हाईकोर्ट

विवाहित पुरुष के साथ सहमति से संबंध, महिला पर्याप्त वयस्क थी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिला से 31 साल तक बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज किया
"विवाहित पुरुष के साथ सहमति से संबंध, महिला पर्याप्त वयस्क थी": बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिला से 31 साल तक बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को 73 वर्षीय एक व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार के मामले को खारिज कर दिया, जिसने कथित तौर पर पीड़िता के साथ 31 साल तक बलात्कार किया था। ज‌स्टिस अजय गडकरी और डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने एफआईआर का अध्ययन करने के बाद माना कि दोनों के बीच सहमति से संबंध थे।उन्होंने कहा, "एफआईआर की सामग्री स्पष्ट रूप से सहमति से संबंध का संकेत देती है। दोनों पक्ष 31 साल से यौन संबंध बना रहे थे। शिकायतकर्ता ने कभी भी संबंध पर अपनी कथित आपत्ति के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। एफआईआर की सामग्री में...

BREAKING | कृष्ण जन्मभूमि विवाद: हिंदू उपासकों और देवता के मुकदमे सुनवाई योग्य- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा
BREAKING | कृष्ण जन्मभूमि विवाद: हिंदू उपासकों और देवता के मुकदमे सुनवाई योग्य- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा

मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष लंबित मुकदमों के लिए संभावित निहितार्थों वाले महत्वपूर्ण फैसले में हाईकोर्ट ने आज शाही ईदगाह मस्जिद की याचिका को आदेश 7 नियम 11 CPC के तहत खारिज कर दिया। इस याचिका में देवता और हिंदू उपासकों द्वारा दायर 18 मुकदमों की विचारणीयता को चुनौती दी गई।इस निर्णय के साथ जस्टिस मयंक कुमार जैन की पीठ ने सभी 18 मुकदमों को सुनवाई योग्य पाया, जिससे उनकी योग्यता के आधार पर उनकी सुनवाई का मार्ग प्रशस्त हुआ।गौरतलब है कि एकल...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एचडी रेवन्ना की जमानत रद्द करने की मांग करने वाली SIT की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एचडी रेवन्ना की जमानत रद्द करने की मांग करने वाली SIT की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को विशेष जांच दल (SIT) द्वारा दायर याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रखा, जिसमें महिला के अपहरण के आरोपी जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी रेवन्ना को दी गई जमानत रद्द करने की मांग की गई थी।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने पक्षों की सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रखा। रेवन्ना को 13 मई को विशेष अदालत ने जमानत दी थी।प्रज्वल रेवन्ना की महिला के साथ कथित तौर पर अश्लील वीडियो सामने आने के बाद उसके बेटे ने शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि शिकायत दर्ज होने से पहले ही महिला का अपहरण कर...

कृष्ण जन्मभूमि विवाद: 18 याचिकाओं के ‌खिलाफ दायर मस्जिद समिति की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट कल फैसला सुनाएगा
कृष्ण जन्मभूमि विवाद: 18 याचिकाओं के ‌खिलाफ दायर मस्जिद समिति की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट कल फैसला सुनाएगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के संबंध में देवता और हिंदू पक्षों द्वारा दायर 18 मुकदमों की स्वीकार्यता को चुनौती देने वाली शाही ईदगाह मस्जिद (आदेश 7 नियम 11 सीपीसी के तहत) द्वारा दायर एक आवेदन पर कल अपना फैसला सुनाएगा। जस्टिस मयंक कुमार जैन की पीठ विवाद में शामिल सभी पक्षों की व्यापक सुनवाई के बाद लगभग दो महीने पहले अपना फैसला सुरक्षित रखने के बाद कल अपना फैसला सुनाएगी। गौरतलब है कि एकल न्यायाधीश ने इस साल फरवरी में मस्जिद समिति की आपत्तियों पर सुनवाई...

