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आदेश में उल्लिखित न किए गए कारणों पर सीमित परिस्थितियों में विचार किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
आदेश में उल्लिखित न किए गए कारणों पर सीमित परिस्थितियों में विचार किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने 'स्पीकिंग ऑर्डर' नियम में एक अपवाद स्थापित किया, जिसमें कहा गया कि यद्यपि किसी प्रशासनिक आदेश की वैधता का आकलन सामान्यतः केवल उसमें उल्लिखित कारणों से ही किया जाता है, न्यायालय सीमित परिस्थितियों में, अभिलेखों से स्पष्ट विद्यमान, परंतु अघोषित आधारों पर भी भरोसा कर सकता है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा SBI को उधारकर्ता के एकमुश्त निपटान (OTS) प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का निर्देश रद्द करते हुए एक निर्णय सुनाया। हाईकोर्ट ने...

UP Lokayut Act: हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री को छूट देने वाले प्रावधान पर नोटिस जारी किया, मौजूदा लोकायुक्त के खिलाफ याचिका खारिज
UP Lokayut Act: हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री को छूट देने वाले प्रावधान पर नोटिस जारी किया, मौजूदा लोकायुक्त के खिलाफ याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा दायर रिट याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में उत्तर प्रदेश लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1975 के कुछ प्रावधानों की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है, जिसमें मुख्यमंत्री को कानून के दायरे से बाहर रखने वाला प्रावधान भी शामिल है।कोर्ट ने उनकी एक अन्य याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने मौजूदा लोकायुक्त और उप-लोकायुक्तों के खिलाफ 'अधिकार पृच्छा' (Quo Warranto) रिट की मांग की थी।जस्टिस संगीता चंद्र और जस्टिस बृज राज सिंह की...

जजों का मज़ाक उड़ाने से हमें फर्क नहीं पड़ता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने JOLLY LLB 3 पर रोक की मांग वाली याचिका खारिज की
जजों का मज़ाक उड़ाने से हमें फर्क नहीं पड़ता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने JOLLY LLB 3 पर रोक की मांग वाली याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने आगामी फिल्म JOLLY LLB 3 की रिलीज के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) खारिज की। याचिका में फिल्म पर न्यायपालिका का मज़ाक उड़ाने का आरोप लगाया गया था। यह फिल्म 19 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि फिल्म का ट्रेलर ही आपत्तिजनक है, क्योंकि एक दृश्य में जजों को मामू कहा जाता है। उन्होंने इसे न्याय का मज़ाक बताया।बॉम्बे हाईकोर्ट की टिप्पणीचीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की खंडपीठ ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार...

पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता ने अडानी ग्रुप पर रिपोर्टिंग को रोकने के आदेश को चुनौती दी
पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता ने अडानी ग्रुप पर रिपोर्टिंग को रोकने के आदेश को चुनौती दी

पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता और चार अन्य पत्रकारों ने दिल्ली कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें उन्हें अडानी ग्रुप के बारे में खबरें प्रकाशित करने से रोक दिया गया था।यह अपील पत्रकारों रवि नायर, अबीर दासगुप्ता, अयास्कांत दास और आयुष जोशी के साथ मिलकर परंजॉय गुहा ठाकुरता द्वारा दायर की गई।इन पत्रकारों ने रोहिणी कोर्ट के स्पेशल सिविल जज अनुज कुमार सिंह द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी। ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में प्रथम दृष्टया पाया था कि...

जिस फैसले के आधार पर नौकरी मिली, वह रद्द होने पर नियुक्ति भी रद्द: राजस्थान हाईकोर्ट
जिस फैसले के आधार पर नौकरी मिली, वह रद्द होने पर नियुक्ति भी रद्द: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि अगर किसी व्यक्ति को अदालत के एक फैसले के आधार पर नौकरी मिलती है और बाद में वह फैसला रद्द हो जाता है तो उसकी नियुक्ति भी बरकरार नहीं रह सकती।जस्टिस रेखा बोराना याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जिसमें याचिकाकर्ता की नियुक्ति रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता को यादवेंद्र शांडिल्य बनाम राज्य मामले में दिए गए फैसले के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में बोनस अंक और बाद में नौकरी मिली थी।कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब...

