कर्नाटक हाईकोर्ट

पत्नी की कथित हत्या के झूठे मामले में बरी व्यक्ति ने कर्नाटक हाईकोर्ट में मुआवज़ा एक लाख रुपए से बढ़ाकर पांच करोड़ करने की मांग की
पत्नी की कथित हत्या के 'झूठे मामले' में बरी व्यक्ति ने कर्नाटक हाईकोर्ट में मुआवज़ा एक लाख रुपए से बढ़ाकर पांच करोड़ करने की मांग की

कर्नाटक हाईकोर्ट के समक्ष एक ऐसे व्यक्ति ने याचिका दायर की है, जिसे पुलिस ने पत्नी के हत्या के आरोप में गलत तरीके से फंसाया, जिस मामले में बाद मे वह बरी हो गया। सेशन जज ने बरी के आदेश के साथ ही उसके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्यवाही के लिए उसे एक लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। अब उस व्यक्ति ने कर्नाटक हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर कर, मुआवजे की राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने की मांग की है।सेशन जज ने किया था बरीअप्रैल 2025 में, सत्र न्यायाधीश गुरुराज सोमक्कलवर ने...

बाइक टैक्सी लग्जरी नहीं, जरूरत है: टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन ने कर्नाटक हाईकोर्ट में बैन के खिलाफ याचिका दायर की
'बाइक टैक्सी लग्जरी नहीं, जरूरत है': टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन ने कर्नाटक हाईकोर्ट में बैन के खिलाफ याचिका दायर की

कर्नाटक में बाइक टैक्सी पर प्रतिबंध का विरोध करते हुए बाइक टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन ने बुधवार को हाईकोर्ट से कहा कि बाइक टैक्सी कोई लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत है जिससे यातायात की भीड़ कम करने में मदद मिलती है।कार्यवाहक चीफ़ जस्टिस वी कामेश्वर राव और जस्टिस सी एम जोशी की खंडपीठ एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ बाइक टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियों ओला, उबर और रैपिडो की अपीलों पर सुनवाई कर रही थी। संदर्भ के लिए, एकल न्यायाधीश ने अप्रैल में फैसला सुनाया था कि "जब तक राज्य सरकार मोटर वाहन अधिनियम, 1988...

स्मार्ट बिजली मीटर केवल नए घरों में लगाए जाएंगे, मौजूदा उपभोक्ताओं के लिए नहीं: BESCOM ने कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया
स्मार्ट बिजली मीटर केवल नए घरों में लगाए जाएंगे, मौजूदा उपभोक्ताओं के लिए नहीं: BESCOM ने कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया

कर्नाटक ‌हाईकोर्ट ने मंगलवार को बेंगलुरू इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड (BESCOM),राज्य सरकार और अन्य को उन याचिकाओं पर नोटिस जारी किया, जिसमें बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाना अनिवार्य करने के राज्य सरकार के टेंडर और फैसले पर सवाल उठाए गए हैं। कार्यवाहक चीफ जस्टिस वी एम कामेश्वर राव और जस्टिस सी एम जोशी ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया और उन्हें चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने यह निर्देश कर्नाटक विधुथ सेने और अन्य द्वारा दायर याचिकाओं...