आरोपी जांच के तरीके या एजेंसी के चयन को तय नहीं कर सकता, जांच पर अदालत की निगरानी सीमित: एमपी हाईकोर्ट
आरोपी जांच के तरीके या एजेंसी के चयन को तय नहीं कर सकता, जांच पर अदालत की निगरानी सीमित: एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर स्थित पीठ ने एक मामले में फैसला सुनाया है कि अभियुक्त को किसी विशेष तरीके की जांच या विशिष्ट जांच एजेंसी की मांग करने का कोई अधिकार नहीं है और जांच की अदालती निगरानी इसकी उचित प्रगति सुनिश्चित करने और जनता का विश्वास बनाए रखने तक सीमित है। पीठ की अध्यक्षता जस्टिस गुरपाल सिंह अहलूवालिया कर रहे थे। याचिकाकर्ताओं ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की, आरोप लगाया कि एफआईआर फर्जी दस्तावेजों पर आधारित है और तर्क दिया कि विसंगतियों को इंगित करने के बावजूद...

प्रेम-विहीन विवाह से तलाक की मांग करने वाली महिला से क्रूरता की हर घटना को याद करने की उम्मीद नहीं की जाती: केरल हाईकोर्ट
प्रेम-विहीन विवाह से तलाक की मांग करने वाली महिला से क्रूरता की हर घटना को याद करने की उम्मीद नहीं की जाती: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने माना कि जो महिला अपने पति के साथ प्रेम-विहीन रिश्ते में होने की शिकायत करती है, जो कथित रूप से स्वच्छंद जीवन जी रहा है और शराब के नशे में काम कर रहा है, वह क्रूरता की हर घटना को गिनाने में सक्षम नहीं होगी।जस्टिस देवन रामचंद्रन और जस्टिस सी. प्रतीप कुमार की खंडपीठ तलाक याचिका में फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर विचार कर रही थी।अपीलकर्ता का प्रतिवादी से तब परिचय हुआ, जब वह बहुत छोटी थी और उनके बीच एक-दूसरे के साथ घनिष्ठ संबंध बन गए थे। जब उसके माता-पिता को इस बारे में...

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी सेलिब्रिटी की पर्सनैलिटी का शोषण करने का लाइसेंस नहीं देती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अरिजीत सिंह के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी सेलिब्रिटी की पर्सनैलिटी का शोषण करने का लाइसेंस नहीं देती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अरिजीत सिंह के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की

इस तथ्य पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कि सेलिब्रिटी, विशेष रूप से कलाकार, अनधिकृत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सामग्री निर्माताओं द्वारा लक्ष्यित किए जाने के प्रति संवेदनशील हैं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह तीसरे पक्ष को बॉलीवुड गायक अरिजीत सिंह के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करने से रोक दिया।जस्टिस रियाज छागला ने कई संस्थाओं को अरिजीत सिंह के नाम, आवाज/गायन शैली और तकनीक/गायन व्यवस्था और व्याख्या, गायन के तरीके, फोटोग्राफ, छवि या उसकी समानता, हस्ताक्षर, व्यक्तित्व और/या उनके व्यक्तित्व की...

लोगों को नियमित रोजगार से वंचित करना शोषण, दो दशकों की लंबी सेवा को अंशकालिक नहीं माना जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
लोगों को नियमित रोजगार से वंचित करना शोषण, दो दशकों की लंबी सेवा को अंशकालिक नहीं माना जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अंशकालिक कर्मचारी बताकर राज्य सरकार के शोषण को उजागर करते हुए स्पष्ट किया कि दो दशक लंबी सेवा को अंशकालिक सेवा नहीं माना जा सकता।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा,"देश में बेरोजगारी सर्वविदित है। दो दशक की लंबी सेवा को अंशकालिक सेवा नहीं माना जा सकता। ऐसा प्रतीत होता है कि अपीलकर्ता ने दो दशक तक निर्बाध रूप से प्रतिवादियों की सेवा ली और अंशकालिक रोजगार की आड़ में उन्हें वेतन और अन्य भत्तों के उनके बहुमूल्य अधिकार से वंचित...

