हाईकोर्ट

पति का माता-पिता का ध्यान रखना पत्नी के अलग रहने और भरण-पोषण मांगने का आधार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
पति का माता-पिता का ध्यान रखना पत्नी के अलग रहने और भरण-पोषण मांगने का आधार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि पति का अपने माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों का ध्यान रखना मात्र इस आधार पर पत्नी को अलग रहने और भरण-पोषण पाने का अधिकार नहीं देता। अदालत ने कहा कि ससुराल वालों के साथ सामान्य मतभेद या पति का अपने माता-पिता के प्रति दायित्व निभाना, वैवाहिक घर छोड़ने का पर्याप्त कानूनी कारण नहीं माना जा सकता।जस्टिस जय कुमार पिल्लई की सिंगल बेंच ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें पत्नी को भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था। हालांकि अदालत ने...

सीवर मौत मामले में जूनियर इंजीनियर को बड़ी राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने विभागीय जांच में दोषमुक्ति के बाद FIR की रद्द
सीवर मौत मामले में जूनियर इंजीनियर को बड़ी राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने विभागीय जांच में दोषमुक्ति के बाद FIR की रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्ष 2017 के लाजपत नगर सीवर मौत मामले में दिल्ली जल बोर्ड के एक जूनियर इंजीनियर के खिलाफ दर्ज FIR और उससे जुड़ी सभी आपराधिक कार्यवाही रद्द की। अदालत ने कहा कि जब किसी कर्मचारी को समान आरोपों पर विभागीय जांच में गुण-दोष के आधार पर दोषमुक्त कर दिया गया हो, तब उन्हीं आरोपों पर आपराधिक मुकदमा जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।जस्टिस विकास महाजन ने दिल्ली जल बोर्ड में जूनियर इंजीनियर रहे सतेंद्र कुमार श्रीवास्तव की याचिका स्वीकार करते हुए भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा...

धारा 161 के बयान में चूक से गवाह को तभी किया जा सकता है अविश्वसनीय, जब जांच अधिकारी उसे साबित करे: इलाहाबाद हाईकोर्ट
धारा 161 के बयान में चूक से गवाह को तभी किया जा सकता है अविश्वसनीय, जब जांच अधिकारी उसे साबित करे: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी गवाह के पुलिस के समक्ष दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 161 के तहत दिए गए बयान में हुई चूक के आधार पर उसे तभी अविश्वसनीय ठहराया जा सकता है, जब उस चूक को कानून में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच अधिकारी साबित करे। केवल अदालत में गवाह का पुलिस बयान से सामान्य रूप से सामना करा देने से साक्ष्य अधिनियम की धारा 145 और CrPC की धारा 162 की कानूनी आवश्यकता पूरी नहीं होती।जस्टिस जे. जे. मुनिर और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी...

एम्बेसडर होटल को बेदखली नोटिस पर दिल्ली हाईकोर्ट का केंद्र सरकार से जवाब तलब
एम्बेसडर होटल को बेदखली नोटिस पर दिल्ली हाईकोर्ट का केंद्र सरकार से जवाब तलब

दिल्ली हाईकोर्ट ने एम्बेसडर होटल की उस याचिका पर केंद्र सरकार और भूमि एवं विकास कार्यालय से जवाब मांगा, जिसमें सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) कानून के तहत जारी बेदखली नोटिस को चुनौती दी गई।जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने केंद्र सरकार और भूमि एवं विकास कार्यालय को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।होटल की मालिक कंपनी सर सोभा सिंह एंड संस प्राइवेट लिमिटेड की ओर से सीनियर एडवोकेट सुधीर नंदराजोग ने पक्ष रखा।सुनवाई के दौरान नंदराजोग ने...

