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काबिल महिला वकील से हार मंज़ूर नहीं, मगर नाकाम पुरुष से चलेगा: हाईकोर्ट जज जस्टिस शर्मिला देशमुख का करारा तंज
बॉम्बे हाईकोर्ट की जज जस्टिस शर्मिला देशमुख ने कानूनी पेशे में महिलाओं को मिलने वाली सीमित अवसरों पर खुलकर अपनी बात रखी और पुरुष प्रधान मानसिकता पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज भी वादकारियों की सोच है कि वे अयोग्य पुरुष वकील से केस हारना मंज़ूर कर लेंगे लेकिन एक काबिल महिला वकील से हारना नहीं।जस्टिस देशमुख ने कहा,"यह एक ऐसा सच है, जिसे सब जानते हैं मगर कोई स्वीकार नहीं करना चाहता। हमारा पेशा पुरुष प्रधान है। आम जनता की सोच यह है कि अगर हारना भी है तो पुरुष वकील के साथ हार जाएं मगर महिला...
मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अब आयुर्वेदिक दवाओं के आयात पर भी जरूरी होगा लाइसेंस, नियमों में बदलाव की सिफारिश
मद्रास हाईकोर्ट ने आयुर्वेदिक दवाओं के आयात को लेकर अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आयात से जुड़े मौजूदा कानून सिर्फ एलोपैथिक दवाओं तक सीमित नहीं हैं बल्कि आयुर्वेदिक दवाएं भी इन्हीं नियमों के दायरे में आती हैं। हाईकोर्ट ने मौजूदा नियमों में स्पष्टता की कमी को गंभीर बताया और आयुर्वेदिक दवाओं के लिए अलग फॉर्म व मानक निर्धारित करने की सिफारिश की है।जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति की एकल पीठ ने कहा,“ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और उसके तहत बने नियम सभी प्रकार की दवाओं पर लागू होते हैं, जिनमें...
325 दिन की देरी पर फटकार: गंभीर अपराधों में अपील में देरी पीड़ितों के न्याय के अधिकार पर कुठाराघात- दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों में राज्य सरकार द्वारा अपील दाखिल करने में की गई देरी विशेषकर तब जब पीड़ित समाज के हाशिए या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आता हो, उसके निष्पक्ष न्याय के अधिकार को नुकसान पहुंचाती है।जस्टिस स्वराणा कांता शर्मा की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा,“पीड़ितों के पास स्वतंत्र रूप से कानूनी उपाय अपनाने के साधन नहीं होते और वे राज्य प्रणाली पर न्याय के लिए निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर राज्य समय पर अपील नहीं करता तो यह केवल प्रक्रियात्मक चूक नहीं...
PM और RSS पर आपत्तिजनक कार्टून बनाना पड़ा भारी, कार्टूनिस्ट की अग्रिम ज़मानत खारिज
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर आपत्तिजनक कार्टून फेसबुक पर साझा किया था, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।जस्टिस सुभाष अभ्यंकर की बेंच ने माना कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा लांघने का है। आरोपी की कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक है।कोर्ट ने कार्टून की सामग्री को लेकर कहा,"कार्टून में RSS को उसकी वर्दी (खाकी हाफ पैंट, सफेद शर्ट) में एक मानव रूप...
घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पति से निर्माणाधीन फ्लैट के लिए किश्तें भरने को नहीं कहा जा सकता, न ही इसे 'साझा घर' कहा जा सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बंबई हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि निर्माणाधीन फ्लैट, भले ही पति-पत्नी के नाम पर संयुक्त रूप से रजिस्टर्ड हो, उसे घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम (PwDV) 2005 के तहत 'साझा घर' नहीं कहा जा सकता। इसलिए पति को ऐसे फ्लैट की किश्तें भरने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।जस्टिस मंजूषा देशपांडे ने कहा कि विचाराधीन फ्लैट अभी भी निर्माणाधीन है और दंपति अभी तक उसमें नहीं रह रहे हैं।हाईकोर्ट ने 4 जुलाई के अपने आदेश में कहा,"वर्तमान मामले में कथित 'साझा घर' का कब्ज़ा अभी तक नहीं सौंपा गया, किश्तों का...
