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गौतम गंभीर ने 'पर्सनैलिटी राइट्स' की सुरक्षा के लिए दायर केस में उल्लंघन करने वाले कंटेंट के खिलाफ अंतरिम राहत की अर्जी वापस ली
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने सोमवार (23 मार्च को) दिल्ली हाईकोर्ट से अपनी वह अर्जी वापस ली, जिसमें उन्होंने ऐसे कंटेंट के खिलाफ अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी, जो कथित तौर पर उनके 'पर्सनैलिटी राइट्स' का उल्लंघन कर रहा था।यह अर्जी उनके मुख्य केस के तहत दायर की गई, जिसमें उन्होंने अपने 'पर्सनैलिटी राइट्स' की सुरक्षा की मांग की।सोमवार सुबह इस मामले की सुनवाई शुरू हुई तो जस्टिस ज्योति सिंह ने गंभीर की ओर से पेश वकील जय अनंत देहाद्रई से पूछा, "कंटेंट हटाने (Take Down) की मांग कहां...
साक्ष्यों में विरोधाभास, मेडिकल प्रमाण नहीं: पटना हाइकोर्ट ने POCSO मामले में दोषसिद्धि रद्द की
पटना हाइकोर्ट ने अहम फैसले में अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दी गई सजा रद्द की।अदालत ने कहा कि पीड़िता के बयानों में गंभीर विरोधाभास, मेडिकल साक्ष्य का अभाव और स्वतंत्र पुष्टि न होने के कारण अभियोजन का मामला विश्वसनीय नहीं ठहरता।जस्टिस बिबेक चौधुरी और जस्टिस डॉ. अंशुमान की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि ऐसे असंगत और अप्रमाणित साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि कायम नहीं रह सकती।अदालत ने माना कि यौन अपराध के मामलों में पीड़िता की गवाही महत्वपूर्ण होती है लेकिन इस मामले में उसके बयान...
लंबे समय तक आउटसोर्सिंग से भर्ती टालना अनुचित: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने राज्य को लगाई फटकार
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने सरकारी संस्थानों द्वारा नियमित नियुक्तियों को दरकिनार कर लंबे समय तक आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मचारियों से काम लेने की प्रवृत्ति पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने इसे शोषण और अन्याय को बढ़ावा देने वाला बताया।जस्टिस विक्रम डी चौहान की पीठ ने बरेली नगर निगम को निर्देश दिया कि 13 वर्षों से आउटसोर्स आधार पर काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटर के नियमितीकरण पर पुनर्विचार किया जाए।कोर्ट ने कहा कि जब किसी कर्मचारी से लंबे समय तक लगातार काम लिया जाता है और उसका कार्य विभाग के लिए आवश्यक और स्थायी...
पति की मृत्यु के बाद एक्स-पार्टी तलाक रद्द नहीं हो सकता: इलाहाबाद हाइकोर्ट का अहम फैसला
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि पति या पत्नी की मृत्यु के बाद एक्स-पार्टी तलाक के डिक्री को रद्द नहीं किया जा सकता।अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में मुकदमा आगे नहीं बढ़ सकता और इसे पुनर्जीवित करना कानूनन संभव नहीं है।जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने यह निर्णय देते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें 30 साल पुराने तलाक को बहाल कर दिया गया था।मामले में पहली पत्नी का विवाह 1991 में एक्स-पार्टी डिक्री के जरिए समाप्त हो गया। इसके बाद पति ने...
जमीन आवंटन के बाद भी खत्म नहीं होती SDM की जिम्मेदारी: इलाहाबाद हाइकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि जमीन का आवंटन करने के बाद भी उपजिलाधिकारी (SDM) की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती बल्कि उन्हें आवंटी के कब्जे की सुरक्षा तब तक करनी होती है, जब तक जमीन का स्वामित्व राज्य के पास रहता है।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 65 के तहत SDM को यह अधिकार और कर्तव्य है कि वह अवैध कब्जे को हटाकर आवंटी को जमीन पर कब्जा दिलाएं और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।अदालत ने कहा कि यदि SDM की भूमिका...
हाईवे निर्माण में दखल नहीं दे सकता वक्फ ट्रिब्यूनल: पटना हाइकोर्ट का सख्त फैसला
पटना हाइकोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े भूमि अधिग्रहण मामलों में वक्फ ट्रिब्यूनल को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।अदालत ने साफ किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 अपने आप में पूर्ण कानून है। इसी के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया संचालित होती है।जस्टिस बिबेक चौधरी की एकल पीठ ने बिहार राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल, पटना के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को समस्तीपुर जिले में कब्रिस्तान और मस्जिद दर्ज जमीन पर हाईवे निर्माण से...