पत्नी ने बेटी को सिखाकर पति के खिलाफ रचाई साजिश: कर्नाटक हाईकोर्ट ने यौन शोषण के आरोपी पिता को बरी किया
पत्नी ने बेटी को सिखाकर पति के खिलाफ रचाई साजिश: कर्नाटक हाईकोर्ट ने यौन शोषण के आरोपी पिता को बरी किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपनी नाबालिग बेटी के यौन उत्पीड़न के आरोपी एक पिता को बरी करने के निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा है। शिकायत आरोपी की पत्नी ने की थी।जस्टिस श्रीनिवास हरीश कुमार और जस्टिस केएस हेमलेखा की खंडपीठ ने मामले में शिकायतकर्ता सुजा जोन्स मजूरियर द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए कहा, "तथ्य यह है कि पीडब्ल्यू.4 ने 13.06.2012 को कथित ट्रिगर घटना से पहले विभिन्न गैर सरकारी संगठनों, डॉक्टरों और कानूनी पेशेवरों से मुलाकात की, जो 14.06.2012 को दायर रिपोर्ट की विश्वसनीयता के बारे में...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने फिल्म ठग लाइफ के निर्माता से कन्नड़ साहित्यिक संस्था की हस्तक्षेप याचिका पर जवाब देने को कहा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने फिल्म 'ठग लाइफ' के निर्माता से कन्नड़ साहित्यिक संस्था की हस्तक्षेप याचिका पर जवाब देने को कहा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार (13 जून) को एक्टर कमल हासन अभिनीत फिल्म 'ठग लाइफ' के निर्माताओं को कन्नड़ साहित्यिक संस्था-कन्नड़ साहित्य परिषद द्वारा दायर आवेदन पर जवाब देने का निर्देश दिया, जिसमें राज्य में फिल्म की रिलीज पर प्रतिबंध के खिलाफ निर्माता की याचिका में हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।बता दें, फिल्म के ऑडियो रिलीज के दौरान कन्नड़ भाषा के बारे में हासन के विवादास्पद बयान के बाद प्रतिबंध की घोषणा की गई थी।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने कहा,"कन्नड़ साहित्य परिषद ने पक्षकार आवेदन दायर किया है,...

ऋण राशि, बचाव का झूठ: कर्नाटक हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के दोषी पर जुर्माना निर्धारित करने के लिए कारकों की सूची बनाई
ऋण राशि, बचाव का झूठ: कर्नाटक हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के दोषी पर जुर्माना निर्धारित करने के लिए कारकों की सूची बनाई

कर्नाटक हाईकोर्ट ने निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत चेक डिसऑनर मामलों में दोषी पर जुर्माना राशि तय करते समय ट्रायल और सत्र न्यायालयों के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं। न्यायालय द्वारा विचार किए जाने वाले पहलू इस प्रकार हैं: 1. ऋण की मात्रा2. अभियुक्त द्वारा किया गया बचाव, विशेष रूप से क्या उसने झूठा बचाव किया है और उसे साबित करने में विफल रहा है 3. क्या अभियुक्त ने मामले को अनावश्यक रूप से खींचा है और इस तरह ट्रायल, अपील, पुनरीक्षण और सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष मामले के निपटारे में...

बेंगलुरु भगदड़ मामला: हाईकोर्ट ने RCB मार्केटिंग हेड की गिरफ्तारी के खिलाफ अंतरिम याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
बेंगलुरु भगदड़ मामला: हाईकोर्ट ने RCB मार्केटिंग हेड की गिरफ्तारी के खिलाफ अंतरिम याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार (11 जून) को RCB मार्केटिंग हेड निखिल सोसले द्वारा दायर अंतरिम राहत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा, जिन्हें 6 जून को टीम के IPC 2025 विजय समारोह से पहले चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास बेंगलुरु भगदड़ के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।अदालत ने इवेंट आयोजक कंपनी मेसर्स डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स प्राइवेट के सुनील मैथ्यू, किरण कुमार एस और शमंत एन पी माविनाकेरे की अंतरिम याचिकाओं पर भी आदेश सुरक्षित रखा।लगभग 4 घंटे तक पक्षों की सुनवाई के बाद जस्टिस एसआर कृष्ण कुमार ने...

FIR में नाम नहीं, गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं: RCB मार्केटिंग हेड निखिल सोसले की हाईकोर्ट में दलील
FIR में नाम नहीं, गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं: RCB मार्केटिंग हेड निखिल सोसले की हाईकोर्ट में दलील

RCB की मार्केटिंग हेड निखिल सोसले, जिन्हें बेंगलुरु में चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास RCB की जीत समारोह से पहले हुई भगदड़ मामले में गिरफ्तार किया गया, उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट में गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए कहा कि FIR में उनका नाम नहीं है और उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है।सोसले की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एस.आर. कृष्ण कुमार ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई बुधवार सुबह होगी।याचिकाकर्ता के वकील सीनियर एडवोकेट संदीश चौटा ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने 'विहान कुमार' मामले में स्पष्ट किया...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बेंगलुरु भगदड़ पर स्वतः संज्ञान मामले में राज्य के अनुरोध को सीलबंद लिफाफे में जवाब दाखिल करने की अनुमति दी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बेंगलुरु भगदड़ पर स्वतः संज्ञान मामले में राज्य के अनुरोध को सीलबंद लिफाफे में जवाब दाखिल करने की अनुमति दी

