हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने पति की वैधानिक आयु सीमा पार करने के बावजूद दंपत्ति को सरोगेसी प्रक्रिया अपनाने की अनुमति दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने इच्छुक दंपत्ति को सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021 के तहत निर्धारित अधिकतम आयु सीमा से अधिक होने के बावजूद सरोगेसी प्रक्रिया अपनाने की अनुमति दी।जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि चूंकि दंपत्ति ने अधिनियम के लागू होने से पहले सरोगेसी प्रक्रिया शुरू की थी, इसलिए धारा 4(iii)(v)(c)(I) के तहत आयु सीमा उन पर लागू नहीं होगी।यह प्रावधान सरोगेसी चाहने वाले इच्छुक दंपत्तियों के लिए आयु सीमा निर्धारित करता है। इसमें कहा गया कि महिला की आयु 23 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए, जबकि पुरुष की आयु 26...
निर्णय लेने का कर्तव्य
भारतीय वन सेवा अधिकारी और मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संजीव चतुर्वेदी के मुकदमे से संबंधित व्यापक मीडिया रिपोर्ट्स एक दशक से भी अधिक समय से न्यायिक बहिष्कार के एक असाधारण क्रम की ओर इशारा करती हैं। सुप्रीम कोर्ट, उत्तराखंड और इलाहाबाद हाईकोर्ट, केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल की कई पीठों और नैनीताल व शिमला स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों की अदालतों के सोलह जजों और सदस्यों ने उनकी याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। प्रत्येक वापसी, अकेले में, विवेकपूर्ण कार्य प्रतीत हो सकती है।...
ओपन जेल के कैदियों के मोबाइल इस्तेमाल पर जल्द बनाएं SOP: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने महानिदेशक (जेल) को निर्देश दिया है कि वे खुली जेल (ओपन प्रिजन) के कैदियों के लिए मोबाइल फोन के उपयोग पर एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर आठ हफ्तों में लागू करें।जस्टिस संजीव नारूला ने कहा कि यह SOP या तो कैदियों को नियमानुसार मोबाइल रखने की अनुमति दे या फिर एक सुरक्षित प्रणाली बनाए, जिसमें वे जेल परिसर में प्रवेश के समय मोबाइल जमा कर सकें और बाहर निकलते समय वापस ले सकें। यह आदेश एक आजीवन कारावास भुगत रहे कैदी की याचिका पर आया, जिसने अपने खिलाफ 2020 में दी गई सजा और...
ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के लिए ठोस नीति बनाएं, डिजिटल हाजिरी जरूरी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
ग्रामीण प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए दिए गए अपने पूर्व निर्देशों को आगे बढ़ाते हुए, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर को दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार को ऐसा “ठोस समाधान” तैयार करना होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो कि जिन विद्यालयों में गरीब ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई हो रही है, वहाँ शिक्षक नियमित रूप से उपस्थित रहें।जस्टिस प्रवीण कुमार गिरी की एकलपीठ ने कहा कि जब तक शिक्षक स्कूल में शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं होंगे, तब तक शिक्षण संभव नहीं है।...
संदिग्ध लेन-देन मिलने पर पुलिस बैंक अकाउंट फ्रीज कर सकती है; राहत के लिए मजिस्ट्रेट से संपर्क किया जा सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह कहा है कि यदि जांच के दौरान पुलिस को किसी बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन का संदेह होता है, तो वह उस खाते को फ्रीज करने (जमाने) का निर्देश दे सकती है। जांच पूरी हो जाने के बाद, संबंधित व्यक्ति मजिस्ट्रेट के समक्ष जाकर अपने खाते को डी-फ्रीज (खोलने) का अनुरोध कर सकता है।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने तेस्ता अतुल सेतलवाड़ बनाम गुजरात राज्य (2018) मामले का हवाला देते हुए कहा,“यदि जांच के दौरान पुलिस यह निष्कर्ष निकालती है कि किसी बैंक खाते में...
