ताज़ा खबरे
IBC मामलों में NCLT पर हाईकोर्ट समानांतर अवमानना क्षेत्राधिकार का प्रयोग नहीं कर सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि दिवालियापन के मामलों में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा पारित आदेशों के उल्लंघन का आरोप लगाने वाली अवमानना याचिकाएं सीधे हाईकोर्ट में दायर नहीं की जा सकतीं।जस्टिस मिलिंद एन जाधव की सिंगल-जज बेंच ने कहा कि एक बार जब कानून द्वारा NCLT को अवमानना की शक्तियां दे दी जाती हैं तो हाईकोर्ट को समानांतर क्षेत्राधिकार का प्रयोग नहीं करना चाहिए।कोर्ट ने कहा,“एक बार जब ट्रिब्यूनल को ऐसा अवमानना क्षेत्राधिकार मिल जाता है तो इस कोर्ट को अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा...
उत्तर प्रदेश पुलिस की वेबसाइट पर सभी आरोप पत्र अपलोड करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज
इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ पीठ ने वर्ष 2020 में दायर उस जनहित याचिका खारिज की, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि प्रत्येक मामले में जांच पूरी होने के 24 घंटे के भीतर आरोप पत्र को उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाए।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस अब्धेश कुमार चौधरी की पीठ ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2024 के निर्णय पर भरोसा करते हुए कहा कि आरोप पत्र सार्वजनिक दस्तावेज नहीं होते और उन्हें सार्वजनिक मंच पर उपलब्ध कराना दंड प्रक्रिया संहिता की व्यवस्था के विपरीत...
अंकिता भंडारी हत्याकांड से दुष्यंत गौतम को जोड़ने वाली सामग्री हटाने के आदेश, कांग्रेस और AAP पर हाइकोर्ट सख्त
दिल्ली हाइकोर्ट ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और पूर्व राज्यसभा सांसद दुष्यंत कुमार गौतम को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाली कथित मानहानिकारक सामग्री को लेकर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य प्रतिवादियों को कड़ा निर्देश दिया।न्यायालय ने इन सभी को सोशल मीडिया से ऐसी सभी पोस्ट वीडियो और प्रकाशन हटाने का आदेश दिया।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने मामले की सुनवाई के बाद आदेश पारित करते हुए कहा कि प्रतिवादी दुष्यंत गौतम को अंकिता भंडारी हत्याकांड में तथाकथित 'विशेष व्यक्ति'...
हठधर्मिता' पर सख्त इलाहाबाद हाइकोर्ट, पेड़ों की भू-अंकन विफलता पर शीर्ष वन व उद्यान अधिकारियों को तलब 40 हजार रुपये का जुर्माना
इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ पीठ ने वर्ष 2013 में दायर एक जनहित याचिका में राज्य अधिकारियों की उदासीनता और हठधर्मिता पर कड़ा रुख अपनाते हुए वन और उद्यान विभाग के शीर्ष अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया।न्यायालय ने पेड़ों के वैज्ञानिक भू-अंकन से संबंधित पूर्व आदेशों के पालन में विफल रहने पर कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस अब्धेश कुमार चौधरी की पीठ ने वन विभाग के अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के प्रमुख सचिव सहित अन्य...
अंतरिम भरण-पोषण के स्तर पर पत्नी की कमाई मानकर नहीं चला जा सकता: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति द्वारा पत्नी को अंतरिम भरण-पोषण दिए जाने के प्रश्न पर यह पूर्वधारणा नहीं बनाई जा सकती कि पत्नी स्वयं कमाने में सक्षम है या वह आय अर्जित कर रही है।न्यायालय ने कहा कि केवल पति का यह कहना कि पत्नी काम करती है और कमाती है, बिना किसी प्राथमिक साक्ष्य के, अंतरिम स्तर पर स्वीकार्य नहीं हो सकता।जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें पत्नी ने परिवार न्यायालय द्वारा उसे मात्र ढाई हजार रुपये प्रतिमाह अंतरिम भरण-पोषण दिए जाने के...
