हाईकोर्ट

भारत के बाहर उपयोग की अनुमति देने के लिए फोन के रिजनल लॉक को अक्षम करना उसे प्रयुक्त माल नहीं बनाता, जो शुल्क कटौती के लिए अयोग्य: दिल्ली हाईकोर्ट
भारत के बाहर उपयोग की अनुमति देने के लिए फोन के 'रिजनल लॉक' को अक्षम करना उसे 'प्रयुक्त माल' नहीं बनाता, जो शुल्क कटौती के लिए अयोग्य: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि मूल उपकरण निर्माताओं द्वारा किसी विशिष्ट भौगोलिक स्थान तक उपयोग को सीमित करने के लिए लगाए गए "रिजनल लॉक" को अक्षम करके केवल एक नए मोबाइल फोन को अनलॉक/सक्रिय करने से मोबाइल फोन "प्रयुक्त" वस्तु नहीं बन जाता है। इस प्रकार जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस धर्मेश शर्मा की खंडपीठ ने माना कि ऐसे मोबाइल फोन के निर्यातक भी शुल्क वापसी का दावा करने के पात्र होंगे।शुल्क वापसी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयातकों द्वारा भुगतान किया गया सीमा शुल्क या स्थानीय निर्माताओं...

प्रदर्शन के मानदंड के आधार पर नवीनीकृत होने वाले अनुबंध को मानदंड पूरा होने के बाद एकतरफा नवीनीकृत माना जाता है, इसे समाप्त नहीं किया जा सकता: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
'प्रदर्शन के मानदंड' के आधार पर नवीनीकृत होने वाले अनुबंध को मानदंड पूरा होने के बाद एकतरफा नवीनीकृत माना जाता है, इसे समाप्त नहीं किया जा सकता: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने माना कि जहां अनुबंध का नवीनीकरण प्रदर्शन के मानदंडों पर आधारित है, यदि उक्त मानदंडों को पूरा किया जाता है, तो अनुबंध को विस्तारित माना जाता है। कोर्ट ने यह भी माना कि न्यायालय मध्यस्थ द्वारा दी गई व्याख्या में हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं यदि वह उचित है और तर्क के विपरीत नहीं है। इस मामले में, मध्यस्थ को समझौते के उल्लंघन की वैधता का निर्धारण समझौते के खंड की व्याख्या करके करना था, जिसमें कहा गया था कि "यदि बिक्री संतोषजनक रही, तो पक्षों के बीच समझौता पहले पांच...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO मामले में जमानत दी, कहा 25 वर्षीय आरोपी कोई शिकारी नहीं बल्कि 16 वर्षीय किशोरी के साथ सहमति से संबंध बनाने वाला  युवक
बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO मामले में जमानत दी, कहा 25 वर्षीय आरोपी कोई 'शिकारी' नहीं बल्कि 16 वर्षीय किशोरी के साथ सहमति से संबंध बनाने वाला 'युवक'

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (13 फरवरी) को 16 साल की नाबालिग लड़की से 15 महीने तक बलात्कार करने और उसे दो बार गर्भवती करने के आरोप में गिरफ्तार 25 वर्षीय व्यक्ति को जमानत देते हुए कहा कि वह कोई 'यौन शिकारी' नहीं बल्कि एक युवा है, जो लड़की के साथ सहमति से संबंध में शामिल था। सिंगल जज जस्टिस मिलिंद जाधव ने लड़की के बयानों से नोट किया कि उसका आवेदक- मोहम्मद अजान खान के साथ प्रेम संबंध था, जिसे अप्रैल 2024 में लड़की के पिता द्वारा बलात्कार के आरोपों और कड़े यौन अपराधों से बच्चों की रोकथाम (POCSO)...

