हाईकोर्ट
"आम आदमी कहां जाए?" हाईकोर्ट ने अवैध फेरीवालों के मुद्दे पर एक-दूसरे पर ज़िम्मेदारी डालने के लिए BMC और पुलिस को फटकारा
बॉम्बे हाईकोर्ट में अवैध फेरीवालों के मुद्दे पर सुनवाई मंगलवार (21 अप्रैल) को एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई, जब कोर्ट ने दो वकीलों को तुरंत CST रेलवे स्टेशन से लेकर हाईकोर्ट तक के इलाके का मुआयना करने के लिए भेजा।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाटा की डिवीज़न बेंच ने उपनगरीय गोरेगांव के BJP पार्षद हर्ष पटेल की शिकायत पर संज्ञान लिया। हर्ष पटेल ने बताया कि नागरिक निकाय अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहा है, जिसके चलते वे सभी सार्वजनिक जगहों, यहाँ तक कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर भी अपनी...
पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित, गुवाहाटी हाईकोर्ट में दोनों पक्षकारों की जोरदार बहस
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज FIR से जुड़ा है, जिसमें कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए गए ।जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की पीठ ने दोनों पक्षकारों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री...
हेट स्पीच याचिकाएं: असम CM पर आरोप- नोटिस के बाद भी भड़काऊ बयान जारी, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
गुवाहाटी हाईकोर्ट में दायर हेट स्पीच से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा ने अदालत के नोटिस के बाद भी कथित तौर पर भड़काऊ बयान देना जारी रखा है। कोर्ट ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय दे दिया।चीफ जस्टिस अशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 28 मई के लिए तय की है और निर्देश दिया है कि तब तक सभी प्रतिवादी अपना हलफनामा दाखिल करें।सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट...
मृतक के रिश्तेदार का कोर्ट स्टाफ़ या वकील के तौर पर मौजूद होना, आपराधिक मुक़दमे को ट्रांसफ़र करने का आधार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऐसे आदेश को सही ठहराया, जिसमें मजिस्ट्रेट कोर्ट से आपराधिक मुक़दमे को ट्रांसफ़र करने से मना किया गया था। इसकी वजह सिर्फ़ यह थी कि मृतक का बेटा मजिस्ट्रेट के मिनिस्ट्रियल स्टाफ़ में है और दूसरा बेटा प्रैक्टिसिंग वकील थाहैजस्टिस हिमांशु जोशी ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि मृतक का कोई रिश्तेदार मिनिस्ट्रियल पद पर काम कर रहा है, यह मान लेना सही नहीं है कि पीठासीन अधिकारी (जज) प्रभावित होंगे।बेंच ने कहा:"एक कोर्ट रीडर, जो कि मिनिस्ट्रियल स्टाफ़ का हिस्सा होता है, उसकी फ़ैसला लेने...
जज की आलोचना पर बोला दिल्ली हाईकोर्ट, कहा- आलोचना ज़िम्मेदार और ठोस सबूतों पर आधारित होनी चाहिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जजों की आलोचना ज़िम्मेदार और ठोस सबूतों पर आधारित होनी चाहिए, क्योंकि जब उन पर हमले होते हैं - खासकर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर - तो वे सार्वजनिक रूप से अपना बचाव नहीं कर सकते।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीज़न बेंच ने कहा कि कोई भी आलोचना ठोस आधार पर होनी चाहिए, खासकर इसलिए क्योंकि जज के पास सार्वजनिक रूप से अपने कामों को सही ठहराने का कोई ज़रिया नहीं होता।कोर्ट ने कहा,"अगर किसी को किसी न्यायिक अधिकारी की ईमानदारी या काबिलियत पर सवाल उठाना है तो यह...
'अनुकंपा नियुक्ति विशेष छूट है, किंतु देर से किए गए दावों के लिए नहीं': पटना हाईकोर्ट ने 25 साल के अंतराल के बाद अपील खारिज की
पटना हाईकोर्ट ने फिर दोहराया कि अनुकंपा नियुक्ति का मकसद तत्काल आर्थिक राहत देना है और लंबे समय बीत जाने के बाद इसका दावा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने एक कर्मचारी के लापता होने के लगभग 25 साल बाद दायर की गई इंट्रा-कोर्ट अपील खारिज की।जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस शैलेंद्र सिंह की डिवीज़न बेंच C.W.J.C. No. 6835 of 2017 में सिंगल जज द्वारा 02.09.2024 को दिए गए फैसले को चुनौती देने वाली लेटर्स पेटेंट अपील पर सुनवाई कर रही थी।यह मामला अपीलकर्ता के अनुकंपा नियुक्ति के दावे से जुड़ा था। अपीलकर्ता के...
