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चांदनी चौक अवैध निर्माण: सुप्रीम कोर्ट ने 31 दिसंबर से प्रभावी, MCD के सीलिंग आदेशों पर लगी रोक हटाई
चांदनी चौक अवैध निर्माण: सुप्रीम कोर्ट ने 31 दिसंबर से प्रभावी, MCD के सीलिंग आदेशों पर लगी रोक हटाई

दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में अनधिकृत और अवैध निर्माणों से संबंधित मामले पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से दिल्ली नगर निगम (ATMCD) के अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए एक पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया।यह आदेश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने तब पारित किया, जब दिल्ली नगर निगम के वकील ने उन्हें बताया कि ATMCD ने उन संपत्तियों के संबंध में प्रस्तावित सीलिंग कार्रवाई पर स्थगन आदेश पारित कर दिए, जहां अनधिकृत निर्माण किए गए या जहां...

सेशन कोर्ट के CrPC की धारा 439(2) के तहत याचिका खारिज किए जाने के बाद ज़मानत रद्द करने के लिए हाईकोर्ट की अंतर्निहित शक्ति का प्रयोग किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सेशन कोर्ट के CrPC की धारा 439(2) के तहत याचिका खारिज किए जाने के बाद ज़मानत रद्द करने के लिए हाईकोर्ट की अंतर्निहित शक्ति का प्रयोग किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 439(2) और धारा 482 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करके ज़मानत रद्द करने की याचिका हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जा सकती है, भले ही सेशन कोर्ट ने CrPC की धारा 439(2) के तहत रद्द करने की अर्ज़ी पहले ही अस्वीकार कर दी हो।अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि एक बार सेशन कोर्ट द्वारा CrPC की धारा 439(2) के तहत ज़मानत रद्द करने की अर्ज़ी खारिज कर दिए जाने के बाद उसी प्रावधान के तहत दूसरी अर्ज़ी सीधे हाईकोर्ट के समक्ष दायर नहीं की जा...

S. 27 Evidence Act | एकाधिक अभियुक्तों के एक साथ दिए गए प्रकटीकरण बयानों की गहन जांच की आवश्यकता: सुप्रीम कोर्ट
S. 27 Evidence Act | एकाधिक अभियुक्तों के एक साथ दिए गए प्रकटीकरण बयानों की गहन जांच की आवश्यकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (22 सितंबर) को कहा कि साक्ष्य अधिनियम (Evidence Act) की धारा 27 के तहत एक साथ कई अभियुक्तों द्वारा दिए गए संयुक्त प्रकटीकरण बयानों को स्वीकार्य बनाने के लिए अभियुक्तों को किसी प्रकार की शिक्षा दिए जाने की संभावना खारिज करने हेतु गहन जांच की आवश्यकता है।अदालत ने आगे कहा कि यद्यपि एक साथ दिए गए प्रकटीकरण बयान कानूनी रूप से स्वीकार्य हो सकते हैं। हालांकि, अदालतों को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए और अभियोजन पक्ष पर यह साबित करने का दायित्व है कि ये खुलासे वास्तविक, स्वतंत्र और...

जाति आधारित राजनीतिक रैलियों पर रोक, पुलिस रिकॉर्ड और वाहनों से हटेंगे जाति उल्लेख: हाईकोर्ट आदेश पर यूपी सरकार की कार्रवाई
जाति आधारित राजनीतिक रैलियों पर रोक, पुलिस रिकॉर्ड और वाहनों से हटेंगे जाति उल्लेख: हाईकोर्ट आदेश पर यूपी सरकार की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए जाति-आधारित उल्लेखों को पुलिस अभिलेखों, आधिकारिक प्रारूपों, वाहनों और सार्वजनिक स्थानों से हटाने का 10 सूत्रीय आदेश जारी किया है। साथ ही, पूरे राज्य में जाति-आधारित राजनीतिक रैलियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश में कहा गया कि ऐसी रैलियाँ जातिगत संघर्ष को बढ़ावा देती हैं और "राष्ट्रीय एकता" के खिलाफ हैं। यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया फैसले के अनुपालन में जारी हुआ है, जिसमें कोर्ट ने जाति-गौरव प्रदर्शन को "असंवैधानिक" और "राष्ट्र-विरोधी"...

