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राजस्व अधिकारियों को जाति नहीं, धर्म नहीं प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार नहीं: मद्रास हाईकोर्ट
राजस्व अधिकारियों को 'जाति नहीं, धर्म नहीं' प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक व्यक्ति अपने दस्तावेजों में अपनी जाति और धर्म का उल्लेख नहीं करने का विकल्प चुन सकता है, लेकिन राजस्व अधिकारियों को "नो कास्ट नो रिलिजन सर्टिफिकेट" जारी करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के प्रमाण पत्र को जारी करना एक सामान्य घोषणा के रूप में माना जाएगा और सरकार द्वारा प्रदत्त किसी भी शक्ति के अभाव में राजस्व अधिकारी ऐसा नहीं कर सकते। जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने कहा कि तहसीलदार अपनी सनक और कल्पना पर प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकते हैं और इस तरह...

भरण-पोषण प्रावधानों को वेलफेयर कानून होने के कारण उचित संदेह से परे साबित करने की आवश्यकता नहीं: कलकत्ता हाइकोर्ट
भरण-पोषण प्रावधानों को वेलफेयर कानून होने के कारण उचित संदेह से परे साबित करने की आवश्यकता नहीं: कलकत्ता हाइकोर्ट

कलकत्ता हाइकोर्ट ने हाल ही में माना कि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण के प्रावधान वेलफेयर कानून हैं और उन्हें उनके आपराधिक कानून समकक्षों के रूप में उचित संदेह से परे साबित करने की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस अजॉय कुमार मुखर्जी की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता के खिलाफ भरण-पोषण का दावा रद्द करने से इनकार करते हुए कहा,"अपने वैवाहिक घर में रहने के दौरान पत्नी पक्ष का आचरण सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण देने से पहले विचार किया जाने वाला एकमात्र पैरामीटर नहीं हो सकता। प्रावधान वेलफेयर कानून होने के...

महाराष्ट्र सिविल सेवा नियम | वेतनमान में कटौती का जुर्माना रोजगार की अवधि से अधिक नहीं बढ़ाया जाता, सेवानिवृत्ति के बाद के लाभों पर प्रभाव पड़ता है: बॉम्बे हाइकोर्ट
महाराष्ट्र सिविल सेवा नियम | वेतनमान में कटौती का जुर्माना रोजगार की अवधि से अधिक नहीं बढ़ाया जाता, सेवानिवृत्ति के बाद के लाभों पर प्रभाव पड़ता है: बॉम्बे हाइकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सजा के रूप में राज्य सरकार के कर्मचारी के वेतनमान में कटौती का प्रभाव रोजगार की अवधि से आगे नहीं बढ़ता और सेवानिवृत्ति के बाद के लाभों पर असर पड़ता है।जस्टिस एएस चांदूरकर और जस्टिस जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने डॉ. रामचन्द्र बापू निर्मले द्वारा दायर याचिका स्वीकार कर ली, जिसमें दंड के रूप में सेवानिवृत्ति तक कम करने से पहले उनके वेतन के आधार पर उनकी पेंशन की गणना करने की मांग की गई।खंडपीठ ने कहा,"नियम 5(1)(v) द्वारा शासित महाराष्ट्र सिविल सेवा अनुशासन और अपील...

दिल्ली हाइकोर्ट ने एक्सपायर्ड प्रोडक्शन वारंट के आधार पर व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में लेने के लिए दोषी जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया
दिल्ली हाइकोर्ट ने एक्सपायर्ड प्रोडक्शन वारंट के आधार पर व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में लेने के लिए दोषी जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया

दिल्ली हाइकोर्ट ने हाल ही में व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में रखने के मामले में तिहाड़ जेल के दोषी जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया, जबकि पिछले साल उसके खिलाफ जारी एक्सपायर्ड प्रोडक्शन वारंट के आधार पर आउट-स्टेशन मामले में 20 जनवरी को उसके पक्ष में जमानत और रिहाई आदेश जारी किए गए थे। जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि उस व्यक्ति को तुरंत जेल से रिहा किया जाए, क्योंकि उसे उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर की अदालत में लंबित मामले में उक्त वारंट...