विदेशी अदालत का आदेश अंतिम नहीं, बच्चों का हित सर्वोपरि: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अमेरिका का कस्टडी आदेश मानने से किया इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि बच्चों की भलाई किसी भी विदेशी अदालत के आदेश से ऊपर है। कोर्ट ने अमेरिका के टेक्सास की अदालत द्वारा दिए गए कस्टडी आदेश को भारत में लागू करने से इनकार किया।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि विदेशी अदालत का आदेश एक प्रासंगिक पहलू हो सकता है लेकिन यह अंतिम और बाध्यकारी नहीं है खासकर जब मामला बच्चों के हित से जुड़ा हो।कोर्ट ने कहा,“कोर्टों के पारस्परिक सम्मान का सिद्धांत महत्वपूर्ण है, लेकिन यह बच्चों के...
498ए मामले में ननद को राहत, राजस्थान कोर्ट ने कहा-भावावेश में दूर के रिश्तेदारों को भी फंसा दिया जाता है
राजस्थान हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामले में मृतका की विवाहित ननद के खिलाफ दर्ज कार्यवाही रद्द की। कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवादों में अक्सर भावावेश में दूर के रिश्तेदारों को भी आरोपी बना दिया जाता है, जबकि उनके खिलाफ ठोस आधार नहीं होता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने यह टिप्पणी करते हुए मजिस्ट्रेट द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC) धारा 498ए के तहत लिए गए संज्ञान को आंशिक रूप से निरस्त किया।मामले में याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है और...
बेटी के स्कूल दाखिले के लिए दहेज मृत्यु मामले के आरोपी को 15 दिन की अंतरिम जमानत: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दहेज मृत्यु के मामले में आरोपी को अपनी बेटी के स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राहत केवल सीमित उद्देश्य और निर्धारित अवधि के लिए ही दी जा रही है।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने आरोपी रिहान खान उर्फ दुलारे की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं 498ए, 304बी, 120बी, 313 और 511 के साथ दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप हैं।सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया...
देश विरोधी नैरेटिव फैलाने के कारण लगाई गई 4PM चैनल पर रोक: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
दिल्ली हाइकोर्ट में केंद्र सरकार ने 4PM नामक यूट्यूब चैनल पर लगाई गई रोक का बचाव करते हुए कहा कि यह मंच देश विरोधी प्रचार और एकतरफा नैरेटिव फैलाने में लिप्त था। सरकार ने कहा कि चैनल की सामग्री भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक पाई गई।सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया कि इस चैनल पर लगातार ऐसी सामग्री प्रसारित की जा रही थी, जो कल्पनाओं, षड्यंत्र सिद्धांतों और भ्रामक तथ्यों पर आधारित थी। सरकार के अनुसार इन वीडियो में भारत की विदेश नीति, रक्षा,...
फर्जी वाहन रजिस्ट्रेशन रैकेट: RTO क्लर्क को अग्रिम जमानत से इनकार, दिल्ली हाईकोर्ट सख्त
दिल्ली हाईकोर्ट ने देशभर में फैले कथित फर्जी वाहन रजिस्ट्रेशन गिरोह से जुड़े एक RTO क्लर्क को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता और जांच के स्तर को देखते हुए यह राहत देना उचित नहीं है।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने आरोपी गौरव भारद्वाज की याचिका खारिज करते हुए यह आदेश दिया। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज है और मामले की जांच अपराध शाखा कर रही है।अभियोजन के अनुसार आरोपी हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर स्थित RTO कार्यालय में क्लर्क के रूप...
टोल कलेक्शन की रियल-टाइम निगरानी के लिए तकनीकी सिस्टम लागू करे NHAI: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को निर्देश दिया है कि वह टोल कलेक्शन की रियल-टाइम निगरानी के लिए एक स्वचालित, तकनीक-आधारित सिस्टम विकसित करे, ताकि “विंडफॉल गेन” जैसी स्थितियों की समय रहते पहचान कर सार्वजनिक धन के नुकसान को रोका जा सके।यह निर्देश महाराष्ट्र के पावनगांव टोल प्लाजा से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें टोल कलेक्शन अनुबंध को समय से पहले समाप्त किए जाने को चुनौती दी गई थी।जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने अनुबंध समाप्ति को...
संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ से वंचित करना तर्कहीन: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि राज्य सरकार द्वारा लंबे समय से कार्यरत संविदा, आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों को नियमितीकरण नीति के लाभ से बाहर रखना तर्कहीन है। अदालत ने राज्य को निर्देश दिया कि ऐसे कर्मचारियों का उचित वर्गीकरण कर उन्हें वेतन और सेवा संबंधी सभी लाभ प्रदान किए जाएं।जस्टिस विशाल धगत की पीठ ने कहा कि यदि राज्य सरकार किसी कर्मचारी की सेवाएं लगातार ले रही है, तो उसे कम वेतन देकर उसके जीवनयापन के अधिकार और आर्थिक न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता।मामले का...
क्रॉस-वोटिंग के आधार पर चुनाव रद्द करना गलत, ट्रिब्यूनल ने की “मोरल पुलिसिंग”: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मलताई नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव को रद्द करने के चुनाव ट्रिब्यूनल के फैसले को निरस्त करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि ट्रिब्यूनल ने “मोरल पुलिसिंग” करते हुए अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर निर्णय दिया।जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने कहा कि जब चुनाव पार्टी लाइन पर नहीं लड़ा गया था, तब “क्रॉस-वोटिंग” का सवाल ही नहीं उठता और इसे भ्रष्ट आचरण का आधार नहीं बनाया जा सकता।मामले की पृष्ठभूमिमामला वर्ष 2022 में हुए नगर पालिका परिषद, मलताई के अध्यक्ष चुनाव से जुड़ा...
