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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपहरण के दोषियों को घटना के 30 साल बाद 'अपराधी परिवीक्षा अधिनियम' का लाभ दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह 1995 में नाबालिग लड़की के अपहरण के लिए दो दोषियों की दोषसिद्धि को बरकरार रखा। हालांकि, उन्हें अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 (Probation of Offenders Act) की धारा 4 का लाभ प्रदान करते हुए उनकी सजा में संशोधन किया।जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने उनकी अधिक उम्र, बेदाग पृष्ठभूमि और इस तथ्य को ध्यान में रखा कि यह मामला लगभग 30 वर्षों से लंबित है।यह आदेश स्पेशल/एडिशनल सेशन जज, रायबरेली द्वारा 2004 में दी गई दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली आपराधिक अपील पर पारित...
माँ की पेंशन पर निर्भर नहीं रह सकते: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बेदखली की अनुमति दी, कहा- मकान मालिक अपनी दुकान का उपयोग आजीविका के लिए कर सकता है
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि जब मकान मालिक के पास अपनी दुकान उपलब्ध हो और उसकी ज़रूरत वास्तविक हो तो उसे किराए की दुकान से अपना व्यवसाय जारी रखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने टिप्पणी की कि मकान मालिक की माँ की पेंशन आजीविका का स्थायी स्रोत नहीं है। कोर्ट ने आगे कहा कि मकान मालिक का कहीं और किरायेदार होना उसकी दुकान चलाने के लिए अपनी संपत्ति वापस लेने की वास्तविक आवश्यकता को स्थापित करता है।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर ने टिप्पणी की:"याचिकाकर्ता अपनी माँ के वेतन या पेंशन पर निर्भर नहीं...
दिल्ली हाईकोर्ट ने DMRC द्वारा ठेकेदार को सेवा में विफलता के कारण बर्खास्त करने के खिलाफ अपील खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक कंपनी द्वारा दायर अपील खारिज की, जिसे शुरू में दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस लाइन के लिए मोबाइल और नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रदान करने का काम सौंपा गया। कंपनी ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा इसे बदलने के खिलाफ अपील दायर की थी।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने सिंगल बेंच के इस निष्कर्ष को बरकरार रखा कि अपीलकर्ता कंपनी द्वारा 5G सेवाएं शुरू न करने से यात्रियों और मेट्रो नेटवर्क, दोनों पर असर पड़ा और इसलिए यह उससे अनुबंध वापस लेने का आधार...
राजनीतिक आकांक्षाओं के कारण शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने से समझौता नहीं किया जा सकता: पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स के विरोध प्रदर्शन पर हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट के चुनाव कराने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए, जो वर्तमान में स्टूडेंट्स के विरोध का विषय है, इस बात पर ज़ोर दिया कि "सभी स्टूडेंट्स का मुख्य ध्यान ज्ञान अर्जन पर ही रहना चाहिए। चुनावी या राजनीतिक आकांक्षाओं की बलिवेदी पर शैक्षणिक गतिविधियों से समझौता या बलिदान नहीं किया जा सकता।"पंजाब यूनिवर्सिटी एक्ट, 1947 के अनुसार, सीनेट यूनिवर्सिटी के सभी मामलों, चिंताओं और संपत्ति के प्रबंधन और अधीक्षण के लिए अधिकृत है।चीफ...
पक्षकार की ओर से हलफनामे पर हस्ताक्षर करने पर वकील के क्लर्क की हाईकोर्ट ने की कड़ी आलोचना, कहा- यह धोखाधड़ी के समान
राजस्थान हाईकोर्ट ने बिना इन दस्तावेजों की विषय-वस्तु को जाने वकीलों या उनके क्लर्कों द्वारा अपने मुवक्किलों की ओर से आवेदनों/याचिकाओं/प्रति-हलफनामों आदि के हलफनामों पर हस्ताक्षर करने की घटना की ओर ध्यान दिलाया। साथ ही कहा कि ऐसा आचरण धोखाधड़ी के समान है और अस्वीकार्य है।कोर्ट ने कहा:“न्याय को अक्सर लाक्षणिक रूप से अंधा कहा जाता है, लेकिन न्यायालयों के अधिकारियों को जजों को दृष्टिहीन समझकर पीठ के विश्वास को तोड़ने का साहस नहीं करना चाहिए... वकीलों या उनके क्लर्कों द्वारा बिना उचित प्रतिनिधित्व...