पति द्वारा अलग रहने के समझौते में किए गए वादों का पालन न करने पर पत्नी भरण-पोषण की हकदार: मध्यप्रदेश हाइकोर्ट
पति द्वारा अलग रहने के समझौते में किए गए वादों का पालन न करने पर पत्नी भरण-पोषण की हकदार: मध्यप्रदेश हाइकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जब पति अलग रहने के समझौते में किए गए वादे से पीछे हट गया तो यह नहीं कहा जा सकता कि पत्नी आपसी सहमति से अलग रह रही है।जस्टिस विशाल धगट की एकल न्यायाधीश पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि पत्नी ऐसे मामलों में भरण पोषण की हकदार होगी।जबलपुर की पीठ ने कहा,“याचिकाकर्ता नंबर 1 समझौते में किए गए वादों के आधार पर अलग रहने के लिए सहमत हुआ। प्रतिवादी समझौते में किए गए वादों से मुकर गया, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि याचिकाकर्ता आपसी सहमति से अलग रह रहा है।”अदालत ने यह भी...

दिल्ली हाइकोर्ट ने अडल्ट्री के आरोपों पर पत्नी और बच्चे के पैटरनिटी टेस्ट के लिए पति की याचिका खारिज करने का आदेश बरकरार रखा
दिल्ली हाइकोर्ट ने अडल्ट्री के आरोपों पर पत्नी और बच्चे के पैटरनिटी टेस्ट के लिए पति की याचिका खारिज करने का आदेश बरकरार रखा

दिल्ली हाइकोर्ट ने पति की याचिका खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश बरकरार रखा। याचिका में पत्नी और बच्चे को ब्लड सैंपल देने को कहा गया, जिससे पति पैटरनिटी टेस्ट करा सके और साथ यह आरोप की लगाया गया कि पत्नी अडल्ट्री में शामिल है और नाबालिग बच्चे को "मोहरा" बना रही है।जस्टिस राजीव शकधर और जस्टिस अमित बंसल की खंडपीठ ने पति की अपील खारिज कर दी। खंडपीठ ने कहा कि क्या पत्नी अडल्ट्री में शामिल है, जैसा कि आरोप लगाया गया कि यह ऐसा पहलू है, जिस पर मुकदमा चलाना होगा।अदालत ने कहा कि दंपति जिनका अभी तक...

दिल्ली हाइकोर्ट ने स्कूल कश्मीर हार्वर्ड डोमेन को हार्वर्ड कॉलेज में ट्रांसफर करने का मध्यस्थ अवार्ड बरकरार रखा, 50 हजार जुर्माना लगाया
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्कूल "कश्मीर हार्वर्ड" डोमेन को हार्वर्ड कॉलेज में ट्रांसफर करने का मध्यस्थ अवार्ड बरकरार रखा, 50 हजार जुर्माना लगाया

दिल्ली हाइकोर्ट ने श्रीनगर स्थित कश्मीर हार्वर्ड एजुकेशनल इंस्टीट्यूट द्वारा रजिस्टर्ड डोमेन को संयुक्त राज्य अमेरिका में हार्वर्ड कॉलेज के अध्यक्ष और अध्येताओं को ट्रांसफर करने का निर्देश देने वाला मध्यस्थ अवार्ड बरकरार रखा।जस्टिस प्रतीक जालान 50,000 रुपये के जुर्माने के साथ बर्खास्त “डोमेन नाम विवाद समाधान नीति (IDNDRP) के तहत 04 मार्च, 2023 को पारित मध्यस्थ अवार्ड के खिलाफ कश्मीर स्थित शैक्षणिक संस्थान द्वारा दायर याचिका खारिज की।डोमेन नाम “kashmirharvard.edu.in” कश्मीर हार्वर्ड एजुकेशनल...

