हाईकोर्ट

दमोह स्कूल हिजाब विवाद: हाईकोर्ट ने स्टाफ और पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ धर्म परिवर्तन की FIR बरकरार रखी, कहा- आरोप बेतुके नहीं
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दमोह के स्कूल के पूर्व पदाधिकारियों, टीचर और चपरासी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया। इन पर स्कूल के छात्रों पर अनिवार्य हिजाब और कुछ धार्मिक रीति-रिवाजों को थोपने का आरोप है। कोर्ट ने कहा कि इन आरोपों को बेतुका या अपराध न मानने लायक नहीं कहा जा सकता। [2026 LiveLaw (MP) 361]कोर्ट ने कहा कि आरोपों की सच्चाई सबूतों की जांच पर निर्भर करेगी और जांच के दौरान इकट्ठा किए गए बयानों और अन्य सामग्री को नजरअंदाज करके सिर्फ FIR को चुन-चुनकर पढ़ने से इसका फैसला नहीं किया जा...

रेप के आरोपी ने पीड़िता के ससुराल वालों को वीडियो भेजे, अपने पक्ष में बयान देने का दबाव बनाया: एमपी हाईकोर्ट ने ज़मानत रद्द की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रेप के आरोपी की ज़मानत रद्द की। कोर्ट ने पाया कि आरोपी ने पीड़िता पर अपने पक्ष में बयान देने का दबाव बनाने के लिए उसके ससुराल वालों को वीडियो भेजे थे। [2026 LiveLaw (MP) 358]रेप के मामलों में पीड़िता की गरिमा और पहचान की सुरक्षा को सबसे ज़रूरी बताते हुए जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की बेंच ने कहा:"IPC की धारा 376 और 506 के तहत मामले में पीड़िता की पहचान और गरिमा की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। ज़मानत पर रिहा हुए व्यक्ति को कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों का सख्ती से पालन...

अजीत भारती ने SC/ST Act मामले में अग्रिम ज़मानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
यूट्यूबर और कमेंटेटर अजीत भारती ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत दर्ज एक मामले में अग्रिम ज़मानत (Anticipatory Bail) के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की।इस मामले की सुनवाई अगले हफ़्ते होने की संभावना है।भारती ने ट्रायल कोर्ट के 7 सितंबर के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उन्हें ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया।इस आदेश में, ASJ (एडिशनल सेशन जज) ने कहा कि एक मौजूदा सांसद की जाति और शादी की योग्यता के बारे में भारती की टिप्पणियों से प्रथम दृष्टया...

दिल्ली हाईकोर्ट ने वकीलों के वेलफेयर फंड में पारदर्शिता और फायदों के लिए ऑनलाइन पोर्टल की मांग वाली PIL पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को 'एडवोकेट्स वेलफेयर फंड एक्ट, 2001' और 'दिल्ली एडवोकेट्स वेलफेयर फंड रूल्स, 2001' के तहत वकीलों के वेलफेयर फंड में पारदर्शिता की मांग करने वाली एक PIL पर नोटिस जारी किया।'फर्स्ट जेनरेशन लॉयर्स एसोसिएशन' (FGLA) द्वारा दायर इस याचिका में फंड से जुड़ी जानकारी - जैसे आय, खर्च, खाते, ऑडिट और निवेश - का सही खुलासा करने और ऐसी जानकारी को एक सही ऑनलाइन सिस्टम के ज़रिए उपलब्ध कराने की मांग की गई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार,...

इंजीनियर राशिद को कड़ी शर्तों पर जमानत मिल सकती है? दिल्ली हाईकोर्ट ने NIA से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से पूछा कि आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने के मामले में जेल में बंद बारामूला सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद को कड़ी शर्तों के साथ जमानत दी जा सकती है या नहीं।कोर्ट ने संकेत दिया कि जमानत मिलने की स्थिति में उन्हें केवल राष्ट्रीय राजधानी में रहने जैसी शर्त लगाई जा सकती है। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने NIA की ओर से पेश सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा को इस संबंध में निर्देश लेने को कहा।मामले की अगली सुनवाई तीन...

बॉम्बे हाईकोर्ट का DGP से सवाल: सरकारी ज़मीन सौदे के मामले में कथित तौर पर शामिल होने के बावजूद डिप्टी CM के बेटे का नाम क्यों नहीं?
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के बेटे और राज्यसभा सांसद पार्थ पवार के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस से पूछा है कि मुंधवा ज़मीन सौदे के मामले में उन्हें आरोपी क्यों नहीं बनाया गया?सिंगल-जज जस्टिस माधव जामदार ने गौर किया कि अल्मेडा एंटरप्राइजेज LLP नाम की एक कंपनी ने पुणे के मुंधवा इलाके में 40 एकड़ सरकारी ज़मीन, उसकी असल कीमत से बहुत कम दाम पर खरीदी थी।जज ने देखा कि मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ज़मीन खरीदने वाली कंपनी के दो डायरेक्टर थे - पार्थ पवार और...

