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आरोपित के निष्पक्ष मुक़दमे के अधिकार को पुलिस की निजता पर प्राथमिकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने अधिकारी के मोबाइल लोकेशन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश दिया
आरोपित के निष्पक्ष मुक़दमे के अधिकार को पुलिस की निजता पर प्राथमिकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने अधिकारी के मोबाइल लोकेशन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने मादक पदार्थ नियंत्रण कानून के एक मामले में आरोपी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को देखते हुए महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। आरोपी का कहना था कि जिस पुलिस अधिकारी ने उसके ख़िलाफ़ बरामदगी दिखाई वह घटना से पहले ही स्थल पर मौजूद था और उसी ने उसके पास से बरामद दिखाए गए पदार्थ को वहां रखा। इसी पृष्ठभूमि में न्यायालय ने उक्त अधिकारी के मोबाइल टावर लोकेशन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।जस्टिस अनुप कुमार ढांड ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि यद्यपि इस प्रकार का निर्देश पुलिस...

अपनी मशीनरी का इस्तेमाल राजनीतिक लड़ाई के लिए क्यों?: झारखंड विधानसभा नियुक्तियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI से पूछा
'अपनी मशीनरी का इस्तेमाल राजनीतिक लड़ाई के लिए क्यों?': झारखंड विधानसभा नियुक्तियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI से पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड विधानसभा में नियुक्तियों की जांच के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से सवाल किया कि उसका इस्तेमाल राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए क्यों किया जा रहा है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ झारखंड विधानसभा द्वारा झारखंड हाईकोर्ट के सितंबर 2024 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें झारखंड राज्य विधानसभा में नियुक्तियों और पदोन्नतियों में कथित अनियमितताओं की CBI जांच का निर्देश दिया गया। नवंबर,...

अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप से जुड़े बैंक घोटाले की स्वतंत्र जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप से जुड़े बैंक घोटाले की स्वतंत्र जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने देश के कथित सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक की जांच को लेकर दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, अनिल धीरूभाई अंबानी समूह और अनिल अंबानी को नोटिस जारी किया। यह याचिका पूर्व केंद्रीय सचिव ई.ए.एस. शर्मा द्वारा दाखिल की गई थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बी आर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता का आरोप है कि रिलायंस संचार तथा समूह की अन्य कंपनियों में लंबे समय तक भारी धन...

बच्चे की कस्टडी तय करते समय माता-पिता के अप्रमाणित अनैतिक कृत्य प्रासंगिक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
बच्चे की कस्टडी तय करते समय माता-पिता के अप्रमाणित अनैतिक कृत्य प्रासंगिक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि बच्चों की कस्टडी के मामलों में निर्णय एक माता-पिता द्वारा दूसरे पर "नैतिक आचरण के अप्रमाणित आरोप" के आधार पर नहीं हो सकता।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा कि कस्टडी विवादों में नाबालिग बच्चे का कल्याण माता-पिता के कानूनी अधिकारों से ऊपर, नियंत्रित और सर्वोपरि सुनवाई योग्य होता है।कोर्ट ने कहा,"हालांकि माता-पिता की वित्तीय स्थिरता या संपन्नता एक प्रासंगिक कारक हो सकती है, लेकिन यह अकेले भावनात्मक सुरक्षा, अपनेपन की भावना और...

फिर तो हमें रूमाल के इस्तेमाल पर भी नज़र रखनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों के बैंड के पर्यावरण-अनुकूल निपटान की याचिका खारिज की
फिर तो हमें रूमाल के इस्तेमाल पर भी नज़र रखनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों के बैंड के पर्यावरण-अनुकूल निपटान की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देश भर की सभी अदालतों में इस्तेमाल हो चुके वकीलों के बैंड के संग्रह, पृथक्करण, निपटान और पुनर्चक्रण के लिए एक समान और पर्यावरण-अनुकूल प्रणाली की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार किया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की बात सुनी, जो व्यक्तिगत रूप से पेश हुईं और खुद को एक वकील की पत्नी बताया। उन्होंने दलील दी कि दिवाली की छुट्टियों के दौरान उन्हें कई फेंके हुए वकीलों के बैंड मिले, जिनके बारे में उनका दावा था...