अभियुक्तों की पहचान किए बिना मुकदमा जारी रखने की अनुमति देना पीड़िता को शर्मिंदा और अपमानित करेगा: मद्रास हाइकोर्ट
अभियुक्तों की पहचान किए बिना मुकदमा जारी रखने की अनुमति देना पीड़िता को शर्मिंदा और अपमानित करेगा: मद्रास हाइकोर्ट

मद्रास हाइकोर्ट ने हाल ही में तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम (Tamil Nadu Prohibition of Harassment of Women Act) की धारा 4 के तहत यौन उत्पीड़न का मामला रद्द किया। अदालत ने कहा कि आरोपी व्यक्ति की पहचान 3 साल तक नहीं की गई, इसलिए कार्यवाही जारी रखना नारीत्व का मजाक होगा और महिला को और अधिक शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी, जिसे मानसिक पीड़ा होगी।जस्टिस आनंद वेंकटेश ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि कई यौन शोषण के मामलों में बहुत से लोग अदालत में आकर दुर्व्यवहार के खिलाफ लड़ने को तैयार नहीं हैं और अगर...

हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा बुनियादी ढांचे की जांच के लिए समिति के गठन पर दिल्ली सरकार का रुख पुछा
हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा बुनियादी ढांचे की जांच के लिए समिति के गठन पर दिल्ली सरकार का रुख पुछा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को यहां के सरकारी अस्पतालों की समग्र स्थिति और चिकित्सा बुनियादी ढांचे की जांच के लिए डॉक्टरों की एक समिति के गठन पर दिल्ली सरकार का रुख पूछा।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार के वकील से समिति की नियुक्ति पर निर्देश प्राप्त करने को कहा और कहा कि चिकित्सकों द्वारा सुझाई गई सलाह और समाधान का पालन करते हुए कुछ निर्देश जारी किए जा सकते हैं।पीठ 2017 में सरकारी अस्पतालों में आईसीयू बेड और वेंटिलेटर सुविधाओं...

आदिम समय में रहना: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने आदिवासी लोगों के लिए संतोषजनक चिकित्सा सुविधाओं की अनुपलब्धता पर नाराजगी व्यक्त की
'आदिम समय में रहना': आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने आदिवासी लोगों के लिए संतोषजनक चिकित्सा सुविधाओं की अनुपलब्धता पर नाराजगी व्यक्त की

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने आंध्र प्रदेश के चार जिलों में जनजातियों के लिए अच्छी अवसंरचना के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना की मांग करने वाली जनहित याचिका के बेहतर अधिनिर्णय के लिए भारत संघ के पंचायत राज और ग्रामीण विकास सचिव और प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के सचिव को पक्षकार बनाया है।चीफ़ जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और जस्टिस रघुनंदन राव की खंडपीठ ने चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका में यह आदेश पारित किया, जिसमें कहा गया था कि अभ्यावेदन...

दिल्ली न्यायिक सेवा में कामकाजी ताकत साल के अंत तक स्वीकृत ताकत के बराबर हो जाएगी: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली न्यायिक सेवा में कामकाजी ताकत साल के अंत तक स्वीकृत ताकत के बराबर हो जाएगी: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि दिल्ली न्यायिक सेवा में कामकाजी ताकत (Working Strenth) इस साल के अंत तक स्वीकृत ताकत के लगभग बराबर होगी।एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने 2014 में वकील आर के कपूर द्वारा दायर जनहित याचिका का निपटारा किया, जिसमें निचली न्यायपालिका में मौजूद सभी रिक्तियों का भरने करने की मांग की गई थी।अदालत ने कहा,"यह उल्लेख करना उचित है कि यह रिट याचिका शुरू में दिल्ली न्यायिक सेवा में रिक्तियों को भरने के लिए वर्ष 2014 में दायर की गई, क्योंकि वे...

दिल्ली हाइकोर्ट ने डिजिटल गिरफ्तारी घोटालों, साइबर अपराधों के प्रसार के खिलाफ जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा
दिल्ली हाइकोर्ट ने 'डिजिटल गिरफ्तारी' घोटालों, साइबर अपराधों के प्रसार के खिलाफ जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा

दिल्ली हाइकोर्ट ने "डिजिटल गिरफ्तारी" घोटालों सहित साइबर अपराधों के प्रसार के खिलाफ जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया, जहां धोखेबाज निर्दोष नागरिकों से पैसे ऐंठने के लिए फर्जी न्यायिक आदेश और गिरफ्तारी वारंट बनाते हैं।एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से जवाब मांगा और मामले को 19 मार्च को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।वकील अक्षया और उर्वशी भाटिया द्वारा दायर याचिका में बढ़ते साइबर...

