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पत्नी-एडवोकेट के प्रभाव के कारण वकील न मिलने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने पति का मामला जयपुर ट्रांसफर किया
पत्नी-एडवोकेट के प्रभाव के कारण वकील न मिलने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने पति का मामला जयपुर ट्रांसफर किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि यदि किसी पक्षकार को स्थानीय स्तर पर वकील नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि उसके विरोधी पक्ष के प्रभाव के चलते बार एसोसिएशन ने उसके खिलाफ माहौल बना दिया है तो यह न्याय के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन है। इसी आधार पर अदालत ने पति-पक्ष के वैवाहिक एवं आपराधिक मामलों को सवाई माधोपुर से जयपुर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।जस्टिस अनुप कुमार धंड की एकलपीठ ने कहा कि न्याय पाने का अधिकार और वकील की सहायता प्राप्त करना व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। यदि किसी...

भारतीय वन अधिनियम के तहत केवल नोटिस जारी करने से महाराष्ट्र अधिनियम के तहत निजी वनों का स्वामित्व नहीं हो जाएगा: सुप्रीम कोर्ट
भारतीय वन अधिनियम के तहत केवल नोटिस जारी करने से महाराष्ट्र अधिनियम के तहत निजी वनों का स्वामित्व नहीं हो जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

महाराष्ट्र के निजी वन भूमि स्वामियों को एक बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया, जिसमें केवल भारतीय वन अधिनियम के तहत नोटिस जारी करने के आधार पर निजी वन भूमि का स्वामित्व राज्य सरकार को सौंप दिया गया था। न्यायालय ने निजी वन भूमि का स्वामित्व उसके स्वामियों को वापस कर दिया।न्यायालय ने माना कि हाईकोर्ट का यह निर्णय गोदरेज एंड बॉयस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड बनाम महाराष्ट्र राज्य (2014) 3 एससीसी 430 के मामले में दिए गए उदाहरण के विपरीत है, जिसमें यह स्पष्ट किया...

चीफ जस्टिस बीआर गवई ने विधिक सेवा प्राधिकरणों के न्यायिक अधिकारियों से सहानुभूतिपूर्वक कार्य करने का आग्रह किया, विधिक सहायता वालंटियर को भुगतान में देरी की ओर ध्यान दिलाया
चीफ जस्टिस बीआर गवई ने विधिक सेवा प्राधिकरणों के न्यायिक अधिकारियों से सहानुभूतिपूर्वक कार्य करने का आग्रह किया, विधिक सहायता वालंटियर को भुगतान में देरी की ओर ध्यान दिलाया

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के मुख्य संरक्षक, भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने रविवार को विधिक सेवा संस्थानों में प्रतिनियुक्त न्यायिक अधिकारियों से न्यायिक अलगाव के बजाय करुणा, विनम्रता और सामुदायिक जुड़ाव के साथ अपनी भूमिका निभाने का आग्रह किया।नालसा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में आयोजित "विधिक सहायता वितरण तंत्रों को सुदृढ़ बनाने" पर राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह में बोलते हुए, मुख्य न्यायाधीश ने दो सप्ताह में पद छोड़ने की तैयारी कर रहे न्यायिक अधिकारियों को एक भावपूर्ण संदेश...

अदालतों को बाध्यकारी मिसालों को लागू करना चाहिए, नाम में भेद करके उन्हें दरकिनार नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अनुशासन पर ज़ोर दिया
'अदालतों को बाध्यकारी मिसालों को लागू करना चाहिए, नाम में भेद करके उन्हें दरकिनार नहीं किया जा सकता': सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अनुशासन पर ज़ोर दिया

न्यायिक पदानुक्रम और अनुशासन की एक मज़बूत पुष्टि करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देश भर की अदालतों को याद दिलाया कि "न्यायपालिका अपनी शक्ति अनुशासन से प्राप्त करती है, प्रभुत्व से नहीं," और इस बात पर ज़ोर दिया कि बाध्यकारी मिसालों का पालन करना एक संवैधानिक कर्तव्य है।कोर्ट ने कहा,"हम अदालतों के सरल कर्तव्य को दोहराते हैं: मिसालों को वैसे ही लागू करें जैसे वे हैं और अपीलीय निर्देशों को वैसे ही लागू करें जैसे वे बनाए गए। इस अनुशासन में वादियों का विश्वास और अदालतों की विश्वसनीयता निहित है।"कोर्ट ने कहा...