सुप्रीम कोर्ट ने जया शेट्टी हत्याकांड में गैंगस्टर छोटा राजन की ज़मानत रद्द की, कहा- ऐसे व्यक्ति की सज़ा क्यों स्थगित?
सुप्रीम कोर्ट ने जया शेट्टी हत्याकांड में गैंगस्टर छोटा राजन की ज़मानत रद्द की, कहा- 'ऐसे व्यक्ति की सज़ा क्यों स्थगित?'

सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर राजेंद्र सदाशिव निकालजे, उर्फ़ छोटा राजन को बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दी गई ज़मानत रद्द कर दी। उसे 2001 में होटल व्यवसायी जया शेट्टी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू (CBI की ओर से) की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। खंडपीठ ने कहा कि छोटा राजन चार अन्य मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है और 27 साल तक फरार रहा।जस्टिस मेहता ने टिप्पणी की,"चार दोषसिद्धि और 27 साल की...

झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कानूनी सेवा क्लीनिकों का उद्घाटन किया
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कानूनी सेवा क्लीनिकों का उद्घाटन किया

झारखंड राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (JHALSA) ने पिछले सप्ताह NALSA वीर परिवार सहायता योजना 2025 के तहत राज्य के सभी जिलों में रक्षा कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए कानूनी सेवा क्लीनिकों का उद्घाटन किया।झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और JHALSA के मुख्य संरक्षक जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने 13 सितंबर को रांची में कार्यक्रम में इन क्लीनिकों का वर्चुअली उद्घाटन किया।यह न्यायपालिका की एक विनम्र श्रद्धांजलि'इस अवसर पर बोलते हुए चीफ जस्टिस ने कहा,"बहादुरों, दिग्गजों और उनके परिवारों के लिए...

दिव्यांगता श्रेणी में आरक्षण का आदान-प्रदान कर सकती है सरकार: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
दिव्यांगता श्रेणी में आरक्षण का आदान-प्रदान कर सकती है सरकार: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act) की धारा 34 के तहत राज्य सरकार विकलांगता श्रेणियों के बीच आरक्षण का आदान-प्रदान कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि वाणिज्य संकाय के पदों से दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को बाहर करना अवैध नहीं है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने यह फैसला दृष्टिबाधित उम्मीदवार की याचिका खारिज करते हुए दिया, जिसने वाणिज्य संकाय में सहायक प्रोफेसर के पद पर आरक्षण की मांग की...

बैंक की शर्तें पूरी किए बिना चूककर्ता उधारकर्ता OTS लाभ का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट ने SBI की अपील स्वीकार की
बैंक की शर्तें पूरी किए बिना चूककर्ता उधारकर्ता OTS लाभ का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट ने SBI की अपील स्वीकार की

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बैंक की एकमुश्त निपटान (OTS) स्कीम का लाभ उठाना उधारकर्ता का अधिकार नहीं है, खासकर तब जब अनिवार्य पूर्व शर्तों, जैसे कि आवश्यक अग्रिम भुगतान, का पालन न किया गया हो।यदि कोई उधारकर्ता OTS लाभ के लिए पात्र भी है तो भी जब तक OTS स्कीम में निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की जातीं, तब तक उसे लाभ प्राप्त करने का कोई निहित अधिकार नहीं है।अदालत ने कहा,"पात्रता की सीमा पार करने पर चूककर्ता उधारकर्ता को अपने आवेदन पर विचार का दावा करने का अधिकार नहीं होगा, जब तक कि आवेदन स्वयं अन्य...

साझा उद्देश्य के लिए दान की गई मगर अप्रयुक्त भूमि मालिकों को लौटाई जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा
साझा उद्देश्य के लिए दान की गई मगर अप्रयुक्त भूमि मालिकों को लौटाई जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा

हरियाणा के भूस्वामियों को राहत प्रदान करते हुए महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को कहा कि पंचायतों में साझा उद्देश्यों के लिए निर्धारित भूमि के उपयोग के बाद बची हुई 'बचत भूमि' या अप्रयुक्त भूमि को मालिकों के बीच उस हिस्से के अनुसार पुनर्वितरित किया जाना चाहिए, जिसमें उन्होंने साझा उद्देश्यों के लिए अपनी भूमि दान की थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के भूस्वामियों-स्वामियों के पक्ष में...