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार (10 जून) को राज्य को बेंगलुरु भगदड़ के संबंध में स्वतः संज्ञान याचिका पर सीलबंद लिफाफे में अपना जवाब दाखिल करने की अनुमति दी।यह घटना पिछले सप्ताह चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर रॉयल चैलेंजर बैंगलोर (RCB) की IPL 2025 फाइनल में जीत का जश्न मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम से पहले हुई थी।हाईकोर्ट ने घटना के एक दिन बाद 5 जून को इस घटना का स्वतः से संज्ञान लिया और कर्नाटक सरकार को इस त्रासदी के कारण का पता लगाने और भविष्य में इसे रोकने के तरीके जानने के लिए नोटिस जारी किया...

बेंगलुरु भगदड़: RCB और DNA फ़र्म पर गुरुवार तक नही होगी कारवाई- सरकार ने हाईकोर्ट में कहा
बेंगलुरु भगदड़: RCB और DNA फ़र्म पर गुरुवार तक नही होगी कारवाई- सरकार ने हाईकोर्ट में कहा

RCB की आईपीएल टीम और इवेंट मैनेजमेंट फर्म डीएनए एंटरटेनमेंट लिमिटेड का प्रबंधन करने वाली कंपनी ने बेंगलुरु भगदड़ के संबंध में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सोमवार को एडवोकेट जनरल के मौखिक आश्वासन पर ध्यान दिया कि मामले लंबित होने के कारण कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की जाएगी।दोनों पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस एसआर कृष्ण कुमार ने अपने आदेश में कहा, 'डीएनए और आरसीबी द्वारा दायर याचिका में प्रतिवादियों को परसों जवाब दाखिल करना होगा, इस समझ के साथ कि तब तक...

बेंगलुरु भगदड़: क्या CM ने गिरफ्तारी का आदेश दिया था? हाईकोर्ट ने RCB अधिकारी की याचिका पर सरकार से पूछा
बेंगलुरु भगदड़: क्या CM ने गिरफ्तारी का आदेश दिया था? हाईकोर्ट ने RCB अधिकारी की याचिका पर सरकार से पूछा

RCB के मार्केटिंग हेड निखिल सोसाले की 2025 में होने वाली जीत के जश्न से पहले चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मची भगदड़ के संबंध में उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार (9 जून) को मौखिक रूप से राज्य से यह बताने के लिए कहा कि क्या मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घोषणा की थी कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।सुनवाई के दौरान सोसले के वकील ने दलील दी कि पांच जून को जांच केंद्रीय अपराध शाखा से सीआईडी को स्थानांतरित कर दी गई और छह जून को तड़के सोसले को गिरफ्तार कर...

RCB IPL टीम कंपनी ने विजय समारोह के दौरान बेंगलुरु में भगदड़ में हुई मौतों पर दर्ज FIR को रद्द करने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया
RCB IPL टीम कंपनी ने विजय समारोह के दौरान बेंगलुरु में भगदड़ में हुई मौतों पर दर्ज FIR को रद्द करने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया

रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (RCSPL) और इसके मुख्य परिचालन अधिकारी राजेश वी मेनन, जो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) आईपीएल टीम का प्रबंधन करते हैं, ने RCB की 2025 आईपीएल जीत का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम से पहले बेंगलुरु में हुई भगदड़ के बाद उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अपनी याचिका में कहा गया है कि डीएनए नेटवर्क के अधिकारियों, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के अधिकारियों और पुलिस के बीच हुई "व्यापक चर्चा" और...

MV Act | वेतन के बाहर भत्ते समग्र आय हैं और मुआवज़ा देते समय उन पर विचार किया जाना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट
MV Act | वेतन के बाहर भत्ते समग्र आय हैं और मुआवज़ा देते समय उन पर विचार किया जाना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत किए गए दावों के लिए उचित मुआवजे का आकलन करते समय मृतक को उसके नियोक्ता द्वारा भुगतान की गई राशि, चाहे भत्ते के रूप में हो या किसी अन्य नाम से, उसकी मासिक आय में जोड़ी जानी चाहिए। ऐसी मासिक आय मुआवजे की गणना का आधार बनती है। जस्टिस केएस मुदगल और जस्टिस केवी अरविंद की खंडपीठ ने प्रीति सिंह और अन्य द्वारा दायर अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया, जिन्होंने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दी गई मुआवजा राशि पर सवाल उठाया...

