हाईकोर्ट

निष्पक्ष जांच आवश्यक : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोहम्मद जुबैर के खिलाफ FIR रद्द करने से किया इनकार, गिरफ्तारी पर रोक बरकरार
निष्पक्ष जांच आवश्यक : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोहम्मद जुबैर के खिलाफ FIR रद्द करने से किया इनकार, गिरफ्तारी पर रोक बरकरार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Alt News के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ उनके 'X' (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट्स को लेकर दर्ज FIR रद्द करने से इनकार कर दिया। ये पोस्ट्स यति नरसिंहानंद के आपत्तिजनक भाषण से संबंधित थे।हालांकि कोर्ट ने जांच के दौरान जुबैर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक को बरकरार रखा है।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया और कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच आवश्यक है।कोर्ट ने जुबैर को निर्देश दिया कि जांच पूरी होने तक वह देश छोड़कर न...

बार काउंसिल चुनाव: दिल्ली हाईकोर्ट ने वकीलों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
बार काउंसिल चुनाव: दिल्ली हाईकोर्ट ने वकीलों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (22 मई) को दिल्ली बार काउंसिल (BCD) के चुनाव में वकीलों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।यह आवेदन दीपांशु मुद्गल द्वारा एक लंबित याचिका में दायर किया गया था, जिसमें समय-समय पर दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और जिला अदालतों की विभिन्न बार एसोसिएशनों के चुनावों के संचालन को लेकर निर्देश दिए गए।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह, जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस सी. हरि शंकर की पूर्ण पीठ ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि BCD...

राजस्थान हाईकोर्ट ने अयोग्य छात्र को प्रवेश देने के लिए राज्य विश्वविद्यालय पर 10 लाख का जुर्माना लगाया, BSc कोर्स जारी रखने की उसकी याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने अयोग्य छात्र को प्रवेश देने के लिए राज्य विश्वविद्यालय पर 10 लाख का जुर्माना लगाया, BSc कोर्स जारी रखने की उसकी याचिका खारिज की

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्‍थ साइंसेज पर B.Sc कोर्स में एक अयोग्य छात्र को प्रवेश देने और बाद में उसे प्रथम वर्ष की अंतिम परीक्षा देने की अनुमति नहीं देने के कारण 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने निर्णय में कहा कि विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण छात्र का एक वर्ष बर्बाद हो गया है, जिससे उसके भविष्य के शैक्षणिक कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसके साथ ही, जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने अयोग्य छात्र द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान...

नाम में क्या रखा है: शेक्सपियर का हवाला देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- मां को बच्चे के शैक्षणिक रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने का पूरा अधिकार
'नाम में क्या रखा है': शेक्सपियर का हवाला देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- मां को बच्चे के शैक्षणिक रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने का पूरा अधिकार

'नाटककार विलियम शेक्सपियर के "रोमियो एंड जूलियट से उद्धरण नाम में क्या रखा है?" का हवाला देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर देते हुए कि नाम ही सब कुछ है, कहा कि यह किसी की कानूनी, सामाजिक और भावनात्मक पहचान का आधार है। इसलिए जन्मदाता होने के नाते मां को अपने बच्चों के शैक्षणिक रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने का पूरा अधिकार है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने अपने आदेश में कहा,"विलियम शेक्सपियर के विश्व प्रसिद्ध नाटक "रोमियो एंड जूलियट" में प्रसिद्ध उद्धरण है- "नाम में क्या रखा है?" नाम के...

पत्नी का अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करना और पति के साथ कनाडा जाने से इनकार करना क्रूरता नहीं: मद्रास हाईकोर्ट
पत्नी का अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करना और पति के साथ कनाडा जाने से इनकार करना क्रूरता नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पत्नी द्वारा अपने करियर और शिक्षा को प्राथमिकता देना और पति के कार्यस्थल पर जाने से मना करना क्रूरता नहीं होगी। जस्टिस जे निशा बानू और जस्टिस आर शक्तिवेल की पीठ ने कहा,“याचिकाकर्ता अपने करियर का त्याग करने के लिए तैयार नहीं है, और चाहता है कि प्रतिवादी/उसकी पत्नी उसके साथ आकर रहे। इसी प्रकार, प्रतिवादी भी अपनी शिक्षा और करियर पर ध्यान देना चाहती है। दोनों एक-दूसरे की प्राथमिकताओं से समझौता करने के लिए तैयार नहीं हैं, जिसके परिणामस्वरूप, उनके बीच कुछ वैवाहिक...