माता-पिता की आपत्ति के बावजूद वयस्क महिला जैन साध्वी बनने के लिए स्वतंत्र: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 20 वर्षीय महिला को राहत देते हुए कहा कि वयस्क होने के नाते वह अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार जीवन जीने के लिए स्वतंत्र है।कोर्ट ने कहा कि भारत की नागरिक और 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिला को अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धर्म का पालन करने का अधिकार है और उसके इस फैसले में किसी को भी जबरन हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जा सकती। जस्टिस संदीप एन. भट्ट ने यह आदेश उस याचिका पर दिया, जिसमें महिला ने अपने माता-पिता और रिश्तेदारों की कथित दबावपूर्ण कार्रवाई से सुरक्षा मांगी थी।...

सिर्फ आपराधिक मुकदमा दर्ज होना पुलिस सेवा के लिए अयोग्य नहीं बनाता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होने मात्र से उसे पुलिस सेवा में नियुक्ति के लिए स्वतः अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। उम्मीदवार की योग्यता का आकलन मामले की प्रकृति और उससे जुड़ी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।जस्टिस जे. जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने राज्य सरकार की विशेष अपील खारिज करते हुए कहा कि केवल मुकदमा दर्ज होने के आधार पर उम्मीदवार को यांत्रिक ढंग से सेवा से बाहर नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने कहा,“ऐसा कोई कानून नहीं है,...

लत लगाने वाले सोशल मीडिया डिजाइन पर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका, विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ती निर्भरता और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर इसके कथित असर को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई।याचिका में फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम, एक्स और स्नैपचैट जैसे मंचों में इस्तेमाल होने वाले ऐसे डिजाइन की विशेषज्ञ जांच कराने की मांग की गई, जिन्हें यूजर्स का ध्यान अधिक से अधिक समय तक बनाए रखने और बार-बार मंच पर लौटने के लिए तैयार किया गया। याचिका बुधवार को चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध...

नाबालिग के पासपोर्ट में गलत जन्मतिथि वर्षों पुरानी होने पर भी सुधार से इनकार नहीं कर सकते: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट में दर्ज जन्मतिथि कई वर्षों से गलत होने के आधार पर पासपोर्ट प्राधिकरण किसी नाबालिग की जन्मतिथि सुधारने के अनुरोध को खारिज नहीं कर सकता खासकर तब जब बाद में स्कूल के रिकॉर्ड सही कर दिए गए हों और पुराना जन्म प्रमाणपत्र सक्षम प्राधिकारी द्वारा रद्द किया जा चुका हो।जस्टिस संजय परिहार ने मोहम्मद फाजली इलाही की ओर से उनके पिता के माध्यम से दायर याचिका मंजूर करते हुए पासपोर्ट प्राधिकरण को सही जन्मतिथि के साथ नया पासपोर्ट जारी करने के आवेदन पर विचार...

विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में उतरना चाहती हैं विनेश फोगाट, दिल्ली हाईकोर्ट ने WFI से मांगा जवाब
ओलंपिक पहलवान विनेश फोगाट ने 2026 सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में शामिल होने की अनुमति के लिए बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ से निर्देश लेने को कहा और याचिका पर अगली सुनवाई गुरुवार के लिए तय की। फोगाट ने यह नई अर्जी अपनी लंबित याचिका में दाखिल की। मूल याचिका में उन्होंने गर्भावस्था और मातृत्व अवकाश के बाद खेल में वापसी करने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए एक स्पष्ट नीति बनाए जाने की मांग की।नई अर्जी में फोगाट ने...

'क्या भगवान इससे खुश होंगे?' महावीर जी मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने जैन संप्रदायों से कहा- आपस में लड़कर भगवान को क्यों परेशान कर रहे हैं?
राजस्थान के महावीर जी जैन मंदिर के प्रबंधन को लेकर श्वेतांबर और दिगंबर जैन संप्रदायों के बीच चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दोनों पक्षों को धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस मामले में संयम बरतने की सलाह दी।कोर्ट ने कहा कि जिस भगवान के नाम पर दोनों पक्ष मुकदमा लड़ रहे हैं क्या वह इस तरह की कानूनी लड़ाई से खुश होंगे? जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया। पीठ ने दोनों पक्षों को आठ दिन के भीतर लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश...

आर्थिक तंगी, बेरोजगारी या कर्ज का हवाला देकर पत्नी को भरण-पोषण देने से पति नहीं बच सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि पति की आर्थिक तंगी, बेरोजगारी, खराब कारोबार या कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी पत्नी को भरण-पोषण देने के दायित्व से बचने का आधार नहीं बन सकती। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि तलाकशुदा पत्नी भी दोबारा शादी न करने तक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की हकदार है।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस रंजन शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि पति यह दलील देकर भरण-पोषण देने से नहीं बच सकता कि उसके पास भुगतान करने के पर्याप्त साधन नहीं हैं। पत्नी के भरण-पोषण के अधिकार को...

