रेट) के सामने साइन किया जाता है और वह इसे सत्यापित करता है, तब यह कानूनी रूप से वैध माना जाता है।शपथ पत्र क्या है? एक हलफनामा एक औपचारिक दस्तावेज है...
दिल्ली हाईकोर्ट ने CAPF कर्मियों के लिए सामान्य पूल आवासीय आवास को अधिकतम तीन वर्ष तक सीमित रखने के नियम को बरकरार रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) कर्मियों द्वारा सामान्य पूल आवासीय आवास (GPRA) को अंतिम तैनाती स्थान पर अधिकतम तीन वर्ष तक बनाए रखने पर प्रतिबंध लगाने वाले नियम को बरकरार रखा है, जब कोई कर्मी उसके बाद गैर-पारिवारिक स्टेशन पर तैनात होता है। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शालिंदर कौर की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के सामान्य पूल आवासीय आवास नियम, 2017 (CGGPRA Rule) के नियम 43 की वैधता को बरकरार रखा।न्यायालय ने भारत-तिब्बत सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल आदि सहित विभिन्न...
ट्रांसजेंडर आरक्षण पर प्रस्ताव उपयुक्त परिषद के समक्ष रखा जाएगा: NLSIU ने कर्नाटक हाईकोर्ट से कहा
नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) ने कर्नाटक हाईकोर्ट को सूचित किया कि यूनिवर्सिटी में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को प्रवेश में आरक्षण देने के मुद्दे को वह अपनी उपयुक्त परिषद के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करेगा।यह आश्वासन यूनिवर्सिटी की उस अपील के दौरान सामने आया, जिसमें उसने एकल पीठ के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को 0.5% आरक्षण और शुल्क माफी प्रदान करने को कहा गया था, जब तक कि राज्य सरकार इस संबंध में कोई नीति निर्णय नहीं लेती।NLSIU का तर्क है कि न तो अदालत और न ही...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गैर-हाजिर रहे तकनीशियन की बर्खास्तगी को सही ठहराया, कहा- सजा देना प्रबंधन का विशेषाधिकार
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भिलाई स्टील प्लांट के पूर्व तकनीशियन की सेवा में पुनर्स्थापना की याचिका खारिज करते हुए कहा कि अनुशासनात्मक मामलों में सजा देना प्रबंधन का प्रबंधकीय कार्य है। इसके साथ ही कोर्ट कहा कि तब तक अदालत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जब तक कि सजा प्रथम दृष्टया अत्यंत कठोर या न्याय की अंतरात्मा को झकझोरने वाली न लगे। यह फैसला जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने दिया और माना कि 140 दिनों तक बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर सेवा से बर्खास्तगी एक उचित और अनुपातिक दंड है।मामले की...
Proton Mail पर IT Act उल्लंघन का आरोप, केंद्र ने कहा- जवाबों का विश्लेषण जारी, 8 हफ्तों में निर्णय
कर्नाटक हाईकोर्ट में आज प्रोटॉन एजी (Proton AG) की उस अपील पर सुनवाई जारी रही, जो स्विट्ज़रलैंड की एक ईमेल सेवा प्रदाता कंपनी है। प्रोटॉन ने एकल जज के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें इसकी सेवाओं को भारत में अवरुद्ध करने का निर्देश दिया गया था। एक्टिंग चीफ जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस सी. एम. जोशी की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश की गई दलीलों पर ध्यान दिया। केंद्र ने अदालत को बताया कि एकल जज द्वारा चिन्हित दो URL के अलावा Proton Mail द्वारा IT Act और उसके नियमों के कई अन्य उल्लंघन भी...
व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए पक्षों के बीच हुआ संवाद वैध मध्यस्थता समझौता हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से पार्टियों के बीच संचार एक वैध मध्यस्थता समझौते हो सकता है।जस्टिस जसमीत सिंह ने मध्यस्थता अधिनियम की धारा 7 (4) (b) का अवलोकन किया और कहा कि पक्षों के बीच एक वैध मध्यस्थता समझौते के अस्तित्व में होने के लिए एक संपन्न अनुबंध के अस्तित्व में होना आवश्यक नहीं है। अदालत यूएई स्थित कंपनी, बेल्वेडियर रिसोर्सेज डीएमसीसी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ओसीएल आयरन एंड स्टील लिमिटेड, ओरिएंटल आयरन कास्टिंग लिमिटेड और एरॉन...