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: बिना किसी आपराधिक इरादे के जोर से खींचने पर महिलाओं का सिर ढकने वाला कपड़ा गिरना शरम-भंग नहीं
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: बिना किसी आपराधिक इरादे के जोर से खींचने पर महिलाओं का सिर ढकने वाला कपड़ा गिरना 'शरम-भंग' नहीं

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया कि किसी महिला का सिर ढकने वाला कपड़ा (हिजाब/दुपट्टा/ओढ़नी) महज़ जोर लगने के कारण गिर जाना तब तक 'शरम-भंग' (Section 354 IPC) के अपराध की श्रेणी में नहीं आता, जब तक आरोपी का स्पष्ट इरादा महिला की मर्यादा भंग करने का न हो। अदालत ने कहा कि महिला के साथ किसी भी प्रकार का बल प्रयोग या हमला तभी दंडनीय है, जब उसके पीछे महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने का उद्देश्य या ऐसी संभावना का ज्ञान मौजूद हो।जस्टिस संजय धर एक याचिका पर सुनवाई कर...

कैश-फॉर-क्वेरी विवाद: CBI की चार्जशीट को अनुमति देने के खिलाफ महुआ मोइत्रा की याचिका पर 21 नवंबर को होगी सुनवाई
कैश-फॉर-क्वेरी विवाद: CBI की चार्जशीट को अनुमति देने के खिलाफ महुआ मोइत्रा की याचिका पर 21 नवंबर को होगी सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा की उस याचिका को 21 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया, जिसमें उन्होंने लोकपाल द्वारा CBI को उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति देने वाले आदेश को चुनौती दी।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा कि वह पहले लोकपाल का विस्तृत स्वीकृति आदेश पढ़ेगी, जिसे सीलबंद लिफाफे में दाखिल किया गया। अदालत ने कहा कि आदेश का अवलोकन करने के लिए मामले को शुक्रवार के लिए रखा जाए।महुआ मोइत्रा ने 12 नवंबर को पारित आदेश...

अंतरिम निषेधाज्ञा पर केवल नोटिस जारी करने का आदेश अपील योग्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश
अंतरिम निषेधाज्ञा पर केवल नोटिस जारी करने का आदेश अपील योग्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में यह साफ कर दिया कि अंतरिम निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) के लिए दायर आवेदन पर केवल नोटिस जारी करने का आदेश न तो निषेधाज्ञा देने के समान है और न ही उसे अस्वीकार करने के रूप में देखा जा सकता है। अदालत ने कहा कि ऐसा आदेश न तो अंतिम निर्णय है और न ही अपील योग्य, इसलिए इसे वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 की धारा 13 के तहत चुनौती नहीं दी जा सकती।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने यह फैसला परपेचुअल विज़न एलएलपी एवं अन्य द्वारा दायर अपील खारिज करते हुए...

हेड कॉन्स्टेबल पर रिश्वत लेते दिखाने वाले एडिटिड वीडियो मामले में पत्रकार को मिली अग्रिम ज़मानत
हेड कॉन्स्टेबल पर रिश्वत लेते दिखाने वाले एडिटिड वीडियो मामले में पत्रकार को मिली अग्रिम ज़मानत

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार 17 नवंबर को तेज़ इंडिया यूट्यूब चैनल पर वायरल हुए वीडियो के मामले में पत्रकार रफ़ीक़ ख़ान की अग्रिम ज़मानत मंज़ूर की। ख़ान पर आरोप है कि उन्होंने वीडियो को एडिट कर ऐसा दिखाया कि रतलाम के एक हेड कॉन्स्टेबल ने ऑटोरिक्शा चालक से रिश्वत ली।मामले की डायरी के अनुसार हेड कॉन्स्टेबल ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी कि रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान उन्हें ऑटोरिक्शा चालक वाहनों की आवाजाही में बाधा डालता मिला। चालक के भागने पर कुछ दूरी पर उसे रोककर 'नो पार्किंग...

