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भारतीय कानून व्यवस्था के तहत एक महिला आरोपी के अधिकार
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत आरोपी महिलाओं के अधिकारभारतीय आपराधिक कानून अपराधों के आरोपी महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा सुनिश्चित करता है, कानूनी प्रक्रिया के दौरान उनकी गरिमा और अधिकारों को संरक्षित करता है। इन सुरक्षा उपायों को अब मुख्य रूप से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) और भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) के तहत संहिताबद्ध किया गया है। 1. गिरफ्तारी से संबंधित सुरक्षा केवल रात्रि गिरफ्तारी और केवल महिला अधिकारी नहीं (धारा 43 BNSS): महिलाओं को सूर्यास्त और...
'नियम बनाने का अधिकार केवल केंद्र को है': हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य ड्रग कंट्रोलर की SOPs को रद्द किया
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने माना है कि राज्य औषधि नियंत्रक के पास कार्यालय आदेश या मानक संचालन प्रक्रिया जारी करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत नियम बनाने की शक्ति विशेष रूप से केंद्र सरकार के पास है।जस्टिस अजय मोहन गोयल "इस मामले के मद्देनजर, जब नियम बनाने की शक्ति विशेष रूप से केंद्र सरकार को प्रदान की जाती है और केंद्र सरकार ने इस प्रकार प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, नियम बनाए हैं जो निर्माताओं की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं जैसे कि...
अनुबंध पर नियुक्त सरकारी वकील को नियमित नियुक्ति का अधिकार नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अनुबंध पर कार्यरत लोक अभियोजक (पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) की नियमितीकरण की याचिका खारिज कर दी।जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस जॉयमल्या बागची की खंडपीठ ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ता की नियमित नियुक्ति की मांग वाली याचिका खारिज कर कोई गलती नहीं की।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता स्वयं जिलाधिकारी, पुरुलिया से अनुबंध पर काम जारी रखने की अनुमति मांगता रहा ताकि आजीविका चला सके।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा,“याचिकाकर्ता ऐसा कोई वैधानिक या संवैधानिक अधिकार स्थापित...
कृष्ण जन्मभूमि मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद को सभी कार्यवाहियों में विवादित ढांचा कहने की याचिका खारिज की
कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़ी चल रही वादों में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को वह याचिका खारिज की, जिसमें आग्रह किया गया था कि भविष्य की सभी कार्यवाहियों में शाही ईदगाह मस्जिद की जगह 'विवादित ढांचा' शब्द का प्रयोग किया जाए।जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की एकल पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि यह आवेदन “फिलहाल के लिए खारिज” किया जाता है।यह आवेदन मूल वाद संख्या 13/2023 में एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह ने दाखिल किया था, जिसे कई अन्य पक्षों ने भी समर्थन दिया था, जिनमें वाद संख्या 07/2023 के...
VC पर बीयर मग के साथ दिखे सीनियर वकील पर गुजरात हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, वकील ने मांगी बिना शर्त माफी
गुजरात हाईकोर्ट ने 1 जुलाई को सीनियर एडवोकेट भास्कर तन्ना के खिलाफ स्वत: संज्ञान अवमानना कार्यवाही शुरू की, जब वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बीयर मग से पीते हुए दिखाई दिए। इसके बाद सीनियर एडवोकेट ने कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी।यह घटना 26 जून को जस्टिस संदीप भट्ट की पीठ के समक्ष हुई थी और इसका वीडियो क्लिप व्यापक रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ।जस्टिस एएस सुपेहिया और जस्टिस आरटी वचानी की खंडपीठ ने इस व्यवहार को चौंकाने वाला और निंदनीय करार देते हुए कहा कि इसका न्यायिक प्रणाली और विधि के शासन...