अतिक्रमण की गई वन भूमि का मात्र उपयोग करना किसी व्यक्ति को मालिक द्वारा दायर बेदखली कार्यवाही में आवश्यक पक्ष नहीं बनाता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि जो व्यक्ति किसी वन भूमि पर बने पथ या सड़क का मात्र उपयोग करते हैं, उनके पास अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध बेदखली आदेश को चुनौती देने का अधिकार नहीं है।जस्टिस ज्योत्सना रेवल दुआ:"याचिकाकर्ता कलेक्टर वन के समक्ष लिस में आवश्यक पक्ष नहीं है। कलेक्टर वन द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने के लिए उनके पास कोई अधिकार नहीं है। अतिक्रमण की गई/टूटी हुई वन भूमि पर अतिक्रमण का मात्र उपयोग करना किसी व्यक्ति को भूमि के मालिक द्वारा दोषियों के विरुद्ध दायर बेदखली कार्यवाही में...
BNSS की धारा 360 के तहत अभियोजन वापस लेने की सहमति देने से इनकार करने पर आरोपी ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दे सकता है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि कोई आरोपी ट्रायल कोर्ट के उस 'मनमाने और तर्कहीन' आदेश को चुनौती दे सकता है, जिसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 360/ CrPC की धारा 321 के तहत उसके खिलाफ अभियोजन वापस लेने के लिए राज्य को सहमति देने से इनकार किया गया, भले ही राज्य ने ऐसे आदेशों को चुनौती न देने का विकल्प चुना हो।यह आदेश जस्टिस कौसर एडापागथ ने पारित किया।मामले की पृष्ठभूमियह मामला दो पुनर्विचार याचिकाओं से उत्पन्न हुआ, जिसमें से एक में कई आरोपी शामिल थे, जिन पर IPC, आर्म्स एक्ट,...
कन्हैया लाल हत्याकांड पर बनी फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा जमीयत उलेमा-ए-हिंद
दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें नफरत फैलाने वाले भाषण और सांप्रदायिक सद्भाव के आधार पर 11 जुलाई को सिनेमाघरों में आने वाली फिल्म “उदयपुर फाइल्स” की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी द्वारा दायर याचिका में फिल्म को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए सीबीएफसी द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र को भी चुनौती दी गई।यह प्रस्तुत किया गया कि फिल्म का ट्रेलर ऐसे संवादों और उदाहरणों से भरा हुआ है, जो सांप्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा देते हैं। इसलिए इसमें...
'अनुचित प्रभाव, निष्पक्ष सुनवाई का उल्लंघन': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट वकील के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला ट्रांसफर किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले को दूसरे जिले में ट्रांसफर कर दिया, क्योंकि आरोपी व्यक्ति उसी न्यायालय में वकील हैं, जहां याचिका दायर की गई तथा जिला कोर्ट के वकीलों ने उनके खिलाफ ब्रीफ स्वीकार करने से इनकार कर दिया।जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने कहा,"प्रतिवादी द्वारा अनुचित प्रभाव या शत्रुतापूर्ण वातावरण के निर्माण के कारण अनिच्छा के कारण प्रभावी कानूनी सहायता प्राप्त करने में वादी की असमर्थता, विशेष रूप से जहां आरोपी उसी न्यायालय में अभ्यास करने वाला वकील है, निष्पक्ष सुनवाई के...
बिना लाइसेंस हेयर ट्रांसप्लांट और खराब परिणाम पर उपभोक्ता आयोग ने क्लीनिक को जिम्मेदार ठहराया
नई दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने डीएचआई एशियन रूट्स को आवश्यक लाइसेंस और सरकारी अनुमोदन के बिना आधुनिक वैज्ञानिक हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रियाओं का संचालन करने के लिए उत्तरदायी ठहराया है। आयोग ने फीस के भुगतान के बावजूद संतोषजनक परिणाम देने में विफलता के लिए क्लिनिक को लापरवाही के लिए उत्तरदायी ठहराया।पूरा मामला: शिकायतकर्ता ने सितंबर 2012 में हेयर ट्रांसप्लांट के लिए एसपीए योगा प्राइवेट लिमिटेड की इकाई डीएचआई एशियन रूट्स से संपर्क किया। क्लिनिक के डॉक्टरों ने आश्वासन दिया कि...