TPO की भूमिका अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन के ALP का निर्धारण करना, वह ऐसे लेनदेन की वैधता की जांच करने के लिए AO के रूप में कार्य नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
TPO की भूमिका अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन के ALP का निर्धारण करना, वह ऐसे लेनदेन की वैधता की जांच करने के लिए AO के रूप में कार्य नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण मूल्य निर्धारण अधिकारी की भूमिका स्थानांतरण मूल्य निर्धारण विश्लेषण करना और करदाता के अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन की आर्म्स लेंथ प्राइस निर्धारित करना है और टीपीओ ऐसे लेनदेन की वैधता की जांच करने के लिए कर निर्धारण अधिकारी के रूप में कार्य नहीं कर सकता। जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा की खंडपीठ ने कहा,"यह ध्यान में रखना आवश्यक है कि टीपीओ और एओ के कार्यों में अंतर है। एएलपी निर्धारित करने के लिए टीपीओ को स्थानांतरण मूल्य निर्धारण विश्लेषण...

ALP का अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन की वाणिज्यिक मुनाफे से कोई सरोकार नहीं, करदाता की ओर से नुकसान की रिपोर्ट करना ALP को शून्य मानने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
ALP का अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन की वाणिज्यिक मुनाफे से कोई सरोकार नहीं, करदाता की ओर से नुकसान की रिपोर्ट करना ALP को शून्य मानने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही माना कि ट्रांसफर प्राइसिंग ऑफिसर किसी करदाता के अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन की आर्म्स लेंथ प्राइस को शून्य नहीं मान सकता, केवल इसलिए कि ऐसे लेन-देन से प्राप्त सेवाओं के बावजूद, करदाता को व्यवसाय में घाटा हुआ है। जस्टिस विभु बाखरू और ज‌स्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि टीपीओ वित्तीय लाभ या संबंधित लेन-देन की व्यावसायिक मुनाफे के आधार पर एएलपी का मूल्यांकन नहीं कर सकता।कोर्ट ने कहा,"यह प्रश्न कि करदाता की ओर से की गई गतिविधियों के परिणामस्वरूप अंततः लाभ हुआ या हानि,...

दिल्ली हाईकोर्ट ने कारण बताओ नोटिस न जारी करने पर यात्री के 20 लाख रुपये मूल्य के गोल्ड, आईफोन, प्लेस्टेशन और अन्य सामान छोड़ने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कारण बताओ नोटिस न जारी करने पर यात्री के 20 लाख रुपये मूल्य के गोल्ड, आईफोन, प्लेस्टेशन और अन्य सामान छोड़ने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में सीमा शुल्क अधिकारियों को एक यात्री के ₹14 लाख से अधिक मूल्य के सोना और अन्य ब्रांडेड सामान जैसे iPhone, PlayStation आदि को रिलीज करने का आदेश दिया। चूंकि अधिकारी यात्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने में विफल रहे थे, इसलिए कोर्ट ने ये आदेश दिया। सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 124 में माल जब्त करने से पहले कारण बताओ नोटिस जारी करने का प्रावधान है।याचिकाकर्ता अपने परिवार के साथ दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा था। उसे एक सोने की चेन, सोने के पेंडेंट के साथ...

NEET-PG: राजस्थान हाईकोर्ट ने राउंड-3 काउंसलिंग को लेकर याचिका पर एडमिशन बोर्ड के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया
NEET-PG: राजस्थान हाईकोर्ट ने राउंड-3 काउंसलिंग को लेकर याचिका पर एडमिशन बोर्ड के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया

NEET PG-2024 की काउंसलिंग के राउंड 3 को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस समीर जैन की पीठ ने निदेशक, (सार्वजनिक स्वास्थ्य) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा, राजस्थान और नीट पीजी प्रवेश/परामर्श बोर्ड के अध्यक्ष को नोटिस जारी किए।NEET PG 2024 के उन अभ्यर्थियों ने याचिका दायर की है, जिन्होंने परीक्षा के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लिया, जिसमें आरोप लगाया गया कि राज्य पीजी राज्य मेडिकल पीजी सीटों के लिए निर्देश पुस्तिका का खंड 2(ii) संविधान के अनुच्छेद 14,...

