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क्या SIR नियमों से हटकर हो सकता है? प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग से सवाल
विभिन्न राज्यों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से अहम सवाल उठाए हैं।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) के तहत चुनाव आयोग को असीमित और बिना नियंत्रण की शक्तियां नहीं दी जा सकतीं।कोर्ट ने कहा कि जिस तरीके से आयोग उचित समझे का अर्थ यह नहीं है कि प्रक्रिया संविधान और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से बाहर हो।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष चुनाव...
Breaking | नोएडा में पानी भरे गड्ढे में टेक इंजीनियर की मौत पर NGT ने स्वतः संज्ञान लिया, कहा- प्रशासनिक लापरवाही से गई जान
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पानी से भरे गड्ढे में डूबकर मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही और सुधारात्मक कदम न उठाने के कारण यह दर्दनाक घटना हुई।NGT ने प्रारंभिक तौर पर इसे पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के उल्लंघन का मामला माना है।NGT की पीठ जिसकी अध्यक्षता जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव कर रहे थे और जिसमें विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल शामिल थे ने 20 जनवरी 2026 को टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट के...
पश्चिम बंगाल में 8 कुलपति नियुक्तियों पर राज्य सरकार–राज्यपाल की सहमति, शेष मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस ललित समिति पर छोड़ा
पश्चिम बंगाल की विश्वविद्यालयों में कुलपतियों (Vice Chancellors) की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से जारी गतिरोध के बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच 8 और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के नामों पर सहमति बन गई है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ को यह जानकारी पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता तथा राज्यपाल की ओर से आर. वेंकटरमणि ने दी।जिन विश्वविद्यालयों के लिए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल के बीच...
सहमति से बने रिश्तों के टूटने को अपराध नहीं बनाया जा सकता: दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, ब्रेकअप को बलात्कार कानून का हथियार न बनाएं
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि वयस्कों के बीच सहमति से बने रिश्ते के टूटने को बलात्कार कानून का सहारा लेकर अपराध का रूप नहीं दिया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि असफल या टूटे हुए रिश्तों को आपराधिक रंग देना कानून का दुरुपयोग है।जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने कहा कि एक शिक्षित और स्वतंत्र वयस्क व्यक्ति, जो अपनी स्वतंत्र और सचेत इच्छा से किसी सहमति-आधारित रिश्ते में प्रवेश करता है, उसे यह समझना चाहिए कि सिर्फ़ रिश्ता टूट जाने भर से आपराधिक जिम्मेदारी उत्पन्न नहीं...
अत्यधिक संवेदनशील रवैया: दिल्ली हाईकोर्ट ने टीवी टुडे से कहा- न्यूज़लॉन्ड्री की आलोचना हर हाल में अपमानजनक नहीं
दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को टीवी टुडे नेटवर्क को कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री द्वारा बनाए गए वीडियो को लेकर “अत्यधिक संवेदनशील (over sensitive)” रवैया अपना रहा है और हर आलोचनात्मक टिप्पणी को अपमानजनक या मानहानिकारक बताने की कोशिश कर रहा है।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि न्यूज़लॉन्ड्री के 75 वीडियो में से केवल एक वीडियो संदिग्ध हो सकता है, लेकिन शेष वीडियो केवल आलोचनात्मक टिप्पणियाँ हैं, जिन्हें अपमानजनक नहीं कहा जा...
रैलियों के लिए देशव्यापी SOP बनाना अदालत के लिए कठिन: सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को गृह मंत्रालय और निर्वाचन आयोग से संपर्क करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रैलियों, जनसभाओं और प्रदर्शनों के दौरान भगदड़ की घटनाओं को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तय करने की मांग वाली एक जनहित याचिका (PIL) का निपटारा कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता दी कि वह इस संबंध में पहले से गृह मंत्रालय को भेजे गए अपने प्रतिवेदन को आगे बढ़ाए।इसके साथ ही, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह भी अनुमति दी कि वह राजनीतिक रैलियों और रोड शो के लिए SOP तय करने के उद्देश्य से अपना प्रतिवेदन भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष भी प्रस्तुत कर सकता...
भोज शाला–कमाल मौला मस्जिद में एक साथ होगी पूजा और नमाज़, सुप्रीम कोर्ट ने तय की टाइमिंग
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के धार स्थित भोज शाला–कमाल मौला परिसर में बसंत पंचमी की पूजा और शुक्रवार की जुमे की नमाज़ दोनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अहम दिशा-निर्देश जारी किए। यह परिसर लंबे समय से धार्मिक स्वरूप को लेकर हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच विवाद का विषय रहा है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें 23 जनवरी को पड़ने वाली बसंत पंचमी के अवसर पर...
पत्नी के अडल्ट्री के आरोप सिद्ध करने के लिए DNA जांच का आदेश सही: मध्य प्रदेश हाइकोर्ट
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश सही ठहराया, जिसमें पति की अर्जी पर नाबालिग बच्ची का DNA टेस्ट कराने की अनुमति दी गई थी। पति ने यह DNA जांच पत्नी पर लगाए गए व्यभिचार (अडल्ट्री) के आरोपों को साबित करने के लिए मांगी थी।जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने पत्नी द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में फैमिली कोर्ट द्वारा DNA जांच का आदेश देना पूरी तरह उचित है।कोर्ट ने मामले के तथ्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पति भारतीय सेना में कार्यरत है जबकि पत्नी मध्य प्रदेश पुलिस में...