कंडोम के प्रयोग और समयांतराल से दुष्कर्म मामलों में DNA असंगति की हो सकती है व्याख्या: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दुष्कर्म के मामलों में यदि DNA का मिलान नहीं होता है तो मात्र इसी आधार पर अभियोजन का मामला कमजोर नहीं माना जा सकता बशर्ते परिस्थितियाँ उस असंगति की उचित व्याख्या करती हों।हाइकोर्ट ने कहा कि अभियुक्त द्वारा कंडोम के प्रयोग और मेडिकल जांच में हुए विलंब जैसे कारण DNA न मिलने की स्थिति को समझा सकते हैं।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने नाबालिग से बार-बार दुष्कर्म के दोषी ठहराए गए व्यक्ति की आपराधिक अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।हाइकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि न्याय...
अनुशासनात्मक कार्यवाही में बरी होने से हर मामले में आपराधिक मुकदमा स्वतः समाप्त नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही में किसी लोक सेवक के बरी हो जाने मात्र से आपराधिक मुकदमे को स्वतः निरस्त नहीं किया जा सकता, खासकर उन भ्रष्टाचार मामलों में जो ट्रैप (रिश्वत-पकड़) कार्रवाइयों से उत्पन्न होते हैं। अदालत ने दोहराया कि दोनों प्रक्रियाएँ एक-दूसरे से स्वतंत्र हैं और सबूत के अलग-अलग मानकों पर संचालित होती हैं।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने कर्नाटक लोकायुक्त की अपील स्वीकार करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट के उस निर्णय...
पुणे पोर्शे हिट-एंड-रन मामला | सुप्रीम कोर्ट ने खून के सैंपल बदलने के आरोपित दो व्यापारियों की जमानत याचिकाओं पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने आज 2024 पुणे पोर्शे हिट-एंड-रन केस में आरोपित व्यवसायियों आशीष मित्तल और आदित्य सूद की जमानत याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी, जब कथित तौर पर शराब के नशे में एक नाबालिग द्वारा चलाई जा रही अन्रजिस्टर्ड Porsche Taycan कार ने उन्हें टक्कर मार दी थी।मित्तल और सूद पर आरोप है कि उन्होंने कार में मौजूद दो अन्य नाबालिग आरोपियों (कथित चालक को छोड़कर), जो शराब के प्रभाव में थे, उनके ब्लड सैंपल्स अपने सैंपल्स से बदलवाए। उन पर आईपीसी और भ्रष्टाचार...
यह हमारा संवैधानिक कर्तव्य है कि चुनावी लिस्ट में विदेशी न हों, SIR NRC नहीं: ECI ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
राज्यों में चल रहे चुनावी लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देने के मामले में भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि भारतीय संविधान 'नागरिक-केंद्रित' है। इसलिए यह ECI का संवैधानिक कर्तव्य है कि यह सुनिश्चित करे कि चुनावी लिस्ट में कोई भी विदेशी न रहे। ECI ने यह भी कहा कि उसे इस मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियों द्वारा की जा रही 'बयानबाजी' से कोई लेना-देना नहीं है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच SIR की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं...
नाबालिगों के लिए जमानत नियम, भले ही उन पर वयस्कों की तरह मुकदमा चलाया जाए: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2015 (JJ Act) के तहत कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे के लिए जमानत एक नियम है, भले ही उस नाबालिग पर चिल्ड्रन्स कोर्ट में "वयस्क आरोपी" के तौर पर मुकदमा चलाया जा रहा हो।हत्या के आरोपी नाबालिग याचिकाकर्ता की जमानत याचिका खारिज करने वाले आदेशों को रद्द करते हुए जस्टिस अनूप कुमार धंड की बेंच ने पुष्टि की कि कथित अपराध की गंभीरता या नाबालिग की उम्र एक्ट की धारा 12 के तहत जमानत देने से इनकार करने के लिए प्रासंगिक विचार नहीं थे।कोर्ट ने कहा,“यहां तक...