यदि प्रतिवादी सीपीसी के आदेश 37 के तहत उचित बचाव प्रस्तुत करता है तो न्यायालय को बिना किसी सुरक्षा की आवश्यकता के बिना शर्त अनुमति प्रदान करनी चाहिए: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
यदि प्रतिवादी सीपीसी के आदेश 37 के तहत उचित बचाव प्रस्तुत करता है तो न्यायालय को बिना किसी सुरक्षा की आवश्यकता के बिना शर्त अनुमति प्रदान करनी चाहिए: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें बचाव के लिए अनुमति मांगने वाले प्रतिवादी पर बैंक गारंटी की शर्त लगाई गई थी। इस आदेश में इस सिद्धांत की पुष्टि की गई है कि यदि कोई प्रतिवादी ऐसे तथ्यों का खुलासा करता है, जो सीपीसी के आदेश 37 के तहत ट्रायल में बचाव को स्थापित कर सकते हैं तो बचाव के लिए अनुमति बिना किसी शर्त के दी जानी चाहिए, बिना किसी सुरक्षा या अदालत में भुगतान की आवश्यकता के।सीपीसी का आदेश 37 लिखित अनुबंधों, वचन पत्रों या विनिमय पत्रों के...

भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर किसी भी विभागीय कार्यवाही के बिना कर्मचारी को अनिश्चित काल के लिए निलंबित नहीं किया जा सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर किसी भी विभागीय कार्यवाही के बिना कर्मचारी को अनिश्चित काल के लिए निलंबित नहीं किया जा सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कर्मचारी के निलंबन आदेश यह कहते हुए रद्द कर दिया कि किसी कर्मचारी को अनिश्चित काल के लिए निलंबित नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता एक वर्ष से अधिक समय से निलंबित है। प्रतिवादियों द्वारा आरोप पत्र दाखिल करने के समानांतर कोई विभागीय जांच शुरू नहीं की गई, जो याचिकाकर्ता के निलंबन को समाप्त करने से पक्षपातपूर्ण होगा।न्यायालय ने इस तथ्य पर भी ध्यान दिया कि याचिकाकर्ता अगले महीने रिटायर हो रहा है और कहा कि प्रतिवादियों के हितों की पर्याप्त रूप से रक्षा की जा...

दिल्ली हाईकोर्ट ने बिना लाइसेंस के रेडियोलॉजिकल उपकरण चलाने वाले अस्पतालों, संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बिना लाइसेंस के रेडियोलॉजिकल उपकरण चलाने वाले अस्पतालों, संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बिना अपेक्षित प्राधिकरण या लाइसेंस के रेडियोलॉजी उपकरण चलाने वाले सभी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और अन्य संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने केंद्र सरकार और परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) से जवाब मांगा और मामले की सुनवाई 16 अप्रैल को तय की।यह याचिका शैलेश सिंह ने एडवोकेट प्रीति सिंह और सुंकलन पोरवाल के माध्यम से दायर की।इस याचिका में...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका में पारित हस्तलिखित, अवैध आदेशों पर सब डीविजनल ऑ‌फिसर को फटकार लगाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका में पारित हस्तलिखित, अवैध आदेशों पर सब डीविजनल ऑ‌फिसर को फटकार लगाई

संबंधित उप-विभागीय अधिकारी के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका में, जिसने चुनाव मामले में वादी के गवाहों को पेश करने के अधिकार को बंद कर दिया था, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने कहा कि एसडीओ ने न्यायिक कार्यवाही को "लापरवाही से" लिया था, क्योंकि उसने पाया कि अधिकारी के हस्तलिखित आदेश पत्र "बिल्कुल अपठनीय" थे। अदालत ने इस प्रकार एसडीओ को निर्देश दिया कि वह भविष्य में उनके द्वारा की गई न्यायिक कार्यवाही को लापरवाही से न लें और यह सुनिश्चित करें कि आदेश पत्र सुपाठ्य हों।जस्टिस प्रणय वर्मा...