नाबालिग से छेड़छाड़ के बाद आत्महत्या का मामला: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने POCSO आरोपी की जमानत रद्द की
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने गंभीर मामले में POCSO आरोपी की जमानत रद्द की, जिस पर आरोप है कि जमानत पर छूटने के बाद उसने नाबालिग पीड़िता को फिर से परेशान किया, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।जस्टिस बृज राज सिंह की पीठ ने पाया कि आरोपी ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया और मिली स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया। अदालत ने उसे दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।मामले में पीड़िता के पिता ने अदालत का रुख करते हुए आरोपी की जमानत रद्द करने की मांग की थी।आरोप है कि आरोपी पहले से ही नाबालिग के साथ...
45 साल बाद जमीन बहाली का दावा खारिज: झारखंड हाइकोर्ट का बड़ा फैसला, 1947 से पहले के सौदों पर नहीं लागू होंगे नियम
झारखंड हाइकोर्ट ने छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 1947 से पहले हुए भूमि हस्तांतरण पर धारा 46 लागू नहीं होती और 45 साल की देरी से दायर बहाली याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने यह निर्णय देते हुए निचली प्राधिकरणों के आदेशों को रद्द किया, जिनमें जमीन बहाली की अनुमति दी गई थी।मामले में याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उनके पूर्वज को वर्ष 1939-40 में विधिवत पंजीकृत पट्टा के जरिए जमीन दी गई। बाद में 1952 में सिविल कोर्ट...
सह-आरोपियों पर आदेश लागू होने की स्थिति स्पष्ट न करने पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी, कहा- हाईकोर्ट जज ने जिम्मेदारी निभाने में की चूक
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश द्वारा आपराधिक कार्यवाही निरस्त करने के आदेश की सीमा स्पष्ट न करने पर कड़ी नाराज़गी जताई है। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा स्पष्टीकरण देने से इनकार करने से ट्रायल कोर्ट में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि उसी एफआईआर से संबंधित लंबित याचिकाओं को उस न्यायाधीश के अलावा किसी अन्य पीठ को सौंपा जाए, जिसने पूर्व में आदेश पारित...
सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका निस्तारित की, रिहाई का लिया संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट ने आज लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत हिरासत को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका का निस्तारण कर दिया। यह याचिका उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंगमो द्वारा दाखिल की गई थी।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की खंडपीठ ने कहा कि केंद्र सरकार ने 14 मार्च को हिरासत आदेश को वापस ले लिया है, जिसके चलते यह याचिका अब निष्प्रभावी (infructuous) हो गई है और इस पर निर्णय देने के लिए कुछ शेष नहीं है।सुनवाई के दौरान...
एटा में मिली जैन प्रतिमा को प्रयागराज के सेंट्रल म्यूजियम में सुरक्षित रखने का निर्देश, विशेषज्ञ समिति गठित करने को कहा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एटा में मिली एक प्राचीन जैन प्रतिमा को प्रयागराज के सेंट्रल म्यूजियम में सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, कोर्ट ने प्रतिमा के स्वरूप, प्रकृति और उससे जुड़े जैन समुदाय के संप्रदाय (दिगंबर या श्वेतांबर) की पहचान तय करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने को कहा है।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने कहा कि प्रतिमा ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और इसे 9वीं-10वीं शताब्दी का बताया जा रहा है। साथ ही, जैन समुदाय के दिगंबर और श्वेतांबर संप्रदायों के...
2012 बस हादसा: श्रीनगर एमएसीटी ने 1.13 करोड़ मुआवजा दिया, बीमा कंपनी पर 50,000 रुपये का जुर्माना
श्रीनगर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने वर्ष 2012 के एक बस हादसे से जुड़े चार दावों में कुल 1.13 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान किया। साथ ही, अधिकरण ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी (UIIC) पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, क्योंकि कंपनी ने ट्रायल के दौरान जोखिम प्रारंभ होने से संबंधित महत्वपूर्ण पॉलिसी दस्तावेज को छिपाया था।प्रेसाइडिंग ऑफिसर फैयाज़ अहमद कुरैशी की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुआवजे का वितरण इस प्रकार किया:मुश्ताक अहमद डार – ₹1,00,000राजा बेगम – ₹15,04,000रफीका बेगम –...
पेड़ काटने की अनुमति से इनकार से पहले सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 की धारा 5 के तहत यदि सक्षम प्राधिकारी किसी व्यक्ति के पेड़ काटने या हटाने के आवेदन को खारिज करना चाहता है, तो उससे पहले आवेदक को सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य है।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने कहा कि धारा 5(2) स्पष्ट रूप से यह प्रावधान करती है कि बिना सुनवाई का अवसर दिए अनुमति को अस्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि अधिकारी धारा 5(1) के तहत प्राप्त रिपोर्ट से...
