संपादकीय

यदि उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया में स्पष्ट अवैधता हुई है तो एस्टोपेल का सिद्धांत लागू नहीं होता : सुप्रीम कोर्ट
यदि उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया में स्पष्ट अवैधता हुई है तो एस्टोपेल का सिद्धांत लागू नहीं होता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि जब परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को चयन की प्रक्रिया में स्पष्ट अवैधता हुई है तो इस आचरण या अधिग्रहण से एस्टोपेल यानी प्रतिबंध के सिद्धांत का कोई अनुप्रयोग नहीं होगा। इसके साथ ही जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस नवीन सिन्हा की पीठ ने हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर ( PTI ) के पद के लिए चयन प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया था। न्यायालय ने कहा कि एक उम्मीदवार, जो चयनित होने के लिए कोई गणना किए बिना...

लॉकडाउन के चलते J&K में 4G सेवा बहाल करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा
लॉकडाउन के चलते J&K में 4G सेवा बहाल करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में COVID-19 महामारी के प्रकाश में 4G मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है।जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस बी आर गवई की पीठ ने जम्मू-कश्मीर के स्थायी वकील को ईमेल के माध्यम से नोटिस जारी किया, जो एक सप्ताह के भीतर वापसी योग्य है।वकील शादान फरासात और हुज़ेफ़ा अहमदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत को अवगत कराया।अहमदी ने कहा कि लॉकडाउन के मद्देनजर, जम्मू और कश्मीर...

हेल्थकेयर के राष्ट्रीयकरण की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल
हेल्थकेयर के राष्ट्रीयकरण की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

COVID-19 महामारी के नियंत्रित होने तक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र और संबंधित सेवाओं के राष्ट्रीयकरण की मांग के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। वकील अमित द्विवेदी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि नोवेल कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य सुविधाओं पर बहुत अधिक निर्भरता की आवश्यकता होगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र अकेले इस आवश्यकता को संभालने के लिए पर्याप्त रूप से उपकरणों से लैस नहीं है, इसलिए, द्विवेदी का तर्क है, निजी क्षेत्र को भी "सभी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं,...

सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 के इलाज में जुटे स्वास्थ्य कर्मचारियों को PPE, पुलिस सुरक्षा देने के लिए निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 के इलाज में जुटे स्वास्थ्य कर्मचारियों को PPE, पुलिस सुरक्षा देने के लिए निर्देश दिए

एक महत्वपूर्ण आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह भारत में COVID-19 रोगियों का इलाज करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE) की उपलब्धता सुनिश्चित करे। जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस रवींद्र भट की बेंच ने आदेश दिया "स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के 24.03.2020 के दिशा-निर्देशों के अनुसार उत्तरदाताओं को उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया जाता है,...

सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 टेस्ट सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं में निशुल्क करने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 टेस्ट सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं में निशुल्क करने के निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को निर्देश दिया कि COVID-19 टेस्ट सरकारी प्रयोगशालाओं और अनुमोदित निजी प्रयोगशालाओं दोनों में निशुल्क किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के लिए भारत सरकार को निर्देश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ ने निम्नलिखित निर्देश पारित किए: (i) COVID-19 से संबंधित परीक्षण चाहे अनुमोदित सरकारी प्रयोगशालाओं या अनुमोदित निजी प्रयोगशालाओं में हों, मुफ्त होंगे। उत्तरदाता इस संबंध में तुरंत आवश्यक...

COVID-19 से निपटने के लिए टुकडे़- टुकड़े नहीं व्यापक राष्ट्रीय योजना की जरूरत : डॉक्टरों ने SC को बताया
COVID-19 से निपटने के लिए टुकडे़- टुकड़े नहीं व्यापक 'राष्ट्रीय योजना' की जरूरत : डॉक्टरों ने SC को बताया

 सुप्रीम कोर्ट में दो डॉक्टरों, डॉ स्नेह जैन और डॉ हंस जैन ने एक आवेदन दाखिल कर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 11 के तहत आपदा प्रबंधन के लिए एक व्यापक 'राष्ट्रीय योजना' बनाने के लिए सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ ने बुधवार को स्वास्थ्य कर्मियों को पर्याप्त पीपीई प्रदान करने के लिए उपाय किए जाने वाली जनहित याचिका के साथ जोड़ दिया। आवेदकों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील जयदीप गुप्ता ने कहा कि "टुकड़े टुकड़े के बजाय...