चेक मामले में आरोपी को मजबूत बचाव का अधिकार, हस्ताक्षर जांच के लिए FSL भेजने का आदेश: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 139 के तहत चेक धारक के पक्ष में जो कानूनी अनुमान बनाया गया, उससे आरोपी पर अपने बचाव का बोझ बढ़ जाता है। ऐसे में निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार और अधिक मजबूत हो जाता है और उसे पूरा अवसर दिया जाना आवश्यक है।जस्टिस अनूप कुमार ढांढ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें आरोपी के चेक पर हस्ताक्षर की FSL जांच कराने के आवेदन को खारिज कर दिया गया।मामले में आरोपी का शुरू से ही यह कहना था कि विवादित चेक पर उसके...
अल्लू अर्जुन के पर्सनालिटी राइट्स की रक्षा, AI दुरुपयोग और आपत्तिजनक सामग्री पर रोक: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दक्षिण भारतीय एक्टर अल्लू अर्जुन के पर्सनालिटी की रक्षा करते हुए एक अहम अंतरिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने बिना अनुमति उनके नाम, छवि, आवाज, शैली और अन्य विशिष्ट पहचान के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाई। साथ ही AI, डीपफेक और आपत्तिजनक सामग्री के जरिए दुरुपयोग को भी प्रतिबंधित किया।जस्टिस तुषार राव गेडेला ने कहा कि एक्टर की पहचान से जुड़े तत्व जैसे नाम, रूप-रंग, आवाज, संवाद बोलने का अंदाज, हाव-भाव और पहनावा उनकी विशिष्ट पहचान हैं और इन पर उनका विशेष अधिकार है।यह आदेश उस वाद में पारित...
अंतरदेशीय गोद लेने में 'NOC' देना जरूरी, केवल सपोर्ट लेटर से काम नहीं चलेगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि अंतरदेशीय गोद लेने के मामलों में केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कारा को विदेशी मंजूरियां सुनिश्चित कर अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करना अनिवार्य है केवल सपोर्ट लेटर देकर दायित्व पूरा नहीं किया जा सकता।जस्टिस सचिन दत्ता ने यह आदेश उस याचिका पर दिया, जिसमें दत्तक माता-पिता ने अपने बच्चे को कनाडा ले जाने के लिए NOC की मांग की थी। दंपत्ति ने हिंदू दत्तक और भरण-पोषण...
बैंक गार्ड की नौकरी में आपराधिक जानकारी छिपाना गंभीर, नियुक्ति रद्द करना सही: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बैंक में गार्ड जैसे पद पर नियुक्ति के दौरान उम्मीदवार के आपराधिक पृष्ठभूमि की पूरी और सच्ची जानकारी देना अनिवार्य है, क्योंकि इस पद में हथियारों का उपयोग शामिल होता है। कोर्ट ने इसी आधार पर एक बैंक गार्ड की सेवा समाप्ति को सही ठहराया।जस्टिस संजीव नरूला की पीठ ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में कार्यरत गार्ड की याचिका खारिज की, जिसने अपनी सेवा समाप्ति को चुनौती दी थी।मामले के अनुसार याचिकाकर्ता ने नियुक्ति के समय भरे गए सत्यापन फॉर्म में यह बताया था कि उसके खिलाफ कोई आपराधिक...
नाबालिग बच्चे का भरण-पोषण टाल नहीं सकता पिता, मां की आय या कर्ज का बहाना स्वीकार नहीं: उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि पिता अपने नाबालिग बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से यह कहकर बच नहीं सकता कि मां भी कमाती है या उस पर कर्ज और पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे के भरण-पोषण का दायित्व सर्वोच्च है और स्वेच्छा से लिए गए वित्तीय बोझ इस जिम्मेदारी को कम नहीं कर सकते।जस्टिस आशीष नैथानी ने रुड़की फैमिली कोर्ट केा आदेश बरकरार रखा, जिसमें पिता को नाबालिग बच्चे के लिए प्रति माह 8,000 रुपये अंतरिम भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था।मामला...
एक ही FIR में दोबारा गिरफ्तारी पर कारण दोबारा बताना जरूरी नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि एक ही FIR में दूसरी बार गिरफ्तारी होने पर पुलिस को हर बार गिरफ्तारी के कारण दोबारा देने की आवश्यकता नहीं होती, यदि पहले ही यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी हो। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक बार आरोपी को गिरफ्तारी के आधार बता दिए जाएं तो कानून में उन्हें बार-बार दोहराने की कोई अनिवार्यता नहीं है।जस्टिस जसजीत सिंह बेदी इस मामले में दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर अपनी दोबारा...




