कुदाथायी हत्याकांड: केरल हाइकोर्ट ने आरोपी जॉली की दूसरी जमानत याचिका खारिज की
कुदाथायी हत्याकांड: केरल हाइकोर्ट ने आरोपी जॉली की दूसरी जमानत याचिका खारिज की

केरल हाइकोर्ट ने दूसरी बार कुख्यात कुदाथायी हत्याओं के पहले आरोपी जॉली जोसेफ द्वारा दायर जमानत याचिका खारिज कर दी।जस्टिस सीएस डायस ने कहा कि यदि जॉली के खिलाफ लगाए गए आरोप सही है तो उसने बिना किसी पश्चाताप के भीषण निर्मम हत्याएं कीं। आगे कहा गया कि पारिवारिक हत्या करने के लिए जॉली के खिलाफ सार्वजनिक आक्रोश और संभावित विद्रोह के बारे में खुफिया रिपोर्टें थीं और उसकी रिहाई से समाज पर हानिकारक प्रभाव पड़ेगा।अदालत ने कहा,"रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्रियों बार में की गई प्रतिद्वंद्वी प्रस्तुतियों बिंदु पर...

तमिलनाडु की जेंडर और सेक्सुअल माइनॉरिटी पॉली समावेशिता और सशक्तिकरण के लिए राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण: मद्रास हाइकोर्ट
तमिलनाडु की जेंडर और सेक्सुअल माइनॉरिटी पॉली समावेशिता और सशक्तिकरण के लिए राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण: मद्रास हाइकोर्ट

मद्रास हाइकोर्ट ने LGBTQ+ समुदाय के कल्याण के लिए तमिलनाडु जेंडर और सेक्सुअल माइनॉरिटी पॉलिसी लाने के तमिलनाडु सरकार के प्रयासों की सराहना की।जस्टिस आनंद वेंकटेश ने कहा कि यह पॉलिसी समावेशिता और सशक्तिकरण के प्रति राज्य की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है। अदालत ने कहा कि पॉलिसी सेवाओं समावेशन और संवेदीकरण के लिए सूक्ष्म दृष्टिकोण लेकर आई और सक्षम वातावरण बनाने स्वैच्छिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करने और आउटरीच कार्यक्रमों का विस्तार करने में मदद करेगी।अदालत ने कहा,“तमिलनाडु जेंडर और सेक्सुअल...

POCSO Act की धारा 4 | बच्चे के प्राइवेट पार्ट से लिंग का केवल छूना जाना भी यौन उत्पीड़न: बॉम्बे हाईकोर्ट
POCSO Act की धारा 4 | बच्चे के प्राइवेट पार्ट से लिंग का केवल छूना जाना भी यौन उत्पीड़न: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपनी भतीजियों के साथ यौन उत्पीड़न करने के आरोपी व्यक्ति को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार किया कि यौन इरादे से पीड़िता की योनि में लिंग को छूना भी यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धारा 4 के तहत नाबालिग पर प्रवेशात्मक यौन हमला है। जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा,“पेनेट्रेटिव यौन हमले के मामले में भी यह जरूरी नहीं है कि पीड़िता के हाइमन, लेबिया मेजा, लेबिया मिनोरा में कुछ चोट हो। केवल पीड़ित के निजी अंग से लिंग को छूना भी POCSO Act की धारा 4 के तहत अपराध...