ऐतिहासिक तथ्यों से कथित छेड़छाड़ के आरोप में फिल्म '120 बहादुर' के खिलाफ़ हाईकोर्ट में याचिका, कल होगी सुनवाई
फरहान अख्तर अभिनीत फिल्म "120 बहादुर" को ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ के आरोपों के चलते केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) द्वारा दिए गए प्रमाणपत्र को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई।इस मामले की सुनवाई बुधवार को चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ द्वारा की जाएगी।फिल्म में मेजर शैतान सिंह भाटी का किरदार निभाया गया, जिन्हें 1962 में रेजांग ला की लड़ाई में उनकी बहादुरी के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। फिल्म 21 नवंबर को...
Delhi Riots UAPA Case | उमर खालिद ज़मानत पाने वाले अन्य आरोपियों के साथ समानता का दावा नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट में बोली दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने सोमवार (18 नवंबर) को सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि उमर खालिद, दिल्ली दंगों की व्यापक साजिश मामले में सह-आरोपी देवांगना कलिता, नताशा नरवाल और आसिफ इकबाल तन्हा के साथ समानता का दावा नहीं कर सकते, क्योंकि दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उन्हें ज़मानत देने का 2021 का आदेश गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की गलत व्याख्या पर आधारित था।पुलिस की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दलील दी कि तीनों के पक्ष में दिल्ली हाईकोर्ट के 2021 के ज़मानत फैसले में यह गलत धारणा दी गई कि...
न्याय के पहियों में घर्षण: 38 साल पुराने वसीयत विवाद का निपटारा करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने जताई निराशा, जारी किए प्रशासन पत्र
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में 38 साल पुराने वसीयत विवाद का निपटारा करते हुए टिप्पणी की कि यह मामला न्याय के पहियों में उस घर्षण का उदाहरण है, जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने यशपाल जैन बनाम सुशीला देवी और अन्य मामले में चेतावनी दी थी।जस्टिस पुरुशैन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि इस विवाद का फैसला करने में 38 साल लंबा समय लगा। इस बीच अधिकांश मूल पक्षकारों की मृत्यु हो गई और अनगिनत वकीलों को बदला गया।जज ने टिप्पणी की,"न्याय वितरण प्रणाली बार, पीठ और पक्षकारों के बीच आपसी विश्वास पर कार्य करती है। प्रत्येक...
सामान्य श्रेणी के यात्रियों को प्रीमियम श्रेणी में यात्रा करने वालों के समान सुरक्षा मानकों का अधिकार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रेलवे से कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रत्येक यात्री, चाहे वह किसी भी श्रेणी में यात्रा कर रहा हो, रेल प्रशासन से सुरक्षा, देखभाल और सतर्कता के समान मानकों का हकदार है।जस्टिस हिमांशु जोशी की पीठ ने एक यात्री के भीड़भाड़ वाली ट्रेन से गिरने के कारण अपने दोनों पैर गंवाने के बाद सुरक्षित यात्रा की स्थिति सुनिश्चित करने में विफल रहने के लिए रेलवे को उत्तरदायी ठहराया।पीठ ने कहा,"यह न्यायालय यह टिप्पणी करने के लिए बाध्य है कि रेल प्रशासन को सामान्य श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों के...
जाली डिग्री सर्टिफिकेट के आधार पर नियुक्ति पाना अक्षम्य: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब किसी अभ्यर्थी की नियुक्ति जाली शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर होती है तो यह कृत्य "अक्षम्य" है और केवल इसलिए बर्खास्तगी को अमान्य नहीं माना जाएगा, क्योंकि पूरी विभागीय जांच नहीं की गई।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस कांस्टेबल की बर्खास्तगी को बहाल करते हुए कहा कि जब जालसाजी के मूल आरोप का खंडन नहीं किया जाता है तो औपचारिक जांच का अभाव बर्खास्तगी आदेश को अमान्य नहीं करता।कोर्ट ने कहा,"यह भी स्वीकार किया जाता है कि...
सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी का घर अवैध रूप से गिराने का आरोप लगाने वाली याचिका पर मध्य प्रदेश के अधिकारियों से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के अधिकारियों से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए याचिकाकर्ता के घर को कथित रूप से अवैध रूप से गिराने के लिए अवमानना कार्यवाही की मांग की गई।सीहोर जिले के निवासी इमरोज़ खान नामक याचिकाकर्ता ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अवमानना कार्यवाही शुरू करने से इनकार करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ता के अनुसार, उनके खिलाफ गैरकानूनी धर्म परिवर्तन का आरोप लगाकर झूठा मामला दर्ज करने के बाद उनका घर गिरा...
1996 गाज़ियाबाद बस धमाका: पुलिस के बयान मान्य नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी को 'भारी मन से' बरी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1996 के मोदीनगर–गाज़ियाबाद बस बम धमाका मामले में दोषी ठहराए गए मोहम्मद इलियास को बरी कर दिया है। 51 पन्नों के विस्तृत फैसले में अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रहा और पुलिस द्वारा रिकॉर्ड किया गया इलियास का कथित इक़बाल-ए-जुर्म भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 25 के चलते कानूनी रूप से स्वीकार नहीं किया जा सकता।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने कहा कि पुलिस के समक्ष दिया गया कथित बयान एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा टेप पर...
दिल्ली के स्मॉग का हवाला देते हुए जस्टिस भूइयां ने चेताया: बाद में दी जाने वाली पर्यावरण मंजूरी स्वीकार नहीं, कोर्ट पीछे नहीं हट सकती
पर्यावरण नियमों में ढील का विरोध: जस्टिस भूइयाँ ने वैनाशक्ति फैसले की समीक्षा पर कड़ा असहमति मत जतायासुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भूइयाँ ने वैनाशक्ति फैसले की समीक्षा के खिलाफ कड़े शब्दों में असहमति जताते हुए कहा कि दिल्ली का खतरनाक स्मॉग याद दिलाता है कि पर्यावरण कानूनों को कमजोर नहीं किया जा सकता। उनका मत था कि पर्यावरण मंजूरी (EC) हमेशा पहले लेनी चाहिए, और बाद में दी गई मंजूरी (post-facto EC) पूरी तरह अवैध है। बहुमत ने कुछ स्थितियों में बाद में मंजूरी की अनुमति देने का रास्ता खोला है, लेकिन...
दिव्यांग कर्मचारियों का PCA भत्ता बंद: सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS दिव्यांग फेडरेशन की याचिका पर जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में AIIMS दिव्यांग फेडरेशन द्वारा दायर अनुच्छेद 32 की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह याचिका उन दिव्यांग कर्मचारियों के मुद्दे को उठाती है जो देशभर के केंद्रीय सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत हैं और जिनका पेशेंट केयर अलाउंस (PCA) बंद कर दिया गया है।याचिका में बताया गया है कि यह भत्ता स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की 7 मई और 21 अप्रैल 2023 की अधिसूचनाओं के आधार पर विभिन्न अस्पतालों द्वारा बंद कर दिया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना...
गलत ट्रेन में चढ़ने को आधार बनाकर मुआवजा से इनकार नहीं कर सकता रेलवे: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय में मृतक युवक के माता-पिता को 8 लाख रुपये का मुआवजा, 9% ब्याज सहित, देने का आदेश दिया है। युवक की मौत उस समय हुई थी जब वह गलती से गलत ट्रेन में चढ़ गया था और रेलवे ने इस आधार पर मुआवजा देने से इनकार कर दिया था।रेलवे ने अपने बचाव में दावा किया था कि मृतक के पास सतना से मैहर तक का वैध टिकट था, लेकिन वह गलती से ऐसी ट्रेन में चढ़ गया जो मैहर स्टेशन पर नहीं रुकती थी। रेलवे के अनुसार, जब मृतक को अपनी गलती का एहसास हुआ तो उसने चलती ट्रेन से उतरने की...
