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नैनीताल पंचायत चुनाव हिंसा पर हाईकोर्ट सख्त: मीडिया को कोर्ट रूम रिपोर्टिंग से रोका, बढ़ती बंदूक संस्कृति पर जताई चिंता
नैनीताल पंचायत चुनावों में हिंसा, अपहरण और फायरिंग की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मीडिया को कोर्ट रूम की कार्यवाही रिपोर्ट करने से रोक दिया। साथ ही राज्य में बढ़ती बंदूक संस्कृति पर गंभीर चिंता जताई।चीफ जस्टिस जी. नरेंदर और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने कहा कि कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग, बातचीत या इंटरैक्शन को बिना अनुमति प्रकाशित करना प्रतिबंधित है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मीडिया केवल अदालत द्वारा पारित आदेशों को ही प्रकाशित कर सकता है।कोर्ट ने कहा,“मीडिया और तीसरे...
पूर्व जजों ने सलवा जुडूम फैसले की गलत व्याख्या करने वाली अमित शाह की टिप्पणी की निंदा की
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व जजों के एक समूह ने सीनियर वकीलों के साथ मिलकर संयुक्त बयान जारी किया। इस बयान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सलवा जुडूम मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2011 के फैसले की "गलत व्याख्या" करने की निंदा की गई। यह फैसला जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी ने लिखा था, जो उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए INIDA ब्लॉक पार्टियों द्वारा समर्थित उम्मीदवार हैं।हस्ताक्षरकर्ताओं ने शाह की सार्वजनिक टिप्पणी को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया। साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया कि सलवा जुडूम फैसला, स्पष्ट...
कस्टडी के दौरान बच्चे के साथ भागी महिला का पता लगाने में भारत की कानूनी सहायता करने के लिए रूस बाध्य: सुप्रीम कोर्ट
अपने भारतीय पति के साथ हिरासत की लड़ाई लंबित होने के बावजूद अपने बच्चे के साथ देश छोड़कर भाग गई एक रूसी महिला के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि उसके द्वारा की गई संधि के अनुसार, रूस का भारत की आपराधिक जाँच में कानूनी सहायता करने का दायित्व है।न्यायालय ने विदेश मंत्रालय से आग्रह किया कि वह रूसी अधिकारियों से सहायता के लिए एक नया अनुरोध करे, हालांकि शुरुआत में वे मदद करने में विफल रहे थे।न्यायालय ने आदेश दिया,"संधि में निहित दायित्वों के अनुसार, हम विदेश मंत्रालय को रूसी संघ के...
Order XLI Rule 27 CPC | अपीलीय न्यायालयों को अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने से पहले दलीलों की जांच करनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि यदि अतिरिक्त साक्ष्य Order XLI Rule 27 CPC के अंतर्गत अपीलीय स्तर पर प्रस्तुत नहीं किए जा सकते तो वे दलीलों से असंगत हैं। न्यायालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अपीलीय न्यायालयों को ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत करने से पहले दलीलों की जांच करनी चाहिए, क्योंकि दलीलों से असंबंधित साक्ष्य किसी काम के नहीं होते, जिससे वे अस्वीकार्य हो जाते हैं।न्यायालय ने कहा,"हमारी राय में यह विचार करने से पहले कि क्या कोई पक्षकार Order XLI Rule 27(1) CPC के अंतर्गत अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने...
सड़क दुर्घटना मुआवज़ा कानून – कब और कैसे क्लेम करें?