मकान मालिक के किरायानामा के तहत परिसर में प्रवेश करने वाला किरायेदार बाद में उसके स्वामित्व पर विवाद नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
मकान मालिक के किरायानामा के तहत परिसर में प्रवेश करने वाला किरायेदार बाद में उसके स्वामित्व पर विवाद नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मकान मालिक द्वारा निष्पादित किरायानामा के माध्यम से किराए के परिसर पर कब्ज़ा करने वाला किरायेदार बाद में मकान मालिक के स्वामित्व को चुनौती नहीं दे सकता, खासकर दशकों तक किराया चुकाने के बाद।1953 में शुरू हुए सात दशक पुराने मकान मालिक-किरायेदार विवाद का निपटारा करते हुए कोर्ट ने पाया कि प्रतिवादियों (किरायेदारों) के पूर्ववर्तियों ने रामजी दास नामक व्यक्ति से दुकान किराए पर ली थी। उनकी मृत्यु के बाद भी उन्हें और उनके बेटे को किराया देते रहे। इसलिए कोर्ट ने फैसला सुनाया कि...

NALSA की पहुंच आज देश के सुदूर कोनों तक पहुंच गई, उन लोगों तक पहुंच गई, जो अनदेखे और अनसुने थे: जस्टिस सूर्यकांत
NALSA की पहुंच आज देश के सुदूर कोनों तक पहुंच गई, उन लोगों तक पहुंच गई, जो अनदेखे और अनसुने थे: जस्टिस सूर्यकांत

सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस सूर्यकांत ने रविवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की परिवर्तनकारी पहुंच पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि इसकी उपस्थिति अब भारत के सुदूर कोनों तक पहुंच गई और इसने उन लोगों के जीवन को छुआ है, जो अन्यथा अनदेखे और अनसुने रह जाते।NALSA द्वारा आयोजित "कानूनी सहायता वितरण तंत्र को सुदृढ़ बनाना" विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में बोलते हुए जस्टिस सूर्यकांत, जो NALSA के कार्यकारी अध्यक्ष हैं, उसने संस्था के एक वैधानिक ढांचे से संवैधानिक सहानुभूति पर आधारित एक...

चीफ जस्टिस बीआर गवई ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सभी के लिए न्याय वॉकथॉन कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई
चीफ जस्टिस बीआर गवई ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के 'सभी के लिए न्याय' वॉकथॉन कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने रविवार को "सभी के लिए न्याय" दौड़/वॉकथॉन और वृक्षारोपण अभियान का उद्घाटन किया। यह ऐसा कार्यक्रम था, जिसने जजों, वकीलों और नागरिकों को एक अधिक सुलभ और टिकाऊ न्याय प्रणाली के सामूहिक आह्वान के लिए एक साथ लाया।8 किलोमीटर की दौड़/वॉक कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट परिसर से शुरू हुआ और इंडिया गेट पर समाप्त हुआ। इसका उद्घाटन और शुभारंभ चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई ने सुप्रीम कोर्ट के जजों, विभिन्न हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और जजों तथा बार के सदस्यों की उपस्थिति में...

S. 482 CrPC/S. 528 BNSS | याचिका रद्द करने में कोर्ट FIR/शिकायत में लगाए गए आरोपों की विश्वसनीयता की जांच नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
S. 482 CrPC/S. 528 BNSS | याचिका रद्द करने में कोर्ट FIR/शिकायत में लगाए गए आरोपों की विश्वसनीयता की जांच नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें महिला द्वारा अपने पति और उसके परिवार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए और दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत दर्ज FIR रद्द कर दी गई थी।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने FIR/शिकायत में लगाए गए आरोपों की विश्वसनीयता या वास्तविकता की जांच करने के लिए रद्द करने के चरण में 'मिनी-ट्रायल' आयोजित करने के लिए हाईकोर्ट की आलोचना की।कोर्ट ने नीहारिका इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड...

