हाईकोर्ट
हिरासत में 437 मौतों पर झारखंड हाइकोर्ट सख्त, मजिस्ट्रेट जांच अनिवार्य, राज्य से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
झारखंड हाइकोर्ट ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 176(1-क) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 196) के तहत पुलिस या न्यायिक हिरासत में मृत्यु, लापता होने या दुष्कर्म के हर मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक जांच अनिवार्य है। अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी, क्योंकि राज्य ने खुलासा किया कि वर्ष 2018 से 2025 के बीच 437 लोगों की हिरासत में मौत हुई।चीफ जस्टिस एम. एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में मांग...
IPC की धारा 498A जैसे वैवाहिक मामलों में यांत्रिक तरीके से LOC जारी नहीं की जा सकती: आंध्र प्रदेश हाइकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाइकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए (भारतीय न्याय संहिता की धारा 85) के तहत दर्ज वैवाहिक क्रूरता के मामलों में लुक-आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की प्रवृत्ति पर कड़ी आपत्ति जताई। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में एलओसी केवल अपवाद स्वरूप और विशेष परिस्थितियों में ही जारी की जा सकती है न कि यांत्रिक तरीके से।जस्टिस के. श्रीनिवास रेड्डी की एकलपीठ ने आरोपी के खिलाफ जारी LOC को निरस्त करते हुए कहा कि पुलिस को यह देखना आवश्यक है कि क्या आरोपी जांच में सहयोग कर रहा है या गिरफ्तारी...
अदालत के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना: राजस्थान हाइकोर्ट ने मेडिकल विभाग को फटकारा, प्रमुख सचिव को तलब किया
राजस्थान हाइकोर्ट ने मेडिकल एवं स्वास्थ्य विभाग के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे अदालत के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना और पूर्ण उपेक्षा व अनादर करार दिया। अदालत ने विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होकर देरी के संबंध में व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया।जस्टिस संजीत पुरोहित की एकल पीठ कॉलेज द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने फिजियोथेरेपी संस्थान स्थापित करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र हेतु आवेदन किया, लेकिन...
आप यहां क्यों आए हैं: दिल्ली हाइकोर्ट ने गायक जुबिन नौटियाल की याचिका पर क्षेत्राधिकार पर उठाए सवाल
दिल्ली हाइकोर्ट ने गायक जुबिन नौटियाल द्वारा अपने पर्सैनलिटी राइट्स की सुरक्षा को लेकर दायर वाद में क्षेत्राधिकार को लेकर गंभीर सवाल उठाए । अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान ही यह पूछा कि जब गायक उत्तराखंड में रहते हैं तो उन्होंने वहां की अदालत का रुख क्यों नहीं किया?जस्टिस तुषार राव गेडेला ने सुनवाई की शुरुआत में ही याचिकाकर्ता के वकील से कहा,“आप यहां क्यों आए हैं, जो यहां उपलब्ध है, वह वहां भी उपलब्ध है। वहां की अदालतें अभी समाप्त नहीं हुई हैं।”याचिकाकर्ता की ओर से यह दलील दी गई कि...
UPI धोखाधड़ी रोकने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश बनाने की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
डिजिटल भुगतान प्रणाली में बढ़ती धोखाधड़ी के मामलों को लेकर दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम से जवाब तलब किया। अदालत ने UPI के माध्यम से हो रहे वित्तीय अपराधों पर रोक लगाने और पीड़ितों को शीघ्र धनवापसी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश बनाने की मांग पर नोटिस जारी किया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने वित्त मंत्रालय के माध्यम से केंद्र सरकार RBI तथा भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम से...
दिव्यांग लाइनमैन को प्रमोशन नहीं मिला, जबकि जूनियर को प्रमोशन दिया गया: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नोशनल रेगुलराइजेशन दिया
दिव्यांगता के अधिकारों और सर्विस में बराबरी पर अहम फैसले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि सर्विस के दौरान परमानेंट डिसेबिलिटी झेलने वाले कर्मचारी को भेदभाव वाले तरीके से प्रमोशन देने से मना नहीं किया जा सकता, जबकि उसी तरह के जूनियर को प्रमोशन दिया गया हो।जस्टिस नमित कुमार ने कहा,"वादी के साथ भेदभाव करने वाला रेस्पोंडेंट-डिपार्टमेंट का ऐसा बेबुनियाद काम पूरी तरह से गलत है। इसे किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। इसलिए इस कोर्ट का मानना है कि रेस्पोंडेंट-डिपार्टमेंट का वादी के साथ...
NI Act | चेक बाउंस मामलों में 20% डिपॉज़िट का नियम, माफ़ी सिर्फ़ विशेष स्थिति में: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
यह देखते हुए कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) की धारा 148 के तहत कानूनी डिपॉज़िट माफ़ी मांगने के लिए खास या मजबूर करने वाले हालात दिखाने की ज़िम्मेदारी दोषी की है, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि मुआवज़े की रकम का कम से कम 20% डिपॉज़िट करने का निर्देश अपील स्टेज पर आम नियम है।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा,"दोषी की यह ज़िम्मेदारी है कि वह अपील कोर्ट को NI Act की धारा 148 के तहत डिपॉज़िट की कानूनी ज़रूरत को माफ करने या उसमें ढील देने के लिए मनाने के लिए खास, असाधारण या मजबूर करने वाले...