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क चलाने के आरोपी चीनी नागरिक को जमानत देने से इनकार किया
'राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क चलाने के आरोपी चीनी नागरिक को जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट हाल ही में भारत में वीज़ा अवधि से अधिक समय तक रहने और विभिन्न गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपी एक चीनी अधिकारी को जमानत देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने साथ ही अपने फैसले में भारत में व्यापार में शामिल विदेशी नागरिकों के आपराधिक मुकदमों को संबोधित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे की आवश्यकता को रेखांकित किया। जस्टिस अजय भनोट की पीठ ने चीनी नागरिक रेयान @ रेन चाओ को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा, "अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क जो चीनी नागरिकों द्वारा...

S.471 RPC | जाली दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा करना दंडनीय, भले ही आरोपी द्वारा व्यक्तिगत रूप से न किया जाए: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
S.471 RPC | जाली दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा करना दंडनीय, भले ही आरोपी द्वारा व्यक्तिगत रूप से न किया जाए: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि जाली दस्तावेजों का उपयोग करने के लिए रणबीर दंड संहिता (RPC) की धारा 471 के तहत व्यक्तियों को दोषी ठहराया जा सकता है। वास्तविक भले ही उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दस्तावेज़ नहीं बनाया हो।जस्टिस संजय धर ने धारा 471 की व्याख्या की। पीठ ने धारा 471 आरपीसी का उद्देश्य जालसाज के अलावा अन्य व्यक्तियों पर भी आवेदन करना है लेकिन स्वयं जालसाज को धारा के संचालन से बाहर नहीं रखा गया।अदालत ने कहा,“यह जरूरी नहीं है कि RPC की धारा 471 के तहत दोषी पाए गए व्यक्ति...

धारा 74 साक्ष्य अधिनियम | रजिस्टर्ड सेल डीड की प्रमाणित प्रति सार्वजनिक दस्तावेज, इसे द्वितीयक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है: पटना हाईकोर्ट
धारा 74 साक्ष्य अधिनियम | रजिस्टर्ड सेल डीड की प्रमाणित प्रति सार्वजनिक दस्तावेज, इसे द्वितीयक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा कि रजिस्ट्रार कार्यालय में पब्लिक रिकॉर्ड के रूप में रखी गई रजिस्टर्ड सेल डीड की प्रमाणित प्रति को सार्वजनिक दस्तावेज माना जाएगा तथा साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 74 के तहत द्वितीयक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा, “पंजीकृत दस्तावेज की प्रमाणित प्रति सार्वजनिक दस्तावेज की प्रमाणित प्रति होती है। ऐसा कहने का आधार यह है कि जब कोई सेल डीड पंजीकरण प्राधिकारी के समक्ष पंजीकृत होता है, तो पंजीकरण कार्यालय में रखी गई पुस्तक में आवश्यक प्रविष्टियां रखी...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कमजोर बच्चों और यौन अपराधों से बचे लोगों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए महिला अधिकारियों को शामिल करते हुए शौर्य दीदी योजना का प्रस्ताव रखा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कमजोर बच्चों और यौन अपराधों से बचे लोगों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए महिला अधिकारियों को शामिल करते हुए 'शौर्य दीदी' योजना का प्रस्ताव रखा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए यौन अपराधों के शिकार बच्चों, झगड़ों के कारण घर से बाहर जाने वाले बच्चों तथा देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के कल्याण के बारे में प्रश्न उठाया। मानसिक और भावनात्मक आघात से पीड़ित होकर घर वापस आने वाले ऐसे बच्चों को मार्गदर्शन, सलाह और प्रोत्साहन देने के लिए जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की खंडपीठ ने 'शौर्य दीदी' नामक योजना शुरू की है।ग्वालियर में बैठी पीठ ने स्पष्ट किया कि "शौर्य दीदी एक महिला...