जमानत में देरी रोकने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश, 3-7 दिन में FIR की फैक्टुअल रिपोर्ट देने को कहा
राजस्थान हाईकोर्ट ने जमानत अर्जियों की सुनवाई में होने वाली अनावश्यक देरी को रोकने के लिए Government Advocate-cum-Additional Advocate General (GA-cum-AAG) के कार्यालय को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।जस्टिस रवि चिरानिया ने कहा कि खासकर छोटे/सामान्य अपराधों (petty offences) में जमानत अर्जी दाखिल होने के बाद संबंधित पुलिस थाने से 3 से 7 दिनों के भीतर FIR की फैक्टुअल रिपोर्ट मंगाई जाए, ताकि पहली सुनवाई में ही जमानत पर फैसला किया जा सके।अभी क्या होता था?कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि सामान्य...

दिल्ली यूनिवर्सिटी के सभी कॉलेजों में हॉस्टल की मांग, सत्या निकेतन हादसे के बाद हाईकोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार और DU से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में दिल्ली यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आने वाले सभी कॉलेजों में छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग वाली PIL पर बुधवार को नोटिस जारी किया।यह याचिका सत्या निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला PG/हॉस्टल इमारत गिरने की घटना के बाद दाखिल की गई है। हादसे में कई छात्रों की मौत और घायल होने की सूचना है।हाईकोर्ट ने किनसे मांगा जवाब?चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली यूनिवर्सिटी से जवाब मांगा।हालांकि,...

पत्नी का साथ रहने से इनकार और पति पर झूठा केस करना क्रूरता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि पत्नी द्वारा पति के साथ सहवास से इनकार करना और उसके खिलाफ झूठा आपराधिक मामला दर्ज कराना वैवाहिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने इसी आधार पर पति को तलाक की डिक्री देते हुए विवाह समाप्त कर दिया।जस्टिस इंदरजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ फैमिली कोर्ट द्वारा पति की तलाक याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।क्या है मामला?पति के अनुसार, दोनों की शादी 2004 में हुई थी, लेकिन शादी की शुरुआत से ही पत्नी का व्यवहार उसके और परिवार के...

अंतिम राहत जैसी अंतरिम राहत देने पर पूर्ण रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अंतरिम चरण में दी जाने वाली राहत अगर अंतिम राहत जैसी है, तो भी उसे देने पर कोई पूर्ण कानूनी रोक नहीं है। यह फैसला हर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर किया जाना चाहिए।जस्टिस जसप्रीत सिंह ने कहा कि यह कहना कि अंतिम राहत जैसी अंतरिम राहत कभी नहीं दी जा सकती, कानून की गलत व्याख्या होगी। हालांकि, अदालत को Prima Facie Case, Balance of Convenience और Irreparable Injury को ध्यान में रखना जरूरी है।क्या है मामला?डॉ. अमोद कुमार सचान ने हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट, लखनऊ से...

झूठों का झुंड: यूपी पुलिस थाने के CCTV पर हाईकोर्ट सख्त, अवैध हिरासत के लिए 65 हजार मुआवजा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया जिले के गौरी बाजार थाने में चार लोगों को कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखे जाने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई।कोर्ट ने थाने के CCTV कैमरों के खराब होने और हिरासत की अवधि की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने को लेकर थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक से तीखे सवाल किए। सुनवाई के दौरान जस्टिस अतुल श्रीधरन ने अधिकारियों की सफाई पर नाराजगी जताते हुए मौखिक रूप से उन्हें 'झूठों का झुंड' तक कह दिया। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की पीठ चार...

विदेशी अदालत का Ex-Parte तलाक भारत में मान्य नहीं, 'Irretrievable Breakdown' आधार भी स्वीकार्य नहीं: दिल्ली कोर्ट
दिल्ली की साकेत फैमिली कोर्ट ने कहा है कि किसी विदेशी अदालत द्वारा Irretrievable Breakdown of Marriage यानी विवाह के पूरी तरह टूट जाने के आधार पर दिया गया Ex-Parte Divorce Decree, भारत में निर्णायक या प्रभावी नहीं होगा, अगर भारतीय पति को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं मिला हो।फैमिली कोर्ट जज पूर्वा सरीन ने यह फैसला उस मामले में दिया, जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी को अमेरिका के St. Louis County Family Court, Missouri में चल रही तलाक की कार्यवाही आगे बढ़ाने से रोकने की मांग की थी।क्या है...

अवैध खनन में जब्त वाहन आपराधिक मामला खत्म होने पर अपने आप नहीं छूटेगा: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि अवैध खनन के मामले में जब्त वाहन को केवल आपराधिक कार्यवाही खत्म होने के आधार पर अपने आप रिहा नहीं किया जा सकता। खनन विभाग की ओर से शुरू की गई जब्ती की कार्यवाही और मोटर वाहन अधिनियम के तहत चलने वाली आपराधिक कार्यवाही अलग-अलग हैं। वाहन की रिहाई का फैसला खनन विभाग की कार्यवाही को ध्यान में रखने के बाद ही किया जा सकता है।मामले में याचिकाकर्ता का वाहन मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज शिकायत में जब्त किया गया। वाहन चालक ने अपना अपराध स्वीकार किया था।...