गरिमा, स्वास्थ्य और अनुच्छेद 21: जीने के अधिकार के भीतर मासिक धर्म अधिकारों का पता लगाना
हाल ही में, भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट (एससी) ने डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत संघ ("जया ठाकुर") में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने के अधिकार में मासिक धर्म स्वास्थ्य का अधिकार शामिल है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि शैक्षणिक संस्थानों में प्रभावी मासिक धर्म स्वच्छता उपायों की अनुपस्थिति न केवल अनुच्छेद 21-ए के तहत शिक्षा तक पहुंच को बाधित करती है, बल्कि समानता, गरिमा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकारों का भी उल्लंघन करती है। मासिक धर्म के स्वास्थ्य को संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण मानते...
फॉरेनर्स एक्ट के तहत सेविंग्स क्लॉज़ के रद्द होने के बाद नई कार्रवाई शुरू करने का अधिकार नहीं देता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने साफ़ किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक घर के मालिक के खिलाफ तय समय में फॉर्म सी जमा न करने पर दर्ज FIR को यह कहते हुए रद्द किया कि इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के लागू होने के बाद फॉरेनर्स एक्ट, 1946 के तहत नई कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती।जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने कहा,"सेविंग क्लॉज़ रद्द हो चुके फॉरेनर्स एक्ट, 1946 को फिर से लागू करने के लिए काम नहीं करता, और न ही यह इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के लागू होने के बाद होने वाले कामों या चूक के संबंध में नई कार्रवाई शुरू करने या उसके...
'बच्चे के जेल में लगातार रहने से उसकी पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर असर पड़ सकता है': जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने 12 साल की कस्टडी के बाद मां को जमानत दी
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने किडनैपिंग और मर्डर केस में आरोपी महिला को जमानत दी, जो बारह साल से ज़्यादा समय तक कस्टडी में रही थी। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल में देरी और इस हालात को देखते हुए कि उसका नाबालिग बच्चा जेल में उसके साथ रह रहा था, उसे लगातार जेल में रखना गलत था।कोर्ट ने जमानत आवेदन पर विचार करते हुए कहा कि बच्चे का जेल में लगातार रहना उसकी पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर असर डाल सकता है, इसलिए यह जमानत देने का एक और आधार बनता है।जस्टिस संजय धर की सिंगल जज बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद...
दिल्ली हाईकोर्ट ने MCOCA केस के लिए और ज़्यादा ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट की मांग की, एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन की मांग की
दिल्ली हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ़ ऑर्गनाइज़्ड क्राइम एक्ट, 1999 (MCOCA) के तहत केस से निपटने के लिए और ज़्यादा ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट की मांग की।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने कहा कि सेशन जज या एडिशनल सेशन जज MCOCA की धारा 5(3) के तहत स्पेशल कोर्ट के जज के तौर पर अपॉइंट होने के लिए क्वालिफाइड होंगे।कोर्ट ने कहा कि जब स्पेशल कोर्ट में सिर्फ़ जज अपॉइंट होता है तो उस जज के छुट्टी पर जाने या किसी और वजह से काम के इंतज़ाम में ज़रूर मुश्किलें आएंगी।यह देखते हुए कि लेजिस्लेचर ने ऐसी सिचुएशन को पहले...
'आपको और सख्त कार्रवाई की ज़रूरत': DCPCR की खाली जगहों को भरने में देरी पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई, गंभीर नतीजे की चेतावनी दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को कई बार भरोसा दिलाने के बावजूद दिल्ली कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (DCPCR) में खाली जगहों को भरने में देरी के लिए फटकार लगाई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि अगर अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक खाली जगहों को नहीं भरा गया, तो मामले को गंभीरता से लिया जाएगा, यह दिल्ली सरकार के हालिया हलफनामे के अनुसार एक टाइमलाइन है।कोर्ट ने कहा कि इस तरह की देरी न केवल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस...
कोर्ट में वकील का बिना इजाज़त वाला बयान क्लाइंट को कंटेम्प्ट के लिए ज़िम्मेदार नहीं बना सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने हाल ही में कहा कि क्लाइंट के खास निर्देशों के बिना वकील का दिया गया बयान कंटेम्प्ट की कार्रवाई के लिए ज़रूरी अंडरटेकिंग नहीं माना जा सकता।इस तरह जस्टिस मनीष कुमार की बेंच ने प्रतिवादी के खिलाफ कोर्ट के आदेश की जानबूझकर नाफ़रमानी के आरोप वापस ले लिए।सिंगल जज ने हिमालयन कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी बनाम बलवान सिंह और अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2015 के फैसले पर बहुत ज़्यादा भरोसा किया, जिसमें यह कहा गया कि वकीलों को उनके क्लाइंट का एजेंट माना जाता है,...