रिकॉर्ड में पहले से मौजूद दस्तावेजों को प्रदर्शन के रूप में दर्ज करने से किसी पक्ष को नुकसान नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
रिकॉर्ड में पहले से मौजूद दस्तावेजों को प्रदर्शन के रूप में दर्ज करने से किसी पक्ष को नुकसान नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कोई दस्तावेज पहले से ही न्यायालय के रिकॉर्ड का हिस्सा है, तो उसे बाद में प्रदर्शन (एक्ज़िबिट) के रूप में दर्ज करने की अनुमति देने से दूसरे पक्ष को कोई वास्तविक नुकसान नहीं होता।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल तकनीकी या लिपिकीय त्रुटियों के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।जस्टिस फरजंद अली ने किराया अधिकरण के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें बेदखली याचिका में संशोधन की अनुमति दी गई थी।यह संशोधन डाक रसीद और प्राप्ति पावती (एडी कार्ड) का उल्लेख जोड़ने...

तेजाब हमले के दो महीने बाद सेप्टीसीमिया से मौत भी हत्या, दोषी की उम्रकैद बरकरार: उत्तराखंड हाईकोर्ट
तेजाब हमले के दो महीने बाद सेप्टीसीमिया से मौत भी हत्या, दोषी की उम्रकैद बरकरार: उत्तराखंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया कि यदि तेजाब हमले में झुलसी पीड़िता की बाद में सेप्टीसीमिया (संक्रमण फैलने) के कारण मौत होती है और चिकित्सा साक्ष्य यह साबित करते हैं कि संक्रमण तेजाब से लगी चोटों का ही परिणाम था, तो इसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत हत्या का अपराध माना जाएगा। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने दोषी की हत्या, तेजाब हमला और गाली-गलौज के मामलों में हुई सजा बरकरार रखी।जस्टिस रवींद्र मैठाणी और जस्टिस सिद्धार्थ साह की खंडपीठ आपराधिक जेल अपील पर सुनवाई कर रही थी।...

2020 बेंगलुरु दंगा मामला: साढ़े पांच साल जेल में रहने के बाद आरोपी फैरोज पाशा को कर्नाटक हाईकोर्ट से जमानत
2020 बेंगलुरु दंगा मामला: साढ़े पांच साल जेल में रहने के बाद आरोपी फैरोज पाशा को कर्नाटक हाईकोर्ट से जमानत

कर्नाटक हाईकोर्ट ने वर्ष 2020 के बेंगलुरु दंगा मामले में आरोपी फैरोज पाशा को जमानत दी।कोर्ट ने कहा कि पाशा पिछले साढ़े पांच वर्षों से न्यायिक हिरासत में है और इसी मामले के कई सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। ऐसे में समानता के सिद्धांत के आधार पर उसे भी जमानत दी जानी चाहिए।जस्टिस मोहम्मद नवाज और जस्टिस जी. बसवराज की खंडपीठ ने कहा कि आरोपी 12 अगस्त 2020 से जेल में है। आरोपपत्र में 267 गवाहों का उल्लेख किया गया और मुकदमे के जल्द पूरा होने की संभावना नहीं है। ऐसे में लंबे समय से जेल में...

बैंक अकाउंट खोलने पर अंतरिम राहत: कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस को रोजमर्रा के खर्च की दी अनुमति
बैंक अकाउंट खोलने पर अंतरिम राहत: कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस को रोजमर्रा के खर्च की दी अनुमति

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उसके तीन सील किए गए बैंक खातों से रोजमर्रा के खर्च करने की अनुमति दी।हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था विशेष अधिकारी की निगरानी में लागू रहेगी और इससे किसी भी गुट को पार्टी का वास्तविक प्रतिनिधि मानने का कोई संकेत नहीं माना जाएगा।जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने पूर्व जज जस्टिस सुब्रत तालुकदार को विशेष अधिकारी नियुक्त किया। यह अंतरिम व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।कोर्ट ने कहा कि पार्टी के असली गुट...

