हाईकोर्ट

श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव मामला फिर खुला: हाईकोर्ट ने सरकार को फटकारा, कहा- विरोधाभासी रुख अपनाकर प्रक्रिया में देरी की
श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव मामला फिर खुला: हाईकोर्ट ने सरकार को फटकारा, कहा- विरोधाभासी रुख अपनाकर प्रक्रिया में देरी की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने श्योपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष चुनाव को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को फिर से बहाल किया।अदालत ने राज्य सरकार और निर्वाचित अध्यक्ष रेणु गर्ग के विरोधाभासी रुख पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि दोनों ने अलग-अलग मंचों पर अलग दलीलें देकर न्यायिक प्रक्रिया में देरी की।जस्टिस आशीष श्रोती की पीठ ने प्रथम जिला जज के उस आदेश रद्द किया, जिसमें चुनाव याचिका समयपूर्व बताते हुए खारिज की गई।श्योपुर नगर पालिका परिषद के चुनाव जुलाई 2022 में हुए थे जिनमें 23 पार्षद चुने गए। इसके बाद 5...

तलाकशुदा बेटी को पारिवारिक पेंशन से वंचित करना भेदभावपूर्ण: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
तलाकशुदा बेटी को पारिवारिक पेंशन से वंचित करना भेदभावपूर्ण: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि तलाकशुदा बेटी को पारिवारिक पेंशन के अधिकार से बाहर नहीं रखा जा सकता। अदालत ने माना कि ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन होगा।जस्टिस विशाल धगत की पीठ ने कहा,“यदि तलाकशुदा बेटियों को परिवार की परिभाषा में शामिल नहीं किया जाता, तो यह संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा, क्योंकि अविवाहित, विवाहित और तलाकशुदा बेटी में कोई अंतर नहीं है।”मामला ज्योति नामक महिला से जुड़ा था जो...

POCSO मामलों में पूरा प्रवेश या हाइमन फटना जरूरी नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 20 साल की सजा बरकरार रखी
POCSO मामलों में पूरा प्रवेश या हाइमन फटना जरूरी नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 20 साल की सजा बरकरार रखी

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने POCSO Act के महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया कि यौन उत्पीड़न साबित करने के लिए पूरा प्रवेश या हाइमन का फटना जरूरी नहीं है।अदालत ने कहा कि मामूली स्तर का प्रवेश भी कानून के तहत भेदक यौन उत्पीड़न माना जाएगा।हाईकोर्ट ने 9 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी सतीश राय की सजा बरकरार रखते हुए उसकी अपील खारिज की। आरोपी को स्पेशल POCSO कोर्ट ने गंभीर भेदक यौन उत्पीड़न का दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।जस्टिस माइकल जोथनखुमा और जस्टिस संजीव कुमार शर्मा की...

CBI ने जब दोषमुक्त कर दिया हो तो ED कार्रवाई नहीं चला सकती: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामला रद्द किया
CBI ने जब दोषमुक्त कर दिया हो तो ED कार्रवाई नहीं चला सकती: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामला रद्द किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में लुई ड्रेफस कंपनी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही रद्द की। अदालत ने कहा कि जब मूल अपराध की जांच कर रही CBI किसी कंपनी की संलिप्तता नहीं पाती, तब प्रवर्तन निदेशालय (ED) उसी आधार पर धनशोधन का मुकदमा नहीं चला सकता।जस्टिस सुव्रा घोष ने कहा कि ED ने कंपनी के खिलाफ कोई स्वतंत्र साक्ष्य पेश नहीं किया और मुख्य रूप से सह-आरोपी के बयान पर ही भरोसा किया।अदालत ने स्पष्ट कहा,“याचिकाकर्ता के खिलाफ ऐसा कोई ठोस सामग्री उपलब्ध नहीं है,...