अवैध बर्खास्तगी पर सफाई कर्मी को 1 लाख रुपये मुआवजा बरकरार, लेकिन पुनर्बहाली से इनकार: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने उत्तर दिल्ली नगर निगम (MCD) और एक सफाई कर्मी द्वारा दायर क्रॉस याचिकाओं को खारिज करते हुए औद्योगिक न्यायाधिकरण का आदेश बरकरार रखा है, जिसमें अवैध रूप से सेवा समाप्त करने के लिए सफाई कर्मी को 1 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया।हालांकि, हाइकोर्ट ने कर्मचारी की पुनर्बहाली और पिछला वेतन देने की मांग को स्वीकार नहीं किया।जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने अपने फैसले में कहा कि सफाई कर्मी की सेवाएं औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 25एफ के अनिवार्य प्रावधानों का पालन किए बिना...
अवैध बर्खास्तगी पर सफाई कर्मी को 1 लाख रुपये मुआवजा बरकरार, लेकिन पुनर्बहाली से इनकार: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने उत्तर दिल्ली नगर निगम (MCD) और एक सफाई कर्मी द्वारा दायर क्रॉस याचिकाओं को खारिज करते हुए औद्योगिक न्यायाधिकरण का आदेश बरकरार रखा है, जिसमें अवैध रूप से सेवा समाप्त करने के लिए सफाई कर्मी को 1 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया।हालांकि, हाइकोर्ट ने कर्मचारी की पुनर्बहाली और पिछला वेतन देने की मांग को स्वीकार नहीं किया।जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने अपने फैसले में कहा कि सफाई कर्मी की सेवाएं औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 25एफ के अनिवार्य प्रावधानों का पालन किए बिना...
2000 लाल किला हमला: लश्कर आतंकी की क्यूरेटिव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को वर्ष 2000 के लाल किला आतंकी हमले के मामले में मौत की सजा पाए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मोहम्मद आरिफ द्वारा दायर क्यूरेटिव याचिका पर नोटिस जारी किया।यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2022 के उस फैसले को चुनौती देती है, जिसमें उसकी मौत की सजा बरकरार रखते हुए पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी गई थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस जे.के. महेश्वरी की पीठ ने क्यूरेटिव याचिका पर नोटिस जारी किया।नवंबर, 2022 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जो आतंकी...
BCCI को भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधि बताने के खिलाफ याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- न्यायिक समय की बर्बादी
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया, जिसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को भारत की आधिकारिक राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के प्रतिनिधि के रूप में पेश किए जाने पर रोक लगाने की मांग की गई थी।चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने एडवोकेट रीपक कंसल द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए दिल्ली हाइकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें पीआईएल पर सुनवाई से इनकार किया गया था।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने सवाल उठाया कि क्या...
पुजारी का मंदिर की जमीन पर कोई मालिकाना हक नहीं, प्रतिकूल कब्जे का दावा नहीं कर सकता: गुजरात हाइकोर्ट
गुजरात हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि मंदिर का पुजारी केवल देवता का सेवक होता है। उसे मंदिर या उससे जुड़ी भूमि पर कोई मालिकाना अधिकार प्राप्त नहीं होता।इसी आधार पर हाइकोर्ट ने सार्वजनिक रास्ते पर बने एक गणेश मंदिर को लेकर पुजारी द्वारा किया गया प्रतिकूल कब्जे (एडवर्स पजेशन) का दावा खारिज कर दिया।जस्टिस जे.सी. दोषी इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। विवाद एक सिविल वाद से जुड़ा था, जिसमें वादी महिला ने अपनी संपत्ति से सटे सार्वजनिक रास्ते पर बने गणेश मंदिर को हटाने की मांग की थी।वादी...
भर्ती विज्ञापन में हुई गलती से नियुक्ति का अधिकार नहीं बनता, जब पद ही उपलब्ध न हो: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें एक अभ्यर्थी को गलत भर्ती विज्ञापन के आधार पर नियुक्ति देने का निर्देश दिया गया था, जबकि संबंधित आरक्षित श्रेणी में कोई वास्तविक रिक्ति ही मौजूद नहीं थी।जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीजन बेंच ने कहा कि भर्ती अधिसूचना में हुई अनजानी गलती से किसी उम्मीदवार को नियुक्ति का स्थायी या वैधानिक अधिकार नहीं मिल सकता, जब वास्तव में कोई स्वीकृत पद उपलब्ध ही न हो।हाइकोर्ट राष्ट्रीय क्षयरोग एवं श्वसन रोग...