दिल्ली कोर्ट ने पैसे ऐंठने के लिए बलात्कार का झूठा मामला दर्ज कराने वाली महिला के खिलाफ लिया एक्शन
दिल्ली कोर्ट ने एक महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का आदेश दिया, जिसने एक मैरिज वेबसाइट पर मिले व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार का झूठा मामला दर्ज कराया था ताकि उससे पैसे ऐंठने का प्रयास किया जा सके।मामले में आरोपी को बरी करते हुए तीस हजारी कोर्ट के एएसजे अनुज अग्रवाल ने कहा कि बरी करने वाला व्यक्ति न्याय के हित में नहीं होगा, क्योंकि कानून को न केवल दोषी को दंडित करना चाहिए, बल्कि एक निर्दोष व्यक्ति की गरिमा की भी रक्षा करनी चाहिए।जज ने कहा,"हालांकि इस मामले में आरोपी के पक्ष में फैसला आया, लेकिन...
अस्थायी या संविदा कर्मचारियों के लिए भी प्राकृतिक न्याय का पालन किया जाना चाहिए: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की जस्टिस संदीप शर्मा की एकल पीठ ने डाटा एंट्री ऑपरेटर का निलंबन आदेश रद्द कर दिया। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि किसी कर्मचारी को कदाचार के लिए निलंबित करने से पहले उचित जांच और कारण बताओ नोटिस अनिवार्य है। न्यायालय ने आगे स्पष्ट किया कि अस्थायी या संविदा कर्मचारियों के लिए भी प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए।मामले की पृष्ठभूमिसुरिंदर कुमार 2008 से केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे थे। 17 साल से अधिक समय तक काम...
'जांच में तेजी लाने के लिए "हर संभव प्रयास" किए जा रहे हैं': लॉ स्टूडेंट रेप केस में राज्य ने कलकत्ता हाईकोर्ट को बताया
पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट को बताया कि वह साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में कथित बलात्कार की घटना की जांच समय पर करने और उसे पूरा करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।राज्य की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट कल्याण बंदोपाध्याय ने जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस स्मिता दास डे की खंडपीठ को आश्वासन दिया कि सरकार जांच का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए "हरसंभव प्रयास" कर रही है।उन्होंने कहा,"मैं आपको यही आश्वासन दे रहा हूं। यह मेरा निजी रुख है...मैं कोर्ट के प्रति अपना कर्तव्य निभाता हूं। मैंने जांच पर...
PCS-J Exam 2022 'Irregularities' | जस्टिस गोविंद माथुर आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की
UP-PCSJ (Main) 2022 Exam में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए नियुक्त पूर्व चीफ जस्टिस गोविंद माथुर के नेतृत्व वाले आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस दोनादी रमेश की खंडपीठ द्वारा जस्टिस माथुर को परीक्षा के संचालन और मूल्यांकन में विसंगतियों और कदाचार के संबंध में कई उम्मीदवारों द्वारा उठाई गई गंभीर चिंताओं की जांच करने के लिए स्वतंत्र आयोग के प्रमुख के रूप में नियुक्त किए जाने के लगभग 6 महीने बाद यह घटनाक्रम सामने...
NLU भोपाल की छात्रा की ने BCI के उपस्थिति नियमों को दी चुनौती, MP हाईकोर्ट ने कहा, 'वास्तविक कक्षाओं का कोई विकल्प नहीं'
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल की एक छात्रा, जिसे कम उपस्थिति के कारण डीबार कर दिया गया था, की ओर से दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने सनुवाई के दरमियान, मौखिक रूप से कहा कि "वास्तविक कक्षाओं का कोई विकल्प नहीं है" और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम के बजाय अपवाद होना चाहिए। छात्र ने याचिका में बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित उपस्थिति विनियमों की वैधता को चुनौती दी, विशेष रूप से बीसीआई के कानूनी शिक्षा नियमों के नियम 12 के साथ-साथ एनएलआईयू, भोपाल...