30 साल फरार रहने के बाद गिरफ्तार हत्या आरोपी को राहत: राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- मानसिक रूप से अक्षम व्यक्ति पर निष्पक्ष सुनवाई संभव
30 साल फरार रहने के बाद गिरफ्तार हत्या आरोपी को राहत: राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- मानसिक रूप से अक्षम व्यक्ति पर निष्पक्ष सुनवाई संभव

राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के एक आरोपी को राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा है, जिसमें 30 साल तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी को रिहा करने का निर्देश दिया गया। अदालत ने माना कि आरोपी डिमेंशिया जैसी गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित है और वह अदालत की कार्यवाही को समझने या उसमें भाग लेने की स्थिति में नहीं है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। यदि आरोपी मानसिक रूप से सक्षम नहीं है तो...

शून्य अंक वालों की नौकरी रद्द: राजस्थान हाईकोर्ट ने 1200 से अधिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का चयन किया निरस्त
शून्य अंक वालों की नौकरी रद्द: राजस्थान हाईकोर्ट ने 1200 से अधिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का चयन किया निरस्त

राजस्थान हाईकोर्ट ने चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारियों की भर्ती में बड़ा फैसला सुनाते हुए करीब 1200 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन रद्द किया। इनमें अधिकांश उम्मीदवार आरक्षित वर्ग से थे जिन्हें लिखित परीक्षा में शून्य या लगभग शून्य अंक मिलने के बावजूद चयनित कर लिया गया।जस्टिस आनंद शर्मा की सिंगल बेंच ने कहा कि सरकारी नौकरी कोई दान या कृपा नहीं है। हर सरकारी पद, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो सार्वजनिक जिम्मेदारी से जुड़ा होता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए भी न्यूनतम योग्यता...

सोना तस्करी मामले में हाईकोर्ट ने दिया थाई महिला का पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया, कहा- अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षा विदेशी नागरिकों पर भी लागू होती है
सोना तस्करी मामले में हाईकोर्ट ने दिया थाई महिला का पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया, कहा- अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षा विदेशी नागरिकों पर भी लागू होती है

राजस्थान हाईकोर्ट ने थाई नागरिक का पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया, जिस पर बार-बार सोने की तस्करी करने का आरोप है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी अनुमति न देना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उसके मौलिक अधिकार का उल्लंघन होगा।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने आगे कहा कि आरोपी के अपने देश भाग जाने की आशंका को दूर करने के लिए पर्याप्त कानूनी सुरक्षा उपाय मौजूद हैं, जो 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स ऑर्डर, 2025' के रूप में उपलब्ध हैं।कोर्ट ने कहा,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाली सुरक्षा, जो जीवन और...

मुकदमेबाज़ वकील पर दोष मढ़कर सालों की देरी के बाद खत्म हो चुकी कार्यवाही को दोबारा शुरू नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
मुकदमेबाज़ वकील पर दोष मढ़कर सालों की देरी के बाद खत्म हो चुकी कार्यवाही को दोबारा शुरू नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (criminal revision petition) को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज करने वाला आदेश वापस लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने यह माना कि किसी मुकदमेबाज़ को बार-बार मौके दिए जाने के बाद भी केवल अपने वकील की गलतियों का आरोप लगाकर लंबे समय से लंबित कार्यवाही को दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।जस्टिस नीरजा के. कालसन ने कहा,"रिकॉर्ड से जो आचरण सामने आया, वह किसी एक तारीख के किसी एक काम तक ही सीमित नहीं है। बल्कि, इस कोर्ट द्वारा बार-बार मौके...

पेशेवर कामों के लिए वकीलों पर केस चलाना मतलब बार का अंत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ साज़िश की FIR रद्द की
पेशेवर कामों के लिए वकीलों पर केस चलाना मतलब 'बार का अंत': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ साज़िश की FIR रद्द की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य के कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट को वकील के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए फटकार लगाई। वकील ने यह काम अपनी पेशेवर हैसियत से किया था।एक कड़ा संदेश देते हुए जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की बेंच ने कहा कि अगर वकीलों पर पेशेवर काम करने के लिए केस चलाया जाता है तो यह "बार के अस्तित्व का ही अंत" होगा। साथ ही एडवोकेट्स एक्ट के तहत प्रैक्टिस करने के वकील के अधिकार का भी अंत होगा।इस तरह बेंच ने हाईकोर्ट में 'एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड' और याचिकाकर्ता-समर्पण जैन के खिलाफ...