बिना टिकट व्यक्तियों को ट्रेन में चढ़ने से रोकने में रेलवे की विफलता सहभागी लापरवाही: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि बिना टिकट और अनधिकृत व्यक्तियों को ट्रेन में चढ़ने से रोकने में रेलवे की विफलता सहभागी लापरवाही है, इसलिए रेलवे को भीड़भाड़ के कारण मरने वाले वास्तविक यात्री के आश्रितों को मुआवजा देने का दायित्व है।जस्टिस हिमांशु जोशी की पीठ ने कहा;रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 123(सी) और 124ए के तहत रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आकस्मिक मृत्यु सहित किसी भी अप्रिय घटना के लिए क्षतिपूर्ति करने के लिए बाध्य है, जहां लापरवाही या वैधानिक कर्तव्य का उल्लंघन सिद्ध होता है।...
दिल्ली हाईकोर्ट ने दुर्लभ रोगों के उपचार हेतु क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म के संचालन की निगरानी हेतु समिति का गठन किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दुर्लभ रोगों से पीड़ित लोगों के उपचार हेतु केंद्र सरकार के क्राउड फंडिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म के संचालन की निगरानी हेतु एक समिति का गठन किया।जस्टिस सचिन दत्ता ने निर्देश दिया कि समिति इस प्लेटफॉर्म के अस्तित्व और उद्देश्य के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए पर्याप्त कदम उठाएगी।कोर्ट ने कहा कि इसका उद्देश्य संभावित दानदाताओं को दुर्लभ रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार हेतु योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना होना चाहिए।समिति के सदस्य इस प्रकार हैं:- अध्यक्ष: डॉ. राजीव बहल, सचिव,...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने POCSO Act के तहत बलात्कार का मामला खारिज किया, पीड़िता के आरोपी के साथ 'खुशी से' विवाहित होने का उल्लेख किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत दर्ज एक बलात्कार के मामले को यह देखते हुए खारिज कर दिया कि पीड़िता अब आरोपी के साथ खुशी से विवाहित है।जस्टिस कीर्ति सिंह ने कहा,"यह सुनवाई योग्य है कि चूंकि याचिकाकर्ता और अभियोजन पक्ष-प्रतिवादी... अब खुशी-खुशी विवाहित हैं, इसलिए आपराधिक कार्यवाही जारी रखने से याचिकाकर्ता और (अभियोक्ता) दोनों को अनुचित उत्पीड़न होगा।"पीड़िता के पिता ने FIR दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि याचिकाकर्ता उनकी नाबालिग बेटी को...
2013 Rape Case | राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को 6 महीने की अंतरिम ज़मानत दी, उनकी 'बेहोशी की हालत' का हवाला दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की सज़ा छह महीने के लिए निलंबित की, जिन्हें 2013 के एक बलात्कार मामले में दोषी ठहराया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। उनकी मेडिकल स्थिति को देखते हुए कि वह "बेहोशी की हालत" में थे और जेल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।जोधपुर सेशन कोर्ट ने अप्रैल, 2018 में आसाराम को 2013 में अपने आश्रम में नाबालिग से बलात्कार के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत याचिकाकर्ता की सज़ा को निलंबित करने की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसकी दोषसिद्धि और सज़ा के खिलाफ अपील...
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 20 साल बाद लापरवाही से गाड़ी चलाने के दोषी व्यक्ति को परिवीक्षा प्रदान की, कहा- 'इनकार करने पर परिवार को सजा मिलेगी'
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 20 साल बाद एक व्यक्ति को लापरवाही से गाड़ी चलाने के दोषी पाए जाने के बाद परिवीक्षा प्रदान की। कोर्ट ने उसके अच्छे आचरण, लंबे समय से लंबित मुकदमे और आपराधिक कानून की सुधारात्मक प्रकृति को ध्यान में रखा।जस्टिस वीरेंद्र सिंह ने टिप्पणी की:"दोषी को परिवीक्षा पर रिहा करने की उसकी प्रार्थना को अस्वीकार करना उसके परिवार के सदस्यों को उसके द्वारा किए गए अपराधों के लिए दंडित करने के समान होगा।"याचिकाकर्ता राम कृष्ण को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 279, 337, 338 और 201 के तहत...
दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया कैरम फेडरेशन को 'इंडिया' या 'इंडियन' शब्द के उपयोग से रोका
दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया कैरम फेडरेशन (AICF) को अपने नाम, लोगो या भविष्य में आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में इंडिया या इंडियन शब्द के उपयोग से रोक दिया।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने यह देखते हुए कि फेडरेशन निजी निकाय है और केंद्र सरकार द्वारा इसकी मान्यता का नवीनीकरण नहीं किया गया, AICF को अपने नाम से इंडिया शब्द हटाने का निर्देश दिया।कोर्ट ने आदेश दिया,"इसके अलावा यह निर्देश दिया जाता है कि उक्त कैरम फेडरेशन अपने नाम या किसी लोगो आदि में या उनके द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में किसी भी तरह से...
JJ Act : FIR दर्ज करने का निर्देश देने का अधिकार बाल कल्याण समिति को नहीं, केवल उल्लंघन की रिपोर्ट दे सकती है : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में व्यवस्था दी कि किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 (JJ Act) के तहत गठित बाल कल्याण समिति (CWC) के पास पुलिस को FIR दर्ज करने का निर्देश देने की कोई शक्ति नहीं है।जस्टिस चवन प्रकाश ने यह भी कहा कि यदि CWC बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 का उल्लंघन पाती है तो वह केवल किशोर न्याय बोर्ड या संबंधित पुलिस प्राधिकरण को रिपोर्ट भेज सकती है।यह फैसला बदायूं की CWC द्वारा पारित आदेश रद्द करते हुए आया, जिसने नाबालिग लड़की के विवाहित और...
आधार कार्ड पर मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- आधार कार्ड में बदलाव कराना मौलिक अधिकार
मद्रास हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि आधार कार्ड धारक को अपने कार्ड में विवरण में बदलाव की मांग करने का मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसांख्यिकीय जानकारी में बदलाव की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होनी चाहिए।जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन ने अपने आदेश में कहा कि चूंकि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का अधिकार मौलिक अधिकार है और आधार कार्ड वह अनिवार्य माध्यम है, जिसके जरिए यह लाभ प्राप्त किया जा सकता है, इसलिए कार्ड धारक को आधार अधिनियम की धारा 31 के तहत अपने...
सहकर्मी की पत्नी से अवैध संबंध: BSF सब-इंस्पेक्टर की बर्खास्तगी बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- यह सार्वजनिक विश्वास को कमज़ोर करता है
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक सब-इंस्पेक्टर की बर्खास्तगी को सही ठहराया, जिस पर एक सहकर्मी की पत्नी के साथ अवैध संबंध विकसित करने का आरोप था। कोर्ट ने कहा कि ऐसा आचरण वर्दी के मूल लोकाचार के खिलाफ है और सशस्त्र बलों की अखंडता में जनता के विश्वास को कमज़ोर करता है।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने जनरल सिक्योरिटी फोर्स कोर्ट (GSFC) और महानिदेशक BSF के आदेशों के खिलाफ दायर याचिका खारिज की।कोर्ट ने टिप्पणी की,“हम याचिकाकर्ता के आचरण से अनभिज्ञ नहीं हो सकते,...
संवेदनशीलता से निपटा जाए: आय के विवरण के अभाव में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता का मुआवज़ा अस्वीकार करना गलत- राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की मुआवज़े की याचिका इस तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया गया कि उसने अपने स्कूल की फीस आदि के भुगतान के लिए आय के स्रोत का विवरण प्रस्तुत नहीं किया।जस्टिस अनूप कुमार ढ़ांड ने अपने आदेश में कहा कि ऐसे मामलों को अदालतों द्वारा संवेदनशीलता के साथ निपटा जाना चाहिए। चूंकि दुष्कर्म एक अमानवीय अपराध है, इसलिए पीड़िता को सांत्वना के रूप में मुआवज़ा दिया जाना चाहिए।कोर्ट ने दुष्कर्म को 'नारीत्व पर थोपी गई यातना का...