2020 दिल्ली दंगे मामले में केस डायरी सुरक्षित रखने की देवांगना कलीता की याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को देवांगना कलिता की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।कलिता ने 6 नवंबर, 2024 के ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था और दिल्ली पुलिस को 'राज्य बनाम राज्य बनाम भारत मामले' की जांच के संबंध में बनाई गई पुस्तिकाओं 9989 और 9990 को फिर से बनाने और संरक्षित करने का निर्देश दिया था। थाना-जाफराबाद में दर्ज एफआईआर संख्या 48/2020 में फैजान और अन्य। पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस रविंदर...
नशे की ओर खतरनाक झुकाव चिंताजनक, तैयार ड्रग वाले मामलों में सख्ती जरूरी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 500 ग्राम हेरोइन रखने के लिए दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति की सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया, जो 3 साल से अधिक समय से हिरासत में था, यह देखते हुए कि नशीली दवाओं के खतरे, विशेष रूप से निर्मित दवाओं से जुड़े होने पर, "अत्यंत सख्ती" से निपटा जाना चाहिए।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा, "यह गहरी चिंता के साथ है कि यह न्यायालय हमारे समाज को त्रस्त करने वाले नशीली दवाओं के खतरे पर न्यायिक नोटिस लेता है, जो सार्वजनिक व्यवस्था, स्वास्थ्य और राष्ट्र के तानेबाने के लिए एक घातक खतरा...
अन्य त्योहारों के लिए भी ऐसे ही मांगें उठेंगी: बंबई हाईकोर्ट ने पर्युषण पर्व पर पशु वध रोकने के BMC के फैसले पर पुनर्विचार को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई में पशुओं के वध पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मौखिक टिप्पणी की, 'मुंबई जैसे शहर में अगर पर्यूषण पर्व के नौ दिन के लिए बूचड़खाने बंद हैं तो गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा या नवरात्रि आदि जैसे अन्य त्योहार मनाने वाले सभी लोग अदालत आएंगे और इसी तरह की प्रार्थना करेंगे। 'पर्यूषण पर्व' के मद्देनजर 9 दिनों की अवधि के लिए पुणे और नाशिक।चीफ़ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस संदीप मार्ने की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे मुंबई, पुणे और नासिक में नगर...
'इतने ताकतवर होकर भी रिपोर्ट नहीं दिला पाए?' कर्नाटक हाईकोर्ट का तेजस्वी सूर्या से सवाल
कर्नाटक हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की याचिका पर सोमवार को बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMRCL), राज्य और केंद्र को नोटिस जारी किया।जस्टिस एस सुनील दत्त यादव ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया जो अगले सप्ताह के एक सप्ताह बाद जवाब दे सकते हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक रूप से कहा, "आप इतने शक्तिशाली हैं कि आप बीएमआरसीएल से इतना भी नहीं करवा सकते?"जिस पर सूर्या के वकील ने जवाब दिया, "अधिकतम हम उन्हें लिख सकते हैं, यहां तक कि जनता भी उनके पीछे है, हम सीधे बीएमआरसीएल के...
Indian Partnership Act, 1932 की धारा 32-36 : 'होल्डिंग आउट' द्वारा भागीदार की देनदारी
भागीदार का निष्कासन (Expulsion of a Partner)भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 (Indian Partnership Act, 1932) की धारा 33 (Section 33) एक भागीदार के निष्कासन (Expulsion) से संबंधित है। 1. निष्कासन के लिए नियम (Rules for Expulsion): किसी भागीदार को भागीदारों के किसी भी बहुमत (Majority of the Partners) द्वारा फर्म से निष्कासित नहीं किया जा सकता है, सिवाय इसके कि जब भागीदारों के बीच के अनुबंध (Contract) द्वारा प्रदान की गई शक्तियों (Powers) का सद्भावना (Good Faith) में उपयोग किया गया हो। इसका मतलब है कि...
