हाईकोर्ट
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स नियम | 60 दिन में सैंपल जांच अनिवार्य, लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश: बॉम्बे हाइकोर्ट
बॉम्बे हाइकोर्ट की नागपुर पीठ ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स नियमों के पालन में हो रही गंभीर लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। हाइकोर्ट ने कहा कि तय समय-सीमा के भीतर दवाओं के सैंपल की जांच न होना न केवल अभियोजन को कमजोर करता है, बल्कि इससे जनस्वास्थ्य भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है, क्योंकि घटिया गुणवत्ता की दवाएं बाजार में बनी रहती हैं।जस्टिस एम.एम. नेरलिकर की पीठ एम/एस ऑस्कर रेमेडीज प्रा. लि. के निदेशकों अश्विनी लांबा और अन्य द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में गढ़चिरोली...
महिला वकील उत्कृष्ट, मगर बेंच पर उनका प्रतिनिधित्व बेहद कम: केरल हाइकोर्ट से विदाई लेते हुए जस्टिस वी.जी. अरुण ने व्यक्त की पीड़ा
केरल हाइकोर्ट के जस्टिस वी. जी. अरुण ने शुक्रवार (23 जनवरी) को अपने विदाई संबोधन में न्यायपालिका में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भले ही केरल में उत्कृष्ट महिला वकील मौजूद हैं लेकिन न्यायिक पीठ पर उनका प्रतिनिधित्व बेहद कम है, जो उन्हें परेशान करता है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में यह स्थिति बदलेगी।जस्टिस अरुण ये टिप्पणियां केरल हाइकोर्ट में आयोजित फुल कोर्ट रेफरेंस के दौरान कर रहे थे। वह रिटायरमेंट की आयु पूरी करने के बाद पद से मुक्त हुए।उन्होंने...
POCSO मामलों में नरमी की कोई गुंजाइश नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने नाबालिग से यौन उत्पीड़न के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने नाबालिग से यौन उत्पीड़न के एक गंभीर मामले में आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए सख्त रुख अपनाया। हाइकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि POCSO मामलों में “नरम रवैया पूरी तरह अनुचित है।”जस्टिस नीरजा के. काल्सन ने कहा,“न्यायपालिका पर यह गंभीर जिम्मेदारी है कि वह उन लोगों की संरक्षक बने, जो स्वयं अपनी रक्षा करने में असमर्थ हैं। जब किसी बच्चे की मासूमियत को ठेस पहुंचती है, तब कानून को केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि एक अडिग ढाल के रूप में कार्य करना चाहिए। समाज की आत्मा इस बात से आंकी...
मेमो में गिरफ्तारी के खास 'आधार' न बताना ड्यूटी में लापरवाही, गलती करने वाले पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
गुरुवार को दिए गए एक अहम आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि राज्य में कोई भी पुलिस अधिकारी जो अरेस्ट मेमो में गिरफ्तारी के खास 'आधार' (Ground) बताने में नाकाम रहता है, उसे सस्पेंड करने के बाद उसके खिलाफ डिपार्टमेंटल कार्रवाई की जाएगी।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की बेंच ने कहा कि बिना किसी ठोस आधार के सिर्फ़ फॉर्म भरकर कानून का "खोखला पालन" करना ड्यूटी में लापरवाही है।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा,"यह सही समय है कि उन पुलिस अधिकारियों के साथ सख्ती से निपटा जाए, जो अरेस्ट...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वकीलों पर हमलों और चोरी की घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वकीलों पर हो रहे हमलों और चोरी की घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लिया। कानूनी बिरादरी में उनकी सुरक्षा और पुलिस की कथित निष्क्रियता को लेकर चिंता बढ़ रही है।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की डिवीजन बेंच ने चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस अधिकारियों से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (PHHCBA) के सेक्रेटरी गगनदीप जम्मू ने चीफ जस्टिस को एक लेटर लिखकर वकीलों के खिलाफ अपराध की कई घटनाओं पर ध्यान दिलाया था।बार एसोसिएशन ने तीन मुख्य मामलों पर...