सुप्रीम कोर्ट की इमारत पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने पर प्रशासनिक स्तर पर होगा विचार
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी इमारत के गुंबद पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने की मांग से जुड़ी याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर न्यायिक नहीं बल्कि प्रशासनिक स्तर पर विचार किया जाएगा।चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली शामिल थे इस याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में कोर्ट की इमारत के मुख्य गुंबद पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने का निर्देश देने की मांग की गई।सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत का निर्माण चल रहा है और...
ड्यूटी के दौरान हादसे में 5 साल से कोमा में सिपाही, राजस्थान हाइकोर्ट ने दिलाई वेतन की राहत
राजस्थान हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण मानवीय फैसले में उस महिला को राहत दी, जिसके पति एक सिपाही ड्यूटी के दौरान हुए हादसे के बाद पिछले कई वर्षों से कोमा में हैं और उनका वेतन रोका गया था।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सिपाही को विशेष दिव्यांग अवकाश (स्पेशल डिसएबिलिटी लीव) प्रदान किया जाए, 2021 से बकाया वेतन जारी किया जाए और आगे भी नियमित वेतन का भुगतान जारी रखा जाए।मामले के अनुसार सिपाही 2021 में ड्यूटी के दौरान एक दुर्घटना का शिकार हो गया था, जिसके बाद से वह कोमा में है।...
तमिलनाडु में 'धुरंधर: द रिवेंज' फिल्म पर प्रतिबंध की मांग, हाईकोर्ट ने याचिका दाखिल करने को कहा
सोमवार (23 मार्च) को एक वकील ने मद्रास हाईकोर्ट के समक्ष तमिलनाडु में फिल्म “धुरंधर: द रिवेंज” पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर तत्काल उल्लेख (urgent mention) किया। यह मांग राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र की गई है। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित हैं।एडवोकेट शीला ने चीफ़ जस्टिस एसए धर्माधिकारी और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की पीठ के समक्ष कहा कि यह फिल्म राजनीतिक विषयों पर आधारित है और इसमें पक्षपातपूर्ण राजनीतिक टिप्पणियां शामिल हैं। उन्होंने दलील दी...
AI जज की जगह नहीं ले सकता: चीफ जस्टिस सूर्यकांत का स्पष्ट संदेश
सूर्यकांत ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, वह मानव जज की जगह नहीं ले सकती, क्योंकि उसमें संवेदना, करुणा और जवाबदेही जैसे जरूरी मानवीय गुण नहीं होते।बेंगलुरु में आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि न्याय देना केवल गणना का कार्य नहीं बल्कि अंतरात्मा का निर्णय होता है।उन्होंने कहा,“कानून सिर्फ नियमों का तंत्र नहीं है, बल्कि निर्णय का तंत्र है और सच्चा निर्णय गणना नहीं बल्कि विवेक का विषय है।" चीफ जस्टिस ने कहा कि अदालतें रोज ऐसे मामलों का फैसला...
सिर्रा सॉन्ग विवाद: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गायक गुरु रंधावा के खिलाफ कार्यवाही पर लगाई रोक
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने पंजाबी गायक गुरु रंधावा के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाई।बता दें, यह मामला उनके गाने 'सिर्रा' के एक बोल को लेकर दर्ज शिकायत से जुड़ा है, जिसमें जाट-सिख समुदाय की मानहानि का आरोप लगाया गया।जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह की पीठ ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही स्थगित रहेगी।शिकायत में आरोप लगाया गया कि गीत की एक पंक्ति “जम्मेया नूं गुड़ती च मिलदी अफीम आ” जाट-सिख समुदाय की छवि को खराब करती है और धार्मिक परंपरा...
पेपर लीक होने पर परीक्षा पूरी कराने का अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए कहा कि यदि किसी परीक्षा में पेपर लीक हो जाए और उससे अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की आशंका हो तो उम्मीदवार राज्य को परीक्षा प्रक्रिया पूरी कराने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने कहा कि चयन का कोई अटूट अधिकार नहीं होता और यदि परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठ जाए तो उसे रद्द करना उचित है।कोर्ट ने कहा,“परीक्षा की निष्पक्षता सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति में इससे समझौता नहीं किया जा सकता।”मामला उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा सहायक...
अनुशासनात्मक कार्रवाई की समय-सीमा कोर्ट खुद बढ़ा सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि गंभीर कदाचार के मामलों में सजा से बचने की स्थिति न बने, इसके लिए अदालत अपने आप (स्वतः संज्ञान लेते हुए) अनुशासनात्मक कार्यवाही की तय समय-सीमा बढ़ा सकती है।जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने कहा कि यदि नियोक्ता समय बढ़ाने के लिए कोर्ट नहीं भी जाता है तब भी अदालत मामले की सुनवाई करते समय परिस्थितियों का आकलन कर सकती है और आवश्यक होने पर समय-सीमा बढ़ा सकती है।कोर्ट ने कहा,“ऐसे मामलों में जहां कार्यवाही तय समय में पूरी...



