भगदड़ मामले में पुलिस अधिकारी के निलंबन पर हाईकोर्ट ने किया राज्य सरकार से सवाल, पूछा- 'उनके निलंबन को उचित ठहराएं'
कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार (03 जुलाई) को राज्य सरकार से कहा कि वह RCB टीम के IPL 2025 जीत समारोह से पहले चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हुई भगदड़ के बाद कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की अपनी कार्रवाई को उचित ठहराए।जस्टिस एस जी पंडित और जस्टिस टी एम नदाफ की खंडपीठ IPS अधिकारी विकास कुमार विकास का निलंबन रद्द करने वाले केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।खंडपीठ ने राज्य सरकार से मौखिक रूप से...
2016 Forced Eviction Case में आजम खान के खिलाफ ट्रायल में अंतिम आदेश पारित करने पर रोक 15 जुलाई तक बढ़ी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व उत्तर प्रदेश मंत्री और सांसद मोहम्मद आजम खान और अन्य से जुड़े 2016 के जबरन बेदखली मामले के समेकित मुकदमे में अंतिम आदेश पारित करने पर रोक (15 जुलाई तक) बढ़ा दी।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने यह आदेश तब पारित किया, जब एएजी मनीष गोयल ने मामले में निर्देश प्राप्त करने और कुछ संकलन दाखिल करने के लिए समय मांगा।इससे पहले, मामले में खान के सह-आरोपी द्वारा दायर याचिका पर अंतिम फैसला पारित करने पर 3 जुलाई तक रोक लगा दी गई थी। उस वक्त दावा किया गया था कि ट्रायल कोर्ट जून में ही...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा- अवैध बर्खास्तगी, जिसमें प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन किया गया, उसमें बहाली जरूरी, न कि केवल मुआवज़ा
कलकत्ता हाईकोर्ट की एक सिंगल जज बेंच ने लेबर कोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें एक बस चालक को बहाल करने से इनकार कर दिया गया था, जबकि उसकी बर्खास्तगी को अवैध पाया गया था। जस्टिस राजा बसु चौधरी ने कहा कि जब बर्खास्तगी प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करती है, तो केवल मुआवज़ा देने के बजाय बहाली प्रदान की जानी चाहिए। मामलासी चिदंबरम ने 2008 से परिवहन निदेशालय के लिए दैनिक किराए के एक बस चालक के रूप में काम किया। उनका कार्यकाल 2015 तक बिना किसी रुकावट के बढ़ाया गया था। हालांकि, 2014...
गर्भवती पीड़िता की देखभाल के लिए 'अंतरधार्मिक संबंध' में POCSO आरोपी को मिली अंतरिम जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को POCSO Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आरोपी व्यक्ति को दो महीने की अंतरिम जमानत दी। आरोपी को जमानत देते हुए कोर्ट ने उसे नाबालिग पीड़िता की देखभाल करने का निर्देश दिया गया, जो एक अलग धर्म से ताल्लुक रखती है, पांच महीने की गर्भवती है और कथित तौर पर उसके साथ संबंध में है।जस्टिस राजेश सिंह चौहान की पीठ ने यह आदेश पारित किया, जिन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय आवेदक के 'आचरण' और पीड़िता और उसकी मां की संतुष्टि के आधार पर अगली तारीख (3 सितंबर) पर अंतरिम जमानत...
सुप्रीम कोर्ट ने NDPS मामले में देरी से अपील करने के लिए अधिकारियों पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश में किया संशोधन
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट का वह आदेश रद्द करने से इनकार कर दिया, जिसमें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) के तहत बरी किए जाने के खिलाफ अपील दायर करने में देरी के लिए केंद्र सरकार पर जुर्माना लगाया गया था।हालांकि, कोर्ट ने आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि जुर्माना केंद्र सरकार द्वारा जमा किया जाना चाहिए, न कि अपील करने और दाखिल करने में शामिल अधिकारियों द्वारा (जैसा कि हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है)।इसके अलावा, कोर्ट ने जुर्माने की राशि को 1 लाख रुपये से घटाकर 50,000 रुपये कर...




