बेटी पढ़ाओ अभियान के बावजूद बेटियों की पढ़ाई की अनदेखी: राजस्थान हाईकोर्ट
'बेटी पढ़ाओ' अभियान के बावजूद बेटियों की पढ़ाई की अनदेखी: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति की तबादला स्थगित करने की अर्जी खारिज कर दी गई थी। याचिकाकर्ता ने अपनी बेटी की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा को देखते हुए मार्च 2026 तक वर्तमान पदस्थापन स्थल पर बने रहने की मांग की थी।जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कहा कि जब केंद्र और राज्य सरकारें “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान चला रही हैं, तब उनके अधिकारी बेटियों की वास्तविक ज़रूरतों के प्रति पूरी तरह उदासीन हैं। कोर्ट...

महिला से ज़बरन बात करना अपराध नहीं, सिर्फ़ परेशान करने वाला: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
महिला से ज़बरन बात करना अपराध नहीं, सिर्फ़ परेशान करने वाला: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला से उसकी इच्छा के विरुद्ध बातचीत शुरू करने की कोशिश करना—भले ही "परेशान करने वाला" हो—अपने आप में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत उसकी लज्जा भंग करने का अपराध नहीं बनता।जस्टिस कीर्ति सिंह ने नोट किया कि अभियोजन पक्ष (प्रॉसिक्यूट्रिक्स) ने स्वयं गवाही में स्वीकार किया कि आरोपी ने सिर्फ बातचीत शुरू करने की कोशिश की थी और जब उसने इनकार किया तो आरोपी वहाँ से चला गया।कोर्ट ने कहा कि यह आचरण अवश्य ही अनचाहा और परेशान करने वाला है, लेकिन इसे...

सुप्रीम कोर्ट ईसाई धर्म अपनाने के कारण महिला को एससी-रिज़र्व्ड पोस्ट के लिए अयोग्य घोषित करने वाले आदेश पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ईसाई धर्म अपनाने के कारण महिला को एससी-रिज़र्व्ड पोस्ट के लिए अयोग्य घोषित करने वाले आदेश पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें पंचायत की महिला अध्यक्ष को आरक्षित पद पर आसीन होने से अयोग्य ठहराए जाने को बरकरार रखा गया था। यह आदेश यह देखते हुए दिया गया था कि उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी करते हुए यह आदेश पारित किया।हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने प्रतिवादी की उस याचिका पर विचार किया, जिसमें याचिकाकर्ता को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी।...

सुप्रीम कोर्ट ने फिर उठाई हाईकोर्ट जजों के कार्य मूल्यांकन की मांग, कहा– जजों को रखना होगा स्व-प्रबंधन तंत्र
सुप्रीम कोर्ट ने फिर उठाई हाईकोर्ट जजों के कार्य मूल्यांकन की मांग, कहा– जजों को रखना होगा 'स्व-प्रबंधन तंत्र'

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक बार फिर हाईकोर्ट जजों के परफॉर्मेंस इवैल्यूएशन (कार्य प्रदर्शन मूल्यांकन) पर दिशा-निर्देश बनाने की ज़रूरत पर जोर दिया और कहा कि जनता की वैध अपेक्षाओं को न्यायपालिका को पूरा करना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि जजों को अपना "स्व-प्रबंधन सिस्टम" रखना होगा ताकि फाइलें लंबित न हों और बार-बार स्थगन (adjournment) से बचा जा सके।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ झारखंड हाईकोर्ट द्वारा आपराधिक अपीलों में लगभग तीन साल की देरी से फैसले सुनाने के मुद्दे पर...