न्यूनतम 75% उपस्थिति के बिना स्टूडेंट दिल्ली यूनिवर्सिटी कॉलेज छात्र संघ चुनाव नहीं लड़ सकते: हाईकोर्ट
न्यूनतम 75% उपस्थिति के बिना स्टूडेंट दिल्ली यूनिवर्सिटी कॉलेज छात्र संघ चुनाव नहीं लड़ सकते: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि न्यूनतम 75% उपस्थिति के मानदंडों को पूरा नहीं करने वाले स्टूडेंट को दिल्ली यूनिवर्सिटी कॉलेज छात्र संघ चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा कि यदि किसी उम्मीदवार की उपस्थिति न्यूनतम 75% उपस्थिति के मानदंड से कम है तो संबंधित कॉलेज ऐसे व्यक्ति का नामांकन अस्वीकार करने के अपने अधिकार में होगा।अदालत मुस्कान नामक महिला द्वारा दायर याचिका पर विचार कर रहा था, जिसमें 11 सितंबर को जारी चुनाव नोटिस को चुनौती दी गई। इसके तहत उसका नामांकन सत्यवती...

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ पाकिस्तान निर्मित वीडियो शेयर करने के आरोपी को मिली जमानत
प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ पाकिस्तान निर्मित वीडियो शेयर करने के आरोपी को मिली जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में UAPA और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गंभीर अपराधों के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को ज़मानत दी। उक्त व्यक्ति पर कथित तौर पर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणियों वाला पाकिस्तान निर्मित वीडियो प्रसारित करने का आरोप है।जस्टिस संतोष राय की पीठ ने 'भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने' और 'भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्यों' सहित गंभीर अपराधों के लिए आरोपी सवेज को ज़मानत दी। उन्हें इस साल 10 मई को...

आवारा कुत्तों के प्रबंधन हेतु योजना के क्रियान्वयन की मांग वाली अवमानना ​​याचिका सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर
आवारा कुत्तों के प्रबंधन हेतु योजना के क्रियान्वयन की मांग वाली अवमानना ​​याचिका सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन हेतु योजना के क्रियान्वयन की मांग वाली अवमानना ​​याचिका को सुप्रीम कोर्ट को ट्रांसफर किया। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मुद्दे पर राष्ट्रीय नीति बनाने के हालिया निर्णय के बाद लिया गया।दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से टीकाकरण के लिए उठाए गए आवारा कुत्तों को न छोड़ने के खंडपीठ के निर्देश पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने इस मामले का दायरा अखिल भारतीय स्तर पर बढ़ा दिया और हाईकोर्ट में लंबित इसी प्रकार की याचिकाओं को अपने...

S.179(1) BNSS | पुलिस अधिकार के तौर पर मामले से परिचित किसी भी व्यक्ति की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं कर सकती: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
S.179(1) BNSS | पुलिस अधिकार के तौर पर मामले से परिचित 'किसी भी व्यक्ति' की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं कर सकती: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 179(1) के तहत किसी पुलिस अधिकारी की "किसी भी व्यक्ति" की उपस्थिति सुनिश्चित करने की शक्ति क्षेत्रीय रूप से उसके अपने पुलिस थाने या आसपास के किसी थाने की सीमा के भीतर रहने वाले व्यक्तियों तक सीमित है। इसलिए यह शक्ति उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर रहने वाले व्यक्तियों तक विस्तारित नहीं होती है। अदालत ने आगे कहा कि कोई पुलिसकर्मी ऐसे व्यक्ति की उपस्थिति "अधिकार के तौर पर" सुनिश्चित नहीं कर सकता।BNSS की धारा 179(1) एक पुलिस...

महाराष्ट्र सदन घोटाला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने चमनकर बंधुओं के खिलाफ ED का मनी लॉन्ड्रिंग मामला खारिज किया
महाराष्ट्र सदन घोटाला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने चमनकर बंधुओं के खिलाफ ED का मनी लॉन्ड्रिंग मामला खारिज किया

महाराष्ट्र सदन घोटाला मामले में राज्य के कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल से जुड़े मुख्य आरोपियों में से एक चमनकर बंधुओं को बड़ी राहत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनके खिलाफ दर्ज मामला रद्द कर दिया।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस राजेश पाटिल की खंडपीठ ने कृष्णा और प्रसन्ना चमनकर (दोनों भाई) के खिलाफ कड़े धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज ED का मामला खारिज कर दिया। ये दोनों भाई ठेकेदार केएस चमनकर एंटरप्राइजेज के मालिक हैं, जिन पर धोखाधड़ी से ठेका...