क्या राज्य CBI मामलों में अपील दायर कर सकते हैं, जब जांच आंशिक रूप से राज्य पुलिस द्वारा की गई हो? सुप्रीम कोर्ट ने प्रश्न खुला छोड़ा
क्या राज्य CBI मामलों में अपील दायर कर सकते हैं, जब जांच आंशिक रूप से राज्य पुलिस द्वारा की गई हो? सुप्रीम कोर्ट ने प्रश्न खुला छोड़ा

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में लालू प्रसाद यादव एवं अन्य बनाम बिहार राज्य एवं अन्य (2010) 5 एससीसी 1 मामले में अपने निर्णय की पुष्टि की, जिसमें कहा गया कि राज्य सरकार किसी ऐसे आपराधिक मामले में दिए गए निर्णय के विरुद्ध अपील दायर नहीं कर सकती, जिसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की गई हो।कोर्ट ने इस प्रश्न पर विचार नहीं किया कि क्या राज्य सरकार अपील दायर कर सकती है, जब जांच शुरू में राज्य पुलिस द्वारा की गई और फिर CBI को हस्तांतरित कर दी गई।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस...

₹3700 करोड़ के घोटाले के आरोपी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट जज को धमकी भरा ईमेल भेजने का मामला दर्ज
₹3700 करोड़ के घोटाले के आरोपी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट जज को धमकी भरा ईमेल भेजने का मामला दर्ज

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ₹3,700 करोड़ के एक बड़े साइबर धोखाधड़ी मामले में लखनऊ जेल में बंद एक कैदी पर पुलिस कांस्टेबल के फोन से इलाहाबाद हाईकोर्ट जज को धमकी भरा ईमेल भेजने का आरोप है।जेल में बंद आरोपी अनुभव मित्तल के खिलाफ FIR दर्ज की गई, जिस पर एक फर्जी ऑनलाइन पोंजी स्कीम के जरिए लगभग सात लाख निवेशकों को ठगने का आरोप है। उसने कथित तौर पर एक अन्य कैदी को फंसाने के लिए कांस्टेबल अजय कुमार के फोन का इस्तेमाल करके झूठी पहचान के तहत ईमेल भेजा था।इस धमकी भरे मेल में दावा किया गया कि लखनऊ पीठ के जज...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी एमएलए की पत्नी के खिलाफ मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी अधिनियम के तहत मामला खारिज किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी एमएलए की पत्नी के खिलाफ मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी अधिनियम के तहत मामला खारिज किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह समाजवादी पार्टी के निवर्तमान विधायक की पत्नी के खिलाफ आरोपपत्र, संज्ञान आदेश और पूरी कार्यवाही रद्द की। उन पर मानव तस्करी के आरोप थे। साथ ही उन पर किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के साथ-साथ बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने विधायक ज़ैद बेग की पत्नी सीमा बेग को राहत देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष की सामग्री को अगर उसके मूल स्वरूप में भी लिया जाए तो भी किसी भी लागू प्रावधान के तहत प्रथम दृष्टया कोई...

मनोनीत सीजेआई सूर्यकांत ने महिला पत्रकारों के खिलाफ ऑनलाइन हिंसा की ओर इशारा किया, सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग की
मनोनीत सीजेआई सूर्यकांत ने महिला पत्रकारों के खिलाफ ऑनलाइन हिंसा की ओर इशारा किया, सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग की

महिला पत्रकारों के साथ ऑनलाइन दुर्व्यवहार के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को मीडिया संगठनों और नियामक संस्थाओं से महिला पत्रकारों और संपादकों को डिजिटल उत्पीड़न और प्रतिष्ठा को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ठोस सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाने का आग्रह किया।नई दिल्ली में भारतीय महिला प्रेस कोर (IWPC) के 31वें वर्षगांठ समारोह में मुख्य भाषण देते हुए मनोनीत चीफ जस्टिस ने कहा कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के हथियारीकरण ने महिला पत्रकारों के...