जब अवॉर्ड होल्डर को जमा राशि के बारे में जानकारी होती है तो कोर्ट रजिस्ट्री में जमा डिक्रीटल एमाउंट पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है: दिल्ली हाईकोर्ट
जब अवॉर्ड होल्डर को जमा राशि के बारे में जानकारी होती है तो कोर्ट रजिस्ट्री में जमा डिक्रीटल एमाउंट पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने माना कि एक बार जब न्यायधीश देनदार न्यायालय के आदेश के अनुसार न्यायालय रजिस्ट्री में डिक्रीटल एमाउंट जमा कर देता है, और अवॉर्ड धारक को इस तरह की जमा राशि की सूचना मिल जाती है, तो जमा की गई राशि पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। नतीजतन, ब्याज केवल शेष बकाया राशि पर ही दावा किया जा सकता है, न्यायालय में जमा की गई राशि पर नहीं। तथ्यPCL STICCO (JV) (अवॉर्ड होल्डर) ने वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 की धारा 13(1A) के तहत एक अपील दायर...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ डीजीपी को उस मामले में तलब किया, जिसमें पुलिस ने कथित तौर पर वकील का वायरल वीडियो लीक किया और निजता का उल्लंघन किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ डीजीपी को उस मामले में तलब किया, जिसमें पुलिस ने कथित तौर पर वकील का वायरल वीडियो लीक किया और निजता का उल्लंघन किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को सोशल मीडिया से एक वकील का वीडियो हटाने की मांग संबंधी याचिका पर तलब किया है, जिसे कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों ने लीक किया था।एक वायरल वीडियो में, पेशे से वकील प्रकाश सिंह मारवाह को ट्रैफिक पुलिस से बहस करते हुए देखा गया, जब उन्हें उनकी नंबर प्लेट पर कपड़ा लटकाने के लिए रोका गया। उन्होंने दावा किया कि वे एक न्यायिक मजिस्ट्रेट हैं और भाग गए। सिंह को न्यायाधीश के रूप...

Punjab Civil Service Rules | दिव्यांग बेटी को सिर्फ इसलिए पारिवारिक पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता क्योंकि वह शादीशुदा है, हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ यूटी पर जुर्माना लगाया
Punjab Civil Service Rules | दिव्यांग बेटी को सिर्फ इसलिए पारिवारिक पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता क्योंकि वह शादीशुदा है, हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ यूटी पर जुर्माना लगाया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक दिव्यांग बेटी की ओर से किए गए पारिवारिक पेंशन के दावे को मैकैनिकल तरीके से खारिज करने के कारण केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस एचएस ग्रेवाल ने कहा,"हमें लगता है कि दिव्यांग बेटी, जो अपने पिता की सेवानिवृत्ति के समय अविवाहित थी, उसे पारिवारिक पेंशन देने से इनकार करने में याचिकाकर्ताओं की ओर से अपनाया गया दृष्टिकोण नियमों के विरुद्ध था। पंजाब सिविल सेवा नियमों के नियम 6.17 के खंड 4 और उसके...

फर्जी शादियां | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को 2017 के नियमों में संशोधन करने का निर्देश दिया, कहा-  सत्यापन योग्य पंजीकरण प्रणाली जरूरी
फर्जी शादियां | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को 2017 के नियमों में संशोधन करने का निर्देश दिया, कहा- सत्यापन योग्य पंजीकरण प्रणाली जरूरी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सूओ मोटो रिट ज्‍युरिसडिक्‍शन (Suo Moto Writ Jurisdiction) के तहत, एक महत्वपूर्ण आदेश में राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश विवाह पंजीकरण नियम, 2017 (Uttar Pradesh Marriage Registration Rules, 2017) में 6 महीने के भीतर संशोधन करने का निर्देश दिया, ताकि विवाह की वैधता और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत और सत्यापन योग्य विवाह पंजीकरण तंत्र अस्तित्व में आ सके। जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने यह निर्देश दलालों के एक संगठित रैकेट के उभरने के मद्देनज़र जारी किया, जो जाली...