सुप्रीम कोर्ट ज़मानत कोर्ट बनकर रह गया है: ज़मानत मामलों पर सुनवाई करते-करते थक गईं जस्टिस नागरत्ना
'सुप्रीम कोर्ट ज़मानत कोर्ट बनकर रह गया है': ज़मानत मामलों पर सुनवाई करते-करते थक गईं जस्टिस नागरत्ना

जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष आने वाले ज़मानत मामलों की बड़ी संख्या पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट वास्तव में "ज़मानत कोर्ट" बन गया है। उन्होंने बताया कि पीठ ने शुक्रवार को 25 और आज 19 ज़मानत मामलों की सुनवाई की।उन्होंने कहा,"एक के बाद एक हम ज़मानत देने या न देने पर विचार कर रहे हैं।"उन्होंने आगे कहा,"सुप्रीम कोर्ट एक ज़मानत कोर्ट बन गया है।"जस्टिस नागरत्ना की यह टिप्पणी सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन द्वारा आभार व्यक्त करने के बाद आई कि उनके नेतृत्व...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बार काउंसिल द्वारा वसूली गई अवैध ट्रांसफर फीस रद्द की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बार काउंसिल द्वारा वसूली गई अवैध ट्रांसफर फीस रद्द की

गौरव कुमार मामले में बार काउंसिल द्वारा सार्वजनिक कर्तव्य के उल्लंघन पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता को प्रतिध्वनित कियावकीलों के अधिकारों को सुदृढ़ करने और राज्य बार काउंसिलों की मनमानी प्रथाओं पर अंकुश लगाने वाले एक महत्वपूर्ण फैसले में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल ने एक वकील के नामांकन को एक राज्य बार काउंसिल से दूसरे राज्य बार काउंसिल में स्थानांतरित करने के लिए स्थानांतरण शुल्क वसूलकर अवैध रूप से कार्य किया है।देवेंद्र नाथ त्रिपाठी बनाम भारत संघ एवं अन्य (रिट...

न्यूजलॉन्ड्री और रविश कुमार ने अडानी ग्रुप के खिलाफ कंटेंट हटाने के आदेश को चुनौती दी, गुरुवार को होगी सुनवाई
न्यूजलॉन्ड्री और रविश कुमार ने अडानी ग्रुप के खिलाफ कंटेंट हटाने के आदेश को चुनौती दी, गुरुवार को होगी सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (22 सितंबर) को डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म न्यूजलॉन्ड्री और पत्रकार रविश कुमार द्वारा केंद्र सरकार के उस निर्देश को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई को गुरुवार (25 सितंबर) तक स्थगित कर दिया। केंद्र सरकार ने डिजिटल मीडिया प्रकाशकों से अडानी समूह के संबंध में प्रकाशित कई रिपोर्ट और वीडियो हटाने का आदेश दिया था।न्यूजलॉन्ड्री की ओर से सीनियर एडवोकेट सौरभ किरपाल ने जस्टिस सचिन दत्ता को बताया कि हाईकोर्ट में यह याचिका अधिकारों की सीमा पर आधारित है, जबकि मुख्य मामला अंतरिम...

अडानी गैग ऑर्डर रद्द करने वाले जज ही सुनेंगे पारंजॉय गुहा ठाकुरता और न्यूजलॉन्ड्री की अन्य याचिकाएं
अडानी गैग ऑर्डर रद्द करने वाले जज ही सुनेंगे पारंजॉय गुहा ठाकुरता और न्यूजलॉन्ड्री की अन्य याचिकाएं

दिल्ली की रोहिणी कोर्ट के जिला जज सुनील चौधरी ने पत्रकार पारनजॉय गुहा ठाकुरता और डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म न्यूजलॉन्ड्री द्वारा अडानी के खिलाफ दायर एक्स-पार्टी गैग ऑर्डर चुनौती देने वाली याचिकाएं उसी जज को स्थानांतरित कर दीं, जिन्होंने पहले चार अन्य पत्रकारों के खिलाफ दिए गए उसी ऑर्डर को रद्द किया था।अब इन याचिकाओं को पहले जिला और सेशंस जज के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके बाद जज आशीष अग्रवाल के समक्ष पेश किया जाएगा, जिन्होंने पिछले गुरुवार को चार पत्रकारों को राहत प्रदान की थी। जज अग्रवाल का...