शादीशुदा महिला शादी के झूठे वादे पर यौन शोषण का आरोप नहीं लगा सकती: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति को नियमित जमानत दी, जिस पर एक शादीशुदा महिला को झूठे शादी के वादे पर यौन संबंध बनाने के लिए फुसलाने का आरोप लगा था।आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 84 (शादीशुदा महिला को आपराधिक इरादे से बहलाना या बंधक बनाना) और धारा 69 (छलपूर्वक यौन संबंध बनाना आदि) के तहत मामला दर्ज किया गया था।अभियोग पक्ष का कहना था कि आरोपी ने शिकायतकर्ता (जो कि शादीशुदा महिला थी) को झूठे शादी के वादे पर यौन संबंध बनाने के लिए फुसलाया। बाद में आरोपी ने उसकी...
सीनियरिटी-कम-एफिशिएंसी के आधार पर ही हो इंचार्ज हेडमास्टर की नियुक्ति : गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट की जस्टिस रॉबिन फुकन की पीठ ने फैसला सुनाया कि यदि दो अभ्यर्थी एक ही दिन सेवा में शामिल होते हैं तो सीनियरिटी उम्र के आधार पर तय की जाएगी और बड़े उम्र के कर्मचारी को सीनियर माना जाएगा। साथ ही मिडिल स्कूलों में हेडमास्टर की नियुक्ति सीनियरिटी-कम-एफिशिएंसी के आधार पर की जानी चाहिए।मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता को 11.02.1994 को झौडांगा एमई स्कूल में साइंस ग्रेजुएट शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। उसी दिन प्रतिवादी को हिंदी शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया। बाद में...
वेतन सुरक्षा का लाभ सीनियरिटी निर्धारण का आधार नहीं बन सकता, जब कर्मचारी स्वेच्छा से दूसरी सेवा में शामिल हो: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि किसी कर्मचारी को दी गई वेतन सुरक्षा या पूर्व सेवा अवधि की गिनती केवल पेंशन संबंधी लाभों के लिए होती है। यह किसी अलग सेवा/कैडर में सीनियरिटी का दावा करने का अधिकार नहीं देती, खासकर जब कर्मचारी ने स्वेच्छा से सेवा बदली हो।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस राजेश कुमार की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले Director of School Education v. A.N. Kandaswamy का हवाला देते हुए कहा कि केवल वेतन संरक्षण या चयन/विशेष ग्रेड देने के लिए पिछली सेवा की गिनती से यह नहीं माना जा...
साइबर क्राइम से 'डिजिटल भारत' को खतरा, जमानत देने से पहले अपराध की गंभीरता जैसे कारकों का मूल्यांकन किया जाना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित मामलों में जमानत याचिकाओं पर निर्णय करते समय "कई महत्वपूर्ण कारकों का सावधानी पूर्वक मूल्यांकन" आवश्यक है और न्यायिक सतर्कता की उच्च डिग्री की आवश्यकता है।न्यायालय ने 25 लाख रुपये से जुड़े साइबर अपराध में उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला पाए जाने के बाद एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए ये टिप्पणियां कीं।जस्टिस सुमीत गोयल ने अपने आदेश में कहा,"जमानत याचिकाओं पर निर्णय करते समय विशेष रूप से साइबर अपराध और...
दिल्ली हाईकोर्ट ने CSE 2023 के खिलाफ याचिका खारिज की, कहा- वह यह सुझाव नहीं दे सकता कि प्रश्न पत्र में किस तरह से प्रश्न तैयार किए जाएं
सिविल सर्विस परीक्षा (CSE) 2023 के पेपर I और पेपर II को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वह यह सुझाव नहीं दे सकता कि प्रश्न पत्र में किस तरह से प्रश्न तैयार किए जाएं, जब तक कि प्रश्न या दिए गए उत्तरों में कोई अस्पष्टता न हो।जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस अजय दिगपॉल की खंडपीठ ने कहा कि CSE में लाखों स्टूडेंट शामिल होते हैं और 2023 की परीक्षा में छह लाख से अधिक स्टूडेंट शामिल हुए।न्यायालय ने कहा कि छह लाख से अधिक स्टूडेंट्स के लिए पेपर तैयार करते समय यह नहीं माना जा...