पति की तलाक याचिका का बदला लेने के लिए अलग होने के 20 महीने बाद दर्ज की गई FIR: हाईकोर्ट ने पत्नी की क्रूरता की FIR खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ दर्ज की गई धारा 498ए की क्रूरता FIR को रद्द करते हुए कहा है कि यह मामला स्पष्ट रूप से प्रतिशोध (retaliation) के तौर पर दायर किया गया था। अदालत ने पाया कि पत्नी ने पति से अलग रहने के लगभग 20 महीने बाद यह FIR दर्ज कराई, और वह भी तब जब पति ने तलाक की कार्यवाही शुरू की। इस तरह की देरी और परिस्थितियाँ यह दर्शाती हैं कि मामला केवल बदला लेने के लिए दर्ज किया गया था।जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने अपने फैसले में यह भी रेखांकित किया कि पत्नी ने तलाक याचिका का विरोध करते हुए...
पासओवर/स्थगन को वकील का अधिकार न समझें, यह सिर्फ अदालत की शिष्टाचार-भर सुविधा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अदालत द्वारा वकीलों को दिया जाने वाला पासओवर (pass over) या स्थगन (adjournment) किसी भी स्थिति में उनका अधिकार नहीं है, बल्कि यह केवल अदालत की ओर से दी गई एक शिष्टाचार-आधारित सुविधा है।जस्टिस गिरिश काथपालिया ने यह टिप्पणी उस समय की जब अदालत 2006 से लंबित एक सिविल मुकदमे में बचाव पक्ष के गवाह की जिरह करने का अधिकार बंद किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता की ओर से यह दावा किया गया कि ट्रायल कोर्ट ने उचित अवसर नहीं दिया और 1...
निजी समझौते से मकान-मालिक अपने कानूनी अधिकार नहीं छोड़ सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि दिल्ली रेंट कंट्रोल एक्ट, 1958 के तहत मकान-मालिक को मिले अधिकार किसी भी निजी समझौते या कॉन्ट्रैक्ट से खत्म नहीं किए जा सकते।जस्टिस अनुप जयराम भांभानी ने कहा कि अगर कोई कॉन्ट्रैक्ट किसी व्यक्ति को कानून में दिए गए अधिकारों या उपायों का इस्तेमाल करने से रोकता है, तो वह कॉन्ट्रैक्ट कानून के हिसाब से बिल्कुल अवैध है।किरायेदारों का दावा क्या था? किरायेदारों ने कहा कि मकान-मालिक के पूर्वजों ने पहले ही एक समझौता कर दिया था, जिसमें उन्होंने DRC Act के तहत अपने अधिकार...
दिल्ली दंगों की जांच पर हाईकोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की, 21 नवम्बर को होगी अगली सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़ी FIR की जांच की वर्तमान स्थिति बताने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने दंगों की स्वतंत्र जांच और राजनेताओं पर घृणास्पद भाषण के आरोपों में FIR दर्ज करने संबंधी अनेक याचिकाओं को 21 नवम्बर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।इन याचिकाओं में से एक जमीयत उलेमा-ए-हिंद द्वारा दायर की गई, जिसमें निवेदन किया गया कि सभी मामलों की जांच स्वतंत्र विशेष जांच दल द्वारा की जाए, जिसकी...
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्य बार काउंसिल चुनावों के लिए संशोधित कार्यक्रम निर्धारित किया, निगरानी के लिए समितियां गठित कीं
सुप्रीम कोर्ट ने 16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य बार काउंसिल के चुनाव कराने की समय-सारिणी में संशोधन किया और आदेश दिया कि ये चुनाव 31 जनवरी, 2026 से 30 अप्रैल, 2026 के बीच पांच चरणों में कराए जाएं।चुनावों को सुगम बनाने के लिए कोर्ट ने क्षेत्रीय स्तर पर उच्चाधिकार प्राप्त चुनाव निगरानी समितियों (HPEMC) के साथ-साथ उच्चाधिकार प्राप्त पर्यवेक्षी समिति (जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व जज करेंगे) का गठन किया। समितियों के सदस्यों को कोर्ट द्वारा अपलोड किए गए अपने आदेश में सूचित...




