भारत में हर साल लाखों लोग सड़क हादसों का शिकार होते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित या उसके परिवार को इलाज, नुकसान या मृत्यु की स्थिति में मुआवज़ा (Compensation) पाने का अधिकार होता है। यह अधिकार मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (Motor Vehicles Act, 1988) के तहत दिया गया है।कब मिल सकता है मुआवज़ा?1. दुर्घटना में चोट लगने पर – इलाज, दवाइयों, आय का नुकसान आदि का खर्च।2. दुर्घटना से मृत्यु होने पर – मृतक के आश्रित (परिवारजन) मुआवज़ा पाने के हकदार हैं।3. स्थायी अपंगता (Permanent Disability) – अगर हादसे में...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (18 अगस्त, 2025 से 22 अगस्त, 2025) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।प्रवेश के दौरान संस्थागत वरीयता सभी छात्रों पर लागू, उत्तीर्ण वर्ष के आधार पर भेदभाव लागू नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट एकल न्यायाधीश के फैसले से असहमत होते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि प्रवेश के चरण में संस्थानों द्वारा लागू की जाने वाली संस्थागत वरीयताएं उस संस्थान से उत्तीर्ण सभी छात्रों...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (18 अगस्त, 2025 से 22 अगस्त, 2025 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।यदि DSR के पास नदी की पुनःपूर्ति क्षमता का अध्ययन नहीं है तो रेत खनन के लिए पर्यावरणीय मंजूरी नहीं दी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (23 अगस्त) को कहा कि नदी की वार्षिक प्राकृतिक पुनर्प्राप्ति क्षमता (Annual Natural Recovery Capacity) के आकलन से संबंधित पुनःपूर्ति अध्ययन...
उपभोक्ता अधिकार – गलत प्रोडक्ट या सेवा मिलने पर क्या करें?
हम सभी रोज़ाना सामान खरीदते हैं या सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं – चाहे वह मोबाइल हो, कपड़े हों, बिजली का बिल, बीमा, बैंकिंग सेवा या ऑनलाइन शॉपिंग। लेकिन कई बार हमें गलत सामान (defective product) या खराब सेवा (deficient service) मिल जाती है। ऐसे में बहुत लोग चुप रह जाते हैं, जबकि कानून हमें न्याय पाने का पूरा अधिकार देता है।उपभोक्ता को कौन-कौन से अधिकार मिले हैं?"उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 (Consumer Protection Act, 2019)" के तहत हर ग्राहक को ये अधिकार मिले हैं:सही जानकारी पाने का अधिकार –...
'यात्रा' एक सामान्य शब्द, इसे जाना-पहचाना चिह्न घोषित नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रैवल कंपनी को अंतरिम निषेधाज्ञा देने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि "यात्रा" शब्द एक सामान्य और वर्णनात्मक शब्द है, जिस पर यात्रा कंपनी यात्रा ऑनलाइन लिमिटेड द्वारा एकाधिकार का दावा नहीं किया जा सकता। जस्टिस तेजस करिया ने कहा कि यद्यपि 'यात्रा' चिह्न प्रमुख है, फिर भी यात्रा कंपनी इस पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकती क्योंकि यह यात्रा और पर्यटन सेवाओं के लिए सामान्य और सामान्य रूप से वर्णनात्मक है।न्यायालय ने मैक कॉन्फ्रेंसेज एंड इवेंट्स लिमिटेड के खिलाफ ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे में यात्रा द्वारा दायर अंतरिम निषेधाज्ञा को...
प्रवेश के दौरान संस्थागत वरीयता सभी छात्रों पर लागू, उत्तीर्ण वर्ष के आधार पर भेदभाव लागू नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
एकल न्यायाधीश के फैसले से असहमत होते हुए, राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि प्रवेश के चरण में संस्थानों द्वारा लागू की जाने वाली संस्थागत वरीयताएं उस संस्थान से उत्तीर्ण सभी छात्रों पर लागू होनी चाहिए, और उत्तीर्णता वर्ष के आधार पर उन छात्रों के बीच कोई कृत्रिम भेदभाव नहीं किया जा सकता। न्यायालय एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा संस्थान वरीयता के अंतर्गत नए छात्रों के लिए एक अलग श्रेणी बनाने की अनुमति देने वाले एकल पीठ के फैसले को चुनौती दी गई थी।इसके कारण, भले ही...