सुप्रीम कोर्ट ने भारती एयरटेल के खिलाफ कर्मचारी योजना को लेकर 244 करोड़ रुपये के सर्विस टैक्स की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने भारती एयरटेल के खिलाफ कर्मचारी योजना को लेकर 244 करोड़ रुपये के सर्विस टैक्स की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल लिमिटेड के खिलाफ केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्त, गुरुग्राम द्वारा दायर लगभग 244 करोड़ रुपये के सर्विस टैक्स की अपील खारिज की। यह विवाद कंपनी की एयरटेल कर्मचारी सेवा योजना (AESS) से संबंधित है, जो अपने कर्मचारियों को मुफ्त या रियायती दूरसंचार सेवाएं प्रदान करती थी।इस अपील में कस्टम, उत्पाद शुल्क और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (CESTAT), चंडीगढ़ के 27 जनवरी, 2025 के आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें पूरी कर मांग खारिज की गई...

सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक आश्रयों में मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा हेतु याचिकाएं निगरानी हेतु NHRC को हस्तांतरित कीं
सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक आश्रयों में मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा हेतु याचिकाएं निगरानी हेतु NHRC को हस्तांतरित कीं

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक वकील द्वारा दायर तीन याचिकाओं को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को हस्तांतरित कर दिया, जिनमें धार्मिक आश्रयों में मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा और कल्याण तथा मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 के कार्यान्वयन हेतु निर्देश देने का अनुरोध किया गया।जस्टिस पमिदिघंतम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने यह आदेश इस बात पर गौर करने के बाद पारित किया कि केंद्र और केंद्र शासित प्रदेशों के मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण कार्यरत हैं।कोर्ट ने कहा,"इस...

भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के बदले नौकरी का अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के बदले नौकरी का अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने लगभग तीन दशक पहले अधिग्रहित भूमि के बदले रोजगार की मांग करने वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 में ऐसा कोई अधिकार प्रदान नहीं किया गया और मुआवजे का भुगतान राज्य के दायित्व को पूरी तरह से पूरा करता है।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ एक व्यक्ति द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसकी पारिवारिक भूमि 1998 में भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत अधिग्रहित की गई। याचिकाकर्ता, जिसका अधिग्रहण के समय जन्म भी नहीं...

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के फलौदी में हुए राजमार्ग हादसे का स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के फलौदी में हुए राजमार्ग हादसे का स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के फलौदी में हुए दुखद राजमार्ग हादसे का स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें 2 नवंबर को एक टेंपो ट्रैवलर के एक खड़े ट्रक से टकरा जाने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी।यह मामला 10 नवंबर को जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। इसे एक जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया गया।कथित तौर पर दुर्घटना के समय टेंपो जोधपुर से महिलाओं और बच्चों को लेकर जा रहा था, जो बीकानेर तीर्थयात्रा पर गए थे। शाम को जोधपुर लौटते समय, टेंपो भारतमाला...

RTE Act के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर TET उत्तीर्ण करने वाले शिक्षकों को नियुक्ति के समय योग्यता न होने के कारण बर्खास्त नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
RTE Act के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर TET उत्तीर्ण करने वाले शिक्षकों को नियुक्ति के समय योग्यता न होने के कारण बर्खास्त नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन शिक्षकों ने बच्चों के निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण की है, उन्हें केवल इसलिए बर्खास्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि उनकी प्रारंभिक नियुक्ति के समय उनके पास यह योग्यता नहीं थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने दो सहायक अध्यापकों, उमा कांत और एक अन्य की अपील स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया। इन सहायक अध्यापकों को 2012 में...