संरक्षित वन्यजीवों के शिकार से पारिस्थितिक संतुलन पर गंभीर असर, सख्ती से निपटना ज़रूरी: एमपी हाईकोर्ट ने आरोपी की ज़मानत याचिका खारिज की
संरक्षित वन्यजीवों के शिकार से पारिस्थितिक संतुलन पर गंभीर असर, सख्ती से निपटना ज़रूरी: एमपी हाईकोर्ट ने आरोपी की ज़मानत याचिका खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार, 14 नवंबर को सोन चिड़िया अभयारण्य, घटियागांव में अवैध शिकार के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति की ज़मानत याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि संरक्षित वन्यजीवों का शिकार न केवल कानून का गंभीर उल्लंघन है बल्कि जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन पर भी गहरा प्रभाव डालता है। इसलिए ऐसे अपराधों से कठोरता से निपटना आवश्यक है।जस्टिस मिलिंद रमेश फडके की सिंगल बेंच ने टिप्पणी की कि आरोपित कृत्य संरक्षण कानूनों के तहत संरक्षित प्रजाति के अवैध शिकार से संबंधित हैं। इस तरह के अपराध...

BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने वनशक्ति मामले में कार्योत्तर पर्यावरणीय मंज़ूरी देने पर रोक लगाने वाला फैसला वापस लिया, जस्टिस भुयान ने जताई असहमति
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने 'वनशक्ति' मामले में कार्योत्तर पर्यावरणीय मंज़ूरी देने पर रोक लगाने वाला फैसला वापस लिया, जस्टिस भुयान ने जताई असहमति

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (18 नवंबर) को 2:1 के बहुमत से वनशक्ति मामले में अपने उस फैसले को वापस ले लिया, जिसमें केंद्र सरकार को कार्योत्तर पर्यावरणीय मंज़ूरी देने से रोक दिया गया था।वनशक्ति बनाम भारत संघ मामले में जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की खंडपीठ ने 15 मई को दिए गए अपने फैसले में केंद्र सरकार को भविष्य में "कार्योत्तर" पर्यावरणीय मंज़ूरी (EC) देने से रोक दिया और खनन परियोजनाओं के लिए कार्योत्तर पर्यावरणीय मंज़ूरी देने की अनुमति देने वाले पिछले कार्यालय ज्ञापनों और अधिसूचनाओं को...

कुछ अपराध समझौते के आधार पर रद्द कर दिए जाते हैं तो उसी लेन-देन से संबंधित अन्य अपराधों के लिए FIR कायम नहीं रखी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
कुछ अपराध समझौते के आधार पर रद्द कर दिए जाते हैं तो उसी लेन-देन से संबंधित अन्य अपराधों के लिए FIR कायम नहीं रखी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (17 नवंबर) को बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कुछ आरोपों को हटाकर FIR आंशिक रूप से रद्द कर दी गई थी, जबकि डकैती के आरोप को बरकरार रखा गया था, जबकि सभी कथित अपराध एक ही लेन-देन से उत्पन्न हुए थे और एक ही घटना का परिणाम थे।कोर्ट ने कहा,"एक बार जब हाईकोर्ट ने प्रतिवादी नंबर 2-शिकायतकर्ता के स्वैच्छिक हलफनामे के आधार पर BNS की धारा 115(2), 351(2), 351(3) और 352 [IPC की धारा 326, 506 और 504] के तहत दंडनीय अपराधों के संबंध में FIR रद्द करने के...

पूर्व सूचना या सहमति के बिना पेंशन से वसूली नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने RBI को बैंकों को निर्देश जारी करने का निर्देश दिया
'पूर्व सूचना या सहमति के बिना पेंशन से वसूली नहीं': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने RBI को बैंकों को निर्देश जारी करने का निर्देश दिया

रिटायर सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने वाले महत्वपूर्ण फैसले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को सभी एजेंसी बैंकों को निर्देश जारी करने का निर्देश दिया कि पेंशनभोगी की जानकारी, सहमति या पूर्व सूचना के बिना अतिरिक्त पेंशन की वसूली नहीं की जा सकती। ऐसी कोई भी वसूली सेवा नियमों के अनुसार होनी चाहिए।यह निर्देश कैथल नगर परिषद के रिटायर कार्यकारी अधिकारी द्वारा दायर रिट याचिका स्वीकार करते हुए दिया गया। उनके पेंशन खाते से पंजाब नेशनल बैंक ने बिना किसी नोटिस या...