धोखाधड़ी ने 27 साल की सेवा भी की रद्द: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- धोखाधड़ी सभी गंभीर लेनदेन को ध्वस्त कर देती है'
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में यह मानते हुए कि धोखाधड़ी हर चीज को दूषित कर देती है, एक ऐसे कर्मचारी को कोई राहत देने से इनकार किया, जिसने धोखाधड़ी के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त की थी और 27 साल तक सेवा की थी। कोर्ट ने कहा कि धोखाधड़ी के आधार पर प्राप्त नियुक्ति को शुरुआत से ही शून्य माना जाएगा।जस्टिस मंजू रानी चौहान ने अनुकंपा नियुक्ति की तारीख, यानी 31.03.1998 से ही नियुक्ति को शून्य घोषित करने का आदेश बरकरार रखा।उन्होंने कहा,"धोखाधड़ी ऐसी नियुक्ति से उत्पन्न होने वाले सभी...
क्या ED राज्य पुलिस को FIR दर्ज करने का निर्देश देने की मांग कर सकती है? मद्रास हाईकोर्ट ने पूछा सवाल
मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को यह सवाल उठाया कि क्या प्रवर्तन निदेशालय (ED), जो एक जांच एजेंसी है, दूसरी जांच एजेंसी (राज्य पुलिस) को मामला दर्ज करने का निर्देश देने के लिए अदालत में याचिका दायर कर सकती है?चीफ़ जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी. अरुलमुरुगन की खंडपीठ ED द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में तमिलनाडु राज्य को रेत खनन मामले की जांच में सहयोग करने और पुलिस महानिदेशक को ED के पत्र के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। ...
दिल्ली हाईकोर्ट ने दाएं हाथ पर टैटू होने पर सेना से अयोग्य ठहराने के नियम पर सवाल उठाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक नियम पर सवाल उठाया है, जिसमें केवल दाएँ हाथ पर टैटू होने के आधार पर उम्मीदवार को भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) से अयोग्य ठहराया जाता है, जबकि बाएँ हाथ पर टैटू की अनुमति दी जाती है।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने इस मामले में कहा कि दिशा-निर्देशों के अनुसार शरीर के “पारंपरिक हिस्सों जैसे अग्रभाग (forearm) के अंदरूनी भाग” पर टैटू होने पर कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन यह केवल बाएँ हाथ पर ही स्वीकार्य बताया गया है, दाएँ हाथ पर नहीं। कोर्ट...
मामले की जानकारी होने पर पावर ऑफ अटॉर्नी धारक निष्पादन याचिका पर हस्ताक्षर कर सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर कोई पावर ऑफ अटॉर्नी धारक (Power of Attorney Holder) मामले की पूरी जानकारी रखता है और अदालत को यह भरोसा हो जाए कि वह तथ्य जानता है, तो वह डिक्री-होल्डर (जिसके पक्ष में कोर्ट का फैसला हुआ है) की जगह निष्पादन याचिका (Execution Application) पर हस्ताक्षर और सत्यापन कर सकता है।मामला क्या था सहारनपुर के फ़ज़लगंज इलाके में एक दुकान के किराए को लेकर 1978 में मुकदमा शुरू हुआ था। दुकान के मालिक केवाल किशोर ने किराएदार आत्मा राम के खिलाफ किराया न देने और दुकान खाली कराने...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कंपनी को कॉर्पोरेट संपत्ति की सुरक्षा पर हुए परिसमापक के खर्च की भरपाई करने का जिम्मेदार ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने एक कंपनी की यह जिम्मेदारी बरकरार रखी है कि वह आधिकारिक परिसमापक (Official Liquidator) द्वारा कंपनी की संपत्तियों की सुरक्षा हेतु किए गए सुरक्षा व्यय की भरपाई (reimbursement) करे।मामले की पृष्ठभूमि:अपीलकर्ता कंपनी एम/एस कॉन्नोइस्सर बिल्डटेक प्रा. लि. (M/s Connoisseur Buildtech Pvt. Ltd.) के परिसमापन (winding-up) की प्रक्रिया वर्ष 2016 में चल रही थी। कंपनी की एक विवादित जमीन ग्रेटर नोएडा में थी, जिसकी सुरक्षा के...




