महिला की इच्छा के विरुद्ध उसे बेहोश करना असंभव: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोदी के चिकित्सा न्यायशास्त्र का हवाला देते हुए बलात्कार मामले में जमानत दी
'महिला की इच्छा के विरुद्ध उसे बेहोश करना असंभव': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोदी के 'चिकित्सा न्यायशास्त्र' का हवाला देते हुए बलात्कार मामले में जमानत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोदीज मेडिकल ज्यूरिसप्रूडेंस एंड टॉक्सिकोलॉजी, बाईसवां संस्करण (छात्र संस्करण) [Modi's Medical Jurisprudence & Toxicology, Twenty-Second Edition] पर भरोसा करते हुए, हाल ही में एक ऐसे व्यक्ति को जमानत दे दी, जिस पर क्लोरोफॉर्म के इस्तेमाल से कथित तौर पर एक महिला को बेहोश करने के बाद उसके साथ बलात्कार करने का आरोप है।जस्टिस कृष्ण पहल की पीठ ने कहा कि मोदीज मेडिकल ज्यूरिसप्रूडेंस एंड टॉक्सिकोलॉजी के अनुसार, किसी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध बेहोश करना असंभव है, जबकि वह...

विभागीय जांच दोषपूर्ण; पटना हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी के खिलाफ रिट याचिका स्वीकार की, कर्मचारी को सभी देय लाभ प्रदान करने का आदेश दिया
विभागीय जांच दोषपूर्ण; पटना हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी के खिलाफ रिट याचिका स्वीकार की, कर्मचारी को सभी देय लाभ प्रदान करने का आदेश दिया

पटना हाईकोर्ट हाल ही में एक रिट आवेदन पर निर्णय देते हुए कहा कि सेवा से बर्खास्तगी के आदेश के लिए विभागीय कार्यवाही केवल राज्य सरकार की स्वीकृति से ही शुरू की जा सकती है। तथ्यएक कर्मचारी ने बहाली के लिए रिट आवेदन दायर किया, जिसे 23.09.2010 के आदेश द्वारा बिना बकाया वेतन दिए अनुमति दी गई। कर्मचारी की अपील बाद में ऊपरी अदालतों में खारिज कर दी गई। फिर उसने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की, जिसने 08.07.2013 को फैसला सुनाया कि कर्मचारी को सेवा से बाहर रखे जाने की अवधि के लिए...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्रूरता की एफआईआर को खारिज करने से इनकार किया; कहा- पत्नी को घर साफ करने और वीडियो कॉल पर ससुराल वालों को दिखाने के लिए कहना पीड़ादायी दुर्व्यवहार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्रूरता की एफआईआर को खारिज करने से इनकार किया; कहा- पत्नी को घर साफ करने और वीडियो कॉल पर ससुराल वालों को दिखाने के लिए कहना "पीड़ादायी दुर्व्यवहार"

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ धारा 498-ए के तहत दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि एक महिला से घर की सफाई करने और उसे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर ससुराल वालों को दिखाने के लिए कहना दुर्व्यवहार का एक क्रूर तरीका है।जस्टिस अजय गडकरी और डॉ नीला गोखले की खंडपीठ हार्दिक शाह और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थी, जो उनकी अलग रह रही पत्नी द्वारा दायर की गई शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता,...

जिला विद्यालय निरीक्षक को किसी भी संस्थान के प्रबंधन की ओर से जारी वरिष्ठता सूची में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
जिला विद्यालय निरीक्षक को किसी भी संस्थान के प्रबंधन की ओर से जारी वरिष्ठता सूची में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम या अन्य किसी भी विधिक प्रावधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो जिला विद्यालय निरीक्षक को किसी भी संस्थान की प्रबंध समिति द्वारा जारी वरिष्ठता सूची में हस्तक्षेप करने का अधिकार देता हो। जस्टिस अजीत कुमार की पीठ ने कहा, "जिला विद्यालय निरीक्षक को उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम या किसी अन्य विधिक प्रावधान के तहत कॉलेज की प्रबंध समिति द्वारा जारी वरिष्ठता सूची में हस्तक्षेप करने या प्रबंध समिति को नई वरिष्ठता सूची जारी...