दिल्ली हाईकोर्ट 14 जुलाई को तय करेगा केंद्र सरकार की आपत्ति, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट 14 जुलाई को तय करेगा केंद्र सरकार की आपत्ति, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह 14 जुलाई को यह निर्णय लेगा कि केंद्र सरकार की आपत्ति के मद्देनजर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) द्वारा प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका सुनवाई योग्य (Maintainable) है या नहीं।केंद्र सरकार ने यूएपीए (UAPA) के तहत PFI और उसके संबद्ध संगठनों को 'गैरकानूनी संगठन' घोषित करते हुए पांच वर्षों का प्रतिबंध लगाया था। इस प्रतिबंध की पुष्टि एक UAPA ट्रिब्यूनल ने की थी।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दों...

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने मनोचिकित्सा क्लिनिक को डी-सीलिंग करने का आदेश दिया, नोटिस न देने के लिए अधिकारियों को लगाई फटकार
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने मनोचिकित्सा क्लिनिक को डी-सीलिंग करने का आदेश दिया, नोटिस न देने के लिए अधिकारियों को लगाई फटकार

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने जम्मू के आर.एस. पुरा क्षेत्र में स्थित निजी मनोचिकित्सा क्लिनिक को अनाधिकृत रूप से और बिना पूर्व सूचना सील किए जाने पर आपत्ति जताते हुए उसका सील खोलने (डी-सीलिंग) का आदेश दिया है।यह क्लिनिक जय हिंद साइकेट्री क्लिनिक के नाम से बग्गा मढ़, आर.एस. पुरा में संचालित हो रहा था। इसे उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) द्वारा मुख्य मेडिकल अधिकारी (CMO) जम्मू की सिफारिश पर सील कर दिया गया था।याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में दलील दी कि क्लिनिक को सील करने की कार्रवाई बिना किसी शोकॉज नोटिस,...

दिल्ली हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर FIR रद्द करने वाली याचिकाओं की सुनवाई के लिए विशेष पीठों के गठन की मांग वाली याचिका बंद की
दिल्ली हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर FIR रद्द करने वाली याचिकाओं की सुनवाई के लिए विशेष पीठों के गठन की मांग वाली याचिका बंद की

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को जनहित याचिका को यह कहते हुए बंद कर दिया कि समझौते के आधार पर FIR रद्द करने वाली याचिकाओं की सुनवाई के लिए विशेष नामित पीठों का गठन एक “प्रशासनिक” विषय है न कि न्यायिक।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने वकील आदित्य सिंह देशवाल से कहा कि वे अपने सुझाव हाईकोर्ट के प्रशासनिक पक्ष के समक्ष प्रस्तुत करें।चीफ जस्टिस ने देशवाल से कहा,“एक रिट याचिका में मांगी गई 'मैंडेमस' (न्यायिक आदेश) की मूल भावना पर चर्चा करें। यह तय करना आपके अधिकार क्षेत्र...

नाबालिग की किशोरावस्था पर फैसला न होने से एक साल तक सामान्य जेल में रखने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
नाबालिग की किशोरावस्था पर फैसला न होने से एक साल तक सामान्य जेल में रखने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि नाबालिग होने का दावा करने वाली 16 वर्षीय एक नाबालिग लड़की की अर्जी पर फैसला नहीं कर पाने के कारण वह विचाराधीन कैदियों और दोषियों के साथ नियमित जेल में बंद है.जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने कहा कि यदि निचली अदालत अंतत: इस नतीजे पर पहुंचती है कि आवेदक कानून का उल्लंघन करने वाला किशोर है तो विचाराधीन कैदियों और दोषियों के साथ नियमित जेल में एक साल से अधिक समय बिताने के कारण उसे हुए नुकसान की किसी भी तरह से भरपाई नहीं की जा सकती। ...