दोबारा शादी के बाद पहली पति से गुजारा भत्ता क्यों? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के जज से मांगा जवाब
दोबारा शादी के बाद पहली पति से गुजारा भत्ता क्यों? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के जज से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी के अतिरिक्त प्रधान जज, फैमिली कोर्ट से यह स्पष्ट करने को कहा कि पत्नी के तलाक के बाद दोबारा विवाह कर लेने की जानकारी रिकॉर्ड पर होने के बावजूद उसे पहले पति से गुजारा भत्ता देने का आदेश क्यों पारित किया गया।जस्टिस प्रवीण कुमार गिरी की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए झांसी के एडिशनल प्रधान जज, फैमिली कोर्ट से स्पष्टीकरण तलब किया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि वह बताएं कि पत्नी के दूसरे विवाह का तथ्य आपत्ति-पत्र में स्पष्ट रूप से दर्ज होने के बावजूद उसे पहले पति से प्रति माह...

तलाक के बाद भी नहीं खत्म होगी घरेलू हिंसा की जिम्मेदारी, पीड़िता को मिलेगा कानून का संरक्षण: इलाहाबाद हाईकोर्ट
तलाक के बाद भी नहीं खत्म होगी घरेलू हिंसा की जिम्मेदारी, पीड़िता को मिलेगा कानून का संरक्षण: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि पति द्वारा घरेलू हिंसा की गई है, तो बाद में तलाक का डिक्री पारित हो जाने मात्र से वह घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के तहत अपनी कानूनी जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं हो सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा का कृत्य एक बार हो जाने के बाद पीड़िता को कानून के तहत मिलने वाले अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता।जस्टिस बृज राज सिंह की सिंगल बेंच ने कहा,"घरेलू हिंसा का कृत्य एक बार हो जाने के बाद, बाद में पारित तलाक की डिक्री पति को उस कृत्य से...

PMLA की शक्तियां खुला सरकारी आतंकवाद: दुष्यंत दवे, Interview में कहा- लोगों के अधिकारों के उल्लंघन के बावजूद जज मूकदर्शक बने रहते हैं
PMLA की शक्तियां 'खुला सरकारी आतंकवाद': दुष्यंत दवे, Interview में कहा- लोगों के अधिकारों के उल्लंघन के बावजूद जज मूकदर्शक बने रहते हैं

सीनियर एडवोकेट कपिल सिबल के साथ एक इंटरव्यू में सिस्टम की कमियों से निराश होकर वकालत छोड़ देने वाले पूर्व सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे ने हाल ही में 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत मिली शक्तियों की तुलना "खुले सरकारी आतंकवाद" से की।उन्होंने अफ़सोस जताया कि कानून के तहत लोगों के अधिकारों के साफ़ उल्लंघन के बावजूद, आज के जज "मूकदर्शक" बने रहते हैं और सही आदेश पारित करने में नाकाम रहते हैं।दवे ने कहा,"आज एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के पास जिस तरह की शक्तियां हैं, वे चौंकाने वाली...

उल्लंघन करने वाला कंटेंट हटाया जाए: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिकेटर अभिषेक शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स मामले में जारी किया समन
उल्लंघन करने वाला कंटेंट हटाया जाए: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिकेटर अभिषेक शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स मामले में जारी किया समन

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह एक अंतरिम आदेश जारी करेगा, जिसमें क्रिकेटर अभिषेक शर्मा के व्यक्तित्व और उनकी छवि का गलत इस्तेमाल करने वाली कई आपत्तिजनक पोस्ट और लिंक को हटाने का निर्देश दिया जाएगा।जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि वह शर्मा द्वारा अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दायर मामले में अंतरिम आदेश जारी करेंगी।क्रिकेटर की ओर से पेश वकील ने कहा कि एक अतिरिक्त हलफनामा दायर किया गया, जिसमें उन URL की जानकारी है जिन्हें अभी हटाया जाना बाकी है।उन्होंने कहा कि हालांकि कुछ पोस्ट...