COVID- 19: निजी प्रयोगशालाओं में टेस्ट के 4500 रुपये पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इतनी कीमत लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती
COVID- 19: निजी प्रयोगशालाओं में टेस्ट के 4500 रुपये पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इतनी कीमत लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि COVID -19 के टेस्ट के लिए निजी प्रयोगशालाओं को इतनी ऊंची कीमत वसूलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने केंद्र सरकार को कहा है कि वो कोई ऐसा तंत्र विकसित करे जिसके तहत निजी प्रयोगशाला के टेस्ट राशि को सरकार वापस कर सके। पीठ ने साफ किया कि वो इस संबंध में आदेश पारित करेगी।वहीं केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वो इस मामले में निर्देश लेंगे। उन्होंने कहा कि 118 प्रयोगशालाओं में रोजाना 15 हजार टेस्ट हो...

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों/ UT को   देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान रिहा किए कैदियों को सुरक्षित परिवहन देने को कहा 
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों/ UT को  देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान रिहा किए कैदियों को सुरक्षित परिवहन देने को कहा 

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि जेलों से रिहा किए गए कैदियों को सुरक्षित परिवहन प्रदान किया जाए ताकि वे कोरोनावायरस (COIDID-19) के प्रकोप के परिणामस्वरूप देशव्यापी लॉकडाउन के मद्देनज़र अपने घरों तक पहुंच सकें।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और वरिष्ठ वकील और एमिकस क्यूरी दुष्यंत दवे की टिप्पणियों को संज्ञान में लिया और भीड़भाड़ के परिणामस्वरूप महामारी के चलते...

COVID-19 : UK में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
COVID-19 : UK में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को COVID-19 महामारी के मद्देनज़र लॉकडाउन और यात्रा में व्यवधान के कारण यूनाइटेड किंगडम में फंसे भारतीय छात्रों की तत्काल निकासी के संबंध में याचिका पर केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा है।भारत के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की एक पीठ ने नोटिस जारी किया और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से तत्काल निर्देश लेने का अनुरोध किया। याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व वकील सुनील फर्नांडिस ने किया था। मामले को 13 अप्रैल को सूचीबद्ध किया गया है।वकील मधुरिमा...

COVID-19 : सुप्रीम कोर्ट ने 50 साल से अधिक उम्र, बीमार कैदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार किया, सरकार के पास जाने को कहा
COVID-19 : सुप्रीम कोर्ट ने 50 साल से अधिक उम्र, बीमार कैदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार किया, सरकार के पास जाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें COVID-19 के चलते जेल से उन कैदियों की रिहाई के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी जो कैदी 50 साल की उम्र से ज्यादा हैं या फिर पहले से ही बीमारियों से पीड़ित हैं।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की पीठ ने कहा कि ये केस टू केस के आधार पर होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, " हमें नहीं पता कि सरकार इस बारे में क्या सोचती है, लेकिन हमें लगता है कि यह मामला केसों के आधार पर होना चाहिए। हम सभी मामलों के लिए एक ही आदेश पारित नहीं करेंगे।आप...

कर्नाटक और केरल राज्यों के बीच सीमा नाकाबंदी का विवाद सुलझा : सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद की
कर्नाटक और केरल राज्यों के बीच सीमा नाकाबंदी का विवाद सुलझा : सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद की

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक और केरल राज्यों के बीच चल रहे सीमा नाकाबंदी विवाद पर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई को बंद कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अगुवाई वाली पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों के बाद सुनवाई बंद की जिसमें बताया गया कि केंद्रीय गृह सचिव की दोनो राज्यों से बातचीत के बाद मामले को सुलझा लिया गया है और दोनों के बीच कोई विवाद नहीं है। दरअसल  कर्नाटक राज्य ने केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था जिसमें कर्नाटक के अस्पतालों...