वेनेजुएला और अंतर्राष्ट्रीय कानून के खोखले मूल की सीमाएं
"वेनेजुएला में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा अपनाई गई हालिया हस्तक्षेपवादी मुद्रा ने अंतरराष्ट्रीय कानून के आलोचकों द्वारा लंबे समय तक व्यक्त की गई सच्चाई को उजागर किया है, लेकिन शायद ही कभी इस तरह की स्पष्टता का सामना किया जाता है: जब आधिपत्य की इच्छा का सामना करना पड़ता है, तो अंतर्राष्ट्रीय कानून एक बाधा के रूप में कार्य करना बंद कर देता है और केवल बयानबाजी के रूप में जीवित रहता है। वेनेजुएला में जो सामने आ रहा है वह केवल एक क्षेत्रीय संकट या एक विवादित विदेश नीति निर्णय नहीं है; यह...
चीनी वीज़ा घोटाला मामले में कार्ति चिदंबरम की याचिका की सुनवाई से हाईकोर्ट जज ने खुद को अलग किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने चीनी वीज़ा घोटाला मामले में कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम द्वारा दायर उस याचिका को 28 जनवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है, जिसमें उन्होंने उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है।मामला आज जस्टिस गिरीश कथपालिया के समक्ष सूचीबद्ध था। हालांकि, न्यायाधीश ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए मामले की सुनवाई से खुद को अलग (recuse) कर लिया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले इस मामले की सुनवाई से न्यायमूर्ति स्वरना कांता शर्मा और न्यायमूर्ति अनूप जयराम...
कस्टडी विवाद के बीच बच्चे को जबरन बोर्डिंग स्कूल नहीं भेजा जा सकता, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन आवश्यक: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि माता-पिता के बीच चल रहे कस्टडी विवाद के दौरान किसी बच्चे को बोर्डिंग स्कूल भेजने का निर्देश देने से पहले उस बच्चे का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन (Psychological Evaluation) किया जाना आवश्यक है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि वह उस अभिभावक से अलग रहने के मानसिक और भावनात्मक प्रभाव को सहन कर पाएगा या नहीं, जिसके साथ वह अब तक रह रहा है।चीफ़ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने नाबालिग बेटे की कस्टडी और विज़िटेशन को लेकर चल रहे विवाद में यह टिप्पणी की।खंडपीठ...
कैश फॉर क्वेरी विवाद: दिल्ली हाइकोर्ट ने लोकपाल को महुआ मोइत्रा के खिलाफ मंजूरी पर फैसला लेने के लिए दो महीने का समय दिया
दिल्ली हाइकोर्ट ने कैश फॉर क्वेरी मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता महुआ मोइत्रा के खिलाफ CBI को आरोपपत्र दाखिल करने की मंजूरी पर निर्णय लेने के लिए लोकपाल को दो महीने का अतिरिक्त समय दिया। यह राहत लोकपाल की ओर से दाखिल आवेदन पर दी गई।जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि यह अंतिम अवसर होगा और इसके बाद और समय नहीं दिया जाएगा।हाइकोर्ट ने कहा,“निपटारे की अवधि दो महीने के लिए बढ़ाई जाती है, यह स्पष्ट करते हुए कि आगे समय बढ़ाने का कोई अनुरोध...
भीमा कोरेगांव मामला: बॉम्बे हाइकोर्ट ने 5 साल की जेल के बाद रमेश गाइचोर और सागर गोरखे को दी जमानत
बॉम्बे हाइकोर्ट ने शुक्रवार को एल्गार परिषद–भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार किए गए रमेश गाइचोर और सागर गोरखे को जमानत दी। दोनों आरोपी वर्ष 2020 से जेल में बंद थे। हाइकोर्ट ने लंबी अवधि तक हिरासत में रहने को आधार बनाते हुए यह राहत दी।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चांडक की डिवीजन बेंच ने यह आदेश पारित किया।गौरतलब है कि रमेश गाइचोर और सागर गोरखे, दोनों कबीर कला मंच के सदस्य हैं। उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 7 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया था।NIA के अनुसार, दोनों ने 31 दिसंबर 2017 को...