BREAKING| NEET-UG 2025 : सुप्रीम कोर्ट ने रिजल्ट और उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG 2025 परीक्षा की अंतिम उत्तर कुंजी और परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ अभ्यर्थी शिवम गांधी रैना की याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि NTA द्वारा एक प्रश्न (प्रश्न संख्या 136, कोड संख्या 47) के उत्तर में गलती थीखंडपीठ ने सबसे पहले कहा कि उसने बुधवार को इसी तरह के मामले को खारिज कर दिया था।जस्टिस नरसिम्हा ने याचिकाकर्ता के वकील सीनियर एडवोकेट आर...
बालासाहेब ठाकरे स्मारक स्थल पर बंबई हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी याचिकाएं खारिज
बंबई हाईकोर्ट ने शिवाजी पार्क, दादर स्थित मेयर बंगले पर बालासाहेब ठाकरे राष्ट्रीय स्मारक बनाने के लिए राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि स्मारक स्थल का चयन, ट्रस्ट का गठन और अन्य संबंधित निर्णय राज्य की नीतिगत सीमा में आते हैं। इन पर न्यायिक समीक्षा का अधिकार नहीं बनता।चीफ जस्टिस आलोक आराधे और जस्टिस संदीप वी. मर्ने की खंडपीठ ने चार जनहित याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मेयर बंगले का उपयोग बदलने में MRTP एक्ट के...
'डबल नहीं, ट्रबल इंजन सरकार' कहने पर हंगामा, डीके शिवकुमार के खिलाफ मानहानि मामले में हाईकोर्ट ने कार्यवाही पर लगाई रोक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ राज्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) इकाई द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी। यही राहत कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) को भी दी गई।जस्टिस एस आर कृष्ण कुमार की पीठ ने प्रतिवादी को नोटिस जारी किया, जिस पर अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। गौरतलब है कि इसी मामले में हाईकोर्ट ने इस साल जनवरी में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भी ट्रायल पर रोक लगाई थी।डिप्टी सीएम की ओर से सीनियर...
FIR मामले में HDFC Bank बैंक के CEO को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने वापस हाईकोर्ट जाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (4 जुलाई) को HDFC Bank के CEO शशिधर जगदीशन द्वारा लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट के इशारे पर दर्ज FIR रद्द करने के लिए दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने कहा कि जब जगदीशन की याचिका 14 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष सूचीबद्ध है तो सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप करना अनुचित है।HDFC Bank के CEO ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के तीन जजों ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग...
राजस्थान हाईकोर्ट ने सड़क हादसे की शिकार युवती की मुआवजा राशि बढ़ाकर 1.9 करोड़ की, कहा- ये दान नहीं, न्याय व गरिमा की अनिवार्यता
राजस्थान हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना में 21 वर्षीय युवती को 100% निचले शरीर के पक्षाघात (पैरालिसिस) के मामले में मुआवजा राशि को 1.49 करोड़ से बढ़ाकर 1.90 करोड़ कर दिया।जस्टिस गणेश राम मीणा की बेंच ने कहा कि यह सिर्फ शारीरिक चोट नहीं बल्कि युवती के जीवन की पहचान, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को गहरा आघात है।कोर्ट ने कहा,“यह मुआवजा कोई दया या चैरिटी नहीं बल्कि नैतिक और कानूनी ज़रूरत है। यह न्यायिक तंत्र का प्रयास है कि जो भविष्य, शरीर और स्वतंत्रता उससे छीन ली गई, उसे आंशिक रूप से ही सही, लौटाया जा...