जमीयत उलमा-ए-हिंद ने निज़ामुद्दीन मरकज़ का सांप्रदायिकरण करने पर मीडिया पर कार्यवाही को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की 
जमीयत उलमा-ए-हिंद ने निज़ामुद्दीन मरकज़ का सांप्रदायिकरण करने पर मीडिया पर कार्यवाही को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की 

इस्लामिक विद्वानों के संगठन, जमीयत उलमा-ए-हिंद ने दिल्ली के निज़ामुद्दीन में तब्लीगी जमात की बैठक के सांप्रदायिकरण करने के लिए मीडिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।दलीलों में कहा गया है कि मीडिया के कुछ वर्ग "सांप्रदायिक सुर्खियों" और " कट्टर बयानों" का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि पूरे देश में जानबूझकर कोरोना वायरस फैलाने के लिए पूरे मुस्लिम समुदाय को दोषी ठहराया जा सके, जिससे मुसलमानों के जीवन को खतरा है। याचिका में कहा गया है,"वर्तमान याचिका...

फेक न्यूज़ अलर्ट : सरकार के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को COVID​​-19 से संबंधित जानकारी पोस्ट करने की अनुमति नही, वाली खबर झूठी
फेक न्यूज़ अलर्ट : सरकार के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को COVID​​-19 से संबंधित जानकारी पोस्ट करने की अनुमति नही, वाली खबर झूठी

सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप में एक फर्ज़ी खबर व्यापक रूप से प्रसारित की जा रही है कि सरकार के अलावा, किसी अन्य व्यक्ति को COVID​​-19 से संबंधित किसी भी जानकारी को पोस्ट करने या साझा करने की अनुमति नहीं है। यह गलत संदेश इस प्रकार है: "प्रियजनों, सभी के लिए जनादेश : आज रात 12 (मध्यरात्रि) से देश भर में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू हो गया है। इसके अनुसार, COVID​​-19 से संबंधित किसी भी अपडेट/ जानकारी को सरकारी विभाग के अलावा, किसी अन्य नागरिक को पोस्ट करने या कोरोना वायरस से संबंधित किसी...

कर्नाटक का सीमा की नाकाबंदी कर लोगों को चिकित्सा सहायता लेने से रोकना अनुच्छेद 19 और 21 का उल्लंघन : केरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया 
कर्नाटक का सीमा की नाकाबंदी कर लोगों को चिकित्सा सहायता लेने से रोकना अनुच्छेद 19 और 21 का उल्लंघन : केरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया 

केरल राज्य ने उस मामले में जवाबी हलफनामा दायर किया है जिसमें कर्नाटक राज्य ने सुप्रीम कोर्ट में केरल उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी है जिसमें केंद्र सरकार को निर्देश दिया गया है कि मरीजों को तत्काल चिकित्सा उपचार के लिए केरल और कर्नाटक के बीच की सीमा एंबुलेंस को जाने दें। जवाबी हलफनामे में कहा गया है कि याचिका की सुनवाई ना की जाए और कर्नाटक राज्य द्वारा शुरू की गई नाकाबंदी से न केवल उन व्यक्तियों की आवाजाही को रोका गया है, जिन्हें चिकित्सा उपचार / आवश्यकताओं की सख्त जरूरत है,...

COVID-19: सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों मेंं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की रूपरेखा तय की कहा, तकनीकी यहीं रहने वाली है
COVID-19: सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों मेंं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की रूपरेखा तय की कहा, तकनीकी यहीं रहने वाली है

 सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को COVID-19 लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालतों के कामकाज के लिएस्वत: संज्ञान लेकर शुरु किए मामले में विभिन्न दिशा-निर्देश पारित किए।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ ने निर्देश दिया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के तौर-तरीकों को स्थापित करने के लिए राज्य उच्च न्यायालयों के साथ संपर्क करने और सहयोग करने के लिए NIC और राज्य के अधिकारियों को नियुक्त किया जाए। पीठ ने टेकनालॉजी...