दिल्ली हाइकोर्ट का आदेश: फिजिक्सवाला के खिलाफ अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट हटाए जाएं
दिल्ली हाइकोर्ट ने शुक्रवार को ऑनलाइन शिक्षा मंच फिजिक्सवाला के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट को हटाने का निर्देश दिया।यह आदेश फिजिक्सवाला के पूर्व कर्मचारी निखिल कुमार सिंह द्वारा किए गए पोस्ट और वीडियो के संबंध में दिया गया।जस्टिस ज्योति सिंह ने फिजिक्सवाला द्वारा दायर मानहानि वाद में यह अंतरिम निषेधाज्ञा पारित की।फिजिक्सवाला ने निखिल कुमार सिंह और सोशल मीडिया मंचों के खिलाफ यह याचिका दायर करते हुए मानहानि के लिए 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की।फिजिक्सवाला की ओर से...
हाइकोर्ट की फटकार के अगले ही दिन मंत्री के बेटे ने किया आत्मसमर्पण, महाड दंगे मामले में बड़ी कार्रवाई
बॉम्बे हाइकोर्ट द्वारा महाराष्ट्र सरकार को कड़ी फटकार लगाए जाने के एक दिन बाद महाड दंगा मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। राज्य के कैबिनेट मंत्री भरत गोगावले के बेटे विकास गोगावले और इस मामले के अन्य आरोपियों ने स्थानीय पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। यह जानकारी गुरुवार को हाइकोर्ट को दी गई।जस्टिस माधव जामदार ने एक दिन पहले इस मामले में महाराष्ट्र सरकार की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद विकास गोगावले की गिरफ्तारी न होने पर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्य...
मौखिक टिप्पणियों को सनसनीखेज बनाने पर हाईकोर्ट ने लगाई मीडिया को फटकार, कहा- ऐसा रहा तो बातचीत बंद कर देंगे
दिल्ली हाइकोर्ट ने न्यूज़लॉन्ड्री की पत्रकार मनीषा पांडे से जुड़ी मौखिक टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और सनसनीखेज सुर्खियां बनाने पर कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रति कड़ी नाराज़गी जताई। हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसकी टिप्पणियों को संदर्भ से अलग कर पेश किया गया जिससे पत्रकार के खिलाफ नफरत भरे संदेश फैलाए गए।जस्टिस सी. हरि शंकर ने कहा कि अदालत का मनीषा पांडे के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने का कोई इरादा नहीं था, लेकिन अदालत की टिप्पणी को अलग पोस्टर के रूप में सोशल मीडिया पर फैलाया...
कर्नाटक हाइकोर्ट ने बाइक टैक्सी पर रोक हटाई, राज्य सरकार शर्तें लगाने के लिए स्वतंत्र
कर्नाटक हाइकोर्ट ने राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं पर लगी रोक को हटा दिया। शुक्रवार (23 जनवरी) को हाइकोर्ट की डिवीजन बेंच ने ओला, उबर, रैपिडो समेत अन्य एग्रीगेटर कंपनियों की अपीलों को स्वीकार करते हुए एकल जज का आदेश रद्द कर दिया।यह मामला उस आदेश के खिलाफ दायर अपीलों से जुड़ा था, जिसमें कहा गया कि जब तक राज्य सरकार मोटर वाहन अधिनियम के तहत आवश्यक दिशा-निर्देश और नियम अधिसूचित नहीं करती, तब तक बाइक टैक्सी नहीं चल सकतीं।चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस सी.एम. जोशी की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि...
'कोई प्रभावी सुनवाई नहीं हो रही': हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से वक्फ ट्रिब्यूनल में खाली पद भरने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने उत्तर प्रदेश सरकार से वक्फ ट्रिब्यूनल में खाली पद को जल्द से जल्द भरने का अनुरोध किया, क्योंकि कोर्ट ने पाया कि मौजूदा खाली पदों के कारण कोई प्रभावी सुनवाई नहीं हो रही है।जस्टिस शेखर बी सर्राफ और जस्टिस मनजीव शुक्ला की बेंच ने सोमवार को फैसल खान द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।हालांकि, बेंच ने याचिका में की गई प्रार्थनाओं पर विचार करने से इनकार किया, क्योंकि याचिकाकर्ता को पहले ही एक सिंगल जज द्वारा अपनी शिकायतों के संबंध में अपील करने...