आर्टिकल 21 का पहलू: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में आरोपी रूसी नागरिक को दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाज़त दी
'आर्टिकल 21 का पहलू': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में आरोपी रूसी नागरिक को दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाज़त दी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भारत में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश के आरोपों का सामना कर रहे रूसी नागरिक को अपने दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाज़त दे दी है। [2026 LiveLaw (MP) 257]ट्रायल कोर्ट ने उसकी अर्ज़ी सिर्फ़ इस आधार पर खारिज की थी कि उसका बेटा बचपन से ही बीमार है।उक्त आदेश रद्द करते हुए जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की बेंच ने कहा; "सिर्फ़ इस वजह से अर्ज़ी खारिज करना कि याचिकाकर्ता का बेटा बचपन से ही बीमार है, सही नहीं ठहराया जा सकता"।बेंच ने देखा कि इस मामले में...

पैसे के लालच में आए युवा, न कि पेशेवर हत्यारे: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपहरण और हत्या के मामले में मौत की सज़ा बदली
'पैसे के लालच में आए युवा, न कि पेशेवर हत्यारे': बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपहरण और हत्या के मामले में मौत की सज़ा बदली

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक लड़के के अपहरण और हत्या के मामले में दो लोगों की मौत की सज़ा को 30 साल की जेल में बदल दिया। कोर्ट ने कहा कि ये दोनों दोषी 'आम युवा' थे जो अमीर बनने का प्लान फेल होने पर 'परेशान' हो गए थे और 'तुरंत समाधान' के लिए उन्होंने लड़के की हत्या की थी।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की बेंच ने माना कि चेतन पगारे और अमन जाट का परिचित लड़के का अपहरण करना और उसे कई चोटें पहुँचाकर मार डालना 'घिनौना' और 'बेरहम' काम था, लेकिन यह 'दुर्लभतम से दुर्लभ' (rarest of...

सिर्फ़ चिट्ठियां भेजने या देर से अपील करने से लिमिटेशन पीरियड नहीं बढ़ाई जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
सिर्फ़ चिट्ठियां भेजने या देर से अपील करने से 'लिमिटेशन पीरियड' नहीं बढ़ाई जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने सोमवार को फिर कहा कि किसी दावे के लिए तय कानूनी समय-सीमा (लिमिटेशन पीरियड) को अधिकारियों को बार-बार चिट्ठियां या देर से अपील (रिप्रेजेंटेशन) भेजकर नहीं बढ़ाया जा सकता, खासकर तब जब राज्य-प्रतिवादी (सरकारी पक्ष) ने अपनी देनदारी स्वीकार न की हो।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने कहा कि एक बार जब समय-सीमा की घड़ी चलना शुरू हो जाती है तो उसे सिर्फ़ "एकतरफ़ा" चिट्ठियां या संदेश भेजकर रोका या बढ़ाया नहीं जा सकता।कोर्ट ने यह भी कहा कि अनुच्छेद...

Same Sex Marriage
शादी को कानूनी मान्यता मिले बिना सेम-सेक्स कपल 'जीवनसाथी' के तौर पर मिलने वाले टैक्स फ़ायदों का दावा नहीं कर सकते: IT डिपार्टमेंट ने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा

इनकम टैक्स एक्ट (IT Act) की धारा 56(2)(x) के तहत 'छूट' का फ़ायदा पाने के लिए—जो विपरीत लिंग वाले जोड़ों (Heterosexual Couples) के बीच उपहारों पर टैक्स से छूट देती है—एक सेम-सेक्स कपल को पहले अपने रिश्ते को कानूनी रूप से 'शादी' या 'जीवनसाथी' (Spouse) आदि के तौर पर मान्यता दिलानी होगी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट को यह बात बताई।इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक सेम-सेक्स कपल की याचिका का विरोध किया। इस याचिका में IT Act की धारा 56(2)(x) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई, जो...