Sales of Goods Act, 1930 की धारा 47, 48 और 49: Unpaid Seller का ग्रहणाधिकार
माल विक्रय अधिनियम (Sales of Goods Act), 1930 का अध्याय V "अदत्त विक्रेता" (Unpaid Seller) के अधिकारों को स्पष्ट करता है, जिसे माल के लिए पूरा भुगतान नहीं मिला है। इन अधिकारों में से एक महत्वपूर्ण अधिकार है माल पर ग्रहणाधिकार (Lien on the Goods), जो विक्रेता को माल को अपने कब्ज़े में रखने की शक्ति देता है जब तक उसे भुगतान नहीं मिल जाता। यह अधिकार विक्रेता के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है।विक्रेता का ग्रहणाधिकार (Seller's Lien) धारा 47 उन परिस्थितियों को परिभाषित करती है जिनके तहत...
हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 3-4: परिभाषाएं और अधिनियम का अधिरोही प्रभाव
हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 (Hindu Marriage Act, 1955) के प्रभावी और सटीक अनुप्रयोग (Effective and Precise Application) के लिए, अधिनियम में उपयोग किए गए कुछ महत्वपूर्ण शब्दों और अभिव्यक्तियों (Expressions) का स्पष्ट अर्थ समझना आवश्यक है।धारा 3 (Section 3) इन आवश्यक परिभाषाओं (Definitions) को प्रदान करती है, जो कानून की बारीकियों (Nuances) को समझने की कुंजी हैं। इसके बाद, धारा 4 (Section 4) अधिनियम के सर्वोपरि (Paramount) महत्व और अन्य कानूनों और रीति-रिवाजों पर इसके अधिरोही प्रभाव (Overriding...
क्या मिलिट्री हॉस्पिटल में हुई मेडिकल लापरवाही जीवन के अधिकार का उल्लंघन है और क्या इसके लिए मुआवज़ा मिल सकता है?
CPL अश्विन कुमार चौहान बनाम कमांडिंग ऑफिसर के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह तय किया कि क्या एक सैन्य अस्पताल (Military Hospital) में हुई मेडिकल लापरवाही (Medical Negligence) के लिए सरकार जिम्मेदार ठहराई जा सकती है और क्या पीड़ित को मुआवज़ा (Compensation) दिया जा सकता है।यह मामला भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी को बिना ठीक से जांचे गए खून चढ़ाने से HIV संक्रमण होने से जुड़ा है। कोर्ट ने इस फैसले में मरीजों के अधिकारों, सरकारी अस्पतालों की जिम्मेदारियों और संवैधानिक उपायों (Constitutional Remedies)...
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों के विलय की योजना को चुनौती देने वाली याचिकाएं हाईकोर्ट में खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की उन सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को विलय करने की योजना को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें 50 से कम रजिस्टर्ड स्टूडेंट हैं।जस्टिस पंकज भाटिया की पीठ ने शिक्षा प्रणाली को "अधिक कार्यात्मक और व्यवहार्य" बनाने के लिए पात्र विद्यालयों को निकटवर्ती शैक्षणिक सुविधाओं के साथ 'जोड़ने' के राज्य सरकार का निर्णय बरकरार रखा।सीतापुर के कुल 51 स्टूडेंट्स ने अपने अभिभावकों के माध्यम से राज्य सरकार के 16 जून के आदेश को...
राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के खिलाफ तुर्क कंपनी Celebi की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से खारिज
राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के खिलाफ तुर्क कंपनी Celebi की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से खारिज दिल्ली हाईकोर्ट ने तुर्की स्थित कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की उस याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया जिसमें नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में उसकी सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। जस्टिस सचिन दत्ता ने यह आदेश पारित किया। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 23 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया...




