दिल्ली दंगों मामले में उमर खालिद और अन्य की ज़मानत याचिकाओं पर नोटिस जारी, 7 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
दिल्ली दंगों मामले में उमर खालिद और अन्य की ज़मानत याचिकाओं पर नोटिस जारी, 7 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को उमर खालिद, शरजील इमाम, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा और शिफा उर रहमान द्वारा दिल्ली दंगों की व्यापक साजिश मामले में ज़मानत की मांग वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी किया।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को तय की।सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल, एएम सिंघवी, सिद्धार्थ दवे आदि याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए।जस्टिस कुमार ने सबसे पहले पिछले शुक्रवार (19 सितंबर) को मामले की सुनवाई न करने के लिए माफ़ी मांगी। जस्टिस कुमार ने कहा...

पेंशन के लिए अवैध धन की मांग जैसे अपराध पर समझौते से FIR नहीं खत्म हो सकती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
पेंशन के लिए अवैध धन की मांग जैसे अपराध पर समझौते से FIR नहीं खत्म हो सकती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मियों द्वारा पेंशन रिलीज़ के नाम पर अवैध धन की मांग और धन का गबन जैसी घटनाएं केवल निजी विवाद नहीं हैं बल्कि समाज के लिए गंभीर नकारात्मक प्रभाव पैदा करती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में समझौते के आधार पर FIR को रद्द नहीं किया जा सकता।मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार याचिकाकर्ता सरकारी क्लर्क था, जबकि शिकायतकर्ता एक मृतक शिक्षक की विधवा हैं। याचिकाकर्ता और एक अन्य अधिकारी ने शिकायतकर्ता से उसके पति की...

यौन उत्पीड़न मामले में नौकरी से निकाली गई कर्मचारी को राहत: गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में होगी फिर से बहाली”
यौन उत्पीड़न मामले में नौकरी से निकाली गई कर्मचारी को राहत: गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में होगी फिर से बहाली”

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी की महिला कर्मचारी को बड़ी राहत देते हुए उनका सेवा समाप्ति आदेश रद्द किया। अदालत ने माना कि महिला को केवल इसलिए बार-बार टर्मिनेट किया गया, क्योंकि उन्होंने यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।जस्टिस मंजु रानी चौहान ने आदेश देते हुए कहा कि यह साफ़ तौर पर अनावश्यक उत्पीड़न का मामला है, क्योंकि सभी कार्रवाई केवल शिकायत दर्ज करने के बाद ही शुरू हुईं।उन्होंने टिप्पणी की,“रजिस्ट्रार आज तक यूनिवर्सिटी में सेवा दे रहे हैं, जबकि...

समय पर नगर निकाय चुनाव न कराना लोकतंत्र के खिलाफ: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को लगाई फटकार
समय पर नगर निकाय चुनाव न कराना लोकतंत्र के खिलाफ: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को लगाई फटकार

राजस्थान हाईकोर्ट ने शहरी निकायों में समय पर चुनाव न कराने पर राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि यह देरी संविधान में निहित लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है।जस्टिस अनुप कुमार धाण्ड की एकल पीठ ने उन याचिकाओं को खारिज करते हुए टिप्पणी की, जो पूर्व सरपंचों द्वारा दायर की गई थीं। इन सरपंचों को उनकी पंचायतों के नगरपालिकाओं में विलय के बाद चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था। अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग और सरकार ने पांच वर्ष की निर्धारित अवधि समाप्त होने से पहले...