भागे हुए जोड़े: पंजाब और हरियाणा सरकार सुरक्षा याचिका पर पुलिस के आदेश के खिलाफ शिकायत निवारण के लिए अपीलीय निकाय की व्यवहार्यता पर विचार करेगी
भागे हुए जोड़े: पंजाब और हरियाणा सरकार सुरक्षा याचिका पर पुलिस के आदेश के खिलाफ शिकायत निवारण के लिए अपीलीय निकाय की व्यवहार्यता पर विचार करेगी

भागे हुए जोड़ों द्वारा अदालतों में सुरक्षा याचिकाओं की बाढ़ से बचने के लिए सिस्टम पर विचार करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट को बताया गया कि संबंधित राज्यों की सरकारें सुरक्षा की मांग करने वाले अभ्यावेदन के निपटारे के बाद किसी भी शिकायत पर निर्णय लेने के लिए पुलिस के साथ अपीलीय प्राधिकरण नियुक्त करने की व्यवहार्यता पर विचार करेंगी। जस्टिस संदीप मौदगिल की पीठ ने कहा,"पंजाब, हरियाणा और यू.टी., चंडीगढ़ ने पहली बार में प्रतिनिधित्व के निवारण के बाद पीड़ित पक्ष द्वारा किसी भी अपील पर निर्णय लेने...

शिकायतकर्ता वकील ने नोटरी के समक्ष गलत और फर्जी शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया: बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO के आरोपी को जमानत दी
शिकायतकर्ता वकील ने नोटरी के समक्ष गलत और फर्जी शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया: बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO के आरोपी को जमानत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न के आरोपी व्यक्ति को जमानत दे दी, क्योंकि उसने पाया कि शिकायतकर्ता (आरोपी की पत्नी) और उसके वकील ने मामले में गलत हलफनामा दायर किया था।जस्टिस माधव जे जमादार ने कहा,“यह बहुत गंभीर मामला है। प्रथम दृष्टया, प्रतिवादी नंबर 2 (शिकायतकर्ता) का आचरण और वकील रोहित कुमार का आचरण न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप के समान है, क्योंकि आवेदक को जमानत देने का विरोध करने के लिए झूठा और मनगढ़ंत हलफनामा दायर किया गया।"आवेदक की जमानत पहले सत्र न्यायालय द्वारा कुछ...

जब अभियुक्त की भूमिका के संबंध में साक्ष्य मौन हों तो संदेह का लाभ देने के लिए विवेकाधीन शक्ति का प्रयोग आवश्यक नहीं: पटना हाईकोर्ट
जब अभियुक्त की भूमिका के संबंध में साक्ष्य मौन हों तो "संदेह का लाभ" देने के लिए विवेकाधीन शक्ति का प्रयोग आवश्यक नहीं: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि संदेह का लाभ देने की विवेकाधीन शक्ति तब लागू नहीं होती है जब आरोपी व्यक्तियों की संलिप्तता के संबंध में सबूतों का पूर्ण अभाव हो।ज‌स्टिस बिबेक चौधरी ने कहा, "ट्रायल कोर्ट द्वारा संदेह का लाभ देने का सवाल तब उठता है जब रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों से ऐसा प्रतीत होता है कि दो विचार - एक अभियोजन पक्ष के समर्थन में और दूसरा बचाव पक्ष के समर्थन में पाए जाते हैं, कोर्ट को चाहिए कि उस दृष्टिकोण को स्वीकार करें जो अभियुक्त के पक्ष में है।”उन्होंने कहा, “ऐसे मामले...

पूर्व बिजनेस पार्टनर मिहिर दिवाकर द्वारा दायर मानहानि का मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं: एमएस धोनी ने दिल्ली हाइकोर्ट में कहा
पूर्व बिजनेस पार्टनर मिहिर दिवाकर द्वारा दायर मानहानि का मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं: एमएस धोनी ने दिल्ली हाइकोर्ट में कहा

दिल्ली हाइकोर्ट में क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने बताया कि पूर्व बिजनेस पार्टनर मिहिर दिवाकर द्वारा उनके खिलाफ दायर मानहानि का मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं है।दिवाकर और उनकी पत्नी ने एक याचिका डाली। याचिका में कहा गया कि क्रिकेटर धोनी द्वारा आपत्तिजनक और दुर्भावनापूर्ण बयान न प्रकाशित न किया जाए। बयान में कहा गया कि दिवाकर और उनकी पत्नी ने मिलकर उनसे 15 करोड़ रुपये प्राप्त किए है।यह याचिका मेटा, एक्स (पूर्व में ट्विटर), गूगल, यूट्यूब और 30 मीडिया हाउस और वेब पोर्टल के खिलाफ दायर किया गया।जस्टिस...