गंभीर अवसाद के साथ चिंता विकार जीवन के लिए खतरा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियोक्ता को स्वैच्छिक रिटायरमेंट आवेदन पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया
गंभीर अवसाद के साथ चिंता विकार जीवन के लिए खतरा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियोक्ता को स्वैच्छिक रिटायरमेंट आवेदन पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सात चिंता न्यूरोसिस के साथ गंभीर अवसाद के आधार पर स्वैच्छिक रिटायरमेंट (Voluntary Retirement) के लिए कर्मचारी के आवेदन पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने माना कि याचिकाकर्ता को उसकी स्थिति में काम करना जारी रखने के लिए मजबूर करना, जहां उसका जीवन खतरे में हो सकता है, भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है।याचिकाकर्ता अलीगढ़ के मलखान सिंह जिला अस्पताल में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत है। चूंकि वह शारीरिक और मानसिक बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित है, इसलिए वह...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल की अंतरिम जमानत बढ़ाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल की अंतरिम जमानत बढ़ाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल को इस साल मई में दी गई अंतरिम जमानत की अवधि 2 महीने के लिए बढ़ा दी। यह मामला केनरा बैंक द्वारा जेट एयरवेज को दिए गए 538 करोड़ रुपये के कथित लोन चूक से संबंधित धन शोधन मामले से जुड़ा है।एकल जज जस्टिस निजामुद्दीन जमादार ने गोयल के वकील सीनियर एडवोकेट आबाद पोंडा की दलील सुनने के बाद अंतरिम जमानत बढ़ा दी। आबाद पोंडा ने जज को बताया कि उनके मुवक्किल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी हुई है। उन्हें कैंसर का कुछ ट्रीटमेंट करवाना है। सीनियर एडवोकेट ने...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश की अनदेखी करने के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एवं ट्रायल जज को अवमानना ​​नोटिस जारी किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश की अनदेखी करने के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एवं ट्रायल जज को अवमानना ​​नोटिस जारी किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट जज और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर से स्पष्टीकरण मांगा कि पहले से ही निरस्त हो चुके आपराधिक मामले को जारी रखते हुए हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने के लिए उनके खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा,"ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित ट्रायल कोर्ट ने प्रथम दृष्टया उक्त निर्देशों की अवहेलना की है, बल्कि संबंधित पब्लिक प्रॉसिक्यूटर से जवाब आमंत्रित करने के लिए आगे बढ़ा है। बाद में वर्तमान आवेदक-याचिकाकर्ता...

जिला न्यायपालिका में स्टेनोग्राफर, बेंच क्लर्क संवेदनशील पद, इन्हें कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त नहीं किया जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
जिला न्यायपालिका में स्टेनोग्राफर, बेंच क्लर्क संवेदनशील पद, इन्हें कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त नहीं किया जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना कि स्टेनोग्राफर और बेंच क्लर्क जैसे पद जिला न्यायपालिका में संवेदनशील पद हैं और इन पदों पर कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट (Contractually) पर नियुक्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे स्थायी कर्मचारियों के समान जिम्मेदारियां या दायित्व साझा नहीं करेंगे।जस्टिस अरिंदम मुखर्जी की एकल पीठ ने उत्तर और दक्षिण 24 परगना जजों के पद पर स्टेनोग्राफर और बेंच क्लर्कों को कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त करने की मांग करने वाली दो भर्ती अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी।न्यायालय ने कहा:यह दुख की बात है कि राज्य...