मुख्य चुनाव आयुक्त की शक्तियां
भारत के लोकतंत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त चुनाव आयोग का प्रमुख होता है, जो संवैधानिक रूप से स्वतंत्र और शक्तिशाली पद है। मुख्य चुनाव आयुक्त को शक्तियां मुख्य रूप से संविधान के अनुच्छेद 324 से मिलती है जो चुनाव आयोग को संसद, राज्य विधानसभाओं, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावों की तैयारी, संचालन और नियंत्रण की जिम्मेदारी सौंपता है।इस अनुच्छेद के तहत, मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अधिकार प्राप्त हैं, जैसे मतदाता सूचियों की तैयारी, निर्वाचन क्षेत्रों...
चुनाव आयोग का गठन और उसकी निष्पक्षता
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र संस्था है जिसे चुनाव आयोग कहा गया है। यह आयोग न केवल लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और अन्य चुनावों का संचालन करता है, बल्कि मतदाता सूचियों की तैयारी, निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन और चुनावी नियमों का पालन सुनिश्चित करता है। चुनाव आयोग का गठन भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत हुआ है, जो आयोग को चुनावी प्रक्रिया की देखरेख, निर्देशन और नियंत्रण की शक्तियां प्रदान करता है।चुनाव आयोग का गठन संविधान के भाग XV के अंतर्गत आता...
जल अधिनियम 1974 की धाराएं 13 और 14 : संयुक्त बोर्ड का गठन
जल प्रदूषण केवल एक राज्य या क्षेत्र की समस्या नहीं है, बल्कि यह कई बार सीमापार (Inter-State) प्रकृति की होती है। नदियाँ, नहरें और जलाशय प्राकृतिक सीमाओं को नहीं मानते। उदाहरण के लिए, गंगा, यमुना, गोदावरी या ब्रह्मपुत्र जैसी नदियाँ कई राज्यों से होकर बहती हैं। यदि एक राज्य में प्रदूषण फैलता है, तो उसका प्रभाव पड़ोसी राज्य पर भी पड़ता है। इस जटिलता को समझते हुए, जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 ने संयुक्त बोर्डों (Joint Boards) का प्रावधान रखा है।संयुक्त बोर्ड का विचार भारतीय संघीय...
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में अध्याय II के अंतर्गत धारा 6 से 8 : राज्य वन्यजीव बोर्ड का गठन, कार्यप्रणाली और कर्तव्य
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में अध्याय II के अंतर्गत धारा 6 से 8 तक राज्य स्तर पर वन्यजीव संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण संस्था का प्रावधान किया गया है, जिसे राज्य वन्यजीव बोर्ड (State Board for Wildlife) कहा जाता है।इस संस्था का गठन 2002 के संशोधन अधिनियम द्वारा और अधिक स्पष्ट और व्यापक रूप से परिभाषित किया गया। राज्य वन्यजीव बोर्ड एक ऐसा मंच है जहाँ सरकार, विशेषज्ञ, गैर-सरकारी संगठन और विभिन्न विभाग मिलकर वन्यजीव संरक्षण की नीति और दिशा तय करते हैं। धारा 6 — राज्य वन्यजीव बोर्ड का गठन...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 53A-53B : अपीलीय न्यायाधिकरण की स्थापना
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के निर्णयों और आदेशों के खिलाफ अपील के लिए एक अपीलीय मंच (appellate forum) का होना एक निष्पक्ष और पारदर्शी नियामक प्रणाली के लिए आवश्यक है। भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम के अध्याय VIIIA (Chapter VIIIA) में इस अपीलीय तंत्र का प्रावधान है।यह अध्याय अपीलीय न्यायाधिकरण (Appellate Tribunal) की स्थापना, अधिकार क्षेत्र और अपीलों को दायर करने की प्रक्रिया का विवरण देता है। यह सुनिश्चित करता है कि CCI के निर्णयों से असंतुष्ट पक्षों को अपने मामले की समीक्षा (review) करने का...