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने न्यायिक रिक्तियों को शीघ्र भरने की मांग वाली जनहित याचिका की सुनवाई से खुद को अलग किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने न्यायिक रिक्तियों को शीघ्र भरने की मांग वाली जनहित याचिका की सुनवाई से खुद को अलग किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज, जस्टिस महेश चंद्र तृप्ताही ने आज एक जनहित याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें हाईकोर्ट में सभी मौजूदा न्यायिक रिक्तियों को समयबद्ध तरीके से समय पर और तेजी से भरने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी।इस साल मार्च में दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट "अपने इतिहास में सबसे गंभीर संकट का सामना कर रहा है", पीआईएल याचिका में एमओपी के तहत निर्धारित समयसीमा का सख्त पालन करने सहित इस न्यायालय में न्यायिक नियुक्तियों की...

शिक्षा विभाग का 2013 का प्रस्ताव बाध्यकारी, पेंशन गणना में छंटनी की अवधि भी शामिल की जानी चाहिए: पटना हाईकोर्ट
शिक्षा विभाग का 2013 का प्रस्ताव बाध्यकारी, पेंशन गणना में छंटनी की अवधि भी शामिल की जानी चाहिए: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट के जस्टिस हरीश कुमार की एकल पीठ ने कहा कि वयस्क शिक्षा परियोजना के एक पूर्व कर्मचारी, जिसे बाद में एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) में शामिल कर लिया गया था, के लिए पेंशन गणना के लिए छंटनी अवधि को गिना जाना चाहिए। शिक्षा विभाग के 2013 के संकल्प पर भरोसा करते हुए, न्यायालय ने माना कि पेंशन लाभ के लिए छंटनी अवधि को काल्पनिक आधार पर गिना जाना चाहिए। इस प्रकार, न्यायालय ने महालेखाकार को पेंशन गणना के लिए छंटनी अवधि सहित एक नया भुगतान आदेश जारी करने का निर्देश दिया।पृष्ठभूमि 1985 में,...

त्वरित सुनवाई का अधिकार कोई भ्रामक सुरक्षा नहीं, MACOCA मामलों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कम नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
त्वरित सुनवाई का अधिकार कोई भ्रामक सुरक्षा नहीं, MACOCA मामलों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कम नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

l बात पर जोर देते हुए कि त्वरित सुनवाई का अधिकार कोई भ्रामक सुरक्षा नहीं है, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता को केवल इसलिए कम नहीं किया जा सकता, क्योंकि मामला महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम 1999 (MACOCA) के अंतर्गत आता है।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा,“भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हमारे संवैधानिक न्यायशास्त्र में अब दृढ़ता से समाहित त्वरित सुनवाई का अधिकार कोई अमूर्त या भ्रामक सुरक्षा नहीं है। यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का महत्वपूर्ण पहलू है। इसे केवल इसलिए...

राजस्थान हाईकोर्ट ने 2018 से पहले स्थापित औद्योगिक प्रशिक्षण कॉलेजों से 50,000 रुपये की बैंक गारंटी की मांग संबंधी आदेश रद्द किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने 2018 से पहले स्थापित औद्योगिक प्रशिक्षण कॉलेजों से 50,000 रुपये की बैंक गारंटी की मांग संबंधी आदेश रद्द किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) द्वारा दायर 139 विशेष अपीलों को स्वीकार करते हुए एकल जज का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि 2018 शैक्षणिक सत्र से पहले स्थापित/मान्यता प्राप्त ITIs को भी प्रति इकाई 50,000 रुपये की प्रदर्शन बैंक गारंटी जमा करनी होगी।जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। ये अपीलें उन ITIs द्वारा दायर की गई थीं, जो विभिन्न राज्यों में छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करती हैं। अपीलों में एकल जज के उस आदेश...