S. 138 NI Act | समय-सीमा पार हो चुकी चेक डिसऑनर शिकायत पर देरी माफ किए बिना संज्ञान नहीं लिया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देर से दायर की गई चेक डिसऑनर शिकायत पर तब तक संज्ञान नहीं लिया जा सकता, जब तक कोर्ट द्वारा देरी माफ न कर दी जाए।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया था, जिसमें देरी माफ किए बिना ही देर से दायर की गई चेक डिसऑनर शिकायत पर संज्ञान लिया गया।कोर्ट ने कहा,"हमें यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि माननीय मजिस्ट्रेट ने NI Act की धारा 138 के तहत प्रतिवादी की शिकायत पर संज्ञान लेने में गलती...
OBC युवक को दूसरे के पैर धोने के लिए मजबूर किया गया | सुप्रीम कोर्ट ने NSA के तहत हिरासत में लिए गए आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया
OBC समुदाय के एक युवक से जुड़े मामले में, जिसे कथित तौर पर जातिगत भेदभाव के कारण दूसरे के पैर धोने के लिए मजबूर किया गया, सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिए गए एक आरोपी को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने याचिकाकर्ता-आरोपी की हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें राज्य पुलिस को घटना के समय मौजूद सभी लोगों के खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया...
ED की रेड के दौरान AAP के सत्येंद्र जैन से रिकवरी के बारे में 'बढ़ा-चढ़ाकर' दावे करने के लिए BJP विधायक को कोर्ट ने लगाई फटकार
मंगलवार को दिल्ली कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सत्येंद्र जैन द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक करनैल सिंह के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले का संज्ञान लिया।राउज एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने BNSS की धारा 227 के तहत सिंह के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया।जैन और सिंह दोनों ने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में शकूर बस्ती निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। सिंह ने चुनाव जीता और जैन को 20,998 वोटों से हराया।जैन ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार...
दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश का मामला: कोर्ट ने पुलिस को ज़मानत पाए चार आरोपियों की ज़मानतदारों को वेरिफाई करने को कहा, आज रिहाई की संभावना
दिल्ली कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस से 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत पाए पांच में से चार आरोपियों द्वारा जमा की गई ज़मानत और दस्तावेज़ों को वेरिफाई करने को कहा।एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी ने आरोपी गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान और मोहम्मद सलीम खान द्वारा दिए गए 2 लाख रुपये के बेल बॉन्ड, साथ ही उतनी ही रकम के दो स्थानीय ज़मानतदारों को मंज़ूर कर लिया।जज ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस को आज तक दस्तावेज़ों को वेरिफाई करने का निर्देश...
IIM-अहमदाबाद ने स्टडेंट्स के निष्कासन को रद्द करने वाले आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में की अपील
IIM-अहमदाबाद ने गुजरात हाईकोर्ट में सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी, जिसमें मैनेजमेंट में डॉक्टोरल प्रोग्राम कोर्स में नामांकित तीन स्टडेंट्स का संस्थान से निष्कासन रद्द कर दिया गया। इस आदेश में कहा गया कि यह कार्रवाई प्रोग्राम मैनुअल में बताए गए प्रोसीजर के अनुसार नहीं थी।मंगलवार (6 जनवरी) को सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने मौखिक रूप से संस्थान से प्रोग्राम मैनुअल में उन प्रावधानों को दिखाने के लिए कहा, जो संस्थान को स्टडेंट्स को पहले साल (प्रोग्राम के) के भीतर छोड़ने के लिए कहने की अनुमति देते हैं,...