क्या PMLA के अंतर्गत Special Court में पेश होना Custody या Bail की मांग करता है?
सुप्रीम कोर्ट ने Tarsem Lal v. Directorate of Enforcement (2024) में एक अहम सवाल तय किया कि यदि किसी आरोपी को जांच के दौरान गिरफ्तार नहीं किया गया और बाद में उसे Special Court द्वारा Section 44(1)(b) PMLA के तहत Summons (समन) भेजा गया, तो क्या उसके कोर्ट में पेश होने पर उसे Custody (हिरासत) में लेना या Bail (जमानत) लेने के लिए बाध्य करना आवश्यक है?कोर्ट ने स्पष्ट किया कि CrPC (Code of Criminal Procedure) की धाराएँ PMLA मामलों में किस तरह लागू होंगी। इस फैसले ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Personal...
दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रकाशकों के कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे में भारत में साइ-हब और मिरर वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने पब्लिकेशन हाउसेज़ एल्सेवियर, विले और अमेरिकन केमिकल सोसाइटी की ओर से दायर कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे में भारत में शैडो लाइब्रेरी वेबसाइट साइ-हब (Sci-Hub) और उसकी मिरर वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने दूरसंचार विभाग और केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को एक अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया है, जिसमें विभिन्न इंटरनेट और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से साइ-हब और www.sci-hub.se, www.sci-hub.st और साइ-नेट पर उपलब्ध उसकी मिरर...
यदि DSR के पास नदी की पुनःपूर्ति क्षमता का अध्ययन नहीं है तो रेत खनन के लिए पर्यावरणीय मंजूरी नहीं दी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (23 अगस्त) को कहा कि नदी की वार्षिक प्राकृतिक पुनर्प्राप्ति क्षमता (Annual Natural Recovery Capacity) के आकलन से संबंधित पुनःपूर्ति अध्ययन (Replenishment Study) के अभाव में, रेत खनन परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय मंज़ूरी नहीं दी जा सकती। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की पीठ ने कहा कि पर्यावरणीय मंज़ूरी के लिए ज़िला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) के अलावा पुनःपूर्ति आंकड़े भी एक अनिवार्य शर्त हैं।यह देखते हुए कि मामले में तैयार की गई ज़िला सर्वेक्षण रिपोर्ट...
शादी से पहले वैवाहिक इतिहास छिपाना तथ्यों का दमन' ऐसी शादी रद्द हो सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि शादी से पहले अपने वैवाहिक इतिहास को छिपाना कोई मामूली गलती नहीं बल्कि एक गंभीर तथ्य छिपाना है, जो विवाह की जड़ पर प्रहार करता है। हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 12 के तहत ऐसी शादी को रद्द करने योग्य बना देता है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा,“ऐसे तथ्य को छिपाना स्वतंत्र और सूचित सहमति की नींव को हिला देता है, जिससे विवाह धारा 12(1)(c) के तहत रद्द करने योग्य हो जाता है।”अदालत ने पति की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें...
सुप्रीम कोर्ट ने FRO को 'राज्य वन सेवा' के रूप में मान्यता दी, उन्हें भारतीय वन सेवा में पदोन्नति के लिए पात्र घोषित किया
आंध्र प्रदेश स्थित वन रेंज अधिकारियों (FRO) को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (23 अगस्त) को फैसला सुनाया कि उनकी सेवाओं को 'राज्य वन सेवा' माना जाएगा, जिससे वे भारतीय वन सेवा (IFoS) में पदोन्नति के पात्र हो जाएंगे।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें अपीलकर्ता एक FRO होने के नाते हाईकोर्ट के उस फैसले से व्यथित था, जिसमें CAT के उस फैसले को पलट दिया गया था। CAT के इस फैसले में FRO को IFoS पदोन्नति के लिए पात्रता दी गई थी।चूंकि FRO आंध्र...



