रोस्टर द्वारा निर्धारित निर्धारण से विरत बेंच द्वारा पारित आदेश अमान्य: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना कि चीफ जस्टिस द्वारा निर्धारित रोस्टर के आधार पर उस विशेष निर्धारण से विरत बेंच द्वारा पारित आदेश अधिकार क्षेत्र से वंचित होंगे तथा कानून की दृष्टि में अमान्य होंगे।इस बात का उत्तर देते हुए जस्टिस देबांगसु बसाक, जस्टिस शम्पा सरकार तथा जस्टिस हिरणमय भट्टाचार्य की फुल बेंच ने कहा:संदर्भ का उत्तर यह मानते हुए दिया जाता है कि हाईकोर्ट की बेंच द्वारा पारित आदेश, जिसे माननीय चीफ जस्टिस द्वारा निर्धारित रोस्टर के आधार पर निर्धारित निर्धारण से विरत किया गया, अधिकार क्षेत्र से...
पक्षकार के पास विरोध करने के लिए पर्याप्त समय होने पर समन की तामील में अनियमितता के आधार पर एकपक्षीय डिक्री रद्द नहीं की जा सकती: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें एकपक्षीय डिक्री रद्द कर दी गई, जबकि यह माना गया कि एकपक्षीय डिक्री को केवल समन की तामील में अनियमितता के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता है, यदि यह स्थापित हो जाता है कि दूसरे पक्ष को सुनवाई की तारीख की सूचना थी और दावे का विरोध करने के लिए पर्याप्त समय था।जस्टिस सत्येन वैद्य ने कहा:"संहिता के आदेश 9 के नियम 13 में संलग्न दूसरा प्रावधान अपवाद बनाता है कि कोई भी न्यायालय केवल इस आधार पर एकपक्षीय रूप से पारित डिक्री रद्द नहीं करेगा...
राजस्थान हाईकोर्ट का अनोखा जमानती आदेश: आरोपी को रोज़ाना 2 घंटे करना होगा स्वच्छ भारत अभियान में काम
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में एनडीपीएस (NDPS) आरोपी को ज़मानत पर रिहा करते हुए शर्त लगाई कि वह दो महीने तक रोजाना दो घंटे केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन में सेवा देगा।जस्टिस समीर जैन की बेंच ने यह आदेश देते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (Bhartiya Nagarika Suraksha Sanhita) में निहित 'सामुदायिक सेवा' की अवधारणा को विस्तारित किया।इस संहिता में छोटे अपराधों के लिए सजा के रूप में सामुदायिक सेवा को न्यायिक सुधार के रूप में शामिल किया गया।जस्टिस जैन ने कहा,"भारतीय न्याय संहिता में निहित...
राहुल गांधी ने अमेरिका यात्रा के दौरान की गई टिप्पणियों पर खुद को बताया 'सच्चा देशभक्त', कहा- सिख समुदाय के हित में बोला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वाराणसी कोर्ट के समक्ष अपना जवाब दाखिल किया। गांधी इसमें अमेरिका की यात्रा (सितंबर 2024 में) के दौरान सिखों के बारे में कथित रूप से भड़काऊ टिप्पणी करने के लिए उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली पुनरीक्षण याचिका का विरोध किया गया।एमपी/एमएलए कोर्ट के समक्ष दायर लिखित जवाब में गांधी ने कहा कि नागेश्वर मिश्रा द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका राजनीति से प्रेरित है। उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का कोई कानूनी आधार नहीं है।खुद को 'सच्चा देशभक्त'...
मुवक्किल से फर्जी कोर्ट फीस वसूलने पर BCMG ने वकील को 2 साल के लिए किया निलंबित
बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एंड गोवा (BCMG) ने एक अधिवक्ता को दो साल के लिए प्रैक्टिस से निलंबित कर दिया है, क्योंकि उसने एक मुवक्किल से 80,000 रुपये की फर्जी कोर्ट फीस वसूल की थी।वकील रंजीता वेंगुर्लेकर को यह जुर्माना भरना पड़ा। उन्हें मुवक्किल को 25,000 रुपये का हर्जाना भी देने का निर्देश दिया गया।अभिजीत जगन्नाथ जादोकर ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने वेंगुर्लेकर पर कोर्ट फीस के तौर पर 80,000 रुपये लेकर और फर्जी रसीद पेश करके धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुल...




