स्वच्छ जल की उपलब्धता अनुच्छेद 21 का हिस्सा: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य को पेयजल सुविधाओं के रखरखाव के लिए SOP तैयार करने का निर्देश दिया
स्वच्छ जल की उपलब्धता अनुच्छेद 21 का हिस्सा: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य को पेयजल सुविधाओं के रखरखाव के लिए SOP तैयार करने का निर्देश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह राज्य में नागरिकों को पीने का पानी उपलब्ध कराने वाली सुविधाओं के रखरखाव के लिए एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करे। चीफ जस्टिस एन वी अंजारिया और जस्टिस के वी अरविंद की खंडपीठ ने कहा,“मानव उपभोग के लिए उपयुक्त पेयजल उपलब्ध कराना राज्य का मौलिक कर्तव्य है। स्वच्छ जल तक पहुंच दान नहीं है, यह मौलिक अधिकारों के ताने-बाने में बुना गया एक संवैधानिक वादा है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के अधिकार में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल तक पहुंच का...

चेक जारी करने वाले को नोटिस जारी करने की सीमा अवधि में वह दिन शामिल नहीं, जिस दिन बैंक चेक अनादर के बारे में धारक को सूचित करता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
चेक जारी करने वाले को नोटिस जारी करने की सीमा अवधि में वह दिन शामिल नहीं, जिस दिन बैंक चेक अनादर के बारे में धारक को सूचित करता है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने दोहराया कि जिस दिन बैंक चेक के धारक को उसके अनादर की सूचना देता है, उसे छोड़ दिया जाना चाहिए और परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत चेक जारी करने वाले को भुगतान के लिए नोटिस जारी करने की सीमा अवधि की गणना करते समय इसे ध्यान में नहीं रखा जा सकता है। धारा 138(बी) चेक अनादर के अपराध के आवेदन के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त है। इसमें कहा गया है, "बशर्ते कि इस धारा में निहित कुछ भी लागू नहीं होगा...जब तक कि चेक के प्राप्तकर्ता या धारक, जैसा भी मामला हो, चेक के लेखक को लिखित में नोटिस...

केवल अभद्र भाषा का प्रयोग अपने आप में IPC की धारा 504 के तहत जानबूझकर अपमान नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
केवल अभद्र भाषा का प्रयोग अपने आप में IPC की धारा 504 के तहत जानबूझकर अपमान नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में मामला खारिज कर दिया, जिसमें आरोपी पर पुलिस को अपशब्द कहने और हमला करने की कोशिश करने का आरोप था। यह घटना उस समय हुई थी, जब पुलिस आरोपी को एक अन्य मामले में गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी। आरोप था कि आरोपी ने पुलिस के कार्य में बाधा उत्पन्न की।जस्टिस मोहम्मद नवाज की एकल पीठ ने अनुमंडला राजेश रेड्डी द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 353 (लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना) और धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने CAA-NRC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले 8 लोगों के खिलाफ दंगा और गैरकानूनी सभा का मामला खारिज किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने CAA-NRC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले 8 लोगों के खिलाफ दंगा और गैरकानूनी सभा का मामला खारिज किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में CAA-NRC के कार्यान्वयन के विरोध में 2019 में दंगा करने और गैरकानूनी सभा में भाग लेने के आरोपी आठ लोगों के खिलाफ शुरू किए गए अभियोजन को खारिज कर दिया।अभियोजन पक्ष के अनुसार सभी आरोपियों ने CAA-NRC के कार्यान्वयन के खिलाफ विरोध करने की साजिश रची और प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद मौके पर गैरकानूनी सभा बनाकर इकट्ठा हुए और सार्वजनिक संपत्तियों पर पत्थर, सोडा की बोतलें आदि फेंकी।एकल जज जस्टिस मोहम्मद नवाज ने अथौला जोकाटे और अन्य द्वारा दायर याचिका को अनुमति दी और उनके...