दहेज हत्या के मामलों में आजीवन कारावास को सामान्य प्रक्रिया के तौर पर नहीं दिया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
दहेज हत्या के मामलों में आजीवन कारावास को 'सामान्य प्रक्रिया' के तौर पर नहीं दिया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि IPC की धारा 304-B ​​के तहत दहेज हत्या के अपराध के लिए अधिकतम सज़ा, यानी आजीवन कारावास, को "सामान्य प्रक्रिया" के तौर पर नहीं थोपा जाना चाहिए। इसके बजाय, यह 'कठोरतम' सज़ा केवल "दुर्लभतम से दुर्लभ" मामलों में ही दी जानी चाहिए।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने 2012 के एक दहेज हत्या मामले में पति और उसके माता-पिता की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की।हालांकि, खंडपीठ ने 'आनुपातिक सज़ा' के सिद्धांत को लागू करते हुए ट्रायल कोर्ट...

भरण-पोषण न देने पर पति को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
भरण-पोषण न देने पर पति को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि भरण-पोषण राशि की वसूली के लिए की जाने वाली गिरफ्तारी केवल पालन सुनिश्चित कराने का माध्यम है, इसे अनिश्चितकालीन दंडात्मक कारावास में नहीं बदला जा सकता।जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने अक्टूबर 2025 से जेल में बंद एक मजदूर को रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि किसी निर्धन व्यक्ति को लंबे समय तक जेल में रखने से भरण-पोषण कानून का उद्देश्य ही विफल हो सकता है, क्योंकि वह भविष्य में कमाकर भुगतान करने में असमर्थ हो जाता है।अदालत ने कहा,“किसी निर्धन व्यक्ति की लगातार हिरासत,...

उन्नाव दुष्कर्म मामले में कुलदीप सेंगर की दलील- मैं लोकसेवक नहीं, फिर भी कठोर सजा दी गई
उन्नाव दुष्कर्म मामले में कुलदीप सेंगर की दलील- मैं लोकसेवक नहीं, फिर भी कठोर सजा दी गई

उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को चुनौती देते हुए पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि उन्हें लोकसेवक मानकर कठोर सजा दी गई, जबकि वह कानून की उस परिभाषा में नहीं आते।मंगलवार को जस्टिस प्रतिभा सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ सेंगर की अपील पर सुनवाई कर रही थी।सुनवाई के दौरान सेंगर की ओर से सीनियर एडवोकेट एन. हरिहरन ने कहा कि पीड़िता की उम्र ऐसी नहीं थी कि मामला POCSO कानून के दायरे में आए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता की गवाही उच्च विश्वसनीयता...

प्राइवेट स्कूल अतिरिक्त धनराशि रख सकते हैं, केवल सरप्लस होना मुनाफाखोरी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
प्राइवेट स्कूल अतिरिक्त धनराशि रख सकते हैं, केवल सरप्लस होना मुनाफाखोरी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्राइवेट गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को अतिरिक्त धनराशि रखने की कानूनी अनुमति है और केवल किसी स्कूल के पास अधिशेष राशि होने भर से उसे मुनाफाखोरी या शिक्षा के व्यावसायीकरण का दोषी नहीं माना जा सकता।जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने कहा,“किसी निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूल के पास अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध होना, चाहे वह कितनी भी अधिक क्यों न हो, केवल इसी आधार पर शिक्षा निदेशालय यह निष्कर्ष नहीं निकाल सकता कि स्कूल व्यावसायीकरण या मुनाफाखोरी कर रहा है। इसलिए...

बाल मजदूरों की बकाया मजदूरी दिलाने के लिए लापता मालिकों का पता लगाए पुलिस: दिल्ली हाईकोर्ट
बाल मजदूरों की बकाया मजदूरी दिलाने के लिए लापता मालिकों का पता लगाए पुलिस: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए बच्चों की बकाया मजदूरी की वसूली सुनिश्चित करने के लिए उन मालिकों का सक्रिय रूप से पता लगाया जाए, जो फिलहाल लापता या पहुंच से बाहर हैं।जस्टिस सचिन दत्ता की एकलपीठ ने कहा कि बचाए गए बाल मजदूरों को उनका बकाया भुगतान दिलाना और पुनर्वास से जुड़े कानूनी प्रावधानों का पालन कराना प्रशासनिक अधिकारियों की वैधानिक जिम्मेदारी है।अदालत ने यह आदेश तीन नाबालिग लड़कियों की माताओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। ये...