जांच में नकली या झूठे डॉक्यूमेंट्स मिलने पर डिपार्टमेंटल एक्शन होगा: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस को कड़ी चेतावनी दी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में पन्ना जिले के 2017 के एक मर्डर केस में दो लोगों की उम्रकैद की सज़ा यह देखते हुए रद्द की कि हालात के सबूतों की चेन अधूरी थी और गंभीर जांच में हुई गलतियों की वजह से खराब थी।इसके अलावा, जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की डिवीजन बेंच ने देखा कि आरोपी के खुलासे पर आधारित मेमोरेंडम एक 'काल्पनिक' डॉक्यूमेंट था, इसलिए पुलिस वालों को कड़ी चेतावनी दी।बेंच ने कहा,"जजमेंट की कॉपी सरकारी वकील को दी जाए, जो डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस से अपने विवेक के हिसाब...
बांधवगढ़ में बाघों की अप्राकृतिक मौतों पर रिपोर्ट तलब, मध्यप्रदेश हाइकोर्ट सख्त
मध्य प्रदेश में बाघों की बढ़ती मौतों और शिकार की घटनाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक को विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने विशेष रूप से अप्राकृतिक मौतों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने कहा,“बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक को निर्देशित किया जाता है कि वे बाघों की रिपोर्ट की गई मौतों के संबंध में स्थिति...
इंग्लैंड की अदालतों ने देश छोड़ने पर रोक लगाई, भारत लौटने की तारीख नहीं बता सकता: विजय माल्या ने बॉम्बे हाइकोर्ट से कहा
उद्योगपति विजय माल्या ने बॉम्बे हाइकोर्ट से कहा कि इंग्लैंड की अदालतों के आदेशों के कारण वह वहां की न्यायिक सीमा से बाहर नहीं जा सकते, इसलिए वह यह स्पष्ट रूप से नहीं बता सकते कि भारत कब लौटेंगे।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड़ की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। इससे पहले 22 दिसंबर, 2025 को अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक माल्या भारत वापस नहीं आते तब तक भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की वैधता को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं की जाएगी। पिछले सप्ताह अदालत ने उन्हें एक...
NDMC अपीलीय अधिकरण में पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति पर शीघ्र निर्णय लें: दिल्ली हाइकोर्ट का केंद्र को निर्देश
दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद अधिनियम 1994 की धारा 253 के तहत गठित अपीलीय अधिकरण में पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना जारी करने पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। अदालत ने कहा कि यह निर्णय यथाशीघ्र अधिमानतः चार सप्ताह के भीतर लिया जाए।यह निर्देश चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने दिया। खंडपीठ जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसे शिवमणि यादव ने दायर किया।याचिका में कहा गया कि संबंधित अपीलीय अधिकरण पिछले वर्ष नवंबर...
आयु में छूट लेने वाले पूर्व सैनिक अनारक्षित पदों का दावा नहीं कर सकते: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में छूट का लाभ लेने वाले पूर्व सैनिक अनारक्षित (यूआर) पदों पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकते, भले ही उनके अंक अनारक्षित श्रेणी के चयनित अभ्यर्थियों से अधिक क्यों न हों।यह निर्णय जस्टिस संजीव नरूला ने पारित किया।उक्त मामला एयर ऑथोरिटी द्वारा उत्तरी क्षेत्र में गैर-कार्यकारी संवर्ग की भर्ती से संबंधित था। याचिकाकर्ता पूर्व सैनिक थे, जिन्होंने दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों की सूची से अपने नाम हटाए जाने को चुनौती...
प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोपी को जमानत, पटना हाइकोर्ट का आदेश
पटना हाइकोर्ट ने व्यक्ति को जमानत दी, जिस पर राजनीतिक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप है। आरोप है कि उक्त बयान का वीडियो बाद में सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित किया गया।यह आदेश जस्टिस अरुण कुमार झा की एकलपीठ ने पारित किया। मामला सिमरी थाना कांड संख्या 243/2025, दिनांक 28 अगस्त 2025 से संबंधित है। इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया...
लापता लोगों की तलाश में आधार जानकारी तक पहुंच में दिक्कत: झारखंड हाइकोर्ट ने गृह मंत्रालय से मांगे सुझाव
झारखंड हाइकोर्ट ने लापता व्यक्तियों की तलाश के मामलों में जांच एजेंसियों को आधार संबंधी जानकारी प्राप्त करने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।अदालत ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय से उपयुक्त व्यवस्था विकसित करने के लिए सुझाव मांगे हैं।यह टिप्पणी जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान की। याचिका एक मां की ओर से दायर की गई, जिसकी बेटी पिछले पांच वर्षों से लापता है।सुनवाई के दौरान अदालत को...




