हिंदू परिवार में हिंदू बच्चे को गोद लेने का काम रजिस्टर्ड डीड के बिना भी किया जा सकता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
हिंदू परिवार में हिंदू बच्चे को गोद लेने का काम रजिस्टर्ड डीड के बिना भी किया जा सकता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम के तहत हिंदू परिवार में हिंदू बच्चे को गोद लेने का काम राजिटर्ड डीड के बिना भी किया जा सकता है।यह मामला रेलवे में अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित है, जिसमें एक दत्तक पुत्री को इसलिए नियुक्ति नहीं दी गई, क्योंकि कक्षा 10वीं के प्रमाण पत्र में दत्तक माता-पिता के नाम के बजाय उसके जैविक माता-पिता का नाम दर्शाया गया।न्यायालय ने संघ की दलील खारिज की कि 1997 में जन्मी आवेदक को कानूनी रूप से गोद लिया हुआ नहीं माना जा...

दहेज की मांग करना आईपीसी की धारा 498ए के तहत अपराध नहीं, सीधे शब्दों में कहें तो धमकी का आरोप उत्पीड़न नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दहेज की मांग करना आईपीसी की धारा 498ए के तहत अपराध नहीं, सीधे शब्दों में कहें तो धमकी का आरोप उत्पीड़न नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दहेज की मांग करना भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 498ए के तहत कोई अपराध नहीं है और धमकी का सरल आरोप उत्पीड़न नहीं माना जाता है। ज‌स्टिस अमित महाजन ने पति के रिश्तेदारों के खिलाफ पत्नी द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। पति, माता-पिता और रिश्तेदारों के खिलाफ 2019 में मामला दर्ज किया गया था।रिश्तेदारों ने इस आधार पर एफआईआर को रद्द करने की मांग की कि वे पति के तत्काल परिवार के सदस्य नहीं हैं और ऐसा कोई सुझाव नहीं है कि वे, जो कभी पत्नी के साथ नहीं...

हाईकोर्ट ने गुरुग्राम के DLF सिटी में 4,000 अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया
हाईकोर्ट ने गुरुग्राम के DLF सिटी में 4,000 अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा राज्य के अधिकारियों को एक रिट जारी की, जिसमें उन्हें गुरुग्राम के DLF सिटी में 4,000 से अधिक अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ दो महीने के भीतर शीघ्र कार्रवाई करने के लिए कहा गया।कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन की भू-माफियाओं को अनधिकृत इमारतों के निर्माण की अनुमति देने में संलिप्तता पर ध्यान दिया, जो खतरनाक दर से बढ़ रही हैं।जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस विकास सूरी की खंडपीठ ने कहा,"यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि कुछ समूहों/भू-माफियाओं की एक शक्तिशाली लॉबी, स्थानीय...

आईपीसी की धारा 498ए के दुरुपयोग का मतलब यह नहीं है कि उत्पीड़न के वास्तविक मामले मौजूद नहीं हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
आईपीसी की धारा 498ए के दुरुपयोग का मतलब यह नहीं है कि उत्पीड़न के वास्तविक मामले मौजूद नहीं हैं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 498ए के दुरुपयोग का यह मतलब नहीं है कि उत्पीड़न के वास्तविक मामले मौजूद नहीं हैं। ज‌स्टिस अमित महाजन ने कहा, "यह न्यायालय दहेज के लालच की गहरी जड़ें जमा चुकी सामाजिक बुराई की जमीनी हकीकत से अनजान नहीं है, जिसके कारण कई पीड़ितों को अकल्पनीय आचरण और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।"न्यायालय ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां पति के खिलाफ अस्पष्ट आरोप लगाए गए हैं, वह भी बहुत देरी से, कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग...

