Punjab Excise Act | आधी भरी, बिना सील वाली शराब की बोतलों से गंभीर संदेह पैदा होता है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बरी करने का फैसला बरकरार रखा
Amir Ahmad
6 Jan 2026 7:48 PM IST

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य की अपील खारिज की, जिसमें पंजाब एक्साइज एक्ट (Punjab Excise Act) की धारा 61(1)(a) के तहत दंडनीय अपराध (अवैध रूप से कोई भी नशीला पदार्थ (जैसे शराब या ड्रग्स) या उन्हें बनाने का सामान/उपकरण रखना) करने के आरोपी को बरी किए जाने को चुनौती दी गई।
कोर्ट ने कहा कि जब्त की गई शराब की बोतलों की सीलिंग, पेशी और पहचान में गंभीर कमियों ने अभियोजन पक्ष के मामले को कमजोर कर दिया।
कोर्ट ने आगे कहा कि उसके सामने पेश की गई बोतलें आधी भरी और खाली थीं, जो अभियोजन पक्ष के इस बयान के विपरीत था कि आरोपी से सील बंद और भरी हुई बोतलें बरामद की गईं।
कोर्ट ने आगे टिप्पणी की कि बोतलों पर FIR नंबर न होने और जांच अधिकारी द्वारा यह स्वीकार करने पर कि केस प्रॉपर्टी को सील भी नहीं किया गया, केस प्रॉपर्टी की पहचान के बारे में उचित संदेह पैदा होता है।
जस्टिस राकेश कैंथला ने टिप्पणी की,
“एस.आई. बालक राम (PW-7) ने अपनी क्रॉस-एग्जामिनेशन में स्वीकार किया कि बोतलें आधी भरी और खाली थीं। अभियोजन पक्ष का यह खास मामला है कि पुलिस ने भरी हुई बोतलें बरामद की थीं। कोर्ट के सामने आधी भरी और खाली बोतलें पेश करने का कोई स्पष्टीकरण नहीं है इसलिए कोर्ट में केस प्रॉपर्टी की पहचान के बारे में उचित संदेह है।”
यह मामला तब सामने आया, जब पुलिस ने पंजाब एक्साइज एक्ट की धारा 61(1)(a) के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए आरोपी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में चालान पेश किया।
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि उन्होंने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी के घर की तलाशी ली और बिना किसी परमिट के 84 बोतलों वाले सात बक्से देसी शराब बरामद की।
आरोपी को ट्रायल कोर्ट ने इस आधार पर बरी कर दिया कि आधिकारिक गवाहों के बयान महत्वपूर्ण पहलुओं पर एक-दूसरे के विरोधाभासी थे और स्वतंत्र गवाहों ने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया।
इससे दुखी होकर राज्य ने हाईकोर्ट में अपील दायर की जिसमें तर्क दिया गया कि ट्रायल कोर्ट ने आधिकारिक गवाहों की गवाही को ऐसे कारणों से खारिज कर दिया जो टिकाऊ नहीं थे।
राज्य ने आगे कहा कि स्वतंत्र गवाह ग्राम पंचायत के प्रधान और वार्ड पंच हैं और आरोपी उप-प्रधान है, इसलिए स्वतंत्र गवाह आरोपी से निकटता के कारण मुकर गए।