POCSO Case : बेटी से रेप करने वाले पिता को कोई नरमी नहीं, दिल्ली हाइकोर्ट ने सजा बरकरार रखी
दिल्ली हाइकोर्ट ने अत्यंत गंभीर मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि अपनी ही बेटी का यौन शोषण करने वाले पिता को POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत किसी भी प्रकार की रियायत या नरमी नहीं दी जा सकती।हाइकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा पिता को सुनाई गई सजा को बरकरार रखते हुए उसकी अपील खारिज की।मामलायह फैसला जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीजन बेंच ने सुनाया। मामला जुलाई 2021 का है, जब छठी कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग बच्ची ने अपने पिता पर सोते समय जबरन शारीरिक...
समय सीमा के बाद संज्ञान लेना गलत; 'सद्भावनापूर्ण चूक' और 'सामान्य चलन' मजिस्ट्रेट के लिए कोई बहाना नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को चोरी के एक मामले में आपराधिक कार्यवाही रद्द की, जिसमें मजिस्ट्रेट ने CrPC की धारा 468 [समय सीमा समाप्त होने के बाद संज्ञान लेने पर रोक] के तहत तय अनिवार्य अवधि के बाद संज्ञान लिया था।कोर्ट ने फिरोजाबाद के तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दी गई सफाई पर कड़ी आपत्ति जताई, जिन्होंने कहा कि सभी मजिस्ट्रेट अदालतों में प्रचलित सामान्य चलन के अनुसार, संज्ञान लेने से पहले पुलिस रिपोर्ट पर कोई गहन जांच नहीं की जाती है।यह मामला मोटरसाइकिल चोरी की घटना से संबंधित था और...
सुप्रीम कोर्ट ने IOCL को लगाई कड़ी फटकार, 30 साल बाद ज़मीन मालिकों को कब्ज़ा लौटाने का दिया आदेश
बुधवार को Supreme Court of India ने एक अहम फैसले में Indian Oil Corporation Limited (IOCL) को भूमि सुधार कानून के तहत दी गई सुरक्षा पर तीखी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि इस मामले में ज़मीन मालिक को तीन दशकों से अधिक समय तक अपनी ही ज़मीन के कब्ज़े से वंचित रखा गया, जो न्यायसंगत नहीं है।जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने IOCL को निर्देश दिया कि वह एर्नाकुलम (केरल) स्थित लीज़ पर ली गई भूमि का खाली और शांतिपूर्ण कब्ज़ा मूल ज़मीन मालिक के उत्तराधिकारियों को सौंपे। अदालत ने स्पष्ट...
शादी से पहले महिला को मिली स्कॉलरशिप शादी के बाद उसके पति के दावे को खत्म नहीं करती: राजस्थान हाईकोर्ट
स्वामी विवेकानंद एकेडमिक एक्सीलेंस स्कॉलरशिप से वंचित किए गए एक व्यक्ति को राहत देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ इस आधार पर स्कॉलरशिप खारिज करना कि आवेदक की पत्नी को भी शादी से पहले स्कॉलरशिप का फायदा मिला था, कानूनी रूप से सही नहीं था और यह स्कॉलरशिप योजनाओं के मूल मकसद के खिलाफ है।स्कॉलरशिप को सिर्फ एक परिवार के सदस्य तक सीमित रखने की शर्त के संदर्भ में स्थिति का विश्लेषण करते हुए जस्टिस अनूप सिंघी की बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि एक महिला उम्मीदवार को स्कॉलरशिप मिलने से उस महिला की...
केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) का सख्त आदेश: समीर वानखेड़े के खिलाफ चार्ज मेमो रद्द
केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT), प्रधान पीठ, नई दिल्ली ने सोमवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़े शब्दों वाले आदेश में आईआरएस अधिकारी Sameer Wankhede के खिलाफ जारी चार्ज मेमोरेंडम को रद्द (quash) कर दिया। न्यायाधिकरण ने स्पष्ट रूप से कहा कि विभागीय कार्रवाई गंभीर प्रक्रियात्मक त्रुटियों, कानून में दुर्भावना (malice in law) और प्रक्रिया के दुरुपयोग से ग्रस्त है।न्यायाधिकरण ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई शक्ति का ईमानदार प्रयोग नहीं, बल्कि “प्रतिशोध” और “निजी दुश्मनी” से प्रेरित है। पीठ ने...
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से एमिक्स क्यूरी के सुझावों के आधार पर पुलिस मीडिया ब्रीफिंग पर पॉलिसी बनाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सभी राज्यों को पुलिस मीडिया ब्रीफिंग के लिए पॉलिसी बनाने का निर्देश दिया, जिसमें एमिक्स क्यूरी द्वारा कोर्ट के सामने पेश किए गए "मीडिया ब्रीफिंग के लिए पुलिस मैनुअल" को ध्यान में रखा जाएगा।कोर्ट ने राज्यों को ज़रूरी काम करने के लिए 3 महीने का समय दिया।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने कहा,"हमारा मानना है कि राज्यों को एमिक्स क्यूरी द्वारा दिए गए मीडिया ब्रीफिंग के लिए पुलिस मैनुअल को ध्यान में रखते हुए मीडिया ब्रीफिंग के लिए उचित पॉलिसी बनाने का...




