मुकदमे से बचने के लिए आरोपी अमेरिका भाग गया, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अमेरिकी डॉलर में जुर्माना लगाया
मुकदमे से बचने के लिए आरोपी अमेरिका भाग गया, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अमेरिकी डॉलर में जुर्माना लगाया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले के एक आरोपी पर 10,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया। वह 2004 में जमानत मिलने के बाद अमेरिका भाग गया और "लगभग 20 साल" तक मुकदमे से बचता रहा था। जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा, "इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता है कि याचिकाकर्ता के कृत्य के कारण मुकदमे की कार्यवाही में देरी हुई है और इससे दूसरे पक्ष को नुकसान पहुंचा है और अकेले याचिकाकर्ता द्वारा की गई देरी की भरपाई के लिए, उसे पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार क्लर्क एसोसिएशन के पास 10,000 अमेरिकी डॉलर...

अधिकारियों द्वारा किसी भी कार्रवाई के मामले में प्रभावित लोग हमसे संपर्क कर सकते हैं: UCC के खिलाफ याचिकाओं पर उत्तराखंड हाईकोर्ट
अधिकारियों द्वारा किसी भी कार्रवाई के मामले में प्रभावित लोग हमसे संपर्क कर सकते हैं: UCC के खिलाफ याचिकाओं पर उत्तराखंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड राज्य में समान नागरिक संहिता के कार्यान्वयन से प्रभावित व्यक्तियों को अस्थायी राहत देते हुए चीफ जस्टिस जी. नरेंद्र की अध्यक्षता वाली उत्तराखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने UCC से प्रभावित लोगों से कहा कि यदि वे संहिता के तहत अधिकारियों द्वारा किसी भी कार्रवाई का सामना करते हैं तो वे अदालत से संपर्क करें।"यदि कोई व्यक्ति प्रभावित है तो वे इस पीठ से संपर्क कर सकते हैं यदि कोई कार्रवाई होती है तो कृपया (हमारे पास) आएं।"उत्तराखंड समान नागरिक संहिता को चुनौती देने वाली तीन अन्य याचिकाओं पर सुनवाई...

एससी/एसटी वर्ग के सदस्य द्वारा गैर-समुदाय के व्यक्ति को किरायेदारी अधिकारों की बिक्री, वसीयत राज्य किरायेदारी कानून के तहत अमान्य: राजस्थान हाईकोर्ट
एससी/एसटी वर्ग के सदस्य द्वारा गैर-समुदाय के व्यक्ति को किरायेदारी अधिकारों की बिक्री, वसीयत राज्य किरायेदारी कानून के तहत अमान्य: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने दोहराया कि जो व्यक्ति अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग का सदस्य नहीं है, वह अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्ति की भूमि पर प्रतिकूल कब्जे के आधार पर खातेदारी या काश्तकारी अधिकार का दावा नहीं कर सकता है, जिसे राजस्थान काश्तकारी अधिनियम की धारा 42 का उल्लंघन करके उससे खरीदा गया था। अधिनियम की धारा 42 में प्रावधान है कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति द्वारा किसी ऐसे व्यक्ति को खातेदार काश्तकारी अधिकारों की बिक्री, उपहार या वसीयत जो अनुसूचित जाति या...

राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने वाली लेक्चरर के 800 किलोमीटर दूर तबादले पर रोक लगाई
राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने वाली लेक्चरर के 800 किलोमीटर दूर तबादले पर रोक लगाई

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने सरकारी स्कूल की एक लेक्चरर के तबादले पर रोक लगा दी, उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी।महिला द्वारा यह आरोप लगाए जाने के बाद कि उसकी शिकायत के कारण 800 किलोमीटर दूर तबादला किया गया, जस्टिस अरुण मोंगा ने उसकी याचिका पर नोटिस जारी किया और निर्देश दिया,"याचिकाकर्ता को अपने वर्तमान संस्थान/पदस्थापना स्थल पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अनुमति दी जाएगी। यदि उसे औपचारिक रूप से कार्यमुक्त कर दिया गया है तो यह उसकी...