संजय कपूर की EPF राशि से बच्चों की स्कूल फीस भरने की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस
संजय कपूर की EPF राशि से बच्चों की स्कूल फीस भरने की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगपति स्वर्गीय संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर की उस अर्जी पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अदालत से संजय कपूर की EPF राशि का उपयोग कर करिश्मा कपूर के बच्चों की स्कूल फीस और शिक्षा संबंधी खर्च चुकाने की अनुमति मांगी।जस्टिस अवनीश झिंगन ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अर्जी की सुनवाई किसी अन्य पीठ द्वारा किए जाने की वैधता का मुद्दा खुला रखा गया है। मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी।यह अर्जी उस लंबित मुकदमे में...

शादी टूटने या पति के छोड़ने भर से दोबारा सक्रिय नहीं हो सकती रद्द की गई दुष्कर्म FIR : दिल्ली हाईकोर्ट
शादी टूटने या पति के छोड़ने भर से दोबारा सक्रिय नहीं हो सकती रद्द की गई दुष्कर्म FIR : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि समझौते और बाद में हुई शादी के आधार पर रद्द की गई दुष्कर्म की FIR को केवल इस वजह से दोबारा बहाल नहीं किया जा सकता कि बाद में वैवाहिक संबंध टूट गए या पति ने पत्नी को छोड़ दिया।जस्टिस अमित महाजन की एकलपीठ ने कहा कि FIR रद्द होने के बाद उत्पन्न वैवाहिक विवाद या आरोप अपने आप में उस न्यायिक आदेश को अमान्य नहीं बना सकते, जो अंतिम रूप ले चुका हो।अदालत ने कहा,“यदि बाद में उत्पन्न हर वैवाहिक विवाद, शादी टूटने या आरोपों के आधार पर समाप्त आपराधिक कार्यवाही...

संदिग्ध लेनदेन के नाम पर पूरा वेतन अकाउंट फ्रीज करना आजीविका के अधिकार का उल्लंघन: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
संदिग्ध लेनदेन के नाम पर पूरा वेतन अकाउंट फ्रीज करना आजीविका के अधिकार का उल्लंघन: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि केवल कुछ संदिग्ध लेनदेन की जांच चलने के आधार पर किसी कार्यरत विशेष सशस्त्र बल कर्मी को उसके वैध वेतन से वंचित नहीं किया जा सकता।अदालत ने माना कि पूरे वेतन खाते पर रोक लगाना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले आजीविका के अधिकार का उल्लंघन है।जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने बैंक को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता के वेतन खाते का संचालन बहाल किया जाए। हालांकि जिन लेनदेन पर संदेह है या जो जांच के दायरे में हैं, उन पर रोक जांच एजेंसी के अगले आदेश तक जारी रह सकती...

घर से वकालत करने पर व्यावसायिक बिजली दर नहीं वसूली जा सकती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
घर से वकालत करने पर व्यावसायिक बिजली दर नहीं वसूली जा सकती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि यदि कोई वकील अपने आवास से कार्यालय संचालित करता है तो उससे व्यावसायिक दर पर बिजली शुल्क नहीं वसूला जा सकता।अदालत ने स्पष्ट किया कि वकालत को व्यावसायिक गतिविधि नहीं माना जा सकता।जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने कहा,“यदि वकील का कार्यालय आवासीय परिसर में स्थित है, तो उसे व्यावसायिक गतिविधि नहीं कहा जा सकता। हालांकि यदि कार्यालय किसी व्यावसायिक भवन में संचालित हो रहा हो तब वह व्यावसायिक दर से छूट नहीं मांग सकता।”अदालत ने आगे कहा कि किसी...