अगर पत्नी के अपने कामों से पति कमाने में असमर्थ हो जाए तो वह भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई पत्नी अपने कामों या गलतियों से अपने पति की कमाने की क्षमता को खत्म करती है या उसमें योगदान देती है तो उसे ऐसी स्थिति का फायदा उठाने और मेंटेनेंस का दावा करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।जस्टिस लक्ष्मी कांत शुक्ला की बेंच ने फैसला सुनाया कि ऐसे मामले में मेंटेनेंस देना "गंभीर अन्याय" होगा, खासकर जब पति की कमाने की क्षमता पत्नी के परिवार के आपराधिक कामों से खत्म हो गई हो।कोर्ट ने आगे कहा कि भारतीय समाज में यह माना जाता है कि एक पति से, भले ही उसके पास रेगुलर नौकरी...
पुलिस को दिए गए बिना साबित बयान का इस्तेमाल अनुशासनात्मक कार्यवाही में नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारी की पेंशन ज़ब्ती रद्द की
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द कर दिया है, जिसमें उसकी ज़िंदगी भर की 100% पेंशन रोक दी गई। यह कार्रवाई पूरी तरह से एक ऐसे व्यक्ति के CrPC की धारा 161 के तहत पुलिस को दिए गए बयानों पर आधारित थी, जिसकी न तो विभागीय जांच के दौरान और न ही कोर्ट के सामने जांच की गई।जस्टिस अशोक कुमार जैन की बेंच ने कहा कि CrPC की धारा 161 के तहत दिए गए बयान का CrPC की धारा 162 के तहत कोई सबूत के तौर पर महत्व नहीं है। इसका इस्तेमाल सिर्फ विरोधाभास के लिए किया जा सकता है, न...
यूपी सरकार ने रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों के फायदों के लिए 'आंध्र मॉडल' अपनाया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पर जवाब मांगा
उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि उसने एक सरकारी आदेश जारी किया, जिसमें रिटायर्ड जजों के रिटायरमेंट के बाद के फायदों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का काफी हद तक पालन सुनिश्चित किया गया।इस बात पर ध्यान देते हुए जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपामा चतुर्वेदी की बेंच ने एडिशनल एडवोकेट जनरल से रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों के लिए बनाए गए संबंधित सुरक्षा नियमों, यदि कोई हों, को रिकॉर्ड पर रखने को कहा।बता दें, याचिकाकर्ता (रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जजों का...
'क्या महाराष्ट्र में यही कानून का राज है?' : हाईकोर्ट ने मंत्री के बेटे को एक महीने तक गिरफ्तार न करने पर पुलिस से पूछा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह कैबिनेट मंत्री भरत गोगावले के बेटे विकास को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है, जिसे पिछले महीने रायगढ़ जिले के महाड में नगर पालिका चुनावों से जुड़े दंगे के मामले में आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने टिप्पणी की कि क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 'इतने लाचार' हैं कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर पा रहे हैं, जिसमें उनके अपने मौजूदा मंत्री का बेटा 'फरार' बताया जा रहा है, लेकिन वह अपने पिता के लगातार संपर्क में है।सिंगल-जज...
S. 126 Electricity Act | सिर्फ़ बोर्ड के रिकॉर्ड के आधार पर असेसमेंट गैर-कानूनी, साइट/उपभोक्ता रिकॉर्ड का इंस्पेक्शन ज़रूरी: हिमाचल हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 126 के तहत बिजली के अनाधिकृत इस्तेमाल के लिए प्रोविज़नल असेसमेंट साइट इंस्पेक्शन किए बिना या उपभोक्ता द्वारा रखे गए रिकॉर्ड की जांच किए बिना नहीं किया जा सकता।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने बोर्ड की इस दलील को खारिज कर दिया कि उसके अपने रिकॉर्ड धारा 126 के तहत असेसमेंट का आधार बन सकते हैं और साफ किया:"प्रोविज़नल असेसमेंट ऑर्डर बोर्ड द्वारा रखे गए रिकॉर्ड के आधार पर जारी नहीं किया जा सकता है। यह किसी भी व्यक्ति द्वारा रखे गए रिकॉर्ड के...



