लोन डिफॉल्ट पर सिक्योरिटी चेक पेश करना क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि लोन चुकाने में डिफॉल्ट होने पर बैंक द्वारा सिक्योरिटी चेक पेश करना, IPC की धारा 409 के तहत क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट का अपराध नहीं है।चाइना ट्रस्ट कमर्शियल बैंक (CTBC) और उसके अधिकारियों द्वारा दायर याचिकाओं को मंज़ूर करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने एक कर्जदार के पूर्व डायरेक्टर द्वारा शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द की।उक्त कार्यवाही रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा,“शिकायतकर्ता ने याचिकाकर्ताओं (CTBC) को कोई प्रॉपर्टी सौंपी नहीं थी; बल्कि यह एक सिक्योरिटी चेक था जो लोन...
सिंडिकेट सदस्यों पर MCOCA बिना किसी पिछली FIR के भी लगाया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के प्रावधानों को किसी ऐसे आरोपी के खिलाफ भी लगाया जा सकता है, जिस पर किसी ऑर्गनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट का सदस्य होने का आरोप है, भले ही उस आरोपी के खिलाफ उसकी व्यक्तिगत क्षमता में कोई पिछली FIR या चार्जशीट न हो।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा,"पिछले दस सालों में 'एक से ज़्यादा चार्जशीट' की कानूनी ज़रूरत... ऑर्गनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट पर लागू होती है, न कि हर उस व्यक्ति पर जिस पर सदस्य होने का आरोप है।"बेंच ने यह बात एक महिला...
ताज़ा अपराध के बाद 5 साल की सज़ा पूरी किए बिना हार्डकोर कैदी को इमरजेंसी पैरोल पर रिहा नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा काट रहे कैदी को इमरजेंसी पैरोल देने से मना किया, जिसने अपनी पत्नी की मौत के कारण अस्थायी रिहाई मांगी। कोर्ट ने कहा कि उसने अपने ताज़ा अपराध के बाद पांच साल की जेल की सज़ा पूरी करने की कानूनी शर्त पूरी नहीं की, जैसा कि हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिज़नर्स (टेम्पररी रिलीज़) एक्ट, 2022 के तहत ज़रूरी है।हालांकि, मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सीमित घंटों के लिए पुलिस सुरक्षा में कस्टडी पैरोल पर अपनी मृत पत्नी के अंतिम संस्कार और...
अबू सलेम ने भाई की मौत पर शोक मनाने के लिए मांगी 14 दिन की इमरजेंसी पैरोल
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (6 जनवरी) को महाराष्ट्र सरकार को अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर अबू सलेम – जो 1993 मुंबई बम धमाका मामले में दोषी है – की याचिका पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया, जिसने अपने बड़े भाई की मौत के बाद 14 दिन की 'इमरजेंसी पैरोल छुट्टी' मांगी।सलेम 2 दशक से ज़्यादा समय से जेल में है। उसने अपने वकील फरहाना शाह के ज़रिए जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की डिवीज़न बेंच के सामने अर्जेंट पैरोल छुट्टी के लिए याचिका दायर की।जब मंगलवार सुबह मामले की सुनवाई हुई तो शाह ने जजों को बताया कि इस...
मौजूद न होने वाली फर्म को री-असेसमेंट नोटिस अमान्य: बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोहराया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोहराया कि जो कंपनी या फर्म मौजूद नहीं है, उसके खिलाफ शुरू की गई कानूनी कार्रवाई कानून की नज़र में अमान्य है।जस्टिस बी.पी. कोलाबावाला और जस्टिस अमित एस. जमसांडेकर की डिवीजन बेंच ने इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) के तहत जारी किए गए री-असेसमेंट नोटिस और उसके बाद के असेसमेंट ऑर्डर रद्द कर दिया। यह नोटिस एक पार्टनरशिप फर्म के खिलाफ जारी किया गया, जो सालों पहले एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में मिल गई।यह मामला जे एम म्हात्रे इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को जारी किए गए नोटिस से जुड़ा है,...




