पालतू कुत्ते हेनरी से मिलने के अधिकार की मांग: महुआ मोइत्रा की याचिका पर अगले हफ़्ते फैसला करेगा दिल्ली हाईकोर्ट
पालतू कुत्ते 'हेनरी' से मिलने के अधिकार की मांग: महुआ मोइत्रा की याचिका पर अगले हफ़्ते फैसला करेगा दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह अगले हफ़्ते तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और उनके पूर्व पार्टनर वकील जय अनंत देहाद्रई के बीच 'हेनरी' (एक रॉटवाइलर कुत्ता) की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद पर सुनवाई करेगा।जस्टिस जसमीत सिंह ने देहाद्रई के वकील, सीनियर एडवोकेट पर्सिवल बिलिमोरिया से पूछा कि क्या वह मोइत्रा को उस पालतू कुत्ते से मिलने का अधिकार देने के लिए सहमत हैं, जो अभी देहाद्रई की कस्टडी में है।बिलिमोरिया ने कोर्ट को बताया कि ऐसी व्यवस्था संभव नहीं है।उन्होंने कहा,"इसके पीछे कुत्ते के...

गुरुग्राम कोर्ट गेस्ट हाउस से चल रही है: टावर ऑफ़ जस्टिस प्रोजेक्ट में देरी पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई
गुरुग्राम कोर्ट गेस्ट हाउस से चल रही है: 'टावर ऑफ़ जस्टिस' प्रोजेक्ट में देरी पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई

गुरुग्राम ज़िला न्यायपालिका के नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स के पूरा होने में लगातार हो रही देरी का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य अधिकारियों की लापरवाही के कारण अदालतों के कामकाज को खतरे में नहीं डाला जा सकता, खासकर तब जब आग लगने की घटना के बाद अभी न्यायिक कामकाज एक गेस्ट हाउस से चलाया जा रहा है।सात एकड़ में फैला 'टावर ऑफ़ जस्टिस', जिसे हरियाणा सरकार ने 2017 में उत्तर भारत का सबसे बड़ा न्यायिक परिसर बताया था।पहले दिए गए निर्देशों के अनुसार, गुरुग्राम के ज़िला जज...

चिंताजनक स्थिति: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा पाए दोषी को 6 साल से कम सज़ा काटने के बाद सज़ा में छूट देने पर सवाल उठाए
'चिंताजनक स्थिति': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा पाए दोषी को 6 साल से कम सज़ा काटने के बाद सज़ा में छूट देने पर सवाल उठाए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के लिए उम्रकैद की सज़ा पाए एक दोषी को सज़ा में छूट देने पर गंभीर चिंता जताई, जिसे अपनी सज़ा के केवल 5 साल, 10 महीने और 18 दिन काटने के बाद रिहा कर दिया गया।जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की बेंच ने इसे "चिंताजनक स्थिति" करार दिया।कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) से एक व्यक्तिगत हलफनामा भी मांगा, जिसमें उन मानदंडों और आधारों का खुलासा किया जाए जिनके आधार पर ऐसी छूट दी गई।यह बेंच मुख्य रूप से शैलेंद्र सिंह द्वारा दायर एक आपराधिक रिट याचिका पर...

अपनी मर्ज़ी से फ़ैसला लेने में कानूनी तौर पर सक्षम: बॉम्बे हाईकोर्ट ने ज़बरदस्ती शादी से बचने के लिए घर छोड़ने वाली बालिग़ महिला की मदद की
'अपनी मर्ज़ी से फ़ैसला लेने में कानूनी तौर पर सक्षम': बॉम्बे हाईकोर्ट ने ज़बरदस्ती शादी से बचने के लिए घर छोड़ने वाली बालिग़ महिला की मदद की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि 21 साल की बालिग़ महिला कानूनी तौर पर यह तय करने में सक्षम है कि वह कहां रहना चाहती है और किससे शादी करना चाहती है। इसलिए उसके माता-पिता और राज्य उसे उसकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ कोई फ़ैसला लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। कोर्ट ने मुंबई पुलिस को निर्देश दिया कि वह एक युवा मुस्लिम महिला के बारे में 'गुमशुदा व्यक्ति' की शिकायत पर कार्रवाई न करें, जिसने अपने माता-पिता की पसंद के अनुसार शादी से बचने के लिए हैदराबाद में अपना घर छोड़ दिया था।एक्टिंग चीफ़ जस्टिस रवींद्र घुगे और...