Punjab Police Rules | हाईकोर्ट ने DGP को सड़क दुर्घटना मामले में आरोपी कांस्टेबल पद के उम्मीदवार की उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया
Punjab Police Rules | हाईकोर्ट ने DGP को सड़क दुर्घटना मामले में आरोपी कांस्टेबल पद के उम्मीदवार की उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक कांस्टेबल पद के उम्मीदवार की उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया, जिसकी नियुक्ति इस आधार पर खारिज कर दी गई कि पूर्ववृत्त सत्यापन के समय वह एक सड़क दुर्घटना मामले में मुकदमे का सामना कर रहा था।जस्टिस जगमोहन बंसल ने पंजाब पुलिस नियम (हरियाणा में लागू) के अनुसार,"जहां किसी उम्मीदवार के विरुद्ध नैतिक अधमता से जुड़े अपराध या तीन वर्ष या उससे अधिक के कारावास से दंडनीय अपराध के लिए आरोप तय किए गए हों, उसकी नियुक्ति पर विचार...

फार्मासिस्ट के कर्तव्यों में खड़े रहना और चलना शामिल है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 50% गति-बाधित आवेदक की याचिका खारिज की
'फार्मासिस्ट के कर्तव्यों में खड़े रहना और चलना शामिल है': हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 50% गति-बाधित आवेदक की याचिका खारिज की

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने फार्मासिस्ट के पद पर अन्य उम्मीदवार के चयन को चुनौती देने वाली 50% गति-बाधित उम्मीदवार की याचिका खारिज की।राज्य का फैसला बरकरार रखते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की कि उम्मीदवार आवश्यक दिव्यांगता प्रमाण पत्र होने के बावजूद, खड़े होने और चलने में असमर्थ होने के कारण फार्मासिस्ट के कर्तव्यों के लिए मेडिकल रूप से अयोग्य था।जस्टिस संदीप शर्मा ने टिप्पणी की:"याचिकाकर्ता, जो 50% गति-बाधित है, को ठीक से खड़े न होने और न चलने के कारण फार्मासिस्ट के पद के लिए अयोग्य पाया गया।...

गवाहों से वर्चुअल माध्यम से पूछताछ की जाती है तो उनके पूर्व बयान उन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित किए जाने चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कहा
गवाहों से वर्चुअल माध्यम से पूछताछ की जाती है तो उनके पूर्व बयान उन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित किए जाने चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कहा

सोमवार (17 नवंबर) को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल ट्रायल में महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक कमी को दूर करने के लिए बाध्यकारी निर्देश जारी किया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने आदेश दिया कि सभी कार्यवाहियों में जहां किसी गवाह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ की जाती है, ट्रायल कोर्ट को गवाह के पूर्व बयानों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित करने की सुविधा प्रदान करनी चाहिए।अदालत ने कहा कि यह उपाय उस "प्रक्रियात्मक अनियमितता" को दूर करता है, जिससे...

Cash For Query Row: महुआ मोइत्रा ने CBI चार्जशीट के लिए लोकपाल की मंज़ूरी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
Cash For Query Row: महुआ मोइत्रा ने CBI चार्जशीट के लिए लोकपाल की मंज़ूरी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया

तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता महुआ मोइत्रा ने पूछताछ के लिए पैसे के विवाद में CBI को उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने की मंज़ूरी देने वाले भारत के लोकपाल के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी।इस मामले की सुनवाई मंगलवार को जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ करेगी।महुआ ने 12 नवंबर को पारित आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि यह आदेश त्रुटिपूर्ण है, लोकपाल अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है।उनका कहना है कि उनसे दलीलें और...