प्री-2009 स्पेशल फ्रंटियर फोर्स कर्मियों को सेना के समान 100 प्रतिशत पेंशन समानता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

Amir Ahmad

6 Jan 2026 7:17 PM IST

  • प्री-2009 स्पेशल फ्रंटियर फोर्स कर्मियों को सेना के समान 100 प्रतिशत पेंशन समानता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

    दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (SFF) के वे कर्मी जो 1 जनवरी, 2009 से पहले रिटायर हुए हैं, वे भारतीय सेना के समकक्ष रैंकों के समान 100 प्रतिशत पेंशन की मांग के हकदार नहीं हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे कर्मी केवल पेंशन के कम्यूटेड मूल्य के 45 प्रतिशत की बहाली का ही दावा कर सकते हैं, जैसा कि पूर्व में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों में निर्धारित किया गया।

    चीफ जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने पूर्व सैनिक कल्याण संघ द्वारा दायर रिट याचिका खारिज करते हुए यह निर्णय दिया। याचिका में प्री-2009 अवधि में रिटायर SFF के नॉन-ऑफिसर रैंक (PBoR) कर्मियों के लिए पूर्ण पेंशन समानता की मांग की गई। याचिकाकर्ता का तर्क था कि वर्ष 2016 में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले में 1 जनवरी, 2009 की कट-ऑफ तिथि को मनमाना घोषित किया जा चुका है।

    हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2016 के फैसले में कैबिनेट सचिवालय के 16 अक्टूबर, 2009 के आदेश में निर्धारित कट-ऑफ तिथि को तो रद्द किया गया, लेकिन प्री-2009 रिटायर कर्मियों को सेना के समान पूर्ण पेंशन देने का कोई निर्देश नहीं दिया गया।

    खंडपीठ ने यह भी उल्लेख किया कि 2016 का निर्णय संतुलन पर आधारित था, क्योंकि प्री-2009 SFF कर्मियों को पूर्व नीतियों के तहत पहले ही सेना की पेंशन के समकक्ष 45 प्रतिशत कम्यूटेड मूल्य के रूप में एकमुश्त राशि दी जा चुकी थी।

    अदालत ने याचिकाकर्ता के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि 15 वर्ष पूरे होने के बाद 100 प्रतिशत पेंशन समानता स्वतः लागू हो जाती है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की व्याख्या 2016 के फैसले को दोबारा लिखने के समान होगी।

    हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि प्री-2009 रिटायर कर्मियों को पूर्ण पेंशन समानता दी जाती है तो इससे 1 जनवरी, 2009 के बाद रिटायर कर्मियों के साथ असमानता पैदा होगी। बाद में रिटायर हुए कर्मियों को 45 प्रतिशत कम्यूटेड पेंशन की एकमुश्त राशि का लाभ कभी नहीं मिला, जबकि प्री-2009 कर्मी इस लाभ का वर्षों तक उपभोग कर चुके हैं।

    अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यदि प्री-2009 SFF कर्मियों को सेना के समान सभी पेंशन लाभ देने होते तो इसके लिए पहले उन्हें पहले से प्राप्त 45 प्रतिशत कम्यूटेड राशि लौटाने का निर्देश देना आवश्यक होता।

    इन कारणों से हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि प्री-2009 स्पेशल फ्रंटियर फोर्स कर्मियों को भारतीय सेना के समान 100 प्रतिशत पेंशन समानता का अधिकार नहीं है।

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